बालोद के धरती आबा चयनित ग्रामों में जागरूकता, सेवा और विकास गतिविधियों का हुआ व्यापक आयोजन
रायपुर। जनजातीय समाज की समृद्ध परंपराओं, सांस्कृतिक विरासत और ग्राम विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से आयोजित जनजातीय गरिमा उत्सव के अंतर्गत बालोद जिले के धरती आबा चयनित ग्रामों में विविध जनहितकारी गतिविधियों का प्रभावी आयोजन किया गया। उत्सव के माध्यम से ग्रामीण अंचलों में जागरूकता, सहभागिता और विकास का उत्साहपूर्ण वातावरण देखने को मिला।
जिले के विकासखण्ड डौण्डी के 10 ग्राम, बालोद विकासखण्ड के 2 ग्राम तथा डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के 15 ग्रामों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान शासकीय एवं गैर शासकीय संस्थाओं के प्रतिनिधियों द्वारा पैदल यात्रा निकालकर गांवों की वास्तविक परिस्थितियों का अवलोकन किया गया तथा ग्रामीणों को शासन की योजनाओं एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के प्रति जागरूक किया गया। पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण भी किया गया।
बालोद विकासखण्ड के ग्राम करहीभदर में शासन की महत्वाकांक्षी पहल सुशासन तिहार के अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किया गया। शिविर में ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित निराकरण की दिशा में प्रभावी पहल करते हुए 13 आयुष्मान कार्ड एवं 12 जॉब कार्ड वितरित किए गए। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना हेतु प्राप्त 1502 आवेदनों का निराकरण भी किया गया।
कार्यक्रम के दौरान ट्रांजेक्ट वॉक के माध्यम से ग्रामीणों को जनजातीय गरिमा उत्सव की अवधारणा, उसके उद्देश्य तथा शासन की विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त जिले में सुशासन तिहार के अंतर्गत स्वास्थ्य शिविर एवं विभिन्न लाभार्थीमूलक शिविरों का आयोजन भी लगातार किया जा रहा है, ताकि ग्रामीणों को एक ही स्थान पर विभिन्न सुविधाओं एवं सेवाओं का लाभ सहज रूप से उपलब्ध हो सके। जनजातीय गरिमा उत्सव के माध्यम से जिले में जनकल्याण, सामाजिक जागरूकता और ग्रामीण विकास की दिशा में सार्थक पहल देखने को मिल रही है।













Leave A Comment