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 मल्टीग्रेन रोटी, ब्राउन राइस, रागी और मिलेट्स से घटाएं मोटापा

0- महाराष्‍ट्र मंडल की डायटिशियन आस्था काले ने भोजन को लेकर महिलाओं को दिए महत्‍वपूर्ण टिप्स
रायपुर। आज हम सभी अपनी सेहत को लेकर सावधान तो हैं, लेकिन कहीं न कहीं हमारी डाइट इस प्रयास में रोड़ा बनकर खड़ी हो रही है। चाहकर भी कम इससे जीत नहीं पाते। हमें खाने में रोटी और चावल तो चाहिए ही चाहिए। फिर ऐसे में मोटापा कम करना भी एक बड़ा टास्क हो जाता है। ऐसे में हमें मल्टीग्रेन आटा, ब्राउन राइस, रागी, मिलेट्स जैसे उत्पादों का प्रयोग करना चाहिए, ताकि हमें पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन मिल सके। उक्त बातें महाराष्ट्र मंडल में महिलाओं की बैठक में इस आशय के विचार मंडल की आजीवन सभासद, योग- व्यायाम की प्रशिक्षिका व डायटिशियन आस्था काले ने कहीं। 
आस्‍था ने कहा कि आमतौर पर लोग जरूरी फाइबर और कैलोरी की जानकारी रखे बिना ही गेहूं की रोटी को सफेद चावल से हेल्दी मानने लगते हैं। सही मात्रा और सही तरीके से सेवन किया जाए, तो चावल और रोटी भी बैलेंस्ड डाइट में शामिल होता है। मोटापा बढ़ने की वजह खराब भोजन प्रणाली, अनहेल्दी लाइफ स्टाइल होती है। चावल और रोटी की ओवरइटिंग (जरूरत से ज्‍यादा भोजन करना) मोटापा बढ़ा सकता है। गेंहू की रोटी में चावल के मुकाबले ज्यादा फाइबर होता है। भूख को कम करने में यही फाइबर आपकी मदद करता है।  
डायटिशियन आस्‍था काले के अनुसार कई लोग रोटी अत्यधिक घी, मक्खन, तेल या कैलोरी से भरी साइड डिश के साथ खाते हैं, जिससे टोटल कैलोरी की मात्रा बढ़ जाती है। इस वजह से ज्यादा मात्रा में रोटी खाने से भी मोटापा बढ़ता है, या फिर अगर आपने रोटी को व्होल व्हीट की जगह रिफाइंड फ्लोर से बनाया हो तो भी। ओवरइटिंग (जरूरत से ज्‍यादा भोजन करना) में चाहे गेहूं की रोटी हो या फिर सफेद चावल, वो चर्बी बढ़ा सकता है। अक्सर लोग किसी एक फूड को मोटापे के लिए जिम्मेदार ठहरा देते हैं, लेकिन आमतौर पर मोटापा अत्यधिक कैलोरी, लो फिजिकल एक्टिविटी, खराब नींद, तनाव और खाने की अस्वस्थ आदतों की वजह से होता है। 
आस्‍था के मुताबिक हमारे जीवन में एक विडंबना यह भी है कि जब कभी किसी स्‍वास्‍थ्‍य परीक्षण में हमारा उच्च रक्‍तदाब, मधुमेह जैसी बीमारियों का पता चलता है, तब हमारा अपनी जीवनशैली में 'लो फिजिकल एक्टिविटी' की ओर ध्‍यान जाता है। जबकि हम युवावस्‍था से ही नियमित रूप से मार्निंग- इवनिंग वॉक, साइकिलिंग, दौड सहित विभिन्‍न शरीरिक गतिविधियों में भाग लें तो न तो बीमारियां हमें घेरेंगी और न ही शरीर पर मोटापा हावी होगा। यदि हमने अभी तक शारीरिक गतिविधियों पर ध्‍यान नहीं दिया, तो कम से कम अब हम मार्निंग- इवनिंग वॉक, साइकिलिंग, दौड़ जैसी गतिविधियां शुरू करें। याद रहे लो फिजिकल एक्टिविटी से बचने का कोई शार्टकट नहीं है।

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