नैनो डीएपी से खेती में आई नई ऊर्जा, किसान जगबंधन सिंह ने बढ़ाया आधुनिक खेती की ओर कदम
एमसीबी/ बदलते कृषि परिदृश्य में जिले के किसान अब आधुनिक तकनीकों को अपनाकर खेती को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। विकासखंड भरतपुर के ग्राम खमरौध निवासी प्रगतिशील किसान जगबंधन सिंह इसकी एक प्रेरणादायक मिसाल बनकर उभरे हैं। उन्होंने खरीफ सीजन में आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित, कोटाडोल शाखा जनकपुर से इफको नैनो डीएपी प्राप्त कर वैज्ञानिक खेती की ओर एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है।
जगबंधन सिंह वर्षों से खेती-किसानी से जुड़े हुए हैं। बढ़ती खेती की लागत और संतुलित पोषण की आवश्यकता को देखते हुए उन्होंने इस वर्ष पारंपरिक उर्वरकों के साथ नैनो डीएपी का उपयोग करने का निर्णय लिया। उनका मानना है कि आधुनिक तकनीक अपनाकर ही खेती को अधिक लाभदायक बनाया जा सकता है। किसान ने बताया कि कृषि विभाग एवं इफको के विशेषज्ञों द्वारा नैनो डीएपी के संबंध में दी गई जानकारी से प्रेरित होकर उन्होंने इसे अपनाया है। उन्हें विश्वास है कि इसके उपयोग से फसल को आवश्यक फॉस्फोरस अधिक प्रभावी ढंग से मिलेगा, पौधों की शुरुआती बढ़वार बेहतर होगी, जड़ें मजबूत बनेंगी तथा फसल का समुचित विकास होगा। इससे खेती की लागत में कमी आने के साथ उत्पादन की गुणवत्ता और मात्रा दोनों में सुधार की उम्मीद है।
जगबंधन सिंह का कहना है कि समय के साथ खेती में नई तकनीकों को अपनाना आवश्यक हो गया है। यदि किसान वैज्ञानिक सलाह के अनुसार आधुनिक उर्वरकों का उपयोग करें तो कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने अन्य किसानों से भी अपील की कि वे पारंपरिक खेती के साथ-साथ नई कृषि तकनीकों को अपनाकर अपनी आय बढ़ाने का प्रयास करें।
कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार इफको नैनो डीएपी आधुनिक नैनो तकनीक पर आधारित उर्वरक है, जो पौधों तक पोषक तत्वों की उपलब्धता को अधिक प्रभावी बनाता है। इसके संतुलित उपयोग से उर्वरकों की दक्षता बढ़ती है, अनावश्यक बर्बादी कम होती है तथा पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलता है।













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