ज्यादा दालचीनी का सेवन सेहत के लिए हो सकता है नुकसानदायक
दालचीनी का इस्तेमाल भारतीय रसोई का एक अहम हिस्सा है, जिसका इस्तेमाल खाने का स्वाद बढ़ाने, अचार, चाय, काढ़ा, मिठाइयां आदि तरीकों में इस्तेमाल किया जाता है। दालचीनी में मौजूद सिनामाल्डिहाइड, पॉलीफेनॉल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स जैसे गुण पाए जाते हैं, जो सेहत के लिए काफी फायदेमंद होते हैं। दालचीनी का सेवन सीमित मात्रा में करना सेहत के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। हालांकि, ज्यादा मात्रा में इसका सेवन आपकी सेहत के लिए हानिकारक भी हो सकता है।
ज्यादा दालचीनी खाने से क्या नुकसान हो सकते हैं?
दालचीनी का ज्यादा सेवन सेहत के लिए कई तरह से नुकसानदायक साबित हो सकता है। कैसिया दालचीनी में मौजूद कूमारिन नामक का कंपाउंड लिवर पर बुरा असर डाल सकता है, जिसके कारण सीलोन दालचीनी के सेवन की सलाह दी जाती है। साल 2019 में Euroasian Journal Of Hepato-Gastroenterology में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, दालचीनी का ज्यादा मात्रा में सेवन लिवर को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है, क्योंकि इसमें कूमरिन नाम का टॉक्सिक तत्व होता है, जो लिवर के लिए हानिकारक माना गया है। इसके ज्यादा सेवन से लिवर का अनियमित रूप से सिकुड़ना और फिर से बढ़ना शामिल है। इसके लक्षणों की बात करें तो पीलिया, गहरे रंग का पेशाब, भूख में कमी और पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
ज्यादा मात्रा में दालचीनी का सेवन ब्लड शुगर लेवल पर भी असर डाल सकता है। इसलिए, डायबिटीज के मरीजों को दवा के साथ इसका सेवन करने से बचना चाहिए। इसमें मौजूद सिनामाल्डिहाइड के कारण सेंसिटिव लोगों को मुंह में छाले, जीभ और गले में जलन या एलर्जी की समस्या हो सकती है। इतना ही नहीं, ज्यादा मात्रा में दालचीनी का सेवन ब्लड थिनर, डायबिटीज और लिवर की दवाओं के असर को भी प्रभावित कर सकता है।
आयुर्वेद के अनुसार ज्यादा दालचीनी के नुकसान
ज्यादा दालचीनी का सेवन सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है। दालचीनी वैसे तो खून को पतला करती है और आयुर्वेद में इसे ठंडी तासीर का माना जाता है, लेकिन अगर आप इसे बहुत ज्यादा मात्रा में खाएंगे तो यह पेट में गर्मी को बढ़ा देगी। फिर यह शरीर को गर्म करने लगती है। लोग अक्सर इसे पानी में मिलाकर पीना पसंद करते हैं, लेकिन फिर भी बहुत ज्यादा लेने से शरीर में पित्त बढ़ सकता है, जिससे पेट की गर्मी और एसिडिटी की समस्या बढ़ सकती है। इसलिए इसके इस्तेमाल के दौरान मात्रा का ध्यान रखना बहुत जरूरी है।
-दालचीनी की चाय: दिन में 1 से 2 कप दालचीनी की चाय ज्यादातर हेल्दी लोगों के लिए ठीक मानी जाती है, लेकिन इसमें ज्यादा दालचीनी की मात्रा बढ़ाने से यह सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है।
-पाउडर: ज्यादा मात्रा में रोजाना दालचीनी का पाउडर खाने से सेहत के लिए इसका जोखिम बढ़ सकता है।
-मसाले के रूप में: भोजन में सीमित मात्रा में दालचीनी का इस्तेमाल सेहत के लिए फायदेमंद और सुरक्षित माना जाता है।
दालचीनी की कितनी मात्रा सुरक्षित मानी जाती है?
दालचीनी का सेवन करने की कोई तय सीमा नहीं है क्योंकि यह उसकी किस्म और आपके खाने के कारण पर निर्भर करती है। हालांकि, अगर आप इसे अपनी डाइट में शामिल कर रहे हैं तो कोशिश करें कि पूरे दिन में 3 से 4 ग्राम से ज्यादा दालचीनी अपनी डाइट में बिल्कुल शामिल न करें, क्योंकि इससे ज्यादा मात्रा शरीर में बहुत तेज गर्मी पैदा हो सकती है। इसलिए, आप ध्यान रखें कि रोजाना बड़ी मात्रा में दालचीनी पाउडर लंबे समय तक न लें। अगर स्वास्थ्य फायदों के लिए आप इसका नियमित सेवन कर रहे हैं तो सेवन के तरीके और मात्रा के लिए आयुर्वेदिक डॉक्टर या डाइटिशियन से सलाह जरूर लें।
निष्कर्ष
दालचीनी एक फायदेमंद मसाला है, लेकिन इसका ज्यादा सेवन सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। चाहे आप इसे काढ़े, चाय, पाउडर या मसाले के रूप में लें, ध्यान रखें कि आपको इसे संतुलित और सीमित मात्रा में ही लेना है। सही मात्रा और इसके सेवन का तरीका आपके सेहत पर इसके प्रभाव निर्भर करता है।









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