आरएसएस अपने कार्यक्रमों में महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़ाने के उपायों पर करेगी चर्चा
समालखा (हरियाणा): राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की वार्षिक प्रतिनिधि सभा की बैठक में संगठन के सामाजिक जागरूकता कार्यक्रमों में महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़ाने के बारे में चर्चा की जायेगी। संघ के सह सरकार्यवाह मनमोहन वैद्य ने रविवार को यह जानकारी दी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की वार्षिक अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की तीन-दिवसीय बैठक रविवार को शुरू हुई, जिसमें पिछले एक वर्ष में संगठन के कामकाज की समीक्षा की जायेगी और आगे के एक साल के कामकाज का खाका तैयार किया जायेगा। वैद्य ने संवाददाताओं से कहा कि आरएसएस देश की आजादी के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर एक प्रस्ताव पारित करेगी और इसमें आत्मनिर्भरता पर जोर दिया जायेगा। आरएसएस में महिलाओं की सहभागिता के बारे में पूछे गये एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए संघ की एक समर्पित शाखा है, जिसे राष्ट्र सेविका समिति के नाम से जाना जाता है, जो महिलाओं के सर्वांगीण विकास को लेकर काम करती है। मनमोहन वैद्य ने कहा , ‘‘सामाजिक जागरूकता, जन जागरण और सामाजिक बदलाव से जुड़े कार्यों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के बारे में बैठक के दौरान चर्चा की जायेगी।''
इससे पहले, संगठन ने ऐसे राजनीतिक नेताओं और प्रख्यात हस्तियों को श्रद्धांजलि दी, जिनका पिछले एक साल में निधन हुआ है। इस सूची में मुलायम सिंह यादव, शरद यादव और भूषण समेत 100 से अधिक नाम शामिल हैं। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां हीराबेन मोदी और अभिनेता-फिल्म निर्माता सतीश कौशिक भी शामिल हैं। file photo

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