ब्रेकिंग न्यूज़

‘जनजाति समागम’ आने वाले दिनों में जनजातियों के कुंभ के रूप में वैश्विक पहचान बनाएगा-अमित शाह

-केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने -भगवान बिरसा मुंडा जी के 150वें जयंती वर्ष पर आयोजित ‘जनजाति सांस्कृतिक समागम’ को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित किया

-जिस नक्सली हिंसा ने 40 हज़ार से अधिक जनजातीय जानें ली, मोदी सरकार ने उस नासूर नक्सलवाद को समाप्त किया
-पहली आदिवासी राष्ट्रपति से लेकर राज्यों में आदिवासी मुख्यमंत्री तक - मोदी Era जनजातीय गौरव का स्वर्णिम काल
-पिछली सरकार के राज में जनजातीय कल्याण का बजट महज 28 हज़ार करोड़ था, मोदी सरकार ने 5 गुना बढ़ाकर 1 लाख 50 हज़ार करोड़ किया
-मोदी जी ने जनजातीय समाज को UCC से बाहर रखा है, किसी के भ्रम या बहकावे में न आएँ
-भ्रांतियों से बचें, भेद डालने वालों को पहचानें और एकजुट होकर विकसित व समृद्ध भारत की ओर बढ़ें
-बंगाल में 16 की 16 ST सीटों पर हमारी पार्टी की जीत अटल जी से मोदी जी तक, जनजातीय समाज के प्रति हमारे अटूट समर्पण का फल है
-PESA अब कागज पर नहीं, जमीन पर - पेसा सेल से आदिवासी की अपनी भाषा में, गाँव-गाँव पहुँच रहा कानून
-"तू और मैं एक रक्त हैं" - इसी मंत्र के साथ वनवासी कल्याण आश्रम ने मूक सेवक बनकर जनजातीय सेवा का अखंड यज्ञ चलाया
 नई दिल्ली। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली में भगवान बिरसा मुंडा जी के 150वें जयंती वर्ष पर आयोजित ‘जनजाति सांस्कृतिक समागम’ को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित किया। 
अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि यह समागम जनजातियों के महाकुंभ के रूप में आने वाले अनेक वर्षों तक जाना जाएगा। उन्होंने कहा कि यह भगवान बिरसा मुंडा के बाद सबसे पहला यह जनजातीय आंदोलन है जो पूरे देश को एक करता है। उन्होंने कहा कि यह वर्ष भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती का वर्ष है। उन्होंने कहा कि उलगुलान आंदोलन ने अंग्रेज़ों को धूल चटाने का काम किया था और उस वक्त संचार की सुविधा न होने के बावजूद झारखंड से गुजरात तक पूरे भारत में जनजातियों को भगवान बिरसा मुंडा ने यह संदेश पहुंचाया कि हमारा धर्म ही सच्चा धर्म है और हमारे जंगल पर किसी का कब्ज़ा नहीं हो सकता। जल, जंगल, पहाड़ हमारे वनवासी भाइयों के लिए आस्था का केन्द्र, आजीविका का साधन और उनकी अस्मिता औऱ संस्कृति का संरक्षण करने वाला अभेद्य किला है। आज सबसे बड़ा सस्टेनेबल मॉडल जनजातियों द्वारा बनाया गया मॉडल है। 
श्री अमित शाह ने कहा कि सभी जनजातियों ने किसी लिखित नियम के बिना विविधता में एकता और एकता में विविधता के मंत्र को चरितार्थ करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि हमारे संविधान निर्माताओं ने हर व्यक्ति को अपने मूल धर्म में सम्मान के साथ जीने का अधिकार दिया है। लोभ, लालच और जबरदस्ती कोई किसी का धर्म परिवर्तन नहीं करा सकता। उन्होंने कहा कि वनवासी अगर ठान लें कि धर्म की रक्षा करने का संकल्प आज यहां लेना है तो यही संकल्प हमें हमारी संस्कृति औऱ देश से जोड़कर रखेगा। श्री शाह ने कहा कि हमारे बीच भेद पैदा करने वाले नहीं जानते कि हज़ारों साल पहले भगवान राम ने शबरी के झूठे बेर खाकर हमें बताया था कि हम सब एक हैं। उन्होंने कहा कि भेद पैदा करने वाले लोगों के लिए आज का यह सम्मेलन और लाखों की संख्या में उपस्थिति जनजातियां बहुत बड़ा संदेश हैं। 
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि अब एक षड्यंत्र शुरू हुआ है कि UCC जनजातियों को अपनी संस्कृति, परंपरा, परंपरा से जीने के अधिकार से वंचित कर देगा। मोदी सरकार के गृह मंत्री के नाते मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि UCC की कोई पाबंदी वनवासी समाज पर नहीं लगेगी और इससे किसी वनवासी के किसी भी अधिकार का अतिक्रमण नहीं होगा। हमने गुजरात और उत्तराखंड में UCC लागू किया है और विशेष प्रावधान कर UCC से सारी जनजातियों को बाहर रखने का काम नरेन्द्र मोदी सरकार ने किया है। श्री शाह ने कहा कि मैं भेद पैदा करने वालों को बताना चाहता हूं कि UCC से किसी भी जनजाति की परंपरा से कोई खिलवाड़ नहीं होगा। 
श्री अमित शाह ने कहा कि जिस नक्सली हिंसा ने 40 हज़ार से अधिक जनजातीय जानें ली, मोदी सरकार ने 5 दशक पुराने उस नासूर नक्सलवाद को समाप्त कर दिया है और आज हमारा देश नक्सल समस्या से पूर्ण रूप से मुक्त हो गया है। जो लोग वनवासी समाज और जनजातियों का विकास रोककर बैठे थे, उन्हें हम समाप्त कर चुके हैं। एक ज़माने में नक्सलियों से लड़ने के लिए जहां सुरक्षाबलों के कैंप लगे थे, उनमें से 70 कैंपों को शहीद वीर गुण्डाधुर सेवा डेरा जनसुविधा केन्द्र बदलने का काम नरेन्द्र मोदी सरकार ने किया है। उन्होंने कहा कि अब समय है जनजातीय क्षेत्रों के पहाड़ों, जंगलों मे विकास पहुंचाने का। हमारी पार्टी हमेशा से जनजाति कल्याण को प्राथमिकता देती रही है। अटल जी ने जनजाति कल्याण मंत्रालय बनाकर जनजातियों के विकास की शुरूआत की और प्रधानमंत्री मोदी जी ने उसे आगे बढ़ाया है। हाल ही में हुए बंगाल के चुनाव में सभी 16 ट्राइबल रिज़र्व सीटें हमारी पार्टी ने जीती है। प्रधानमंत्री मोदी जी ने जनजाति कल्याण को आगे बढ़ाने का काम किया है। पिछली सरकार के समय जनजातियों के कल्याण का कुल बजट 28 हज़ार करोड़ रूपए था, जिसे प्रधानमंत्री मोदी जी ने बढ़ाकर 1 लाख 50 हज़ार करोड़ रूपए कर दिया है। मोदी सरकार जनजातियों के कल्याण के प्रति समर्पित सरकार है। 
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने गरीब संथाल परिवार से आई द्रौपदी मुर्मू जी को महामहिम द्रौपदी मुर्मू बनाकर समग्र ट्राइबल समाज का कल्याण करने का काम किया है। अटल जी के समय में ही झारखंड और छत्तीसगढ़ जनजाति-बहुल राज्य बने और आज ओडिशा, छत्तीसगढ़ राज्यों में जनजाति का मुख्यमंत्री है। उन्होंने कहा कि पेसा [PESA] कानून के लिए भारत सरकार ने एक पेसा सेल बनाया है, 1 लाख से अधिक मास्टर ट्रेनर्स बनाए हैं, पैसा के नियमों का संथाली, गोंडी, भीली, मुंडारी ऐसी अनेक जनजाति भाषाओं में अनुवाद किया है। पेसा ग्राम पंचायत विकास योजना पोर्टल बनाकर इसकी रियल टाइम मॉनिटरिंग करने का काम हमारी सरकार ने किया है। मध्य प्रदेश का पेसा कानून का मॉडल एक आदर्श मॉडल है और हमारी पार्टी की सभी सरकारें इसको आगे बढ़ाने का काम कर रही हैं।
श्री अमित शाह ने कहा कि विकास के लिए अनेक बड़ी योजनाएं, 722 एकलव्य मॉडल स्कूल और हर जनजाति परिवार के लिए मकान, बिजली, नल से जल और 5 लाख रूपए तक का स्वास्थ्य बीमा, हर महीने खाने का राशन देने का काम प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने किया है। श्री शाह ने कहा कि वनवासियों का यह आंदोलन आने वाले दिनों में हमें बचा कर भी रखेगा, हमारी धरती, संस्कृति और धर्म से भी जोड़ कर रखेगा। उन्होंने कहा कि यही आंदोलन पूरे देश को मजबूत करने के लिए एक बहुत बड़ी नींव डालने का काम कर रहा है। "तू और मैं एक रक्त हैं" - इसी मंत्र के साथ वनवासी कल्याण आश्रम ने मूक सेवक बनकर जनजातीय सेवा का अखंड यज्ञ चलाया है। हमारी संस्कृति, हमारी भूमि, हमारे धर्म को सुरक्षित करने के लिए यह महाकुंभ बहुत बड़ा काम करेगा। हम भ्रांतियों से बचें, भेदभाव करने वालों को पहचानें और एकजुट होकर 2047 में विकसित और समृद्ध भारत बनाने की दिशा में आगे बढ़ें। 

Related Post

Leave A Comment

Don’t worry ! Your email address will not be published. Required fields are marked (*).

Chhattisgarh Aaj

Chhattisgarh Aaj News

Today News

Today News Hindi

Latest News India

Today Breaking News Headlines News
the news in hindi
Latest News, Breaking News Today
breaking news in india today live, latest news today, india news, breaking news in india today in english