बंगाल : ठंड के बावजूद लाखों श्रद्धालुओं ने मकर संक्रांति पर गंगासागर में स्नान किया
सागर द्वीप .पश्चिम बंगाल. मकर संक्रांति के अवसर पर पश्चिम बंगाल में हुगली नदी और सागर द्वीप में बंगाल की खाड़ी के संगम पर लगने वाले वार्षिक गंगासागर मेले में बुधवार को लाखों श्रद्धालुओं ने स्नान किया। तड़के ही श्रद्धालुओं की भीड़ सागर द्वीप के ठंडे पानी में स्नान करती,भजन और प्रार्थनाएं करती हुई दिखाई दी। मान्यता है कि इस शुभ दिन यहां स्नान करने से पाप धुल जाते हैं और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है। कपिल मुनि आश्रम की ओर जाने वाले रास्ते पर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखी गईं, जहां हजारों लोग धैर्यपूर्वक पूजा करने के लिए इंतजार कर रहे थे। भीड़ इतनी थी कि खड़े होने के लिए स्थान कम पड़ रहा था। अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को अपराह्न 1.19 बजे सबसे शुभ ‘महा मुहूर्त', जिसे महेंद्रक्षण के नाम से जाना जाता है, शुरू हुआ और 24 घंटे तक चलेगा। उन्होंने बताया कि पवित्र मुहूर्त शुरू होने के कारण तीर्थयात्रियों की और भी अधिक भीड़ आने की उम्मीद है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि देशभर से तीर्थयात्री आए हैं, जिनमें से कई लोगों ने ठंड से बचने के लिए कंबल ओढ़कर खुले आसमान के नीचे भजन गाते हुए रात बिताई। राज्य सरकार ने कोलकाता से लगभग 100 किलोमीटर दूर स्थित इस द्वीप पर व्यापक व्यवस्था की है, जहां हजारों पुलिसकर्मियों और स्वयंसेवकों को भारी भीड़ को संभालने के लिए तैनात किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था न केवल मेले के मैदानों पर बल्कि कोलकाता और आसपास के जिलों के रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर भी कड़ी कर दी गई है। पहली बार, उन्नत ‘वाटर ड्रोन' जिन्हें ‘बचाव ड्रोन' भी कहा जाता है, को तटरेखा के साथ निरंतर निगरानी के लिए तैनात किया गया है। एक अधिकारी ने बताया, ‘‘ये ड्रोन कपिल मुनि आश्रम और मुख्य स्नान घाटों के पास तैनात हैं। प्रत्येक ड्रोन 100 किलोग्राम तक का भार ले जा सकता है और संकट में फंसे तीर्थयात्रियों को शीघ्रता से निकालने में सक्षम है।'' उन्होंने बताया कि नागरिक सुरक्षा दल, आपदा राहत इकाइयां और नौसेना कर्मी भी स्नान घाटों पर दुर्घटनाओं को रोकने के लिए चौबीसों घंटे गश्त कर रहे हैं। पश्चिम बंगाल के ऊर्जा मंत्री अरूप बिस्वास ने बताया कि मंगलवार तक अनुमानित 60 लाख तीर्थयात्री गंगासागर पहुंच चुके थे और दिनभर में इनकी संख्या में और वृद्धि होने की उम्मीद है। गंगासागर तीर्थयात्रा हिंदू पौराणिक कथाओं में गहराई से निहित है। इस धार्मिक आयोजन में कई तीर्थयात्रियों ने भीड़भाड़ वाले मेला क्षेत्र में जेब कटने और चोरी की शिकायतें की हैं। पुलिस ने बताया कि अब तक जेब कटने के 25 मामले दर्ज किए गए हैं और विभिन्न अपराधों के लिए 112 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। भीड़भाड़ के दौरान लापता हुए 889 तीर्थयात्रियों में से 835 को पुलिस और स्वयंसेवकों की मदद से ढूंढकर उनके परिवारों से मिला दिया गया है। हालांकि, अधिकतर भक्तों के लिए, असुविधा और जोखिम आस्था के आगे फीके पड़ गए।
मध्य प्रदेश से आए एक बुजुर्ग तीर्थयात्री ने डुबकी लगाने के बाद कांपते हुए लेकिन मुस्कुराते हुए कहा, ‘‘आज ठंड कोई मायने नहीं रखती। अगर किसी दिन सब कुछ सहने की क्षमता है, तो वह संक्रांति पर गंगासागर का दिन है।''


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