नौसेना को मिले तीन नये जहाज
नयी दिल्ली. नौसेना को सोमवार को सरकारी स्वामित्व वाली गार्डन रीच शिपबिल्डिंग एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (जीआरएसई) द्वारा निर्मित तीन नये जहाज प्राप्त हुए। दूनागिरि, संशोधक और अग्रय नाम के इन जहाजों से नौसेना की समग्र युद्धक क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। दूनागिरि, प्रोजेक्ट 17ए के तहत नीलगिरी श्रेणी का पांचवां जहाज है और इस श्रेणी का दूसरा पोत भी है। प्रोजेक्ट 17ए के अंतर्गत बनाए गए ये जहाज बहुउद्देश्यीय प्लेटफॉर्म हैं, जिन्हें समुद्री क्षेत्र में वर्तमान और भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इस जहाज का नाम पुराने आईएनएस दूनागिरि से लिया गया है, जो एक लीएंडर श्रेणी का फ्रिगेट था और 1977 से 2010 तक भारतीय नौसेना के बेड़े का हिस्सा रहा। नौसेना के अनुसार, इस पोत में ब्रह्मोस मिसाइल, रॉकेट और टॉरपीडो जैसे शक्तिशाली हथियारों का समावेश किया गया है। जहाज "संशोधक" एक सर्वेक्षण पोत। यह बंदरगाहों के तटीय और गहरे समुद्री क्षेत्रों का पूर्ण स्तर पर हाइड्रोग्राफिक सर्वे करने में सक्षम है। 110 मीटर लंबाई वाले संशोधक में अत्याधुनिक हाइड्रोग्राफिक उपकरण लगे हैं। इसी श्रेणी के अन्य जहाज़—आईएनएस संधायक, आईएनएस निर्देशक और आईएनएस इक्षाक—को क्रमशः फरवरी 2024, दिसंबर 2024 और नवंबर 2025 में सेवा में शामिल किया गया था। अग्रय आठ अर्नाला श्रेणी के पनडुब्बी रोधी उथले जल पोतों में से चौथा है। इस पोत का नाम पूर्ववर्ती आईएनएस अग्रय से लिया गया है, जो एक गश्ती पोत था और जिसे 2017 में सेवामुक्त कर दिया गया था। नौसेना ने एक बयान में कहा कि यह पोत घरेलू रक्षा विनिर्माण प्रणाली की बढ़ती मजबूती और आयात पर निर्भरता कम करने के निरंतर प्रयासों का प्रमाण है। तीनों पोतों को कोलकाता में नौसेना को सौंप दिया गया।










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