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 'नए भारत' की नई संभावनाओं का सेतु है दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारा: आदित्यनाथ

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि दिल्ली-देहरादून-आर्थिक गलियारा औद्योगिक गतिविधियों में तेजी लाने के साथ-साथ पर्यटन के नए आयाम भी स्थापित करेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को जोड़ने वाले दिल्ली-देहरादून-आर्थिक गलियारे का मंगलवार को लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर कहा कि आज सहारनपुर की धरती विकास, विश्वास और कनेक्टिविटी के ऐतिहासिक क्षण की साक्षी बनने जा रही है। उन्होंने पोस्ट में कहा, ''आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी आज 12,000 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित दिल्ली-उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड को जोड़ने वाले दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारा राष्ट्र को समर्पित करेंगे। यह केवल एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि 'नए भारत' की नई गति, नई कनेक्टिविटी और नई संभावनाओं का सेतु है।" 
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच यह नया मार्ग यात्रा समय में कमी और औद्योगिक गतिविधियों में तेजी लाने के साथ-साथ पर्यटन के नए आयाम भी स्थापित करेगा। प्रधानमंत्री मोदी दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारे का उद्घाटन करेंगे। अधिकारियों के मुताबिक इस गलियारे से दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा समय छह घंटे से घटकर लगभग ढाई घंटे रह जाएगा। राज्य सरकार द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक प्रधानमंत्री देहरादून के पास स्थित जय मां डाट काली मंदिर में दर्शन पूजन करेंगे। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले मोदी के काली मंदिर में दर्शन-पूजन करने को कुछ लोग विशेष मायने निकाल सकते हैं। बयान के मुताबिक प्रधानमंत्री पूर्वाह्न लगभग 11 बजकर 15 मिनट पर उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारे के ऊंचे खंड पर बने वन्यजीव गलियारे की समीक्षा करेंगे। अधिकारियों ने बताया कि डाट काली मंदिर में पूजा अर्चना करने के बाद प्रधानमंत्री दोपहर लगभग 12 बजकर 30 मिनट पर देहरादून में एक सार्वजनिक समारोह में दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारे का उद्घाटन करेंगे और इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित भी करेंगे। 
अधिकारियों ने बताया कि 213 किलोमीटर लंबा, छह लेन वाले और पहुंच नियंत्रित दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारे की परियोजना के क्रियान्वयन में निर्बाध उच्च गति कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए 10 इंटरचेंज, तीन रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी), चार प्रमुख पुल और सड़क किनारे 12 जन सुविधाओं का निर्माण भी शामिल है। अधिकारियों के मुताबिक इस क्षेत्र की पारिस्थितिक संवेदनशीलता, समृद्ध जैव विविधता और वन्यजीवों को ध्यान में रखते हुए इस गलियारे को कई विशेषताओं के साथ डिजाइन किया गया है, जिनका उद्देश्य मानव-वन्यजीव संघर्ष में अत्यधिक कमी लाना है। उन्होंने बताया कि जंगली जानवरों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए, परियोजना में वन्यजीव संरक्षण के लिए कई विशेष सुविधाएं शामिल की गई हैं, जिनमें 12 किलोमीटर लंबा वन्यजीव एलिवेटेड कॉरिडोर शामिल है, जो एशिया के सबसे लंबे कॉरिडोर में से एक है। अधिकारियों के अनुसार कॉरिडोर में आठ पशु मार्ग, 200 मीटर लंबे दो हाथी अंडरपास और डाट काली मंदिर के पास 370 मीटर लंबी सुरंग भी शामिल है। उन्होंने बताया कि दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारा प्रमुख पर्यटन और आर्थिक केंद्रों के बीच संपर्क बढ़ाकर और पूरे क्षेत्र में व्यापार और विकास के नए रास्ते खोलकर क्षेत्रीय आर्थिक विकास को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
 

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