पुरी मंदिर को भगवान जगन्नाथ से जुड़े तीन मुख्य शब्दों और चिह्न के लिए पेटेंट मिला
पुरी (ओडिशा) ।. पुरी स्थित 12वीं सदी के श्री जगन्नाथ मंदिर के प्रशासन ने मंदिर से जुड़े कुछ विशेष शब्दों और चिह्न के लिए पेटेंट हासिल कर लिया है। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजीटीए) के मुख्य प्रशासक अरबिंद पाधी ने 16 जुलाई को होने वाली भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के अनुष्ठानों के बारे में पत्रकारों को जानकारी देते हुए यह बात बताई। पाधी ने कहा, ''हमने आनंद बाजार, श्री पतितपावन और श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन जैसे तीन शब्दों के लिए पेटेंट हासिल कर लिए हैं। हमें इस संबंध में इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी इंडिया (आईपीआई) से आधिकारिक पुष्टि भी प्राप्त हो गई है।'' उन्होंने बताया कि मंदिर ने श्री जगन्नाथ संस्कृति और मंदिर से जुड़े 29 चीज़ों के लिए आईपीआई से पेटेंट की मंजूरी मांगी थी। इनमें से तीन नामों के 'वर्डमार्क' और चिह्न को मंजूरी मिल चुकी है, जबकि शेष 26 अन्य सामग्रियों के संबंध में आईपीआई ने अतिरिक्त जानकारी मांगी है। उन्होंने कहा, ''हमें भरोसा है कि शेष 26 अन्य सामग्रियों के लिए भी पेटेंट मंजूरी प्राप्त हो जाएगी।'' आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, श्रीमंदिर, जगन्नाथ धाम, पुरुषोत्तम क्षेत्र, श्रीक्षेत्र, बड़ा डंडा और महाप्रसाद जैसी 26 सामग्रियों के लिए पेटेंट मंजूरी का इंतजार है। इससे पहले, एसजेटीए ने कहा था कि वह पुरी जगन्नाथ मंदिर से जुड़े शब्दों के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए उनके पेटेंट को लेकर आवेदन करेगा। मंगलवार को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने दीघा जगन्नाथ मंदिर परिसर के नाम से धाम शब्द हटाने की घोषणा की। इससे पहले, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने पश्चिम बंगाल सरकार को पत्र लिखकर दीघा जगन्नाथ मंदिर के नाम से धाम शब्द हटाने का आग्रह किया था। बंगाल में, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत नयी सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बुधवार को दीघा मंदिर के साइनबोर्ड से धाम शब्द हटा दिया।


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