प्रधानमंत्री मोदी के 12 सालः सरकार ने कर सुधार, डिजिटल पहल, निवेशक भरोसे की उपलब्धियां गिनाईं
नयी दिल्ली। सरकार ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 12 वर्ष के कार्यकाल में कर सुधारों से लेकर डिजिटल पहल और कारोबारी सुगमता से लेकर तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बनने जैसी उपलब्धियां बुधवार को रेखांकित की। मोदी देश में सबसे लंबे समय तक पद पर रहने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं। उन्होंने इस क्रम में पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के 4,398 दिनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। केंद्र सरकार की तरफ से जारी एक पुस्तिका में कहा गया कि पिछले 12 वर्षों में आयकर बोझ में आई कमी सरकार की 'रामराज्य' की अवधारणा को दर्शाती है। इसमें कहा गया कि जीएसटी, चेहरा-रहित कर व्यवस्था और डिजिटल इंडिया जैसे सुधारों ने सार्वजनिक व्यवस्था में विश्वास को मजबूत किया है, जो भारत को पांच लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में मददगार होगा। पुस्तिका के अनुसार, करदाताओं के बढ़ते भरोसे ने सड़क, अस्पताल, बुनियादी ढांचे और अन्य विकास परियोजनाओं में निवेश बढ़ाने का काम किया है। पुस्तिका के मुताबिक, "कर बोझ घटा है और लोगों का भरोसा बढ़ा है। इसका परिणाम यह है कि करदाताओं की संख्या लगातार बढ़ रही है क्योंकि लोग देख रहे हैं कि उनका पैसा सड़कों, अस्पतालों और देश के भविष्य पर खर्च हो रहा है। यही सुशासन है और यही 'रामराज्य' का संदेश है।" इसके मुताबिक, भारत की वृद्धि यात्रा 'पांच नाजुक देशों' (फ्रेजाइल फाइव) से आगे बढ़कर 'सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था' तक पहुंच गई है। वर्ष 2013 में भारत को दुनिया की पांच सबसे कमजोर अर्थव्यवस्थाओं में गिना जाता था, लेकिन निर्णायक सुधारों ने स्थिति को पूरी तरह बदल दिया। सरकार ने कहा कि महंगाई को नियंत्रित किया गया, जीएसटी लागू कर पूरे देश को एकीकृत बाजार बनाया गया तथा बैंकिंग सुधारों के जरिए गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए) में कमी आई है। पुस्तिका के अनुसार, भारत आज पांच लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है, जो केवल एक आंकड़ा नहीं बल्कि हर भारतीय के सपनों की उड़ान है। सरकार के डिजिटल इंडिया अभियान की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए जारी एक आधिकारिक दस्तावेज में कहा गया कि 2014 की तुलना में एक जीबी डेटा की कीमत 97 प्रतिशत घटकर लगभग 8-10 रुपये रह गई है, जबकि पहले यह 269 रुपये थी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट की खपत में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और लोगों के लिए नए अवसर खुले हैं। इस दस्तावेज के मुताबिक, पिछले 12 वर्षों में देश में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या लगभग चार गुना बढ़कर दिसंबर 2025 तक 103 करोड़ हो गई है, जबकि 2014 में यह लगभग 25 करोड़ थी। इस दौरान ब्रॉडबैंड कनेक्शन की संख्या छह करोड़ से करीब 17 गुना बढ़कर करीब 100 करोड़ हो गई है। 'सार्वजनिक सेवा एक संकल्प' शीर्षक वाली पुस्तिका में किसानों के कल्याण के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों को भी रेखांकित किया गया है। पुस्तिका के मुताबिक, पिछले 12 वर्षों में कृषि मंत्रालय का बजट पांच गुना बढ़कर चालू वित्त वर्ष में 1.4 लाख करोड़ रुपये हो गया है। यह कदम कृषि क्षेत्र को मजबूत करने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है। इस पुस्तिका में कहा गया है कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना के तहत अब तक किसानों को 4.3 लाख करोड़ रुपये बांटे जा चुके हैं। इस योजना में किसानों को सालाना 6,000 रुपये तीन समान किस्तों में दिए जाते हैं। उद्योग जगत ने सरकार की तरफ से उठाए गए सुधारात्मक कदमों और नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के परिवर्तनकारी नेतृत्व में भारत एक प्रभावशाली वैश्विक आवाज बनकर उभरा है। विभिन्न उद्योग मंडलों ने कारोबार में सुगमता बढ़ाने पर सरकार के जोर का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है तथा देश में अनुकूल कारोबारी माहौल बना है।


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