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 पूर्वोत्तर में बारिश से तबाही तो उत्तरी राज्यों में भीषण गर्मी

नयी दिल्ली. पूर्वोत्तर राज्यों में सोमवार को हुई भारी बारिश ने भारी तबाही मचाई, जिससे कई स्थानों पर सड़कें और पुल बह गए। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अरुणाचल प्रदेश और असम के मुख्यमंत्रियों से फोन पर बात कर हालात और नुकसान की जानकारी ली। अरुणाचल प्रदेश के कम से कम 12 जिलों में जनजीवन प्रभावित हुआ है, जबकि असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के अनुसार धीमाजी जिले के चार राजस्व मंडलों के 69 गांवों में करीब 16,000 लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अगले पांच दिनों के दौरान पूर्वोत्तर भारत तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश होने की संभावना जताई है। 
वहीं, विभाग ने कहा कि अगले दो दिनों के दौरान उत्तर प्रदेश और उससे सटे राज्यों में लू चलने, कुछ स्थानों पर भीषण लू की आशंका है। राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है। अधिकारियों के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू से फोन पर बात की और राज्य में भारी बारिश, अचानक आई बाढ़ तथा भूस्खलन से उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिए केंद्र की ओर से हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। अधिकारियों के अनुसार, बातचीत के दौरान शाह ने प्रभावित क्षेत्रों, नुकसान और लोगों को राहत पहुंचाने की तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने राहत कार्यों तथा अन्य आवश्यक सहायता के लिए केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया। इसी तरह, शाह ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा से भी बातचीत कर नदियों का जलस्तर बढ़ने से हुए नुकसान की जानकारी ली। शर्मा ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में बताया कि उन्होंने गृह मंत्री को राज्य में जारी राहत और पुनर्वास कार्यों की जानकारी दी। 
इस बीच, उत्तर भारत के कई राज्यों में सोमवार को भी भीषण गर्मी का असर बना रहा। हालांकि, दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के साथ जल्द राहत मिलने की संभावना है। दिल्ली में लू का प्रकोप जारी रहा और ज्यादातर मौसम केंद्रों पर अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। लगातार दूसरे दिन राजधानी में रात भी इस मौसम की सबसे गर्म रही। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, राजधानी के आधार केंद्र सफदरजंग में अधिकतम तापमान 42.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से पांच डिग्री अधिक है। हालांकि, शाम साढ़े चार बजे से साढ़े छह बजे के बीच दिल्ली और आसपास के इलाकों में गरज-चमक के साथ आंधी आई, जिससे तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई और तेज हवाएं चलीं। राजस्थान में भी कई क्षेत्रों में भीषण गर्मी का दौर जारी रहा। श्रीगंगानगर राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 45.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि राजधानी जयपुर में अधिकतम तापमान 40.4 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग ने कहा कि दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। इसके प्रभाव से इस सप्ताह राजस्थान के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है, जिससे गर्मी से राहत मिल सकती है। विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा फिलहाल गुजरात, मध्य प्रदेश, झारखंड और बिहार के कुछ हिस्सों से होकर गुजर रही है। आईएमडी ने कहा, ''अगले दो से तीन दिनों के दौरान गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं।'' उत्तराखंड में मैदानी क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहा, जबकि पर्वतीय इलाकों में यह सामान्य दर्ज किया गया। हालांकि, मौसम विभाग ने अगले तीन से चार दिनों के दौरान राज्य में अधिकतम तापमान में चार से छह डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने का अनुमान जताया है। मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का पूर्वानुमान जारी किया है। पौड़ी, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। राज्य के सभी पर्वतीय जिलों में कुछ स्थानों पर आकाशीय बिजली, तेज बारिश और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। मैदानी क्षेत्रों, विशेषकर हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर जिलों के कुछ हिस्सों के लिए भी इसी तरह की चेतावनी जारी की गई है। इस बीच, पंजाब में भीषण गर्मी और अधिक नमी के कारण सोमवार को बिजली की मांग में अभूतपूर्व बढ़ोतरी दर्ज की गई। इससे राज्य की बिजली व्यवस्था पर भारी दबाव पड़ा और पंजाब राज्य विद्युत निगम लिमिटेड (पीएसपीसीएल) को केंद्रीय ग्रिड से रिकॉर्ड मात्रा में बिजली लेनी पड़ी। आईएमडी के अनुसार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई स्थानों पर अधिकतम तापमान सामान्य से काफी अधिक दर्ज किया गया। 
वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश के कुछ स्थानों तथा उत्तराखंड, हरियाणा और पंजाब के कई इलाकों में तापमान सामान्य से 3.1 से 5 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले में अचानक आई बाढ़ के कारण मनाली-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गया। अधिकारियों ने बताया कि इस आपदा के चलते करीब एक दर्जन गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, बाढ़ के साथ आए मलबे के कारण जिला मुख्यालय केलांग जाने वाला मार्ग अवरुद्ध हो गया है। जिले के दूरदराज क्षेत्रों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण जोबरंग पुल भी पानी में डूब गया है। अधिकारियों ने बताया कि जिस्पा में अचानक आई बाढ़ के कारण मनाली-लेह राजमार्ग बंद हो गया, जबकि झालमा नाला में आई बाढ़ से कई गांवों तक पहुंचना संभव नहीं रह गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहाड़ों की चोटियों पर बर्फ पिघलने से झालमा नाले का जलस्तर बढ़ गया। इस अचानक आई बाढ़ के वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किए जा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की 70 आरसीसी इकाई तीन मशीनों के साथ पूरी रात मनाली-लेह राजमार्ग को बहाल करने के काम में जुटी रहीं।

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