ब्रेकिंग न्यूज़

भारत-माली ने पहले निर्यात संवर्धन मंच के जरिए व्यापारिक साझेदारी को दी नई मजबूती

  नई दिल्ली। भारत और माली ने द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पहले भारत-माली निर्यात संवर्धन मंच का आयोजन किया। बमाको में आयोजित इस दो दिवसीय मंच के जरिए दोनों देशों ने व्यापार और निवेश सहयोग को संस्थागत स्वरूप देने तथा भविष्य में आर्थिक साझेदारी को नई गति प्रदान करने पर जोर दिया। वित्त वर्ष 2025-26 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 326.61 मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 55% अधिक है।

 “व्यापार और रणनीतिक साझेदारी को सुदृढ़ बनाना” विषय पर आयोजित इस मंच की अध्यक्षता माली की अंतरिम सरकार के प्रधानमंत्री मेजर जनरल अब्दुलाये माइगा ने की। इसका संयुक्त आयोजन माली के उद्योग एवं व्यापार मंत्रालय, बमाको स्थित भारतीय दूतावास तथा माली निर्यात संवर्धन एजेंसी (एपीईएक्स-माली) ने किया। कार्यक्रम में दोनों देशों के वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के साथ भारत के करीब 30 व्यापारिक नेताओं ने भाग लिया। भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व भारत सरकार के वाणिज्य विभाग के संयुक्त सचिव (एफटी-अफ्रीका) अमित कुमार ने किया, जबकि माली में भारत के राजदूत डॉ. एन. नंदकुमार ने भारतीय मिशन का प्रतिनिधित्व किया।
 वित्त वर्ष 2025-26 में भारत और माली के बीच द्विपक्षीय व्यापार 326.61 मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 55% अधिक है। माली से भारत को मुख्य रूप से कच्चा कपास, तैयार चमड़ा, काजू, सीसा, गोंद अरबी और तिल का निर्यात होता है। वहीं भारत से माली को औषधियां, सूती वस्त्र, दोपहिया और तिपहिया वाहन तथा साइकिलों का निर्यात किया जाता है। भारत की शुल्क-मुक्त टैरिफ वरीयता (डीएफटीपी) योजना ने दोनों देशों के व्यापार को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। माली के लगभग 4 बिलियन अमेरिकी डॉलर के वैश्विक निर्यात की तुलना में भारतीय बाजार में उसके अप्रयुक्त निर्यात की संभावित क्षमता लगभग 3.96 बिलियन अमेरिकी डॉलर आंकी गई है।
 उद्घाटन सत्र के बाद भारतीय और माली प्रदर्शनी स्टॉलों का दौरा किया गया, जहां सोनालिका ट्रैक्टर तथा महिंद्रा और टाटा मोटर्स के वाहनों का प्रदर्शन किया गया। इसके बाद व्यापार-से-व्यापार (बी2बी), व्यापार-से-सरकार (बी2जी) और सरकार-से-सरकार (जी2जी) स्तर की बैठकों में नवीकरणीय ऊर्जा, औषधि, वस्त्र, ऑटोमोबाइल विनिर्माण और खनन क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। उद्देश्य व्यावसायिक अवसरों को व्यापारिक साझेदारियों और समझौता ज्ञापनों में बदलना था।
 दूसरे दिन भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने माली के उद्योग एवं व्यापार मंत्री मूसा अलासाने डियालो से मुलाकात की। इस दौरान एपीईएक्स-माली ने तत्काल निवेश के लिए “तैयार व्यापार योजनाएं” प्रस्तुत कीं। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने माली की अंतरिम सरकार के प्रधानमंत्री से भी भेंट की।
 दोनों देशों ने कपास एवं वस्त्र, खनन एवं ऊर्जा, कृषि-उद्योग एवं शीया प्रसंस्करण, औषधियां तथा स्वास्थ्य और शिक्षा सहित सामाजिक अवसंरचना को सहयोग के प्राथमिक क्षेत्रों के रूप में चिह्नित किया। माली ने अपने उद्गम प्रमाण पत्र प्रणाली के डिजिटलीकरण में भारत के सहयोग और भारतीय औषधियों के शीघ्र पंजीकरण में रुचि दिखाई। वहीं भारतीय पक्ष ने शीया-नट के निर्यात पर लगाए गए प्रतिबंध पर पुनर्विचार का आग्रह किया तथा माली में भारतीय नागरिकों और भारतीय निवेशों की सुरक्षा के महत्व को दोहराया।
 मंच के समापन पर माली ने कारोबारी माहौल को और सुरक्षित बनाने तथा ‘विजन माली 2063’ रोडमैप के तहत स्वयं को पश्चिम अफ्रीका के रणनीतिक निवेश केंद्र के रूप में विकसित करने की प्रतिबद्धता दोहराई। इसी दिशा में माली ने 3-4 दिसंबर 2026 को विशेष निवेश मंच आयोजित करने की घोषणा की, जिसमें अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए नई निवेश-योग्य परियोजनियां प्रस्तुत की जाएंगी।

Related Post

Leave A Comment

Don’t worry ! Your email address will not be published. Required fields are marked (*).

Chhattisgarh Aaj

Chhattisgarh Aaj News

Today News

Today News Hindi

Latest News India

Today Breaking News Headlines News
the news in hindi
Latest News, Breaking News Today
breaking news in india today live, latest news today, india news, breaking news in india today in english