मोदी, सोनिया, खरगे और राहुल ने राजीव गांधी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा और कई अन्य पार्टी नेताओं ने बृहस्पतिवार को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। सोनिया गांधी, खरगे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने 'वीर भूमि' पहुंचकर राजीव गांधी की समाधि पर पुष्प अर्पित किए। बाद में इन नेताओं ने संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष में राजीव गांधी के चित्र पर पुष्प अर्पित किए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा, ''भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि।'' खरगे ने राजीव गांधी के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने लाखों लोगों में उम्मीद जगाई और भारत को 21वीं सदी की संभावनाओं के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कांग्रेस अध्यक्ष ने 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा कि राजीव गांधी एक ''दूरदर्शी नेता'' थे और उनकी विरासत उन बड़े बदलावों में जीवित है, जिनका उन्होंने समर्थन किया तथा भारत के युवाओं, तकनीकी प्रगति और नए विचारों में उनके अटूट विश्वास में भी यह विरासत दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी को सबसे सार्थक श्रद्धांजलि भारत की सद्भाव और मेल-मिलाप की भावना को मजबूत करना तथा बौद्धिक स्वतंत्रता, नवाचार और युवाओं की आकांक्षाओं को बढ़ावा देना होगी। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने पिता एवं पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती पर उन्हें याद करते हुए कहा कि उनके सपनों का भारत बनाने का संकल्प हमेशा उनका मार्गदर्शन करता रहेगा। राहुल गांधी ने 'एक्स' पर पोस्ट किया, ''भारतीयों के बीच सद्भावना, हर दिल में करुणा और, हर नागरिक को न्याय और लोकतंत्र में समान अधिकार... पापा, आपकी ये सीख मेरी शक्ति है और आपकी यादें मेरी हिम्मत। आपके सपनों का भारत बनाने का संकल्प हमेशा मेरा मार्गदर्शन करता रहेगा।'' राजीव गांधी का जन्म 20 अगस्त 1944 को हुआ था। वह 40 वर्ष की उम्र में 31 अक्टूबर 1984 को देश के प्रधानमंत्री बने और दो दिसंबर 1989 तक इस पद पर रहे। तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में 21 मई 1991 को चुनावी सभा के दौरान आत्मघाती हमले में उनकी हत्या कर दी गई थी। प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने प्रशासन, शिक्षा, संचार और प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में आधुनिकीकरण पर जोर दिया था। उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' (मरणोपरांत) से सम्मानित किया गया था।









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