मानसून में त्वचा पर कौन-सा तेल लगाना सही है?
मानसून के मौसम में गर्मी से राहत तो जरूर मिलती है, लेकिन इस दौरान बढ़ी हुई नमी और तापमान में बदलाव के कारण त्वचा बुरी तरह से प्रभावित हो सकती है। इस मौसम में स्किन कभी चिपचिपी और ऑयली महसूस होती है, तो कभी बहुत ज्यादा ड्राई और बेजान नजर आ सकती है। इसलिए बारिश के मौसम में कभी-कभार तेल मालिश यानी अभ्यंग करते समय सही तेल और सही रूटीन का चुनाव करना जरूरी है।
आयुर्वेद में अभ्यंग का मतलब शरीर पर तेल लगाकर मालिश करना है। इसे शरीर को पोषण देने, आराम पहुंचाने और त्वचा की देखभाल के लिए अपनाया जाता है। हालांकि हेयर और स्किन केयर एक्सपर्ट शहनाज हुसैन बताती हैं कि मानसून में हर व्यक्ति की त्वचा एक जैसी नहीं होती, इसलिए तेल की मात्रा और इस्तेमाल की आवृत्ति त्वचा की जरूरत के अनुसार तय करनी चाहिए। आइए जानते हैं कि चेहरे पर तेल लगाने का सही तरीका क्या है।
मानसून में अभ्यंग क्यों फायदेमंद माना जाता है?
आयुर्वेद के अनुसार “मानसून में वात दोष बढ़ सकता है, जिससे शरीर में रूखापन और अकड़न जैसी समस्याएं महसूस हो सकती हैं। ऐसे में हल्के हाथों से की गई तेल मालिश त्वचा को मुलायम रखने और शरीर को आराम देने में मदद कर सकती है।"
अभ्यंग के क्या फायदे हैं?
-स्किन को नमी देकर मुलायम रखने में मदद करता है।
-ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ावा मिल सकता है।
-मांसपेशियों और जोड़ों की अकड़न से आराम मिल सकता है।
-शरीर को रिलैक्स करने में मदद करता है।
-स्ट्रेस कम करने और अच्छी नींद को बढ़ावा देने में फायदेमंद हो सकता है।
-त्वचा की नेचुरल नमी और स्किन बैरियर को बनाए रखने में मदद कर सकता है।
मानसून में चेहरे पर तेल की मालिश कब करें?
एक्सपर्ट बताती हैं कि आप अपने चेहरे पर कब तेल लगा रहे हैं, यह बहुत ही ज्यादा जरूरी है। तेल लगाते समय आप इन बातों का ध्यान रखें-
-नहाने से करीब 20-30 मिनट पहले शरीर पर तेल लगाएं।
-तेल को बहुत गर्म करने के बजाय हल्का गुनगुना करें।
-मालिश के बाद कुछ समय घर के अंदर रहें, खासकर अगर मौसम ठंडा या बहुत नम हो।
-मालिश के बाद गुनगुने पानी से नहाकर एक्सट्रा ऑयल साफ कर लें।
-नहाने के बाद शरीर को अच्छी तरह सुखाएं और साफ, सूखे कपड़े पहनें।
मानसून में कौन से तेल चुनें?
बारिश के मौसम में त्वचा पहले से ही पसीने और नमी के संपर्क में रहती है। ऐसे में सही तेल का चुनाव करना बहुत ही ज्यादा जरूरी हो जाता है। एक्सपर्ट बताती हैं कि त्वचा की जरूरत के अनुसार अपेक्षाकृत हल्के तेलों का इस्तेमाल किया जा सकता है, जैसे-
तिल का तेल
नारियल का तेल
सूरजमुखी का तेल
बादाम का तेल
नीम का तेल
बेसिल ऑयल
मंजिष्ठा युक्त हर्बल तेल
त्वचा पर तेल का इस्तेमाल करने के दौरान अगर किसी भी तेल से एलर्जी या जलन होती है, तो उसका इस्तेमाल बंद कर दें। चेहरे पर तेल लगाने से पहले सावधानी बरतें, खासकर अगर आपकी त्वचा ऑयली या मुंहासों वाली है।
किन लोगों को भारी तेलों से बचना चाहिए?
मानसून में हर व्यक्ति के लिए हेवी ऑयल लगाना फायदेमंद नहीं हो सकता है। त्वचा पर बहुत ज्यादा तेल लगाने से चिपचिपाहट और असहजता बढ़ सकती है। अगर आप तेल लगाने की सोच रहे हैं तो इन बातों का ध्यान रखें जैसे-
त्वचा बहुत ज्यादा ऑयली है।
बार-बार मुंहासे या दाने निकलते हों।
त्वचा पर फंगल इंफेक्शन या रैशेज हों।
बहुत ज्यादा पसीना आता हो।
अगर आप बहुत अधिक नमी वाले वातावरण में रहते हों। ऐसी स्थिति में अगर आप अभ्यंग करना चाहते हैं, तो हल्के तेल की कम मात्रा इस्तेमाल करें और मालिश के बाद त्वचा को अच्छी तरह साफ और सूखा रखें।
मानसून में अभ्यंग करते समय रखें इन बातों का ध्यान
अभ्यंग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने से पहले यह समझना जरूरी है कि हर त्वचा एक जैसी नहीं होती। किसी व्यक्ति के लिए तेल मालिश आरामदायक हो सकती है, जबकि किसी दूसरे व्यक्ति में इससे चिपचिपाहट, मुंहासे या त्वचा संबंधी समस्या बढ़ सकती है।
इसलिए मानसून में तेल का चुनाव, उसकी मात्रा और इस्तेमाल की आवृत्ति त्वचा के प्रकार के अनुसार तय करें। अगर त्वचा पर लगातार खुजली, लालिमा, दाने, फंगल इंफेक्शन या जलन हो रही है, तो तेल लगाकर समस्या को दबाने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।


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