समावेशिता से ही विकास टिकाऊ बनता है, आम सहमति से लिए जाएं फैसले: उपराष्ट्रपति
नयी दिल्ली. उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन ने शनिवार को जोर देकर कहा कि समावेशिता ही विकास को टिकाऊ बना सकती है और उन्होंने आम सहमति के आधार पर फैसले लेने पर जोर दिया। उपराष्ट्रपति ने यहां पांचवें कौटिल्य आर्थिक सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था अल्पविकसित से विकासशील और अब विकसित होने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि हम खुद को विकसित अर्थव्यवस्था तभी कह सकते हैं जब यह सभी का समावेशी विकास हो और इसके लाभ हर कोने-कोने तक पहुंचें। राधाकृष्णन ने यह भी रेखांकित किया कि तेजी से हो रहे बदलावों के इस दौर में, जब भू-राजनीतिक तनाव बढ़ रहे हैं और वैश्विक व्यापार बदल रहा है, हमें आम सहमति से फैसले लेने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हम बहस कर सकते हैं, चर्चा कर सकते हैं और एक ऐसे अंतिम निष्कर्ष पर पहुंच सकते हैं जो सभी को स्वीकार्य हो। उन्होंने कहा कि राज्यसभा के सभापति के रूप में उनका दृढ़ विश्वास है कि केवल स्वतंत्र और पारदर्शी बहस ही लोकतंत्र को मजबूत करती है। नीति निर्माताओं को हमेशा जमीनी तथ्यों से अवगत रहने की सलाह देते हुए उन्होंने कहा, ''नीति निर्माण में इतना लचीला होना चाहिए कि वह नीति अपने आप में एक बड़ी सफलता बन जाए।''










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