मां ने प्रेमी संग मिलकर नहर में फेंके थे अपने दोनों बेटे!
राजपुरा (पटियाला)। पंजाब के राजपुरा रोड स्थित गांव खेड़ी गंडियां निवासी दो सगे भाइयों दस वर्षीय जशनदीप सिंह व आठ वर्षीय हसनदीप सिंह की मौत का राज करीब डेढ़ साल बाद खुल गया। पुलिस ने हत्या के आरोप में बच्चों की मां और उसके कथित प्रेमी को गिरफ्तार किया है।
गौरतलब है कि दोनों बच्चों के लापता होने और बाद में नहर से उनकी लाशें मिलने के बाद मामला डीजीपी से लेकर सांसद तक पहुंचा था, लेकिन डेढ़ साल से हत्यारें का कोई सुराग नहीं लग पाया था। इस लंबी जांच-पड़ताल के बाद पटियाला पुलिस ने आखिर दोनों मासूमों के कत्ल के आरोप में इनकी मां मंजीत कौर व उसके कथित प्रेमी बलजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। एसएसपी विक्रमजीत दुग्गल ने बताया कि आरोपी बलजीत सिंह बच्चों के पिता दीदार सिंह की सगी मौसी का बेटा है। आरोपी बलजीत के मंजीत कौर के साथ करीब डेढ़ साल से प्रेम संबंध थे, जिसका दीदार सिंह को पता चलने के बाद घर में झगड़ा होने लगा था। इस अवैध संबंधों में बच्चों को रोड़ा समझते हुए दोनों आरोपियों ने कत्ल का प्लान बनाया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों को पांच दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है।
एसएसपी ने बताया कि दीदार सिंह ड्राइवर था। उसे पत्नी व मौसेरे भाई आरोपी बलजीत सिंह बीच प्रेम संबंधों का पता चल गया था। इसके बाद परिवार में झगड़ा रहने लगा और दीदार सिंह भी काम से जल्दी घर लौटने लगा था। पुलिस अधिकारी के अनुसार इन आरोपियों ने अपने अवैध संबंधों में दूरियां बढ़ती देख बच्चों की हत्या की योजना बनाई। 22 जुलाई 2019 की रात साढ़े आठ बजे आरोपी मंजीत कौर ने दोनों बच्चों को कोल्ड ड्रिक लेने गांव में बनी दुकान की तरफ भेजा। बच्चों से कहा कि वहां चाचा बलजीत सिंह (आरोपी) इनका इंतजार कर रहा है, जिनके साथ दुकान पर चले जाएं। आरोपी बलजीत सिंह पहले से ही वहां खड़ा था, वह स्कूटर पर बच्चों को बिठाकर भाखड़ा नहर दिखाने के बहाने ले गया। बच्चे नहर देखने लगे तो आरोपी ने दोनों को जिंदा नहर में धक्का दे दिया और लौट आया। इधर, आरोपी मंजीत कौर ने बच्चों के किडनैप होने की झूठी अफवाह फैला दी। इसके बाद बच्चों की तलाश न होने पर राजपुरा रोड पर धरना भी लगाया गया था।
एसएसपी विक्रमजीत दुग्गल ने बताया कि डीएसपी घनौर जसविदर सिंह टिवाणा, इंस्पेक्टर कुलविदर सिंह थाना खेड़ी गंडिया इंचार्ज, डीएसपी हैडकवाटर्र गुरदेव सिंह धालीवाल की टीम ने इस केस को हल किया है, जिसमें मुलाजिमों की पूरी टीम साथ थी। आरोपी बलजीत सिंह ने बच्चों का कत्ल करने से पहले डर दूर करने के लिए अधिक शराब पी थी और कत्ल के बाद भी जाकर शराब पी। करीब डेढ़ महीने पहले अदालत की मंजूरी के बाद दोनों आरोपियों का लाई डिटेक्टर टेस्ट किया था, जिसमें पुलिस के सवाल-जवाब में कत्ल का सुराग मिल गया था। बच्चों के पिता का टेस्ट करने पर वह बेकसूर पाया गया।






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