प्रधानमंत्री ने देश में निर्मित उत्पादों की गुणवत्ता सुधारने पर जोर दिया
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश में निर्मित उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार लाने पर जोर दिया है ताकि उन्हें पूरे विश्व में और अधिक प्रतिस्पर्धी और स्वीकार्य बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार उद्योगों के साथ मिलकर आधुनिक प्रौद्योगिकी के जरिये ऐसे उत्पादों के निर्माण पर काम कर रही है जो उपयोगकर्ताओं के लिए अधिक अनुकूल, किफायती और टिकाऊ हों।
प्रधानमंत्री उत्पादन से जुडी प्रोत्साहन योजना पर उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग- डी पी आई आई टी तथा नीति आयोग के वेबिनार को सम्?बोधित कर रहे थे। इस योजना की शुरूआत उत्पादन को बल देने के लिए उद्योगों को प्रोत्साहन देकर विभिन्न क्षेत्रों में देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए की गई है। उत्पादन से जुडी प्रोत्साहन योजना के महत्व को उजागर करते हुए श्री मोदी ने कहा कि यह विभिन्न उद्योगों के लिए आवश्यक तंत्र बनायेगी, जिससे उनके उत्पादन और गुणवत्ता में सुधार होगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह योजना उद्योगों की निर्यात क्षमताओं को बढावा देने, रोजगार सृजन और आय में बढ़ोत्तरी करेगी। उन्होंने कहा कि पी एल आई योजना के लिए बजट में दो लाख करोड रूपये से अधिक का प्रावधान किया गया है और इससे अगले पांच वर्षों में 520 अरब डॉलर मूल्य के उत्पादों का निर्माण होने की आशा है। श्री मोदी ने कारोबार सुगमता में सुधार लाने, विनियमन बोझ कम करने, लॉजिस्टिक लागत घटाने तथा जिलों को निर्यात केन्द्र के रूप में तैयार करने पर जोर दिया।
वर्ष 2023 के अन्तर्राष्ट्रीय मोटा अनाज वर्ष के रूप में घोषित होने पर प्रधानमंत्री ने कहा कि इससे किसानों को विशिष्ट अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि मोटे अनाज में पोषक तत्वों के कारण उनका सेवन करने से बीमारियों में कमी आयेगी। उन्होंने कृषि और खादय प्रसंस्करण क्षेत्रों से मोटे अनाज की पैदावार और प्रसंस्करण को बढाकर इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाने को कहा।
कोविड से बचाव के टीके की आपूर्ति को लेकर श्री मोदी ने कहा कि भारत जिस तरह से मानवता की सेवा कर रहा है उसकी पूरे विश्व में सराहना की जा रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की विश्वसनीयता और पहचान नई उंचाईयां छू रही है तथा पूरे विश्व में भारतीय उत्पादों पर भरोसा कई गुना बढ़ गया है। उन्होंने उद्योगों से विश्व की बदलती अपेक्षाओं के अनुसार उत्पाद तैयार करने की अपील की। प्रधानमंत्री ने कहा कि उदयोगों को नवाचार, अनुसंधान और कौशल विकास पर विशेष ध्यान देना चाहिए ताकि देश में ऐसे उत्पाद तैयार हो सकें जिनकी पूरे विश्व में स्वीकार्यता हो।






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