स्वास्थ्य योजनाओं के कारण साल में 50 हजार करोड़ रुपये बचाने में कामयाब रहे गरीब और जरूरतमंद: मोदी
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि उनकी सरकार ने किफायती दवाएं उपलब्ध कराने और चिकित्सा उपकरणों की कीमत कम करने जैसे कदम उठाए जिसके कारण गरीब और जरूरतमंद लोग सालाना 50 हजार करोड़ रुपये तक बचत करने में कामयाब रहे हैं।
मोदी ने शिलांग में पूर्वोत्तर इंदिरा गांधी क्षेत्रीय स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विज्ञान संस्थान में 7,500वां जन औषधि केंद्र वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये राष्ट्र को समर्पित करते हुए कहा कि जन औषधि योजना के तहत देश भर में किफायती दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। जन औषधि योजना के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए देश में एक मार्च से सात मार्च तक जन औषधि सप्ताह मनाया जा रहा है। उन्होंने इस अवसर पर डिजिटल माध्यम से कहा कि इससे पूर्वोत्तर के जनजातीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सहायता मिल रही है।
प्रधानमंत्री ने शिमला, भोपाल, अहमदाबाद, मंगलुरु और दीव के मारुति नगर के उन लोगों से बात की जो इस योजना से जुड़े हैं। उन्होंने कहा, "जन औषधि केंद्र चलाने वाले लोगों और इसके कुछ लाभार्थियों के साथ मैंने बातचीत की जिससे स्पष्ट हुआ कि यह योजना गरीबों और मध्य वर्ग के परिवारों के लिए बड़ी मददगार साबित हो रही है। यह योजना सेवा और रोजगार दोनों का माध्यम बन रही है।" उन्होंने कहा कि योजना के माध्यम से गरीब और मध्यवर्गीय परिवार के लोग दवाओं पर होने वाले प्रतिवर्ष 3,600 करोड़ रुपये की बचत कर पा रहे हैं। मोदी ने कहा कि इससे महिलाओं में आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहन मिल रहा है और एक हजार केंद्र महिलाओं द्वारा संचालित किए जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने राज्य सरकारों और अधिकारियों से आग्रह किया कि देश की स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर देश में 75 ऐसे जिलों में 75 से अधिक जन औषधि केंद्र स्थापित करने की दिशा में काम किया जाए।






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