मद्यपान की उम्र 25 साल से से घटाकर 21 साल
नई दिल्ली। दिल्ली में मद्यपान की उम्र 25 साल से घटाकर 21 साल करना और शराब की दुकानें चलाने से सरकार का अपना कदम पीछे हटाना आदि सोमवार को आप सरकार द्वारा मंजूर की गयी आबकारी नीति की मुख्य बातें हैं । उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि इन कदमों से वार्षिक राजस्व में 20 फीसद की वृद्धि होने की उम्मीद है। सरकार ने दिल्ली में अपनी सभी दुकानें बंद करने का फैसला किया है क्योंकि उनसे शराब की निजी दुकानों की तुलना में कम कमाई हो रही थी। फिलहाल राष्ट्रीय राजधानी में करीब 850 प्रतिष्ठानों में 40 फीसद निजी हाथों में हैं।
सरकार के अनुसार सरकारी दुकानें ''ब्रांड पर जोर देने'' में लगी हैं और राजस्व लीकेज के भी मामले सामने आये हैं। सिसोदिया ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि जिन निजी दुकानों को अनुमति दी जाएगी, उनके पास कम से कम 500 वर्ग फुट क्षेत्रफल होना चाहिए।
सरकार ने घोषणा की कि दिल्ली में शराब की कोई नयी दुकानें नहीं खोली जाएंगी और वर्तमान खुदरा शराब कारोबार में सरकारी दुकानों के 60 फीसद हिस्सेदारी की जगह निजी प्रतिष्ठान लेंगे। सिसोदिया ने कहा कि शराब बेचना सरकार का काम नहीं है और आशा है कि नयी नीति के लागू होने से आबकारी राजस्व 1500-2000 करोड़ सलाना दर से बढ़ेगी। मद्यपान की उम्र घटाने से सरकार को युवाओं को नोएडा एवं पड़ोस के शहरों में जाने से हतोत्साहित करने में मदद मिलेगी। इस कदम से आबकारी राजस्व भी बढ़ेगा क्योंकि दिल्ली में प्रतिष्ठानों को इस उम्र वर्ग के लोगों को शराब परोसने के लए भारी जुर्माना का सामना नहीं करना पड़ेगा। वहीं
सरकार ने कहा कि उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, असम, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और तमिलनाडु जैसे राज्यों में मद्यपान की उम्र 21 साल है जबकि गोवा एवं आंध्रप्रदेश में यह 18 साल है।
नेशनल रेस्तरां एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एनआरएआई) ने इस फैसला का स्वागत किया और कहा कि इसे धंधे और खजाने दोनों को फायदा होगा।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को ट्वीट किया, ''आज घोषित आबकारी सुधार दिल्ली में शराब माफिया के लिए झटका का काम करेगा। माफिया इन सुधारों की राह में बाधा खड़ी करने का हर प्रयास करेंगे। आप सरकार ने शिक्षा, पानी, स्वास्थ्य आदि के क्षेत्रों में माफिया राज खत्म किया। हम इस क्षेत्र में सुधार के लिए कटिबद्ध हैं। (फाइल फोटो)






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