रात को अकेली रह रही महिला को कुर्सी से बांधा; बेहोश होने का नाटक कर जान बचाई
जयपुर। जयपुर के बजाज नगर इलाके में लूट की बड़ी वारदात हुई। यहां आरोपी घरेलू नौकर ने घर में रह रही बुजुर्ग महिला को बंधक बनाकर लूटपाट की। आरोपी ने अपने दो साथियों के साथ वारदात को अंजाम दिया। वह घर से नकदी-जेवरात लूटकर फरार हो गए। वारदात का पता तब चला जब बुजुर्ग महिला ने जैसे-तैसे बंधी हुई कुर्सी से खुद को छुड़ाया और सामने रहने वाले पड़ोसी को सूचना दी।
पुलिस ने बताया कि वारदात विवेक विहार कॉलोनी में हुई है। बुजुर्ग महिला कुसुमलता (65) यहां अकेली रहती है। उसके दो बेटे हैं। एक बेटा आशीष दुबई में जबकि दूसरा अभय अमेरिका में नौकरी करता है। महिला के यहां आरोपी भावेश नाम का युवक 2 दिन पहले ही घरेलू नौकर बनकर काम करने आया था।उसी ने बीती रात करीब 10 बजे अपने दो अन्य आरोपी साथियों के साथ महिला को उसके बेडरूम में बंधक बनाया। महिला के पास से अलमारी व तिजोरी की चाबियां लेकर उसमें रखे सोने-चांदी के जेवरात और नकदी लूटकर फरार हो गए। महिला ने करीब एक घंटे बाद खुद को बमुश्किल रस्सी से छुड़ाया।
पुलिस के अनुसार कुसुमलता ने बताया कि वह रात करीब 10 बजे अपने बेडरूम में कुर्सी पर बैठी थी। तभी पीछे से आरोपी नौकर आया और उसने आंखों पर कपड़े की पट्टी बांध दी। इस दौरान एक अन्य आरोपी युवक ने उसके दोनों हाथ पकड़ लिए और उसे धमकाया कि ज्यादा आवाज निकाली तो हाथ में चाकू है। गर्दन काट देंगे। घबराई महिला शांत रही। इसी दौरान आरोपियों ने उसके हाथ-पैर कुर्सी से बांध दिए और मुंह पर भी कपड़ा बांध दिया। जब महिला ने विरोध जताया तो लुटेरों ने महिला को कुछ सूंघाया, लेकिन महिला उसे सूंघे बिना ही बेहोशी का नाटक करके अचेत हो गई। इस दौरान लुटेरों को लगा कि महिला सचमुच में बेहोश हो गई। इसके बाद महिला के पास रखा चाबी का गुच्छा आरोपी नौकर ने उठाया और करीब आधा-पौन घंटे तक पूरे घर को खंगाला। अलमारी और उसकी तिजोरी में रखे सोने-चांदी के जेवरात और नकदी चुराकर फरार हो गए। लुटेरों के जाने के करीब आधा घंटे बाद महिला ने खुद के बंधे हाथ किसी तरह खोले और बाहर आकर पड़ोसी को वारदात बताई। महिला इतनी घबरा गई थी कि वह ठीक से बोल भी नहीं पा रही थी। इसके बाद पड़ोसी ने पुलिस को सूचना दी।
मामले की जांच कर रही बजाज नगर थाना पुलिस ने बताया कि आरोपी नौकर भावेश 2 दिन पहले ही यहां नौकरी पर लगा था। इससे पहले हनुमान नाम का युवक यहां पिछले डेढ़-दो साल से काम करता था। हनुमान ने तीन-चार दिन पहले गांव जाने की बात कही थी। तब कुसुमलता ने उससे न जाने के लिए कहा ताकि घर सूना न रहे। इस पर हनुमान ने ही आरोपी भावेश को लगवाने की बात कही। हनुमान बिहार का रहने वाला है और दिल्ली की एक कंपनी के माध्यम से यहां लगा था। उसी कंपनी के माध्यम से आरोपी भावेश को यहां लगाया गया था। अब पुलिस कंपनी के जरिए उस लुटेरे की तलाश में जुटी है।






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