नौकर के प्यार में आंगन में सो रहे पति की हत्या की! फिर कमरे में जाकर सो गई
मालकिन से अवैध संबंध बने, पति आड़े आया तो रचा हत्या का षड्यंत्र
बारां। राजस्थान के बारां के आखाखेड़ी गांव में कथित अवैध संबंधों के चलते पत्नी ने प्रेमी और उसके सहयोगी के साथ मिलकर पति की तलवार और कुल्हाड़ी मारकर नृशंस हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी पत्नी अपने कमरे में जाकर आराम से सो गई। शुक्रवार को हुई इस घटना का पुलिस ने तीन घंटे में ही खुलासा कर दिया।
पुलिस ने बताया कि मामले में मृतक की आरोपी पत्नी, उसके आरोपी प्रेमी और एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों से हत्या में इस्तेमाल हथियार और रस्सी बरामदगी का प्रयास भी पुलिस कर रही है। मृतक एमपी के गुना जिले के फतेहगढ़ के सरकारी स्कूल में शिक्षक था, जो छुट्टी होने के चलते गांव आया था।
एसपी विनीत कुमार बंसल ने बताया कि शुक्रवार को सूचना मिली कि आखाखेड़ी गांव के मीणा मोहल्ला निवासी प्रेमनारायण मीणा (45) की अज्ञात बदमाशों ने हत्या कर दी। मौके पर पहुंचे तो प्रेमनारायण का लहूलुहान शव पड़ा था। एफएसएल टीम और डॉग स्क्वायड को बुलाकर जांच करवाई गई। मृतक की बेटी ने अपनी आरोपी मां के चरित्र को लेकर पिता को चिट्ठी लिखी थी, वह चिट्ठी पुलिस के हाथ लगी। जब कड़ी से कड़ी मिलाई तो खुलासा होता गया। पुलिस ने मृतक की पत्नी आरोपी रुक्मणीबाई (40), उसके नौकर आरोपी जितेंद्र बैरवा (32) व उसके साथी आरोपी हंसराज भील (31) को गिरफ्तार कर लिया है। इन लोगों ने गुनाह कबूल लिया है।
पुलिस के अनुसार गुरुवार देर रात आरोपी जितेंद्र बैरवा व आरोपी हंसराज भील हथियार लेकर प्रेमनारायण के मकान के पीछे आए। यहां प्रेमनारायण की पत्नी आरोपी रुक्मणीबाई ने मकान की पहली मंजिल पर बने कमरे की पीछे वाली खिड़की से रस्सा नीचे लटकाकर आरोपी जितेंद्र बैरवा व आरोपी हंसराज को मकान में दाखिल करवाया। इसके बाद देर रात में तीनों ने मकान के बरामदे में सो रहे प्रेमनारायण के चेहरे व गर्दन पर तलवार व कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ वार कर उसकी नृशंस हत्या कर दी। हत्या के बाद दोनों उसी रस्सी के सहारे मौके से फरार हो गए। किसी को शक न हो, इसके लिए मृतक की पत्नी आरोपी रुक्मणीबाई घर पर ही मौजूद रही। वह अपने कमरे में जाकर सो गई।
एसपी ने बताया कि प्रेमनारायण मकान के आंगन में सोया हुआ था। रात तो उसकी आरोपी पत्नी ने बेटे व बेटी को उनके कमरों में भेज दिया और बाहर से कुंडी लगा दी। रात को बेटा उठा भी, लेकिन बाहर से कुंडी लगी होने से वापस सो गया। उधर, रात करीब 1 बजे के आसपास वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी रुक्मणीबाई खुद के कमरे का दरवाजा खोलकर सो गई। इस दौरान मकान के मुख्यद्वार की कुंडी अंदर से नहीं लगाई। सुबह उसका भतीजा रोज की तरह दूध लेने आया तो सामने प्रेमनारायण का लहूलुहान शव देखकर चीखने लगा। इस पर आरोपी रुक्मणी भी वहां पहुंची और रोने लगी।
एसपी ने बताया कि प्रेमनारायण शिक्षक था। अवकाश पर आखाखेड़ी आता था। प्रेमनारायण व उसकी आरोपी पत्नी के बीच संबंध ठीक नहीं थे। प्रेमनारायण ने घरेलू कामकाज के लिए छीपाबड़ौद के परौलिया निवासी आरोपी जितेंद्र बैरवा को 65 हजार रुपए सालाना में नौकर रखा था, जो पिछले दो साल से प्रेमनारायण के घर पर काम कर रहा था। प्रेमनारायण की गैर मौजूदगी में उसकी आरोपी पत्नी व आरोपी जितेंद्र बैरवा में अवैध संबंध बन गए। एसपी ने बताया कि मृतक की आरोपी पत्नी व आरोपी जितेंद्र बैरवा के अवैध संबंधो के बीच प्रेमनारायण रोड़ा बन रहा था। इसलिए दोनों ने मिलकर उसकी हत्या की साजिश रची। इसमें मृतक की आरोपी पत्नी व आरोपी जितेंद्र बैरवा ने आरोपी हंसराज भील निवासी रतनपुरा को हत्या में सहयोग के लिए बीस हजार रुपए में राजी कर घटना को अंजाम देने का षड्यंत्र रचा।
डीएसपी ओमेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि मृतक के दो बेटियां व एक बेटा है। मृतक की बड़ी बेटी की शादी करीब एक साल पहले हुई थी। इससे पहले बड़ी बेटी ने पिता के नाम पर एक चि_ी लिखी थी। इसमें उसने लिखा कि वह मम्मी को बदनाम नहीं करना चाहती है। इस नौकर को उसे अपने यहां पर नहीं रखना चाहिए। यह चि_ी उसके दूसरे बच्चों के हाथ लग गई, तो उन्होंने छिपा ली। यह चि_ी शुक्रवार को पुलिस को मृतक के बच्चों ने सौंपी। इस पर पुलिस ने चि_ी के आधार पर तथा वारदात से जुड़े अन्य पहलुओं पर तफ्तीश करते हुए जांच आगे बढ़ाई। पुलिस ने जांच के दौरान गहनता से तथ्यों को खंगाला तो धीरे-धीरे घटना से जुड़े राज सामने आते गए और बाद में पूरा मामला खुल गया।






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