सरकार ने राज्यों से कहा कि वे आरटी-पीसीआर जांच बढ़ायें और संक्रमितों को तुरंत आइसोलेट करें
-संक्रमितों की सर्वाधिक साप्ताहिक औसत दर महाराष्ट्र के बाद पंजाब और छत्तीसगढ़ में
नई दिल्ली। सरकार ने कोविड के बढ़ते मामलों वाले राज्यों से कहा है कि वे आरटी-पीसीआर जांच बढ़ायें और संक्रमितों को तुरंत आइसोलेट करें तथा उनके सम्पर्क में आने वालों का पता लगायें।
स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने नई दिल्ली में संवाददाताओं को बताया कि देश के दस जिले ऐसे हैं जहां सक्रिय मामलों की संख्या सबसे अधिक है। ये जिले हैं-पुणे, मुम्बई, नागपुर, ठाणे, नासिक, औरंगाबाद, बेंगलुरू अर्बन, नांदेड, दिल्ली और अहमदनगर।
संक्रमित होने वालों की साप्ताहिक राष्ट्रीय औसत दर 5. 65 प्रतिशत है। महाराष्ट्र में यह दर सबसे अधिक 23 प्रतिशत है। इसके बाद पंजाब और छत्तीसगढ़ का स्थान है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने उन राज्यों के प्रतिनिधियों से बातचीत की है जहां कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं।
मंत्रालय ने उनसे कहा है कि वे आरटी -पीसीआर जांच पर जोर दें। अधिक आबादी वाले क्षेत्रों में रेपिड एंटीजन टेस्ट करने को भी कहा गया है। वहीं केन्द्र सरकार ने राज्यों से कहा है कि वे कोविड को फैलने से रोकने के लिए जिला कार्रवाई योजना बनाएं। राज्यों से कहा गया है कि वे इस योजना के तहत आपात कार्रवाई केन्द्रों की स्थापना करें।
इन केन्द्रों की टीम चौबीसों घंटे संक्रमण के फैलाव, वृद्धि और संकेतकों की निगरानी करेगी। राज्यों को मामलों के मानचित्रण, क्षेत्रवार समीक्षा और कंटेनमेंट जोन बनाने को भी कहा गया है। कोविड के बढ़ते मामलों के मद्देनजर राज्यों के मुख्य सचिवों को लिखे पत्र में केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा है कि प्रशासन को कोविड प्रोटोकाल का कड़ाई से पालन कराना चाहिए। इसमें निर्वाचित प्रतिनिधियों और प्रभावशाली स्थानीय हस्तियों की सहायता ली जानी चाहिए। संक्रमण के अधिक मामलों वाले सभी जिलों को शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने को भी कहा गया है।






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