सेंट्रल विस्टा परियोजना के दायरे में जामुन के पेड़ नहीं उखाड़े गए: पुरी
नयी दिल्ली। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शनिवार को कहा कि सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना के दायरे में आने वाले जामुन के पेड़ों को उखाड़ा नहीं गया है। साथ ही जोर दिया कि विरासत को दर्शाने वाली लैंप पोस्ट जैसी चीजों को दोबारा लगाया जाएगा। केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री सिंह ने कहा कि परियोजना के तहत केवल कुछ ही पेड़ों का प्रत्योरोपण किया जाएगा और दावा किया कि कुल हरियाली क्षेत्र में भी इजाफा होगा। एक दिन पहले ही रपटों में दावा किया गया था कि सेंट्रल विस्टा परियोजना के चलते जामुन के कई पेड़ उखाड़े जा सकते हैं। पुरी ने ट्वीट किया, '' सेंट्रल विस्टा परियोजना को लेकर जारी कार्य के बारे में बेबुनियाद खबरों और फर्जी तस्वीरों पर भरोसा नहीं करें। जामुन का कोई पेड़ नहीं हटाया गया है। पूरी परियोजना के तहत केवल कुछ ही पेड़ों का प्रत्यारोपण किया जाएगा। कुल हरियाली क्षेत्र में भी इजाफा होगा।'' उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में गणतंत्र दिवस परेड की अगवानी के लिए इस परियोजना को समय पर पूरा कर लिया जाएगा। सेंट्रल विस्टा परियोजना में राजपथ और इंडिया गेट से राष्ट्रपति भवन तक निर्माण गतिविधि प्रस्तावित है। इस परियोजना के तहत एक नए संसद भवन, एक नए आवासीय परिसर के निर्माण की परिकल्पना की गई है जिसमें प्रधानमंत्री और उप-राष्ट्रपति के आवास के साथ-साथ कई नए कार्यालय भवन और मंत्रालय के कार्यालयों के लिए केंद्रीय सचिवालय का निर्माण किया जाना है।


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