प्लाज्मा थेरेपी के लिए 11,000 रुपये से ज्यादा नहीं वसूल सकेंगे निजी अस्पताल
इंदौर। कोविड-19 की दूसरी लहर के घातक प्रकोप के बीच पश्चिमी मध्य प्रदेश के इंदौर संभाग में प्रशासन ने निजी अस्पतालों में प्लाज्मा थेरेपी की अधिकतम दर 11,000 रुपये के स्तर पर तय कर दी है। इंदौर संभाग के आयुक्त (राजस्व) पवन शर्मा ने निजी अस्पताल संचालकों के साथ बैठक के बाद सोमवार को संवाददाताओं को बताया, "हमें पता चला है कि निजी अस्पतालों में प्लाज्मा थेरेपी के लिए मरीजों से 15,000 रुपये से 25,000 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। यह राशि अधिक है। इसलिए हमने तय किया है कि इन अस्पतालों में प्लाज्मा थेरेपी के बदले 11,000 रुपये से ज्यादा नहीं वसूले जा सकेंगे।" संभागायुक्त ने बताया कि प्लाज्मा थेरेपी की निर्धारित दर इंदौर संभाग के सभी आठ जिलों में लागू होगी। इस संभाग में इंदौर के साथ ही धार, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, खंडवा और बुरहानपुर जिले आते हैं। शर्मा ने बताया कि सरकारी अस्पतालों में भर्ती मरीजों को बिना किसी शुल्क के प्लाज्मा थेरेपी दी जा रही है। संभागायुक्त ने यह भी बताया कि प्रशासन ने सरकारी ब्लड बैंक से दिए जाने वाले प्लाज्मा की एक इकाई की दर 9,500 रुपये से घटाकर 7,500 रुपये कर दी है । जानकारों ने बताया कि कोविड-19 से उबर चुके लोगों के खून में "एंटीबॉडीज" बन जाती हैं जो भविष्य में इस बीमारी से लड़ने में उनकी मदद करती हैं। उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस संक्रमण से मुक्त हुए व्यक्ति के खून से प्लाज्मा अलग किया जाता है। फिर इस स्वस्थ व्यक्ति के प्लाज्मा को महामारी से जूझ रहे मरीज के शरीर में डाला जाता है ताकि उसे संक्रमणमुक्त होने में मदद मिल सके।
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