केंद्र ने बुजुर्गों के लिए लॉन्च किया सीनियर केयर एजिंग ग्रोथ इंजन पोर्टल (सेज)
नई दिल्ली। वृद्धजनों के कल्याण के लिए केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत ने, सीनियर केयर एजिंग ग्रोथ इंजन कार्यक्रम और सेज पोर्टल, लॉन्च किया है। सेज पोर्टल, बुजुर्गों की देखभाल के लिए सेवाएं प्रदान करने के क्षेत्र में, उद्यमिता में रुचि रखने वाले व्यक्तियों को सहयोग देने के लिए शुरू किया है। यह बुजुर्गों की देखभाल में इस्तेमाल होने वाले उत्पादों और सेवाओं को प्रदान करने वाला वन-स्टॉप एक्सेस होगा। स्टार्ट-अप का चयन नवीन उत्पादों और सेवाओं के आधार पर किया जाएगा। स्टार्टप्स को स्वास्थ्य, आवास, आर्थिक,पूंजी प्रबंधन,खाद्य, वैधानिक परामर्श और उससे जुड़ी तकनीकी सेवाएं देने में सक्षम होना होगा।
सेज परियोजना के लिए 25 करोड़ रुपए का आवंटन
चालू वित्त वर्ष यानी 2021-22 में सेज परियोजना के लिए 25 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। सेज कार्यक्रम बुजुर्गों के लिए स्टार्ट-अप पर अधिकार प्राप्त विशेषज्ञ समिति (ईईसी) रिपोर्ट की सिफारिशों पर बनाई गई है। इसी समिति के परामर्श के अनुसार, सेज के तहत बुजुर्गों की देखभाल के लिए स्टार्टअप को, 1 करोड़ रुपये तक दिए जाएंगे। केंद्रीय मंत्री ने बुजुर्गों से आगे आने और स्टार्टअप द्वारा दी जा रही सेवाओं का लाभ उठाने का आग्रह भी किया है। इससे वे समाज में सक्रिय रहकर गरिमापूर्ण जीवन जी सकेंगे।
बुजुर्गों के दैनिक समस्याओं के समाधान के लिए स्टार्टअप आमंत्रित किए जा रहे हैं। पोर्टल के माध्यम से सेज का हिस्सा बनने के लिए स्टार्टअप कंपनियां 5 जून से आवेदन कर सकती हैं। उन्हीं स्टार्टप्स को चुना जाएगा जो बुजुर्गों को सभी तरह की सुविधाएं दे सकेंगे। जो उनके आवास,खाद्यान्न, कानूनी कामकाज और स्वास्थ्य बिंदुओं पर भी सेवाएं देने में सक्षम होंगे। विभिन्न मानकों पर खरे उतरने वाले इन स्टार्टप्स का चयन, चयन समिति ही करेगी।
भारत में बुजुर्गों की आबादी में वृध्दि हो रही है। आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2026 तक, देश की कुल आबादी में बुजुर्गों की हिस्सेदारी लगभग 12.5 प्रतिशत बढ़ जाएगी। भारत में विशेष रूप से कोविड के बाद के दौर में, बुजुर्गों की देखभाल के लिए सुदृढ़ तंत्र बनाने की आवश्यकता है। यही कारण है कि सेज कार्यक्रम शुरू किया गया। सेज कार्यक्रम का उद्देश्य सीधे हितधारकों के लिए उत्पादों, समाधानों और सेवाओं की पहचान करना, मूल्यांकन करना, सत्यापित करना, एकत्र करना और वितरित करना है। यह उम्मीद की जा रही है कि, सेज का हिस्सा बनने के लिए अनुसंधान, डेटा-संचालन कंपनियां और सोशल इंटरप्राइजेज इन्क्यूबेटर भी आगे आएंगे। मंत्रालय इन चयनित स्टार्ट-अप के माध्यम से, बुजुर्गों को उत्पादों तक पहुंचाने में सक्षम बनाने के लिए, एक सुविधा के रूप में कार्य करेगा।



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