केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने दिव्यांग बच्चों के लिए ई-सामग्री विकसित करने के दिशा-निर्देश जारी किए
नयी दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने दिव्यांग बच्चों के उद्देश्य से ई-सामग्री विकसित करने के लिए मंगलवार को दिशा-निर्देश जारी कर दिए, जिनका मकसद समावेशी शिक्षा के लक्ष्य को पूर्ण करना है। मंत्रालय द्वारा गठित समिति ने दिशा-निर्देश तैयार किए हैं जिसने अपनी रिपोर्ट 11 खंडों और दो परिशिष्ट में जमा की थी। मंगलवार को मंत्रालय ने रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया। दिशा-निर्देशों के मुताबिक, दिव्यांग बच्चों के लिए चार सिद्धांतों पर सामग्री विकसित की जाएगी जिनमें समझने योग्य, लागू किए जाने योग्य, समझ में आने योग्य और सुदृढ़ता शामिल है। समिति ने यह भी सिफारिश की है कि चरणबद्ध तरीके से पाठ्य पुस्तकों को सुगम्य डिजिटल पाठ्य पुस्तकों (एडीटी) में परिवर्तित किया जाए। उसमें कहा गया है, “ इन एडीटी की सामग्री कई प्रकार के प्रारूप जैसे पाठ, श्रव्य, दृश्य, वीडियो और सांकेतिक भाषा आदि में दी जाए जिसमें खोलने और बंद करने जैसी सुविधाएं भी हों । इसके अलावा एडीटी को दिव्यांग बच्चों को सामग्री/अभ्यास का कई तरीकों से जवाब देने के लिए लचीलापन प्रदान करना चाहिए।” सिफारिशों में शामिल है कि जिस वितरण प्लेटफार्म पर इसे अपलोड किया जाएगा तथा पठन पाठन प्लेटफार्म उपकरण, जिसपर सामग्री तक पहुंच बनेगी और संवाद होगा, उसे तकनीकी मानकों के अनुरूप बनाना होगा । दिव्यांग बच्चों की विशिष्ट ज़रूरतों को पूरा करने के लिए उचित शैक्षणिक आवास बनाने की भी सिफारिश की गई है। उसमें कहा गया है, ‘‘ सभी रिकॉर्डिंग को पाठ में परिवर्तित किया जाना चाहिए।


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