विश्वविद्यालय एक गांव गोद लें तो तस्वीर बदल सकती है - आनंदीबेन पटेल
कानपुर (उप्र)। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बुधवार को कहा कि अगर प्रदेश में मौजूद प्रत्येक विश्वविद्यालय, कॉलेज तथा प्राइवेट कॉलेज एक गांव को गोद लें, तो गांवों की तस्वीर बदल सकती है। उत्तर प्रदेश में 58 हजार ग्राम पंचायतें हैं, जबकि विश्वविद्यालयों, कॉलेजों तथा प्राइवेट कॉलेजों की संख्या 60 हजार है। राज्यपाल ने कहा कि ये शिक्षण संस्थाएं यदि एक-एक गांव को गोद लेकर पांच साल तक केन्द्र व प्रदेश सरकार की योजनाओं को सही रूप में अमल में लायें, तो पांच साल में उत्तर प्रदेश की सूरत बदल सकती है। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी केन्द्र आबादी के अनुसार बनाये जाते हैं। आशा कार्यकर्ता तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताएं यदि मिलकर कुपोषित/टी0बी0 से ग्रस्त बच्चों, गर्भवती महिलाओं की बेहतर देखभाल व उन्हें स्वास्थ सेवाएं उपलब्ध कराएं तो ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करने वाली जनता बड़े पैमाने पर लाभान्वित होगी। लखनऊ में जारी एक सरकारी बयान के अनुसार उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में जनपद कानपुर नगर के 75 आंगनवाड़ी केन्द्रों को सुविधा सम्पन्न बनाने के लिए आवश्यक वस्तुओं का वितरण किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्यपाल की अभिनव पहल से शिक्षा केन्द्रों को समाज से जोड़ने का सार्थक प्रयास किया गया है। इस कार्य में सभी सहयोगी संस्थाओं का प्रयास सराहनीय रहा है। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी केन्द्रों को गोद लेना और उन्हें बिना किसी शासकीय सहयोग के सुविधा सम्पन्न बनाना एक अभिनन्दनीय पहल है। आंगनवाड़ी केन्द्रों में 3-5 वर्ष के बच्चे आते हैं। यह वह समय है, जहां पर हम उन्हें जैसी दिशा देना चाहेंगे, उनका आगे का जीवन हमें उसी रूप में बढ़ता हुआ दिखायी देगा।


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