व्यापक शोध व परामर्श के बाद विभिन्न विषयों की नयी पाठ्यपुस्तकें तैयार की जाएंगी : केंद्र
नयी दिल्ली। सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति की घोषणा के बाद राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की नयी रूपरेखा (एनसीएफ) तैयार की जा रही है और व्यापक शोध व परामर्श के बाद इतिहास सहित सभी विषयों में नयी पाठ्यपुस्तकों का विकास किया जाएगा। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एक सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा को यह जानकारी दी।
उनसे सवाल किया गया था, ‘‘क्या सरकार को जानकारी है कि हमारी इतिहास की पाठ्यपुस्तकें हमारे राजाओं और साम्राज्यों को बहुत कम या कोई स्थान नहीं देती हैं और ब्रिटिश शासकों का झूठा महिमामंडन करती हैं।'' इसके जवाब में प्रधान ने कहा कि राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने सूचित किया है कि इतिहास की पाठ्यपुस्तकों सहित उनकी पाठ्यपुस्तकों का वर्तमान सेट राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (एनसीएफ), 2005 के आधार पर तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की घोषणा के परिणामस्वरूप एक नया एनसीएफ तैयार किया जा रहा है, जिसके बाद व्यापक शोध और परामर्श के पश्चात इतिहास सहित सभी विषयों में नयी पाठ्यपुस्तकों का विकास किया जाएगा।


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