महाभारत की कहानी को 13 साल की बच्ची ने एक हजार छंदों में पिरोया
नयी दिल्ली। स्कूल जाने वाली सिया गुप्ता की उम्र मात्र तेरह साल है और उसने सदियों पुरानी महाभारत की गाथा को एक हजार छंदों में पिरोते हुए पद्य में बदल दिया है। “द महाभारत इन राइम” सिया की पहली किताब नहीं है, उसने आठ साल की उम्र में अपनी पहली पुस्तक “द मैजिकल वर्ल्ड ऑफ पोएम्स” लिखी थी। सिया ने अलादीन, सिंड्रेला, ‘स्नो वाइट एंड सेवन ड्वार्फ्स' और ‘ब्यूटी एंड द बीस्ट' की लोकप्रिय कहानियों पर आधारित “टेल्स इन द राइम” भी लिखी है। हाल में आई अपनी किताब में सिया ने धर्म, कर्तव्य और बलिदान के आदर्शों पर ध्यान केंद्रित करते हुए दिखाया है कि 21वीं शताब्दी में महाभारत की क्या प्रासंगिकता है। सिया ने अपनी कलम के माध्यम से सहज तरीके से दिखाया है कि हस्तिनापुर के सिंहासन के लिए पांडव और कौरवों के बीच युद्ध कैसे शुरू हुआ और कहानी में किस किरदार को कौन सी नैतिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा। चित्रों से सजी यह किताब, ओम बुक्स इंटरनेशनल के इंप्रिंट ओम किड्ज ने प्रकाशित की है और इसे पहली बार जयपुर साहित्य महोत्सव 2021 में पेश किया गया। महोत्सव की सह निदेशक नमिता गोखले के अनुसार, महाभारत की कहानी कविता के माध्यम से सुनाने का यह प्रयास नई पीढ़ी के लिए इस महान काव्य को जीवंत करने जैसा है।


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