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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने देशवासियों से हर काम देश के नाम का मंत्र अपनाने और राष्ट्र के विकास के लिए पूर्ण समर्पण और सेवा भाव से काम करने का आह्वान किया

 - राष्ट्रपति  ने 75वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व-संध्या पर राष्ट्र को संबोधित किया
-राष्ट्रपति ने कोविड महामारी के दौरान सेवाओं के लिए कोरोना यौद्धाओं, डॉक्टरों, नर्सों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की सराहना की
नई दिल्ली। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने देशवासियों से हर काम देश के नाम का मंत्र अपनाने और राष्ट्र के विकास के लिए पूर्ण समर्पण और सेवा भाव से काम करने का आह्वान किया है। राष्ट्रपति ने करगिल विजय दिवस के अवसर पर बारामूला में युद्ध स्मारक की अपनी हाल ही की यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि इस युद्ध स्मारक पर मेरा हर काम देश के नाम लिखा हुआ है। इसका तात्पर्य है कि मेरा हर कार्य देश के लिए होना चाहिए। 75वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति ने सभी देशवासियों से भारत को राष्ट्रीय हित और समाज के कल्याण को सामने रखते हुए प्रगति के पथ पर आगे बढऩे को कहा।
 स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए श्री कोविंद ने कहा कि यह दिन बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि इस दिन भारत की स्वतंत्रता के 75वें साल की शुरूआत है जिसमें आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है।
 राष्ट्रपति ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में नया सूर्य उग रहा है और केन्द्र सरकार ने लोकतंत्र और विधि के शासन में भरोसा रखने वाले सभी संबद्ध पक्षों को साथ विचार विमर्श शुरू कर दिया है। उन्होंने लोगों से विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर के युवाओं से इस अवसर का लाभ उठाने और लोकतांत्रिक संस्थानों के जरिये आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए काम करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चौतरफा प्रगति के सात भारत का स्तर ऊंचा हो रहा है और यह प्रमुख बहुस्तरीय मंचों पर उसकी भागीदारी से दिख रहा है। इसके साथ ही कई देशों के साथ भारत के द्विपक्षीय संबंध मजबूत हो रहे हैं।
 ओलंपिक खेलों में भारत के प्रदर्शन की सराहना करते हुए श्री कोविंद ने कहा कि भारत के खिलाडिय़ों ने अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से राष्ट्र को गौरव दिलाया है। ओलंपिक में 121 साल के इतिहास में भारत ने टोक्यो में सर्वाधिक पदक हासिल किए हैं। उन्होंने कहा कि देश की बेटियों ने बहुत सारी बाधाओं को पार करते हुए खेल के मैदान में विश्व स्तरीय प्रदर्शन किया है। उन्होंने प्रत्येक अभिभावक को इन बेटियों के परिवारों से प्रेरणा लेने की अपील की और कहा कि विकास के लिए उन्हें अपनी बेटियों को अवसर उपलब्ध कराने चाहिए। विड महामारी के संबंध में राष्ट्रपति ने कहा कि देश में महामारी का प्रभाव भले ही कम दिख रहा है, लेकिन कोरोना वायरस अभी गया नहीं है। उन्होंने कहा कि देश को अभी इस साल हुए भयानक परिणाम से बाहर आना है। उन्होंने कोरोना की दूसरी लहर से निपटने के लिए हर तरह का खतरा उठाने वाले कोरोना योद्धाओं, डॉक्टरों, नर्सों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की सराहना की।
 राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि देश के स्वतंत्रता सेनानियों में देशभक्ति और बलिदान की भावना थी। उन्होंने अपने हितों की परवाह किए बगैर हर तरह की चुनौती का सामना किया। इसी तरह से कोरोना योद्धाओं ने भी दूसरों को बचाने के लिए बहुत खतरे उठाए हैं। उन्होंने कहा कि वह ऐसे कोरोना योद्धाओं की बहुत सराहना करते हैं।
 श्री कोविंद ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर ने देश के सार्वजनिक स्वास्थ्य देखभाल के बुनियादी ढांचे पर भारी दबाव डाला है और इसे ठीक करने के लिए युद्ध स्तर पर काम किया गया है। उन्होंने कहा कि नेतृत्व ने इस चुनौती का डटकर सामना किया और राज्यों को पूरी सहायता दी गई है।   
 श्री कोविंद ने कहा कि असाधारण अभियान में विदेशों को आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति की गई और भारत ने कई देशों को दवाईयां, चिकित्सा उपकरण और टीके उपलब्ध कराए। राष्ट्रपति ने संकट के समय में भारत की मदद करने के लिए विश्व समुदाय का भी आभार जताया।
  राष्ट्रपति ने कहा कि लोगों को महामारी के नियंत्रण के लिए बचाव मानक कम नहीं करने चाहिए। उन्होंने कहा कि टीका महामारी से बचाव का सबसे उत्तम उपाय है। देश में विश्व का सबसे बड़ा कोविड टीकाकरण अभियान चल रहा है। पचास करोड़ से अधिक नागरिकों को टीका दिया जा चुका है। उन्होंने सभी पात्र नागरिकों से टीका लेने और दूसरों को प्रेरित करने की अपील की।
 महामारी के दौरान अर्थव्यवस्था पर प्रभाव का उल्लेख करते हुए श्री कोविंद ने कहा कि सरकार ने निम्न मध्यम वर्ग और गरीबों की चिंता की है। इसके साथ ही लघु और मध्यम उद्योगों के कल्याण के लिए भी कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि मजदूरों की आवश्यकताएं संवेदनशील रही हैं और लॉकडाउन और आवागमन पर पाबंदियों के कारण नियोक्ता भी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में सरकार ने इस वर्ष और अगले वर्ष कई कदम उठाए हैं। सरकार ने इस वर्ष मई और जून के दौरान तकरीबन 80 करोड़ लोगों को खाद्यान्न वितरित किया है और ये लाभ दिवाली तक बढ़ा दिए हैं। सरकार ने कोविड प्रभावित क्षेत्रों को बढ़ावा देने के लिए छह लाख 28 हजार करोड़ रूपये के राहत पैकेज घोषित किए हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि यह प्रसन्नता की बात है कि एक वर्ष में चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के लिए 23 हजार दो सौ 20 करोड़ रूपये खर्च किए जा रहे हैं।

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