जिलाधिकारियों को निजी बैंकों के खिलाफ छात्रों की शिकायतों को दूर करने के निर्देश दिये
कोलकाता। पश्चिम बंगाल सरकार ने जिलाधिकारियों को निजी बैंकों के खिलाफ छात्रों की शिकायतों का समाधान करने के लिए कहा है, जो एक सरकारी योजना के तहत ऋण देने की एवज में उनके माता-पिता से कथित तौर पर संपार्श्विक (कोलैटरल) की मांग कर रहे हैं। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव एच के द्विवेदी ने शुक्रवार को जिलाधिकारियों और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की और उनसे उन छात्रों की शिकायतों पर गौर करने को कहा, जिन्हें जमानत-मुक्त ऋण सुविधा का लाभ उठाने में कठिनाई हो रही है। उच्च शिक्षा विभाग ने ‘‘स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड'' योजना शुरू की थी, ताकि लाभार्थी बिना किसी वित्तीय बाधा के अपनी पढ़ाई कर सकें। मुख्यमंत्री कार्यालय के शिकायत निवारण प्रकोष्ठ के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘हमें इस योजना के तहत ऋण देने के लिए भूमि दस्तावेज सहित माता-पिता से सुरक्षा के विभिन्न दस्तावेज मांगने के लिए निजी बैंकों के खिलाफ छात्रों से कई शिकायतें मिली हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ ऋणदाताओं ने उन्हें ऋण राशि के बराबर पैसा सावधि जमा के रूप में रखने के लिए कहा।'' उन्होंने कहा कि बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को इस मसले का समाधान करने का भी निर्देश दिया।


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