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- -ई-स्कूटी बनी समृद्धि की पहचानरायपुर।, छत्तीसगढ़ सरकार की किसान हितैषी नीतियाँ आज गांवों में खुशहाली और आत्मनिर्भरता की मजबूत आधारशिला बन रही हैं। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की पारदर्शी व्यवस्था ने किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। ऐसी ही एक प्रेरक कहानी धमतरी जिले के ग्राम बोड़रा के किसान श्री हंसराज साहू की है। जिन्होंने सरकार की योजनाओं का लाभ उठाकर न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत की, बल्कि आधुनिक सुविधाओं को भी अपनाया।श्री हंसराज साहू बताते हैं कि उन्होंने पिछले खरीफ सत्र में संबलपुर सहकारी समिति में समर्थन मूल्य पर धान का विक्रय किया। धान बिक्री से प्राप्त राशि से उन्होंने एक ई-स्कूटी खरीदी, जो आज उनके लिए सुविधा, समय की बचत और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन गई है। साँय-साँय दौड़ती ई-स्कूटी से अब उन्हें धमतरी शहर, खेतों, रिश्तेदारों के घर और दैनिक कार्यों के लिए सुगम आवागमन की सुविधा मिल रही है। इससे न केवल ईंधन खर्च में कमी आई है, बल्कि समय की भी उल्लेखनीय बचत हो रही है।श्री साहू के पास कुल 2 एकड़ 25 डिस्मिल कृषि भूमि है, जिसमें वे पारंपरिक अनुभव और आधुनिक कृषि समझ के साथ धान की खेती करते हैं। इस वर्ष उन्होंने समर्थन मूल्य पर कुल 46 क्विंटल 40 किलोग्राम धान का विक्रय किया है। समय पर भुगतान और स्पष्ट प्रक्रिया से वे बेहद संतुष्ट हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष धान विक्रय से प्राप्त राशि का उपयोग वे अपने पुत्र के विवाह जैसे महत्वपूर्ण पारिवारिक कार्य में करेंगे, जिससे पूरे परिवार में खुशी का माहौल है।श्री हंसराज साहू ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “तुहर टोकन” मोबाइल ऐप ने धान बेचने की प्रक्रिया को अत्यंत सरल, पारदर्शी और किसान-अनुकूल बना दिया है। पंजीयन से लेकर विक्रय तक अब किसानों को किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी नहीं होती।किसान हंसराज साहू की यह सफलता कथा इस बात का सशक्त प्रमाण है कि सरकार की दूरदर्शी नीतियाँ और डिजिटल नवाचार जब जमीन पर प्रभावी रूप से लागू होते हैं, तो किसान सशक्त बनते हैं और उनका जीवन स्तर निरंतर ऊँचाइयों की ओर बढ़ता है। यह कहानी प्रदेश के अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा है कि वे सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ लेकर समृद्धि की राह पर आगे बढ़ें।
- रायपुर । पर्यावरण संरक्षण और पशुधन हित (पशु कल्याण) आपस में जुड़े हैं, जहाँ पशुधन से ग्रीनहाउस गैस (मीथेन), भूमि क्षरण और जल प्रदूषण होता है, वहीं सतत पशुधन प्रबंधन (जैसे बेहतर चारा, एंटीबायोटिक का विवेकपूर्ण उपयोग) इन प्रभावों को कम कर सकता है, साथ ही जैव विविधता और प्राकृतिक आवासों की रक्षा भी कर सकता है, जिससे खाद्य सुरक्षा, ग्रामीण आजीविका और पर्यावरण संतुलन में मदद मिलती है।पर्यावरण संरक्षण, पशुधन हित और सतत कृषि की दिशा में धमतरी जिले के विकासखण्ड कुरूद के ग्राम सेमरा बी के प्रगतिशील पशुपालक एवं कृषक श्री कीर्तन निषाद द्वारा किया गया कार्य एक उल्लेखनीय शासकीय सफलता की कहानी के रूप में उभरकर सामने आया है। उनकी दूरदर्शी सोच और जागरूक प्रयासों से लगभग 50 एकड़ क्षेत्र में फैले पैरा (फसल अवशेष) को सुरक्षित रूप से उनके भाठा में एकत्रित किया गया, जिससे पराली जलाने की हानिकारक परंपरा पर प्रभावी रोक लगाई जा सकी। पराली जलाने से जहां वायु प्रदूषण, भूमि की उर्वरता में कमी तथा जनस्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, वहीं श्री कीर्तन निषाद की इस पहल ने इन सभी समस्याओं का व्यवहारिक और टिकाऊ समाधान प्रस्तुत किया है। उनके प्रयासों से वातावरण में धुएं और विषैली गैसों के उत्सर्जन में कमी आई, जिससे क्षेत्र के नागरिकों को स्वच्छ वायु का लाभ मिला। यह पहल शासन द्वारा चलाए जा रहे पर्यावरण संरक्षण अभियानों और जलवायु अनुकूल कृषि पद्धतियों के उद्देश्यों के पूर्णतः अनुरूप है।इस नवाचारी प्रयास का दूसरा महत्वपूर्ण पक्ष पशुधन संवर्धन से जुड़ा है। एकत्रित पैरा से क्षेत्र में पशुओं के लिए पर्याप्त सूखे चारे की उपलब्धता सुनिश्चित हुई, जिससे पशुपालकों को चारे की कमी की समस्या से राहत मिली। इससे न केवल पशुओं के पोषण स्तर में सुधार हुआ, बल्कि दुग्ध उत्पादन और पशुपालन की आय में वृद्धि की संभावनाएं भी सुदृढ़ हुई हैं। यह पहल आत्मनिर्भर पशुपालन और ग्रामीण आजीविका सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत कदम है।श्री कीर्तन निषाद की यह उपलब्धि इस बात का सशक्त उदाहरण है कि शासन की नीतियों, जनजागरूकता और व्यक्तिगत पहल के समन्वय से बड़े सकारात्मक परिवर्तन संभव हैं। उनकी सामाजिक जिम्मेदारी, पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता और किसानों-पशुपालकों के हित में की गई यह पहल अन्य कृषकों के लिए प्रेरणास्रोत बन गई है। निःसंदेह, ग्राम सेमरा बी की यह पहल पर्यावरण संरक्षण, पशुधन विकास और सतत ग्रामीण विकास की दिशा में एक आदर्श मॉडल है, जिसे अपनाकर अन्य ग्राम भी स्वच्छ, स्वस्थ और समृद्ध भविष्य की ओर कदम बढ़ा सकते हैं।
- महासमुंद / कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार जिले में अवैध धान परिवहन, भंडारण एवं विक्रय के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में सरायपाली विकासखंड अंतर्गत अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अनुपमा आनंद के नेतृत्व में बीती रात संयुक्त टीम द्वारा रेहटीखोल क्षेत्र में 694 बोरा धान जप्त किया गया।संयुक्त टीम द्वारा अवैध धान परिवहन के विरुद्ध कार्रवाई के दौरान एक ट्रक को रोका गया, जिसमें उड़ीसा से छत्तीसगढ़ की ओर बिना वैध दस्तावेजों के धान का परिवहन किया जा रहा था। जांच में ट्रक में कुल 694 बोरा धान, जिसका कुल वजन लगभग 319 क्विंटल पाया गया। परिवहन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर धान से भरे ट्रक को मौके पर ही जब्त किया गया। जब्त किए गए धान एवं वाहन को आगे की वैधानिक कार्रवाई हेतु थाना सिंघोड़ा के सुपुर्द किया गया है।जिला प्रशासन ने कहा है कि धान खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए धान परिवहन एवं भंडारण पर सतत निगरानी जारी रहेगी।
- बलौदाबाजार, / कलेक्टर दीपक सोनी के मार्गदर्शन एवं सीईओ जिला पंचायत सुश्री दिव्या अग्रवाल के. नेतृत्व में जिले में विकास कार्यों को गति दी जा रही है। इसी कड़ी में विकासखंड पलारी अंतर्गत ग्राम पंचायत सोनारदेवरी का चयन महिला हितैषी पंचायत के रूप में हुआ है।पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय के अधिकारी राकेश साहु ने सोमवार को ग्राम पंचायत सोनारदेवरी में डेटा फिल्ड वेरिफिकेशन हेतु किया।साथ ही स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्रों,स्वास्थ्य एवं अन्य कार्यों का निरक्षण किया गया।बताया गया कि महिला हितैषी पंचायत अंतर्गत छत्तीसगढ़ से से 4 जिलों के 4 ग्राम पंचायत का चयन किया है जिसमें से जिला बलौदाबाजार- भाटापारा से विकासखंड पलारी के ग्राम पंचायत सोनारदेवरी का चयन हुआ है।गौरतलब है कि महिला हितैषी पंचायत एक ऐसी ग्राम पंचायत है जो महिलाओं और बालिकाओं के लिए सुरक्षित, समान अवसर और सशक्तिकरण सुनिश्चित करती है।भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय और यूएनएफपीए द्वारा इसे सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में लागू किया जा रहा है, जिसमें ग्राम सभाओं में महिलाओं की भागीदारी और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना शामिल है।इस दौरान ग्राम पंचायत के सरपंच महोदय, सचिव, रोजगार सहायक,महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी,स्कूल के प्राचार्य, आंगनबाड़ी केंद्र,आशा केंद्र के कार्यकता, पीआरपी के अधिकारी- कर्मचारी उपस्थित मौजूद रहे।
- बलौदाबाजार, / राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। योजना के तहत महिलाओं को प्रति माह 1,000 रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है, जिससे वे अपनी दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति कर आत्मनिर्भर बन रही हैं। जिले के ग्राम सकरी निवासी बृज बाई साहू ने बताया कि महतारी वंदन योजना के अंतर्गत उन्हें अब तक 22 किश्तों में कुल 22,000 रुपए की राशि सीधे उनके बैंक खाते में प्राप्त हो चुकी है। इस राशि का उपयोग वे सब्जी-भाजी, राशन सहित अन्य घरेलू आवश्यकताओं की पूर्ति में कर रही हैं, जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। बृज बाई साहू ने बताया कि महिलाओं को आगे बढ़ाने और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा किया जा रहा यह कार्य अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने इस योजना के लिए मुख्यमंत्री जी का हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया।उल्लेखनीय है कि महतारी वंदन योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा अब तक 22 किश्तें जारी की जा चुकी हैं। 3 दिसंबर 2025 को मोहला-मानपुर जिले से मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 22वीं किश्त की राशि महिलाओं के खातों में अंतरित की गई।
- -अब तक 48248 किसानों से 220762 मीट्रिक टन धान खरीदीबलौदाबाजार / कलेक्टर दीपक सोनी ने सोमवार को खाद्य, सहकारिता,कृषि एवं अन्य सम्बंधित विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर धान खरीदी प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी की लिमिट 1 लाख 36 हजार क्विंटल से बढाकर 1 लाख 82 हजार क्विंटल कर दिया गया है जिससे एक दिन में अधिक किसान धान बेच सकेंगे। उन्होंने उपार्जन केंद्रों से धान उठाव में तेजी लाने के निर्देश दिये।कलेक्टर ने कहा कि किसानों से अतिरिक्त रकबा समर्पण अवशय कराएं ताकि शेष रकबा में अन्य किसी का धान बिक्री हेतु उपार्जन केन्द्र ना आए। उन्होने डीओ के विरुद्ध धान उठाव की समीक्षा करते हुए अधिक संख्या में ट्रक लगाने एवं उठाव में तेजी लाने कहा। इसके साथ ही मिलर्स पर निगरानी रखने के भी निर्देश दिये। चेक पोस्ट सहित संयुक्त टीम द्वारा सतत निगरानी और अवैध धान पर कार्यवाही के निर्देश दिये।बताया गया कि जिले के सभी 166 उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी जारी है एवं अब तक 48248 किसानों से 220762 मेट्रिक टन धान खरीदी हुईं है। इसके साथ ही 22823किसानों का लगभग 362 हेक्टेयर रकबा समर्पण कराया गया है। जिले के 116 उपार्जन केंद्रों से डीओ के विरुद्ध धान उठाव शुरू हुआ है। अब तक 74813 मेट्रिक टन धान उठाव हेतु डीओ कटा है जिसके विरूद्ध 35789 मेट्रिक टन धान का उठाव हुआ है।
- बलौदाबाजार । ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जनपद पंचायत बलौदा बाजार में फील्ड टेस्ट किट के माध्यम से जिला जल प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा किया गया।प्रशिक्षण कार्यक्रम में बलौद बाजार ब्लॉक के जल वाहिनी शामिल हुए।प्रशिक्षण सत्रों के दौरान प्रतिभागियों को फील्ड टेस्ट किट द्वारा जल में फ्लोराइड, आयरन, नाइट्रेट, पीएच, टर्बिडिटी एवं अवशिष्ट क्लोरीन की जांच की व्यावहारिक विधि की जानकारी दी गई। साथ ही जल स्रोत संरक्षण, जल गुणवत्ता निगरानी, पेयजल योजनाओं के के दिशा-निर्देशों पर भी विस्तार से जानकारी दी गई ।कार्यक्रम में प्रतिभागियों को हैंड्स-ऑन प्रैक्टिकल डेमो के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान किया गया। उत्कृष्ट सहभागिता एवं कार्य करने वाले जल वाहिनी को फील्ड टेस्ट किट प्रदान कर सम्मानित किया गया।कार्यक्रम में जनपद सीईओ पीसी पटेल ने पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच तथा फील्ड टेस्ट किट के माध्यम से ग्राम स्तर पर जल गुणवत्ता की त्वरित पहचान पर जोर देते हुए इससे आमजन को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने में सहायक बताया। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सब इंजीनियर कली राम पैकरा ने प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जिले में जल गुणवत्ता निगरानी व्यवस्था सुदृढ़ होने और ग्राम स्तर पर सुरक्षित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की. बात कही। कार्यक्रम में जिला लैब केमिस्ट श्रुति,म जिला परियोजना समन्वयक राजकुमार कोसले , मंजु गायकवाड व ग्रामीण जन उपस्थिति रहे
- -ऊर्जा संरक्षण का संदेश व प्रकृति संरक्षण हेतु लिया संकल्पबलौदाबाजार / वनमण्डलाधिकारी गणवीर धम्मशील के निर्देशानुसार रविवार को राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस के अवसर पर बलौदाबाजार वनमण्डल अंतर्गत विभिन्न स्थलों पर ऊर्जा संरक्षण को लेकर व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।इसी क्रम में प्रसिद्ध धार्मिक एवं पर्यटन स्थल तुरतुरिया में ऊर्जा संरक्षण विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें पर्यटकों एवं आमजन को आकर्षित करने हेतु विभिन्न स्थानों पर बैनर एवं सेल्फी पॉइंट की स्थापना की गई। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को ऊर्जा संरक्षण के महत्व से अवगत कराते हुए शपथ दिलाई गई तथा दैनिक जीवन में ऊर्जा की बचत से जुड़े व्यवहार अपनाने का संदेश दिया गया।इसके साथ ही बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य में भी राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस के अवसर पर जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अधिकारियों, कर्मचारियों एवं उपस्थित जनसमूह को ऊर्जा के विवेकपूर्ण उपयोग, अनावश्यक विद्युत खपत से बचाव, एलईडी बल्बों एवं ऊर्जा दक्ष उपकरणों के प्रयोग तथा नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों को अपनाने के महत्व की जानकारी दी गई। उपस्थित जनों को यह संदेश दिया गया कि छोटे-छोटे प्रयासों के माध्यम से ऊर्जा संरक्षण कर पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है। कार्यक्रम का समापन ऊर्जा संरक्षण की सामूहिक शपथ के साथ किया गया।इस आयोजन पर वनमण्डलाधिकारी ने कहा कि ऊर्जा संरक्षण वर्तमान समय की आवश्यकता है और इसके प्रति जन-जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने दैनिक जीवन में ऊर्जा बचत के उपाय अपनाए, तो न केवल प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण होगा, बल्कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में भी सहायता मिलेगी।कार्यक्रम में वन परिक्षेत्र अधिकारी बल्दाकछार, परिक्षेत्र सहायक परसदा, परसदा परिवृत्त के समस्त परिसर रक्षी, संयुक्त वन प्रबंधन एवं पर्यटन समिति के अध्यक्ष एवं सदस्य, वन प्रबंधन समिति के प्रतिनिधि, सुरक्षा श्रमिक, स्थानीय ग्रामीणजन एवं बड़ी संख्या में पर्यटक उपस्थित रहे।
- बलौदाबाजार / कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देशानुसार मनोविकास केंद्र बलौदाबाजार में सोमवार को चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में प्रसिद्ध न्यूरोसाइकियाट्रिस्ट डॉ. सुरभि दुबे उपस्थित रहीं।शिविर में उन बच्चों का मूल्यांकन किया गया जिन्हें मानसिक स्वास्थ्य या मनोरोग संबंधी परामर्श की आवश्यकता थी तथा उन्हें और उनके अभिभावकों को आवश्यक दवाओं और उपयुक्त मार्गदर्शन के साथ सहायता प्रदान की गई। बच्चों के साथ उनके माता-पिता ने भी इस शिविर में सक्रिय रूप से सहभागिता की।डॉ. दुबे ने अभिभावकों के साथ बैठक के संवाद किया जिसमें उन्होंने बच्चों के विकासात्मक चरणों को सरल भाषा में समझाया, घर पर बच्चों को बेहतर सहयोग कैसे दिया जाए इस पर व्यवहारिक सुझाव साझा किए तथा सकारात्मक और संवेदनशील पालन-पोषण के तरीकों पर प्रकाश डाला। अभिभावकों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का उनकी आवश्यकता के अनुसार समाधान किया गया।गौरतलब है कि जिला प्रशासन द्वारा शुरू किये गए मनोविकास केन्द्र विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के विकास के लिए एक अत्याधुनिक दिव्यांग पुनर्वास केंद्र है। केंद्र में शिक्षा, चिकित्सा, थेरेपी और खेलकूद जैसी सेवाओं के माध्यम से बच्चों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक कौशल को विकसित किया जाता है।साथ ही माता-पिता को मार्गदर्शन देकर बच्चों के लिए संवेदनशील और सहयोगी वातावरण सुनिश्चित किया जाता है।
- - अपडेटेड बैंक विवरण 10 दिनों के भीतर करना होगा प्रस्तुतरायपुर । श्रम विभाग के छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल द्वारा संचालित सफाई कर्मकार हेतु आवश्यक उपकरण सहायता योजना के अंतर्गत चयनित 08 हितग्राहियों के बैंक खातों में ₹1,000 की डीबीटी राशि तकनीकी कारणों से जमा नहीं हो सकी है।भुगतान न हो पाने के कारणसहायक श्रमायुक्त ने बताया कि पंजीयन के समय गलत बैंक खाता नंबर दर्ज होना, बैंक खाता बंद अथवा मर्ज होना, तथा IFSC कोड में परिवर्तन जैसे कारणों से भुगतान संभव नहीं हो पाया। इसके अतिरिक्त पंजीयन कार्ड में दर्ज मोबाइल नंबर एवं पते पर भी हितग्राहियों से संपर्क नहीं हो सका।प्रभावित हितग्राहियों की सूचीयोजना के जिन 08 हितग्राहियों का भुगतान लंबित है, उनके नाम एवं पंजीयन क्रमांक इस प्रकार हैं—राखी सोनी (444540263), श्री भुवने नायक (444597009), श्री लुकेश्वर कुमार साहू (444327947), प्रमिला बाई (441423732), इमरान खान (441609786), श्री अजय कोशले (449618847), श्री दुन्ना निर्मला (441729941), डी. भारती (442138609)।अनिवार्य सूचनाउक्त सभी हितग्राहियों से अपील की गई है कि वे 10 दिनों के भीतर आधार से लिंक वर्तमान सक्रिय बैंक खाते का विवरण लेकर संबंधित कार्यालय में उपस्थित हों, ताकि योजना राशि समय पर उपलब्ध कराई जा सके। निर्धारित अवधि में विवरण प्रस्तुत नहीं करने पर आवेदन निरस्त माना जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित हितग्राही की होगी।
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रायपुर/प्रदेश की राजधानी रायपुर शहर में शीतलहर से आमजनों को सुरक्षा और त्वरित राहत देने नगर पालिक निगम के जोन कार्यालयों के माध्यम से जयस्तम्भ चौक के समीप, रेल्वे स्टेशन के पास, मेकाहारा परिसर, पुराना बस स्टेण्ड पंडरी, महोबा बाजार हॉट बाजार, नेताजी सुभाष स्टेडियम परिसर, बड़ा अशोक नगर, रोटरी नगर, टाटीबंध चौक के समीप, शंकर नगर, अवन्ति विहार कॉलोनी सहित राजधानी शहर में लगभग 30 से भी अधिक विभिन्न प्रमुख सार्वजनिक स्थानों में अलाव जलाने की प्रतिदिन नियमित व्यवस्था दी जा रही है. नगर निगम रायपुर द्वारा विभिन्न प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर प्रतिदिन नियमित अलाव जलाने की व्यवस्था देने से इससे शहर के निवासी प्रतिदिन सैकड़ों आमजनों को लगातार बढ़ती शीतलहर से सहज बचाव सहित त्वरित राहत मिल रही है.
रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे और आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देश पर जोन कमिश्नरों द्वारा जोन स्वास्थ्य अधिकारियों के माध्यम से महादेवघाट रायपुरा श्री हनुमान मन्दिर के समीप और महोबा बाजार हॉट बाजार, मेकाहारा परिसर, पुराना बस स्टेण्ड पंडरी चंगोराभाठा बाजार, ब्रम्हदेईपारा,शिक्षक कॉलोनी डंगनिया, खमतराई चौक के पास, जयस्तम्भ चौक के पास, रायपुर जिलाधीश परिसर के सामने डॉ भीम राव अम्बेडकर प्रतिमा स्थल चौक के पास, नेताजी सुभाष स्टेडियम परिसर के पास, मोतीबाग, डंगनिया पानी टंकी स्कूल के समीप, शंकर नगर चौपाटी, तेलीबाँधा तालाब मरीन ड्राइव, अंतर राज्यीय बस स्टैण्ड भाठागांव, भाठागांव चौक के समीप, कुकरीपारा, दूधाधारी मठ मार्ग, सरोना, चंदनीडीह, कबीर नगर हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी फेस-2, हीरापुर चौक सुलभ शौचालय काम्प्लेक्स के समीप , कबीर चौक रामनगर, गीतांजलि नगर शंकर नगर, जगन्नाथ चौक रामनगर, प्रियदर्शिनी नगर, भाठागांव, नगर पालिक निगम जोन 9 कार्यालय परिसर के समीप मोवा, नगर निगम जोन 10 कार्यालय और अन्य लगभग 30 से भी अधिक विभिन्न प्रमुख सार्वजनिक स्थानों में आमजनों को शीतलहर से रायपुर शहर क्षेत्र में सुरक्षा और त्वरित राहत देने सार्वजनिक अलाव जलाने की प्रतिदिन नियमित व्यवस्था दी जा रही है. शीतलहर की सम्पूर्ण अवधि के दौरान आमजनों को राहत देने जोन कार्यालयों के माध्यम से प्रतिदिन नियमित विभिन्न सार्वजनिक स्थानों में अलाव जलाने की प्रतिदिन नियमित व्यवस्था दी जा रही है. -
भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई शहर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने के साथ पर्यावरण को हरा-भरा रखने के उददेश्य से उद्यानों की साफ-सफाई एवं सिंचाई कराने निगम आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय द्वारा निर्देशित किया गया है। नेहरू नगर स्थित कुसुम कानन उद्यान, योग उद्यान, राशि उद्यान, सेक्टर 2 तालाब उद्यान, सेक्टर 6 धोबीघाट उद्यान, सेक्टर 7 उद्यान, ट्रैफिक पार्क, शास्त्री उद्यान एवं हुड़को स्थित सुभाष उद्यान सहित अन्य उद्यानों की साफ-सफाई एवं पौधो में सिंचाई किया जा रहा है। सभी उद्यानों में निगम के नियमित एवं प्लेसमेंट कर्मचारी को कार्य सौंपा गया है। जो प्रतिदिन उद्यानों की साफ-सफाई एवं रोपित किये गये पौधो में पानी सिंचाई कर रहे है।
केन्द्र सरकार की अमृत मित्र 2.0 अंतर्गत वूमेन फाॅर ट्री योजना के तहत सभी जोन क्षेत्र के चिन्हित स्थलों में महिला स्व-सहायता द्वारा वृक्षारोपण किया गया है। पौधो की देखरेख, गुड़ाई एवं सिंचाई कर पौधो को बड़ा करने का कार्य सौंपा गया है। समूह की महिलाओं द्वारा प्रतिदिन पौधो में पानी सिंचाई कर जीवित रखने का कार्य किया जा रहा है। पर्यावरण को हरा-भरा रखने में महिलाओं द्वारा विशेष योगदान दिया जा रहा है। - - नागरिकों से सर्वे दल के घर पहुंचने पर पूर्ण सहयोग करने की अपील की गई- कुष्ठ रोग का उपचार सभी शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में नि:शुल्क उपलब्धराजनांदगांव । राज्य शासन निर्देशानुसार जिले में सघन कुष्ठ जांच खोज अभियान 8 दिसंबर से 31 दिसंबर 2025 तक चलाया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन ने बताया की कुष्ठ जांच खोज अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले में कुष्ठ रोग की समय पर पहचान, त्वरित उपचार सुनिश्चित करना है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन ने नागरिकों से सर्वे दल के घर पहुंचने पर पूर्ण सहयोग करने के लिए अपील की है। परिवार के सभी सदस्यों की जांच अवश्य करवाएं ताकि कुष्ठ मुक्त समाज का लक्ष्य हासिल किया जा सके। कुष्ठ रोग पूर्णत: उपचार योग्य है तथा यह रोग छूने अथवा हाथ मिलाने से नहीं फैलता। कुष्ठ रोग का उपचार सभी शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में नि:शुल्क उपलब्ध है।कुष्ठ अधिकारी डॉ. अल्पना लुनिया ने बताया कि कुष्ठ जांच खोज अभियान के तहत जिले के सभी विकासखंडो में स्वास्थ्य विभाग की प्रशिक्षित टीम आरएचओ एवं मितनिनों द्वारा घर-घर जा करप्रत्येक व्यक्ति की जांच की जा रही है। सर्वे के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिदिन 15 से 20 घरों तथा शहरी क्षेत्रों में प्रतिदिन 20 से 25 घरों का सर्वे किया जा रहा है। इस दौरान कुष्ठ रोग के शंकास्पद मामलों की पहचान कर प्रारंभिक अवस्था में ही एमडीटी की दावा उपलब्ध कारवाई जाएगी। जिससे रोग के प्रसार पर प्रभावी नियंत्रण हो सके। यदि किसी व्यक्ति के शरीर पर दाग के साथ सुन्नपन, नसों में मोटापन या दर्द, झुनझुनाहट अथवा कान व चेहरे में सूजन, मोटापन जैसे लक्षण दिखाई दे तो ये कुष्ठ रोग की संभावना हो सकती है।
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-सीमाओं एवं चेक पोस्ट पर 24 घंटे कड़ी निगरानी
-शिकायत दर्ज कराने के लिए हेल्पलाइन नंबर जारीसूरजपुर।कलेक्टर श्री एस. जयवर्धन के निर्देशन में जिले के समस्त धान खरीदी केंद्रों में पर्याप्त सुविधाओं के साथ धान खरीदी का कार्य सुचारु रूप से किया जा रहा है। शासन द्वारा किसानों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाया गया है। इसके साथ ही जिले में अवैध धान भंडारण, खरीदी एवं परिवहन के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई भी की जा रही है।जिला प्रशासन द्वारा अब तक कुल 3376.6 क्विंटल धान जप्त किया जा चुका है। इसी क्रम में विगत दिवस 13 दिसंबर 2025 को ग्राम डबरीपारा निवासी अजय कुमार साहू, पिता बैजनाथ साहू (उम्र लगभग 32 वर्ष) के दुकान एवं गोदाम में बिना लाइसेंस अवैध रूप से धान खरीदकर भंडारित किए जाने पर 270 बोरी धान, जिसका वजन लगभग 108 क्विंटल है, जप्त किया गया।इसी दिन ग्राम गंगौटी, तहसील भैयाथान निवासी शिवबरन सिंह, पिता रामशरण सिंह (उम्र 37 वर्ष) के दुकान, गोदाम एवं आंगन में बिना लाइसेंस अवैध रूप से धान खरीदकर भंडारित किए जाने के मामले में 740 बोरी धान, जिसका वजन लगभग 296 क्विंटल है, जप्त किया गया।कलेक्टर के निर्देशानुसार जिले की सीमाओं एवं सभी चेक पोस्टों पर अवैध धान भंडारण एवं परिवहन को रोकने के लिए 24 घंटे सतत निगरानी की जा रही है। संदिग्ध वाहनों एवं परिवहन गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है। आंतरिक चेक पोस्टों पर भी टीमों की तैनाती की गई है। निगरानी दल द्वारा रात्रिकालीन गश्त के साथ-साथ संदिग्ध वाहनों की सघन जांच की जा रही है।कोचियों एवं बिचौलियों के माध्यम से अवैध रूप से धान खपाने की घटनाओं पर रोक लगाने तथा धान खरीदी की पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की स्थापना की गई है, जिससे खरीदी, भंडारण एवं परिवहन की रियल टाइम मॉनिटरिंग सुनिश्चित हो सकेगी।जिला प्रशासन द्वारा अवैध धान, कोचियों एवं बिचौलियों से संबंधित शिकायत दर्ज कराने हेतु खाद्य विभाग कॉल सेंटर नंबर: 1800-233-3663, इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर/कॉल सेंटर: 07775-286116जारी किए गए हैं। सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम एवं मोबाइल नंबर पूर्णतः गोपनीय रखा जाएगा। जिला प्रशासन ने किसानों एवं नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल दें, ताकि धान खरीदी व्यवस्था को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं सुचारु बनाया जा सके। - -जनपद पंचायतों कोंटा, छिंगदढ़ और सुकमा में युक्त धारा पोर्टल से एंट्री प्रक्रिया प्रारंभसुकमा ।महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत शासन के निर्देशानुसार युक्त धारा पोर्टल पर जीआईएस आधारित ग्राम पंचायत प्लान की एंट्री की जा रही है। सुकमा जिले में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कलेक्टर श्री देवेश ध्रुव के निर्देशानुसार एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकुन्द ठाकुर के मार्गदर्शन में प्रत्येक ग्राम पंचायत का युक्तधारा पोर्टलके माध्यम से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत कार्ययोजना तैयार किया जा रहा है। जिले के 03 जनपद पंचायतों कोंटा, छिंगदढ़ और सुकमा के ग्राम पंचायतों में प्राथमिकता के कार्यों को युक्त धारा पोर्टल में एंट्री प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। जिसमें बजट के कार्ययोजना में कृषि से संबंधित 60 प्रतिशत कार्य एवं जल संरक्षण से संबंधित 30 प्रतिशत के कार्यों को प्राथमिकता से कार्ययोजना में शामिल किया गया है। इसके साथ जिले में ग्रामीणों के मांग अनुसार डबरी, बकरी शेड, सुअर शेड तालाब आदि कार्याे को प्रमुखता से कार्ययोजना में लिया गया है। युक्तधारा पोर्टल के माध्यम से लिये जाने वाले परिसंपतियों का भौतिक सत्यापन करते हुए अत्याधुनिक तकनीक जैसे कि CLART APP के माध्यम से कार्यों का चयन स्थल के उपयुक्ता के अनुसार किया जा रहा है। ग्राम पंचायत द्वारा तैयार कार्ययोजना के कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर युक्तधारा पोर्टल में अक्षांश एवं देशान्तर के साथ एंट्री की गई है।इन सभी कार्यों को युक्त धारा पोर्टल में प्राथमिकता के क्रम में एंट्री की जा रही है। वर्ष 2026-27 से जो भी कार्य पंचायतों में प्रारंभ होंगे वह एंट्री के प्राथमिकता के क्रम में होंगे। इस तरह से शासन द्वारा एक बेहतरीन व्यवस्था लोगों की सुविधा के लिए लागू की गई है। इसके अलावा युक्त धारा पोर्टल में जो भी कार्यों की एंट्री होगी उनमें प्रत्येक कार्यों की अक्षांश एवं देशांतर की एंट्री भी की जा रही है, ताकि भविष्य में उनमें अभिसरण (समन्वय) के माध्यम से और भी कार्य कराया जा सके तथा पारदर्शिता भी बनी रहे। अब भविष्य में जो भी कार्य ग्राम पंचायत में होंगे। उन्हें इसी प्रकार 02 अक्टूबर को होने वाली ग्राम सभा से अनुमोदन कराकर युक्त धारा पोर्टल में एंट्री उपरांत ही की जाएगी। युक्त धारा पोर्टल के माध्यम से लेबर बजट2026-27 के लिए प्लानिंग किये गये कार्य 01 अप्रैल 2026 से स्वीकृति प्रदान किया जाएगा। इस प्रकार अब युक्त धारा पोर्टल के माध्यम से जीआईएस आधारित योजना निर्माण की स्वीकृति से पारदर्शिता एवं त्वरित स्वीकृति में सहायता मिल सकेगी।
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-लोग अंधविश्वास में न पड़ें
रायपुर। अंध श्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डॉ दिनेश मिश्र ने कहा पिछले कुछ समय से प्रदेश के अनेक स्थानों से तंत्र मंत्र के नाम से ठगी, धोखाधड़ी,हत्याओं के अनेक मामले सामने आए हैं. कुछ फर्जी बैगा, कथित तांत्रिक ग्रामीणों को चमत्कार झूठे के दावे कर,जादू,टोना, भूत प्रेत , आदि के नाम पर भ्रमित कर भ्रम व अंधविश्वास फैला रहे हैं.जबकि ऐसी काल्पनिक मान्यताओं का कोई अस्तित्व नहीं है .आम लोगों को इस प्रकार अंधविश्वास में नहीं फँसना चाहिए.
डॉ .दिनेश मिश्र ने कहा पिछले दो सप्ताह के अंदर ही बालोद से तंत्र मंत्र से खजाना दिलाने के नाम पर लाखों रुपए की ठगी, कोरबा से रूपए को करोड़ों रुपयों में बदलने के लिए तांत्रिक अनुष्ठान के नामपे 3 हत्याएं , गरियाबंद से तांत्रिक इलाज से बीमारी ठीक करने के नाम पर जेवर, रुपए हड़पने के मामले सामने आए हैं.तथाकथित चमत्कार के दावे बनावटी होते है.ऐसा कोई भी व्यक्ति नहीं है जिसे किसी भी प्रकार से दूसरे के विषय,में जादू से जानकारी मिल सके अलग अलग माध्यम से प्राप्त कुछ सूचनाएं चमत्कार के रूप में प्रस्तुत की जाती है यह एक प्रकार की ट्रिक ही है ,जैसे जादूगर अपने शो में अलग अलग प्रकार के खेल दिखाते हैंजैसे रुपये दुगने करने, किसी व्यक्ति के दो टुकड़े करने,फिर जोड़ देने,ताजमहल को गायब करने जैसे करतब पर वे इसे सिद्धि, नहीं कहते सिर्फ एक मनोरंजन के तौर पर यह भी इनसे किसी को कोई लाभ नहीं होगा .क्योंकि ऐसे चमत्कारों न ही किसी का भला हो सकता है और न ही कोई व्यापक जनहित के काम.क्योकि यदि चमत्कारों से ही देश के कार्य सम्भव होते तो सरकार को पंचवर्षीय योजनाएं, नहीं बनानी पड़ती और न ही शिक्षा, ऊर्जा, रोजगार,रक्षा, चिकित्सा की समस्याओं के लिये ,विकास के लिए योजना बना कर काम करना पड़ता .
उसी जब चिकित्सा विज्ञान का आविष्कार नहीं हुआ था तब बीमारियों को जादू टोने का कारण औरमानसिक बीमारियों को भूत प्रेत के होने के कारण माना जाता था लेकिन जब से चिकित्सा विज्ञान का आविष्कार हुआ है नए-नए मेडिकल कॉलेज अस्पताल खुले हैं बीमारियों के , अलग-अलग कारण तथा उसके हिसाब से इलाज ढूंढे गए हैं और अभी भी जारी है जैसे कोरोना के समय मे न ही कोई बाबा काम आया न उनका चमत्कार .डॉक्टरों, अस्पतालों, दवाओं, वैक्सीन जैसी कोरोना नियंत्रण में आया.
उसी प्रकार कुछ मानसिक बीमारियों को अंधविश्वास के कारण लोग भूत-प्रेत एक का वजह मानते थे ,तथा उसके लिए झाड़ फूक कराने जाते थे उसका भी उपचार आजकल मनो चिकित्सकों द्वारा किया जाता है जो की व्यक्ति की बीमारी और उसके लक्षण के आधार पर तय होता है .किसी बीमार व्यक्ति को जादू टोना करने ,भूत आने की बात कह कर भ्रमित करना, प्रेतों की सेना,आदि काल्पनिक बाते अविश्वसनीय ही नही बल्कि हास्यास्पद भी हैं.क्योकि जादू टोने के शक में महिलाओं को टोनही कह कर प्रताड़ित करने और मार डालने के हजारों मामले प्रति वर्ष देश भर से सामने आते है. इस अंधविश्वास से लोगों को बाहर निकालने की जरूरत है न कि उनके चमत्कार, जादू टोना,भूत प्रेत जैसे भ्रम में दाल कर अंधविश्वास बढ़ाने की. भारत सरकार के ड्रग एन्ड मैजिक रेमेडी एक्ट के अंतर्गत यह सब अपराध है .
डॉ दिनेश मिश्र ने कहा हर व्यक्ति को अपने धर्म के प्रचार, प्रसार का अधिकार है ,पिछले कुछ दिनों से देखा जा रहा है कि कुछ बैगा, तांत्रिक टोटके बाजी, खजाना दिलाने, रुपए डबल करने, कथित चमत्कार, बीमारियों के इलाज के नाम पर भी भ्रम उत्पन्न कर रहे हैं .
लोगों में चमत्कार, जादू टोने, भूत प्रेत के नाम पर अंधविश्वास फैलाना उचित नहीं है ऐसे मामलों में प्रशासन को संज्ञान लेकर आवश्यक कार्यवाही करनी चाहिए. एवं आम लोगों को ऐसे स्वार्थी तत्वों पर भरोसा नहीं करना चाहिए. -
रायपुर। 47वी अखिल भारतीय विद्युत महिला क्रीड़ा प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ की महिला टीम ने 6 राज्यों की टीमों से मुकाबला कर टीम चैंपियनशिप में तीसरा स्थान हासिल कर कांस्य पदक अपने नाम किया। यह स्पर्धा तमिल नाडु राज्य द्वारा 3-5 दिसंबर को चेन्नई में आयोजित की गयी थी जिसमे छत्तीसगढ़ की टीम ने तमिल नाडु,कर्नाटक , तेलंगाना, केरल, आंध्र प्रदेश, असम के साथ मुकाबला करते हुए संपूर्ण टूर्नामेंट में 8 पदकों के साथ तीसरे स्थान हासिल किया।
तीन दिवसीय इस स्पर्धा में छत्तीसगढ़ महिला टीम ने पांच अलग अलग खेल वर्ग में अपना श्रेष्ठ प्रदर्शन किया। टेबल टेनिस श्रेणी में सामूहिक वर्ग में रजत पदक, डबल्स वर्ग में स्वर्ण एवं एकल में स्वर्ण और कांस्य दोनों पदको पर कब्जा किया। इसी तरह बैडमिंटन एवं शतरंज श्रेणी में सामूहिक वर्ग में रजत और कैरम में कांस्य पदक विजेता रहे।
शतरंज श्रेणी में सुश्री नूतन ठाकुर एकल स्पर्धा में हैट्रिक बनते हुए एकल वर्ग में स्वर्ण पदक विजेता रही। वह वर्ष २०२३ से अब तक लगातार तीन वर्षों से शतरंज की चैंपियन रही है।
टीम की मैनेजर श्रीमती अनामिका मांडवी एवं कोच श्री रजनीश ओबेरॉय के नेतृत्व में टीम तमिलनाडु गई थी । श्रीमती अनामिका और श्री ओबेराय ने इस जीत का श्रेय छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज की उत्साहवर्धक नीतियों को दिया जिसके कारण खिलाड़ियों को प्रेरणा मिलती है। केंद्रीय क्रीड़ा एवं कला परिषद के पदाधिकारियों द्वारा बेहतर सुविधायें देकर खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया जाता है ।
इस स्पर्धा में कैरम टीम से श्रीमती कंचन महेश ठाकुर, सुश्री नमिता जैन, श्रीमती शकुंतला करक, श्रीमती अनिता रोही, बैडमिंट टीम से सुश्री झरना लता साहू, सुश्री जुवेना गेम्स, श्रीमती गायत्री दीवान, टेबल टेनिस श्रेणी से सुश्री दिव्या आमदे, श्रीमती श्रद्धा वर्मा, श्रीमती शिखा खंडे, श्रीमती शोभना सिंह, शतरंज से सुश्री नूतन ठाकुर, श्रीमती मीना कुर्रे, श्रीमती स्मिता सोनी, श्रीमती भारती साहू, एवं टेनिकोइट खेल से सुश्री एलिस मेरी केरकेट्टा, सुश्री उपासी दांगी, श्रीमती यशोदा रौतिया, सुश्री कल्याणी वर्मा ने भाग लिया। -
रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नवीन विधानसभा परिसर स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में रजत महोत्सव विशेष छत्तीसगढ़ विद्युत मंडल द्वारा प्रकाशित ‘ऊर्जावान छत्तीसगढ़’ कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया। यह काफी टेबल बुक छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना तथा छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल एवं उसकी उत्तरवर्ती पावर कंपनियों की 25 वर्षों की गौरवमयी यात्रा, उपलब्धियों और विकास गाथा पर आधारित है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह कॉफी टेबल बुक छत्तीसगढ़ में ऊर्जा क्षेत्र में हुए ऐतिहासिक परिवर्तनों, अधोसंरचना विकास, नवाचारों और जनसेवा आधारित कार्यों का सजीव दस्तावेज है। कॉफी टेबल बुक में छत्तीसगढ़ राज्य ने ऊर्जा क्षेत्र में सुदृढ़ नियोजन, आधुनिक तकनीक और उपभोक्ता-केंद्रित दृष्टिकोण के साथ उल्लेखनीय उपलब्धियों को शामिल किया गया है और सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट की स्थापना से लेकर 32 हजार मेगावाट विद्युत उत्पादन क्षमता, कोयला खनन के सुदृढ़ संचालन और राज्यव्यापी पारेषण- वितरण ढांचे के विस्तार तक बिजली क्षेत्र में व्यापक सुधार को प्रदर्शित किया गया है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ विद्युत मंडल की टीम को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने ऊर्जा क्षेत्र में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों के समर्पण, प्रतिबद्धता और योगदान की सराहना की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव एवं अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी श्री सुबोध कुमार सिंह, ऊर्जा सचिव एवं अध्यक्ष छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन तथा डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी श्री रोहित यादव, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत पारेषण कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री राजेश कुमार शुक्ला, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री भीम सिंह कंवर सहित वरिष्ठ अधिकारी श्री जे.एस. नेताम, श्री संजीव सिंह एवं श्री आशुतोष जायसवाल उपस्थित थे। - -उप मुख्यमंत्री ने विधानसभा में छत्तीसगढ़ अंजोर-2047 पर चर्चा में लिया हिस्सा, अपने विभागों का रोडमैप किया साझा-आरकेसी के जशपुर भवन से नए विधानसभा भवन की यात्रा को समाहित कर श्री साव ने बताया विजन-2047-वर्ष 2047 तक आधुनिक, सुरक्षित, समावेशी, स्वच्छ, हरित, जलवायु सहिष्णु तथा तकनीकी रूप से सक्षम शहरी तंत्र विकसित करने का लक्ष्य-राजनांदगांव से भानुप्रतापपुर-नारायणपुर होते हुए गीदम तक वैकल्पिक मार्ग की योजना पर हो रहा काम-छत्तीसगढ़ में होंगे नेशनल ट्राइबल गेम्स-पिछले दो वर्षों में दिए गए 5.79 लाख ग्रामीण घरेलू नल कनेक्शनरायपुर, । छत्तीसगढ़ विधानसभा के नए भवन में पहली बार आयोजित सत्र के पहले दिन आज छत्तीसगढ़ सरकार के विजन डॉक्युमेंट 'छत्तीसगढ़ अंजोर-2047' पर दिनभर चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने चर्चा में भाग लेते हुए 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ बनाने के लिए अपने विभागों के रोडमैप साझा किए। उन्होंने कहा कि आज का दिन छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक है। आज से ठीक 25 साल पहले 14 दिसम्बर 2000 को छत्तीसगढ़ विधानसभा का पहला सत्र प्रारंभ हुआ था। राजकुमार कॉलेज के जशपुर हॉल में टेंट से शुरू हुआ विधानसभा का सफर आज अपने स्वयं के इतने विशाल, भव्य और आधुनिक भवन में पहुंच गया है।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने सदन में कहा कि आज का दिन श्रद्धेय स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी को नमन करने का दिन है। उनके कारण यह दिन आया है। विधानसभा का 25 सालों का सफर टेंट से प्रारंभ होकर इस विशाल इमारत तक पहुंचा है। इसका श्रेय अटलजी को जाता है। उन्होंने कहा कि विजन-2047 विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का रोडमैप है। छत्तीसगढ़ राज्य को हमने बनाया है और इसे हम ही संवारेंगे और विकसित करेंगे। इसके लिए हमने ठोस रणनीति और चरणबद्ध योजनाएं बनाई हैं। सरकार के दृष्टि-पत्र 'छत्तीसगढ़ अंजोर-2047' से भी इसमें बड़ी मदद मिलेगी।श्री साव ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ तेजी से विकास कर रहा रहा है। देश में हौसलेवाला प्रधानमंत्री है जिन्होंने विकसित भारत का संकल्प लिया है। छत्तीसगढ़ में विष्णु के सुशासन के साथ हमारे मुख्यमंत्री ने विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प लिया है। हमारी यात्रा ज्ञान (GYAN) यानि गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी के सशक्तीकरण पर केंद्रित है।श्री साव ने सदन में राज्य के शहरों में विकास की कार्ययोजना साझा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ तीव्र गति से विकसित होता हुआ राज्य है जहाँ वर्तमान में कुल 193 नगरीय निकाय हैं। इनमें 14 नगर निगम, 56 नगर पालिका तथा 123 नगर पंचायत शामिल हैं। हमारी शहरी जनसंख्या वर्तमान में लगभग 78.10 लाख है, जो वर्ष 2047 तक 1.3 करोड़ से अधिक होने का अनुमान है। जनसंख्या में इस तीव्र वृद्धि से यह स्पष्ट होता है कि बुनियादी सेवाओं, आवास, आधारभूत संरचना, शहरी परिवहन, पर्यावरणीय प्रबंधन तथा डिजिटल शासन के क्षेत्रों में व्यापक और चरणबद्ध सुधारों की नितांत आवश्यकता है।उन्होंने सदन में बताया कि नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग का उद्देश्य वर्ष 2047 तक ऐसे शहरी तंत्र का निर्माण करना है जो आधुनिक, सुरक्षित, समावेशी, स्वच्छ, हरित, जलवायु सहिष्णु तथा तकनीकी रूप से सक्षम हो। पिछले दो दशकों में शहरीकरण की दर 23 प्रतिशत से बढ़कर लगभग 27.1 प्रतिशत हो चुकी है तथा शहरी स्थानीय निकायों की संख्या 97 से बढ़कर 193 तक पहुँच गई है। यह प्रत्यक्ष संकेत है कि आने वाले वर्षों में राज्य के आर्थिक एवं सामाजिक विकास के प्रमुख संवाहक शहर ही होंगे। मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना, नालंदा परिसर जैसी अनेक योजनाओं से शहरों के विकास के लिए काम हो रहा है। स्वच्छता सर्वेक्षण में सात नगरीय निकायों को पुरस्कार मिला है।श्री साव ने कहा कि लोक निर्माण विभाग के कार्यों में गुणवत्ता सुधार के लिए लगातार दिशा-निर्देश जारी किये जा रहे हैं एवं तद्नुसार कार्यवाही कराया जा रहा है, जिससे गुणवत्ता में क्रमोन्नत सुधार हो रहा है। अव्यवस्थित शहरी आबादी को व्यवस्थित करने के लिए सेटेलाइट टाउनशिप डेव्हलपमेंट के तहत बड़े शहरों एवं उनके समीपस्थ शहरों को फोरलेन से जोड़ने के लिए फोरलेन सड़कों के निर्माण को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके लिए बायपासों के निर्माण को प्राथमिकता से बजट में सम्मिलित किया गया है।उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों के भारी एवं सघन यातायात एवं अंतर्राज्यीय सीमावर्ती सड़कों को उन्नत करने के लिए प्राथमिकता देते हुए बजट में प्रावधान किया गया.
- -वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने राज्य के दीर्घकालिक विकास विज़न का रखा स्पष्ट रोडमैपरायपुर।छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन राज्य के दीर्घकालिक विकास दस्तावेज “छत्तीसगढ़ अंजोर 2047” पर व्यापक और सारगर्भित चर्चा हुई। सदन में वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने इस महत्वाकांक्षी विज़न डॉक्यूमेंट पर विस्तृत चर्चा करते हुए इसके उद्देश्य, आवश्यकता और क्रियान्वयन की रूपरेखा को विस्तार से रखा।वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि “छत्तीसगढ़ अंजोर 2047 केवल एक नीति दस्तावेज नहीं, बल्कि अगले 25 वर्षों में राज्य को समृद्ध, आत्मनिर्भर और समावेशी विकास की दिशा में ले जाने का संकल्प है।” उन्होंने बताया कि यह विज़न भारत की आज़ादी के 100 वर्ष पूर्ण होने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है, जिसमें छत्तीसगढ़ की सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय विशेषताओं को केंद्र में रखा गया है।वित्त मंत्री श्री चौधरी ने चर्चा में स्पष्ट किया कि तेज़ी से बदलते वैश्विक और राष्ट्रीय परिदृश्य में राज्य को दीर्घकालिक दृष्टि के साथ आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जनसंख्या वृद्धि, शहरीकरण, जलवायु परिवर्तन, तकनीकी विकास और युवाओं की बढ़ती आकांक्षाओं को देखते हुए योजनाबद्ध और दूरदर्शी नीति अनिवार्य है।उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ अंजोर 2047 का उद्देश्य आर्थिक विकास को गति देना, युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रोजगार सुनिश्चित करना, किसानों, श्रमिकों और आदिवासी समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना, पर्यावरण संरक्षण के साथ औद्योगिक विस्तार करना, सुशासन, पारदर्शिता और डिजिटल गवर्नेंस को सुदृढ़ बनाना है।वित्त मंत्री ने सदन को अवगत कराया कि छत्तीसगढ़ अंजोर 2047 को कई प्रमुख स्तंभों पर आधारित किया गया है। इनमें कृषि एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था का सशक्तिकरण, औद्योगिक निवेश और स्टार्टअप को बढ़ावा, शिक्षा और कौशल विकास, स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार, महिला सशक्तिकरण, आधारभूत संरचना का विकास और हरित विकास शामिल हैं।उन्होंने विशेष रूप से कहा कि राज्य की युवा आबादी को “डेमोग्राफिक डिविडेंड” में बदलना इस विज़न का प्रमुख लक्ष्य है। इसके लिए शिक्षा, स्किल डेवलपमेंट और नवाचार को प्राथमिकता दी गई है।मंत्री श्री चौधरी ने बताया कि छत्तीसगढ़ अंजोर 2047 को तैयार करने में विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों के सुझावों को शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इसके क्रियान्वयन की प्रक्रिया में जनभागीदारी और नियमित समीक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी।विधानसभा में इस विषय पर उपस्थित सदस्यों ने अपने विचार रखे और राज्य के दीर्घकालिक विकास के लिए इस पहल को महत्वपूर्ण बताया। चर्चा के दौरान यह भावना उभरकर सामने आई कि छत्तीसगढ़ अंजोर 2047 राज्य को एक स्पष्ट दिशा और लक्ष्य प्रदान करेगा।अंत में वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ अंजोर 2047 हमारे बच्चों और आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य का दस्तावेज है। सरकार का संकल्प है कि इस विज़न को धरातल पर उतारकर छत्तीसगढ़ को विकसित राज्यों की श्रेणी में स्थापित किया जाएगा। file photo
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विधानसभा के शीतकालीन सत्र में छत्तीसगढ अंजोर विजन 2047 पर चर्चा करते हुए कहा कि यह विजन प्रदेश को वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ बनाने का स्पष्ट रोडमैप है। उन्होंने कहा कि यह दस्तावेज आने वाले वर्षाे में राज्य के विकास की दिशा तय करेगा। उन्होंने इस मौके पर विकसित छत्तीसगढ के निर्माण में सहभागी बनने के लिए सभी सदस्यों से आव्हान किया। उन्होंने इस अवसर को ऐतिहासिक बताते हुए राज्य के अतीत, वर्तमान उपलब्धियों और भविष्य की दिशा पर प्रकाश डाला।मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन विशेष महत्व रखता है, क्योंकि 14 दिसंबर 2000 को राजकुमार कॉलेज के जशपुर हॉल में छत्तीसगढ़ विधानसभा की पहली बैठक आयोजित हुई थी। यह जशपुर हॉल स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव द्वारा अपने सांसद निधि से निर्मित कराया गया था। उन्होंने इस स्मृति का उल्लेख करते हुए प्रदेश की लोकतांत्रिक यात्रा को नमन किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने विज़न डॉक्यूमेंट के निर्माण के लिए वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी को बधाई देते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में यह दस्तावेज तैयार हुआ है, जो आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ के विकास की दिशा तय करेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2014 में पहली बार प्रधानमंत्री बनने के बाद वे अब तीसरी बार देश का नेतृत्व कर रहे हैं और उनके प्रयासों से भारत आज विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है।प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने 2047 तक विकसित भारत बनाने का जो लक्ष्य रखा है। उनके अनुरूप हमने भी विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का लक्ष्य तय किया है। विकसित छत्तीसगढ़ की यात्रा के लिए हमने कुछ महत्वपूर्ण चरण बनाये हैं। हमने लक्ष्यों को पूरा करने के लिए समय अवधि तय की है। जैसे वर्ष 2030 तक हम निकटवर्ती लक्ष्य हासिल करेंगे। इसी तरह साल 2035 तक मध्यवर्ती और 2047 तक दीर्घकालिक लक्ष्य हासिल करेंगे।छत्तीसगढ़ अंजोर विजन डाक्यूमेंट जनभागीदारी का एक बेहतरीन उदाहरण है। इसे तैयार करने के लिए हमने किसान, युवा, महिला, उद्यमी, कारोबारी समेत समाज के हर वर्ग से सुझाव मांगे। मुझे स्वयं उनसे प्रत्यक्ष बातचीत करने का मौका मिला। इस अंजोर विजन में हमने शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, अधोसंरचना जैसे 13 क्षेत्रों को चिन्हांकित कर इनके विकास के लिए 10 मिशन गठित करने का निर्णय लिया। हम ग्रामीण विकास के साथ.साथ अर्बन प्लानिंग के बेहतरीन मॉडल खड़े कर रहे हैं। नवा रायपुर भविष्य का सबसे तेजी से बढ़ने वाला शहर है। यह शहर मेडिकलए एजुकेशन, टेक्सटाइल, आईटी और एआई का ग्लोबल हब बनने जा रहा है। हम ग्रामीण विकास के साथ.साथ अर्बन प्लानिंग के बेहतरीन मॉडल खड़े कर रहे हैं। नवा रायपुर भविष्य का सबसे तेजी से बढ़ने वाला शहर है। यह शहर मेडिकल, एजुकेशन, टेक्सटाइल, आईटी और एआई का ग्लोबल हब बनने जा रहा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बीते वर्षों में गरीबों, किसानों और वंचित वर्गों के लिए अनेक योजनाएं चलाई गईं और राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए सतत प्रयास किए गए। उन्होंने बताया कि सरकार की पहली ही कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 18 लाख आवासों को स्वीकृति दी गई। महिला सशक्तीकरण के लिए महतारी वंदन योजना एक ऐतिहासिक पहल बनी। लगभग 70 लाख माताओं-बहनों को प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता दी जा रही है। डीबीटी के माध्यम से अब तक 22 किस्तों में 14 हजार 306 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज और वनोपज संग्राहकों के हित में तेंदूपत्ता पारिश्रमिक 4000 से बढ़ाकर 5500 रुपये किया गया है। 13 लाख परिवारों को इसका लाभ मिल रहा है। चरणपादुका योजना पुनः प्रारंभ की गई है तथा 73 लाख गरीब परिवारों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है।बस्तर में बस्तर ओलंपिक एवं बस्तर पांडुम जैसे कार्यकमों के माध्यम से बस्तर की आम जनता तक पहुंच रहे है।इस साल बस्तर पांडुम में इस बार 3 गुना लोगों के हिस्सा लेने का अनुमान है। जो हमारी सरकार की सफलता को दिखाती है। आइए इस ऐतिहासिक दिन में हम सभी संकल्प ले की प्रदेश की विकसित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को पूरा करे। इको-टूरिज्म, बस्तर पंडुम तथा बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजन नई पहचान बना रहे हैं।श्री साय ने कहा कि मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यापार और उद्योग के लिए नई औद्योगिक नीति लागू की गई है। अब तक 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। लॉजिस्टिक पार्क, एयर कार्गाे सुविधा और औद्योगिक पार्क स्थापित किए गए हैं। स्थानीय रोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है। हमारी सरकार 2 साल में 10 हजार से ज्यादा बेटी बेटा को सरकारी नौकरी दिया गया है। ऊर्जा क्षेत्र में साढ़े तीन लाख करोड़ का निवेश हुआ है।प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की दूरदृष्टि एवं केन्द्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह जी के संकल्प के साथ हमारे बहादुर जवानों के अदम्य साहस से माओवाद अब अंतिम पड़ाव पर है। हम मार्च 2026 तक माओवाद की समाप्ति की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। आत्मसमर्पण करने वाले और गिरफ्तार हुए माओवादी का पुनर्वास किया जा रहा है। सुरक्षा के साथ-साथ विकास के जरिए बस्तर को मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि नियद नेल्ला नार योजना के तहत सुदूर गांवों में राशन, आधार, आयुष्मान कार्ड, आवास, बिजली और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई गई हैं। बस्तर में स्कूल पुनः शुरू हुए हैं और इको-टूरिज्म, बस्तर पंडुम तथा बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजन नई पहचान बना रहे हैं।मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले दो वर्षों में 10 हजार से अधिक बेटियों और बेटों को सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज और वन संपदा से समृद्ध राज्य है। मुख्यमंत्री ने सदन और प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि सभी मिलकर विकसित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को साकार करने का संकल्प लें।पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में डबल सब्सिडीमुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हम सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत घरों पर सोलर रूफटॉप लगाने पर केंद्र और राज्य की डबल सब्सिडी प्रदान कर रहे हैं। ऊर्जा क्षेत्र में साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये का निवेश हुआ है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा सब्सिडी दी जा रही है। सौर ऊर्जा के एक किलोवॉट क्षमता के प्लांट के लिए केन्द्र सरकार द्वारा 30 हजार रूपए और राज्य सरकार द्वारा 15 हजार रूपए इस प्रकार कुल 45 हजार रूपए की सब्सिडी दी जा रही है।वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के द्वारा प्रस्तुत विज़न 2047 की चर्चा में भाग लेने वालों में उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव, श्री विजय शर्मा, मंत्री श्री रामविचार नेताम, विधायक सर्वश्री अजय चन्द्राकर, धरमलाल कौशिक, राजेश मूणत, धरमजीत सिंह, सुनील सोनी, श्रीमती भावना बोहरा, सुश्री लता उसेंडी, अनुज शर्मा, सुशांत शुक्ला तथा किरण देव शामिल रहे।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नवीन विधानसभा परिसर स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में रजत महोत्सव विशेष छत्तीसगढ़ विद्युत मंडल द्वारा प्रकाशित ‘ऊर्जावान छत्तीसगढ़’ कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया। यह काफी टेबल बुक छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना तथा छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल एवं उसकी उत्तरवर्ती पावर कंपनियों की 25 वर्षों की गौरवमयी यात्रा, उपलब्धियों और विकास गाथा पर आधारित है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह कॉफी टेबल बुक छत्तीसगढ़ में ऊर्जा क्षेत्र में हुए ऐतिहासिक परिवर्तनों, अधोसंरचना विकास, नवाचारों और जनसेवा आधारित कार्यों का सजीव दस्तावेज है। कॉफी टेबल बुक में छत्तीसगढ़ राज्य ने ऊर्जा क्षेत्र में सुदृढ़ नियोजन, आधुनिक तकनीक और उपभोक्ता-केंद्रित दृष्टिकोण के साथ उल्लेखनीय उपलब्धियों को शामिल किया गया है और सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट की स्थापना से लेकर 32 हजार मेगावाट विद्युत उत्पादन क्षमता, कोयला खनन के सुदृढ़ संचालन और राज्यव्यापी पारेषण- वितरण ढांचे के विस्तार तक बिजली क्षेत्र में व्यापक सुधार को प्रदर्शित किया गया है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ विद्युत मंडल की टीम को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने ऊर्जा क्षेत्र में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों के समर्पण, प्रतिबद्धता और योगदान की सराहना की।इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव एवं अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी श्री सुबोध कुमार सिंह, ऊर्जा सचिव एवं अध्यक्ष छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन तथा डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी श्री रोहित यादव, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत पारेषण कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री राजेश कुमार शुक्ला, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री भीम सिंह कंवर सहित वरिष्ठ अधिकारी श्री जे.एस. नेताम, श्री संजीव सिंह एवं श्री आशुतोष जायसवाल उपस्थित थे।
- - मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कॉफी टेबल बुक का किया अनावरण-महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत 10,000 आजीविका डबरी निर्माण कार्यों का भी हुआ शुभारंभरायपुर,। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा स्थित अपने कार्यालय कक्ष में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत अपनी प्रथम मंत्रिपरिषद बैठक में 18 लाख आवास स्वीकृत किए जाने के निर्णय के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर एक आकर्षक कॉफी टेबल बुक का अनावरण किया। यह पुस्तक राज्य में ग्रामीण आवास योजना के तहत प्राप्त ऐतिहासिक प्रगति, नवाचारों और उपलब्धियों को प्रभावी रूप से प्रस्तुत करती है।प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत राज्य को प्राप्त 26.27 लाख आवासों के लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 24.37 लाख आवासों की स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है, जबकि 17.14 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है। विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि वर्तमान सरकार ने अपने मात्र दो वर्षों के अल्प कार्यकाल में ही लगभग 8 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण कर राज्य में ग्रामीण आवास निर्माण के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।इसी अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत 10,000 आजीविका डबरी निर्माण कार्यों का भी शुभारंभ किया। इन डबरियों को मई 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। मनरेगा के तहत पात्र हितग्राहियों, जिनमें प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लाभार्थी भी शामिल हैं, की निजी भूमि पर इन डबरियों का निर्माण किया जाएगा। इससे न केवल ग्रामीण रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि किसानों एवं ग्रामीण परिवारों की आजीविका और आय में भी स्थायी वृद्धि सुनिश्चित होगी।कार्यक्रम के दौरान कवर्धा जिले के जनमन आवास योजना के हितग्राहियों तथा नारायणपुर जिले के आत्मसमर्पित नक्सलियों एवं नक्सल हिंसा से पीड़ित परिवारों के लिए संचालित विशेष परियोजना के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लाभार्थियों को आजीविका डबरी के स्वीकृति पत्र भी प्रदान किए गए, जो सामाजिक पुनर्वास और मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारीक सिंह, प्रधानमंत्री आवास योजना के संचालक एवं महात्मा गांधी नरेगा के आयुक्त श्री तारन प्रकाश सिन्हा तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री भीम सिंह सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
- 26 स्कूल बसों का किया गया निरीक्षण, 3 में खामी पाए जाने पर की गई चालानी कार्रवाईवाहन चालकों को यतायत नियमों का पालन करने दी गई सलाहगौरेला पेंड्रा मरवाही/ छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने की उपलक्ष्य में राज्य सरकर द्वारा रजत जयंती वर्ष मनाया जा रहा है। इस दौरान सभी विभागों द्वारा विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। पुलिस एवं परिवहन विभाग द्वारा बीते दिनों किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए धान खरीदी केंद्रों और अन्य स्थानों पर शिविर आयोजित कर 107 लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस बनाए गए। जानकारी के अनुसार धान खरीदी केंद्र कोटमी में 12, मरवाही में 16 एवं पेंड्रा मे 19 लोगों के लर्निंग लाइसेंस बनाएं गए। इसके साथ ही जन समस्या निवारण शिविर मगुरदा में 11 एवं ग्राम पंचायत पंडरीपानी में 45 और पंडित माधव राव सप्रे कन्या महाविद्यालय गौरैला मे 4 लोगों के लर्निंग लाइसेंस बनाएं गए।इसी तारतम्य में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी गाइड लाइन के अनुरूप जिले में संचालित 27 स्कूल बसों में से 26 का निरीक्षण किया गया, जिसमे 3 बसों में खामी पाए जाने पर चालानी कार्यवाही किया गया तथा सरस्वती स्कूल की एक बस की सीटो के सुधार के लिए निर्देशित किया गया। निरिक्षण के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री ओम चंदेल द्वारा बताया गया कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है। बस में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना घटित होने पर या आशंका मात्र पर उसकी जानकारी स्कूल प्रबंधन को दें। वाहनों को ओवर स्पीड नहीं चलाये। सप्ताह में कम से कम एक बार वाहन का मैकेनिज़्म आवश्यक रूप से चेक कराये और पायी जाने वाली कमी को तत्काल सुधार कराये उसके बाद वाहन को चलाये क्योंकि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है।निरीक्षण के दौरान स्वाथ्य विभाग की टीम द्वारा सभी चालक परिचलको का स्वाथ्य परिक्षण किया गया व आवश्यक दवाई और सुझाव दिया गया। यातायात प्रभारी द्वारा सभी चालको को यातायात नियमों का पालन करते हुए वाहन संचालन करने सलाह दिया गया।
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रायपुर/ रायपुर नगर पालिक निगम जोन 5 स्वास्थ्य विभाग को 3 आक्रामक आवारा मवेशियों से सम्बंधित प्राप्त जनशिकायत को तत्काल संज्ञान में लेते हुए नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री विश्वदीप द्वारा दिए आदेशानुसार और नगर निगम जोन 5 जोन कमिश्नर श्री खीरसागर नायक के निर्देशानुसार जोन 5 जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री संदीप वर्मा, स्वच्छता निरीक्षक श्री दिलीप साहू की उपस्थिति में जोन क्रमांक 5 की काऊकैचर टीम जोन क्षेत्र अंतर्गत पण्डित सुन्दर लाल शर्मा वार्ड क्रमांक 41 क्षेत्र अंतर्गत सम्बंधित मैत्री नगर सुन्दर नगर क्षेत्र में भेजकर दो दिन में 3 आक्रामक आवारा मवेशियों की धरपकड़ काऊकैचर वाहन की सहायता से करते हुए स्थानीय रहवासियों को त्वरित राहत दी जाकर प्राप्त जनशिकायत का त्वरित निदान किया गया. इसमें 2 आक्रामक मवेशियों की विगत दिवस दिनांक 13 दिसम्बर को धरपकड़ की गयी और आज दिनांक 14 दिसम्बर को एक आक्रामक मवेशी को काऊकैचर टीम भेजकर मैत्री नगर सुन्दर नगर में जोन 5 स्वास्थ्य विभाग की टीम ने धरपकड़ कर प्राप्त जनशिकायत का त्वरित निदान जोन के स्तर पर किया.










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