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- -140 करोड़ देशवासियों को जोड़ रहा है एक भारत श्रेष्ठ भारत अभियान - मुख्यमंत्री श्री साय-लोकभवन में मनाया गया विभिन्न राज्यों का स्थापना दिवसरायपुर राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा कि यह अवसर इन राज्यों की समृद्ध विरासत, ऐतिहासिक परंपराओं और विकास यात्रा को स्मरण करने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की पहल पर शुरू की गई एक भारत श्रेष्ठ भारत योजना का उद्देश्य विभिन्न राज्यों की भाषा, संस्कृति और परंपराओं के माध्यम से आपसी समझ और जुड़ाव को बढ़ाना है जिससे भारत की एकता और अखंडता मजबूत होती है। राज्यपाल श्री रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में आज लोकभवन में 7 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों का स्थापना दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय विशेष रूप से उपस्थित थे।एक भारत श्रेष्ठ भारत कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित इस समारोह में राज्यपाल श्री डेका ने मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश, दादरा एवं नगर हवेली एवं दमन दीव, बिहार, राजस्थान और ओडिशा राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। राज्यपाल ने मिजोरम और अरूणाचल प्रदेश की प्राकृतिक संुदरता और जनजातीय संस्कृति, दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन-दीव की पर्यटन एवं औद्योगिक विशेषताओं, बिहार के लोगों का अर्थव्यवस्था एवं विकास में योगदान, ऐतिहासिक और आध्यात्मिक विरासत, राजस्थान के लोगों के व्यापारिक उन्नति और शौर्य परंपरा तथा ओडिशा के ऐतिहासिक महत्व का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ओडिशा और छत्तीसगढ़ में बहुत समानताएं हैं। राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि भारत की विविधता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है और ऐसे आयोजन राष्ट्रीय एकता को और अधिक मजबूत बनाते हैं।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि एक भारत श्रेष्ठ भारत 140 करोड़ देशवासियों को जोड़ रहा है। भाषा, वेशभूषा, खान-पान में भले ही हम अलग अलग है लेकिन अनेकता में एकता हमारी देश की विशेषता हैं। एक भारत श्रेष्ठ भारत कार्यक्रम इसी भावना को दर्शाता है। छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच रोटी बेटी के संबंध, राजस्थान के व्यापारियों का छत्तीसगढ़ के व्यापार एवं उद्योग की उन्नति में योगदान सहित अन्य राज्यों की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक भारत श्रेष्ठ भारत के तहत हम लोग विभिन्न राज्यों में जाकर वहां की संस्कृति से परिचित हो रहे हैं।समारोह में राज्यों के प्रतिनिधियों ने अपने राज्यों की विशेषताओं, परंपरा, संस्कृति पर प्रकाश डाला। समारोह में विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने सभी राज्यों के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रंगारंग प्रस्तुति दी। विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों को राज्यपाल ने राजकीय गमछा और स्मृति चिन्ह भेंट किया। राज्यों के प्रतिनिधियों ने भी राज्यपाल को अपने राज्य की ओर से स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।कार्यक्रम में राज्यपाल के विधिक सलाहकार श्री भीष्म प्रसाद पाण्डेय के सेवानिवृत्त होने के अवसर पर राज्यपाल ने उनका सम्मान किया। इसी तरह राज्यपाल की उप सचिव सुश्री निधि साहू ने देहदान का निर्णय लिया है, जिसकी सराहना करते हुए श्री डेका ने उन्हें भी सम्मानित किया।कार्यक्रम में विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, अन्य जनप्रतिनिधि, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर प्रसन्ना, अन्य अधिकारी एवं इन सभी राज्यों के युवा, महिलाएं एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
- आत्मसमर्पित व नक्सल पीड़ितों को कलेक्टर ने सौंपा नियुक्ति पत्रप्रशिक्षण उपरांत रोजगार देने वाला पहला जिला बना कांकेररायपुर / मानव समाज का सबसे उत्कृष्ट पहलू सकारात्मक परिवर्तन है, जिससे जीवन में नवाचार और नए विचार जन्म लेते हैं। ऐसा ही बदलाव आत्मसमर्पित माओवादियों के जीवन में दिखाई दे रहा है। जिला प्रशासन की पहल पर उन्हें पहले प्रशिक्षित किया गया और अब कुशल होने के बाद रोजगार भी मुहैया हो रहा है। आत्मसमर्पित माओवादियों को भानुप्रतापपुर के ग्राम मुल्ला (चौगेल) के कैम्प में विभिन्न व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें पारंगत होने के बाद प्रशासन के प्रयासों से रोजगार भी दिलाया जा रहा है। मुख्यधारा में लौटकर प्रशिक्षण के उपरांत रोजगार प्रदान करने के मामले में उत्तर बस्तर कांकेर पहला जिला है।कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर और जिला पंचायत के सीईओ श्री हरेश मंडावी ने आज कलेक्टर कक्ष में आज सुबह 04 आत्मसमर्पित माओवादी व पीड़ितों को नियुक्ति पत्र सौंपा तथा उन्हें नई शुरूआत के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं। इनमें पुनर्वासित सगनूराम आंचला एवं नक्सल पीड़ित रोशन नेताम, बीरसिंह मंडावी और संजय नेताम शामिल थे। इन सभी को निजी फर्म का नियुक्ति पत्र प्रदाय किया गया, जहां 15 हजार रूपए प्रतिमाह मानदेय और अन्य प्रकार की वित्तीय सुविधाएं प्राप्त होंगी। श्री आंचला ने बताया कि शिक्षा और सही-गलत की जानकारी के अभाव में माओवादी संगठन से जुड़ गया था। उन्हांने कहा कि मनुष्य की अहमियत मुख्यधारा में जुड़ने के बाद ही पता चली। जीवन के अलग-अलग रंगों व वास्तविक खुशियों की पहचान अब जाकर हुई। श्री आंचला ने शासन-प्रशासन का आभार मानते हुए कहा कि जीने का असली मकसद अब मिला है।इसी तरह माओवाद पीड़ित श्री बीरसिंह मंडावी ने कहा कि ग्राम मुल्ला (चौगेल) के कैम्प में पुनर्जीवन मिला है, जहां निःशुल्क प्रशिक्षण देकर उन्हें कुशल एवं पारंगत बनाया गया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के बाद जिला प्रशासन द्वारा रोजगार भी दिया जा रहा है। प्रदेश सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर हिंसा का मार्ग छोड़ समाज की मुख्यधारा में लौट रहे हैं। ज्ञात हो कि प्रशिक्षण देकर उन्हें नियोजित करने के मामले में कांकेर बस्तर संभाग का पहला जिला बन गया है। यह शासन की विशिष्ट पहल है, जिसके चलते उन्हें अपनी प्रतिभा निखारने व तराशने तथा उसे नई दिशा देने की कवायद हो रही है। इस प्रकार शासन की सकारात्मक पहल का प्रत्यक्ष लाभ पुनर्वासितों व पीड़ितों को मिल रहा है।
- -मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में ग्रामीणों को मिला पेयजल संकट से मुक्ति-जल जीवन मिशन से हर घर पहुंचा नल जलरायपुर /केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन ने सुकमा जिले के नक्सल प्रभावित ग्राम सालातोंग में बदलाव की नई इबारत लिख दी है। 15 अगस्त 2019 को शुरू किए गए इस मिशन का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को प्रति व्यक्ति प्रतिदिन न्यूनतम 55 लीटर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना है। कलेक्टर श्री अमित कुमार के मार्गदर्शन में इसी लक्ष्य को साकार करते हुए नियद नेल्लानार योजना अंतर्गत कोंटा ब्लॉक के दूरस्थ ग्राम सालातोंग में अब हर घर तक नल से स्वच्छ पानी पहुंच रहा है।ग्राम सालातोंग, जो कोंटा से लगभग 100 किमी तथा जिला मुख्यालय सुकमा से 90 किमी दूर स्थित है, लंबे समय तक नक्सल समस्या और पेयजल संकट से जूझता रहा। गांव के लगभग 80 घरों के लोग पीने और घरेलू उपयोग के लिए एक छोटे नाले पर निर्भर थे। गर्मी के मौसम में जब महीनों तक बारिश नहीं होती थी, तब नाले का जलस्तर इतना घट जाता था कि ग्रामीणों को बेहद सीमित मात्रा में पानी निकालना पड़ता था। कई बार पानी के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी, जिससे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को विशेष परेशानी होती थी।अब जल जीवन मिशन के माध्यम से गांव में 100 नल कनेक्शन प्रदान करने का लक्ष्य निर्धारित कर कार्य तेजी से किया गया, जिससे ग्रामीणों को घर बैठे शुद्ध जल उपलब्ध होने लगा है। मिशन के लागू होने के बाद गांव में न केवल जल संकट दूर हुआ, बल्कि स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता से स्वास्थ्य में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। जलजनित बीमारियों में कमी आई है और ग्रामीणों की जीवनशैली में सकारात्मक परिवर्तन हुआ है।जल जीवन मिशन के तहत सालातोंग में जल संरक्षण और जल सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी गई है। गांव के जल स्रोतों सोलर आधारित सिस्टम एवं हैंडपंप का नियमित रूप से जल गुणवत्ता परीक्षण किया जा रहा है। इस कार्य में “जल बहिनियाँ” भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं, जिनमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन और गांव की शिक्षित महिलाएं शामिल हैं। इन्हें जल गुणवत्ता परीक्षण का प्रशिक्षण देकर सशक्त बनाया गया है, ताकि वे स्वयं पानी की जांच कर ग्रामीणों को सुरक्षित जल उपलब्धता सुनिश्चित कर सकें।ग्रामीणों ने इस मिशन के लिए मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब पानी के लिए भटकना नहीं पड़ता, घर में नल से पानी मिल रहा है, जिससे हमारा जीवन आसान और सुरक्षित हुआ है। जल जीवन मिशन ने सालातोंग में स्वच्छ जल पहुंचाकर यह साबित कर दिया है कि सरकार की योजनाएं जब जमीन पर उतरती हैं, तो दूरस्थ और चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में भी विकास की नई रोशनी पहुंचती है।
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भिलाईनगर। छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में संपत्तिकर भुगतान एवं विवरणी प्रस्तुत करने के लिए नागरिकों को विशेष राहत दी गई है। पूर्व निर्धारित अंतिम तिथि 31 मार्च 2026 को बढ़ाकर अब 30 अप्रैल 2026 कर दिया गया है।
शासन द्वारा जारी निर्देश में बताया गया है कि नगरीय निकायों में संपत्तिकर एवं विवरणी जमा करने की अंतिम तिथि 31 मार्च निर्धारित थी, लेकिन विभिन्न प्रशासनिक कार्यों के चलते आय संग्रहण प्रभावित हुआ है। इसमें मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण, जनगणना 2027 की प्रारंभिक तैयारियां तथा माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के तहत एनिमल बर्थ कंट्रोल रूल के क्रियान्वयन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में अधिकारी-कर्मचारी व्यस्त रहे।इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए शासन ने नागरिकों को राहत प्रदान करते हुए एक माह की अतिरिक्त समय-सीमा दी है। अब नागरिक 30 अप्रैल 2026 तक बिना किसी अतिरिक्त दंड के संपत्तिकर जमा कर सकेंगे। इसके साथ ही निर्देशित किया गया है कि कर्मचारियों द्वारा घर-घर जाकर संपत्तिकर की वसूली की जाए तथा नागरिकों को ऑनलाइन भुगतान के लिए भी प्रोत्साहित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग समय-सीमा के भीतर कर जमा कर सकें। अतः सभी नागरिकों से निगम आयुक्त की ओर से अपील है कि बकाया संपत्ति कर बिना पेनाल्टी शुल्क के अति शीघ्र जमा करें । -
बिलासपुर/जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत 108 एम्बुलेंस सेवा में 16 नई एम्बुलेंस को शामिल किया गया। इन एम्बुलेंस को जिला कलेक्टोरेट परिसर से आज विधिवत हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया, जिससे जिले में आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की पहुंच और गति दोनों में सुधार की उम्मीद है।इस कार्यक्रम में विधायक अमर अग्रवाल, विधायक दिलीप लहरिया, विधायक सुशांत शुक्ला, महापौर पूजा विधानी, कलेक्टर संजय अग्रवाल तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शुभा गरेवाल सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि नई मिली 16 एम्बुलेंस में से 3 अत्याधुनिक एडवांस लाइफ सपोर्ट (एएलएस) प्रणाली से सुसज्जित हैं। ये एम्बुलेंस चलती-फिरती आईसीयू के रूप में कार्य करेंगी, जिनमें वेंटिलेटर, मॉनिटरिंग सिस्टम, ऑक्सीजन सपोर्ट, डिफिब्रिलेटर एवं अन्य जीवनरक्षक उपकरण उपलब्ध हैं। इससे गंभीर मरीजों को अस्पताल पहुंचने से पहले ही बेहतर प्राथमिक उपचार मिल सकेगा। नए मिले 16 एम्बुलेंस को पीएचसी सकरी, बिलासपुर आईएफटी, पीएचसी सीपत, सिम्स बिलासपुर, सीएचसी बिल्हा, पीएचसी तोरवा, सीएचसी मस्तुरी, जिला अस्पताल, पुलिस स्टेशन सरकण्डा, सीएचसी तखतपुर, सीएचसी कोटा, सीएचसी मस्तुरी 2, जिला अस्पताल 2, हाईकोर्ट बिलासपुर, सिम्स एवं सीएचसी रतनपुर में तैनात रखा जायेगा।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक अमर अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार लगातार स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि नई एम्बुलेंसों से न केवल सेवा की गुणवत्ता बढ़ेगी, बल्कि आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर सहायता मिलने से अनेक लोगों की जान बचाई जा सकेगी। उन्होंने विशेष रूप से एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस को गंभीर मरीजों के लिए अत्यंत उपयोगी बताया। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि जिले में 108 सेवा पहले से ही प्रभावी रूप से कार्य कर रही है और नई एम्बुलेंसों के शामिल होने से रिस्पांस टाइम में कमी आएगी। साथ ही दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों तक भी त्वरित चिकित्सा सहायता पहुंचाना और अधिक आसान होगा। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शुभा गरेवाल ने जानकारी दी कि सभी एम्बुलेंसों में प्रशिक्षित इमरजेंसी मेडिकल तकनीशियन तैनात रहेंगे, जो मौके पर ही प्राथमिक उपचार प्रदान करेंगे। इससे दुर्घटना या गंभीर बीमारी की स्थिति में मरीज की स्थिति को स्थिर रखने में मदद मिलेगी। -
*अफवाह फैलाने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई*
बिलासपुर/ पश्चिम एशिया में उत्पन्न परिस्थितियों के बीच एलपीजी, पेट्रोल, डीजल एवं उर्वरक की उपलब्धता को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरों के प्रसार को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित होने वाली खबरों की निगरानी के लिए एक विशेष समिति का गठन किया गया है।गठित समिति में अपर कलेक्टर शिव कुमार बनर्जी को अध्यक्ष बनाया गया है।अमृत कुजूर, खाद्य नियंत्रक को सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। समिति में सदस्य के रूप में मुनुदाऊ पटेल उप संचालक जनसंपर्क, गोपाल सतपथी, निरीक्षक, साइबर सेल, पुलिस विभाग, सुश्री रेहाना तबस्सुम, जिला समन्वयक, सोशल मीडिया, जनसंपर्क विभाग, अजीत मिश्रा, अध्यक्ष, प्रेस क्लब बिलासपुर, किशोर सिंह, पत्रकार, नव भारत प्रेस बिलासपुर तथा वरिष्ठ पत्रकार भास्कर मिश्रा को सदस्य नियुक्त किया गया है। यह समिति विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित खबरों की सतत निगरानी करेगी, फेक न्यूज की त्वरित पहचान कर उसका खंडन सुनिश्चित करेगी तथा अफवाह फैलाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ आईटी एक्ट एवं भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अपुष्ट या भ्रामक जानकारी पर विश्वास न करें और केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त सूचनाओं पर ही भरोसा करें। साथ ही, किसी भी संदिग्ध खबर की जानकारी तत्काल प्रशासन को देने का आग्रह भी किया गया है। - - कॉर्पोरेट सैलरी पैकेज के तहत बैंकिंग, इंश्योरेंस और लाइफस्टाइल बेनिफिट्स का मिलेगा लाभरायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी (CSPTCL) ने भारतीय स्टेट बैंक के साथ कॉर्पोरेट सैलरी पैकेज (CSP) के तहत एक महत्वपूर्ण समझौता किया है। इस पहल से कंपनी के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उन्नत बैंकिंग सुविधाओं के साथ व्यापक बीमा सुरक्षा प्रदान की जाएगी। यह अनुबंध ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री राजेश कुमार शुक्ला की उपस्थिति में किया गया।ट्रांसमिशन कंपनी के कार्यपालक निदेशक (वित्त) श्री एमएस चौहान ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत कर्मचारियों को एक करोड़ रुपए तक का पर्सनल एक्सीडेंट बीमा, एक करोड़ 60 लाख रुपए तक का एयर एक्सीडेंट बीमा, एक करोड़ तक का स्थायी पूर्ण विकलांगता कवर तथा 80 लाख रुपए तक का आंशिक विकलांगता कवर मिलेगा। इसके अतिरिक्त एसबीआई के रूपे डेबिट कार्ड के माध्यम से 10 लाख रुपए तक का पर्सनल एक्सीडेंट कवर तथा श्रेणी के अनुसार 50 लाख से 1 करोड़ रुपए तक का एयर एक्सीडेंट बीमा भी उपलब्ध होगा।उन्होंने बताया कि बैंकिंग सुविधाओं में कर्मचारियों को न्यूनतम बैलेंस की अनिवार्यता से छूट, निःशुल्क इंटरनेट बैंकिंग, एसबीआई एटीएम पर अनलिमिटेड ट्रांजैक्शन, आरटीजीएस एवं एनईएफटी शुल्क में रियायत तथा लॉकर किराए में छूट जैसी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।साथ ही, विभिन्न श्रेणियों के अनुसार कर्मचारियों को अमेजन प्राइम सदस्यता, यात्रा एवं मनोरंजन से जुड़े ऑफर, एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस तथा चयनित श्रेणियों में जिम, स्पा एवं अन्य लाइफस्टाइल सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। कंपनी प्रबंधन ने सभी कर्मचारियों से अपील की है कि वे इस योजना का अधिकतम लाभ उठाने के लिए संबंधित एसबीआई शाखा से संपर्क करें और अपना खाता इस योजना में बदलने के लिए आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करें। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी के कार्यपालक निदेशक (वित्त) संदीप मोदी, ट्रांसमिशन कंपनी के एजीएम श्री मुकेश कश्यप, एसबीआई के डीजीएम श्री राकेश कुमार सिन्हा एवं असिस्टेंट जीएम श्री राम विनोद सिंह उपस्थित थे।
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*- बासीन गांव में तालाब से मुरूम खनन, ग्रामीणों ने की रोक लगाने की मांग*
*- जनदर्शन में कुल 102 आवेदन हुए प्राप्त*दुर्ग/ जिला कार्यालय के सभाकक्ष में कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने जनदर्शन कार्यक्रम में पहंुचे जनसामान्य लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने जनदर्शन में पहुंचे सभी लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और समुचित समाधान एवं निराकरण करने संबंधित विभागों को शीघ्र कार्यवाही कर आवश्यक पहल करने को कहा। जनदर्शन में डिप्टी कलेक्टर श्री उत्तम ध्रुव भी उपस्थित थे। जनदर्शन में अवैध कब्जा, आवासीय पट्टा, प्रधानमंत्री आवास, भूमि सीमांकन कराने, सीसी रोड निर्माण, ऋण पुस्तिका सुधार, आर्थिक सहायता राशि दिलाने सहित विभिन्न मांगों एवं समस्याओं से संबंधित आज 102 आवेदन प्राप्त हुए। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने विभिन्न जनसमस्याओं से जुड़े आवेदनों पर संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।इसी कड़ी में नयापारा वार्डवासियों ने अवैध निर्माण कार्य को रोकने आवेदन दिया। उन्होंने बताया कि दुर्ग के नयापारा वार्ड क्रमांक 1 एवं 2 स्थित शीतला मंदिर (गौशाला) चौक में कुछ लोगों द्वारा सार्वजनिक एवं शासकीय भूमि पर मंदिर निर्माण करने के लिए सीमेंटीकरण को तोड़ा जा रहा है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि यह स्थल वर्षों से धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों जैसे गौरी-गौरा एवं जोत-जवांरा विसर्जन के लिए उपयोग में आता रहा है। उन्होंने निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाने और स्थल को सुरक्षित रखने की मांग की। इस पर कलेक्टर ने नगर निगम दुर्ग को निरीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।दुर्ग जिले के ग्राम बासीन के ग्रामवासियों ने तालाब से मुरूम खनन की शिकायत की। ग्रामवासियों ने बताया कि सरपंच और सचिव द्वारा कीचड़ सफाई के नाम पर अधिक मात्रा में मुरूम खनन का कार्य किया जा रहा है, जिससे तालाब सूख गया है। तालाब में लगभग 70 से 80 प्रतिशत लोग निस्तारी करते है। बिना किसी शासकीय स्वीकृति के जेसीबी से तालाब की मेड़ तोड़कर पानी निकाल दिया गया, जिससे तालाब पूरी तरह से सुख गया है। ग्रामवासियों ने खनन कार्य पर रोक लगाने और तालाब को पुनः भरवाने की मांग की। इस पर कलेक्टर ने तहसीलदार दुर्ग और खनिज विभाग को निरीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।ग्राम पंचायत ननकट्ठी के सरपंच ने जल जीवन मिशन योजना के तहत टंकी निर्माण एव पाईप लाईन बिछाने की मांग की। उन्होंने बताया कि ग्राम ननकट्ठी में जल जीवन मिशन योजना के तहत टंकी निर्माण और पाइपलाइन विस्तार का कार्य अधूरा है, जिससे ग्रामीणों को भारी जल संकट का सामना करना पड़ रहा है। गर्मी अधिक बढ़ने पर ग्रामवासियों को करीब 4 किलोमीटर दूर नदी से पानी लाना पड़ सकता है। इसी प्रकार भिलाई के वैशाली नगर वार्ड क्रमांक 30 (जलेबी चौक के आगे) में जल संकट को लेकर स्थानीय निवासियों आवेदन दिया। इस पर कलेक्टर ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को आवश्यक कार्यवाही करने को कहा। इस दौरान जनदर्शन में विभागीय अधिकारी भी उपस्थित थे। - रायपुर / खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के अंतर्गत राजधानी स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम में खेले गए पुरुष हॉकी फाइनल मुकाबले में ओडिशा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए झारखंड को 4-1 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। मैच की शुरुआत में झारखंड ने आक्रामक खेल दिखाते हुए पहले क्वार्टर में 1-0 की बढ़त बना ली। हालांकि, दूसरे क्वार्टर में ओडिशा ने जोरदार वापसी करते हुए दो गोल दागे और 2-1 से बढ़त हासिल कर ली।तीसरे क्वार्टर तक मुकाबला रोमांचक बना रहा, लेकिन ओडिशा ने अपना दबदबा कायम रखते हुए स्कोर 3-1 कर लिया। अंतिम क्वार्टर में भी ओडिशा ने एक और गोल कर बढ़त मजबूत की और अंततः मैच 4-1 से जीत लिया। पूरे मैच के दौरान दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली, लेकिन ओडिशा की सधी हुई रणनीति और बेहतर तालमेल ने उसे जीत दिलाई। इस जीत के साथ ओडिशा ने प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया, जबकि झारखंड को रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
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बालोद/छत्तीसगढ़ शासन, सामान्य प्रशासन एवं जनशिकायत निवारण विभाग के निर्देशानुसार जिला प्रशासन बालोद द्वारा आम जनता की समस्याओं के त्वरित निराकरण हेतु नियमित रूप से जिले के प्रत्येक विकासखण्डों में जिला स्तरीय ’जनसमस्या निवारण शिविरों’ का आयोजन किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत गुरूर विकासखण्ड के ग्राम अरमरीकला में गुरूवार, 02 अप्रैल को सुबह 10 बजे से जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया जाएगा। जनसमस्या निवारण शिविरों का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण जनता की समस्याओं, मांगों और शिकायतों का मौके पर ही प्रभावी ढंग से निराकरण करना है। जिससे राज्य शासन की जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। इसके लिए शिविर स्थल पर सभी विभागों के सुव्यवस्थित स्टॉल लगाए जाएंगे और योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
- रायपुर । पश्चिम एशिया संकट के प्रभाव के चलते प्रदेश में 6 मार्च से 16 मार्च के दौरान दैनिक एलपीजी बुकिंग में आई असामान्य वृद्धि अब धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। सामान्यतः प्रदेश में एक दिन में औसत 74 हजार एलपीजी की बुकिंग दर्ज होती थी, जो कि 6 मार्च के बाद अचानक बढ़कर 1.30 लाख तक पहुंच गई थी। किन्तु राज्य शासन तथा ऑयल कंपनियों की सतत् मॉनिटरिंग और एलपीजी आपूर्ति में वृद्धि के कारण दैनिक एलपीजी बुकिंग में पिछले दो सप्ताह में लगातार कमी परिलक्षित हुई है।खाद्य सचिव श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले ने जानकारी दी कि राज्य शासन द्वारा खाद्य विभाग एवं ऑयल कंपनियों के अधिकारियों की राज्य स्तरीय समिति का गठन किया गया है, जिसके द्वारा दैनिक बुकिंग, जिलों को प्रदाय एलपीजी रिफिल सिलेंडर, वितरित सिलेंडर, पेंडिंग बुकिंग संख्या और जिलों में उपलब्ध एलपीजी रिफिल सिलेंडर के स्टॉक की प्रतिदिन समीक्षा की जा रही है। इसके तहत पेंडिंग बुकिंग को क्लीयर करने हेतु जिलों को मांग के अनुरूप एलपीजी सिलेंडर प्रदाय किया जा रहा है।साथ ही घरेलू एलपीजी के दुरुपयोग को रोकने हेतु संदिग्ध स्थानों की जांच कर प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। अब तक कुल 97 छापों में 3,847 सिलेंडर जप्त किए गए हैं तथा 9 व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई है।राज्य शासन के इन प्रयासों के परिणामस्वरूप 16 मार्च की लंबित बुकिंग संख्या की तुलना में 31 मार्च तक लंबित बुकिंग संख्या में 1.08 लाख की कमी आई है, जिससे घरेलू एलपीजी आपूर्ति की व्यवस्था धीरे-धीरे सामान्य हो रही है।राज्य में एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है तथा आम उपभोक्ताओं को एलपीजी प्राप्ति में कोई समस्या न हो, इसके लिए सभी आवश्यक प्रबंध राज्य शासन द्वारा किए गए हैं।राज्य शासन द्वारा कमर्शियल गैस की आपूर्ति भी 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 प्रतिशत कर दी गई है, ताकि सभी आवश्यक सेवाओं के साथ-साथ होटल, रेस्टोरेंट, सामुदायिक कैंटीन और कमर्शियल गैस उपभोक्ताओं को बेहतर आपूर्ति सुनिश्चित हो सके। साथ ही आवश्यक एवं महत्वपूर्ण उद्योगों को भी 20 प्रतिशत कमर्शियल गैस प्रदाय किया जा रहा है। प्रदेश में पेट्रोल एवं डीजल का भी पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है तथा सभी जिलों के कुल 2465 पेट्रोल/डीजल पंपों में समुचित स्टॉक उपलब्ध है। ऑयल डिपो से नियमित रूप से पेट्रोल एवं डीजल का प्रदाय किया जा रहा है।
- -पंजीकृत रकबे के मुताबिक सभी किसानों को मिलेगी समय पर खाद: कृषि मंत्री रामविचार नेता-खरीफ सीजन 2026 के लिए केन्द्र सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ को 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का लक्ष्य आवंटितरायपुर। पश्चिम एशिया में चल रहे अमेरिका - इज़राइल और ईरान के बीच तनाव के कारण आयातित उर्वरकों की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका के बीच केन्द्र और राज्य सरकार ने किसानों को उर्वरक आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए व्यापक रणनीति तैयार कर रही है।प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देशन में छत्तीसगढ़ सरकार ने खरीफ सीजन 2026 के लिए उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु ठोस कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रयासों से आगामी खरीफ सीजन 2026 के लिए छत्तीसगढ़ को केन्द्र सरकार द्वारा 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का लक्ष्य आबंटित हुआ है। वर्तमान में गोदामों एवं समितियों में लगभग 7.48 लाख मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है। राज्य सरकार का प्रयास है कि सभी किसानों को पारदर्शिता के साथ पर्याप्त मात्रा में रासायनिक खाद का आबंटन सुनिश्चित हो।केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज सभी राज्यों के कृषि मंत्रियों की वर्चुअल बैठक लेकर राज्यों में उर्वरकों की आपूर्ति, अद्यतन स्टॉक एवं वितरण की व्यवस्था के संबंध में जानकारी ली। इस वर्चुअल बैठक में कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, राज्य के कृषि एवं संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वर्चुअल रूप से शामिल हुए।समीक्षा बैठक के दौरान कृषि मंत्री श्री नेताम ने जानकारी दी कि छत्तीसगढ़ को भारत सरकार द्वारा खरीफ सीजन -2026 के लिए कुल 15 लाख 55 हजार मीट्रिक टन उर्वरक का लक्ष्य आवंटित किया गया है, जिसमें यूरिया 7.25 लाख, डीएपी 3 लाख, एमओपी 80 हजार, एनपीके 2.5 लाख तथा एसएसपी 2 लाख मीट्रिक टन शामिल हैं।छत्तीसगढ़ में अभी 7.48 लाख मीट्रिक टन खाद उपलब्धमंत्री श्री नेताम ने बताया कि 30 मार्च 2026 की स्थिति में राज्य में कुल 7.48 लाख मीट्रिक टन उर्वरक स्टॉक में मौजूद है, जिसमें यूरिया 2,43,717 मीट्रिक टन, डीएपी 1,05,631 मीट्रिक टन, एनपीके 1,69,109 मीट्रिक टन, एमओपी 50,431 मीट्रिक टन और एसएसपी 1,78,657 मीट्रिक टन इस तरह कुल 7.48 लाख मीट्रिक टन खाद स्टॉक में मौजूद है।जैविक खाद और नैनो उर्वरकों के प्रति किसानों को किया जा रहा है जागरूकमंत्री श्री नेताम ने कहा कि पश्चिमी एशियाई संकट के चलते रासायनिक उर्वरकों की संभावित कमी को देखते हुए विभाग द्वारा किसानों को वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके तहत एनपीके 12ः32ः16, 20ः20ः0ः13, हरी खाद, जैविक खाद और नैनो उर्वरकों की उपलब्धता बढ़ाई जा रही है। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की अनुशंसा के आधार पर सहकारी समितियों और निजी विक्रय केंद्रों में किसानों के लिए जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।जल्द शुरू होगी ई-उर्वरक वितरण प्रणालीमंत्री श्री नेताम ने कहा कि किसानों को वास्तविक रकबे के हिसाब से खाद मिले, इस उद्देश्य से राज्य में जल्द ही ई-उर्वरक वितरण प्रणाली लागू की जाएगी। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म और मोबाइल ऐप के माध्यम से किसानों को उनकी फसल के रकबे के अनुसार अनुशंसित उर्वरक नजदीकी विक्रय केंद्रों से मिलेगी। आवश्यकता से अधिक मांग की स्थिति में मैदानी जांच के आधार पर अतिरिक्त आपूर्ति भी सुनिश्चित की जाएगी।कालाबाजारी और जमाखोरी पर कड़ी निगरानीमंत्री श्री नेताम ने कहा कि राज्य सरकार ने उर्वरकों की कालाबाजारी और जमाखोरी पर रोक लगाने के लिए जिला स्तर पर उड़नदस्ता दल और निगरानी समितियों के गठन के निर्देश दिए हैं। किसी भी स्तर पर उर्वरकों में गड़बड़ी करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्यवाही की जाएगी।उत्पादन नहीं होगा प्रभावितमंत्री श्री नेता ने कहा कि केन्द्र और राज्य के समन्वित प्रयासों से तथा वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए किसानों को समय पर खाद की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी, ताकि खरीफ सीजन में उत्पादन प्रभावित न होने पाए।
- -जगदलपुर में एथलेटिक्स में ओडिशा ने चार और झारखंड ने दो स्वर्ण जीते-छत्तीसगढ़ के गजेंद्र ठाकुर ने 800 मीटर में रजत, पुरुष हॉकी टीम को कांस्य, मेजबान पुरुष फुटबॉल टीम फाइनल मेंरायपुर । छत्तीसगढ़ में आयोजित खेलों इंडिया ट्राइबल गेम्स के आठवें दिन आज जगदलपुर में एथलेटिक्स में ओडिशा ने चार और झारखंड ने दो स्वर्ण जीते, तो वहीं छत्तीसगढ़ के गजेंद्र ठाकुर ने 800 मीटर में रजत, पुरुष हॉकी टीम ने कांस्य जीता। मेजबान छत्तीसगढ़ की पुरुष फुटबॉल टीम फाइनल में पहुंच गई है।रेस वॉकर दशरथ तलवार और मिडिल-डिस्टेंस धाविका नागिनी के स्वर्ण पदकों की बदौलत कर्नाटक ने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के आठवें दिन अपनी बढ़त और मजबूत कर ली। वहीं छत्तीसगढ़ के गजेंद्र ठाकुर ने पुरुष 800 मीटर में रजत पदक जीता और पुरुष हॉकी टीम ने कांस्य पदक हासिल किया।जगदलपुर के क्रीड़ा परिसर एथलेटिक्स ट्रैक पर दशरथ तलवार ने 45:13.85 के समय के साथ पुरुष 10 किमी रेस वॉक में कर्नाटक को 1-2 की बढ़त दिलाई। उनके साथी दर्शन बगाड़ी (46:25.90) दूसरे स्थान पर रहे, जबकि गुजरात के सागरभाई कटारा (48:16.09) तीसरे स्थान पर रहे।जगदलपुर में एथलेटिक्स में ओडिशा ने चार और झारखंड ने दो स्वर्ण जीतेइसके बाद नागिनी ने महिलाओं की 800 मीटर दौड़ में 2:13.80 का समय निकालते हुए स्वर्ण पदक जीता, जिससे कर्नाटक के स्वर्ण पदकों की संख्या 21 हो गई। कर्नाटक ने अब तक आठ रजत और सात कांस्य सहित कुल 36 पदक जीत लिए हैं।छत्तीसगढ़ के गजेंद्र ठाकुर ने पुरुष 800 मीटर में 1:53.82 के समय के साथ रजत पदक हासिल किया। इस स्पर्धा में ओडिशा के दावनिधि मुंडा ने 1:53.33 के समय के साथ स्वर्ण जीता।अपने प्रदर्शन से खुश ठाकुर ने बताया कि उन्होंने एथलेटिक्स में प्रशिक्षण केवल एक साल पहले शुरू किया था। उन्होंने साई मीडिया से कहा, "मैं बिलासपुर के SAI ट्रेनिंग सेंटर में कबड्डी ट्रायल देने आया था, लेकिन मेरी फिटनेस देखकर कोचों ने मुझे ट्रैक इवेंट्स में जाने की सलाह दी। अपने घर में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में पहला राष्ट्रीय स्तर का पदक जीतकर मैं बेहद खुश हूं।"इससे पहले, छत्तीसगढ़ की पुरुष हॉकी टीम ने पड़ोसी मध्य प्रदेश को 14-6 से हराकर कांस्य पदक जीता। इन दो पदकों के साथ छत्तीसगढ़ की कुल पदक संख्या दो स्वर्ण, आठ रजत और पांच कांस्य हो गई है और टीम समग्र तालिका में 10वें स्थान पर है।एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं के सिर्फ एक दिन शेष रहने के बीच, दूसरे स्थान पर काबिज ओडिशा ने बुधवार को चार स्वर्ण पदक जीतकर अपनी चुनौती बरकरार रखी। ओडिशा के लिए दावनिधि मुंडा (पुरुष 800 मीटर), रोशन खड़िया (पुरुष 400 मीटर हर्डल्स), दीपा किसान (महिला हाई जंप) और धनमती जेस (महिला भाला फेंक) ने स्वर्ण पदक जीते।वहीं झारखंड ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं की 400 मीटर हर्डल्स और 10 किमी रेस वॉक में दो स्वर्ण पदक हासिल कर पदक तालिका में अपना तीसरा स्थान मजबूत किया। झारखंड के अब कुल 19 पदक हो गए हैं, जिनमें नौ स्वर्ण, तीन रजत और सात कांस्य शामिल हैं।उधर, रायपुर के विवेकानंद कोटा स्टेडियम में खेले गए फुटबॉल सेमीफाइनल मुकाबलों में पश्चिम बंगाल ने गोवा को 5-2 से हराकर फाइनल में जगह बनाई, जबकि छत्तीसगढ़ ने रोमांचक मुकाबले में अरुणाचल प्रदेश को 3-2 से पराजित कर खिताबी मुकाबले में प्रवेश किया।ओडिशा के लिए दावनिधि मुंडा (पुरुष 800 मीटर), रोशन खड़िया (पुरुष 400 मीटर हर्डल्स), दीपा किसान (महिला हाई जंप) और धनमती जेस (महिला भाला फेंक) ने स्वर्ण पदक जीते। वहीं झारखंड ने भी महिलाओं की 400 मीटर हर्डल्स और 10 किमी रेस वॉक में दो स्वर्ण जीतकर पदक तालिका में अपना तीसरा स्थान मजबूत किया।झारखंड के अब कुल 19 पदक हो गए हैं, जिनमें नौ स्वर्ण, तीन रजत और सात कांस्य शामिल हैं।परिणामएथलेटिक्समहिला वर्ग400 मीटर हर्डल्स: शिवानी कुमार (झारखंड) 1:02.06 सेकंड; रजत – आदित्य केएम (केरल) 1:04.60 सेकंड; कांस्य – बसंती माझी (ओडिशा) 1:05.89 सेकंड800 मीटर: स्वर्ण – नागिनी (कर्नाटक) 2:13.80 सेकंड; रजत – पूर्णिमा सांडिल (ओडिशा) 2:15.88 सेकंड; कांस्य – शांति बाई (मध्य प्रदेश) 2:19.11 सेकंड10 किमी रेस वॉक: स्वर्ण – नेहा जालक्सो (झारखंड) 1:04:02.46; रजत – अलिश एक्का (ओडिशा) 1:04:59.12; कांस्य – बेथलीन माकरी (मेघालय) 1:05:18.62हाई जंप: स्वर्ण – दीपा किसान (ओडिशा) 1.45 मीटर; रजत – काहिमा बसुमतारी (असम) 1.45 मीटर; कांस्य – कविता तडिंगी (ओडिशा) 1.43 मीटरभाला फेंक: स्वर्ण – धनमती जेस (ओडिशा) 44.79 मीटर; रजत – सबिता मुर्मू (झारखंड) 43.12 मीटर; कांस्य – अपिक्षा गामित (गुजरात) 41.77 मीटरपुरुष वर्ग400 मीटर हर्डल्स: स्वर्ण – रोशन खड़िया (ओडिशा) 53.41 सेकंड; रजत – ज्ञानेश्वर वली (महाराष्ट्र) 54.02 सेकंड; कांस्य – मनीष बेदिया (झारखंड) 54.62 सेकंड800 मीटर: स्वर्ण – दावनिधि मुंडा (ओडिशा) 1:53.33; रजत – गजेंद्र ठाकुर (छत्तीसगढ़) 1:53.82; कांस्य – राहुल उरांव (झारखंड) 1:54.3210 किमी रेस वॉक: स्वर्ण – दशरथ तलवार (कर्नाटक) 45:13.85; रजत – दर्शन बगाड़ी (कर्नाटक) 46:25.90; कांस्य – सागरभाई कटारा (गुजरात) 48:16.09फुटबॉलसेमीफाइनल पुरुष : पश्चिम बंगाल ने गोवा को 5-2 से हराया, छतीसगढ़ ने अरुणाचल प्रदेश को 3-2 से हराया।
- -केंद्रीय खेल राज्य मंत्री ने खिलाड़ियों का किया उत्साहवर्धनरायपुर । राजधानी रायपुर में आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के अंतर्गत स्वामी विवेकानंद एथलेटिक्स स्टेडियम, कोटा में खेले गए पुरुष फुटबॉल के सेमीफाइनल मुकाबलों में छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल ने शानदार जीत दर्ज करते हुए फाइनल में प्रवेश किया।खेले गए एक रोमांचक सेमीफाइनल मुकाबले में छत्तीसगढ़ ने अरुणाचल प्रदेश को 3-2 से हराया। मैच की शुरुआत से ही छत्तीसगढ़ टीम ने आक्रामक खेल दिखाया और पहले हाफ की समाप्ति तक 2-0 की बढ़त बना ली। दूसरे हाफ में अरुणाचल प्रदेश ने वापसी की कोशिश की, लेकिन छत्तीसगढ़ ने बढ़त कायम रखते हुए मैच 3-2 से अपने नाम किया। इसी प्रकार पहले खेले गए सेमीफाइनल मैच में पश्चिम बंगाल ने गोवा को 5-2 से हराकर फाइनल में अपनी जगह सुनिश्चित की।इस अवसर पर केन्द्रीय युवा कार्य एवं खेल राज्य मंत्री श्रीमती रक्षा निखिल खडसे ने खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर भारतीय खेल प्राधिकरण के उप महानिदेशक श्री मयंक श्रीवास्तव एवं खेल विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार, खेल विभाग के अधिकारी, आयोजन समिति के सदस्य, बड़ी संख्या में खिलाड़ी तथा अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
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रायपुर/ कलेक्टर डॉ गौरव सिंह ने आज जिला कोषालय के स्ट्रॉन्ग रूम का वार्षिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सरकारी वित्तीय अभिलेखों की सुरक्षा, दस्तावेजों की सुव्यवस्थित रख-रखाव और सुरक्षा व्यवस्था का बारीकी से अवलोकन किया।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने स्ट्रॉन्ग रूम में सुरक्षित रखे जनरल स्टाम्प, नोटरी, रेवेन्यू से संबंधित अभिलेखों एवं अन्य बहुमूल्य वस्तुओं का भौतिक सत्यापन किया। उन्होंने अधिकारियों को सुरक्षा मानकों के सख्त पालन और रिकॉर्ड की सुव्यवस्थित संधारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।इस अवसर पर जिला कोषालय अधिकारी श्री गजानन पटेल सहित कोषालय का स्टाफ उपस्थित रहा। उल्लेखनीय है कि कलेक्टर द्वारा वर्ष में दो बार कोषालय का नियमित निरीक्षण किया जाता है, जिससे पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था बनी रहे। - -दूरस्थ क्षेत्रों में अब सही समय में मिलेगी त्वरित चिकित्सा सहायता-आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं के सुदृढ़ीकरण से अब हर जरूरतमंद को मिलेगी “108 एम्बुलेंस” की सेवाएंरायपुर। राज्य सरकार प्रदेश में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल की गई। इसी कड़ी में बलरामपुर जिला अस्पताल परिसर में आयोजित कार्यक्रम में आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने जिले को 9 नई एम्बुलेंस को वर्चुअल माध्यम से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इनमें 08 बेसिक लाइफ सपोर्ट और 01 एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस शामिल हैं। इस सौगात के साथ ही जिले में 108 एम्बुलेंस की समस्त सेवाएं अब जिले के सभी विकासखंडों और दूरस्थ ग्रामीण वनांचलों तक त्वरित आपातकालीन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराएगी।मंत्री श्री रामविचार नेताम ने आयोेजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य शासन प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण एवं शीघ्र स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि ये एम्बुलेंस केवल वाहन नहीं, बल्कि संकट की घड़ी में जीवन बचाने वाली महत्वपूर्ण कड़ी है। मंत्री श्री नेताम ने बताया कि शासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाली माताओं, बहनों और बच्चों को आपातकालीन स्थिति में समय पर उपचार मिल सके। मरीजों को ‘‘गोल्डन ऑवर’’ में चिकित्सा सहायता मिलना जीवन रक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है और यह पहल इसी दिशा में एक बड़ा कदम है।बलरामपुर जिले के कलेक्टर श्री राजेंद्र कटारा ने बताया कि आपातकालीन सेवाओं को दुरुस्त रखने के लिए एम्बुलेंस संचालन एजेंसी के साथ बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा। इससे सेवाओं की गुणवत्ता और प्रतिक्रिया समय में निरंतर सुधार होगा, जिससे जरूरतमंदों को त्वरित सहायता मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में नागरिकों को समय पर एम्बुलेंस सुविधा उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है और इस दिशा में सतत प्रयास किए जाएंगे।जिले को मिली 9 नई एम्बुलेंस को विभिन्न विकासखंडों और स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यकतानुसार तैनात किया गया है, ताकि पूरे जिले को कवर किया जा सके। नई व्यवस्था के तहत जिला चिकित्सालय बलरामपुर को 2 और वाड्रफनगर को 2 एम्बुलेंस आवंटित की गई हैं। राजपुर, शंकरगढ़, कुसमी, रामानुजगंज और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सनावल में एक-एक एम्बुलेंस उपलब्ध कराई गई है। इस नई व्यवस्था से अब जिले के सुदूर ग्रामीण अंचलों में किसी भी स्वास्थ्य आपातकाल के समय मरीजों को त्वरित सहायता मिल सकेगी।इस कार्यक्रम अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्री वैभव बेंकर, रेडक्रॉस सोसायटी अध्यक्ष श्री ओमप्रकाश जायसवाल, जनपद पंचायत अध्यक्ष सुश्री सुमित्रा चेरवा, उपाध्यक्ष श्रीमती बबली देवी सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष श्री लोधी राम एक्का, उपाध्यक्ष श्री दिलीप सोनी एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विजय कुमार सिंह, जिला चिकित्सालय के सिविल सर्जन डॉ. शशांक गुप्ता सहित स्वास्थ्य विभाग के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
- -धनिया की खेती से प्रति एकड़ 50 हजार रुपए कमा रहे निरंजनरायपुर। राज्य सरकार के किसान हितैषी नीतियों एवं किसानों की आय में वृद्धि करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार उद्यानिकी फसलों के प्रति लोगों में जागरूकता लाने के लिए सब्सिडी के साथ-साथ प्रशिक्षण एवं तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। इसी क्रम में महासमुंद जिले के विकासखंड पिथौरा अंतर्गत ग्राम कसहीबाहरा के प्रगतिशील किसान श्री निरंजन पटेल ने अपनी मेहनत और नवाचार से खेती में अच्छी सफलता प्राप्त की है। श्री निरंजन पटेल बताते हैं कि वे पहले पारंपरिक रूप से धान की खेती करते थे, जिसमें उन्हें अधिक लागत और अपेक्षाकृत कम उत्पादन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता था।वर्ष 2025-26 में उन्होंने उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय बागवानी मिशन अंतर्गत मसाला क्षेत्र विस्तार योजना के तहत धनिया की खेती अपनाई। उन्होंने अपनी 0.40 हेक्टेयर पूरी सिंचित भूमि में उन्नत किस्मों कस्तूरी धनिया एवं अंकुर धनिया का उत्पादन प्रारंभ किया। आधुनिक तकनीक के रूप में उन्होंने ड्रिप सिंचाई प्रणाली का उपयोग किया, जिससे जल की बचत के साथ-साथ फसल की गुणवत्ता और उत्पादन में भी वृद्धि हुई।उद्यानिकी विभाग द्वारा उन्हें 0.40 हेक्टेयर के लिए 8000 का अनुदान डीबीटी के माध्यम से प्रदान किया गया, जिससे उन्हें प्रारंभिक लागत में राहत मिली। पूर्व में जहां वे धान की खेती से प्रति एकड़ लगभग 21 क्विंटल उत्पादन प्राप्त करते थे और लगभग 30,000 की सीमित आय होती थी, वहीं धनिया की खेती अपनाने के बाद उन्होंने लगभग 35 क्विंटल प्रति एकड़ उत्पादन प्राप्त किया। धनिया की खेती से उनकी कुल आय बढ़कर लगभग 50,000 प्रति एकड़ हो गई। श्री पटेल अपनी उपज का विक्रय पिथौरा एवं बागबाहरा मंडियों में करते हैं। वर्तमान में वे अपने कार्य से अत्यंत संतुष्ट हैं। उनकी इस सफलता को देखकर आसपास के अन्य किसान भी उद्यानिकी फसलों की ओर आकर्षित हो रहे हैं और धनिया जैसी नगदी फसलों को अपनाने में रुचि दिखा रहे हैं।
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-खेल उस क्षेत्र में नई उम्मीद लेकर आया, जिसकी पहचान कभी संघर्ष से होती थी': युवा मामले और खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे
-श्रीमती खडसे ने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026 के दौरान जगदलपुर का दौरा किया और 2500 से अधिक आदिवासी एथलीटों को 'भविष्य का ओलंपियन' बताया-खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026 में अस्मिता लीग के पूर्व छात्रों ने हॉकी, वेटलिफ्टिंग, फुटबॉल और तैराकी में पदकों पर अपना दबदबा बनायारायपुर। युवा मामले और खेल राज्य मंत्री श्रीमती रक्षा खडसे ने 'खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026' के दौरान बुधवार को रायपुर का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने यहां के माहौल को ऊर्जा, आशा और बदलाव से भरपूर बताया। उन्होंने इस आयोजन को सफल बनाने में भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) टीम के प्रयासों की सराहना की और कहा कि एथलीटों, स्थानीय समुदाय और इस क्षेत्र के लोगों की ओर से मिली प्रतिक्रिया बेहद उत्साहजनक रही है।खेल उस क्षेत्र में नई उम्मीद लेकर आया, जिसकी पहचान कभी संघर्ष से होती थी': युवा मामले और खेल राज्य मंत्री श्रीमती रक्षा खडसेदेशभर के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 2,500 से ज्यादा एथलीट अलग-अलग खेलों में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में हिस्सा ले रहे हैं। श्रीमती खडसे ने कहा कि खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026, केंद्र सरकार की उस प्रतिबद्धता को दिखाता है जिसके तहत आदिवासी युवाओं को अपना भविष्य बनाने के लिए एक मंच दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के लोगों के लिए यह खेल एक नई उम्मीद हैं और यह संकेत कि उनकी काबिलियत को पहचाना जा रहा है और उस पर सबसे ऊंचे स्तर पर निवेश किया जा रहा है।युवा मामले एवं खेल राज्य मंत्री ने कहा, '' एक समय था जब छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद के लिए जाना जाता था, और यहां के लोगों को एक पिछड़ा समुदाय माना जाता था। आज, मुझे लगता है कि इस क्षेत्र के लिए एक नई दिशा खुल रही है। नक्सलवाद का खात्मा हो चुका है और खेल के माध्यम से, इस धरती के युवा अब अपनी ऊर्जा और क्षमता को सामने ला सकते हैं और देश के लिए खेल सकते हैं।''खेल राज्य मंत्री ने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026 को एक ऐतिहासिक पहल बनाने का श्रेय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विजन, गृह मंत्री श्री अमित शाह (जिन्होंने पूरे देश से नक्सलवाद के खात्मे की घोषणा की है), कैबिनेट मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया और पूरी साई टीम को दिया। उन्होंने पूरा भरोसा जताया कि इन खेलों में हिस्सा लेने वाले कई एथलीट आगे चलकर ओलंपिक, एशियाई खेलों और राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे और पदक जीतेंगे।युवा मामले और खेल राज्य मंत्री, श्रीमती रक्षा खडसे ने 'अस्मिता लीग' के परिवर्तनकारी प्रभाव पर भी प्रकाश डाला। इस लीग को 2021 में प्रधानमंत्री मोदी के उस विज़न के तहत शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य ग्रामीण भारत की महिलाओं को प्रतिस्पर्धी खेलों में लाना और उन्हें एक पहचान व अवसर प्रदान करना है।युवा मामले एवं खेल राज्य मंत्री, श्रीमती रक्षा खडसे ने कहा, '' खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026 में, नतीजे ज़बरदस्त रहे हैं। हॉकी, वेटलिफ्टिंग और फुटबॉल में हिस्सा लेने वाली लगभग 60 से 70 प्रतिशत लड़कियां ‘अस्मिता लीग’ खेल चुकी हैं और पदक जीत चुकी हैं। इनमें अंजली मुंडा जैसी बेहतरीन खिलाड़ी भी शामिल हैं। तैराकी में जीते गए सभी पांचों स्वर्ण पदक भी ‘अस्मिता लीग’ की खिलाड़ियों ने ही हासिल किए हैं। उन्होंने कहा, '' हमारा प्रयास जारी है कि हम ‘अस्मिता लीग’ को और भी निचले स्तर तक यानी के गांवों तक ले जाएं ताकि खेलों में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ती रहे।'' - रायपुर । छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के निरीक्षण में 21 जिलों में संचालित शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में कई कमियां सामने आई हैं। इन खामियों को लेकर आयोग ने सख्ती दिखाते हुए संबंधित विभागों को त्वरित सुधार के निर्देश दिए हैं। आयोग के अध्यक्ष श्री संदीप शर्मा की अध्यक्षता में नवा रायपुर स्थित कार्यालय में आयोजित अंर्तविभागीय बैठक में खाद्य, महिला एवं बाल विकास, स्कूल शिक्षा और आदिम जाति एवं अनुसूचित जनजाति विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा की गई। निरीक्षण में उचित मूल्य दुकानों, आंगनबाड़ी केन्द्रों, स्कूलों के मध्यान्ह भोजन और आश्रम-छात्रावासों की व्यवस्था का जायजा लिया गया था।बैठक में बालक छात्रावासों में भोजन की गुणवत्ता और सामग्री आपूर्ति में सुधार की जरूरत बताई गई, जबकि कन्या छात्रावासों की स्थिति बेहतर पाई गई। 21 जिलों से निरीक्षण संबंधी अनुशंसाओं के पालन प्रतिवेदन समय पर नहीं मिलने पर अध्यक्ष ने नाराजगी जताई और शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।आयोग ने निर्देश दिए कि सभी आश्रम-छात्रावासों में दैनिक भोजन मैन्यू और कॉल सेंटर नंबर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किए जाएं, ताकि शिकायत और सुझाव दर्ज किए जा सकें। आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों की उपस्थिति ‘पोषण ट्रैकर’ में सही दर्ज करने और आकस्मिक निरीक्षण से उसका मिलान करने को कहा गया।उचित मूल्य दुकानों में अनियमितता पर भी सख्त रुख अपनाते हुए नियमित रूप से दुकान नहीं खोलने, सूचना प्रदर्शित नहीं करने और स्टॉक में गड़बड़ी पाए जाने पर संचालकों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए। मध्यान्ह भोजन योजना के तहत प्रदेश में संचालित दो केंद्रीकृत किचनों की व्यवस्था संतोषजनक पाई गई। आयोग ने इन किचनों से अधिक से अधिक स्कूलों को जोड़ने की अनुशंसा की है। इसके अलावा छात्रावासों और स्कूलों में भोजन की गुणवत्ता पर नजर रखने के लिए किसी छात्र को ‘मेस प्रभारी’ बनाने का सुझाव दिया गया। साथ ही सभी संस्थानों में चावल, दाल, सब्जी और खाद्य तेल की निर्धारित मात्रा का प्रदर्शन और उसका पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।अध्यक्ष श्री शर्मा ने कहा कि अधिकांश जिलों में योजनाएं ठीक चल रही हैं, लेकिन जहां कमियां मिली हैं, वहां जल्द सुधार करना जरूरी है। बैठक में आयोग के सदस्य श्री राजेंद्र महिलांग, श्री कुलदीप शर्मा और सदस्य सचिव श्री राजीव कुमार जायसवाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
- -प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना कीरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज रायगढ़ प्रवास के दौरान राजापारा स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री श्री साय उत्कल सांस्कृतिक सेवा समिति, रायगढ़ द्वारा आयोजित ‘उत्कल दिवस एवं वार्षिकोत्सव स्नेह सम्मेलन’ में शामिल होने के क्रम में मंदिर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने उत्कल समाज द्वारा निर्मित प्रभु जगन्नाथ मंदिर में दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर झारसुगुड़ा विधायक श्री टंकाधर त्रिपाठी, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, महापौर श्री जीवर्धन चौहान सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं उत्कल समाज के प्रमुखजन उपस्थित थे।
- रायपुर। पिछले साल 29 दिसंबर को शिलांग के साई के स्पोर्ट्स ट्रेनिंग सेंटर में बेथलीन ग्रेस माकरी के कोच ने अचानक इस युवा एथलीट में एक रेस-वॉक एथलीट बनने की काबिलियत देखी। मजे की बात यह है कि बेथलीन खुद इस इवेंट के बारे में लगभग कुछ भी नहीं जानती थी और इसकी तकनीकी बारीकियों की तो बात ही छोड़ दें।पिछले साल तक, मेघालय की यह युवा एथलीट एक मिडिल और लॉन्ग-डिस्टेंस रनर के तौर पर मुकाबला कर रही थीं। लेकिन 2026 की शुरुआत में, उसे अपना खेल बदलने के लिए कहा गया जिसने उसकी शारीरिक और मानसिक, दोनों तरह की ताकत की परीक्षा ली।खासी ट्राइब से आने वाली बेथलीन के लिए यह बदलाव बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। उनके लिए शुरुआती कुछ सप्ताह बहुत कठिन थे, जब वह रेस-वॉक की अनजान तकनीक के साथ तालमेल बिठाने की कोशिश कर रही थीं और शरीर में तेज दर्द से जूझ रही थीं। इसके चलते कई रातें बिना नींद के बीतीं और मन में आत्म-संदेह भी पैदा होने लगा।हालांकि, उनके कोच और परिवार के सहयोग ने उन्हें आगे बढ़ने की ताकत दी। तीन भाई-बहनों में सबसे छोटी और इकलौती बेटी होने के नाते, बेथलीन ने इस चुनौती को स्वीकार किया और खेल की तकनीकी बारीकियों को सीखने में खुद को पूरी तरह समर्पित कर दिया। इसके बाद उन्होंने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के पहले एडिशन में भाग लेने के लिए जगदलपुर का रुख किया।उन्होंने साई मीडिया से कहा, '' पहले दो हफ्ते वाकई बहुत मुश्किल थे, खासकर मेरे शरीर के लिए। रेस-वॉक की तकनीकी बारीकियां मध्यम या लंबी दूरी की दौड़ से बिल्कुल अलग होती हैं, इसलिए मुझे इसे समझने में समय लगा। इसके बाद कई रातों तक नींद नहीं आई, घबराहट के पल आए और आखिरकार मुझे खुद पर शक होने लगा कि क्या मेरा फैसला सही था।'' लेकिन बुधवार को उन संघर्षों का भरपूर फल मिला। बेथलीन ने महिलाओं की रेस-वॉक स्पर्धा में 1:05:18 का समय निकालकर कांस्य पदक जीता। वह झारखंड की नेहा ज़ालक्सो (1:04:02) और ओडिशा की एलीश एक्का (1:04:59) के बाद तीसरे स्थान पर रहीं।पदक जीतने के कुछ ही पलों बाद इस एथलीट ने इसका श्रेय अपने कोच और परिवार को दिया। उन्होंने कहा, ''मेरे कोच और मेरे परिवार ने मेरा पूरा साथ दिया, और मुझे इसे जारी रखने के लिए लगातार प्रेरित करते रहे। मैंने भी इसे आज़माने का सोचा, और आज मैं यहां हूं। मेरे पास अभी भी सुधार की गुंजाइश है, लेकिन यह ठीक वैसी ही शुरुआत थी जिसकी मुझे ज़रूरत थी।'' उन्होंने आगे कहा, '' खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में मिला कांस्य पदक मेरी कड़ी मेहनत, मेरे विश्वास और मेरे कोचों व परिवार के समर्थन का प्रमाण है और यह इस खेल में आगे बढ़ने के लिए मेरे आत्मविश्वास को बढ़ाने का काम करता है।“शिलांग कॉलेज में बीए की दूसरे वर्ष की छात्रा बेथलीन को इस बात पर बेहद गर्व है कि वह मेघालय की एकमात्र ऐसी 'रेस वॉकर' हैं, जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीता है। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, '' मेघालय से कोई रेस वॉकर नहीं है और मेरा मानना है कि मेरा 'खेलो इंडिया' पदक युवाओं को इस खेल को पेशेवर तौर पर अपनाने के लिए प्रोत्साहित करेगा। मुझे भी अब यह खेल पसंद आने लगा है।''
- -संघर्ष और अलगाव वाले क्षेत्र से उभर रहे युवा फुटबॉलर; आश्रम में विभिन्न आयु वर्गों के 2,700 से अधिक बच्चे रहते हैं-आरके मिशन अब ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन द्वारा आयोजित राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेता हैरायपुर ।छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के दूरस्थ अबूझमाड़ क्षेत्र में आदिवासी समुदायों के उत्थान के उद्देश्य से 1986 में स्थापित रामकृष्ण मिशन विवेकानंद आश्रम आज चुपचाप फुटबॉल प्रतिभाओं की एक अनोखी नर्सरी बनकर उभरा है। यह आश्रम छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में स्थित है और राज्य की राजधानी रायपुर से लगभग 250 किलोमीटर दूर है। इसका प्रभाव मौजूदा खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स (KITG) में साफ दिखाई दे रहा है, जहां पुरुष और महिला फुटबॉल टीमों में एक दर्जन से अधिक खिलाड़ी आश्रम में प्रशिक्षण पाकर छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। जहां महिला टीम फाइनल में पहुंच चुकी है, वहीं पुरुष टीम ने भी सेमीफाइनल में जगह बना ली है।छत्तीसगढ़ फुटबॉल संघ (CFA) के सहायक महासचिव और एआईएफएफ कार्यकारी समिति के सदस्य मोहन लाल ने कहा, “केआईटीजी 2026 में प्रतिस्पर्धा कर रही पुरुष और महिला फुटबॉल टीमों में प्रत्येक में लगभग 12-13 खिलाड़ी इसी अकादमी से हैं।”कभी अलगाव और संघर्ष के लिए पहचाने जाने वाले बस्तर क्षेत्र में स्थित आरके मिशन दशकों से बेहद दूरदराज के आदिवासी गांवों के बच्चों तक शिक्षा और अवसर पहुंचाने का काम कर रहा है। इनमें से कई गांव घने जंगलों के भीतर हैं, जहां औपचारिक शिक्षा तक पहुंच बहुत सीमित या लगभग नहीं के बराबर है।आश्रम इन बच्चों को मुफ्त शिक्षा प्रदान करता है, साथ ही संगीत और खेलों में उनकी रुचि को भी विकसित करता है। पढ़ाई के साथ-साथ खेल आश्रम के विकास कार्यक्रम का एक अहम स्तंभ बन चुका है। बच्चों को कम उम्र में ही विभिन्न खेलों से परिचित कराया जाता है और शिक्षा के साथ-साथ उन्हें व्यवस्थित प्रशिक्षण दिया जाता है, जिससे वे अपनी पढ़ाई जारी रखते हुए खेलों में करियर बना सकें। हर साल संस्थान के लगभग 50 से 60 छात्रों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेने का मौका मिलता है, जो इस आवासीय परिसर से लगातार उभर रही प्रतिभाओं को दर्शाता है।मोहन लाल के अनुसार, आश्रम ने अपने छात्रों को समर्थन देने के लिए मजबूत खेल ढांचा विकसित किया है। परिसर में तीन फुटबॉल मैदान हैं, जिनमें एक एस्ट्रो-टर्फ सुविधा भी शामिल है, साथ ही बैडमिंटन, टेबल टेनिस, खो-खो और मल्लखंभ के लिए इनडोर एरेना भी मौजूद हैं।मोहन लाल का मानना है कि नक्सलवाद से प्रभावित क्षेत्रों से आने वाले कई बच्चों के जीवन में खेल ने परिवर्तनकारी भूमिका निभाई है। आज यह आश्रम विभिन्न आयु वर्गों के 2,700 से अधिक बच्चों का घर है, जहां उन्हें न केवल शिक्षा मिलती है, बल्कि डॉक्टर, इंजीनियर, खिलाड़ी या शिक्षाविद बनने के सपने देखने का अवसर भी मिलता है।मोहनलाल ने कहा, “कई मायनों में यह देश के सर्वश्रेष्ठ आवासीय स्कूलों में से एक है, जो शिक्षा और खेल के माध्यम से जीवन संवारने में आश्रम की अनूठी भूमिका को दर्शाता है।”उन्होंने आगे कहा, “यहां लगभग 2700 छात्र हैं, जो सभी आयु वर्गों और कक्षा 1 से 12 तक के हैं। इस स्कूल से निकले कई छात्र देश की शीर्ष कंपनियों में कार्यरत हैं और कई प्रतिष्ठित संस्थानों में पढ़ाई कर रहे हैं।” लाल ने बताया कि अकादमी की खेल सुविधाओं को तब और पहचान मिली, जब रामकृष्ण मिशन फुटबॉल अकादमी (RKM FA) राज्य का पहला फुटबॉल क्लब बना जिसने ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन द्वारा आयोजित अंडर-17 यूथ कप और आई-लीग 2 में भाग लिया।
- -ऑनलाइन आवेदन 17 अप्रैल तक किया जा सकेगारायपुर। संचालनालय तकनीकी शिक्षा, छत्तीसगढ़ के सम्बन्धित पालीटेक्निक कालेजों में प्रवेश के लिए प्री-पॉलीटेक्निक प्रवेश परीक्षा (PPT) 2026 हेतु ऑनलाइन आवेदन एवं परीक्षा कार्यक्रम घोषित किया गया है। यह परीक्षा राज्य के विभिन्न पॉलीटेक्निक संस्थानों में प्रवेश हेतु आयोजित की जाएगी, जिसमें इच्छुक अभ्यर्थी निर्धारित तिथियों के अनुसार ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।संचालनालय तकनीकी शिक्षा, छत्तीसगढ़ से प्राप्त जानकारी के अनुसार पालीटेक्निक कालेजों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 25 मार्च 2026 से प्रारंभ होकर 17 अप्रैल 2026 को सायं 5 बजे तक चलेगी।आवेदन पत्र में त्रुटि सुधार हेतु 18 अप्रैल से 20 अप्रैल 2026 तक का समय निर्धारित किया गया है।अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र 27 अप्रैल 2026 को व्यापम की वेबसाइट पर जारी किए जाने की संभावना है। परीक्षा का आयोजन 07 मई 2026 (गुरुवार) को पूर्वान्ह 10:00 बजे से दोपहर 1:15 बजे तक किया जाएगा।यह परीक्षा राज्य के 33 जिला मुख्यालयों में आयोजित की जाएगी, जिससे अभ्यर्थियों को अपने नजदीकी परीक्षा केन्द्र का चयन करने की सुविधा मिलेगी। आवेदन करने के लिए अभ्यर्थियों को आधिकारिक वेबसाइटvyapamcg.cgstate.gov.inपर जाकर ऑनलाइन फॉर्म भरना होगा।आवेदन करते समय परीक्षा शुल्क का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से करना अनिवार्य है। छत्तीसगढ़ शासन के नियमानुसार राज्य के स्थानीय निवासी अभ्यर्थी, जो परीक्षा में सम्मिलित होंगे, उनका परीक्षा शुल्क व्यापम द्वारा वापस कर दिया जाएगा। यह राशि उसी बैंक खाते में वापस की जाएगी, जिससे अभ्यर्थी ने शुल्क का भुगतान किया है।व्यापम के अधिकारियों ने बताया कि परीक्षा से संबंधित विस्तृत जानकारी, पात्रता, पाठ्यक्रम एवं दिशा-निर्देश के लिए व्यापम की आधिकारिक वेबसाइट का नियमित रूप से अवलोकन करते रहें।
- -मैनपाट में ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ का सांस्कृतिक संगम, मेहमानों ने सराहा छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता और आतिथ्यरायपुर। ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ के दौरान छत्तीसगढ़ सरकार और छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा की गई व्यवस्थाएं राष्ट्रीय स्तर पर सराहना बटोर रही हैं। विभिन्न राज्यों से आए खेल अधिकारियों एवं कोचों ने सरगुजा जिले के मैनपाट में स्थित प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण कर यहां की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विरासत और आत्मीय आतिथ्य का अनुभव किया।अतिथियों ने मैनपाट के प्रसिद्ध तिब्बती मोनेस्ट्री, रहस्यमयी उल्टा पानी तथा अद्वितीय प्राकृतिक स्थल जलजली का भ्रमण किया। इन स्थलों की विशिष्टता और प्राकृतिक आकर्षण ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। अधिकारियों और कोचों ने कहा कि मैनपाट न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के लिए एक अनूठा पर्यटन गंतव्य है, जहां प्रकृति और शांति का अद्भुत संगम देखने को मिलता है।भ्रमण के दौरान सभी मेहमानों ने छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के सैला रिसॉर्ट में दोपहर भोजन का आनंद लिया। यहां पर परोसे गए पारंपरिक छत्तीसगढ़ी व्यंजनों जैसे चीला, फरा, ठेठरी-खुरमी और देशी स्वाद से भरपूर भोजन की मेहमानों ने खुले दिल से सराहना की। अधिकारियों ने कहा कि “छत्तीसगढ़ का भोजन जितना सरल है, उतना ही स्वादिष्ट और पौष्टिक भी है।”अतिथियों ने विशेष रूप से मैनपाट के स्थानीय निवासियों के सहज, सरल और आत्मीय व्यवहार की भी प्रशंसा की। उनका कहना था कि यहां का आतिथ्य उन्हें अपने घर जैसा अपनापन महसूस कराता है, जो छत्तीसगढ़ की पहचान को और मजबूत बनाता है।छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के सौजन्य से ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ में शामिल खिलाड़ियों, अधिकारियों और कोचों को राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराया जा रहा है। इस पहल के माध्यम से उन्हें छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और खानपान से परिचित कराया जा रहा है, जिससे राज्य की सकारात्मक छवि राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित हो रही है। खेल और पर्यटन के इस समन्वित मॉडल से छत्तीसगढ़ ने एक नई दिशा दिखाई है, जहां खेल आयोजन केवल प्रतिस्पर्धा तक सीमित न रहकर सांस्कृतिक आदान-प्रदान का माध्यम भी बन रहे हैं। इससे न केवल राज्य के पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि देशभर में छत्तीसगढ़ की एक सकारात्मक और समृद्ध पहचान भी बन रही है। छत्तीसगढ़ सरकार का यह प्रयास राज्य को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर एक मजबूत स्थान दिलाने में सफल हो रहा है।
- रायपुर । विश्वविद्यालय द्वारा सत्र 2026–27 हेतु द्विवर्षीय बी.एड. एवं डी.एल.एड. (दूरवर्ती) पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए प्री. बी.एड. एवं प्री. डी.एल.एड. प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी। इस हेतु इच्छुक अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए जाते हैं। ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 25 मार्च 2026 से प्रारंभ हो चुकी है और 12 जून 2026 (रात्रि 12 बजे तक) जारी रहेगी।प्री बी.एड. एवं प्री. डी.एल.एड. प्रवेश के अभ्यर्थी 13 जून से 15 जून 2026 के बीच 100 रुपए शुल्क के साथ आवेदन में आवश्यक संशोधन कर सकेंगे। प्रवेश पत्र 23 जून 2026 से डाउनलोड किए जा सकेंगे तथा प्रवेश परीक्षा 28 जून 2026 (संभावित) को आयोजित की जाएगी।परीक्षा के पश्चात 29 जून 2026 को मॉडल उत्तर जारी किए जाएंगे, जिन पर अभ्यर्थी 29 जून से 03 जुलाई 2026 तक आपत्ति दर्ज कर सकेंगे। परीक्षा परिणाम (अनंतिम सूची) 10 जुलाई 2026 (संभावित) को घोषित किया जाएगा, जिस पर 10 से 12 जुलाई 2026 तक आपत्तियां आमंत्रित की जाएंगी। सभी प्राप्त आपत्तियों के निराकरण के बाद अंतिम प्रावीण्यता सूची 21 जुलाई 2026 (संभावित) को प्रकाशित की जाएगी।अभ्यर्थियों को निर्देशित किया जाता है कि वे आवेदन करने से पूर्व संबंधित नियमों एवं दिशा-निर्देशों का सावधानीपूर्वक अध्ययन करें तथा ऑनलाइन आवेदन पत्र में सभी जानकारी सही एवं स्पष्ट रूप से भरें। यह आवेदन पत्र काउंसलिंग पंजीयन हेतु भी मान्य होगा, अतः अलग से काउंसलिंग फॉर्म भरने की आवश्यकता नहीं होगी। परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद काउंसलिंग प्रक्रिया (ऑनलाइन/ऑफलाइन) की जानकारी विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएगी।दावा-आपत्ति केवल निर्धारित तिथि एवं समय के भीतर ईमेल [email protected] के माध्यम से ही स्वीकार की जाएगी। अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे नवीनतम जानकारी एवं संभावित तिथियों में किसी भी परिवर्तन के लिए नियमित रूप से विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइटwww.pssou.ac.in एव www.pssou.net/portal का अवलोकन करते रहें।








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