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भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई द्वारा अपने वित्तीय संसाधनों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से बकाया संपत्तिकर दाताओं को अंतिम सूचना दिया जा रहा है। निगम प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने लंबित संपत्तिकर का भुगतान 31 मार्च 2026 तक अनिवार्य रूप से कर दें। निगम आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय के निर्देशानुसार निर्धारित तिथि के बाद बकाया कर जमा करने पर 18 प्रतिशत का अधिभार तथा 1000 रुपये का पेनाल्टी शुल्क लगाया जाएगा। वहीं, 31 मार्च तक कर जमा करने वाले नागरिकों से किसी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। करदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नगर निगम द्वारा विशेष व्यवस्था की गई है। अवकाश के दिनों में भी संपत्तिकर काउंटर खुले रखे गए हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग समय सीमा के भीतर अपना लंबित कर जमा कर सकें। नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और जल्द से जल्द बकाया कर का भुगतान कर अतिरिक्त आर्थिक भार से बचें।
- -भारतीय सेना में 'अग्निवीर' के रूप में दे रहे हैं सेवाएंरायपुर / कहते हैं कि यदि इरादे फौलादी हों और लक्ष्य के प्रति समर्पण हो, तो अभाव भी सफलता की राह नहीं रोक सकते। झारखंड के रामगढ़ जिले के एक छोटे से गाँव सुगिया के रहने वाले युवा पहलवान अंजित कुमार मुंडा ने इस बात को सच कर दिखाया है। अम्बिकापुर के गांधी स्टेडियम में आयोजित 'खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स' के दौरान अंजित ने 67 किलोग्राम भार वर्ग की कुश्ती स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया है।संघर्ष से सफलता तक का सफरमात्र 20 वर्ष की आयु में सफलता के शिखर को छूने वाले अंजित का जीवन चुनौतियों से भरा रहा है। वर्ष 2009 में पिता के साये के उठ जाने के बाद, उनकी माता ने खेती-बारी और कठिन परिश्रम के बल पर परिवार को संभाला। अंजित ने वर्ष 2017-18 में कुश्ती की शुरुआत की और जेएसएसपीएस स्पोर्ट्स अकादमी में लगभग 6 वर्षों तक कड़ा अभ्यास किया। उनकी शारीरिक क्षमता और तकनीक को देखते हुए प्रशिक्षकों ने उन्हें कुश्ती के लिए तराशा।भारतीय सेना में 'अग्निवीर' के रूप में दे रहे हैं सेवाएंअंजित की खेल प्रतिभा और देश सेवा के जज्बे ने उन्हें भारतीय सेना तक पहुँचाया। पिछले वर्ष ही उनका चयन 'अग्निवीर जीडी' के पद पर हुआ है। अपनी इस सफलता का श्रेय वे अपने कोच को देते हैं।जनजातीय प्रतिभाओं के लिए बड़ा मंचअपनी जीत पर खुशी जाहिर करते हुए अंजित मुंडा ने कहा, खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स हम जैसे जनजातीय बच्चों के लिए एक उत्कृष्ट मंच है, जो अक्सर मुख्यधारा से पीछे छूट जाते हैं। पहली बार आयोजित इस प्रतियोगिता में गोल्ड जीतना मेरे लिए गर्व की बात है। अब मेरा अगला लक्ष्य छत्तीसगढ़ में आयोजित होने वाली आगामी प्रतियोगिताओं में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना है।"उज्ज्वल भविष्य की उम्मीदपूर्व में कांस्य पदक जीतने के कारण छात्रवृत्ति से वंचित रहे अंजित को अब स्वर्ण पदक जीतने के बाद केंद्र सरकार से सहयोग और स्कॉलरशिप मिलने की पूरी उम्मीद है, ताकि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर सकें। अम्बिकापुर में चल रहे खेलों इंडिया ट्राइबल गेम्स में अंजित की यह उपलब्धि न केवल झारखंड बल्कि पूरे देश के जनजातीय युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी है।
- रायपुर / खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026 के रंग में इस समय पूरा छत्तीसगढ़ सराबोर नजर आ रहा है। खेल प्रतियोगिताओं के साथ-साथ राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सौंदर्य भी देशभर से आए खिलाड़ियों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। अंडमान-निकोबार से आए वेटलिफ्टिंग के खिलाड़ियों के लिए सिरपुर और बारनवापारा के भ्रमण ने उनकी छत्तीसगढ़ की यात्रा को और यादगार बना दिया।छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल ने आज खिलाड़ियों को ऐतिहासिक नगरी सिरपुर का भ्रमण कराया, जहां उन्होंने प्राचीन मंदिरों, बौद्ध विहारों और पुरातात्विक धरोहरों के माध्यम से राज्य के गौरवशाली इतिहास को करीब से जाना। सिरपुर की ऐतिहासिक विरासत ने खिलाड़ियों को खासा प्रभावित किया और उन्होंने इसकी समृद्ध संस्कृति की सराहना की।बारनवापारा अभयारण्य के भ्रमण और प्रकृति की सुरम्य वादियों ने सभी खिलाड़ियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। घने जंगल, शांत वातावरण और हरियाली से भरपूर इस क्षेत्र में खिलाड़ियों ने सुकून के पल बिताए। बारनवापारा स्थित छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के हरेली इको रिसोर्ट में उन्होंने स्थानीय स्वादिष्ट व्यंजनों का भी आनंद लिया।अंडमान-निकोबार के खिलाड़ियों की इस रोमांचक यात्रा का सबसे आकर्षक हिस्सा रहा बाँबू राफ्टिंग, जिसमें खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और प्राकृतिक जलधाराओं के बीच रोमांच का अनुभव किया। यह गतिविधि उनके लिए न केवल मनोरंजक रही, बल्कि टीम भावना को भी और मजबूत करने वाली साबित हुई। छत्तीसगढ़ की आत्मीयता और मेहमाननवाज़ी ने सभी खिलाड़ियों का दिल जीत लिया। अंडमान-निकोबार से आए खिलाड़ियों ने राज्य सरकार एवं छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह अनुभव उनके जीवन की अविस्मरणीय स्मृतियों में शामिल रहेगा। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के माध्यम से छत्तीसगढ़ न केवल खेल प्रतिभाओं को मंच प्रदान कर रहा है, बल्कि अपनी सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन स्थलों और आतिथ्य की उत्कृष्टता को भी राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिला रहा है। यह आयोजन राज्य की बहुआयामी सकारात्मक छवि को और सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।
- रायपुर । राजधानी स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के अंतर्गत पुरुष हॉकी के सेमीफाइनल मुकाबले उत्साह और रोमांच से भरपूर रहे।पहले सेमीफाइनल मैच में झारखंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मध्यप्रदेश को 8-1 के बड़े अंतर से पराजित कर फाइनल में अपनी जगह पक्की की।दूसरे सेमीफाइनल में ओडिशा और छत्तीसगढ़ के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। दोनों टीमों ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया, लेकिन अंततः ओडिशा ने 5-1 से जीत दर्ज कर फाइनल में प्रवेश किया। मैच के दौरान दर्शकों में खासा उत्साह देखने को मिला। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के शुभंकर ‘मोर वीर’ के साथ दर्शकों ने जमकर आनंद लिया और वातावरण उत्सवमय बना रहा। इस अवसर पर खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के सांई डिप्टी डायरेक्टर श्री मयंक श्रीवास्तव भी उपस्थित रहे और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए मैच का आनंद लिया।
- रायपुर। क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, रायपुर के अंतर्गत संचालित पासपोर्ट सेवा केंद्र (PSK), जो वर्तमान में श्याम प्लाजा, यूनिट-5, दूसरी मंजिल, पुराने बस स्टैंड के सामने, पंडरी, रायपुर (पिन: 492003) में स्थित है, को नए पते पर स्थानांतरित किया जा रहा है। नया पासपोर्ट सेवा केंद्र अब वन हाई स्ट्रीट (One High Street), दूसरी मंजिल, तेलीबांधा मेन रोड, रायपुर (पिन: 492001), छत्तीसगढ़ में संचालित होगा। नया पासपोर्ट सेवा केंद्र 06 अप्रैल 2026 से कार्य करना प्रारंभ करेगा।क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी रायपुर ने बताया कि वे सभी आवेदक जिन्होंने 06 अप्रैल 2026 या उसके बाद की तिथि के लिए पासपोर्ट सेवा केंद्र, रायपुर में अपॉइंटमेंट निर्धारित की है, उनसे अनुरोध है कि वे अपनी आवेदन की रसीद में उल्लिखित तिथि एवं समय के अनुसार नए पते (वन हाई स्ट्रीट, तेलीबांधा मेन रोड, रायपुर) पर उपस्थित हों, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।
- रायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर की जयंती के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।राज्यपाल ने अपने संदेश में कहा कि भगवान महावीर ने मानवता के कल्याण के लिए सत्य, अहिंसा, अस्तेय, अपरिग्रह और ब्रह्मचर्य जैसे उच्च जीवन मूल्यों का संदेश दिया। उन्होंने समाज को अंधविश्वास, आडम्बर और कुरीतियों से दूर रहकर नैतिकता, करुणा और संयम का मार्ग अपनाने की प्रेरणा दी। भगवान महावीर के विचार आज भी समाज को शांति, सद्भाव और सहअस्तित्व की दिशा में मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।राज्यपाल ने कहा कि भगवान महावीर का अहिंसा का सिद्धांत विश्व में शांति और भाईचारे की स्थापना का सशक्त माध्यम है। उनके जीवन से हमें आत्मसंयम, अनुशासन और सरल जीवन जीने की प्रेरणा मिलती है।राज्यपाल श्री डेका ने प्रदेशवासियों से भगवान महावीर के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने तथा आपसी सद्भाव, सहिष्णुता और मानवीय मूल्यों को मजबूत करने का आह्वान किया।
- -जनता का विश्वास बनाए रखना पुलिस की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है - मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय-नेताजी सुभाष चंद्र बोस पुलिस अकादमी में 859 प्रशिक्षुओं का दीक्षांत समारोह संपन्नरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज चंदखुरी स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस राज्य पुलिस अकादमी में आयोजित उप निरीक्षक संवर्ग के दीक्षांत (पासिंग आउट परेड) समारोह में शामिल हुए। उन्होंने परेड का निरीक्षण किया और सलामी ली। इस अवसर पर सूबेदार, उप निरीक्षक एवं प्लाटून कमांडर संवर्ग के अधिकारियों को सफल प्रशिक्षण पूर्ण करने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस सत्र में कुल 859 प्रशिक्षुओं ने प्रशिक्षण पूर्ण किया, जिनमें 54 सूबेदार, 528 उप निरीक्षक (जीडी), 02 उप निरीक्षक (कंप्यूटर), 01 उप निरीक्षक (रेडियो), 01 उप निरीक्षक (अंगुली चिन्ह), 68 उप निरीक्षक (एसबी) तथा 205 प्लाटून कमांडर शामिल हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि यह दिन सभी प्रशिक्षुओं के जीवन का एक यादगार पड़ाव है, जहाँ से वे राष्ट्र और छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा के लिए संकल्पित होकर आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कठोर प्रशिक्षण के बाद प्राप्त यह उपलब्धि न केवल प्रशिक्षुओं के लिए, बल्कि उनके परिजनों और पूरे प्रदेश के लिए भी गर्व का विषय है। उन्होंने उल्लेख किया कि पिछले वर्ष जब उन्होंने इन्हीं युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए थे, तब उनके पास प्रतिभा थी, और आज प्रशिक्षण के बाद उनमें अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का समावेश हो चुका है, जो उन्हें एक सफल अधिकारी बनाएगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने पुलिस सेवा को अत्यंत प्रतिष्ठित एवं जिम्मेदारीपूर्ण बताते हुए कहा कि किसी भी प्रतिष्ठित सेवा का आधार सत्यनिष्ठा होती है। उन्होंने प्रशिक्षुओं को प्रेरित करते हुए कहा कि पुलिस का मूल दायित्व नागरिकों की रक्षा करना है। जब भी कोई नागरिक असुरक्षित महसूस करता है, तो सबसे पहले पुलिस के पास ही जाता है। इसलिए जनता का विश्वास बनाए रखना पुलिस की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि वर्दी केवल अधिकार नहीं, बल्कि जनता की सुरक्षा का संकल्प और उससे जुड़ी प्रतिष्ठा का प्रतीक है, जिसे हर परिस्थिति में बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जिम्मेदारी कभी आसान नहीं होती, लेकिन क्षमता और समर्पण के साथ इसे सफलतापूर्वक निभाया जा सकता है। प्रशिक्षण के दौरान किए गए कठिन परिश्रम की तरह ही सेवा में भी निरंतर प्रयास और समर्पण से संतोष और सफलता प्राप्त होती है।मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आज का यह निष्क्रमण केवल अकादमी से बाहर निकलना नहीं, बल्कि वास्तविक कार्यक्षेत्र में प्रवेश का संकेत है। उन्होंने इसे सनातन परंपरा के ‘निष्क्रमण संस्कार’ से जोड़ते हुए बताया कि जैसे शिशु पहली बार घर से बाहर निकलता है, उसी प्रकार आज ये प्रशिक्षु सुरक्षित प्रशिक्षण वातावरण से निकलकर व्यापक जिम्मेदारियों वाले सेवा क्षेत्र में प्रवेश कर रहे हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पुलिसिंग के क्षेत्र में महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं। पिछले दो वर्षों में भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी एवं त्वरित बनाया गया है, आधुनिक तकनीक और उपकरणों को पुलिस बल में शामिल किया गया है तथा साइबर अपराधों से निपटने के लिए विशेष इकाइयाँ स्थापित की गई हैं। साथ ही प्रशिक्षण व्यवस्था को अधिक व्यावहारिक और आधुनिक स्वरूप दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य की पुलिस केवल कानून लागू करने वाली संस्था नहीं होगी, बल्कि एक सक्रिय सेवा प्रदाता के रूप में कार्य करेगी, जिसके लिए उसे प्रतिक्रियात्मक से सक्रियात्मक एजेंसी में रूपांतरित होना होगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि देश वर्तमान में एक ऐतिहासिक परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है, जिसमें औपनिवेशिक कानूनों के स्थान पर भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम जैसे नए कानून लागू किए गए हैं। यह दीक्षांत समारोह इस दृष्टि से विशेष महत्व रखता है कि यह उप निरीक्षकों का पहला बैच है, जिसने इन नवीन संहिताओं के तहत प्रशिक्षण प्राप्त किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि ये अधिकारी इन कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू करते हुए न्याय व्यवस्था को सुदृढ़ करेंगे।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सुरक्षा, विकास और विश्वास इन तीन स्तंभों पर कार्य कर रही है और पुलिस की भूमिका इन तीनों को सशक्त बनाने में अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पुलिस को केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि समाज से जुड़कर लोगों का विश्वास जीतना चाहिए, क्योंकि क्षेत्र डर से जीता जा सकता है, लेकिन दिल केवल विश्वास से ही जीता जा सकता है।उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में स्मार्ट, तकनीक-संचालित और संवेदनशील पुलिस व्यवस्था की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भविष्य की पुलिस डिजिटल, तकनीकी और उन्नत साधनों से लैस होगी, लेकिन जनता का विश्वास केवल व्यवहार, आचरण और निष्ठा से ही अर्जित किया जा सकता है।मुख्यमंत्री ने कहा कि अब इन प्रशिक्षुओं का जीवन केवल व्यक्तिगत नहीं रहा, बल्कि समाज और राज्य की सेवा के लिए समर्पित हो गया है। उन्होंने सभी अधिकारियों से आह्वान किया कि वे प्रतिदिन अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते समय न्याय, ईमानदारी और मानवता को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। अंत में उन्होंने सभी को इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे अपनी निष्ठा और समर्पण से छत्तीसगढ़ को सुरक्षित, सशक्त और समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि ये अधिकारी केवल कानून के रक्षक ही नहीं, बल्कि प्रदेश की आशाओं और विश्वास के संरक्षक भी हैं।उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने इस अवसर पर प्रशिक्षण पूर्ण कर चुके सभी उप निरीक्षकों एवं उनके परिजनों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि ये प्रशिक्षु छत्तीसगढ़ पुलिस की ताकत को और सुदृढ़ करेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में भर्ती प्रक्रिया पूर्ण पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न हुई है, जो शासन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे ऐसा वातावरण बनाएँ जिसमें अपराधियों के मन में कानून का भय और आम नागरिकों के मन में पुलिस के प्रति विश्वास बना रहे।समारोह में विभिन्न विषयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं—सर्वेश कुमार, किरण, मीताली बुग्गे, देवेन्द्र सिंह, भरत कुमार, जयप्रकाश राठौर, सचिन यादव, सुंदर मनीष, जितेन्द्र कुमार वैष्णव, जितेंद्र सिंह राजपूत एवं राकेश वैष्णव—को ट्रॉफी एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव श्री मनोज पिंगुआ, एडीजी श्री दीपांशु काबरा, अकादमी के संचालक श्री अजय यादव, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक पल्लव सहित अन्य अधिकारी एवं बड़ी संख्या में प्रशिक्षुओं के परिजन उपस्थित थे।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के संवेदनशील और जनहितकारी शासन की एक भावुक झलक आज चंदखुरी में देखने को मिली, जब उन्होंने एक दिव्यांग ग्रामीण की समस्या को न केवल सुना, बल्कि मौके पर ही उसका समाधान सुनिश्चित कर मानवता और उत्तरदायी नेतृत्व का उदाहरण प्रस्तुत किया।चंदखुरी निवासी दिव्यांग श्री चंदूलाल वर्मा के लिए यह दिन जीवन का अविस्मरणीय क्षण बन गया। वे मुख्यमंत्री से मिलने की आशा लेकर कायस्थ मंगल भवन के लोकार्पण कार्यक्रम में पहुंचे थे। कार्यक्रम समाप्ति के बाद जब वे मुख्यमंत्री से मिलने के लिए आगे बढ़े, तो सुरक्षा कारणों से उन्हें रोक दिया गया।इसी दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की नजर उन पर पड़ी। उन्होंने तत्परता दिखाते हुए सुरक्षाकर्मियों को निर्देश दिया कि श्री वर्मा को मंच पर बुलाया जाए। यह एक छोटा-सा निर्णय था, लेकिन चंदूलाल के जीवन में बड़ा बदलाव लेकर आया।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से मिलते ही चंदूलाल ने अपनी व्यथा साझा की। उन्होंने बताया कि वे पहले राजमिस्त्री का कार्य करते थे, लेकिन शुगर की बीमारी और डायबिटिक फुट के कारण उनके पैरों में गंभीर समस्या हो गई, जिससे चलना-फिरना कठिन हो गया। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे अब कोई कार्य नहीं कर पा रहे हैं और उन्हें बैटरी संचालित ट्राईसिकल की आवश्यकता है।मुख्यमंत्री श्री साय ने अत्यंत संवेदनशीलता के साथ उनकी पूरी बात सुनी और तत्काल सहायता राशि प्रदान करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि उन्हें शीघ्र मोटराइज्ड ट्राईसिकल उपलब्ध कराया जाए।मुख्यमंत्री के निर्देशों का त्वरित पालन सुनिश्चित किया गया। नगर पंचायत अध्यक्ष श्री प्रतीक बैस ने तत्काल प्रक्रिया पूर्ण कर चंदूलाल वर्मा को मोटराइज्ड ट्राईसिकल उपलब्ध कराया।अपनी खुशी व्यक्त करते हुए चंदूलाल भावुक हो उठे। उन्होंने कहा कि “मैंने सोचा भी नहीं था कि मुख्यमंत्री मुझसे मिलेंगे और मेरी समस्या का इतना जल्दी समाधान हो जाएगा। मैं उनका दिल से आभारी हूँ। धन्यवाद विष्णु भईया।”यह घटना केवल एक व्यक्ति की सहायता भर नहीं, बल्कि यह दर्शाती है कि राज्य सरकार का उद्देश्य हर नागरिक तक संवेदनशीलता, पहुंच और त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री का यह व्यवहार सुशासन के उस मॉडल को मजबूत करता है, जिसमें हर जरूरतमंद की आवाज सीधे शासन तक पहुंचती है और समाधान भी उतनी ही तेजी से मिलता है।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज चंदखुरी स्थित माता कौशल्या मंदिर पहुंचकर माता कौशल्या एवं भगवान श्रीराम के दर्शन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित थे।
- -कायस्थ समाज का देश-प्रदेश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय-सर्व समाज के लिए उपयोगी होगा कायस्थ मंगल भवन: संजय श्रीवास्तवरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज चंदखुरी में कायस्थ मंगल भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कायस्थ समाज को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि माता कौशल्या की पावन भूमि चंदखुरी में इस मंगल भवन का शुभारंभ होना पूरे समाज के लिए खुशी और गौरव का विषय है।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कायस्थ समाज सदैव से एक प्रबुद्ध और जागरूक समाज रहा है, जिसने देश एवं प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन से लेकर सामाजिक जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में इस समाज की सक्रिय भूमिका रही है, जो प्रेरणादायी है।मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि राज्य सरकार द्वारा तैयार किए गए विजन डॉक्यूमेंट में समाज के सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है और उन्हें विश्वास है कि कायस्थ समाज इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि यह आयोजन इस बात का प्रतीक है कि जब समाज संगठित होकर कार्य करता है, तो बड़े से बड़ा लक्ष्य भी सहजता से प्राप्त किया जा सकता है।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर प्रदेश में कनेक्टिविटी के क्षेत्र में हो रहे विस्तार का उल्लेख करते हुए बताया कि आज अंबिकापुर से दिल्ली और कलकत्ता के लिए सीधी हवाई सेवा प्रारंभ की गई है, जिससे प्रदेशवासियों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अपने बजट में सीजी वायु योजना का प्रावधान किया है, जिसके तहत छत्तीसगढ़ के सभी हवाई अड्डों का विकास किया जाएगा। साथ ही कार्गो सेवा भी प्रारंभ की गई है, जिससे किसान अपने उत्पाद राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार तक आसानी से पहुंचा सकेंगे।इस अवसर पर नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव ने कहा कि कायस्थ मंगल भवन का निर्माण समाज की एक महत्वपूर्ण आवश्यकता की पूर्ति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह भवन किसी एक समाज के लिए नहीं, बल्कि सर्व समाज के उपयोग के लिए बनाया गया है। यहां सामाजिक, सांस्कृतिक एवं पारिवारिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा सकेगा, जिससे विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को सुविधा मिलेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह भवन आमजन के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा और क्षेत्र के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।वी.वाय. हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. पूर्णेंदु सक्सेना ने कहा कि इस मंगल भवन का निर्माण पूरे समाज के सहयोग से संभव हुआ है और इसके लिए सभी लोग बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि माता कौशल्या की पावन भूमि पर इस भवन का निर्माण होना हम सभी के लिए सौभाग्य की बात है और यह भवन निश्चित रूप से शुभ कार्यों में उपयोगी सिद्ध होगा।कार्यक्रम में जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, सहित कायस्थ समाज के समाज के अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
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महापौर मीनल चौबे ने नगर निगम सामान्य सभा में वित्त वर्ष 2026-27 का वार्षिक बजट प्रस्तुत किया, निगम बजट पर दिया अभिभाषण
निगम सामान्य सभा की बैठक में पहुंचे रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा और राज्यसभा सदस्य श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, नेता प्रतिपक्ष श्री आकाश तिवारी, आयुक्त श्री विश्वदीप ने किया आत्मीय स्वागत
रायपुर/ आज रायपुर नगर पालिक निगम का वार्षिक बजट वित्त वर्ष 2026-27 को रायपुर नगर निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने नगर निगम सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़ के सभापतित्व में नगर निगम मुख्यालय भवन महात्मा गाँधी सदन के चतुर्थ तल पर स्थित नगर निगम सामान्य सभा सभागार में आहुत सामान्य सभा की बैठक में प्रस्तुत किया.महापौर श्रीमती मीनल चौबे द्वारा सामान्य सभा में नगर निगम बजट पर अभिभाषण प्रस्तुत करने के पूर्व नगर निगम बजट की प्रथम प्रति आसन्दी पर सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़ को नगर निगम वित्त विभाग के अध्यक्ष श्री महेन्द्र खोडियार सहित दी. वित्त विभाग अध्यक्ष श्री महेन्द्र खोडियार ने महापौर श्रीमती मीनल चौबे को बजट की प्रति दी, नेता प्रतिपक्ष श्री आकाश तिवारी और नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप को महापौर और वित्त विभाग अध्यक्ष ने बजट की प्रति दी.इसके पूर्व नगर निगम सामान्य सभा की बैठक में पहुँचने पर रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा और राज्यसभा सदस्य श्रीमती लक्ष्मी वर्मा का महापौर श्रीमती मीनल चौबे, नेता प्रतिपक्ष श्री आकाश तिवारी और आयुक्त श्री विश्वदीप ने बुके प्रदत्त कर आत्मीय स्वागत किया.महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने नगर निगम रायपुर के वित्त वर्ष 2026-27 के वार्षिक बजट और बजट पर अभिभाषण की प्रस्तुति सामान्य सभा की बैठक में की. रायपुर नगर निगम का वित्त वर्ष 2026-27 हेतु 1 करोड़ 39 लाख 89 हजार रूपये के फायदे का बजट प्रस्तुत किया गया. 1924 करोड़ 9 लाख 12 हजार की कुल वार्षिक आय के प्रस्तुत बजट में प्रारम्भिक शेष 207 करोड़ 65 लाख 90 हजार रूपये, कुल योग 2131 करोड़ 75 लाख 2 हजार रूपये और कुल अनुमानित व्यय 2130 करोड़ 35 लाख 13 हजार रूपये दर्शाया गया है.इस प्रकार नगर निगम महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने सामान्य सभा की बैठक में वित्त वर्ष 2026-27 का 1 करोड़ 39 लाख 89 हजार रूपये के फायदे का वार्षिक बजट प्रस्तुत किया. -
बिलासपुर/भारतीय भक्ति संगीत जगत के ख्यातिप्राप्त गायक पद्मश्री भारती बंधु ने कहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार कला और कलाकारों के संरक्षण एवं प्रोत्साहन के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य के संस्कृति विभाग द्वारा समय-समय पर आयोजित विभिन्न सांस्कृतिक महोत्सव कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए सशक्त मंच प्रदान कर रहे हैं, जिससे लोक कला एवं परंपराओं को नई ऊर्जा मिल रही है। पद्मश्री भारती बंधु जिला प्रशासन के आमंत्रण पर मल्हार महोत्सव में अपनी प्रस्तुति देने बिलासपुर पहुंचे थे। पद्मश्री भारती बंधु ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में कला और संस्कृति के संरक्षण, संवर्धन एवं प्रसार के लिए सार्थक पहल की जा रही है। इन प्रयासों के कारण प्रदेश के कलाकारों में उत्साह का वातावरण बना है और युवा पीढ़ी भी पारंपरिक कला विधाओं और संस्कृति से जुड़ने के लिए प्रेरित हो रही है। छत्तीसगढ़ भवन में चर्चा के दौरान उन्होंने मल्हार महोत्सव के पुनः भव्य और जीवंत स्वरूप में आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से न केवल कलाकारों को मंच मिलता है, बल्कि स्थानीय संस्कृति को भी व्यापक पहचान मिलती है। उन्होंने इस गरिमामयी आयोजन के लिए मुख्यमंत्री और आमंत्रण के लिए जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। भजन गायकी की अपनी विशिष्ट और पारंपरिक शैली पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि वे इस विधा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। उनके द्वारा अब तक 10,000 से अधिक युवाओं को भजन गायन का प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जो इस परंपरा को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि प्रख्यात भजन गायक भारती बंधु को भारत सरकार द्वारा चौथे सर्वाेच्च नागरिक सम्मान पद्मश्री से सम्मानित किया गया है। भारती बंधु ने देश-विदेश के विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व कर देश का मान बढ़ाया है। उनकी प्रस्तुतियां न केवल आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान करती हैं, बल्कि श्रोताओं के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और प्रेरणा का भी संचार करती हैं। पद्मश्री भारती बंधु ने यह भी बताया कि उन्होंने देशभर की अनेक जेलों में बंदियों के समक्ष भजन प्रस्तुतियां दी हैं, जिनका प्रभाव बंदियों पर बेहद सकारात्मक रहा है। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से बंदियों के जीवन में आत्मचिंतन, सुधार और नई दिशा की चेतना उत्पन्न हुई है। उन्होंने कहा कि कला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने, संस्कारों को सहेजने और सकारात्मक परिवर्तन लाने का सशक्त माध्यम है, और छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में इसके संरक्षण हेतु मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में किए जा रहे प्रयास सराहनीय है। - रायपुर/ साल 2021 में जब कोमालिका बारी ने अपनी राज्य की साथी दीपिका कुमारी की बराबरी करते हुए विश्व कैडेट और विश्व जूनियर दोनों खिताब जीतने वाली भारत की दूसरी महिला रिकर्व तीरंदाज बनने का गौरव हासिल किया, तब जमशेदपुर की इस खिलाड़ी से काफी सारी उम्मीदें जुड़ गई थीं।हालांकि, जूनियर स्तर पर शानदार प्रदर्शन के बाद सीनियर सर्किट में उनका सफर उतना आसान नहीं रहा। कोमालिका एशियाई खेलों और 2028 ओलंपिक जैसे बड़े टूर्नामेंट्स के लिए भारतीय टीम में जगह बनाने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन अभी तक वह पूरी तरह अपनी जगह पक्की नहीं कर पाई हैं।अब 2026 एशियाई खेलों के लिए भारतीय टीम में चयन की दौड़ अंतिम चरण में पहुंच चुकी है, ऐसे में कोमालिका ने अपनी तैयारियों को और तेज कर दिया है। पुणे में चल रहे प्रशिक्षण शिविर में वह अपनी तकनीक को निखारने के साथ-साथ मानसिक मजबूती और दबाव में बेहतर प्रदर्शन करने पर भी खास ध्यान दे रही हैं।कोमालिका ने साई मीडिया को कहा कि, “मैं फिलहाल टॉप-16 में हूं और राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर का हिस्सा हूं। एशियाई खेलों के चयन को लेकर मैं गंभीरता से तैयारी कर रही हूं। साथ ही, मैं ज्यादा से ज्यादा प्रतियोगिताओं में भाग लेकर अनुभव हासिल करना चाहती हूं, जबकि अपने प्रशिक्षण कार्यक्रम को भी बनाए रख रही हूं।”झारखंड की यह प्रतिभाशाली तीरंदाज यहां जारी पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में तीरंदाजी प्रतियोगिता की प्रमुख आकर्षण हैं। कोमालिका ने आगे कहा कि, “मेरा अंतिम लक्ष्य (2028) ओलंपिक है। इस समय मेरा प्रशिक्षण काफी अच्छा चल रहा है और मैं कड़ी मेहनत कर रही हूं। सबसे ज्यादा ध्यान मानसिक रूप से मजबूत रहने पर है, क्योंकि प्रदर्शन में इसकी बहुत बड़ी भूमिका होती है।” वह अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहती हैं, “मेरी यात्रा ने मुझे सिखाया है कि उतार- चढ़ाव आते रहेंगे, लेकिन कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प से उन्हें पार कर आगे बढ़ा जा सकता है।” उन्होंने यह भी बताया कि मैच अनुभव हासिल करने के अलावा वह अधिक से अधिक जनजातीय बच्चों को इस खेल को करियर के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित करना चाहती हैं।कोमालिका ने 12 साल की उम्र में पहली बार धनुष-बाण उठाया। उन्हें उनकी मां, जो एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता हैं, का पूरा समर्थन मिला। उनकी मां ही उन्हें बिरसानगर में स्थानीय तीरंदाजी कोच के पास लेकर गईं, जहां से उनके करियर की शुरुआत हुई। साल 2012 में कोमालिका ने अपने शुरुआती संघर्षों का सामना करना शुरू किया। शुरुआती दिनों में उनके परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी मजबूत नहीं थी कि वे अभ्यास के लिए धनुष खरीद सकें, इसलिए उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान बांस से बने अस्थायी धनुष का सहारा लिया।प्रशिक्षण शुरू करने के चार साल बाद कोमालिका ने जमशेदपुर स्थित टाटा आर्चरी अकादमी में प्रवेश लिया और कोच धर्मेंद्र तिवारी तथा पूर्णिमा महतो के मार्गदर्शन में अभ्यास शुरू किया। लेकिन देश की इस प्रतिष्ठित अकादमी तक पहुंचने का सफर आसान नहीं था, क्योंकि उन्हें अपने बिरसानगर स्थित घर से रोजाना 18 किलोमीटर साइकिल चलाकर वहां पहुंचना पड़ता था।वह कहती हैं, “जब मैंने तीरंदाजी शुरू की थी, तब मेरे कई सीनियर खिलाड़ी थे जिन्हें मैं रोल मॉडल मानती थी। हमें उन्हें आमतौर पर सिर्फ प्रतियोगिताओं के दौरान देखने का मौका मिलता था और इससे हमें काफी प्रेरणा मिलती थी।”उन्होंने आगे कहा कि , “यही एक बड़ा कारण है कि मैं खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में हिस्सा ले रही हूं। मैं चाहती हूं कि लोग मुझे खेलते हुए देखें और आगे आकर भाग लेने के लिए प्रेरित हों। अभी भी कई लोग भाग नहीं ले रहे हैं, लेकिन खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स एक बहुत अच्छा मंच है, जो प्रेरणा और अवसर दोनों प्रदान करता है।”24 वर्षीय कोमालिका रायपुर में जारी प्रतियोगिता में व्यक्तिगत, टीम और मिश्रित टीम स्पर्धाओं में हिस्सा ले रही है। खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स 2020 में व्यक्तिगत रजत पदक जीत चुकी कोमालिका इस मंच के महत्व को भली-भांति समझती हैं और मानती हैं कि ट्राइबल गेम्स जनजातीय पृष्ठभूमि से आने वाले खिलाड़ियों के विकास को नई गति दे सकते हैं। वे कहती हैं कि, “ट्राइबल गेम्स पूरे खेल पारिस्थितिकी तंत्र को बदलने की क्षमता रखते हैं, खासकर जनजातीय खिलाड़ियों के लिए। खेलो इंडिया द्वारा उठाया गया यह कदम और इन खेलों का आयोजन बेहद प्रभावशाली है। आमतौर पर राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं एक ही खेल पर केंद्रित होती हैं, लेकिन यहां कई खेल एक साथ आयोजित किए जा रहे हैं, ठीक राष्ट्रीय खेलों की तरह।
- रायपुर/ वन क्षेत्रों और वन्यजीव अभयारण्यों में आवारा कुत्तों के प्रवेश पर रोक लगाने के लिए वन विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। हाल ही में छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में आवारा कुत्तों द्वारा हिरणों को मार डालने की घटना के बाद यह कदम उठाया गया है। छत्तीसगढ़ में वन्यप्राणियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वन विभाग ने वन क्षेत्रों में आवारा कुत्तों के प्रवेश पर सख्ती बढ़ा दी है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) श्री अरुण कुमार पाण्डेय ने इस संबंध में सभी क्षेत्रीय अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।उल्लेखनीय है कि यह निर्णय सरगुजा वनमंडल के अंबिकापुर स्थित संजय वाटिका में 20-21 मार्च की रात हुई घटना के बाद लिया गया है, जिसमें आवारा कुत्तों ने बाड़े में घुसकर 15 शाकाहारी वन्यप्राणियों को मार दिया था। इस घटना की जांच के लिए पहले ही उच्च स्तरीय समिति गठित की जा चुकी है।मुख्य निर्देश और उपाय---SOP का कड़ाई से पालनराष्ट्रीय व्याघ्र संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का सख्ती से पालन किया जाएगा। इसके लिए अगले दो सप्ताह में वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।पालतू कुत्तों की पहचान (कलर कोडिंग)वन क्षेत्रों के पास स्थित गांवों में पालतू कुत्तों को विशेष रंग के पट्टे (कॉलर) पहनाए जाएंगे, ताकि उनकी पहचान हो सके। यदि कोई पालतू कुत्ता वन क्षेत्र में पाया जाता है, तो उसके मालिक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।मानवीय तरीके से नियंत्रणआवारा कुत्तों को पकड़ने और उनके प्रबंधन के लिए “एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया” (AWBI) के दिशा- निर्देशों का पालन किया जाएगा। इस दौरान पशु कल्याण के सभी मानकों का ध्यान रखा जाएगा।जन जागरूकता अभियानवन क्षेत्रों के आसपास के गांवों में पोस्टर, बैनर और ग्राम सभाओं के माध्यम से जन जागरुकता अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जाएगा। इसका उद्देश्य वन्यप्राणियों को हमले से और रैबीज जैसी बीमारियों से बचाना है।प्रधान मुख्य वन संरक्षक ने कहा है कि वन्यप्राणियों की सुरक्षा के लिए यह कदम बेहद जरूरी है। सभी वनमंडलाधिकारियों को अपने- अपने क्षेत्रों में ग्रामवार योजना बनाकर समयबद्ध तरीके से इन निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।
- रायपुर/आदिमजाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान, (टीआरटीआई) के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नवा रायपुर, अटल नगर, सेक्टर-24 परिसर में स्थापित ‘शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय’ एवं जनजातीय संग्रहालय‘‘ के रख-रखाव हेतु आपदा प्रबंधन का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में संस्थान की संचालक श्रीमती हिना अमिनेष नेताम सहित संस्थान के अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए। प्रशिक्षण होमगार्ड, सिविल डिफेंस, फायर एंड इमरजेंसी सर्विस एसडीआरएफ के सौजन्य से आयोजित किया गया।इस प्रशिक्षण में एसडीआरएफ की दक्ष टीम द्वारा ‘‘आपदा प्रबंधन एवं आपातकालीन प्रतिक्रिया’’ विषय पर सारगर्भित तकनीकी और अनुभविक जानकारी श्री पुष्पराज सिंह जी के नेतृत्व में श्री दीपक कौशिक एवं श्री राकेश भोयर, सहायक उपनिरीक्षक के द्वारा प्रदान किया गया। प्रशिक्षण पश्चात् आपदा प्रबंधन के व्यवहारिक एवं प्रायोगिक पक्ष का प्रदर्शन संस्थान के खुले परिसर में किया गया जिसमें विभिन्न प्रकार की आग आदि जैसी आपदा से तत्कालिक बचाव प्रतिक्रिया से समस्त अमलों और संग्रहालय भ्रमण हेतु आये आगंतुको एवं विद्यार्थियों द्वारा भी हैण्ड्स ऑन प्रेक्टिस की गई।संस्थान की संचालक हिना अनिमेष नेताम द्वारा बताया गया कि, यह प्रशिक्षण सभी के लिये लाभदायक रहा है जो कार्यस्थल और पारिवारिक सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण रहा है। साथ ही आने वाले समय में ऐसे और भी प्रशिक्षण विशेषकर आपातकालीन स्वास्थ विषयों पर भी किये जाने है।
- महासमुंद / जनगणना कार्य का प्रथम चरण जिले में 1 से 30 मई तक किया जाएगा। इस दौरान प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर मोबाइल एप के माध्यम से कुल 34 प्रश्नों की जानकारी ली जाएगी। चूंकि जनगणना कार्य डिजिटल रूप में पहली बार होने वाली है, इसलिए प्रगणकों को इसके लिए पर्याप्त प्रशिक्षण दिया जाएगा।इसी परिप्रेक्ष्य में कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार डिप्टी कलेक्टर एवं जिला जनगणना अधिकारी श्री मनोज कुमार खांडे की उपस्थिति में प्रगणकों को प्रशिक्षण देने वाले फील्ड ट्रेनर्स का तीन दिवसीय प्रशिक्षण जनपद पंचायत बसना में आयोजित किया गया। जिसमें सरायपाली, बसना और पिथौरा के कुल 23 फील्ड ट्रेनर्स प्रशिक्षण प्राप्त किए। प्रशिक्षण के प्रथम दिवस उद्घाटन अवसर पर एसडीएम बसना श्री हरिशंकर पैकरा ने फील्ड ट्रेनर्स को संबोधित करते हुए कहा कि वे प्रशिक्षण को गंभीरता से लें तथा हर शंका का समाधान मास्टर ट्रेनर से पूछकर अवश्य करें।प्रशिक्षण के अंतिम दिवस जिला मास्टर ट्रेनर तोषण गिरि गोस्वामी तथा नसीब खान द्वारा सभी फील्ड ट्रेनर्स को बसना नगर के वार्ड नंबर एक तथा ग्राम खेमड़ा ले जाकर जनगणना कार्य का व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया। जिसमें प्रत्येक फील्ड ट्रेनर्स द्वारा दस से पंद्रह घरों में जाकर वांछित प्रश्नों के उत्तर पूछकर मोबाइल एप द्वारा प्रविष्टि किया गया। इसमें आवास, आवास सह अन्य उपयोग, दुकान, कार्यालय, खाली मकान आदि विभिन्न इकाइयों का मकानसूचीकरण किस प्रकार की जाएगी, इसकी विस्तृत जानकारी मास्टर ट्रेनर द्वारा मौके पर व्यवहारिक रूप से दिया गया।इस दौरान तहसीलदार श्री कृष्ण कुमार साहू, सीएमओ नगर पंचायत बसना श्री सूरज कुमार सिदार तथा उनके कार्यालयीन स्टाफ भी सहयोग के लिए उपस्थित थे। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले फील्ड ट्रेनर्स द्वारा अब अपने अपने नगरीय तथा ग्रामीण क्षेत्रों के लिए नियुक्त प्रगणकों तथा सुपरवाइजरों को अप्रैल महीने में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
- -पक्की सड़के, नल जल, विद्युत सुविधा से कमार डेरा में आई नई खुशहाली-साथ ही आधार कार्ड, राशन कार्ड जैसे उनका हक भी मिल रहामहासमुंद / जिले में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजाति कमार समुदाय का जीवन कभी अभावों और कठिनाइयों से घिरा हुआ था। ये लोग गांव और शहरों की मुख्य बसाहटों से दूर छोटे-छोटे डेरों में रहते थे। ऐसे में पक्की सड़क, बिजली, स्वच्छ पेयजल, स्कूल और स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव की स्थिति में इनका जीवन पूरी तरह जंगल और मजदूरी पर निर्भर था। वनोपज संग्रह, बांस के सामान बनाना और पारंपरिक खेती ही इनके जीविकोपार्जन के साधन थे। मुख्यधारा से दूरी के कारण इनकी बड़ी आबादी शासकीय योजनाओं के लाभ से भी वंचित थी। अधिकांश लोगों के पास आधार कार्ड, राशन कार्ड, बैंक खाता या आयुष्मान कार्ड जैसे जरूरी दस्तावेज नहीं थे। आदिम जाति अनुसंधान केंद्र के आधारभूत सर्वेक्षण 2015-16 के आधार पर महासमुंद जिले में इनका सर्वे कार्य किया गया था जिसके आधार पर वर्तमान में कुल 923 कमार परिवार में कुल जनसंख्या 3309 है, जिनमे पुरुष जनसंख्या 1614 एवं महिला जनसंख्या 1695 है। सर्वे के अनुसार महासमुंद विकासखंड में 41 ग्राम, बागबाहरा विकासखंड में 33 ग्राम एवं पिथौरा विकासखंड में 2 ग्राम कुल 76 ग्राम में कमार परिवार निवासरत है।जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर शुरू हुई प्रधानमंत्री जनजातीय न्याय महा अभियान (पीएम-जनमन) योजना पीव्हीटीजी समुदाय के लिए उम्मीद की किरण बनकर आई। जिला प्रशासन द्वारा इस योजना को गंभीरता से लागू करते हुए सबसे पहले कमार जनजाति के हर परिवार तक पहुंचने का प्रयास किया। जिससे जिले के 26 सड़क विहीन बसाहटों में पक्की सड़कों का निर्माण किया गया है। इससे दूर-दराज के डेरों का संपर्क मुख्य गांवों और शहरों से जुड़ने लगा। नल-जल योजना के माध्यम से सभी घरों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाया जा रहा है। जिन घरों में कभी अंधेरा रहता था, वहां अब बिजली पहुंच चुकी है, अब बच्चे रात में भी पढ़ाई कर पा रहे हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 678 कच्चे घरों की जगह पक्के मकानों का निर्माण हुआ, जिससे इन परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन मिला। बहुद्देशीय केंद्रों की स्थापना से एक ही स्थान पर आंगनवाड़ी, स्वास्थ्य सेवाएं और आजीविका से जुड़ी गतिविधियां शुरू हुईं, जिससे महिलाओं और बच्चों को विशेष लाभ मिला। मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएं अब सीधे इन बस्तियों तक पहुंच रही हैं, जिससे इलाज के लिए भटकना नहीं पड़ता।आधारभूत सुविधाओं के साथ लोगों को उनके अधिकारों से भी जोड़ा गया। विशेष शिविरों के माध्यम से शत प्रतिशत पात्र हितग्राहियों के आधार कार्ड, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, बैंक खाते और जाति प्रमाण पत्र बनवाए गए। किसान सम्मान निधि हेतु 1461 का लक्ष्य था जिसे शत प्रतिशत पूर्ण कर लिया गया है। अब हर परिवार को नियमित रूप से राशन मिल रहा है। आयुष्मान कार्ड से मुफ्त इलाज की सुविधा मिलने लगी है और बैंक खाते खुलने से शासकीय योजनाओं की राशि सीधे उनके खातों में पहुंच रही है। आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। जहां पहले जीवन संघर्ष और अभावों में बीतता था, वहीं अब आत्मविश्वास और आशा की नई रोशनी दिखाई देती है तथा धीरे-धीरे यह समुदाय विकास की मुख्यधारा से जुड़ता जा रहा है।
- -नगर निगम जोन 8 कमिश्नर के नेतृत्व में कुल 28 बकायादारों पर अभियान चलाकर बकाया राजस्व वसूली हेतु कार्यवाहीरायपुर - रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त श्री विश्वदीप के आदेशानुसार और नगर निगम जोन 8 जोन कमिश्नर श्रीमती राजेश्वरी पटेल के नेतृत्व और नगर निगम जोन 8 सहायक राजस्व अधिकारी श्री महादेव रक्सेल के मार्गदर्शन और राजस्व निरीक्षक श्री राजेश मिश्रा, सहायक राजस्व निरीक्षक सर्वश्री नंदकुमार वैष्णव, राकेश दुबे, नरेन्द्र ठाकुर, खगेंद्र सोनी, राम कुमार औसर की उपस्थिति में नगर पालिक निगम जोन 8 की राजस्व विभाग की टीम द्वारा नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 8 अंतर्गत वीर सावरकर नगर वार्ड कमांक 1, पण्डित जवाहर लाल नेहरू वार्ड क्रमांक 2, डॉ एपीजे अब्दुल कलाम वार्ड क्रमांक 19 और शहीद भगत सिंह वार्ड क्रमांक 21 क्षेत्र अंतर्गत कूल 28 बडे बकायादारों द्वारा विगत कई वर्षों से बकाया राशि नगर पालिक निगम रायपुर द्वारा डिमांड बिल डिमांड नोटिस एवं अंतिम नोटिस जारी करने के उपरांत भी नगर निगम जोन 8 राजस्व विभाग को बकाया राशि अदा नहीं करने पर अभियान चलाया. इन बड़े बकायादारों में संबंधित 14 बड़े बकायादारो के 8 व्यवसायिक परिसरो को तत्काल ताला लगाकर सीलबंद करने की कडी कार्यवाही की गयी.वहीं इन बकायादारों में एक बड़े बकायादार संत रविदास वार्ड क्रमांक 70 के 39487 रूपये के बड़े बकायादार राजदेव प्रसाद यादव /ईश्वर प्रसाद ने सीलबंदी कार्यवाही के दौरान बकाया का पार्ट पेमेंट तत्काल कर दिया और शेष बकाया दिनांक 31 मार्च 2026 तक देने का आश्वासन दिया. डॉ एपीजे अब्दुल कलाम वार्ड क्रमांक 19 के क्षेत्र के 26901 रूपये के एक अन्य बड़े बकायादार गोदावरी बाई साहू ने सीलबंदी के दौरान कल तक बकाया राशि का भुगतान करने का आश्वासन दिया. तीन अन्य बड़े बकायादारों डॉ एपीजे अब्दुल कलाम वार्ड के 57614 रूपये के बकायादार हितेन्द्र साहू और इसी वार्ड के 38410 रूपये के बकायादार रमेश्वरी साहू और शहीद भगत सिंह वार्ड क्षेत्र के 46917 रूपये के बकायादार गगरीन कुट्टी और अमर कुट्टी ने आज आरटीजीएस के माध्यम से अपना बकाया भुगतान करने का आश्वासन दिया.रायपुर नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 8 जोन कमिश्नर श्रीमती राजेश्वरी पटेल एवं सहायक राजस्व अधिकारी श्री महादेव रक्सेल ने बताया कि आज रायपुर नगर पालिक निगम जोन 8 राजस्व विभाग द्वारा जोन क्षेत्र अंतर्गत वीर सावरकर नगर वार्ड कमांक 1 अंतर्गत 529434 रू. के बकायेदार प्रितम सिंग जीत सिंग, 58129 रू. के बकायेदार जगमीत सिंह, 78339 रू. के बकायेदार पवन कुमार सरावगी, 357717 रू. के बकायेदार मुन्नी चक्रधारी वगैरह, 452317 रू. के बकायेदार हरवंश सिंग, महेन्द्र सिंग, सुरजीत कौर वगैरह, 183697 रू. के बकायेदार राहुल धारीवाल, रू. 141022 रू. के बकायेदार आदिल खान, 117410 रू. के बकायादार सुरेन्दर सिंग, गुरविंदर सिंग, 142308 रू. के बकायेदार संजय कुमार सुमन जयराम कुमार साव / रामधनी साव के संबंधित व्यवसायिक परिसर में तत्काल ताला लगाकर सीलबंदी की कार्यवाही बकाया राशि रायपुर नगर पालिक निगम जोन 8 राजस्व विभाग को अदा नहीं करने पर की गई, वहीं वार्ड 1 क्षेत्र के 85516 रू. के बकायादार लीलावती देवी सिंग ने सीलबंदी कार्यवाही के दौरान तत्काल सम्पूर्ण बकाया राशि का भुगतान स्थल पर कर दिया. वहीं नगर निगम जोन 8 क्षेत्र अंतर्गत पण्डित जवाहर लाल नेहरू वार्ड क्रमांक 2 क्षेत्र अंतर्गत 123606 रू. के बकायादार निखिल ट्रेडर्स, 836874 रू. के बकायादार संतोषी देवी द्वारा बकाया राशि अदा नहीं करने पर तत्काल उनके सम्बंधित व्यवसायिक परिसर को सीलबंद कर दिया गया, वहीं वार्ड 2 क्षेत्र के 101275 रू. के बकायेदार आनंद सिंग ठाकुर द्वारा सीलबंदी कार्यवाही के दौरान सम्पूर्ण बकाया राशि का भुगतान तत्काल कर दिया गया.इसी प्रकार डॉ एपीजे अब्दुल कलाम वार्ड क्रमांक 19 के क्षेत्र के 25174 रू. के बकायेदार खूबचंद साहू, 13141 रू. के बकायेदार भुवनेश्वर सोनी और कविता बेगानी द्वारा सीलबंदी कार्यवाही के दौरान सम्पूर्ण बकाया राशि का स्थल पर तत्काल भुगतान कर दिया गया. वार्ड 19 क्षेत्र के 54117 रू. के बकायेदार गोपाल खरे,119389 रू के बकायेदार नीलिमा चौधरी द्वारा बकाया राशि अदा नहीं किये जाने पर बकायेदारों के सम्बंधित व्यवसायिक परिसरों में तत्काल ताला लगाकर सीलबंदी की कार्यवाही स्थल पर की गयी.नगर निगम जोन 8 राजस्व विभाग की टीम द्वारा शहीद भगत सिंह वार्ड क्रमांक 21 के क्षेत्र के 284708 रू. के बकायेदार अमरजीत सिंह के सम्बंधित व्यवसायिक परिसर को बकाया राशि अदा नहीं किये जाने पर तत्काल ताला लगाकर सीलबंद कर दिया गया, वहीं वार्ड 21 क्षेत्र के 49801 रू के बकायेदार गुरुबचन सिंह भामरा, 62592 रू. के बकायेदार बाला देवी चौधरी, 48641 रू. के बकायेदार नक्षत्तर कौर, 32076 रू. के बकायेदार दिलीप दामले और 606561 रू. के बकायेदार मेसर्स गगन रेजेंसी अमन गिल द्वारा सीलबंदी कार्यवाही के दौरान स्थल पर अपना सम्पूर्ण बकाया नगर निगम जोन 8 राजस्व विभाग को स्थल पर तत्काल भुगतान कर दिया गया. रायपुर नगर पालिक निगम जोन 8 राजस्व विभाग की टीम द्वारा जोन 8 जोन कमिश्नर श्रीमती राजेश्वरी पटेल के नेतृत्व और जोन सहायक राजस्व अधिकारी श्री महादेव रक्सेल के मार्गदर्शन में की गयी।
- महासमुंद / जिले के विकासखंड महासमुंद अंतर्गत ग्राम बम्बुरडीह की कृषक श्रीमती अमृत बाई बंजारे, श्री शुद्धुराम बंजारे ने सीमित संसाधनों के बावजूद आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है। अमृत बंजारे बताती है कि उनकी शैक्षणिक योग्यता 5वीं कक्षा तक है। पूर्व में वे अपनी कुल 2.87 हेक्टेयर भूमि में परंपरागत रूप से धान की खेती किया करती थीं, जिसमें उत्पादन अपेक्षाकृत कम एवं लागत अधिक होने के कारण उन्हें पर्याप्त लाभ प्राप्त नहीं हो पाता था।वर्ष 2025-26 में उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में उन्होंने अपनी 1.45 हेक्टेयर सिंचित भूमि में ग्राफ्टेड बैंगन (किस्म VNR 212) की उन्नत खेती प्रारंभ की। इस दौरान उन्होंने ड्रिप सिंचाई प्रणाली, मल्चिंग पेपर एवं अन्य आधुनिक कृषि यंत्रों का उपयोग करते हुए वैज्ञानिक पद्धति से खेती की। इन तकनीकों के उपयोग से जहां जल की बचत हुई, वहीं फसल की गुणवत्ता एवं उत्पादन में भी वृद्धि हुई।श्रीमती बंजारे बताती है कि अब तक लगभग 80 टन बैंगन का उत्पादन कर चुके है, जिससे उन्हें लगभग 9 लाख 60 हजार रुपये की आय प्राप्त हुई है। यह आय उनकी पूर्व की पारंपरिक खेती की तुलना में कहीं अधिक है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुदृढ़ता आई है। उल्लेखनीय है कि उन्हें उद्यानिकी विभाग द्वारा वर्ष 2025-26 में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना अंतर्गत 0.40 हेक्टेयर क्षेत्र में ग्राफ्टेड बैंगन उत्पादन हेतु 30,000 रुपये तथा राज्य पोषित योजना अंतर्गत समेकित उद्यानिकी विकास के लिए 54,485 रुपये का अनुदान भी प्रदान किया गया। इस सहयोग ने उन्हें आधुनिक तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित किया और जोखिम को कम करने में मदद की।
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- कलेक्टर ने ग्राम पंचायत सांकरा का किया आकस्मिक निरीक्षण
- पिछले 6 माह में 1500 से अधिक राजस्व प्रकरणों का किया गया निराकरण
- ग्राम पंचायत स्तर पर ही 15 दिनों के भीतर निराकृत किए जाने का लक्ष्य
राजनांदगांव । जिले में राजस्व सेवाओं को और अधिक सुलभ, पारदर्शी व त्वरित बनाने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा एक अभिनव पहल करते हुए ग्राम पंचायतों में राजस्व संबंधित समस्याओं का निराकरण किया जा रहा है। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने ग्राम पंचायत सांकरा का आकस्मिक आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों में राजस्व प्रकरणों के संबंधित आवेदन लिए जा रहे है। जिससे अविवादित नामांतरण, अविवादित खाता विभाजन जैसे राजस्व प्रकरणों को ग्राम पंचायत स्तर पर ही 15 दिनों के भीतर निराकृत किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। जिससे लोगों को तहसील कार्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी। इससे नागरिकों के समय एवं श्रम की बचत हो रही है। इसके साथ ही नागरिकों को सहूलियत भी मिल रही है। उन्होंने ग्राम पंचायतों में राजस्व प्रकरणों के निराकरण के संबंध में गांवों में मुनादी कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए। कलेक्टर ने वहां उपस्थित किसानों से बातचीत कर उनके राजस्व संबंधी आवेदन के निराकरण की जानकारी ली। ग्रामीणों ने बताया कि पहले छोटे-छोटे कार्यों के लिए कई बार तहसील कार्यालय जाना पड़ता था, परंतु अब वही काम ग्राम पंचायत में ही निराकरण होने से काफी राहत मिली है। किसानों ने बताया कि यह बहुत अच्छी पहल है। ग्राम पंचायत में राजस्व संबंधित समस्याओं का निराकरण होने से बड़ी राहत मिलती है। किसान श्री डुलेश कुमार बंजारे ने बताया कि उन्होंने फौती नामांतरण के लिए कुछ दिन पूर्व ग्राम पंचायत में आवेदन किया था और शीघ्र उनका फौती नामांतरण हो गया। इस व्यवस्था से उनका समय, राशि और श्रम की बचत हुई है और बहुत ही पारदर्शी एवं आसानी से फौती नामांतरण हो गया है। इससे वे बहुत खुश है।
कलेक्टर ने बताया कि इस अभिनव पहल से ग्राम पंचायतों में पीछले 6 माह में 1500 से ज्यादा राजस्व प्रकरणों का निराकरण किया गया है। इसके लिए आवेदन प्राप्त होने के 15 दिवस के भीतर निराकरण करने का लक्ष्य रखा गया है। इस अभिनव पहल से ग्राम पंचायतों में राजस्व संबंधित समस्याओं का निराकरण अब ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत बनकर उभर रही है।
ग्राम सांकरा के किसान श्री डुलेश कुमार बंजारे ने बताया कि उन्होंने फौती नामांतरण के लिए कुछ दिवस पूर्व ही आवेदन ग्राम पंचायत में किया था। जिसके बाद निर्धारित समय-सीमा के भीतर ही उनका फौती नामांतरण कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि पहले कई बार तहसील जाना पड़ता था, अब एक ही जगह सब काम हो जाता है। जिससे उनका समय, श्रम की बचत के साथ पूरी पारदर्शी तरीके से निराकरण किया गया है। उन्होंने बताया कि फौती नामांतरण होने से समर्थन मूल्य में फसल विक्रय करने, प्रधानमंत्री सम्मान निधि, केसीसी जैसी योजनाओं का लाभ अब आसानी से मिल पाएगा। ग्राम सांकरा के अन्य किसान श्री देव सिंह निषाद ने भी ग्राम पंचायत में आवेदन करने के पश्चात निर्धारित समय-सीमा में उनका फौती नामांतरण किया गया है। जिससे वे अपनी खुशी जाहीर की। इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह, जनपद पंचायत सीईओ श्री मनीष साहू सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। -
- अनियमितता की शिकायत पर राज्य हेल्पलाइन नंबर 18002333663 या जिला हेल्पलाइन नंबर 07747299613 पर कर सकते हैं संपर्क
मोहला । पश्चिम मध्य एशिया में युद्ध की स्थिति को ध्यान में रखते हुए राज्य शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा पेट्रोलियम पदार्थों एवं एलपीजी गैस की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने पेट्रोल पंप संचालकों एवं एलपीजी गैस वितरकों की बैठक लेकर स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि निर्धारित दरों पर ही पेट्रोलियम उत्पादों की बिक्री सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने सख्त हिदायत दी कि किसी भी परिस्थिति में पेट्रोल, डीजल एवं एलपीजी गैस सिलेंडरों का अनावश्यक भंडारण न किया जाए। साथ ही घरेलू गैस सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग या अन्य किसी प्रकार का दुरुपयोग पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कालाबाजारी, जमाखोरी या किसी भी प्रकार की अनियमितता मिलने पर पेट्रोल पंप एवं गैस एजेंसी संचालकों पर सख्त कार्रवाई होगी।
खाद्य विभाग ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में उपभोक्ताओं को शहरी क्षेत्रों में 25 दिन एवं ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन के अंतराल में दूसरा गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है। इसकी स्पष्ट जानकारी सभी गैस एजेंसियों में सूचना पटल पर प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
जिले में पेट्रोल, डीजल एवं एलपीजी गैस की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता बनी हुई है। कलेक्टर ने आम जनता से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी समस्या की स्थिति में अधिकृत स्रोतों से ही जानकारी प्राप्त करें।
यदि किसी उपभोक्ता को पेट्रोल-डीजल या गैस सिलेंडर की आपूर्ति में समस्या, अधिक मूल्य वसूली या किसी प्रकार की अनियमितता की शिकायत हो, तो वे राज्य हेल्पलाइन नंबर 18002333663 या जिला हेल्पलाइन नंबर 07747299613 पर संपर्क कर सकते हैं। - जशपुरनगर । वन क्षेत्र में अवैध बोरवेल खनन की प्राप्त सूचना पर वन विभाग द्वारा सख्त कार्रवाई की गई। अवैध बोर खनन में लगे 2 वाहनों को जप्त किया गया। ग्रामीणों द्वारा दूरभाष के माध्यम से सूचना देने पर वनमण्डलाधिकारी जशपुर श्री शशि कुमार के निर्देशन में वन परिक्षेत्र सन्ना अंतर्गत परिक्षेत्र सहायक तोरा, परिक्षेत्र सहायक सन्ना, बी. एफ.ओ. कामारिमा, चलनी, धनगुरी एवं बगीचा परिक्षेत्र के वन अमले द्वारा तत्काल मौके पर पहुंचकर कार्यवाही की गई। वन अमले द्वारा कक्ष क्रमांक पी 303 में पंचों एवं गवाहों की उपस्थिति में स्थल निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान पाया गया कि बोरवेल खनन का कार्य वन भूमि के अंदर अवैध रूप से किया जा रहा था, जिससे वन क्षेत्र एवं जैव विविधता को गंभीर क्षति पहुंचने की संभावना थी। मौके पर कार्य को तत्काल रुकवाया गया तथा संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ की गई। पूछताछ में वाहन चालक श्री सल्लू राम ग्राम मनोहरपुर एवं श्री गोधन कोमा ग्राम नर्राटोला जिला बालौद द्वारा बताया गया कि यह कार्य श्री राजेश यादव ग्राम दातुनपानी के निर्देश पर किया जा रहा था। साथ ही यह भी बताया गया कि संबंधित वाहनों के मालिक श्री रमेश जायसवाल निवासी बिलाईगढ़ जिला बलौदाबाजार हैं। वन विभाग द्वारा उक्त अवैध गतिविधि को गंभीरता से लेते हुए ट्रक क्रमांक CG22 एएफ 7660 एवं CG22 एएफ 7659 को जब्त किया गया। इस संबंध में वन अपराध के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। जब्त वाहनों को वन आवासीय परिसर सन्ना में सुरक्षित रखा गया है।वन विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि वन भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध उत्खनन, बोरवेल खनन या अन्य गतिविधियां पूर्णतः प्रतिबंधित हैं तथा इस प्रकार के कृत्यों में संलिप्त पाए जाने पर सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। वन विभाग जशपुर द्वारा आम जनता से अपील किया गया है कि वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा में सहयोग करें तथा किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल वन विभाग को प्रदान करें।
- रायपुर / छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक धरोहर के केंद्र बस्तर में सोमवार से खेलों का एक नया इतिहास लिखा जाने वाला है। 'खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026' के प्रथम संस्करण के तहत रायपुर में हुए भव्य उद्घाटन के बाद अब खेल प्रेमियों की नजरें जगदलपुर के धरमपुरा स्थित क्रीड़ा परिसर पर टिकी हैं, जहाँ 30 मार्च से एथलेटिक्स की रोमांचक स्पर्धाएं शुरू होने जा रही हैं। इस आयोजन का शुभंकर 'मोर वीर' जनजातीय युवाओं के अदम्य साहस और ऊर्जा का प्रतिनिधित्व कर रहा है। केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया के मुख्य आतिथ्य और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में शुरू हुआ यह महाकुंभ अब अपने सबसे प्रतीक्षित चरण में प्रवेश कर रहा है, जिसमें देश के 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 443 प्रतिभावान खिलाड़ी अपनी खेल प्रतिभा का लोहा मनवाएंगे।बस्तर में आयोजित होने वाली एथलेटिक्स स्पर्धाओं में कुल 17 विधाएं शामिल हैं, जिनमें 100 मीटर की फर्राटा दौड़ से लेकर 10,000 मीटर की लंबी दूरी की रेस, हर्डल्स, रिले रेस, और ऊँची व लंबी कूद जैसी श्रेणियाँ आकर्षण का केंद्र रहेंगी। पहले ही दिन डिस्कस थ्रो, लॉन्ग जंप और 110 मीटर हर्डल्स जैसे फाइनल मुकाबले देखने को मिलेंगे। शाम होते-होते 400 मीटर और रिले रेस के रोमांच के बीच विजेता खिलाड़ियों को पदक प्रदान किए जाएंगे। इस पूरे आयोजन के दौरान एथलेटिक्स में कुल 102 पदकों के लिए खिलाड़ी पसीना बहाएंगे, जिनमें छत्तीसगढ़ के 33 स्थानीय खिलाड़ी भी राज्य का मान बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।प्रशासनिक स्तर पर इस आयोजन को 'खेलो इंडिया' के अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप भव्य बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में खिलाड़ियों के आवास के लिए शहर के 13 प्रमुख होटलों को चिन्हित किया गया है, जबकि उनके आवागमन के लिए एसी वाहनों की सुविधा सुनिश्चित की गई है। सुरक्षा, चिकित्सा और अग्निशमन की पुख्ता व्यवस्था के साथ-साथ पर्यटन विभाग द्वारा आगंतुक खिलाड़ियों और ऑफिशियल्स को बस्तर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों का भ्रमण भी कराया जाएगा, ताकि वे खेल के साथ-साथ यहाँ के प्राकृतिक सौंदर्य और अनूठी संस्कृति से भी रूबरू हो सकें। भारतीय खेल प्राधिकरण के मार्गदर्शन में आयोजित यह स्पर्धा न केवल जनजातीय प्रतिभाओं को एक राष्ट्रीय मंच प्रदान करेगी, बल्कि बस्तर की वैश्विक छवि को एक खेल गंतव्य के रूप में भी स्थापित करेगी।
- -डिजिटल हुआ जशपुर: घर बैठे क्यूआर कोड से भरें टैक्सरायपुर / छत्तीसगढ़ के जशपुर नगर पालिका क्षेत्र में अब टैक्स भुगतान के लिए दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शनिवार को एचडीएफसी बैंक की ‘डिजिटल डोर सुविधा’ का शुभारंभ किया, जिसके तहत नागरिक घर बैठे क्यूआर कोड स्कैन कर जल कर, संपत्ति कर और दुकान कर का भुगतान कर सकेंगे।इस नई व्यवस्था के तहत एचडीएफसी बैंक ने नगर पालिका जशपुर के लिए विशेष क्यूआर कोड तैयार किया है। प्रत्येक घर के लिए अलग-अलग क्यूआर कोड जनरेट किया गया है, जिसे घर-घर चस्पा किया जा रहा है। इस क्यूआर कोड में मकान मालिक का नाम, मकान नंबर, मोबाइल नंबर और बकाया कर की पूरी जानकारी उपलब्ध रहेगी। नागरिक क्यूआर कोड स्कैन कर डी.डी.एन नंबर, मोबाइल नंबर या प्रॉपर्टी आईडी के माध्यम से अपनी देय राशि देख सकेंगे और यूटीआई, डेबिट कार्ड या नेट बैंकिंग के जरिए सुरक्षित भुगतान कर पाएंगे। भुगतान के बाद उन्हें तुरंत डिजिटल रसीद भी प्राप्त होगी।नगर पालिका जशपुर में लागू प्रॉपर्टी टैक्स इंफॉर्मेशन सिस्टम एक आधुनिक आईसीटी आधारित व्यवस्था है, जो राजस्व संग्रहण को पारदर्शी, सरल और कुशल बनाती है। इस प्रणाली के तहत वर्तमान में लगभग 4600 हाउसहोल्ड को शामिल किया गया है, जिसमें आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक संपत्तियां शामिल हैं।इस पहल से जहां नागरिकों को समय और श्रम की बचत होगी, वहीं नगर पालिका के कार्यों में पारदर्शिता और दक्षता भी बढ़ेगी। डिजिटल भुगतान प्रणाली से राजस्व संग्रहण में तेजी आएगी और नगरीय प्रशासन और अधिक सशक्त होगा।इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जूदेव, श्री कृष्णा राय, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, नगर पालिका अधिकारी श्री योगेश्वर उपाध्याय, एचडीएफसी बैंक के रीजनल मैनेजर श्री सराफत अली और शाखा प्रबंधक श्री दीपक दास सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।
- -मुख्यमंत्री श्री साय ने किया सम्मानित, किट देकर बढ़ाया हौसलारायपुर / सीमित संसाधनों के बीच बड़े सपने देखने वाली जशपुर जिले के इचकेला की बेटियों ने क्रिकेट के मैदान में ऐसा प्रदर्शन किया कि आज वे जिले ही नहीं, पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा बन गई हैं। उनकी इसी उपलब्धि पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शनिवार को जशपुर नगर के मल्टीपरपज इंडोर बास्केटबॉल स्टेडियम में उनसे मुलाकात कर उन्हें क्रिकेट किट प्रदान की और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।ग्राम इचकेला के शासकीय प्री-मैट्रिक कन्या छात्रावास की 16 बालिका खिलाड़ियों ने क्रिकेट में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए जिले को राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। मुख्यमंत्री ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी मेहनत, अनुशासन और लगन ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है और वे आगे भी इसी तरह राज्य और देश का नाम रोशन करती रहें।इचकेला एमसीसी एक क्रिकेट अकादमी के रूप में उभरकर सामने आई है, जहां से वर्तमान में 40 बालिकाएं नियमित रूप से क्रिकेट का प्रशिक्षण ले रही हैं। इनमें से 17 खिलाड़ी अंडर-17 और अंडर-19 वर्ग में राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में छत्तीसगढ़ टीम का प्रतिनिधित्व कर रही हैं और बोर्ड मैचों में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं।वर्ष 2025 में सरगुजा संभाग ने 25 वर्षों बाद राज्य स्तरीय अंडर-17 क्रिकेट प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल किया। इस ऐतिहासिक जीत में इचकेला एमसीसी की भूमिका निर्णायक रही। विजेता टीम के 11 खिलाड़ियों में से 9 खिलाड़ी इसी अकादमी की थीं। वहीं अंडर-19 वर्ग में भी सरगुजा संभाग ने रजत पदक जीता, जिसमें 11 में से 8 खिलाड़ी इचकेला एमसीसी से थीं। रायगढ़ में आयोजित वर्ष 2025 के इंटर-स्टेट क्रिकेट टूर्नामेंट में देशभर की टीमों के बीच इचकेला की बेटियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया। अब तक इस समूह की 11 खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेकर जिले और राज्य का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। इन उपलब्धियों के पीछे कोच श्री संतोष शंकर सोनी और श्रीमती पंडरी बाई का समर्पण और मार्गदर्शन प्रमुख रहा है।इचकेला की बेटियों की सफलता इस बात का सबूत है कि अगर मन में जुनून हो और सही मार्गदर्शन मिले तो संसाधनों की कमी भी सफलता के रास्ते में बाधा नहीं बनती।























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