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- 0- हेल्प डेस्क नंबर पर पालक कर सकते है शिकायतदुर्ग. जिले में संचालित अशासकीय (निजी) विद्यालयों द्वारा पालकों को पुस्तकें, गणवेश और अन्य सामग्रियां किसी एक ही निर्धारित फर्म से खरीदने के लिए बाध्य किए जाने तथा अप्रत्याशित दामों के कारण पालकों पर बढ़ रहे वित्तीय बोझ की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन द्वारा पालकों को राहत देने के उद्देश्य से बड़ी प्रशासनिक पहल की गई है। जिसके तहत इन शिकायतों के त्वरित निवारण और निजी स्कूलों में फीस बढ़ोतरी से संबंधित मामलों की जांच के लिए जिला व विकासखण्ड स्तर पर विशेष जांच समितियों का गठन किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिला स्तरीय समिति में कलेक्टर श्री अभिजित सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी श्री अरविन्द कुमार मिश्रा और वाणिज्यिक कर विभाग की सहायक आयुक्त श्रीमती रिंकी अखिलेश सोनी को शामिल किया गया है।वहीं दुर्ग, धमधा और पाटन विकासखण्डों के लिए भी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व (एसडीएम), विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) और जीएसटी इंस्पेक्टरों के तीन पृथक जांच दलों का गठन किया गया है। यह जांच समितियां अशासकीय विद्यालयों में फीस बढ़ोतरी से संबंधित शिकायतों पर स्वतः संज्ञान लेते हुए ’छत्तीसगढ़ अशासकीय विद्यालय फीस विनियमन विधेयक 2020’ के अनुरूप कड़ी कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित करेंगी। इस विषय से संबंधित किसी भी प्रकार की शिकायत दर्ज कराने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के मान्यता कक्ष प्रभारी श्री विपिन गनवीर का हेल्प डेस्क सह व्हाट्सएप नंबर 9109277888 जारी किया गया है, जहां पालक अपनी शिकायत व दस्तावेज जमा कर पावती प्राप्त कर सकते हैं।
- दुर्ग. कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने ‘सुशासन तिहार 2026’ के अंतर्गत जनपद पंचायत पाटन के ग्राम पंचायत जामगांव आर में पूर्व निर्धारित जन समस्या निवारण शिविर की तिथि में आंशिक संशोधन किया है। ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा 01 जून 2026 (दिन सोमवार) को त्रिस्तरीय पंचायत उप निर्वाचन 2026 के तहत रिक्त पदों के लिए मतदान का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। इस चुनावी कार्यक्रम और व्यस्तता को देखते हुए आम जनता की सुविधा के लिए पूर्व प्रस्तावित शिविर की तिथि को परिवर्तित किया गया है। संशोधित कार्यक्रम के अनुसार अब जामगांव (आर) में जन समस्या निवारण शिविर बुधवार, 03 जून 2026 को आयोजित की जाएगी। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस एक स्थान के अतिरिक्त जिले में पूर्व में जारी शेड्यूल के अनुसार अन्य सभी शिविरों के स्थान एवं तिथियां पूरी तरह से यथावत रहेंगे। कलेक्टर श्री सिंह ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे संशोधित तिथि के अनुरूप सभी आवश्यक मैदानी व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित करें जिससे नागरिकों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का सुचारू लाभ मिल सके।
- 0- चयनित अभ्यर्थियों को 28 मई को रायपुर में उपस्थिति के निर्देशदुर्ग. भारतीय थल सेना में अग्निवीर भर्ती वर्ष 2025-26 के विभिन्न पदों हेतु चयन परिणाम घोषित कर दिए गए हैं, जिसमें छत्तीसगढ़ राज्य के कुल 1163 युवाओं ने सफलता प्राप्त की है। सेना भर्ती कार्यालय रायपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस भर्ती परीक्षा के परिणाम भारतीय थल सेना की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिए गए हैं और इन्हें सेना भर्ती कार्यालय नवा रायपुर के नोटिस बोर्ड पर भी चस्पा किया गया है।चयनित सभी अभ्यर्थियों को आगामी दिशा-निर्देशों एवं प्रारंभिक प्रक्रियाओं के लिए 28 मई 2026 को पूर्वान्ह 07.00 बजे सेना भर्ती कार्यालय रायपुर में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं, जो कि शहीद वीर नारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के पास नवा रायपुर में स्थित है। दुर्ग जिले से चयनित हुए समस्त अभ्यर्थियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने चयन संबंधी जानकारी तत्काल जिला रोजगार कार्यालय दुर्ग को प्रदान करें तथा निर्धारित समय पर नवा रायपुर स्थित कार्यालय में अपनी अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करें। अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि किसी भी प्रकार की जानकारी या स्पष्टीकरण के लिए उम्मीदवार सेना भर्ती कार्यालय रायपुर के दूरभाष क्रमांक 0771-2965212 अथवा 0771-2965214 पर सीधे संपर्क स्थापित कर सकते हैं।
- 0- सुशासन शिविर में मिली बैटरी ऑपरेटेड ट्राईसाइकिलदुर्ग. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन संकल्प को धरातल पर चरितार्थ करने के उद्देश्य से पूरे जिले में ’सुशासन तिहार 2026’ के अंतर्गत जन समस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। प्रशासनिक सुगमता और लोक-कल्याण को समर्पित इस अभियान के तहत विगत 22 मई को दुर्ग जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम बेलौदी में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर कई जरूरतमंदों के लिए संबल और खुशियों का माध्यम बना, जहां जिला प्रशासन द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए एक दिव्यांग हितग्राही को बड़ी राहत पहुंचाई गई। ग्राम नागपुरा निवासी दिव्यांग श्री संतोष कुमार ठाकुर (पिता श्री दशरू राम ठाकुर) लंबे समय से शारीरिक दिव्यांगता के कारण चलने-फिरने में असमर्थ थे और अपनी दैनिक आवश्यकताओं के लिए पूर्ण रूप से परिजनों अथवा आस-पास के लोगों पर निर्भर थे। जब उन्होंने शिविर में अपनी इस व्यावहारिक कठिनाई को अधिकारियों के समक्ष रखा, तो जिला प्रशासन द्वारा तत्काल औपचारिकताएं पूर्ण कर उनके लिए बैटरी चालित ट्राईसाइकिल स्वीकृत की गई।शिविर के दौरान मुख्य अतिथि दुर्ग ग्रामीण विधायक श्री ललित चंद्राकर के कर-कमलों से संतोष कुमार ठाकुर को यह आधुनिक बैटरी ऑपरेटेड ट्राईसाइकिल प्रदान की गई। विधायक श्री चंद्राकर ने इस अवसर पर कहा कि सुशासन तिहार का मूल लक्ष्य ही यही है कि कोई भी पात्र हितग्राही व्यवस्था की कमियों के कारण शासन की कल्याणकारी योजनाओं से वंचित न रहे। ट्राईसाइकिल प्राप्त करने के उपरांत भावुक स्वर में संतोष कुमार ठाकुर ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस त्वरित सहायता से अब वे बिना किसी मानवीय सहारे के गरिमापूर्ण ढंग से आवागमन कर सकेंगे, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। यह पहल इस बात का प्रमाण है कि ’सुशासन तिहार’ जरूरतमंदों के जीवन में सकारात्मक और वास्तविक परिवर्तन लाने का सशक्त माध्यम सिद्ध हो रहा है।
- दुर्ग. महिलाओं को उचित अवसर, मार्गदर्शन एवं सहयोग मिले, तो वे आत्मनिर्भर बनकर परिवार एवं समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं। आज गांव में महिलाएं सशक्तिकरण की मिशाल बन चुकी हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत विकासखंड पाटन, ग्राम पंचायत चंगोरी की निवासी श्रीमति यामिनी वर्मा दीदी जागृति स्व-सहायता समूह की एक सक्रिय सदस्य बन चुकी है।उनके समूह में कुल 11 सदस्य हैं। समूह से जुड़ने के बाद यामिनी के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया और उन्होंने आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया। समूह से जुड़ने से पहले वे केवल घरेलू कार्यों तक सीमित थीं। सीमित आय के कारण परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में कठिनाई होती थी। समूह से जुड़ने के बाद प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन के माध्यम से उन्हें नई जानकारी प्राप्त हुई। समूह से प्राप्त आरएफ एवं सीआईएफ राशि से उन्होंने पशुपालन एवं नर्सरी व्यवसाय प्रारंभ किया।पशुपालन विभाग के माध्यम से उन्हें दो गाय प्राप्त हुए, जिनकी अनुमानित लागत लगभग 70 हजार रुपये हैं। विभाग द्वारा पशु देखभाल, टीकाकरण, चारा प्रबंधन एवं दुग्ध उत्पादन बढ़ाने प्रशिक्षण भी दिया गया। वर्तमान में वे दूध, दही, छाछ एवं अन्य दुग्ध उत्पादों की बिक्री कर प्रतिमाह लगभग 5 से 6 हजार रुपये की आय अर्जित कर रही हैं। इसके साथ ही स्व-सहायता समूह के सहयोग से नर्सरी व्यवसाय भी प्रारंभ की। वे फलदार, फूलदार एवं सजावटी पौधों का उत्पादन कर आसपास के गांवों में बिक्री कर रही है। इस व्यवसाय से उन्हें प्रतिमाह लगभग 10 से 15 हजार रुपये तक की अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है। पशुपालन एवं नर्सरी व्यवसाय से उनकी कुल मासिक आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई, बच्चों की पढ़ाई बेहतर हुई तथा घरेलू आवश्यकताओं की पूर्ति सहज हो गई। अब यामिनी वर्मा दीदी गाँव की अन्य महिलाओं को भी स्व-सहायता समूह से जुड़कर स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
- दुर्ग. प्रदेश के गृह, जेल, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री तथा दुर्ग जिले के प्रभारी मंत्री श्री विजय शर्मा और प्रदेश के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास, 20 सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्री श्री श्यामबिहारी जायसवाल आज संध्या लोकांगन परिसर वैशाली नगर भिलाई में आयोजित श्रद्धांजली सभा में शामिल हुए। मंत्री द्वय ने स्वर्गीय दिनेश सेन के छायाचित्र पर पुष्पांजली अर्पित कर श्रद्धांजली दिये। ज्ञात हो कि वैशाली नगर विधायक श्री रिकेश सेन के बड़े भाई स्वर्गीय दिनेश सेन जी का निधन 17 मई 2026 को हो गया। उनकी पावन स्मृति में विधायक श्री सेन द्वारा श्रद्धांजली सभा का आयोजन किया गया। मंत्री द्वय ने इस शोक की घड़ी में विधायक श्री रिकेश सेन और उनके शोकाकुल परिजनों से मूलाकात कर ढांढस बंधाया। इस अवसर पर विधायक श्री डोमन लाल कोर्सेवाड़ा एवं अन्य जनप्रतिनिधि व नगर के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
- दुर्ग. छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह आज संध्या लोकांगन परिसर वैशाली नगर भिलाई में आयोजित श्रद्धांजली सभा में शामिल हुए। उन्हांेने स्वर्गीय दिनेश सेन जी के छायाचित्र पर पुष्पांजली अर्पित कर श्रद्धांजली दी। ज्ञात हो कि वैशाली नगर विधायक श्री रिकेश सेन के बड़े भाई स्वर्गीय दिनेश सेन जी का निधन 17 मई 2026 को हो गया। उनकी पावन स्मृति में विधायक श्री सेन द्वारा श्रद्धांजली सभा का आयोजन किया गया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने इस शोक की घड़ी में विधायक श्री रिकेश सेन और उनके शोकाकुल परिजनों से मूलाकात कर ढांढस बंधाया। इस अवसर पर सांसद श्री विजय बघेल एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण और नगर के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
- 0- ग्राम बघमरा में 29 मई को आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर अपरिहार्य कारणों से स्थगितबालोद. जिला प्रशासन द्वारा 28 मई को शासकीय अवकाश होने के कारण गुरूर विकासखण्ड के ग्राम फागुनदाह में 28 मई को आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर की तिथि में आंशिक संशोधन करते हुए शुक्रवार 29 मई को जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया है। इसके साथ ही शुक्रवार 29 मई को बालोद विकासखण्ड के ग्राम बघमरा में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर को अपरिहार्य कारणों से स्थगित कर दी गई है।
- 0- बालोद जिले में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा सुनिश्चित कराने कलेक्टर ने विभागीय कार्यों की गहन समीक्षा कीबालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने कहा कि प्रत्येक लोगोें को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ सुनिश्चित कराना शासन के विशेष प्राथमिकता में शामिल है। उन्होंने कहा कि राज्य शासन की मंशानुरूप स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारी-कर्मचारी अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करते हुए आम नागरिकों को सुगम एवं बेहतर स्वास्थ्य सुविधा सुनिश्चित कराएं। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा बालोद जिले में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा सुनिश्चित कराने हेतु आज संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की गहन समीक्षा की।बैठक में उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के द्वारा आम नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने हेतु किए जा रहे कार्यों के अलावा स्वास्थ्य विभाग के मानवीय, भौतिक एवं अन्य जरूरी संसाधनों तथा रिक्त पदों की पूर्ति हेतु की जा रही कार्यवाही आदि की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के कार्यों को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि आम नागरिकों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बिल्कुल भी बर्दाश्त नही की जाएगी। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. जेएल उइके, मुख्य अस्पताल अधीक्षक जिला चिकित्सालय डाॅ. आरके श्रीमाली, जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री अखिलेश शर्मा सहित खण्ड चिकित्सा अधिकारी एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।बैठक में कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने जिले में स्वास्थ्य विभाग के रिक्त पदों के संबंध में जानकारी लेते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को इसकी पूर्ति हेतु शीघ्र कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा। कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के माध्यम से विशेषज्ञों एवं चिकित्सा अधिकारियों के अलावा अन्य शेष पदों पर भर्ती हेतु शीघ्र प्रक्रिया प्रारंभ करने को कहा। बैठक में कलेक्टर ने संस्थागत प्रसव, मानसिक स्वास्थ्य, एनीमिया मुक्त भारत अभियान, टीबी मुक्त भारत अभियान तथा कुष्ठ मुक्त अभियान के कार्यों के अलावा आयुष्मान आरोग्य मंदिर आदि के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारियों को शासन के निर्देशानुसार निर्धारित समयावधि में कार्यों का क्रियान्वयन सुनिश्चित कर जिले के स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने हेतु जरूरी उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।--
- 0- 31 मई तक जल संरचनाओं का निर्माण कर जेएसजेबी पोर्टल में अनिवार्य रूप से एंट्री कराने के दिए निर्देशबालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी ने आज संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में जल संचय, जन भागीदारी अभियान 2.0 के कार्यों की प्रगति के संबंध में संबंधित विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर पूर्ण, प्रगतिरत एवं प्रस्तावित कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने जेएसजेबी पोर्टल में जल संचय, जन भागीदारी अभियान के अंतर्गत पूर्ण कार्यों के एंट्री के संबंध में विभागवार जानकारी ली गई। श्री चंद्रवंशी ने सभी विभाग प्रमुखों को 31 मई तक अधिक से अधिक जल संरचनाओं का निर्माण कर जेएसजेबी पोर्टल में उनका शत प्रतिशत एंट्री करने के निर्देश भी दिए। बैठक में पंचायत एवं कृषि विभाग के उप संचालकों के अलावा जिला शिक्षा अधिकारी एवं जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों तथा अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे। बैठक में सीईओ श्री चंद्रवंशी ने बारी-बारी से विभागवार निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप प्रगतिरत एवं पूर्ण जल संरचनाओं के निर्माण के संबंध में जानकारी ली।
- बालोद. विशेष रोजगार कार्यालय रायपुर की उपसंचालक डॉ. शशी अतुलकर ने बताया कि अस्थिबाधित दिव्यांगजनों के लिए रोजगार हेतु रोजगार मेला का आयोजन 05 जून 2026 को सुबह 11 बजे से 03 बजे तक शासकीय कन्या पॉलिटेक्निक कॉलेज बैरन बाजार रायपुर में किया जा रहा है। उहोंने बताया कि यंग इंडिया के तत्वावधान में आयोजित इस रोजगार मेला में क्रेडालिस केपिटल प्राइवेट लिमिटेड, आई. ट्रेड टेलिमेटिक्स निगरानी जी.पी.एस., रामा उद्योग प्राइवेट लिमिटेड, बारबर्रिक ट्रान्सफार्मर्रस, अविनाश डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड एवं स्काई ऑटोमोबाईल (मारूति नेक्सा) रायपुर द्वारा योग्यतानुसार अस्थिबाधित दिव्यांगजनों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराया जाएगा।चयनित आवेदकों को उनके योग्यता एवं पद के अनुसार लगभग 11 हजार रूपये से 30 हजार रूपये तक मासिक वेतन प्रदान किया जाएगा तथा उनका कार्यक्षेत्र जिला रायपुर रहेगा। उहोंने बताया कि राज्य के समस्त इच्छुक अस्थिबाधित दिव्यांगजन, जो बिना व्हीलचेयर के चलने फिरने में सक्षम है तथा जिनकी आयुसीमा 18 वर्ष से 40 वर्ष तक है, वे इस रोजगार मेला में शामिल हो सकते है। दिव्यांगजन अपने सभी प्रमाण-पत्रों 10वीं, 12वीं, स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा, बी.ई., आई.टी.आई., डीसीए, पीजीडीसीए आदि उत्तीर्ण की अंकसूची, तकनीकी योग्यता प्रमाण-पत्र, दिव्यांगता प्रमाण-पत्र, स्थानीय निवासी प्रमाण-पत्र, रोजगार पंजीयन प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड आदि के मूल एवं फोटोकॉपी की एक प्रति एवं दो पासपोर्ट साइज के फोटो के साथ कैम्प में उपस्थित हो सकते है। उन्होंने बताया कि आवेदकों को रोजगार मेला में आने जाने हेतु कोई मार्ग व्यय देय नहीं होगा। खाने-पीने एवं ठहरने की व्यवस्था स्वयं आवेदक को करनी होगी। इसके साथ ही उक्त संबंध में अधिक जानकारी के लिए कार्यालयीन समय पर दूरभाष नंबर 0771-4044081 पर भी संपर्क किया जा सकता है।
- -नारी शक्ति महिला समूह को हर शिविर में हो रही है अच्छी आमदनीरायपुर / ‘सुशासन तिहार’ के तहत आयोजित होने वाले शिविर केवल जनसमस्याओं के निराकरण और सरकारी योजनाओं की जानकारी देने का माध्यम नहीं बन रहे हैं, बल्कि ये ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता का एक सशक्त मंच भी साबित हो रहे हैं। बस्तर की पारंपरिक संस्कृति और अनूठे खानपान को एक नई पहचान दिलाने में ‘नारी शक्ति महिला समूह, बस्तर’ बेहद सराहनीय भूमिका निभा रहा है।बस्तर जिले के विकासखंड बस्तर के अंतर्गत आयोजित इन सुशासन तिहार शिविरों में पहुंचने वाले ग्रामीणों, अधिकारियों और कर्मचारियों को यह नारी शक्ति महिला समूह, बस्तर के लजीज पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद चखने का अवसर दे रहा है। समूह द्वारा बेहद रियायती दरों पर स्वल्पाहार के साथ-साथ स्थानीय व्यंजन जैसे-मड़िया पेज, आमट, तिखुर शरबत और उड़द दाल बोबो उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिन्हें लोग खूब पसंद कर रहे हैं। विकासखंड मुख्यालय बस्तर के नारी शक्ति महिला समूह की अध्यक्ष रेवती नेताम ने बताया कि सुशासन तिहार के शिविरों में बस्तर के व्यंजनों की लगातार वृहत रूप से बिक्री हो रही है। उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा हर शिविर में हमारे समूह द्वारा 7 से 8 हजार रुपये से अधिक का व्यापार किया जा रहा है, जिससे समूह से जुड़ी महिलाओं की व्यक्तिगत आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।नारी शक्ति महिला समूह की सचिव पारो बघेल ने साझा किया कि बस्तर के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद ग्रामीण तो ले ही रहे हैं, साथ ही शिविर में ड्यूटी पर तैनात अधिकारी-कर्मचारी भी इसे बड़े चाव से खा रहे हैं। लोग इन व्यंजनों के अनूठे स्वाद की जमकर सराहना कर रहे हैं, जिससे हमारी स्थानीय खानपान संस्कृति को सीधा बढ़ावा मिल रहा है।समूह की सदस्य भागबत्ती भद्रे एवं अन्य महिलाओं का कहना है कि सुशासन तिहार ने उन्हें अपने हुनर और पारंपरिक पाक-कला प्रदर्शन करने का एक बेहतरीन मंच दिया है। इससे न केवल उन्हें आर्थिक लाभ मिल रहा है, बल्कि बस्तर की समृद्ध खाद्य संस्कृति को भी एक नई पहचान मिल रही है। शिविर में आने वाले ग्रामीणों और स्थानीय मैदानी अमले का भी यही मानना है कि प्रशासन के इस तरह के जमीनी प्रयास स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक व्यंजनों को सहेजने के साथ-साथ ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में मील का पत्थर साबित हो रहे हैं।
- -लोक निर्माण विभाग के सचिव ने निर्माणाधीन पुलों के कार्यों की प्रगति की समीक्षा कीरायपुर। लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने आज सेतु परिक्षेत्र के अधिकारियों की बैठक लेकर प्रदेशभर में निर्माणाधीन पुलों, रेलवे ओवरब्रिजेस और फ्लाईओवर्स के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने नवा रायपुर स्थित विभागीय मुख्यालय निर्माण भवन में आयोजित बैठक में नागरिकों की सुविधा, बारहमासी संपर्क, तेज और सुव्यवस्थित यातायात के लिए पुलों, रेलवे ओवरब्रिजेस और फ्लाईओवर्स के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने इनके प्रस्ताव और कार्ययोजना तैयार करते समय यातायात के दबाव, दोनों ओर की सड़कों, तथा आसपास स्थित वर्तमान पुलों व फ्लाईओवर्स के साथ ही भविष्य की जरुरतों का भी ध्यान रखने को कहा। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी और सेतु परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता भी एस.के. कोरी भी बैठक में मौजूद थे। सभी सेतु संभागों के अधीक्षण अभियंता, कार्यपालन अभियंता और अनुविभागीय अभियंता भी बैठक में उपस्थित थे।लोक निर्माण विभाग के सचिव ने बैठक में स्वीकृत कार्यों के लिए भू-अर्जन की प्रक्रिया मिशन मोड में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने मैदानी स्तर पर वन व्यपवर्तन, भू-अर्जन और इलेक्ट्रिक पोल शिफ्टिंग के लंबित मामलों से यथासमय शासन को अवगत कराने को कहा, जिससे इनके निराकरण की कार्यवाही उच्च स्तर से सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त होने के बाद तकनीकी स्वीकृति, भू-अर्जन और निविदा की प्रक्रिया समयबद्ध ढंग से तेजी से पूर्ण कर कार्यारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण कार्यों के लिए अर्जित भूमि का तत्काल नामांतरण भी कराने को कहा।विभागीय सचिव ने चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 और पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 में स्वीकृत कार्यों की प्राथमिकता सूची तैयार कर 10 जून तक भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने 31 जुलाई तक इन सभी कार्यो के प्राक्कलन भी भेजने को कहा। उन्होंने अप्रारंभ कार्यों की निविदा प्रक्रिया आगामी एक-दो महीने में पूर्ण कर बरसात के तुरंत बाद कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए। उन्होंने ठेकेदारों द्वारा किए गए कार्यों का परीक्षण कर हर महीने भुगतान सुनिश्चित करने के साथ ही 30 अप्रैल तक किए कार्यों का भुगतान तत्काल करने को कहा। श्री बंसल ने सेतु परिक्षेत्र के सभी कार्यपालन अभियंताओं और एसडीओ को अपने क्षेत्र में चल रहे सभी कार्यों और उनके कार्यस्थलों की पूरी जानकारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने फील्ड का नियमित दौरा कर ठेकेदारों से सख्ती से काम कराने और उन्हें समय-सीमा में पूर्ण कराने को कहा। उन्होंने काम में ढिलाई, लापरवाही और लेट-लतीफी करने वाले ठेकेदारों के विरूद्ध नियमानुसार तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने मार्च-2026 तक पूर्ण हुए कार्यों के पूर्णता प्रमाण पत्र और फाइनल बिल समीक्षा के लिए शासन को भेजने के भी निर्देश दिए।
- -उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने 12.29 करोड़ रूपए के विकास कार्यों का किया भूमिपूजन और लोकार्पणरायपुर / प्रदेश के उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने नारायणपुर प्रवास के दौरान जिलेवासियों को विकास की बड़ी सौगात दी। उन्होंने एजी सिनेमा हॉल में आयोजित कार्यक्रम में 12 करोड़ 29 लाख रूपए की लागत से स्वीकृत विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने नगर पालिका नारायणपुर के विकास के लिए 5 करोड़ रूपए देने की घोषणा भी की। कार्यक्रम में वन एवं जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री केदार कश्यप भी उपस्थित रहे।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि राज्य सरकार नारायणपुर जिले को विकसित, खुशहाल और समृद्ध बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि जिले के युवाओं ने शिक्षा, खेल, कला और संस्कृति के क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। विशेष रूप से मलखंभ जैसे कठिन खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले युवाओं की उन्होंने सराहना की। यह कार्यक्रम नारायणपुर जिले के विकास, शिक्षा, युवा सशक्तिकरण और जनकल्याणकारी योजनाओं को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने नेशनल स्कूल ड्रामा, नई दिल्ली की प्रस्तुति “चंदा के चकोर” की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस तरह की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां जिले की प्रतिभा को राष्ट्रीय पहचान दिला रही हैं।उन्होंने जिले में आयोजित पांच दिवसीय करियर गाइडेंस कार्यक्रम को युवाओं के लिए उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे युवाओं को रोजगार और बेहतर भविष्य के अवसर मिलेंगे।श्री साव ने बताया कि प्रदेश में सरकार बनने के बाद नारायणपुर जिले के विकास कार्यों के लिए 307 करोड़ रूपए स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने कहा कि जिले में 32 करोड़ रूपए की लागत से सड़क निर्माण कार्य शुरू किए गए हैं, जिन्हें जल्द पूरा किया जाएगा। सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, कला और संस्कृति के क्षेत्र में नारायणपुर को नई पहचान दिलाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि नारायणपुर को एक विकसित और आधुनिक नगर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि नगरीय निकाय क्षेत्र में 120 करोड़ रूपए की लागत से सड़क निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए हैं। साथ ही विद्यार्थियों को बेहतर अध्ययन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 23 करोड़ रूपए की लागत से लाइब्रेरी भवन का भूमिपूजन किया गया है।कार्यक्रम में शैक्षणिक सत्र 2025-26 की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा की मेरिट सूची में स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को लैपटॉप प्रदान कर सम्मानित किया गया। इसी प्रकार उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को भी शॉल और श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया।विभिन्न विभागों की योजनाओं के तहत हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। कृषि विभाग द्वारा पांच किसानों को किसान समृद्धि योजना अंतर्गत बोर खनन एवं पंप स्थापना के लिए 1.99 लाख रूपए की सहायता राशि प्रदान की गई। उद्यानिकी विभाग द्वारा दो किसानों को बागवानी विकास हेतु 3.85 लाख रूपए के चेक प्रदान किए गए। मत्स्य पालन विभाग द्वारा तीन हितग्राहियों को मछली पकड़ने के जाल वितरित किए गए।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन कर योजनाओं की जानकारी ली। उन्होंने शिक्षा विभाग के स्टॉल में स्वयं विद्यार्थियों को लैपटॉप वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन के अधिकारियों, वरिष्ठ नागरिकों, पत्रकारों तथा बड़ी संख्या में नागरिकों की उपस्थिति रही।
- -टेक्नोलॉजी आधारित पारदर्शी सार्वजनिक वितरण प्रणाली से गरीबों को मिलेगा अधिक लाभ – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय-AI, GPS और QR आधारित आधुनिक व्यवस्था से राशन वितरण होगा अधिक पारदर्शी और जवाबदेह-गरीब कल्याण को नई मजबूती देगा SARTHAK-PDS फेज-2, राज्यों को मिलेगा आर्थिक सहयोगरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा SARTHAK-PDS फेज-2 के लिए 25,530 करोड़ रुपये की मंजूरी का स्वागत करते हुए इसे गरीब कल्याण, खाद्य सुरक्षा और सुशासन की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी निर्णय बताया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह निर्णय सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को तकनीक आधारित, अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि डबल इंजन सरकार गरीबों तक योजनाओं का लाभ शत-प्रतिशत पारदर्शिता के साथ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। SARTHAK-PDS फेज-2 के माध्यम से एआई-इनेबल्ड लाभार्थी रजिस्ट्री, जीपीएस ट्रैकिंग, क्यूआर कोड टैगिंग, रियल-टाइम मॉनिटरिंग और आधुनिक सप्लाई चेन प्रबंधन जैसी व्यवस्थाओं से राशन वितरण प्रणाली और अधिक सुदृढ़ होगी। इससे पात्र हितग्राहियों तक सस्ते अनाज और खाद्य सुरक्षा योजनाओं का लाभ समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से पहुंचेगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि केंद्र सरकार का यह निर्णय केवल तकनीकी उन्नयन तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्यों को राशन परिवहन, हैंडलिंग तथा उचित मूल्य दुकानों के संचालन में बढ़ती लागत के लिए आर्थिक सहयोग देकर वितरण व्यवस्था को अधिक मजबूत बनाएगा। राशन दुकानों के डीलरों के पारिश्रमिक में वृद्धि का प्रावधान जमीनी स्तर पर व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाएगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि 31 मार्च 2031 तक संचालित होने वाली यह योजना राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के करोड़ों हितग्राहियों की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि AI, मशीन लर्निंग, ब्लॉकचेन और डिजिटल मॉनिटरिंग जैसे नवाचारों के उपयोग से सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनविश्वास को नई मजबूती मिलेगी तथा अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संकल्प को और बल मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निर्णय केवल राशन वितरण को आधुनिक बनाने का नहीं, बल्कि गरीबों के जीवन में भरोसा, सुविधा और सुशासन को और मजबूत करने का निर्णय है। उन्होंने गरीब कल्याण को समर्पित इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का हृदय से आभार व्यक्त किया है।
- -खाद्य सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय कार्यशाला सम्पन्न-राईस मिल एसोसिएशन ने दिए सुझाव, मिलों के आधुनिकीकरण और गुणवत्ता सुधार पर जोर-एसोसिएशन ने योजना लागू करने से पहले कार्यशाला आयोजन के लिए खाद्य सचिव का माना आभार-योजना के सफल क्रियान्वयन में सहयोग का दिलाया भरोसारायपुर / छत्तीसगढ़ में भारत सरकार की नवीन ‘इम्प्रूव्ड राईस स्कीम’ को प्रभावी ढंग से लागू करने की दिशा में आज न्यू सर्किट हाउस, सिविल लाइंस रायपुर में एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला की अध्यक्षता खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले ने की। इसमें छत्तीसगढ़ राईस मिल एसोसिएशन के प्रतिनिधियों, भारतीय खाद्य निगम, मार्कफेड तथा प्रदेशभर के राईस मिलर्स ने भाग लिया।कार्यशाला में खाद्य सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले ने कहा कि भारत सरकार आगामी खरीफ वर्ष में ‘इम्प्रूव्ड राईस स्कीम’ को प्राथमिकता के साथ लागू करने की दिशा में कार्य कर रही है। इसके लिए राज्य के राईस मिलों को निर्धारित मानकों के अनुरूप तकनीकी रूप से अपग्रेड करना आवश्यक होगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि मिलर्स द्वारा दिए गए सुझावों और समस्याओं का परीक्षण कर आवश्यक प्रस्ताव भारत सरकार को भेजे जाएंगे।कार्यशाला में छत्तीसगढ़ राईस मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री कान्ति लाल बोथरा, महामंत्री श्री विष्णु बिंदल, कोषाध्यक्ष श्री रमेश अग्रवाल सहित अन्य पदाधिकारी एवं मिलर्स उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने कार्यशाला आयोजन के लिए खाद्य विभाग का आभार व्यक्त करते हुए योजना के सफल क्रियान्वयन में सहयोग का भरोसा दिलाया।कार्यशाला में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 से लागू की जाने वाली ‘इम्प्रूव्ड राईस स्कीम’ के विभिन्न प्रावधानों, गुणवत्ता मानकों, भंडारण व्यवस्था, अनुबंध प्रक्रिया, लागत एवं क्रियान्वयन संबंधी विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से 10 प्रतिशत अरवा ब्रोकन चावल एवं 5 प्रतिशत उसना ब्रोकन चावल के निर्धारित मानकों की जानकारी दी।बैठक के दौरान राईस मिल एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने व्यवहारिक समस्याओं और सुझावों को प्रमुखता से रखा। मिलर्स ने प्रदेश में उन्नत धान किस्मों की खेती को बढ़ावा देने, भारतीय खाद्य निगम में रैक मूवमेंट को तेज करने तथा मिलिंग लागत में वृद्धि जैसे मुद्दों पर ध्यान आकर्षित किया। साथ ही उन्होंने स्कीम के सफल क्रियान्वयन के लिए तकनीकी और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने की आवश्यकता बताई। इस अवसर पर मार्कफेड के एमडी श्री जितेन्द्र शुक्ला, भारतीय खाद्य निगम के जीएम श्री दीपक शर्मा सहित खाद्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं राईस मिलर्स एसोसिएशन के लगभग 60 से अधिक प्रतिनिधि उपस्थित थे।
- -नवा रायपुर में बनेंगे संयुक्त शासकीय भवन, रायपुर को मिलेगा नया जल शोधन संयंत्र और दौड़ेंगी ई-बसेंरायपुर / छत्तीसगढ़ में विकास कार्यों और शहरी अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मंत्रालय (महानदी भवन) में आज मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में परियोजना निर्माण एवं क्रियान्वयन समिति की एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रदेश के विकास से जुड़े कई बड़े प्रोजेक्ट्स और नवीन अधोसंरचना प्रस्तावों का प्रस्तुतिकरण किया गया, जिससे आने वाले समय में नवा रायपुर और मुख्य शहर की तस्वीर बदलेगी।महानदी भवन और इंद्रावती भवन स्थित मल्टी लेवल पार्किंग के दूसरे और तीसरे तल पर आधुनिक कार्यालयों का निर्माण किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट की प्रस्तावित लागत करीब 131 करोड़ 17 लाख रुपये है। नवा रायपुर के सेक्टर-24 में एक विशाल संयुक्त शासकीय भवन का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना पर 171 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत का अनुमान है, जिस पर बैठक में विस्तार से चर्चा हुई।आम नागरिकों और कर्मचारियों की सुविधा के लिए नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण के अंतर्गत 43 नई ई-बसें चलाई जाएंगी। इसमें 40 कप्लाएंट बैटरी ऑपरेटेड और 9 मोटर एसी ई-बसें शामिल होंगी। इस पूरे प्रोजेक्ट डिजाइन, सप्लाई, परिचालन और संधारण की लागत 223 करोड़ 4 लाख रुपये होगी। ये बसें नवा रायपुर आने-जाने वाले लोगों के लिए विभिन्न रूटों पर संचालित की जाएंगी।मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के तहत रायपुर शहर की पेयजल व्यवस्था को अपग्रेड किया जाएगा। इसके अंतर्गत 150 एमएलडी (MLD) क्षमता के एक नवीन और आधुनिक जल शोधन संयंत्र (Water Treatment Plant) का निर्माण किया जाएगा, जिसकी कुल लागत 186 करोड़ 14 लाख रुपये प्रस्तावित की गई है।बैठक में वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, सूचना प्रौद्योगिकी और आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, मुख्यमंत्री के सचिव व लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव सुश्री आर. शंगीता और एनआरडीए (NRDA) के सीईओ श्री चंदन कुमार विशेष रूप से उपस्थित थे। इनके अलावा वन एवं जलवायु, कृषि, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, जल संसाधन तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग के आला अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।
- -स्कूल इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल क्लासरूम और शिक्षक प्रशिक्षण के लिए तय होगी प्राथमिकतारायपुर /मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी में छत्तीसगढ़ समग्र शिक्षा कार्यकारिणी समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में वार्षिक कार्य योजना और बजट वर्ष 2026-27 का प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा हुई। इसी तरह से समग्र शिक्षा अंतर्गत स्वीकृत नवीन कार्यों का युक्तियुक्तकरण उपरांत स्थल परिवर्तन एवं विविध बिन्दुओं के प्रस्तावों पर चर्चा के उपरांत अनुमोदित किये गये। स्कूल शिक्षा विभाग अंतर्गत विविध निर्माण कार्यों को शाला प्रबंधन समिति के माध्यम से कराये जाने वाले कार्यों के प्रस्तावों पर चर्चा हुई।बैठक में मुख्य सचिव श्री विकासशील ने 2026-27 के वार्षिक कार्ययोजना एवं बजट प्लान को लेकर विस्तार से चर्चा की। उन्होंनें शिक्षा की गुणवत्ता, पहुंच और समावेशी विकास पर विशेष जोर दिया गया। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि बजट प्लान में केवल भवन निर्माण नहीं, बल्कि लर्निंग आउटकम सुधारने वाले नवाचारों को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले, इसके लिए स्कूलों में संसाधन, शिक्षक और तकनीक तीनों मजबूत करने होंगे।मुख्य सचिव ने कहा कि स्कूलों में छात्रों के ड्राप आउट की स्थिति पर विशेष निगरानी रखी जाये। माध्यमिक-उच्चतर माध्यमिक स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम और आईसीटी लैब स्थापित होंगी। सभी स्कूलों में हाई-स्पीड इंटरनेट की व्यवस्था होगी। ड्रॉपआउट रोकथाम कक्षा 1, 8 और 10 में ड्रॉपआउट दर शून्य करने के लिए विशेष ट्रैकिंग सिस्टम बनेगा। शाला त्यागी बच्चों को मुख्यधारा में लाने हेतु ब्रिज कोर्स चलेंगे।राष्ट्रीय शिक्षा नीति अनुसार सभी शिक्षकों का फेज-वाइज प्रशिक्षण दिया जाये। गणित-विज्ञान-अंग्रेजी के लिए विशेष मास्टर ट्रेनर पूल तैयार होगा। बुनियादी सुविधा जरूरत वाले स्कूलों में अतिरिक्त कक्षा-कक्ष, बालिका शौचालय, पेयजल, बिजली और बाउंड्रीवॉल के काम प्राथमिकता से होंगे।दिव्यांग बच्चों के लिए संसाधन कक्ष, थेरेपी यूनिट और विशेष टीएलएम का प्रावधान बजट में रखा जाएगा। कौशल विकासरू कक्षा 9 से 12 तक वोकेशनल एजुकेशन को मजबूत किया जाएगा। कृषि, आईटी, हेल्थकेयर और टूरिज्म जैसे ट्रेड में स्थानीय जरूरत के अनुसार कोर्स चलेंगे।
- -विभागों, निगम-मंडलों और बोर्ड की खाली जमीनों का होगा व्यवस्थित विकास, बनेगा डिजिटल लैंड बैंकरायपुर / छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में शासकीय विभागों, निगम-मंडलों, कंपनियों और बोर्डों के स्वामित्व वाली अनुपयोगी व खाली जमीनों के व्यवस्थित विकास और सदुपयोग के लिए एक व्यापक रिडेव्हलपमेंट कार्ययोजना तैयार करने का निर्णय लिया है। इस योजना के क्रियान्वयन के लिए आवास एवं पर्यावरण विभाग को नोडल एजेंसी बनाया गया है।इस महत्वपूर्ण परियोजना को लेकर आज मंत्रालय (महानदी भवन) में मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में मुख्य सचिव ने विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों और जिला कलेक्टरों से चिन्हित की गई भूमियों के संबंध में विस्तार से जानकारी ली। मुख्य सचिव श्री विकासशील ने कहा कि वर्तमान में अनुपयोगी पड़ी सरकारी जमीनों से न तो शासन को कोई आय हो रही है और न ही जनता को इसका लाभ मिल रहा है। इस रिडेव्हलपमेंट योजना से जहां शहरों को एक नियोजित विकास मिलेगा, वहीं शासकीय परिसंपत्तियों का मूल्य भी कई गुना बढ़ जाएगा।बैठक में निर्णय लिया गया कि वर्षों से खाली पड़ी या अतिक्रमण की आशंका वाली सरकारी जमीनों को चिन्हित कर उनका व्यावसायिक व जनहित में बेहतर उपयोग किया जाएगा। शासकीय विभागों के अंतर्गत आने वाली सभी खाली जमीनों का एक केंद्रीय डिजिटल लैंड बैंक तैयार किया जाएगा। मैपिंग के जरिए हर प्लॉट की सटीक लोकेशन, रकबा (क्षेत्रफल) और वर्तमान स्थिति का डेटा जीआईएस (GIS) मैपिंग ऑनलाइन दर्ज होगा। शहरों में प्राइम लोकेशन पर स्थित खाली जमीनों पर आवासीय योजनाएं, व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स, पार्किंग और नए सरकारी कार्यालय बनाए जाएंगे। बड़ी जमीनों के विकास के लिए पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल अपनाया जाएगा, जिससे शासन को राजस्व भी मिलेगा। बड़ी जमीनों के विकास के लिए पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल अपनाया जाएगा, जिससे शासन को राजस्व भी मिलेगा।ग्रामीण इलाकों की जमीनों पर कृषि, उद्यानिकी, आधुनिक वेयरहाउस या कौशल विकास केंद्र (Skill Development Centers) प्रस्तावित किए जाएंगे। बड़ी जमीनों के सुनियोजित विकास के लिए पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल अपनाया जाएगा, जिससे शासन को अतिरिक्त राजस्व की प्राप्ति होगी।योजना के तहत ऐसे शासकीय भवनों और परिसरों को चिन्हित किया जाएगा जो पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं और जिनकी मरम्मत करना वित्तीय दृष्टि से फायदेमंद नहीं है। ऐसी जगहों पर पुरानी संरचनाओं को हटाकर शहरी आवश्यकताओं के अनुरूप अन्य सरकारी विभागों या उनके उपक्रमों के लिए नए और आधुनिक निर्माण किए जाएंगे। सुरक्षा के लिहाज से चिन्हित जमीनों पर तत्काल फेंसिंग (घेराबंदी) की जाएगी और शासकीय स्वामित्व का बोर्ड लगाया जाएगा। इन जमीनों पर अवैध कब्जे रोकने के लिए राजस्व और पुलिस विभाग संयुक्त रूप से निगरानी रखेंगे।इस महत्वपूर्ण बैठक में विधि विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती सुषमा सावंत, वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल, आयुक्त छत्तीसगढ गृह एवं अधोसंरचना विकास मंडल श्री अवनीश शरण, एनआरडीए के सीईओ श्री चंदन कुमार सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी तथा सभी संभागायुक्त व कलेक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।
- -अवैध खनन पर शासन-प्रशासन सख्त : केंद्रीय खनिज उड़नदस्ता की कार्रवाई में 4 हाईवा जब्त-राज्य शासन की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अवैध खनन और परिवहन पर हो रही कड़ी निगरानी-गहन समीक्षा, प्रशासनिक चौकसी और खनिज विभाग की सक्रियता से अवैध गतिविधियों पर लग रहा अंकुशरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के कड़े और स्पष्ट निर्देशों तथा राज्य शासन की जीरो टॉलरेंस नीति के अनुरूप प्रदेश में अवैध खनन, परिवहन और भण्डारण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए खनिज विभाग का मैदानी अमला लगातार सक्रियता के साथ कार्यवाही कर रहा है। शासन स्तर पर की जा रही गहन समीक्षा, सख्त निगरानी और प्रशासनिक चौकसी के परिणामस्वरूप अवैध खनिज गतिविधियों पर लगातार अंकुश लगा है।खनिज विभाग के सचिव एवं संचालक के निर्देशानुसार केंद्रीय खनिज उड़नदस्ता तथा जिला स्तरीय टीमों द्वारा प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में औचक निरीक्षण और संयुक्त कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में दिनांक 27 मई 2026 को केंद्रीय खनिज उड़नदस्ता की संयुक्त टीम ने जिला रायपुर, महासमुंद एवं गरियाबंद क्षेत्र अंतर्गत सघन निरीक्षण अभियान चलाया।निरीक्षण के दौरान रायपुर जिले के विधानसभा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पिरदा एवं घिवरा में गौण निम्न श्रेणी चूनापत्थर से भरे 01 हाईवा तथा रेत के 03 हाईवा को वैध अभिवहन पास एवं अनुमति के बिना खनिज परिवहन करते पाए जाने पर अवैध परिवहन का प्रकरण दर्ज किया गया। खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21 के तहत कार्रवाई करते हुए चारों हाईवा वाहनों को जब्त कर संबंधित वाहन चालकों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया गया। जब्त वाहनों को आगामी आदेश तक रायपुर जिले के समीपस्थ विधानसभा एवं खरोरा थाना परिसर में अभिरक्षा में खड़ा कराया गया है। जांच के दौरान केंद्रीय खनिज उड़नदस्ता की संयुक्त जांच टीम एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री जी के निर्देशानुसार राज्य में अवैध खनन और परिवहन के विरुद्ध अभियान निरंतर जारी रहेगा। शासन-प्रशासन की सख्ती, बढ़ी चौकसी और सतत निगरानी के कारण अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हो रहा है तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाही सुनिश्चित की जा रही है।
- -खेती, मछली पालन और लघु व्यवसाय कर बनीं लखपति दीदीरायपुर / मछली पालन और छोटे व्यवसायों ने ग्रामीण भारत, विशेषकर छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों की महिलाओं को स्वरोजगार और शानदार सफलता की नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। इस क्षेत्र में सही जानकारी, प्रशिक्षण और सरकारी योजनाओं के जरिए महिलाएं और युवा आर्थिक रूप से मजबूत होकर दूसरों के लिए भी प्रेरणा बन रहे हैं। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले की कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के निर्देशन एवं जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर के मार्गदर्शन में जिले में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार कार्य किए जा रहे हैं। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें सशक्त बनाया जा रहा है। जनपद पंचायत बलरामपुर के ग्राम महाराजगंज की निवासी एवं गुलाब महिला स्व-सहायता समूह की सदस्य उमा सिंह आज ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा बनकर उभरी हैं। समूह से जुड़ने के बाद उमा ने चक्रीय निधि, सामुदायिक निवेश कोष तथा बैंक लिंकेज के माध्यम से कुल 85 हजार रुपये का ऋण लिया। इस राशि का उपयोग उन्होंने खेती, मत्स्य पालन और छोटे व्यवसाय को विकसित करने में किया। उमा ने 2.5 एकड़ भूमि में धान एवं 1.5 एकड़ में मक्का की खेती की। साथ ही अपनी डबरी में मछली बीज डालकर मत्स्य पालन शुरू किया। कृषि कार्यों के अलावा वे प्रतिदिन शाम को महाराजगंज चौक में चना-चाट की दुकान भी संचालित करती हैं, जिससे उन्हें नियमित अतिरिक्त आय प्राप्त होती है और इस वर्ष उन्होंने धान बिक्री से 1 लाख 42 हजार रुपये, मक्का से 16 हजार रुपये तथा मत्स्य पालन से 20 हजार रुपये की आय अर्जित की। विविध आजीविका गतिविधियों के जरिए वे अब गांव में लखपति दीदी के रूप में पहचान बना रही हैं। उमा सिंह की सफलता से प्रेरित होकर आसपास के गांवों की अन्य महिलाएं भी स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर उन्नत खेती, पशुपालन, मत्स्य पालन एवं सूक्ष्म व्यवसाय अपनाने के लिए आगे आ रही हैं। इस पहल से ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ गांवों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
- -वन मंत्री केदार कश्यप ने दी बधाई-जैव विविधता संरक्षण के प्रयासों को मिली बड़ी सफलतारायपुर / छत्तीसगढ़ के बारनवापारा क्षेत्र ने एक बार फिर अपनी समृद्ध जैव विविधता से प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। बलौदाबाजार वनमंडल के अंतर्गत देवपुर जंगल में आयोजित देवपुर समर कैंप 2026 के दौरान दुर्लभ विशाल भारतीय गिलहरी (जायंट मालाबार स्क्विरल) दिखाई दी। इस दुर्लभ वन्यजीव के दिखने से वन विभाग, प्रकृति प्रेमियों और वैज्ञानिकों में उत्साह है।वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने इस उपलब्धि पर वन विभाग की टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह छत्तीसगढ़ सरकार की वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन की योजनाओं का सकारात्मक परिणाम है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जंगलों और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए लगातार प्रभावी कदम उठा रही है, जिससे दुर्लभ प्रजातियों के लिए सुरक्षित आवास विकसित हो रहे हैं।बलौदाबाजार वनमंडल द्वारा 16 मई से 22 मई 2026 तक देवपुर समर कैंप का आयोजन किया गया था। कैंप के पहले दिन 16 मई को आयोजित बर्डिंग ट्रेल के दौरान इस दुर्लभ गिलहरी को देखा गया। इसकी पहचान प्रकृति प्रेमी एवं साइबर रिस्क एक्सपर्ट श्री हेमंत वर्मा ने की। विशाल भारतीय गिलहरी, जिसका वैज्ञानिक नाम रेटूफा इंडिका (Ratufa indica) है, भारत की सबसे बड़ी वृक्षवासी गिलहरियों में से एक है। इसकी पूंछ सहित लंबाई लगभग तीन फीट तक होती है। इसके शरीर पर गहरे लाल, भूरे, काले और क्रीम रंगों का सुंदर मिश्रण होता है। यह अपना अधिकांश जीवन पेड़ों पर ही बिताती है और एक पेड़ से दूसरे पेड़ तक लंबी छलांग लगाने में सक्षम होती है। यह प्रजाति वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की अनुसूची-2 के तहत संरक्षित है। इसका शिकार या व्यापार करना कानूनन अपराध है। स्वस्थ वन पारिस्थितिकी तंत्र का संकेत है। वनमंडलाधिकारी श्री धम्मशील गणवीर ने कहा कि बारनवापारा अभ्यारण्य और आसपास का वन क्षेत्र जैव विविधता से समृद्ध है। देवपुर जंगल में इस दुर्लभ गिलहरी का दिखना इस बात का प्रमाण है कि यहां का वन पारिस्थितिकी तंत्र स्वस्थ और सुरक्षित है। वनमंडलाधिकारी श्री धम्मशील गणवीर ने बताया कि देवपुर समर कैंप का आयोजन किया गया जिसमें शामिल बच्चों और युवाओं के लिए यह अनुभव बेहद खास रहा। वन विभाग का मानना है कि ऐसे दुर्लभ वन्यजीवों के दर्शन से नई पीढ़ी में प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ती है। यह आयोजन राज्य सरकार की पर्यावरण संरक्षण और जन-जागरूकता आधारित योजनाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
- रायपुर /प्रदेश में संगठित क्षेत्र के बीमित श्रमिकों के बच्चों को स्नातक स्तर पर मेडिकल में पढ़ाई के लिए होने वाले प्रवेश परीक्षा नीट यूजी में सरलता से प्रवेश प्राप्त होने का अवसर दिये जाने के उद्देश्य से भारत सरकार श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के कर्मचारी राज्य बीमा निगम के 20 मेडिकल कॉलेजों में बीमित श्रमिकों के बच्चों के लिए 700 सीट आरक्षित की गई है। बीमित श्रमिकों के बच्चों को नीट यूजी में प्रवेश लेने हेतु होने वाले प्रवेश परीक्षा के आवेदन के लिए अंतिम तिथि 31 मई 2026 निर्धारित की गई है। इसके लिए कर्मचारी राज्य बीमा निगम के वेबसाईटwww.esic.nic.in में आवेदन करना होगा अथवा अधिक जानकारी के लिए कर्मचारी राज्य बीमा निगम के निकटवर्ती शाखा कार्यालय अथवा राज्य स्तरीय क्षेत्रीय कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। कर्मचारी राज्य बीमा निगम से किसी भी प्रकार की जानकारी प्राप्त करने हेतु टोल फ्री नम्बर 1800112526 में भी संपर्क कर सकते हैं। अतः श्रमिक साथियों से अपील है कि नीट यूजी में प्रवेश हेतु अपने योग्य, इच्छुक बच्चों से अधिक से अधिक आवेदन करवा कर भारत सरकार श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की योजना का लाभ लेवें।
- -पड़ोसी राज्यों से आने वाली शराब रोक लगाने के दिए निर्देशरायपुर /प्रदेश के वाणिज्यिक कर (आबकारी) मंत्री श्री लखन लाल देवांगन नवा रायपुर स्थित जीएसटी भवन स्थित आबकारी आयुक्त कार्यालय में विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा की और आगामी महीनों के लिए जिलेवार विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर आबकारी मंत्री ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए निर्धारित राजस्व लक्ष्य की प्राप्ति हेतु ठोस रणनीति अपनाने, दुकानवार समीक्षा करने और अनुशासन के साथ कार्य संपादन के निर्देश दिए। बैठक में वाणिज्यिक कर आबकारी विभाग सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले, आबकारी आयुक्त श्री पदुम सिंह एल्मा, विशेष सचिव आबकारी श्री देवेन्द्र भारद्वाज, आबकारी मुख्यालय , बेवरेजेस कारपोरेशन , मार्केटिंग कारपोरेशन के अधिकारियों सहित जिले से आए मैदानी अधिकारी उपस्थित थे। आबकारी मंत्री श्री देवांगन ने राज्य की अंतरराज्यीय सीमाओं पर स्थित आबकारी जांच चौकियों को अन्य राज्यों की मदिरा के विरुद्ध विशेष अभियान चलाने और सीसीटीवी कैमरों के सुचारू संचालन की निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। उन्होंने जिला अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि मदिरा के अवैध परिवहन एवं बिक्री पर कोचियों के विरूद्ध प्रभावी कार्य करें। सभी जिला अधिकारी यह सुनिश्चित करें आबकारी उपनिरीक्षक एवं नीचे का अमला अवैध शराब बिक्री करने वाले के विरूद्ध समझौता न करें।इसके अलावा विभाग में प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मदिरा दुकानों में उपभोक्ताओं की मांग के अनुसार मदिरा स्कंध (स्टाक) का संधारण सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया किया मदिरा दुकानों में उपभोक्ताओं के मांग के अनुरूप मदिरा की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर बिक्री न हो। उन्होंने अधिकारियों को मदिरा दुकानों में नियम और अनुशासन का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के भी निर्देश दिए। दुकानों में उपलब्ध मदिरा को नियमानुसार दरों सहित रैकों में प्रदर्शित करने कहा गया, ताकि उपभोक्ताओं को पारदर्शिता और सुविधा मिल सके।मंत्री ने बैठक में राजस्व लक्ष्य की जिलेवार समीक्षा करते हुए जिन जिलों ने अब तक लक्ष्य की प्राप्ति की है, उन्हें सतत् कार्य जारी रखने के निर्देश दिए गए। वहीं लक्ष्य से पीछे चल रहे जिलों को इसके कारणों की दुकानवार समीक्षा कर कमी की पूर्ति हेतु विस्तृत कार्य-योजना बनाकर तत्परता से अमल में लाने के निर्देश दिए गए। बैठक में अधिकारियों को इस बात की स्पष्ट हिदायत दी कि मदिरा में किसी प्रकार की मिलावट न होने पाए। इसके लिए सभी जिला अधिकारियों को समय-समय पर आकस्मिक निरीक्षण करने और वहां पाई गई अनियमितताओं पर तत्काल कार्रवाई और दोषी कर्मचारियों को तत्काल कार्यमुक्त कर ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, दुकानों में पेटीएम या अन्य कैशलेस भुगतान को बढ़ावा देने के लिए पृथक काउंटर की व्यवस्था के भी निर्देश दिए गए।आबकारी सचिव श्रीमती कंगाले ने प्रदेश में संचालित बारों, क्लबों, होटलों और ढाबों की आकस्मिक जांच करने तथा समय पश्चात संचालन अथवा अवैध मदिरा विक्रय करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने अवैध मदिरा एवं अन्य मादक पदार्थों के निर्माण, परिवहन, तस्करी और विक्रय पर सख्त नियंत्रण रखने हेतु आवश्यकता पड़ने पर पुलिस विभाग से सहयोग लेने के निर्देश दिए गए।
- -मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से स्वास्थ्य सुरक्षा, मानवीय संवेदना और पशु-पक्षियों के प्रति दायित्व निभाने की अपील कीरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ सहित देश के अनेक हिस्सों में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी के मद्देनजर प्रदेशवासियों से सतर्कता, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ इस चुनौतीपूर्ण समय का सामना करने की अपील की है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा है कि अत्यधिक गर्मी के इस दौर में प्रत्येक व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य के साथ-साथ अपने आसपास के लोगों का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए।मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों से पर्याप्त पानी पीने, बाहर निकलते समय पानी साथ रखने तथा अनावश्यक रूप से तेज धूप में जाने से बचने का आग्रह करते हुए कहा कि छोटी-सी सावधानी स्वयं और परिवार को सुरक्षित रखने में बड़ी भूमिका निभा सकती है। उन्होंने कहा कि यदि संभव हो तो घर, दुकान, कार्यालय अथवा सार्वजनिक स्थानों के आसपास राहगीरों के लिए पीने के पानी की व्यवस्था अवश्य की जाए, क्योंकि संवेदना का यह छोटा प्रयास किसी जरूरतमंद व्यक्ति के लिए राहत और संबल बन सकता है।मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बच्चों, बुज़ुर्गों, श्रमिक साथियों तथा खुले में कार्य करने वाले लोगों का ध्यान रखने की अपील करते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति की तबीयत अचानक बिगड़ती दिखाई दे, तो उसे तुरंत छायादार या ठंडी जगह पर ले जाकर पानी, ओआरएस अथवा अन्य तरल पदार्थ उपलब्ध कराए जाएं तथा आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सकीय सहायता भी सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री श्री साय ने पशु-पक्षियों के प्रति संवेदनशील होने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि घर, आंगन, छत, दुकान अथवा आसपास पानी का एक छोटा पात्र रखने जैसी छोटी पहल इस भीषण गर्मी में किसी जीव के लिए जीवनदायिनी साबित हो सकती है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह समय सेवा, संवेदना, सजगता और सामाजिक सहयोग की भावना को मजबूत करने का है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि सभी एक-दूसरे का संबल बनें और मानवता के इस दायित्व को मिलकर निभाएं।























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