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0-महाराष्ट्र मंडल में छत्रपति शिवाजी महाराज राज्याभिषेक दिवस पर मंचित होने वाले भव्य हिंदी नाटक को लेकर हर स्तर पर तैयारियां जोरशोर से जारी
रायपुर। छत्रपति शिवाजी महाराज के शौर्य पर आधारित हिंदी नाटक ‘शिव शौर्य’ के छह जून को होने वाले मंचन की तैयारियां पूरे शबाब पर हैं। महाराष्ट्र मंडल में संत ज्ञानेश्वर सभागृह के कुमुदिनी वरवंडकर रंगमंच पर होने वाले प्रयोग को लेकर लेखक, निर्देशक अभिषेक बक्षी के मार्गदर्शन पर लगभग हर आयुवर्ग के 25 कलाकार प्रतिदिन घंटों रिहर्सल कर रहे हैं। चूंकि नाटक ऐतिहासिक और शौर्य गाथा वाला है और इसके हर एक पात्र का अपना महत्व है, इसलिए शिव शौर्य में काम करने वाला हर एक ऊर्जावान रंगसाधक अपनी भूमिका में जान डालने का हरसंभव प्रयास कर रहा है।अभी हाल ही में पुणे स्थित ‘शिव सृष्टि’ का भ्रमण करके लौटे अभिषेक बक्षी कहते हैं कि वहां जाने के बाद बहुत सी जानकारियां जुटाने का अवसर मिला। इससे हमारे नाटक को भी मजबूती मिलेगी, खासकर संवाद व कास्ट्यूम से लेकर उन्हें अपनी केंद्रीय भूमिका शिवाजी महाराज को मंच पर साकार करने में मदद मिलेगी। रंगमंच की दुनिया में अनिकेत के रूप में तहलका मचा रहे शशि वरवंडकर इस नाटक में अफजल खान की बेहद क्रूर भूमिका में जान डालते हुए दिखाई देंगे। इसके लिए उनकी दमदार भारी आवाज में डायलॉग डिलीवरी नाटक की बड़ी विशेषता होगी। चेतन दंडवते का लंबा रंगमंचीय अनुभव बाजी प्रभु देशपांडे की महत्वपूर्ण भूमिका को साकार करने में सहायक होगा।आकाशवाणी के प्रसिद्ध उद्घोषक दीपक हटवार नाटक 'शिव शौर्य' के सूत्रधार होंगे। भारती पलसोदकर जिजाऊ माता और कीर्ति हिशीकर शिवाजी महाराज की पत्नी सई बाई की संवेदनशील किरदार में आंखें नम करेंगी। इनके अलावा रविंद्र ठेंगड़ी, विनोद राखुंडे, पवन ओगले, अभय भागवतकर, पंकज सराफ़, पराग दलाल, दीप्तांशु शर्मा, अक्षदा मातुरकर, योगेश दंडवते, यशस्वी दंडवते, अनुष्का टेम्बे, प्रार्थना दंडवते, अतुल गद्रे, हेमंत मोहिते, गणशा जाधव पाटिल, ज्योतिर्मय भोसले, रवि किरण दशपुत्रे।शिव शौर्य के पार्श्व संगीत के लिए परितोष डोनगांवकर, अजय पोतदार के साथ स्वयं अभिषेक काफी मेहनत कर रहे हैं। इसी तरह तमाम पात्रों की वेशभूषा को लेकर काफी रिसर्च कर चीजे फाइनलाइज की जा रही हैं। प्रकाश व्यवस्था और साउंड सिस्टम को लेकर भी अति विशिष्ट और भव्य नाटक 'शिव शौर्य' के स्तर पर मैनेज किया जा रहा है। बताते चलें कि शनिवार, छह जून को शाम 06:30 बजे मंचित किए जाने वाले इस नाटक को देखने के लिए शिवाजी महाराज राज्याभिषेक दिवस समारोह के मुख्य अतिथि राज्यपाल रमेन डेका के अलावा अनेक जनप्रतिनिधि और रंगप्रेमी दर्शक विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। -
*अब पाठकों को मिलेगी छत्तीसगढ़ी और अन्य स्थानीय भाषाओं की जानकारी*
*अब तक करीब 13 हज़ार पुस्तकें की जा चुकी है दान*रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में जिले में संचालित स्मृति पुस्तकालय योजना जनभागीदारी का प्रेरक उदाहरण बनती जा रही है। इस पहल के माध्यम से लोग स्वेच्छा से पुस्तकें और इलेक्ट्रोनिक्स गैजेट दान कर युवाओं के उज्ज्वल भविष्य निर्माण में योगदान दे रहे हैं।इसी क्रम में छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के अध्यक्ष श्री प्रभात मिश्रा एवं सचिव श्रीमती अभिलाषा बेहार ने आयोग द्वारा प्रकाशित छत्तीसगढ़ी एवं अन्य स्थानीय भाषाओं की 45 पुस्तकें जिला प्रशासन को दान की।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने उनके इस सराहनीय योगदान की सराहना करते हुए उन्हें प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया।अध्यक्ष श्री मिश्रा ने बताया कि हमारा प्रयास है कि इस योजना के तहत आयोग द्वारा प्रकाशित छत्तीसगढ़ी एवं स्थानीय भाषाओं की पुस्तकें पाठकों तक पहुँचे, जिन्हें पढ़कर पाठकों को हमारी पहचान, संस्कृति एवं भाषा के बारे में जानकारी प्राप्त हो। साथ ही उन्होंने कहा कि आयोग का यह प्रयास है कि जो पाठक हमारी संस्कृति के बारे में जानना चाहते हैं उन्हें इस योजना के तहत हमारी पुस्तकें मिल पाएंगी जो उनके लिए काफी मददगार होगी।सचिव श्रीमती बेहार ने इस योजना की सराहना करते हुए कहा कि हमारा यह प्रयास है कि छत्तीसगढ़ी भाषा का प्रशासकीय कार्य में भी उपयोग हो सके, इसके लिए हमने छत्तीसगढ़ विधानसभा के साथ प्रकाशित की गई ऐसी पुस्तकें, जिनमें छत्तीसगढ़ी में प्रशासनिक कार्य व्यवहार कैसे किया जाए, जिला प्रशासन को सौंपी।उल्लेखनीय है कि स्मृति पुस्तकालय योजना के तहत अब तक लगभग 13 हजार पुस्तकें और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स दान किए जा चुके हैं। इन संसाधनों का लाभ लेकर अनेक विद्यार्थी अपनी पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को नई दिशा दे रहे हैं।जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे भी इस पुनीत पहल से जुड़कर ज्ञान के दान में भागीदार बनें और युवाओं के सपनों को साकार करने में सहयोग दें। पुस्तक अथवा इलेक्ट्रॉनिक गैजेट दान करने के इच्छुक नागरिक 94060 49000 एवं 94255 02970 से संपर्क कर सकते हैं।इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। -
बिलासपुर/,सुशासन तिहार “शासन आपके द्वार” कार्यक्रम के तहत मंगला स्थित धुरीपारा में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेष गतिविधियाँ आयोजित की गईं।शिविर में तखतपुर विधायक धर्मजीत सिंह, बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला, महापौर पूजा विधानी तथा नगर निगम कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे उपस्थित रहे। स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (टीबी नियंत्रण अभियान) के तहत दो टीबी मरीजों को एसईसीएल द्वारा प्रदत्त प्रोटीन पाउडर का वितरण किया गया, ताकि उनके पोषण स्तर में सुधार हो और उपचार पूर्ण किया जा सके। इसके साथ ही शिविर में हितग्राहियों की स्वास्थ्य जांच, ब्लड प्रेशर व शुगर टेस्ट तथा आयुष्मान कार्ड निर्माण की प्रक्रिया भी की गई।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के निर्देश पर आयोजित इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सक्रिय रूप से सेवाएं प्रदान कीं और लोगों को योजनाओं से जोड़ने का कार्य किया। शिविर का उद्देश्य टीबी उन्मूलन, बेहतर पोषण एवं समय पर उपचार सुनिश्चित करना था।
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बिलासपुर/कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल के निर्देश पर जिला कार्यालय में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन में आज अपर कलेक्टर श्री एसएस दुबे ने लोगों की समस्याएं सुनी। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों ने उनसे मिलकर निजी एवं सामुदायिक शिकायत संबंधी आवेदन दिया। उन्होंने अधिकांश मामलों में मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
जनदर्शन में पहुंची ग्राम दर्रीघाट की श्रीमती संगीता खांडे ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान दिलाने की गुहार लगाई है। उन्होंने बताया कि वे बेहद गरीब हैं और उनके पति की सीमित आय में किराए के मकान में रहकर दो बच्चों की परवरिश करना बेहद मुश्किल हो रहा है। तखतपुर ब्लॉक के परसदा निवासी संतोषी निर्मलकर ने जनदर्शन में आवेदन देकर नया बीपीएल राशन कार्ड बनाए जाने की मांग की है। आवेदन में बताया गया है कि पहले से राशन कार्ड के लिए आवेदन देने के बावजूद अब तक उनका राशन कार्ड नहीं बन पाया है। उन्होंने बताया कि परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है। पचपेड़ी तहसील के ग्राम गोड़ाडीह निवासी लकेश्वर ने अपनी डायवर्सन कराने हेतु अपर कलेक्टर को अपना ज्ञापन सौंपा। आवेदन में बताया गया है कि उनकी भूमि ग्राम गोड़ाडीह में स्थित है और वे भूमि के एक हिस्से का उपयोग व्यवसायिक कार्य के लिए करना चाहते हैं। उन्होंने नियमानुसार भूमि डायवर्सन की अनुमति प्रदान करने की मांग की है। ग्राम खमतराई के ग्रामीणों ने अपर कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में बताया कि ग्राम खमतराई के प्राचीन तालाब को असामाजिक तत्वों द्वारा अधिग्रहित किया जा रहा है एवं उनके द्वारा निरंतर गंदगी फेंककर तालाब को प्रदूषित करने का कार्य किया जा रहा है। वहीं जनदर्शन में कपसिया कला के दिव्यांग सावन कुमार ने ट्राई साइकिल दिलाने आवेदन प्रस्तुत किया। शहरी क्षेत्र के फजलबाड़ा वार्ड क्रमांक 33, गांधीनगर की निवासी राधा गायकवाड़ और शिवकुमारी यादव ने प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग की है। पीड़ितों ने बताया कि वे गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन करने वाले अत्यंत गरीब परिवार हैं। विगत दिनों अचानक एक विशाल बरगद का पेड़ उनके मकानों के ऊपर गिर गया, जिससे उन्हें आर्थिक रूप से काफी नुकसान पहुंचा है। वे मकान की मरम्मत कराने में असमर्थ हैं और वर्तमान में बेहद कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने शासन से तत्काल आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने की गुहार लगाई है।जनदर्शन में आज अपर कलेक्टर श्री दुबे ने सभी की समस्याओं को इत्मीनान से सुना और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए। -
*जल संरक्षण के लिए अगले 15 दिनों तक विशेष अभियान चलाने के निर्देश*
*कलेक्टर ने टीएल बैठक में सुशासन तिहार एवं फ्लैगशिप योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की*बिलासपुर/ कलेक्टर संजय अग्रवाल ने आज जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा (टीएल) बैठक में सुशासन तिहार सहित शासन की विभिन्न फ्लैगशिप योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि खेती-किसानी का मौसम शुरू होने वाला है, इसलिए समितियों के माध्यम से किसानों को खाद और बीज समय पर उपलब्ध कराया जाए। उर्वरक वितरण की प्रगति की प्रतिदिन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि प्रतिदिन शाम 6 बजे खाद बीज की मांग एवं आपूर्ति की समीक्षा की जाएगी।बैठक में निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।बैठक में कलेक्टर ने जल संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति या संस्था जमीन से जल निकाल रही है, उसकी जिम्मेदारी भूजल को पुनः जमीन में पहुंचाने की भी है। इसके लिए इंजेक्शन तकनीक को प्रभावी बताते हुए उन्होंने उद्योगों और ठेकेदारों से रिचार्ज हेतु नलकूप खुदवाने में सहयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नलकूप खुदने के बाद शासन द्वारा आवश्यक संरचनाएं निर्मित की जाएंगी ताकि भूजल स्तर को बेहतर बनाया जा सके। आगामी वर्षा ऋतु को देखते हुए अगले 15 दिनों तक विशेष अभियान चलाकर जल संरक्षण कार्यों को गति देने के निर्देश दिए गए। साथ ही जनप्रतिनिधियों को भी इस अभियान से जोड़कर जल संरक्षण के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार करने की बात कही गई।कलेक्टर ने सुशासन तिहार के तहत विभिन्न योजनाओं में संतृप्ति स्तर प्राप्त करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि शिविरों में स्वामित्व योजना के लगभग साढ़े चार हजार पट्टों का वितरण सुनिश्चित किया जाए। एग्रीस्टैक पोर्टल में शेष लगभग तीन हजार किसानों का पंजीयन शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश भी दिए गए। शहरी क्षेत्रों में पट्टा वितरण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक तेजी लाने को कहा गया। शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर कलेक्टर ने गंभीरता दिखाते हुए प्राचार्यों के साथ संबंधित विषय शिक्षकों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं पीएम सूर्यघर योजना के बढ़े हुए लक्ष्य को पूरा करने के लिए वार्डवार कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए। बैठक में पीएम पोर्टल, सीएम जनदर्शन, मुख्यमंत्री घोषणाओं, विभिन्न आयोगों से प्राप्त पत्रों, कलेक्टर टीएल एवं कलेक्टर जनदर्शन से संबंधित लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण के निर्देश भी दिए गए। -
आम की 250 से अधिक किस्मों का प्रदर्शन किया जाएगा
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, संचालनालय उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी तथा प्रकृति की ओर सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होगा राष्ट्रीय आम महोत्सवरायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर तथा संचालनालय उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी, छत्तीसगढ़ शासन तथा प्रकृति की ओर सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 29, 30 एवं 31 मई, 2026 को कृषि महाविद्यालय परिसर रायपुर में तीन दिवसीय राष्ट्रीय आम महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। तीन दिवसीय राष्ट्रीय आम महोत्सव का शुभारंभ 29 मई, 2026 को किया जाएगा। राष्ट्रीय आम महोत्सव में आम की 250 से अधिक किस्मों का प्रदर्शन किया जायेगा। इस कार्यक्रम में आम की विभिन्न किस्मों की प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही है जिसमें छत्तीसगढ़ एवं देश के विभिन्न राज्यों के आम उत्पादक शामिल होंगे। इस अवसर पर आम से बने विभिन्न व्यंजनों की प्रतियोगिताएं भी आयोजित हैं। आम की सजावट प्रतियोगिता भी आयोजित की जा रही है जिसमें विद्यालयीन एवं महाविद्यालयीन विद्यार्थी, महिलाएं तथा अन्य सामान्यजन भी पंजीयन कर भागीदारी कर सकते है। इस महोत्सव में पंजीयन एवं प्रवेश पूर्णतया निःशुल्क है। राष्ट्रीय आम महोत्सव में संस्थागत एवं व्यक्तिगत प्रतियोगी भी सहभागी हो सकते हैं। आम महोत्सव के दौरान आम पर केंद्रित मैंगो क्विज़ मैंगो, फैंसी ड्रेस आदि प्रतियोगिताएं भी अयोजित की जाएगी। इसके अलावा प्रतिदिन सांस्कृतिक संध्या का भी आयोजन किया जाएगा।राष्ट्रीय आम महोत्सव में 29 से 31 मई, 2026 तक विभिन्न श्रेणियों में प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा जिसमें किसानों द्वारा उत्पादित आम की व्यावसायिक किस्मों के अंतर्गत दशहरी, लंगडा, बाम्बे ग्रीन, चैसा, मालदा, हिमसागर, सुन्दरजा, केसर, अलफान्सो, तोतापरी, नीलम, बैगनफल्ली, पैरी, सिन्दूरी, फज़ली आदि किस्मों की प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। संकर किस्मों की प्रतियोगिता के अंतर्गत मल्लिका, आम्रपाली, पूसा अरूणिमा, अम्बिका, रत्ना, सिंधु, अर्का पुनीत किस्मों को शामिल किया गया है। विशिष्ट किस्मों की प्रतियोगिता के अंतर्गत हाथीझुल, नूरजहां, लड्डु, गुलाब खास किस्मों के उत्पादक भाग ले सकते हैं। एक्जोटिक (आयातित किस्म) की प्रतियोगिता में मियाजाकी, टाॅमी एटकिन्स एवं गोल्डन नगेट्स किस्मों को शमिल किया गया है। इस अवसर पर आम से निर्मित उत्पादों की प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाएगा जिसमें प्रतिभागी आम से निर्मित उत्पाद - नेक्टर/आर.टी.एस., शर्बत, पना, आम के अचार, आम की चटनी, आम पापड़, आमरस, जैम एवं मिठ्ाई आदि व्यंजनों के साथ प्रतियोगिता में भाग ले सकते हैं। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय आम महोत्सव में प्रतिभागियों हेतु आम आधारित माॅडल एवं बोनसाई, आम आधरित सजावट प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर प्रकृति की ओर सोसायटी की ओर से आम की ग्यारह गुठलियाँ लाने वाले व्यक्तियों को एक उन्नत किस्म के आम का पौधा दिया जाएगा। प्रसिद्ध शेफ आकांक्षा राॅय आम के व्यंजन बनाना भी सिखाएंगी।आयोजन के प्रथम दिवस 29 मई को प्रातः 9 बजे से 12 बजे तक प्रविष्टियों का पंजीयन किया जाएगा। इसके पश्चात सामान्यजनों के लिए प्रदर्शनी अवलोकनार्थ तीनों दिन सायः 9 बजे तक खुली रहेगी। प्रदर्शनी में आम की विभिन्न किस्मों के फल, आम के विभिन्न उत्पाद एवं आम के पौधे भी विक्रय के लिए उपलब्ध रहेंगे। द्वितीय दिवस 30 मई को आम उगाने वाले कृषकों एवं जिज्ञासुओं के लिए 12 बजे से 4 बजे तक ‘‘आम उत्पादन समस्या एवं समाधान’’ विषय पर तकनीकी मार्गदर्शन एवं परिचर्चा का आयोजन किया गया है, जिसमें छत्तीसगढ़ में उच्च गुणवत्ता के आम की विभिन्न किस्मों का उत्पादन, आम के विभिन्न उत्पाद एवं उनके विपणन के साथ ही आम उत्पादन हेतु छत्तीसगढ़ शासन की योजनाओं की भी जानकारी प्रदान की जायेगी, जिससे नयी पीढ़ी के लोग आम उत्पादन की ओर आकृष्ट हो सकें। आम उत्पादन को पर्यावरण के संरक्षण के साथ एक स्वास्थ्यवर्धक व्यवसाय के रूप में अपनाने की जानकारी आम लोगों को प्रदान की जा जाएगी। तृतीय दिवस 31 मई को आम उत्पादक कृषकों एवं उद्यमियों की सफलता की कहानी उन्हीं की जुबानी 12 से 4 बजे तक आयोजित होगा।राष्ट्रीय आम महोत्सव के अंतिम दिन प्रदर्शनी के अवलोकन के साथ ही प्रतिभागियों के लिए पुरस्कार वितरण एवं सम्मान समारोह का आयोजन भी किया जायेगा। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय फल ‘‘आम’’ जो कि आम जनता का प्रिय फल है उसकी समस्त सामान्य एवं खास किस्मों, विशिष्ट उत्पादों एवं भविष्य में अधिक उत्पादन के लिए रोजगार के साधनों की जानकारी नागरिकों, महिलओं, विद्यार्थियों, नव उद्यमियों एवं कृषकों को प्रदान करना है। राष्ट्रीय आम महोत्सव के अवसर पर आयोजित प्रतियोगिता में प्रतिभागी न्यूनतम 5 से 10 आम प्रति किस्म के साथ भाग ले सकते हैं। आम से बने विभिन्न व्यंजनों की प्रतियोगिता में न्यूनतम 250 ग्राम आम के उत्पाद के साथ पंजीयन कर इस प्रतियोगिता में शामिल हो सकते हैं। इस आयोजन में पंजीयन एवं प्रवेश निःशुल्क है अतः इस अवसर का लाभ प्राप्त करने हेतु सहभागी बनें। - रायपुर । रायपुर प्रेस क्लब द्वारा आयोजित होने वाले बहुप्रतीक्षित “पत्रकारिता गौरव मार्तण्ड उत्सव” की तैयारियों को लेकर गठित ड्राफ्टिंग आर्काइव समिति की महत्वपूर्ण बैठक मंगलवार शाम 6 बजे प्रेस क्लब परिसर में सम्पन्न हुई। बैठक में आयोजन की रूपरेखा, दस्तावेजीकरण, स्मारिका निर्माण, पत्रकारिता से जुड़े ऐतिहासिक अभिलेखों के संकलन एवं आयोजन को भव्य स्वरूप देने पर विस्तार से चर्चा की गई।बैठक की शुरुआत समिति के संयोजक व्यास पाठक द्वारा उपस्थित सदस्यों के परिचय के साथ की गई। उन्होंने समिति की भूमिका, उद्देश्य एवं जिम्मेदारियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पत्रकारिता गौरव मार्तण्ड उत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि पत्रकारिता के मूल्यों, परंपराओं और वरिष्ठ पत्रकारों के योगदान को सम्मानित करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने सभी सदस्यों से सक्रिय सहभागिता और समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान किया।इसके पश्चात रायपुर प्रेस क्लब के महासचिव गौरव शर्मा ने समिति के कार्यों एवं आयोजन की रूपरेखा पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ड्राफ्टिंग आर्काइव समिति का मुख्य उद्देश्य पत्रकारिता से जुड़े ऐतिहासिक दस्तावेज, पुराने समाचार पत्र, दुर्लभ फोटोग्राफ, वरिष्ठ पत्रकारों की उपलब्धियां एवं पत्रकारिता के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों का संकलन कर उन्हें सुव्यवस्थित रूप में प्रस्तुत करना है। साथ ही आयोजन के दौरान प्रकाशित होने वाली सामग्री को प्रभावी एवं आकर्षक स्वरूप देना भी समिति की जिम्मेदारी होगी।बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने आयोजन को सफल बनाने के लिए अपने-अपने सुझाव दिए। सदस्यों ने प्रस्ताव रखा कि पत्रकारिता के इतिहास एवं वरिष्ठ पत्रकारों के योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए विशेष प्रदर्शनी, स्मारिका एवं संवाद सत्र आयोजित किए जाएं। महिला सदस्यों ने भी आयोजन में रचनात्मक एवं सांस्कृतिक आयाम जोड़ने पर बल दिया।बैठक में समिति के संयोजक व्यास पाठक, गंगेश द्विवेदी, गंगा प्रसाद सिंह, डॉ. अवधेश मिश्रा, श्वेता शर्मा, साधना पांडेय सहित विशेष रूप से प्रशांत शर्मा, दिनेश तिवारी, डॉ. अनिल द्विवेदी, राजेश मिश्रा, दिलीप साहू, राजेंद्र निगम एवं ठाकुर राम साहू उपस्थित रहे। सभी सदस्यों ने आयोजन को सफल, ऐतिहासिक एवं यादगार बनाने के लिए पूर्ण सहयोग देने का भरोसा दिलाया।बैठक के अंत में समिति द्वारा आगामी बैठकों की रूपरेखा तय करते हुए विभिन्न सदस्यों को जिम्मेदारियां सौंपने पर भी चर्चा की गई। उपस्थित सदस्यों ने विश्वास व्यक्त किया कि पत्रकारिता गौरव मार्तण्ड उत्सव पत्रकारिता जगत के लिए एक प्रेरणादायी और गौरवपूर्ण आयोजन सिद्ध होगा।
- -भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने मोदी-सरकार के सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के अद्वितीय युग के स्वर्णिम 12 वर्ष पूर्ण होने पर दी बधाई व मंगलकामनाएँरायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र की भाजपानीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार के सफल, ऐतिहासिक और अभूतपूर्व 12 वर्ष पूर्ण होने पर प्रधानमंत्री श्री मोदी को संपूर्ण छत्तीसगढ़ की जनता और कार्यकर्ताओं की ओर से हार्दिक बधाई एवं मंगलकामनाएँ प्रेषित की हैं। श्री देव ने कहा कि पिछले 12 वर्ष भारत के इतिहास में 'सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण' के स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो चुके हैं।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने कहा कि वर्ष 2014 से शुरू हुई यह विकास यात्रा आज भारत को विश्व पटल पर एक महाशक्ति के रूप में स्थापित कर चुकी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नीतिगत निर्णयों, दृढ़ इच्छाशक्ति और 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' के मूलमंत्र ने देश के हर वर्ग के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। श्री देव ने मोदी सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल की प्रमुख युगान्तरकारी उपलब्धियों का सारगर्भित उल्लेख करते हुए कहा कि अंत्योदय और गरीब कल्याण योजना के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना में करोड़ों परिवारों को पक्के मकान, उज्ज्वला योजना से माताओं-बहनों को धुएँ से मुक्ति, आयुष्मान भारत योजना से देश के गरीब नागरिकों को 5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज और जल जीवन मिशन के जरिए हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुँचाकर मोदी सरकार ने देश के अंतिम व्यक्ति को सशक्त किया है। भारत आज विश्व की पाँचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनकर उभरा है और तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक ताकत बनने की ओर अग्रसर है। 'डिजिटल इंडिया' और यूपीआई क्रांति ने भारत के गाँवों तक बैंकिंग और वित्तीय समावेशन को सुलभ कर दिया है। इंफ्रास्ट्रक्चर का अभूतपूर्व विकास कर देश में राष्ट्रीय राजमार्गों, एक्सप्रेस-वे, आधुनिक रेलवे (वंदे भारत ट्रेनों) और हवाई अड्डों का जाल बिछाया गया है, जिसने देश की गति और प्रगति को नए आयाम दिए हैं।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और ऐतिहासिक निर्णयों की चर्चा करते हुए कहा कि कश्मीर से अनुच्छेद 370 की समाप्ति, भव्य प्रभु श्री राम मंदिर का निर्माण और नागरिकता संशोधन कानून (CAA) जैसे ऐतिहासिक निर्णयों ने देश की सम्प्रभुता को मजबूत किया और सांस्कृतिक गौरव को पुनर्स्थापित किया है। वैश्विक मंच पर भारत का बढ़ते कद की चर्चा करते हुए श्री देव ने कहा कि चाहे यूक्रेन-रूस संकट में भारतीय नागरिकों की सुरक्षित घर वापसी हो या जी-20 की सफल अध्यक्षता, प्रधानमंत्री श्री मोदी के मजबूत नेतृत्व के कारण आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की आवाज को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है।छत्तीसगढ़ को दी गईं विशेष सौगातेंभाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार ने छत्तीसगढ़ के विकास के लिए हमेशा उदारता दिखाई है। चाहे जनजातीय समाज के कल्याण के लिए 'पीएम जनमन योजना' हो, बस्तर और सरगुजा जैसे दूरस्थ अंचलों में अधोसंरचना का विकास हो, या किसानों के हितों की रक्षा, केंद्र सरकार ने राज्य को सँवारने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। श्री देव ने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का यह सक्षम नेतृत्व आने वाले समय में भारत को 'विकसित भारत @2047' के संकल्प तक पहुँचाने में पूर्णतः सफल सिद्ध होगा। श्री देव ने प्रधानमंत्री श्री मोदी के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और निरंतर यशस्वी रहने की मंगलकामना व्यक्त की है।
- रायपुर। रायपुर प्रेस क्लब द्वारा आयोजित पत्रकारिता गौरव मार्तण्ड उत्सव की तैयारी के संबंध में "आवास एवं अतिथि सत्कार समिति" की बैठक मंगलवार को दोपहर 2 बजे प्रेस क्लब में हुई। इस ऐतिहासिक आयोजन को लेकर समिति के सभी सदस्य बेहद उत्साहित नजर आए। बैठक में सभी सदस्यों ने बाहर से आने वाले अतिथियों के आवास व्यवस्था को लेकर विस्तार से चर्चा की। बैठक में प्रेस क्लब कोषाध्यक्ष दिनेश यदु ने अतिथियों की आवास व्यवस्था को बेहतर तरीके से करने की बात कही। बैठक में समिति के संयोजक शंकर चंद्राकर, विजय मिश्रा, अख्तर हुसैन, टीकम वर्मा, लखन शर्मा, संजय वर्मा, पवन सिंह ठाकुर, अब्दुल शमीम, रामजी साहू, दिनेश सोनी व मलकीत सिंह उपस्थित रहे।
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रायपुर। रायपुर प्रेस क्लब द्वारा आयोजित पत्रकारिता गौरव मार्तण्ड उत्सव की तैयारी के संबंध में " आयोजन एवं प्रोटोकॉल समिति ( समय सारणी, अतिथि प्रबंधन , स्थल व्यवस्था) " की बैठक मंगलवार को शाम 4 बजे प्रेस क्लब में हुई। इस आयोजन को लेकर समिति के सभी पुरुष एवं महिला सदस्यों ने कार्यक्रम को सफ़ल बनाने अपने सुझाव दिये । समय सारणी का अनुमानित शेड्यूल तैयार किया गया है जो कि रजिस्ट्रेशन सुबह 10.30 बजे से रात्रि 8 बजे तक का समय निर्धारित किया गया। जिसमें प्रथम सत्र, भोजन अवकाश, द्वितीय सत्र प्रिंट मीडिया, तृतीय सत्र इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, और सांस्कृतिक कार्यक्रम तक शामिल है। अतिथियों के आने एवं जाने तक उनकी सम्पूर्ण व्यवस्था को सामूहिक रूप से करने का निर्णय लिया गया। बैठक में समिति के संयोजक राजेन्द्र कुमार निगम, अंशुमन शर्मा , प्रहलाद दमाहे , आफ़ताब बेगम , रुमा सेनगुप्ता, रत्ना पाण्डे और संतोष साहू उपस्थित रहे । साथ ही विशेष रूप से प्रकाश शर्मा जी एवं सत्येंद्र कर जी के भी महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त हुए।
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-सेवा सेतु पोर्टल पर मिलेगी 441 शासकीय सेवाएं
राजनांदगांव । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के विजन के अनुरूप राज्य शासन द्वारा सुशासन और डिजिटल गवर्नेस को बढ़ावा देने के लिए सेवा सेतु पोर्टल की शुरूआत की गई है। सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से नागरिकों को घर बैठे विभिन्न विभागों द्वारा संचालित शासकीय सेवाएं उपलब्ध करायी जा रही है। कलेक्टर ने जिले के सभी नागरिकों एवं दूरस्थ अंचलों में रहने वाले ग्रामीणों से अपने छोटे-छोटे कार्यों के प्रमाण पत्रों, राजस्व कार्यों और अन्य सरकारी सेवाओं के लिए जिला या ब्लॉक मुख्यालय आने के बजाय सेवा सेतु पोर्टल का अधिकतम उपयोग करने की अपील की है।
सहायक प्रबंधक जिला ई-गवर्नेस सोसायटी राजनांदगांव श्री आशीष स्वर्णकार ने बताया कि सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से नागरिकों को शासकीय सेवाओं का लाभ आसानी से उपलब्ध हो पाएगा। इस एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर विभिन्न शासकीय विभागों की कुल 441 जन-कल्याणकारी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं। इनमें जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, राजस्व मामले, राशन कार्ड, विवाह प्रमाण पत्र, नाम परिवर्तन हेतु राजपत्र प्रकाशन और विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं शामिल हैं। इस डिजिटल पहल का मुख्य उद्देश्य शासकीय सेवाओं को पूरी तरह पारदर्शी, बाधारहित एवं समयबद्ध बनाना है। पोर्टल के माध्यम से आवेदक अपने आवेदनों की स्थिति को ऑनलाइन ट्रैक कर सकेंगे। हर सेवा के लिए एक निश्चित समय-सीमा तय की गई है। जिससे आम जनता के काम बिना किसी देरी के पूरे होंगे। छत्तीसगढ़ में पहले ईडिस्ट्रिक परियोजना के माध्यम से केवल 86 सेवाएं उपलब्ध थी। समय की आवश्यकता को देखते हुए इसका उन्नत संस्करण सेवा सेतु विकसित किया गया है। जिसमें अब 441 सेवाएं जोड़ी जा चुकी है। इससे प्रशासनिक प्रक्रियाएं अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनी है।
राज्य शासन की यह डिजिटल पहल विशेष रूप से ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों में रहने वाले नागरिकों के लिए मील का पत्थर साबित होगी। अब ग्रामीणों को छोटे-छोटे प्रमाण पत्रों और कामों के लिए जिला या ब्लॉक मुख्यालय जाने की आवश्यकता नहीं होगी। वे अपने नजदीकी सेवा सेतु केन्द्र या स्वयं के मोबाइल और कम्प्यूटर के माध्यम से सेवा सेतु पोर्टल का लाभ उठा सकेंगे। राज्य शासन इस पोर्टल के माध्यम से न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन के संकल्प को धरातल पर उतार रही है। जिससे नागरिकों के समय और धन दोनों की बचत होगी। हर सेवा के लिए एक समय-सीमा तय की गई है। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी। जिसका लक्ष्य जिले के अंतिम व्यक्ति तक इस डिजिटल सुविधा का लाभ पहुंचाना है। - -कोयला उत्पादन, ऊर्जा सुरक्षा, निवेश और आधारभूत संरचना विस्तार पर हुई सकारात्मक चर्चा-केंद्र-राज्य समन्वय से औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन को गति देने पर जोररायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से आज मंत्रालय महानदी भवन स्थित उनके कार्यालय में केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री श्री सतीश चंद्र दुबे ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास, ऊर्जा सुरक्षा, खनिज क्षेत्र के विस्तार तथा आधारभूत संरचना विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत और सकारात्मक चर्चा हुई।बैठक में छत्तीसगढ़ में कोयला उत्पादन बढ़ाने, खनन क्षेत्रों में बुनियादी अधोसंरचना को सुदृढ़ करने, रेल एवं लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी के विस्तार तथा औद्योगिक गतिविधियों को और गति देने के विषय पर विचार-विमर्श किया गया। इसके साथ ही स्वच्छ ऊर्जा को प्रोत्साहन, कोयला गैसीकरण, सौर ऊर्जा विकास तथा खनिज संसाधनों के बेहतर उपयोग के माध्यम से निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित करने पर भी विशेष चर्चा हुई।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है और केंद्र सरकार के सहयोग से ऊर्जा, खनन एवं औद्योगिक विकास के क्षेत्र में राज्य नई संभावनाओं की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निवेश अनुकूल वातावरण तैयार करते हुए युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने और क्षेत्रीय विकास को गति देने के लिए प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के प्रबंध संचालक श्री रजत बंसल, साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक श्री हरीश दुहन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
- राजनांदगांव । सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत वार्ड क्रमांक 21 रेवाडीह वार्ड में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर आम नागरिकों के लिए लाभकारी साबित हो रहा है। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा लोगों को योजनाओं और सेवाओं का लाभ दिया जा रहा है। इसी कड़ी में स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाए गए स्वास्थ्य शिविर से रेवाडीह वार्ड की निवासी नयन बाई को समय पर उपचार और आवश्यक स्वास्थ्य सुविधा प्राप्त हुई।नयन बाई ने बताया कि शिविर में उनकी रक्तचाप (बीपी) की जांच की गई, जहां चिकित्सकों ने उनकी स्वास्थ्य स्थिति का परीक्षण कर आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया। जांच के बाद उन्हें नि:शुल्क दवाई भी दी गई। उन्होंने कहा कि पहले उन्हें इस तरह की सुविधाओं की जानकारी नहीं थी, लेकिन शिविर लगने से घर के पास ही स्वास्थ्य जांच और इलाज की सुविधा आसानी से मिल गई। उन्होंने बताया कि बिना किसी खर्च के स्वास्थ्य जांच, डॉक्टर से परामर्श और दवाई मिलने से उन्हें काफी राहत महसूस हुई। नयन बाई ने कहा कि इस प्रकार के शिविर जनसामान्य के लिए बहुत उपयोगी हैं, विशेषकर उन लोगों के लिए जो समय या आर्थिक कारणों से अस्पताल नहीं जा पाते। उन्होंने शासन-प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से लोगों तक जरूरी सेवाएं पहुंच रही हैं, जिससे आम नागरिकों को सीधा लाभ मिल रहा है।
- -कृषि विभाग द्वारा 1005 सोकपिट एवं वाटर हार्वेस्टिंग टैंक निर्माण पूर्णमहासमुंद / मोर गांव मोर पानी अभियान के तहत कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार कृषि विभाग द्वारा जिले में जल संरक्षण एवं जल संवर्धन को जन आंदोलन का रूप देने लगातार कार्य किया जा रहा है। अभियान के माध्यम से ग्रामीणों एवं कृषकों को वर्षा जल के संरक्षण, भू-जल संवर्धन तथा जल के समुचित उपयोग के प्रति जागरूक एवं प्रेरित किया जा रहा है। विभिन्न विभागों द्वारा जल संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है। अभी तक लगभग 74 हजार विभिन्न संरचनाओं का निर्माण किया जा चुका है। जिला पंचायत, जनपद पंचायत, जल संसाधन विभाग, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग, वन विभाग एवं कृषि विभाग द्वारा अपने-अपने कार्य क्षेत्रों में जल संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है।कृषि विभाग द्वारा जिले के कृषकों एवं महिला किसानों द्वारा स्व-प्रेरणा से अब तक कुल 1005 सोकपिट एवं वाटर हार्वेस्टिंग टैंक का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है। इससे वर्षा जल का संरक्षण होने के साथ-साथ भू-जल स्तर में वृद्धि होगी। विकासखंड के ग्राम बानीपाली की कृषक श्रीमती दीपिका पटेल ने अपने घर एवं खेत में सोकपिट टैंक का निर्माण कराया है। उन्होंने बताया कि घरों से निकलने वाले पानी का उचित प्रबंधन होगा तथा पानी का पुनर्भरण सीधे जमीन में होने से आसपास के क्षेत्र में नमी बनी रहेगी। इससे घरेलू उपयोग एवं खेती-किसानी में भी लाभ मिलेगा।इसी तरह ग्राम उमरिया की श्रीमती शीला तिवारी तथा ग्राम बरतियाभाठा की श्रीमती सीमा द्वारा भी अपने घरों एवं खेतों में सोकपिट एवं वाटर हार्वेस्टिंग टैंक का निर्माण कराया जा रहा है। ग्रामीण महिलाओं की यह सहभागिता जल संरक्षण के क्षेत्र में प्रेरणादायी है। साथ ही किसानों द्वारा भी अपने बाड़ी और खेत में सोकपिट बड़ी संख्या में बनाया जा रहा है।
- -अज्ञात व्यक्ति के विरूद्ध थाना बसना में एफआईआर दर्जमहासमुंद / जिले के बसना स्थित धान संग्रहण केंद्र गढ़फुलझर में 25 मई को आग लगने की घटना में लगभग 90 हजार रूपए की क्षति हुई है। मामले में धान संग्रहण केंद्र बसना के केंद्र प्रभारी द्वारा थाना बसना में अज्ञात व्यक्ति के विरूद्ध एफ.आई.आर. दर्ज कराया गया है। थाना बसना द्वारा मामले की जांच की जा रही है।केन्द्र प्रभारी ने बताया कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा खेत में लगाई गई आग तेज हवा के कारण फैलते हुए धान फड़ की बाउंड्री तक पहुंच गई, जिससे संग्रहण केंद्र के किनारे रखी अनुपयोगी सामग्री आग की चपेट में आ गई। इस घटना में लगभग 1 लाख 75 हजार नग अनुपयोगी एवं सड़ी-गली डनेज प्लास्टिक बोरियां जलकर नष्ट हो गईं, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 80 हजार रुपए है। इसके अलावा लगभग 20 नग अनुपयोगी कैप कवर भी जल गए, जिनकी अनुमानित कीमत 10 हजार रुपए है। इस प्रकार कुल लगभग 90 हजार रुपए की क्षति हुई है।केन्द्र प्रभारी ने बताया कि आग लगने की सूचना दिन पाली में कार्यरत चौकीदार द्वारा दोपहर लगभग 3 बजे दी गई। प्रारंभिक स्तर पर कर्मचारियों द्वारा बोर से पानी का छिड़काव कर आग बुझाने का प्रयास किया गया, लेकिन आग तेजी से फैलने लगी। स्थिति को देखते हुए सरायपाली से दमकल वाहन बुलाया गया, जिसके बाद आग पर काबू पाया जा सका।जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि खेतों में आग न लगाएं तथा सावधानी बरतें। ताकि इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
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- 11 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों को मिला योजनाओं का लाभ, समस्याओं का हुआ समाधान
- शिविर में हितग्राहियों को प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, जॉब कार्ड एवं अधिकारी अभिलेख पत्र का किया गया वितरण
राजनांदगांव । राज्य शासन की मंशानुरूप सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत जनता के बीच पहुँचकर उनके मांगों एवं समस्याओं की जानकारी लेने तथा उन्हें शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित करने हेतु राजनांदगांव जिले में लगातार जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। आज जिले के छुरिया विकासखंड अंतर्गत दूरस्थ वनांचल ग्राम जोब के स्कूल परिसर में जन समस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। ग्राम पंचायत जोब जन समस्या निवारण शिविर में आसपास के 11 ग्राम पंचायत आमगांव छु, बम्हनीचारभाठा, बेंदाड़ी, भर्रीटोला पैरी, घोरतालाब, जैतगुडरा, झाड़ीखैरी, जोब, मरकाकसा, नादियाखुर्द और पंडरापानी के ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल हुए। ग्राम पंचायत जोब क्लस्टर शिविर में ग्रामीणों को शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया। जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा मंच के माध्यम से ग्रामीणों को विभागीय योजनाओं के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर ग्रामीणों की समस्याओं एवं मांगों से संबंधित आवेदन प्राप्त किए गए तथा मौके पर निराकरण किया गया।
इस अवसर पर अध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती किरण वैष्णव, अध्यक्ष जनपद पंचायत श्री संजय सिन्हा एवं अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय सहित अन्य अतिथियों द्वारा ग्रामीणों एवं हितग्राहियों को विभिन्न विभागों की शासकीय योजनाओं से लाभान्वित करते हुए सामग्री वितरण किया गया। शिविर में अतिथियों द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत हितग्राहियों को पूर्णता प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। वहीं हितग्राहियों को नया राशन कार्ड, नया जॉब कार्ड, आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए। स्वामित्व योजना के तहत हितग्राहियों को अधिकार अभिलेख पत्र प्रदान किए गए। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) अंतर्गत हितग्राहियों को व्यक्तिगत शौचालय निर्माण के लिए प्रशासकीय स्वीकृति दी गई। कृषि विभाग द्वारा हितग्राहियों को मूंग बीज वितरण किया गया। बिहान योजना के अंतर्गत 2 महिला स्वय सहायता समूहों को 6-6 लाख रूपए का ऋण वितरण किया गया। जोब क्लस्टर के मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित भी किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में अतिथियों द्वारा गर्भवती महिलाओं की गोदभराई की गई तथा नन्हे बच्चों की माताओं को सुपोषण किट प्रदान कर पोषण के प्रति जागरूक किया गया।
अध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती किरण वैष्णव ने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य शासन की योजनाओं का लाभ गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना और संवाद से समाधान के माध्यम से लोगों की समस्याओं का निराकरण करना है। उन्होंने कहा कि शिविर में राजस्व, स्वास्थ्य, कृषि, महिला एवं बाल विकास सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित हैं, जो सीमांकन, नामांतरण, पेंशन, राशन कार्ड, आवास एवं अन्य समस्याओं के समाधान के लिए कार्य कर रहे हैं। उन्होंने ग्रामीणों से स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल में बीपी, शुगर, टीबी जैसी बीमारियों की जांच कराने कहा। साथ ही बेटियों के स्वास्थ्य सुरक्षा टीकाकरण के प्रति जागरूक रहने कहा। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण एवं जल संरक्षण के लिए पेड़ -पौधों का संरक्षण और वृक्षारोपण भविष्य की पीढिय़ों के लिए आवश्यक है। सभी को एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पौधा लगाने कहा। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढिय़ों के लिए पेड़ और पानी बचाना जरूरी है। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना, महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, आयुष्मान कार्ड, जल जीवन मिशन एवं बिहान योजना जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि शासन महिलाओं, किसानों और जरूरतमंद परिवारों को लगातार लाभ पहुंचा रही है।
अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय ने कहा कि जिले में 1 मई से 10 जून तक सुशासन तिहार अंतर्गत 62 शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जहां लोगों की समस्याओं का स्थानीय स्तर पर समाधान किया जा रहा है। उन्होंने ग्रामीणों से आवेदन में समस्या के साथ मोबाइल नंबर दर्ज करने कहा, ताकि संबंधित विभागों द्वारा निराकरण की जानकारी प्रदान की जा सके। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य गांव में ही लोगों को शासन की सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने किसानों से खरीफ फसल के लिए धान पंजीयन समय पर कराने तथा खाद, बीज एवं किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधाओं का लाभ लेने कहा। उन्होंनेे बताया कि शिविर में नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, स्वास्थ्य जांच, पेंशन, राशन कार्ड, जॉब कार्ड, स्वामित्व अधिकार पत्र एवं अन्य हितग्राहीमूलक सामग्री का वितरण किया जा रहा है। साथ ही साइबर ठगी से सावधान रहने के लिए जागरूक किया जा रहा है। इस अवसर पर अध्यक्ष जनपद पंचायत श्री संजय सिन्हा, सरपंच जोब ने भी संबोधित किया। शिविर में उपाध्यक्ष जनपद पंचायत श्री प्रशांत ठाकुर, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती अनिता मण्डावी, समाजसेवी श्री एमडी ठाकुर, एसडीएम श्री श्रीकांत कोराम, सीईओ जनपद पंचायत श्री होरीलाल साहू सहित 11 ग्राम पंचायतों के सरपंच, जनप्रतिनिधिगण एवं विभिन्न विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। -
राजनांदगांव । जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) अंतर्गत प्रशासकीय स्वीकृति के आधार पर स्त्रीरोग विशेषज्ञ के 1 पद की संविदा भर्ती वॉक इन के माध्यम से किया जाएगा। भर्ती के लिए इच्छुक एवं पात्र आवेदक 2 जून 2026 तक कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला राजनांदगांव (गुरूद्वारा के सामने) आवेदन प्रस्तुत कर सकते है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी एवं आवेदन पत्र का प्रारूप राजनांदगांव जिले की वेबसाईट से प्राप्त किया जा सकता है।
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- मिशन लाइफ की थीम क्लीन एनर्जी पर आधारित
- प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग के लिए जनमानस को करें जागरूक
राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव की अध्यक्षता में कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय मिशन लाइफ प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी शामिल हुए। प्रशिक्षण में मिशन लाइफ के विभिन्न घटकों एवं गतिविधियों की विस्तार से जानकारी दी गई।
कलेक्टर ने कहा कि इस वर्ष मिशन लाइफ की थीम क्लीन एनर्जी पर आधारित है। इसके तहत प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए जिले में 15 मई से 4 जून 2026 तक अभियान चलाकर नागरिकों को जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने मिशन लाईफ के विभिन्न घटकों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा पर्यावरण संरक्षण एवं सतत जीवनशैली को दैनिक जीवन में अपनाने कहा। उन्होंने कहा कि मिशन लाईफ का उद्देश्य केवल जागरूकता तक सीमित नहीं है, इसे व्यवहार में भी उतारना आवश्यक है। उन्होंने प्रत्येक विभाग को अपने स्तर पर जनजागरूकता गतिविधियां संचालित कर अधिक से अधिक नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के पूर्व आयोजित किए जाने वाले मिशन लाईफ प्री-कैम्पेन अंतर्गत अक्षय ऊर्जा प्रणालियों की स्थापना एवं प्रचार-प्रसार, सौर ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े हितधारकों के साथ समन्वय तथा स्कूल-कॉलेजों में क्विज, निबंध, स्लोगन लेखन एवं पोस्टर प्रतियोगिताओं के माध्यम से यंग रिन्यूएबल एनर्जी एम्बेसडर तैयार करने निर्देशित किया। उन्होंने सेल्फी विथ सोलर अभियान, मिशन लाइफ शपथ, सोशल मीडिया पर गतिविधियों के प्रचार-प्रसार तथा 4 जून को जिले के प्रत्येक कार्यालय एवं जनसमुदाय के बीच मिशन लाइफ शपथ दिलाने के निर्देश दिए।
जिला पंचायत सीईओ सुश्री सुरूचि सिंह द्वारा मिशन लाइफ अंतर्गत प्रस्तावित विभागवार गतिविधियों की प्रस्तुति दी गई तथा विभागों को उनकी जिम्मेदारियों से अवगत कराया गया। पंचायत विभाग को ग्राम पंचायत स्तर पर प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के प्रचार-प्रसार, जागरूकता शिविर एवं हितग्राही पंजीयन की जिम्मेदारी दी गई। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से स्व-सहायता समूहों की बैठकों में ऊर्जा बचत एवं सौर ऊर्जा पर चर्चा आयोजित करने कहा। शिक्षा विभाग को विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में पर्यावरण, नवीकरणीय ऊर्जा एवं मिशन लाइफ विषयक ऑनलाइन क्विज प्रतियोगिता आयोजित कर अधिकतम छात्र-छात्राओं का सहभागिता सुनिश्चित करने कहा गया। महिला एवं बाल विकास विभाग को आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से बच्चों एवं माताओं के लिए 5 ग्रीन हैबिट्स आधारित जागरूकता गतिविधियां संचालित करने तथा कृषि विभाग को किसानों के मध्य सौर ऊर्जा आधारित कृषि योजनाओं एवं सतत कृषि पद्धतियों के प्रचार-प्रसार हेतु जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की जिम्मेदारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान जल संरक्षण, ऊर्जा बचत, प्लास्टिक उपयोग में कमी, स्वच्छता तथा हरित वातावरण निर्माण जैसे विषयों पर विशेष चर्चा की गई। प्रशिक्षण में सभी अधिकारियों ने मिशन लाइफ के उद्देश्यों को अपने कार्यों एवं जीवनशैली में शामिल करने तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, अपर कलेक्टर श्री प्रेमप्रकाश शर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा, एसडीएम डोंगरगढ़ श्री एम भार्गव सहित संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे। - -निःशुल्क आवासीय कोचिंग से संवरेगा वनांचल के होनहार प्रतिभाओं का भविष्य-मंत्री राजेश अग्रवाल ने बसों को दिखाई हरी झण्डी, कहा यह सफलता और राष्ट्र निर्माण तक की यात्रारायपुर। सरगुजा जिले के मेधावी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को नई दिशा देने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा “ओजस्वी सरगुजा” योजना के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी पहल की गई है। इस अभिनव योजना के तहत शासकीय विद्यालयों के 10वीं बोर्ड परीक्षा-2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले चयनित विद्यार्थियों को नीट एवं जेईई जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु रायपुर भेजा गया है। जिला खनिज संस्थान न्यास के वित्तीय सहयोग से संचालित इस योजना के अंतर्गत चयनित विद्यार्थियों को रायपुर स्थित प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थान एलेन कैरियर इंस्टिट्यूट में निःशुल्क आवासीय कोचिंग प्रदान की जाएगी। इस अवसर पर आयोजित अभिनंदन कार्यक्रम में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने विद्यार्थियों एवं उनके पालकों को संबोधित किया और तीन बसों को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। यह ऐतिहासिक क्षण सरगुजा के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है। मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि “ओजस्वी सरगुजा” जैसी दूरदर्शी परिकल्पना आज वास्तविक स्वरूप ले रही है। आज जिन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को नीट एवं जेईई की तैयारी के लिए भेजा जा रहा है, वे आने वाले समय में डॉक्टर, इंजीनियर एवं राष्ट्र निर्माता बनकर न केवल अपने परिवार और जिले बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करेंगे। यह यात्रा केवल रायपुर तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उनके सपनों, संघर्षों और सफलता की यात्रा है।मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि इस योजना के अंतर्गत विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग के पांच विद्यार्थियों का चयन होना एक बड़े सामाजिक परिवर्तन का संदेश है। सीमित संसाधनों एवं दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों से निकलकर इन बच्चों ने यह सिद्ध कर दिया है कि प्रतिभा कभी परिस्थितियों की मोहताज नहीं होती। उन्होंने जिला प्रशासन की इस अभिनव पहल की सराहना की।योजना के अंतर्गत कुल 55 विद्यार्थियों का चयन किया गया है। इनमें जिला प्रशासन द्वारा मेरिट सूची एवं आरक्षण रोस्टर के आधार पर 50 विद्यार्थियों का चयन किया गया, जबकि विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग के 5 अतिरिक्त विद्यार्थियों को भी अवसर प्रदान किया गया। चयनित विद्यार्थियों में अनुसूचित जनजाति वर्ग के 32, पीवीटीजी वर्ग के 5, अनुसूचित जाति वर्ग के 4, अन्य पिछड़ा वर्ग के 12 तथा सामान्य वर्ग के 2 विद्यार्थी शामिल हैं। इनमें 36 विद्यार्थी नीट तथा 19 विद्यार्थी जेईई परीक्षा की तैयारी करेंगे। विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग से चयनित विद्यार्थियों में 4 बालिकाएं नीट एवं 1 बालिका जेईई की तैयारी करेगी।कार्यक्रम में जानकारी दी गई कि कोचिंग संस्थान का चयन “रुचि की अभिव्यक्ति” प्रक्रिया के माध्यम से किया गया। कुल छह संस्थानों में से एलेन कैरियर इंस्टिट्यूट का चयन किया गया है, जहां विद्यार्थियों को विशेषज्ञ शिक्षकों के मार्गदर्शन में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी। मंत्री श्री अग्रवाल ने एलेन प्रबंधन को निर्देशित किया कि विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ शैक्षणिक भ्रमण एवं व्यक्तित्व विकास से जुड़ी गतिविधियों का भी अवसर प्रदान किया जाए, ताकि उनका समग्र विकास सुनिश्चित हो सके।विद्यार्थियों की आवास एवं भोजन व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक चयनित विद्यार्थी को प्रतिमाह 7,500 रुपये की छात्रवृत्ति भी प्रदान की जाएगी। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में किसी प्रकार की बाधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष निरुपा सिंह ने विद्यार्थियों को मन लगाकर अध्ययन करने तथा सफल होकर सरगुजा जिले का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया। वहीं जिला पंचायत उपाध्यक्ष देवनारायण यादव ने भी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। इस दौरान कलेक्टर अजीत वसंत ने योजना की चयन प्रक्रिया, कोचिंग व्यवस्था, आवासीय सुविधाओं एवं अन्य व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी देते हुए विद्यार्थियों एवं पालकों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विनय अग्रवाल, जिला शिक्षा अधिकारी दिनेश झा, जनप्रतिनिधि, चयनित विद्यार्थी एवं उनके पालक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
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- विश्व ऊदबिलाव दिवस पर विशेष
-छत्तीसगढ़ में जैव विविधता संरक्षण की दिशा में बड़ी उपलब्धि-वन विभाग और विज्ञान सभा के संयुक्त प्रयासों से मिली सफलतारायपुर / विश्व ऊदबिलाव दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। गरियाबंद जिले के उदंती- सीतानदी टाइगर रिजर्व के जल स्रोतों में ऊदबिलाव (ओटर) की प्रमाणिक उपस्थिति दर्ज की गई है। यह सफलता प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) श्री अरुण कुमार पाण्डेय के मार्गदर्शन तथा वन विभाग एवं छत्तीसगढ़ विज्ञान सभा के संयुक्त शोध प्रयासों से संभव हुई है।गरियाबंद वनमंडल के डीएफओ श्री वरुण जैन के सहयोग से लगाए गए कैमरा ट्रैप में ऊदबिलाव के स्पष्ट चित्र प्राप्त हुए हैं। इससे यह प्रमाणित हुआ है कि उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व का जलीय पारिस्थितिकी तंत्र स्वस्थ है और यह दुर्लभ वन्यजीवों के लिए सुरक्षित आवास बना हुआ है।ऊदबिलाव स्वच्छ और सुरक्षित जल स्रोतों में निवास करने वाला संवेदनशील वन्यजीव है। यह नदियों, तालाबों और अन्य मीठे जल स्रोतों की गुणवत्ता का महत्वपूर्ण जैव संकेतक माना जाता है। इसकी उपस्थिति किसी क्षेत्र के पर्यावरणीय संतुलन और जैव विविधता की समृद्धि को दर्शाती है।विश्वभर में ऊदबिलाव की 13 प्रजातियां पाई जाती हैं, जिनमें से भारत में तीन यूरेशियन ऊदबिलाव, स्मूद-कोटेड ऊदबिलाव और एशियाई स्मॉल-क्लॉड ऊदबिलाव प्रजातियां पाई जाती हैं। विशेष बात यह है कि छत्तीसगढ़ में इन तीनों प्रजातियों की उपस्थिति दर्ज की जा चुकी है, जो राज्य की समृद्ध जैव विविधता का प्रमाण है।हर वर्ष 27 मई को विश्व ऊदबिलाव दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य ऊदबिलाव प्रजातियों के संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना और उनके सामने मौजूद खतरों की ओर ध्यान आकर्षित करना है।प्राकृतिक आवास का नुकसान, जल स्रोतों का प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन, अवैध शिकार एवं तस्करी और मानव-वन्यजीव संघर्ष आदि ऊदबिलाव के लिए प्रमुख खतरे हैं।छत्तीसगढ़ में ऊदबिलाव संरक्षण की दिशा में वर्ष 2021 से निरंतर कार्य किया जा रहा है। इसके बाद राज्य शासन के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ विज्ञान सभा को ऊदबिलाव पर शोध और संरक्षण अध्ययन का दायित्व सौंपा गया। छत्तीसगढ़ जैव विविधता बोर्ड के नेतृत्व में कोरबा, कांकेर, गरियाबंद और बस्तर संभाग में कैमरा ट्रैप एवं मैदानी अध्ययन के माध्यम से ऊदबिलाव की उपस्थिति, व्यवहार, आवास और प्रजनन संबंधी जानकारी संकलित की जा रही है। छत्तीसगढ़ विज्ञान सभा की शोधकर्ता श्रीमती निधि सिंह के नेतृत्व में तैयार अध्ययन रिपोर्ट वन विभाग को सौंपी गई है। अध्ययन से राज्य के विभिन्न जिलों में ऊदबिलाव की उपस्थिति के प्रमाण प्राप्त हुए हैं।वन विभाग और विज्ञान सभा द्वारा स्कूलों, कॉलेजों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार जनजागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। इसका सकारात्मक प्रभाव यह है कि अब स्थानीय मछुआरे और ग्रामीण ऊदबिलाव के संरक्षण के प्रति अधिक संवेदनशील हुए हैं तथा कई क्षेत्रों से इनके रेस्क्यू की सूचना स्वयं लोगों द्वारा दी जा रही है।वन विभाग और छत्तीसगढ़ विज्ञान सभा ने आमजन से अपील की है कि जल स्रोतों को स्वच्छ रखें और प्राकृतिक स्थलों पर प्लास्टिक, कांच तथा अन्य अपशिष्ट न फैलाएं। जंगलों में आग लगने की स्थिति में तत्काल वन विभाग को सूचना दें।विशेषज्ञों का मानना है कि ऊदबिलाव का संरक्षण केवल वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सामुदायिक सहभागिता से ही यह संभव है। स्वच्छ पर्यावरण और सुरक्षित जल स्रोतों के संरक्षण से ही इस दुर्लभ वन्यजीव का भविष्य सुरक्षित किया जा सकता है। - -बैम्बू राफ्टिंग, आमचो लाड़ी होमस्टे और जनजातीय संस्कृति का अनूठा संगम दे रहा प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत अनुभवरायपुर। प्रकृति की अनुपम छटा, जनजातीय संस्कृति की आत्मीयता और रोमांच से सराबोर बस्तर अंचल का खूबसूरत ग्राम मांझीपाल आज छत्तीसगढ़ के सबसे तेजी से उभरते इको-टूरिज्म केंद्रों में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है। कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में स्थित यह मनोरम स्थल अपने घने जंगलों, स्वच्छ कांगेर नदी और ग्रामीण परिवेश की सादगी के कारण देश-विदेश के सैलानियों के आकर्षण का केंद्र बन गया है।छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा बस्तर में इको-टूरिज्म, ग्रामीण और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए की गई विशेष पहल का ही परिणाम है कि आज मांझीपाल वैश्विक मानचित्र पर चमक रहा है। इस मॉडल से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि स्थानीय समुदायों को रोजगार और आत्मनिर्भरता के नए अवसर भी प्राप्त हो रहे हैं।मांझीपाल की सबसे बड़ी यूएसपी यहाँ बहने वाली निर्मल कांगेर नदी है। नदी की शांत जलधारा में स्थानीय आदिवासियों द्वारा तैयार पारंपरिक बांस की नावों पर होने वाली बैम्बू राफ्टिंग पर्यटकों को बेहद रोमांचित कर रही है। राफ्टिंग के दौरान सैलानी घने जंगलों की हरियाली, नदी के किनारों की प्राकृतिक सुंदरता और दुर्लभ पक्षियों की चहचहाहट के बीच प्रकृति को बेहद करीब से महसूस करते हैं। यह गतिविधि केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बस्तर के जनजातीय समुदायों की पारंपरिक जीवनशैली और प्रकृति के साथ उनके गहरे जुड़ाव को भी जीवंत करती है।मांझीपाल में स्थित “आमचो लाड़ी” होमस्टे आज बस्तर की पारंपरिक संस्कृति और ग्रामीण जीवनशैली को करीब से समझने का सबसे लोकप्रिय माध्यम बन गया है। अपनी अनूठी और आत्मीय मेजबानी, बस्तरिया व्यंजनों के स्वाद और पारंपरिक परिवेश के कारण यह होमस्टे विदेशी पर्यटकों के बीच भी तेजी से अपनी पैठ बना रहा है। आधुनिक शहरों की भागदौड़ से दूर यहाँ आने वाले पर्यटक स्थानीय रीति-रिवाजों को जीते हैं, जंगल का आनंद लेते हैं, बर्ड वॉचिंग (पक्षी अवलोकन) करते हैं और बस्तर के पारंपरिक जीवन के साथ आत्मिक जुड़ाव महसूस करते हैं।राज्य सरकार की कम्युनिटी-बेस्ड टूरिज्म (सामुदायिक सहभागिता आधारित पर्यटन) नीति का सीधा और सकारात्मक असर अब बस्तर के ग्रामीण अंचलों में देखने को मिल रहा है। मांझीपाल के पर्यटन हब बनने से स्थानीय आदिवासी युवाओं को प्रोफेशनल टूरिस्ट गाइड, राफ्टिंग संचालक, होमस्टे प्रबंधन और बस्तरिया हस्तशिल्प (हैंडीक्राफ्ट) की बिक्री के जरिए सीधे तौर पर स्थायी रोजगार मिल रहा है। इससे न केवल पलायन पर रोक लगी है, बल्कि जनजातीय परंपराओं और स्थानीय विरासत के संरक्षण को भी एक नई दिशा मिली है।पर्यटकों के लिए मांझीपाल पहुँचना बेहद सुगम और आसान है। यह खूबसूरत पर्यटन स्थल जिला मुख्यालय जगदलपुर से मात्र 35 से 40 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। जगदलपुर से दरभा मार्ग होते हुए बेहतरीन पक्की सड़क द्वारा निजी वाहन या स्थानीय टैक्सी से यहाँ आसानी से पहुँचा जा सकता है। निकटतम रेलवे स्टेशन और हवाई अड्डा भी जगदलपुर में ही स्थित है, जिससे देश के किसी भी कोने से यहाँ का आगमन सुलभ हो जाता है। प्रकृति संरक्षण, ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भर पर्यटन मॉडल का बेहतरीन उदाहरण पेश करता मांझीपाल आज सिर्फ एक घूमने की जगह नहीं, बल्कि बदलते बस्तर की एक नई और गौरवशाली पहचान बन चुका है।
- -सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण का बेमिसालरायपुर / छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री पद पर ऐतिहासिक 12 वर्ष पूर्ण होने पर उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने कहा कि 26 मई 2014 से शुरू हुआ यह 12 वर्षों का कार्यकाल देश के इतिहास में सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के संकल्प का जीवंत प्रतीक रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत ने अंत्योदय के लक्ष्य को साकार किया है। श्री चौधरी ने कहा कि केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं ने समाज के हर वर्ग को सशक्त बनाया है। जनधन योजना, आयुष्मान भारत और प्रधानमंत्री आवास योजना ने गरीबों, किसानों और माताओं-बहनों के जीवन को गरिमापूर्ण बनाया है। डिजिटल इंडिया अभियान ने युवाओं के लिए संभावनाओं के नए द्वार खोले हैं और देश में अभूतपूर्व पारदर्शिता सुनिश्चित की है।वित्त मंत्री ने आगे कहा कि यह कालखंड देश के नव-निर्माण और “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” की प्रतिबद्धता को सशक्त रूप से आगे बढ़ाने वाला रहा है। इन 12 वर्षों में भारत ने वैश्विक पटल पर विकास, सुशासन, डिजिटल परिवर्तन और जनकल्याण के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। श्री चौधरी ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के अद्वितीय राष्ट्र-समर्पण, निरंतर जनता-सेवा और सुशासन के लिए उनका हार्दिक अभिनंदन करते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की।
- -श्री डेका से लोकभवन में दिल्ली के युवाओं ने किया संवादरायपुर, राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज लोकभवन में दिल्ली के विभिन्न शिक्षा संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों ने संवाद किया। ये विद्यार्थी भारत सरकार के ‘‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत‘‘ अभियान के ‘‘युवा संगम‘‘ कार्यक्रम के तहत छत्तीसगढ़ प्रवास पर हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की पहल पर यह अनूठा कार्यक्रम पूरे भारत में लागू किया गया है। जिसमें सभी प्रदेशों के युवा अन्य प्रदेशों में जाकर वहां की संस्कृति को समझते हैं, खान-पान का जायका लेते है और पर्यटन स्थलों का भ्रमण करते हैं। इस कड़ी में दिल्ली के विभिन्न महाविद्यालयों में अध्ययनरत युवा छात्र-छात्राओं को छत्तीसगढ़ का भ्रमण कराया जा रहा है। भ्रमण के दूसरे दिन ये विद्यार्थी लोकभवन पहुंचे थे।राज्यपाल ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि डिग्री लेकर निकलने के पश्चात हमें देश व समाज के बारे में सोचना चाहिए। जलवायु परिवर्तन और माइक्रो प्लास्टिक आज की सबसे बड़ी चुनौती हैं इससे निपटने के लिए युवाओं को सहयोग करना होगा।श्री डेका ने कहा कि हमारे जीवनशैली को आधुनिक बनाने में साइंस का महत्वपूर्ण योगदान है। इसका उपयोग मानवहित में होना चाहिए। आईआईटी जैसे संस्थान देश के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हमारे शिक्षा संस्थानों पर हमारी समृद्ध संस्कृति और विरासत को सहेजने की जिम्मेदारी है। इस तरह के मेल-जोल के कार्यक्रम से व्यक्तित्व का विकास होता है।श्री डेका ने सभी विद्यार्थियों के छत्तीसगढ़ आगमन पर हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए कहा कि आप दिल्ली की हलचल भरी सड़कों से निकलकर छत्तीसगढ़ की हरी-भरी, वन-संपदा से समृद्ध, आदिवासी परंपराओं और लोक संस्कृति से सराबोर भूमि पर पधारे हैं। यह केवल एक भौगोलिक यात्रा नहीं है। यह भारत की आत्मा को समझने की यात्रा है। यह एक भारत के संकल्प को श्रेष्ठ भारत के स्वप्न में रूपांतरित करने की यात्रा है। हमारे देश की सबसे बड़ी शक्ति यही है कि यहां एक ही धरती पर सैकड़ों भाषाएं बोली जाती हैं। दर्जनों पर्व मनाए जाते हैं, असंख्य परंपराओं के बाद भी हम सब एक हैं। यही विविधता में एकता हमारे गणतंत्र की सच्ची पहचान है।कार्यक्रम में राज्यपाल श्री डेका से दिल्ली के विद्यार्थियों का वैचारिक आदान-प्रदान हुआ। दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र विवेक शुक्ला ने सफल राजनेता में क्या गुण होना चाहिए, इस पर प्रश्न किया। श्री डेका ने कहा कि सफल राजनेता में नेतृत्व क्षमता का होना जरूरी है। कुमारी रितिका ने कौशल पर आधारित प्रश्न किया। श्री डेका ने कहा कि आज हर क्षेत्र में अच्छे कौशल की जरूरत है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में भी कौशल उन्नयन पर जोर दिया गया है। उन्होंने एक छात्रा के प्रश्न पर कहा कि सफलता के लिए शॉर्टकट नहीं होता तथा धैर्य नहीं खोना चाहिए। प्रत्येक स्तर पर मानसिक शांति के साथ निर्णाय लें। श्री डेका से विद्यार्थियों ने उनकी जीवन यात्रा से संबंधित प्रश्न भी पूछे। युवा विद्यार्थी जो देश की सेवा करना चाहते है उनके लिए श्री डेका ने कहा कि अपनी अंतर आत्मा की आवाज सुनकर कार्य करें।इस अवसर पर आई.आई.टी. भिलाई के डायरेक्टर श्री राजीव प्रकाश ने युवा संगम कार्यक्रम के बारे में विस्तार से जानकारी दी। राज्यपाल को स्मृति चिन्ह भेंट किए गए। इस अवसर पर राज्यपाल की विधिक सलाहकार श्रीमती सत्यभामा दुबे, उप सचिव सुश्री निधि साहू, आई.आई.टी. भिलाई के नोडल अधिकारी डॉ. कृष्णामूर्ति, समन्वयक एवं अधिकारियों सहित दिल्ली राज्य से आये हुए युवा विद्यार्थी उपस्थित थे।
- -मरम्मत के बाद 82 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा बहाल होगीरायपुर / राज्य शासन ने सूरजपुर जिले के विकासखंड ओड़गी स्थित सूपाझरिया जलाशय योजना के मरम्मत एवं जीर्णाेद्धार कार्य के लिए 3 करोड़ 15 लाख 95 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। मरम्मत कार्य पूर्ण होने पर जलाशय की रूपांकित सिंचाई क्षमता 82 हेक्टेयर पूरी तरह बहाल हो जाएगी। इस नहर जीर्णाेद्धार कार्य से ओड़गी क्षेत्र के किसानों को सिंचाई की स्थायी सुविधा मिलेगी और कृषि उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी। सूपाझरिया जलाशय के जीर्णाेद्धार कार्य पूर्ण होने पर जलाशय की रूपांकित सिंचाई क्षमता 82 हेक्टेयर पूरी तरह बहाल हो जाएगी। इससे क्षेत्र के किसानों को खरीफ और रबी दोनों फसलों के लिए पर्याप्त सिंचाई सुविधा मिलेगी। शासन ने कार्य को स्वीकृत राशि और निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए हैं। कार्य शुरू करने से पहले सक्षम अधिकारी से ड्रॉइंग-डिजाइन का अनुमोदन और तकनीकी स्वीकृति लेना अनिवार्य होगा। साथ ही कम से कम 75 प्रतिशत बाधा रहित भूमि उपलब्ध होने पर ही निविदा जारी की जाएगी। निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि भू-अर्जन स्वीकृत राशि की सीमा में ही किया जाए और किसी अन्य मद की बचत राशि का उपयोग बिना पूर्व स्वीकृति के न हो। यदि भू-अर्जन प्रस्तावित नहीं है, तो निर्माण शासकीय भूमि पर ही कराया जाए। निविदा प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
- -राज्य सहकारी विकास समिति की उच्च स्तरीय बैठक संपन्न, पैक्स समितियों को बहुआयामी बनाने पर जोर-हर ग्राम पंचायत में होगा सहकारी समिति का संचालन, दुग्ध, मत्स्य और लघु वनोपज से जोड़ी जाएंगी समितियां-शक्कर कारखानों में मल्टीफील्ड इथेनॉल संयंत्र के निर्माण में तेजी लाने के निर्देशरायपुर / छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री विकासशील ने राज्य की सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों तक खाद, बीज, दवा, बैंकिंग और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाएं सुलभता से पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने राज्य के कृषकों को सशक्त बनाने के लिए सहकारी समितियों के सुदृढ़ीकरण पर विशेष बल दिया है। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रदेश की प्रत्येक ग्राम पंचायत में सहकारी समिति का संचालन सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही प्राथमिक कृषि साख समितियों को बहुआयामी स्वरूप प्रदान करने के लिए उन्हें दुग्ध, मत्स्य पालन और लघु वनोपज के कार्यों से सीधे जोड़ा जाए। मंत्रालय में आयोजित राज्य सहकारी विकास समिति की इस महत्वपूर्ण बैठक में समितियों के गठन, उद्देश्यों और आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। सहकारी क्षेत्र के अंतर्गत पैक्स (PACS) गोदामों के निर्माण की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। समितियों के माध्यम से प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र और कॉमन सर्विस सेंटर जैसी आवश्यक सुविधाएं ग्रामीण अंचलों में विस्तारित करने पर जोर दिया गया।बैठक में राज्य की सभी पैक्स समितियों को राष्ट्रीय मुख्यधारा से जोड़ने के लिए भारतीय बीज सहकारी समिति, राष्ट्रीय सहकारी निर्यात समिति और राष्ट्रीय जैविक सहकारी समिति की अनिवार्य सदस्यता दिलाने की रणनीति पर चर्चा की गई। समर्थन मूल्य पर मक्का और दलहन के सुचारू उपार्जन हेतु पैक्स समितियों एवं किसानों का पंजीयनNCCF और NAFED के आधिकारिक पोर्टल्स पर करने के निर्देश दिए गए हैं।ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए पैक्स, दुग्ध एवं मत्स्य सहकारी समितियों में माइक्रो एटीएम (Micro ATM) स्थापित करने तथा सभी सदस्यों को रूपे (Rupay) , किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) उपलब्ध कराने के कार्यों की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने राज्य के सहकारी शक्कर कारखानों में मल्टीफील्ड इथेनॉल संयंत्रों के निर्माण की प्रक्रिया को गति देने के लिए तत्काल समुचित कार्यवाही करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, राज्य के शहरी सहकारी बैंकों को अम्ब्रेला संगठन से जोड़ने, जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों में इंटरनेट बैंकिंग शुरू करने, पैक्स कम्प्यूटरीकरण, पीएम किसान समृद्धि केंद्रों की स्थापना, समितियों के लिए श्रैंकिंग फ्रेमवर्कश् तैयार करने तथा पैक्स के माध्यम से ग्रामीण पाइप जलापूर्ति योजनाओं के संचालन की प्रगति का भी मूल्यांकन किया गया।इस बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मनोज पिंगुआ, वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, सहकारिता विभाग के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना और आयुक्त सहकारिता श्री महादेव कावरे प्रमुख रूप से उपस्थित थे। इनके साथ ही खाद्य, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग, राज्य सहकारी बैंक (अपैक्स बैंक), भंडारण विकास एवं विनियामक प्राधिकरण, एफसीआई (FCI), राज्य भंडारगृह निगम, नाबार्ड (NABARD), राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC), राष्ट्रीय दुग्ध विकास बोर्ड और राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी भी सम्मिलित हुए।



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