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- 0- उदासिया देवी को मिली समूह के जरिए आत्मनिर्भता की राहबिलासपुर. जनपद पंचायत बिल्हा के भैंसबोड क्लस्टर अंतर्गत ग्राम पंचायत बसिया की मन्नत स्व-सहायता समूह से जुड़ी उदासिया देवी आज ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं, उनका जीवन इस बात का उदाहरण है कि यदि अवसर और संकल्प साथ हों, तो सीमित संसाधनों में भी बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है। उदासिया देवी मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहती है कि सरकार की इस पहल ने गांव में रहने वाली महिलाओं का जीवन बदल दिया है।एक समय था उनका जीवन केवल घर की चार दीवारी तक सीमित था। लेकिन स्व-सहायता समूह से जुड़ने का निर्णय उनके जीवन में परिवर्तन की शुरुआत साबित हुआ। समूह की नियमित बैठकों में भाग लेने से उनके भीतर आत्मविश्वास जगा और उन्होंने कुछ नया करने की ठानी। समूह के माध्यम से प्राप्त ऋण ने उनके सपनों को साकार करने की राह मिली, उन्होंने अपनी बाड़ी (किचन गार्डन) में सब्जी-भाजी उगाने का कार्य शुरू किया। अपनी मेहनत, लगन और नियमित देखभाल से उन्होंने बाड़ी को हरा भरा बना दिया। ताज़ी और विभिन्न प्रकार की जैविक सब्जियों की बढ़ती मांग ने उनके इस प्रयास को एक सफल आजीविका में बदल दिया। आज उदासिया देवी न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बना रही हैं, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं। उनकी आय में निरंतर वृद्धि हो रही है और वे “लखपति दीदी” बनने की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रही हैं।उदासिया देवी का कहना है कि “समूह से जुड़ने के बाद मेरे भीतर नई ऊर्जा का संचार हुआ। अब मैं आत्मविश्वास के साथ काम करती हूं और अपने परिवार का सहारा बन पाई हूं।” मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए वे कहती हैं कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और स्व-सहायता समूहों को मिल रहे निरंतर प्रोत्साहन ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान किया है। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन और सहयोग से ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनने की नई दिशा मिली है, जिससे वे आज अपने पैरों पर खड़ी होकर परिवार और समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। शासन की इस पहल ने न केवल महिलाओं की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है, बल्कि उनके भीतर आत्मविश्वास और आगे बढ़ने की प्रेरणा भी जगाई है।--
- भिलाई नगर। नगर निगम भिलाई के आयुक्त राजीव कुमार पांडेय ने खेल परिसर एवं भेलवा तालाब सर्विस रोड किनारे चल रहे नाला निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में जल निकासी व्यवस्था को सुधारना और स्थानीय निवासियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करना है।निरीक्षण के दौरान, आयुक्त ने निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस परियोजना का पूरा होना क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा और जल निकासी प्रबंधन में सुधार लाएगा।नाला निर्माण कार्य वर्तमान में प्रगति पर है और निगम द्वारा इसे जल्द से जल्द पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस परियोजना के पूरा होने से क्षेत्र में जलभराव की समस्या में कमी आएगी और स्थानीय निवासियों को राहत मिलेगी।--
- मुंगेली। जिले में बाल श्रम उन्मूलन एवं बाल तस्करी की रोकथाम के लिए जिला प्रशासन द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए विगत दिनों “बाल श्रम मुक्ति रथ” को कलेक्टर कुन्दन कुमार ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह अभियान बाल श्रम में संलग्न बच्चों के बचाव (रेस्क्यू), संरक्षण एवं उनके समुचित पुनर्वास को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संचालित किया जा रहा है। “बाल श्रम मुक्ति रथ” के माध्यम से जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। रथ के जरिए बाल श्रम, बाल तस्करी एवं बाल शोषण के दुष्परिणामों की जानकारी आमजन तक पहुंचाई जाएगी, साथ ही नागरिकों को संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने के लिए प्रेरित किया जाएगा। बाल श्रम एक गंभीर सामाजिक समस्या है, जो बच्चों के शारीरिक, मानसिक एवं शैक्षणिक विकास को प्रभावित करती है। इसे समाप्त करने के लिए प्रशासन के साथ-साथ समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता आवश्यक है। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि अभियान के दौरान पूरी संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।जिला श्रम अधिकारी अभिषेक सिंह ने बताया कि अभियान के अंतर्गत जिला स्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया गया है, जिसमें श्रम विभाग, पुलिस विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है। टास्क फोर्स द्वारा जिले के औद्योगिक प्रतिष्ठानों, होटलों, ढाबों, दुकानों, ईंट भट्टों एवं अन्य कार्यस्थलों पर विशेष जांच अभियान चलाकर बाल श्रम में संलिप्त बच्चों की पहचान की जाएगी। ऐसे बच्चों का तत्काल रेस्क्यू कर उन्हें बाल संरक्षण सेवाओं से जोड़ा जाएगा तथा उनके पुनर्वास के लिए आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। जिला प्रशासन द्वारा आम नागरिकों से अपील की गई है कि यदि कहीं भी बाल श्रम, बाल तस्करी या बाल शोषण से संबंधित कोई जानकारी प्राप्त होती है, तो तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 या टोल-फ्री नंबर 1800-102-7222 पर सूचित करें, ताकि समय पर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
- खैरागढ़/गंडई। जिले में पैकेज्ड पेयजल के नाम पर चल रहे अवैध कारोबार का बड़ा खुलासा हुआ है। खाद्य सुरक्षा विभाग की छापामार कार्रवाई में बिना मानकों के तैयार पानी पाउच की भारी मात्रा जब्त की गई है जिससे जनस्वास्थ्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग खैरागढ़ की टीम ने मेसर्स शिव जुल इंडस्ट्रीस में औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान बिना बैच नंबर वाले करीब 80 बोरी पानी पाउच बरामद किए गए जिन्हें तत्काल प्रभाव से सीज कर दिया गया। जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत 1760 रुपये बताई गई है।निरीक्षण के दौरान 'सुहीनी' ब्रांड के 250 मिलीलीटर पानी पाउच का नमूना भी लिया गया है। इसे विधिक प्रक्रिया के तहत गुणवत्ता परीक्षण के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।जांच में सामने आया कि पानी पाउच पर बैच नंबर, निर्माण तिथि और एक्सपायरी जैसी अनिवार्य जानकारी नहीं थी। यह खाद्य सुरक्षा मानकों का सीधा उल्लंघन है। ऐसे उत्पादों का बाजार में बिकना आम लोगों की सेहत के साथ गंभीर खिलवाड़ माना जा रहा है। जानकारों के अनुसार पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर के लिए देश में सख्त नियम लागू हैं लेकिन इसके बावजूद गंडई और आसपास के क्षेत्रों में कई छोटे यूनिट बिना लाइसेंस और मानकों के पानी पाउच बनाकर बाजार में खपा रहे हैं। कम कीमत के कारण दुकानदार भी इन्हें बेचने से नहीं हिचक रहे हैं। आहारस्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, बिना जांच और मानकों के तैयार पानी में बैक्टीरिया और हानिकारक तत्व हो सकते हैं। इससे पेट संक्रमण, उल्टी-दस्त और अन्य जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।फूड सेफ्टी विभाग की इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप जरूर मचा है, लेकिन यह देखना बाकी है कि क्या इससे स्थायी सुधार होगा। जब तक नियमित निगरानी, सख्त कार्रवाई और उपभोक्ताओं में जागरूकता नहीं बढ़ेगी तब तक ऐसे अवैध कारोबार पर पूरी तरह रोक लगाना मुश्किल रहेगा। बहरहाल इस घटना ने एक गंभीर चेतावनी छोड़ी है कि पानी जैसे बुनियादी संसाधन को भी मुनाफाखोरी का जरिया बनाया जा रहा है ऐसे में जरूरत है कि प्रशासन अपनी भूमिका का ईमानदारी से निर्भर करें और लगातार इस दिशा में सख्ती बरती जाये वहीं आम नागरिक भी सस्ते के लालच में अपनी सेहत से समझौता न करें क्योंकि यहां दांव पर जिंदगी है।
- -तेलीबांधा मंडल की पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान-2026 संपन्नरायपुर। भारतीय जनता पार्टी रायपुर शहर जिला के तेलीबांधा मंडल की पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान-2026 कार्यक्रम शंकर नगर बीटीआई मैदान के पास सिन्धु भवन सोमवार को संपन्न हुई। इस प्रशिक्षण महा अभियान में क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जम्वाल, प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी, प्रशिक्षण अभियान के प्रदेश प्रभारी डॉ. अवधेश जैन, रायपुर शहर जिला प्रभारी राजेन्द्र शर्मा, जिलाध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर, विधायक पुरंदर मिश्रा, जिला प्रशिक्षण प्रभारी एवं जिला महामंत्री अमित मैशरी, जिला महामंत्री गुंजन प्रजापति, जिला उपाध्यक्ष अकबर अली, मंडल प्रभारी हरि सिंह ठाकुर, मंडल अध्यक्ष दलविंदर सिंह बेदी सहित एमआईसी सदस्य एवं कार्यकर्ता मौजूद थे।प्रशिक्षण महाअभियान को संबोधित करते हुए भाजपा क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जम्वाल ने कहा कि प्रशिक्षण भाजपा की एक नियमित प्रक्रिया है जो कार्यकर्ताओं को और प्रखर बनाते है। भाजपा कार्यकर्ता पार्टी एवं संगठन के कार्यों को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए हमेशा तैयार रहते है। भाजपा कार्यकर्ता ओजस्वी, मुखर, प्रखर एवं अपने कार्यों के प्रति कर्मष्ठ होते है जो भाजपा द्वारा दिए गए समस्त कार्यों को पूरी तन्मयता से पूरा करते है। उन्होंने कहा कि भाजपा वर्ष भर कार्य करने वाली पार्टी है जो सरकार के योजनाओं को जनता तक पहुंचाने के साथ ही संगठनात्मक कार्यों को भी समयबध्द पूरा करती है। अंत्योदय की विधारधारा को आत्मसात कर भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता कार्य करते हैं।भाजपा प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी ने कहा कि प्रशिक्षण के माध्यम से भाजपा कार्यकर्ता पार्टी द्वारा दिए गए सभी दायित्वों का निर्वहन करते है। साथ ही कार्यकर्ता सदैव सक्रिय भूमिका में होते है। भाजपा संगठन के द्वारा दिए गए कार्यों को प्रदेश स्तरीय, जिला स्तरीय, मंडल स्तरीय के साथ बूथ लेवल तक उन कार्यों का विस्तार करते है और अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक सरकार के योजनाओं को पहुंचाने में भी अपनी महत्ती भूमिका निभाते है।
- -25 मार्च से होगी खेलो इंडिया ट्रायबल गेम्स 2026 की शुरुआत-देशभर से 3800 प्रतिभागी होंगे शामिलरायपुर । कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने आज देर रात तक खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के आयोजन की तैयारियों का जायजा लेने जिले के विभिन्न खेल मैदानों एवं अंतरराष्ट्रीय स्विमिंग पूल का निरीक्षण किया। उन्होंने बैठक व्यवस्था, कुर्सियां, शौचालय, पेयजल, एम्बुलेंस, निर्बाध विद्युत व्यवस्था तथा मच्छरों एवं कीट से बचाव हेतु फॉगिंग सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिए।कलेक्टर डॉ. सिंह ने मैदानों की स्थिति, साफ-सफाई, बैठने की व्यवस्था, पेयजल, शौचालय, सुरक्षा, लाइट व्यवस्था, मेडिकल सुविधा और एम्बुलेंस की उपलब्धता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी जरूरी व्यवस्थाएं समय सीमा में पूर्ण की जाएं।कलेक्टर डॉ. सिंह ने स्पष्ट किया कि खिलाड़ियों और दर्शकों को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए मैदानों को बेहतर तरीके से तैयार किया जाए और पर्याप्त रोशनी, प्राथमिक उपचार, डॉक्टर और एम्बुलेंस की व्यवस्था हर स्थल पर सुनिश्चित की जाए।उल्लेखनीय है कि युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 का आयोजन 25 मार्च से 3 अप्रैल 2026 तक किया जा रहा है। यह राष्ट्रीय स्तरीय खेल प्रतियोगिता रायपुर सहित सरगुजा एवं जगदलपुर जिले में आयोजित की जाएगी, जिसमें देश भर से लगभग 3800 खिलाड़ी हिस्सा लेंगे एवं अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। इस बहु-खेल प्रतियोगिता में कुल 7 खेल आयोजित होंगे, जिसमें तीरंदाजी, फुटबॉल, हॉकी, तैराकी, भारोत्तोलन, एथलेटिक्स एवं रेस्लिंग जैसी खेल विधाएँ शामिल रहेंगी।खेल प्रतियोगिता के आयोजन में प्रतिभागियों एवं उनके साथ आने वाले सहयोगी स्टाफ की सुविधा के लिए विशेष टीम गठित की गई है। बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट पर स्टॉल स्थापित कर ड्यूटी लगाई जाएगी, ताकि आगंतुकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। साथ ही आयोजन स्थलों पर स्वच्छता, स्वच्छताकर्मियों की ड्यूटी, पेयजल व्यवस्था तथा वेस्ट मैनेजमेंट की समुचित व्यवस्था रहेगी। सभी वेन्यू स्थल एवं खिलाड़ियों के ठहरने के स्थान पर मेडिकल टीम तैनात करने तथा खेल स्थलों एवं अन्य राज्यों से आये दलों के आवास स्थलों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति तथा आवश्यकतानुसार डी.जी.सेट की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।आयोजन के तहत प्रतियोगिता के 5 खेल रायपुर में आयोजित हो रहे हैं, जिसमें तीरंदाजी प्रतियोगिता का आयोजन 30 मार्च से 3 अप्रैल तक ओपन ग्राउंड डायरेक्टरेट ऑफ यूथ एंड वेलफेयर, फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन 25 मार्च से 3 अप्रैल तक पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के फुटबॉल ग्राउंड एवं स्वामी विवेकानंद स्टेडियम, हॉकी प्रतियोगिता का आयोजन 26 मार्च से 1 अप्रैल तक सरदार वल्लभभाई पटेल अंतर्राष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम, तैराकी प्रतियोगिता का आयोजन 25 मार्च से 28 मार्च तक इंटरनेशनल स्विमिंग पूल, भारोत्तोलन प्रतियोगिता का आयोजन 26 मार्च से 29 मार्च तक ओपन ग्राउंड, पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में आयोजित की जाएगी एवं शेष 2 खेल जगदलपुर के क्रीड़ा परिसर, धरमपुरा में 30 मार्च से 02 अप्रैल तक एथलेटिक्स एवं सरगुजा के गांधी स्टेडियम में रेस्लिंग 28 मार्च से 31 मार्च तक आयोजित होंगे।इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, पुलिस उपायुक्त पश्चिम श्री संदीप पटेल, एडीएम श्री उमाशंकर बंदे, एडीसीपी श्री दौलत राम पोर्ते, सीएमएचओ डॉ. मिथिलेश चौधरी, प्रोटोकॉल अधिकारी श्री मुकेश कोठारी सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहें।
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रायगढ़/ जिले के एक गांव में अफीम की अवैध खेती के आरोप में पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पिछले 18 दिनों में राज्य में यह ऐसा पांचवा मामला है। अधिकारियों ने बताया कि लैलुंगा थानाक्षेत्र के नवीन घटगांव में अफीम की अवैध फसल को जब्त किया गया और इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने बताया कि जिले में अपराध और गैरकानूनी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे ड्रोन सर्वे अभियान के तहत जिला प्रशासन को यह सफलता मिली है। अधिकारियों ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा पूरे जिले में ड्रोन के माध्यम से सतत निगरानी की जा रही है, जिससे संदिग्ध गतिविधियों की पहचान कर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि इसी कड़ी में नवीन घटगांव क्षेत्र में ड्रोन सर्वे के दौरान एक खेत में अफीम की अवैध खेती की पुष्टि हुई। अधिकारियों ने बताया कि उसके बाद प्रशासन और पुलिस का संयुक्त दल मौके पर पहुंचा और जांच के दौरान किसान के खेत में अफीम की खेती पाई गई एवं उसकी फसल को जब्त कर लिया गया। उन्होंने बताया कि गांव में ही अन्य व्यक्ति के घर में अफीम की सूखी फसल रखे होने की जानकारी भी मिली तथा जब यह दल वहां पहुंचा तब उसने देखा कि आरोपी साक्ष्य नष्ट करने का प्रयास कर रहा है, जिसे समय रहते रोकते हुए फसल को जब्त किया गया। अधिकारियों ने बताया कि दोनों आरोपियों को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। उन्होंने बताया कि जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने और मादक पदार्थों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के लिए ड्रोन सर्वे अभियान निरंतर जारी रहेगा। अधिकारियों ने बताया कि इसी तरह लैलूंगा विकासखंड के मुड़ागांव में पुलिस ने कार्रवाई कर निजी भूमि पर उगाई जा रही अफीम की फसल को जब्त कर लिया। उन्होंने बताया कि इस कार्रवाई के दौरान मौके से आरोपी को हिरासत में लिया गया है और उससे पूछताछ जारी है। अधिकारियों ने बताया कि उसके घर से पौधों के सूखे अवशेष—जिनमें पत्तियां और तने शामिल हैं, जब्त किये गये। उन्होंने बताया कि इन नमूनों को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है। अफीम की खेती पुष्टि होने के बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले 20 मार्च को, रायगढ़ जिले के तमनार इलाके के अमाघाट गांव में लगभग एक एकड़ जमीन पर अफीम की अवैध खेती का पता चला था। पुलिस ने इस मामले में 2.05 करोड़ रुपये की अफ़ीम ज़ब्त की थी और पड़ोसी राज्य झारखंड के रहने वाले को गिरफ़्तार किया था। छह मार्च को राज्य में ऐसा पहला मामला सामने आया, जब पुलिस ने दुर्ग ज़िले के समोदा गांव में एक फार्महाउस में लगभग 5.62 एकड़ ज़मीन पर अफीम की अवैध खेती का पता लगाया। पुलिस ने इस मामले में स्थानीय नेता तथा उसके सहयोगी को गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने फार्म से 62,424.4 किलोग्राम अफीम के पौधे ज़ब्त किए, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग आठ करोड़ रुपये है। एक अन्य मामले में पुलिस ने 10 मार्च को बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के त्रिपुरी घोसरदांड गांव में लगभग 3.67 एकड़ जमीन पर अफीम की अवैध खेती का पता लगाया। इस मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया और 4,344.569 किलोग्राम वजन के अफीम के पौधे जब्त किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 4.75 करोड़ रुपये है। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में ही कोरंधाथाना क्षेत्र के तुरीपानी (खजूरी) गांव में 12 मार्च को एक अलग कार्रवाई में, राजस्व, पुलिस और वन विभागों के एक संयुक्त दल ने लगभग 1.47 एकड़ जमीन पर अफीम की अवैध खेती का खुलासा किया। यहां लगभग 18 क्विंटल और 83 किलोग्राम अफीम के पौधे जब्त किए गए, जिनकी कीमत लगभग दो करोड़ रुपये है। इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे नशीले पदार्थों की अवैध खेती के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।
- -उप मुख्यमंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद प्रशासकीय स्वीकृति के आदेश जारीबिलासपुर ।राज्य शासन ने दो बड़े खेल अधोसंरचनाओं के निर्माण के लिए 109 करोड़ 39 लाख 75 हजार रुपए स्वीकृत किए हैं। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने आज मंत्रालय से इनकी प्रशासकीय मंजूरी के आदेश जारी कर दिए हैं। खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने नवा रायपुर में खेल कॉम्प्लेक्स के लिए 94 करोड़ 68 लाख 98 हजार रुपए स्वीकृत किए हैं। विभाग द्वारा दुर्ग में बहु-उद्देश्यीय स्टेडियम के निर्माण के लिए 14 करोड़ 70 लाख 77 हजार रुपए की मंजूरी दी गई है।
- -1 अप्रैल से मैनुअल पद्धति से चालान पूर्णतः बंद-जिला कोषालय द्वारा दिए गए निर्देशरायपुर / कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिला कोषालय अधिकारी श्री गजानन पटेल द्वारा आहरण संवितरण अधिकारियों, स्टाम्प वेन्डर एवं बैंक प्रतिनिधियोें हेतु ओ.टी.सी. (ओवर द काउंटर) ऑनलाइन चालाना जमा करने की प्रक्रिया के संबंध में कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला शासकीय कन्या पॉलीटेक्नीक, बैरन बाजार में जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजित की गई।श्री पटेल ने बताया कि मैनुअल पद्धति से चालान जमा करने में जो त्रुटियों होने की संभावना होती थी वह ओ.टी.सी. ऑनलाइन चालान के माध्यम से नहीं होगी। इसमें सही मद का चयन करना सुविधाजनक होगा जिससे बैंक एवं कोषालय में पारदर्शिता बढ़ेगी। कार्यशाला में बताया गया कि संचालनालय कोष एवं लेखा द्वारा नए वित्तीय वर्ष, 01 अप्रैल से मैनुअल चालान प्रणाली को समाप्त कर ऑनलाइन के माध्यम से चालान जमा करने की सुविधा शुरू की जा रही हैै। ऑनलाइन चालान ई-कोष ऑनलाइन पोर्टल के अंतर्गत ई-चालान मॉड्यूल के माध्यम से जमा किया जा सकता है। इस प्रक्रिया में चालान का डाटा सीधे बैंक को ऑनलाइन स्थानांतरित हो जाएगा, जिससे बैंक स्तर पर पुनः प्रविष्टि की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इस कार्यशाला में विभिन्न विभागों के आहरण संवितरण अधिकारी, स्टाम्प वेंडर एवं बैंक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
- बालोद। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक ने आज संयुक्त जिला कार्यालय के जनदर्शन कक्ष में जिले के विभिन्न स्थानों से पहुँचे लोगों से मधुर एवं आत्मीय बातचीत कर उनकी मांगों एवं समस्याओं की जानकारी ली। इस अवसर पर उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को तलब कर आवेदकों के मांगों एवं समस्याओं के निराकरण हेतु त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। जनदर्शन में आज गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम खर्रा के गौरी बाई देशमुख, श्रीमती मीना बाई एवं मीनाक्षी देशमुख ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने हेतु आवेदन प्रस्तुत किए। इसी तरह ग्राम परसाडीह के सरपंच ने गांव में नाली निर्माण कराने, अर्जुंदा तहसील के ग्राम परसतराई के हर्ष कुमार ने दिव्यांग पेंशन एवं ग्राम खर्रा के मीना बाई ने विधवा पेंशन दिलाने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया। इसके साथ ही जनदर्शन में आज अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक ने ग्राम परसदा के अस्थि बाधित दिव्यांग श्री दिनेश कुमार साहू को बैटरी चलित ट्राय सायकिल तथा ग्राम लाटाबोड़ के श्रवण बाधित बुजुुर्ग श्री धनीराम को श्रवण यंत्र प्रदान किया गया।
- - शहीद दिवस पर भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु के पराक्रम का किया गया स्मरणरायपुर। महाराष्ट्र मंडल में सोमवार शाम को भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के बलिदान के स्मरण में शहीद दिवस मनाया गया। तीनों वीर बलिदानियों की तस्वीर पर मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले, सचिव चेतन दंडवते समेत कार्यकारिणी सदस्यों, पदाधिकारियों ने गुलाल लगाकर माल्यार्पण किया।इस मौके पर काले ने कहा कि कम उम्र में ही भगत सिंह, श्रीराम हरि राजगुरु और सुखदेव थापर ने असाधारण साहस और भारत की स्वतंत्रता के उद्देश्य के प्रति अटूट निष्ठा का परिचय दिया। तीनों ने दृढ़ विश्वास के साथ बलिदान का मार्ग चुना और राष्ट्र को अपने जीवन से ऊपर रखा। न्याय, देशभक्ति और निडर प्रतिरोध के आदर्श आज भी अनगिनत भारतीयों के मन में प्रेरणा का संचार करते हैं।सचिव चेतन दंडवते ने आगे कहा कि शहीद-ए-आजम भगत सिंह के विचार आज भी देशप्रेम और क्रांति की मशाल जलाते हैं। उनके प्रमुख अनमोल वचनों में "वे मेरे शरीर को मार सकते हैं, लेकिन मेरे विचारों को नहीं", "क्रांति की तलवार विचारों के पत्थर पर तेज होती है", "बहरे कानों को सुनाने के लिए, आवाज बहुत तेज होनी चाहिए" प्रमुख हैं। दंडवते ने कहा कि उनके विचार युवाओं के लिए निरंतर प्रेरणास्रोत हैं। फांसी में लटकने से पहले उन्होंने जेल के एक अधिकारी से कहा था, "आप खुशकिस्मत हैं कि आज आप अपनी आंखों से यह देखने का अवसर पा रहे हैं कि भारत के क्रांतिकारी किस प्रकार प्रसन्नतापूर्वक अपने सर्वोच्च आदर्श के लिए मृत्यु का आलिंगन कर सकते हैं"। भगत सिंह के विचार आज भी क्रांति का संचार करते हैं।दिव्यांग बालिका विकास गृह के प्रभारी प्रसन्न निमोणकर ने कहा कि क्रांतिकारी सुखदेव भी निर्भीक क्रांतिकारी थे। वे हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन (एचएसआर) के एक प्रमुख रणनीतिकार और नेता थे। उन्हें एक कुशल आयोजक माना जाता था, जिन्होंने 'हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन' के तहत क्रांतिकारी गतिविधियों का खाका तैयार किया। 8 अप्रैल 1929 को सेंट्रल असेंबली में बम फेंकने की घटना के बाद, सांडर्स हत्याकांड और अन्य क्रांतिकारी गतिविधियों के आरोप में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। युवा अवस्था में ऐसे क्रांतिकारी आयोजनों की सफलता उनके ओजस्वी विचारों को दर्शाती है।मुख्य समन्वयक श्याम सुंदर खंगन ने कहा कि शिवराम हरि राजगुरु का जीवन विपरीत परिस्थितियों में भी हार न मानने और अन्याय के खिलाफ खड़े होने की प्रेरणा देता है। आज के दौर में, जब अक्सर नैतिक साहस की कमी देखी जाती है, तब राजगुरु का साहस युवाओं को अपने सिद्धांतों के लिए खड़े होने के लिए प्रेरित करता है। खंगन ने कहा कि सिर्फ 22 साल की उम्र में उन्होंने फांसी के फंदे को चूम लिया। उनका जीवन यह साबित करता है कि जीवन की सार्थकता उम्र के वर्षों की संख्या में नहीं, बल्कि कार्यों की महानता में है।इस मौके पर मंडल भवन प्रभारी निरंजन पंडित, संत ज्ञानेश्वर स्कूल के प्रभारी परितोष डोनगांवकर, फिजियोथैरेपी सेंटर की प्रभारी आस्था काले, बाल वाचनालय- उद्यान शंकर नगर की प्रभारी रेणुका पुराणिक, कला संस्कृति समिति के प्रभारी अजय पोतदार, वरिष्ठ रंगसाधक अनिल श्रीराम कालेले, वरिष्ठ सभासद प्रशांत देशपांडे, अपर्णा कालेले, अतुल गद्रे, संध्या खंगन, प्रवीण क्षीरसागर, सुरेखा गद्रे सहित अनेक पदाधिकारियों व सभासदों ने शहीद दिवस पर उपस्थिति दर्ज की।
- रायपुर। वरिष्ठ पत्रकार (अग्रदूत) विजय मिश्रा के बड़े भाई श्री ओमप्रकाश मिश्रा, सत्यम विहार कॉलोनी, गली नं 5, प्रशांत किराया भण्डार, रायपुरा निवासी का सोमवार को निधन हो गया है। वे पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ थे। वे विजय और अजय के बड़े भाई, वैभव मिश्रा व ऋचा शर्मा के पिता तथा आयाम मिश्रा के बड़े पिताजी थे।
- - कोरोना में आर्थिक रूप से कमजोर हुए उपभोक्ता को एमबीबीएस योजना का लाभ देने अपनी ओर से दी सहायता- शासन की योजना का मिला लाभ, उपभोक्ता का बकाया बिल हुआरायपुर । छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी (सीएसपीडीसीएल) मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना का लाभ उपभोक्ताओं को देने के लिए हर वितरण केंद्र स्तर पर शिविर का आयोजन कर रही है। इसी के तहत एक शिविर में वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री भीम सिंह कंवर एवं उनकी पत्नी श्रीमती मंजुला सिंह कंवर विशेष रूप से उपस्थित थीं। जहां श्रीमती सिंह ने मानवीय संवेदना का परिचय देते हैं एक गरीब उपभोक्ता के बिल की राशि स्वयं अपने से देकर सहायता की।बिलासपुर क्षेत्रीय कार्यालय के पाली सब-डिवीजन में मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना के अंतर्गत एक विशेष शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रबंध निदेश श्री भीम सिंह कंवर अपनी धर्मपत्नी श्रीमती मंजुला सिंह कंवर के साथ उपस्थित थे। इसी दौरान ग्राम केराझरिया निवासी श्री जगत प्रसाद की पुत्री ने आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण छूट का लाभ लेने के लिए राशि नहीं होने की बात कही, जिस पर श्रीमती मंजुला सिंह कंवर ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए 8,022 रुपए की शेष राशि स्वयं जमा कर दी। इस सहयोग से संबंधित उपभोक्ता का बिजली बिल पूर्णतः शून्य हो गया। यह पहल न केवल शासन की जनहितकारी योजनाओं को सफल बनाने का उदाहरण है, बल्कि समाज में मानवीय संवेदनाओं, सहयोग और संवेदनशीलता की भावना को भी सशक्त रूप से प्रदर्शित करती है।कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रुप में श्री ज्ञान सिंह राजपाल (पूर्व प्रदेश प्रभारी अ.स. मोर्चा) एवं श्री प्रयाग नारायण सिंह (पूर्व प्रदेश प्रभारी अ.ज.जा.) उपस्थित थे। राज्य शासन ने कोरोना महामारी के समय आर्थिक परेशानी व अन्य कारणों से बिजली बिल जमा नहीं कर पाने वाले गरीब व मध्यम वर्ग के उपभोक्ताओं के लिए मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना आरंभ की है, जिसमें निम्नदाब घरेलू, बीपीएल एवं कृषि उपभोक्ताओं को मूल राशि एवं अधिभार में छूट दी जा रही है। इसके तरह उन्हें बकाया बिल जमा करने सरचार्ज पूरी तरह माफ किया जा रही है, वहीं बिल राशि में 50 प्रतिशत तक छूट दी जा रही है। इसके लिए हर वितरण केंद्र में शिविर लगाए जा रहे हैं। पाली में आयोजित शिविर में कुल 20 पात्र उपभोक्ताओं ने भाग लिया, जिनके व्दारा एक लाख 29 हजार रुपए का बिजली बिल जमा किया गया। साथ ही उपभोक्ताओं को मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना के अंतर्गत तीन लाख 48 हजार रुपए की छूट का लाभ प्राप्त हुआ।इसके अलावा श्री ए.के. अंबस्ट (कार्यपालक निदेशक, बिलासपुर), श्री बी.के. सरकार (अधीक्षण यंत्री, कोरबा), श्री अंशु वार्शने (कार्यपालन यंत्री, कटघोरा), श्री शेखर सोनी (सहायक अभियंता, कटघोरा), श्री एन.पी. सोनी (सहायक अभियंता, पाली), सुश्री मुंजि तिग्गा (कनिष्ठ अभियंता, पाली) सहित विभाग के समस्त कर्मचारी उपस्थित रहे।
- -श्री जूदेव ने कहा : धर्मांतरण रोकने के लिए उनके पिता स्व. दिलीप सिंह जूदेव जी ने ऐतिहासिक प्रयास किएरायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने विधानसभा सत्र के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा को विधानसभा में धर्म स्वातंत्र्य विधेयक संशोधन पारित करने के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि धर्म स्वातंत्र्य विधेयक सर्व समाज के लिए हितकारी है।उन्होंने कहा कि उनके पिता स्व. दिलीप सिंह जूदेव ने हमेशा धर्मांतरण को रोकने का प्रयास किया जो आज प्रदेश की भाजपा सरकार ने धर्म स्वातंत्र्य विधेयक पारित कर उनके सपनों को साकार करने का महती प्रयास किया है और उन्हें श्रद्धांजलि दी हैँ lभाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष श्री जूदेव ने कहा कि धर्म स्वातंत्र्य विधेयक पारित होने से न केवल जनजाति समाज बल्कि प्रदेश की पूरी जनता को इसका लाभ होगा और वहीं धर्मांतरण कराने वालों पर तत्काल कार्यवाही की जाएगी। इस कानून को पारित होने से अब जनजाति सहित सभी समाज के सांस्कृतिक विरासत एवं संस्कृति को पुनः सम्मान मिलेगा साथ ही समाज के लोगों को अब प्रलोभन, दबाव एवं भ्रमित कर धर्मांतरित नहीं किया जा सकेगा। उन्होंने अपने स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव जी का स्मरण करते हुए कहा कि प्रदेश में धर्मांतरण रोकने के लिए स्व. दिलीप सिंह जूदेव जी ने आजीवन प्रयास किया और घर वापसी अभियान का जमीनी कार्यक्रम लगातार उनके द्वारा चलाया गया, जो अभी तक चल रहा । उन्होंने कहा कि धर्म स्वातंत्र्य विधेयक पारित होने के लिए स्व. दिलीप सिंह जूदेव का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। वनवासी कल्याण आश्रम के संस्थापक पूज्य बालासाहेब देशपांडे जी एवं स्वामी अमरानंद जी के मार्गदर्शन में दिलीप सिंह जूदेव जी नें घर वापसी अभियान, लम्बी पदयात्राए एवं सनातन जनजागरण आंदोलन जैसे अनेकानेक कार्यक्रम चलाकर पहले ही इसका संकेत दे दिया था।उन्होंने विधानसभा में इस अत्यधिक प्रतीक्षित और अत्यंत आवश्यक धर्म स्वातंत्र्य संशोधन विधेयक के पारित किए जाने पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी एवं उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा जी एवं छत्तीसगढ़ सरकार का आभार व्यक्त माना।भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष श्री जूदेव ने कहा कि मैं लगातार अपने स्व. पिता श्री दिलीप सिंह जूदेव जी के सपने को साकार करने निरंतर प्रयासरत रहूंगा और घर वापसी कार्यक्रम लगातार सतत जारी रहेगा सनातन के अनुयायियों के हितों की मजबूती से सुरक्षा करना हमारा नैतिक दायित्व है ।प्रबल प्रताप सिंह जूदेव नें अंत में कहा कि पूज्य पिताजी कुमार दिलीप सिंह जूदेव जी के आजीवन संघर्षों, समर्पण एवं धर्म-संरक्षण हेतु उनके अथक प्रयासों को नमन करते हुए यह विधेयक उनके आदर्शों को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह ऐतिहासिक निर्णय प्रदेश में धर्म, आस्था एवं सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा के साथ-साथ समाज में विश्वास और संतुलन को सुदृढ़ करने वाला सिद्ध होगा।
- रायपुर।भाजपा सांसद व मुख्य प्रवक्ता संतोष पांडेय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के लोकतांत्रिक व्यवस्था में 8931 दिनों तक विभिन्न दायित्वों का निर्वाहन ऐतिहासिक है। उनकी यह यात्रा विकसित भारत के संकल्प को समर्पित है। प्रधानमंत्री मोदी ने देश की राजनीति में सेवा, सुशासन और पारदर्शिता की नई परंपरा स्थापित की है, जिसका सीधा लाभ देश के करोड़ों नागरिकों को मिला है। सांसद श्री पांडेय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लगातार राष्ट्र का विकास हो रहा है। बुनियादी ढांचे के अभूतपूर्व विस्तार, डिजिटल क्रांति, स्टार्टअप संस्कृति और आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों के माध्यम से वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाई है। गरीब कल्याण योजनाओं, जनधन, उज्ज्वला, आयुष्मान भारत और हर घर तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने के प्रयासों ने समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाई है। संतोष पांडेय ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक मंचों पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है और राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि यह 8931 दिनों की यात्रा केवल एक राजनीतिक कार्यकाल नहीं, बल्कि “नए भारत” के निर्माण की एक सतत प्रक्रिया रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में भी मोदी जी के मार्गदर्शन में भारत और अधिक तेज गति से विकास के पथ पर आगे बढ़ेगा तथा विश्व में एक अग्रणी राष्ट्र के रूप में स्थापित होगा।
- बलरामपुर । उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित राष्ट्रव्यापी बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान आकलन परीक्षा का आयोजन कलेक्टर श्री राजेन्द्र कटारा के मार्गदर्शन में 22 मार्च 2026 को जिले में सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया। परीक्षा के सुचारू संचालन हेतु जिला प्रशासन द्वारा व्यापक तैयारियां की गई थीं तथा मॉनिटरिंग व्यवस्था के तहत सतत निगरानी सुनिश्चित की गई।जिले में कुल 591 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जहां पंजीकृत 27 हजार 972 शिक्षार्थियों में से 22 हजार 380 शिक्षार्थियों ने परीक्षा में भाग लिया। राज्यव्यापी बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान आकलन परीक्षा के अंतर्गत जिले के समस्त विकासखण्डों में परीक्षा केन्द्र बनाएं गए थे। विकासखण्ड बलरामपुर में 86 परीक्षा केंद्र बनाए गए। जिसमें 3 हजार 268 शिक्षार्थी शामिल हुए। इसी प्रकार विकासखण्ड कुसमी में 98 परीक्षा केन्द्र बनाएं गए जिसमें 4 हजार 11, विकासखंड राजपुर में 95 परीक्षा केंद्रों में 3 हजार 587, विकासखंड रामचन्द्रपुर में 134 परीक्षा केंद्रों में 3 हजार 480, विकासखंड शंकरगढ़ में 77 परीक्षा केन्द्रों में 3 हजार 631 तथा विकासखण्ड वाड्रफनगर में 101 परीक्षा केन्द्रों में 4 हजार 403 शिक्षार्थी शामिल हुए।
- राजनांदगांव । पीएम-राहत (प्रधानमंत्री रोड एक्सीडेंट विक्टिम हॉस्पिटलाइजेसन एण्ड एस्योरड ट्रीटमेंट) योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के सभाकक्ष में जिला स्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में बताया गया कि भारत सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम-राहत योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अब तत्काल और कैशलेस ईलाज की सुविधा मिलेगी। योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल पीडि़तों को गोल्डन ऑवर अर्थात सड़क दुर्घटना के तुरंत बाद के महत्वपूर्ण समय में बिना किसी देरी के अस्पतालों में भर्ती कर अधिकतम 7 दिनों तक प्रति व्यक्ति अधिकतम 1 लाख 50 हजार रूपए तक का कैशलेस उपचार जिले के पंजीकृत समस्त शासकीय एवं निजी चिकित्सालयों में नि:शुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। कार्यशाला में बताया गया कि योजना का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में घायल मरीजों को समय पर एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना हैं। दुर्घटना के बाद शुरूवाती समय में तत्काल ईलाज मिलने पर कई लोगों की जान बचाई जा सकती हैं। कार्यशाला में जिले के सभी 34 शासकीय अस्पतालों के अस्पताल प्रभारी एवं जिले के कुल 37 निजी अस्पताल प्रभारी व संचालकों को टीएमएस 2.0 पोर्टल एवं ईडीएआर पोर्टल का लाईव प्रशिक्षण प्रोजेक्टर द्वारा प्रदान किया गया। शासन के निर्देशानुसार योजना का प्रभावी क्रियान्वयन एवं पीडि़तों को तत्काल उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए है।कार्यशाला में जिला टीकाकरण अधिकारी सह नोडल अधिकारी आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना डॉ. बीएल तुलावी, जिला प्रबंधक पीएम-राहत श्री अरूण सोनी एवं जिला परियोजना समन्वयक आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना श्री ऐश्वर्य साव द्वारा पीएम-राहत योजना के संबंध में आवश्यक जानकारी एवं प्रशिक्षण प्रदाय किया गया। कार्यशाला में शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय पेण्ड्री राजनांदगांव, जिला चिकित्सालय बसंतपुर, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र डोंगरगांव, छुरिया, डोंगरगढ़, घुमका, सोमनी तथा समस्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, आरएमए, अस्पताल मेडिको एवं जिले के कुल 37 निजी अस्पतालों से अस्पताल संचालक, अस्पताल प्रबंधक एवं अस्पताल मेडिको उपस्थित थे।
- - पालक चौपाल के मार्गदर्शन, पोषण और सतत देखभाल से बदली सेहतराजनांदगांव । जिला प्रशासन द्वारा संचालित पोट्ठ लईका पहल गंभीर कुपोषित बच्चों को सुपोषण की श्रेणी में लाने की दिशा में प्रभावी रूप से कार्य कर रही है। इस अभियान के अंतर्गत आंगनबाड़ी केन्द्रों में प्रत्येक गुरूवार को आयोजित होने वाली पालक चौपाल के माध्यम से माताओं को बच्चों के पोषण, देखभाल और स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी जा रही है। अंजोरा सेक्टर के आंगनबाड़ी केन्द्र कोपेडीह क्रमांक 1 में दर्ज श्रीमती ज्योति साहू का प्रसव स्वास्थ्य केन्द्र में सामान्य रूप से हुआ। जन्म के समय उनकी बच्ची का वजन मात्र 1.950 किलोग्राम तथा लंबाई 46 सेमी था, जो अति गंभीर कुपोषण की स्थिति को दर्शाता था। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती हेमिन साहू ने तत्परता दिखाते हुए कंगारू मदर केयर, नियमित स्तनपान, स्वच्छ एवं गर्म वातावरण में देखभाल तथा सीमित संपर्क जैसे आवश्यक उपायों की जानकारी दी। साथ ही माता को पौष्टिक आहार लेने के लिए प्रेरित किया गया। पालक चौपाल के माध्यम से प्राप्त सलाह को परिवार ने गंभीरता से अपनाया तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा नियमित गृह भेंट कर सतत निगरानी भी सुनिश्चित की गई। इन प्रयासों का सकारात्मक परिणाम शीघ्र ही दिखाई देने लगा।श्रीमती ज्योति साहू ने बताया कि उन्होंने बच्ची को कंगारू मदर केयर 7 से 8 घंटे प्रतिदिन रखा और नियमित स्तनपान कराने से तीसरे दिन ही बच्ची का वजन बढ़कर 2 किलोग्राम हो गया। पांचवें दिन यह 2.160 किलोग्राम और सातवें दिन 2.290 किलोग्राम पहुंच गया। 14 दिनों में बच्ची का वजन 2.500 किलोग्राम हो गया। जनवरी 2026 में मात्र एक माह के भीतर बच्ची का वजन 3.130 किलोग्राम हो गया और वह मध्यम श्रेणी में आ गई। निरंतर देखभाल और पोषण के परिणामस्वरूप फरवरी 2026 के अंत तक बच्ची का वजन 4.700 किलोग्राम एवं लंबाई 54 सेमी हो गई। मार्च 2026 में बच्ची परिधी का वजन 5.010 किलोग्राम और लंबाई 58 सेमी दर्ज की गई। पोट्ठ लईका पहल के तहत पालक चौपाल से सही मार्गदर्शन, सलाह एवं समय पर देखभाल बच्ची परिधी साहू पूरी तरह से स्वस्थ एवं सामान्य श्रेणी में आ चुकी है।
- -10 अप्रैल को पुनः होगी परीक्षारायपुर । छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा परीक्षा समिति की बैठक 23 मार्च 2026 को आयोजित की गई, जिसमें सभी तथ्यों पर विचार-विमर्श के उपरांत यह निर्णय लिया गया कि 14 मार्च 2026 को संपन्न हिन्दी विषय की परीक्षा को निरस्त किया जाता है। उक्त परीक्षा अब 10 अप्रैल 2026 को प्रातः 9 बजे से 12.15 बजे तक पुनः आयोजित की जाएगी। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा सभी परीक्षार्थियों से अनुरोध किया गया है, कि वे निर्धारित तिथि पर परीक्षा केन्द्र में अनिवार्य रूप से परीक्षा देने उपस्थित हों।परीक्षा से संबंधित विस्तृत जानकारी मण्डल की आधिकारिक वेबसाइटhttps://www.cgbse.nic.in/ पर उपलब्ध है।ज्ञातव्य है कि 14 मार्च 2026 को आयोजित कक्षा 12 वीं हिन्दी विषय की परीक्षा के संबंध में मंडल द्वारा यह सूचित किया जाता है कि परीक्षा के उपरांत 15 एवं 16 मार्च 2026 को सोशल मीडिया एवं विभिन्न समाचार पत्रों में प्रश्नपत्र (सेट ‘बी’) के लीक होने के दावे सामने आए। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए तत्काल साइबर थाना में लिखित सूचना दी गई तथा सिटी कोतवाली में प्राथमिकी (थ्प्त्) दर्ज कराई गई। इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा मण्डल के अधिकारियों ने बताया कि मामले की निष्पक्ष एवं विस्तृत जाँच सुनिश्चित की जा रही है तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- -150 से अधिक अधिकारी-कर्मचारियों ने लिया प्रशिक्षणरायपुर । केन्द्र एवं राज्य शासन द्वारा प्रशासन में कसावट एवं पारदर्शिता लाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इन प्रयासों में ई-ऑफिस व्यवस्था एवं आधार बेस उपस्थिति प्रमुख है। इसी कड़ी में अब अधिकारी-कर्मचारियों में प्रशासनिक व्यवस्था के प्रति बेहतर समझ एवं अपने कार्य के प्रति अधिक जवाबदेह बनाने के उददेश्य से ‘आईजीओटी’ कर्मयोगी अभियान प्रारंभ किया गया है। श्रीमती अंजु सिंह, अवर सचिव सामान्य प्रशासन विभाग ने इसी कड़ी में विभागीय अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया।श्रीमती अंजू सिंह ने बहुत ही सरल माध्यम से पोर्टल में रजिस्ट्रेशन से लेकर कोर्स के संबंध में पूरी जानकारी दी एवं कर्मचारियों के प्रश्नों का सटिक उत्तर देकर उनकी शंकाओं का भी समाधान किया। आज के प्रशिक्षण सत्र में विभाग अंतर्गत आयोग एवं आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के लगभग 150 से अधिक अधिकारियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।नोडल अधिकारी श्रीमती अंजु सिंह ने बताया कि प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी, नियमित वाहन चालक, भृत्य इत्यादि सभी के लिए यह प्रशिक्षण अनिवार्य है। 30 अप्रैल तक सभी को कम से कम तीन कोर्स पूर्ण कर पोर्टल में अपलोड करने हैं। इसकी अहमियत इस कारण है कि यह अधिकारी-कर्मचारी की सर्विस बुक के साथ ई एचआरएमएस पोर्टल में अपलोड रहेगा, जो कि पदोन्नति एवं अन्य सर्विस संबंधी प्रकरणों के समय बहुत उपयोगी सिद्ध होगा। प्रशिक्षण में अपर संचालक श्री संजय गौड़, श्री जितेन्द्र गुप्ता, विभागीय नोडल अधिकारी उपायुक्त श्री प्रज्ञान सेठ, श्री एल.आर. कुर्रे, श्रीमती मेनका चंद्राकर, श्री विश्वनाथ रेडडी सहित अन्य विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थिति थे।
- -कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग विषय पर पॉच दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न-राष्ट्रीय संस्थानों के विशेषज्ञो द्वारा प्रशिक्षित हुए कृषि विश्वविद्यालय के प्राध्यापकरायपुर । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में शिक्षण एवं अनुसंधान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीकों के प्रभावी उपयोग पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। कृषि महाविद्यालय रायपुर में 16 से 20 मार्च तक आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की विभिन्न प्रविधियों एवं उपकरणों का प्रभावी उपयोग कर इन क्षेत्रों में उत्कृष्टता हासिल करने के गुर सिखाया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित 17 महाविद्यालयों के प्राध्यापक एवं वैज्ञानिक भाग ले रहे हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आई.आई.टी. भिलाई, आई.आई.आई.टी. नया रायपुर, एन.आई.टी. रायपुर, आई. आई. एम. रायपुर, हिदायतुल्लाह नेशनल लॉ यूनिर्वसिटी नया रायपुर, गुरू घासीदास केन्द्रीय विश्वविद्यालय बिलासपुर, आई.सी.ए.आर. - नार्म हैदराबाद तथा आई.सी.ए.आर - एन.आई.बी.एस.एम. बरोण्डा जैसे राष्ट्रीय संस्थानों के विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षणार्थियों को कृषि शिक्षा अनुसंधान में आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस की विभिन्न टेकनिक्स एवं टूल्स के प्रभावी उपयोग के बारे में मार्गदर्शन दिया गया। इस पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ इदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने किया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आई.आई.टी.), भिलाई के निदेशक डॉ. राजीव प्रकाश तथा आई.सी.ए.आर.-राष्ट्रीय जैविक तनाव प्रबंधन संस्थान (एन.आई.बी.एस.एम.) बरोण्डा के निदेशक डॉ. पी.के. राय ने प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया।इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, कृषि महाविद्यालय, रायपुर में कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंश का उपयोग पर आयोजित पॉच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन दिनांक 20 मार्च 2026 को डॉ. प्रशंात कविश्वर, महानिदेशक, छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, रायपुर के मुख्य अतिथ्य तथा डॉ. ए. के. दवे, निदेशक शिक्षण एवं परीक्षा नियंत्रक, डॉ. अजय वर्मा, अधिष्ठाता, कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र, रायपुर, डॉ. अखिलेश त्रिपाठी, वैज्ञानिक, छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, रायपुर की गरिमामयी उपस्थिति तथा डॉ. आरती गुहे, अधिष्ठाता, कृषि संकाय, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम में राज्य के 17 कृषि महाविद्यालयों के 85 सहायक प्राध्यापक, सह प्राध्यापक एवं प्राध्यापकों ने सक्रिय सहभागिता की ।डॉ. प्रशांत कविश्वर ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वर्तमान में कृषि अनुसंधान एवं शिक्षण के लिए अत्यंत उपयोगी है, इससे गुणवत्ता में वृद्धि तथा समय की बचत होती है किन्तु इस पर पूर्ण निर्भरता से विपरित परिणाम भी हो सकते है, कोविड 19 महामारी के बाद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग में तेजी से वृद्धि हुई है एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता मानव बुद्धिमत्ता का विकल्प नहीं बल्कि एक सहायक साधन है। उन्होने ए आई के उपयोग के अनेक उदाहरण देते हुए प्राध्यापकों एवं वैज्ञानिकों से शोघ एवं शिक्षण में इसकेे समुचित एवं बुद्धिमत्ता पूर्ण उपयोग करने का अनुरोध किया। डॉ. आरती गुहे, अधिष्ठाता एवं समन्वयक ने पॉच दिवसीय अभिमुखीकरण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए उपस्थित अतिथियों का स्वागत किया। डॉ. अजय वर्मा ने बताया की ए.आई. से सृजित जानकारी एवं आकडों का पुष्टीकरण करने के उपरान्त ही उनका उपयोग करे। ए.आई टूल्स, कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान में आकडों के विश्लेषण, सारणीकरण, प्रस्तुतीकरण एवं प्रकाशन अत्यन्त उपयोगी है। डॉ. ए. के दवे ने ए.आई के क्षेत्र में कार्यरत देश के विभिन्न ख्यातिलब्ध संस्थाओं में कार्यरत विशेषज्ञों को एक स्थान में बुलाकर प्रभावी प्रशिक्षण एवं परिचर्चा आयोजन हेतु प्रशंसा की। डॉ. शुभा बनर्जी, सह. प्राध्यापक ने पावर प्वाइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम सें प्रशिक्षण कार्यक्रम का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। सहायक प्राध्यापक डॉ. नीता मिश्रा, डॉ. अंजली पटेल तथा डॉ. ऋतुराज रधुवंशी में प्रशिक्षण के अनुभवों को साझा करते हुए बताया की व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से उनकी कार्यछमता एंव ए.आई. के विभिन्न्न घटकों के बारे में ज्ञान में उल्लेखनीय वृद्धि हुई हैं। उन्होनंे प्रशिक्षण के दौरान प्रभावी कार्यक्रम निर्माण, अध्ययन समाग्री तैयार करना, विश्वविद्यालय एवं शासन के नियमों का ज्ञान एवं अनुपालन एवं मुल्यांकन प्रणाली, शोधपत्र लेखन, तथा संदर्भ प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी प्राप्त हुई एवं भविष्य में इस प्रकार के और प्रशिक्षण आयोजित करने का अनुरोध किया।गौरतलब है कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम दो प्रमुख घटकों में आयोजित किया गया। पहला घटक नव नियुक्त संकाय सदस्यों के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम जिसका उद्देश्य उन्हें विश्वविद्यालय की दृष्टि, मिशन और शैक्षणिक ढांचे से परिचित कराना एवं दूसरा घटक शिक्षण एवं अनुसंधान में कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर प्रशिक्षण है, जिसके माध्यम से प्रतिभागियों को आधुनिक ए आई टूल्स और तकनीकों से परिचित कराया गया ताकि वे इनका प्रभावी उपयोग कक्षाओं, प्रयोगशालाओं, विस्तार गतिविधियों तथा अनुसंधान कार्यों में कर सकें। इन पाँच दिनों के दौरान विशेषज्ञ व्याख्यान, विचार-विमर्श तथा प्रायोगिक सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों को आधारित शिक्षण एवं अनुसंधान की नवीनतम प्रवृत्तियों से अवगत कराया गया।प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल क्रियांन्वयन में डॉ. आर.पी. कुजूर, सह. प्राध्यापक, डॉ. रामा मोहन सावू, सह. प्राध्यापक, डॉ. अन्नु वर्मा, प्राध्यापक, तथा डॉ. लक्ष्मी नरसिंहा, सहायक प्राध्यापक की सराहनीय भूमिका रही। अंत में धन्यवाद ज्ञापन डॉ. आर. पी. कुजूर, सह. प्राध्यापक, कृषि महाविद्यालय, रायपुर ने किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम की संयोजक कृषि महाविद्यालय रायपुर की अधिष्ठाता डॉ. आरती गुहे हैं।
- -भारतीय फुटबाल टीम के पूर्व कप्तान बाइचुंग भूटिया समापन समारोह में हुए शामिल-छत्तीसगढ़ शासन खेलों को विशेष प्राथमिकता दे रही है, खिलाड़ी लगन के साथ कड़ी मेहनत करें, सफलता जरूर मिलेगी- बाइचुंग भूटिया-आने वाले समय में ऐसी खेल प्रतियोगिताओं के माध्यम से प्रदेश के खिलाड़ी भी देश के लिए मेडल जीतकर लाएंगे- मंत्री श्री रामविचार नेताम--सरगुजा ओलम्पिक में सम्भाग के खिलाड़ियों को हुनर दिखाने का मिला मौका, आगे पारम्परिक खेलों को भी शामिल करने किया जाएगा प्रयास- मंत्री श्री राजेश अग्रवाल-सम्भाग के सभी जिलों के दो हजार से अधिक प्रतिभागियों ने 12 खेल विधाओं में लिया हिस्सा, विजेता हुए पुरस्कृतरायपुर। सरगुजा ओलम्पिक 2026 के संभाग स्तरीय प्रतियोगिताओं का शानदार समापन सोमवार को पीजी कॉलेज ग्राउण्ड अम्बिकापुर में हुआ। समापन समारोह में भारतीय फुटबाल टीम के पूर्व कप्तान, पद्मश्री एवं अर्जुन अवार्ड से सम्मानित श्री बाइचुंग भूटिया शामिल हुए। उन्होंने खिलाडियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि मैं आज यहाँ सिक्किम से आप सभी खिलाड़ियों में जोश की भावना सिंचित करने आया हूं। आप सबको मैं एक ही मैसेज देना चाहता हूं कि आप लोग लगन के साथ कड़ी मेहनत करें, सफलता जरूर मिलेगी। मुझे खुशी है कि छत्तीसगढ़ शासन खेलों को विशेष प्राथमिकता दे रही है। इसका असर हमें जरूर दिखेगा और छत्तीसगढ़ के युवा खेलों में देश का नाम रोशन करेंगे। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि मैं भी ट्राइबल लड़का हूँ और सिक्किम के छोटे से गाँव से आता हूं। वहाँ से निकलकर मुझे भारत के लिए खेलने का मौका मिला है, यह मैटर नहीं करता कि आप कहां से हैं जबकि आपकी प्रतिभा और मेहनत आपको आगे लेकर जाती है। मुझे भरोसा है कि आने वाले समय मे छत्तीसगढ़ से भी बहुत से खिलाड़ी ओलम्पिक मेडल लेकर आएंगे और देश का नाम रोशन करेंगे। उन्होंने खिलाड़ियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं, वहीं शासन प्रशासन को धन्यवाद दिया।कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि किसी काम को पूरा करने में अगर पूरी जुनून, लगन और अनुशासन हो, तो निश्चित ही आपको सफलता मिलेगी। हमारी छत्तीसगढ़ सरकार ने युवाओं को अवसर दिया है, आज छत्तीसगढ़ के हर कोने से खिलाड़ी निकलकर आ रहे हैं। आपको जो प्लेटफार्म मिला है, इसका भरपूर उपयोग करें और आगे आएं। हमें गर्व होता है कि सरगुजा अंचल में ऐसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं, जो राष्ट्रीय मंच पर अपना एक जलवा बिखेर चुके हैं। निश्चित ही आने वाले समय में भी इन खेलों के माध्यम से प्रदेश के खिलाड़ी भी देश के लिए मेडल जीतकर लाएंगे। उन्होंने सभी विजेता खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं।पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि सरगुजा ओलम्पिक का सफल आयोजन आज यहां सम्पन्न हुआ। यह सरगुजा सम्भाग के खिलाडियों के लिए सौभाग्य की बात है कि उन्हें अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित करने का अवसर इस पूरे आयोजन में मिला है। उन्होंने कहा कि सरगुजा ओलम्पिक में 12 विधाओं में प्रतियोगिताएं आयोजित हुईं है, हमारा प्रयास रहेगा कि आगामी आयोजन में सरगुजा जिले के अन्य पारम्परिक खेलों को भी इसमें शामिल किया जाए। उन्होंने सभी जिलों से आए खिलाडियों को बधाई दी तथा विजेता खिलाड़ियों को भी शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि 26 मार्च से अब खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का शुरुआत होगा जिसमें रायपुर सहित बस्तर सरगुजा में भी खेल आयोजित होंगे।कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती तनुजा सलाम ने समापन समारोह में सरगुजा ओलम्पिक 2026 के पूरे आयोजन की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने सरगुजा ओलम्पिक के शानदार सफल आयोजन के लिए सभी को शुभकामनाएं दीं। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती निरूपा सिंह, महापौर श्रीमती मंजूषा भगत, सभापति श्री हरमिंदर सिंह टिन्नी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री देवनारायण यादव, सरगुजा सम्भागायुक्त श्री नरेन्द्र कुमार दुग्गा, कलेक्टर श्री अजीत वसंत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री राजेश अग्रवाल, जिला पंचायत सीईओ श्री विनय अग्रवाल, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी, खिलाड़ी एवं कोच उपस्थित रहे।समापन समारोह में जशपुर एवं बलरामपुर के मध्य रस्साकशी का हुआ जबरदस्त मुकाबला-समापन समारोह में जशपुर एवं बलरामपुर की महिला खिलाड़ियों के बीच रस्साकशी का प्रदर्शनात्मक मुकाबला हुआ। दोनों टीमों के प्रतिभागियों ने जीत के लिए ज़ोर लगाया, खींचा- तानी के बीच जशपुर की टीम विजेता रही। विजेता घोषित होने के साथ ही पूरा ग्राउण्ड तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।ये रहे विजेता-बालिका वर्ग (17 वर्ष से कम आयुवर्ग)- एथेलेटिक्स (100 मीटर) में जशपुर की रिया तिर्की, एथेलेटिक्स (200 मीटर) में कोरिया की सिमरन सिंह, एथेलेटिक्स (400 मीटर) में सूरजपुर की रिया, एथेलेटिक्स (लंबी कूद) में सरगुजा की महिला सिंह, एथेलेटिक्स (ऊंची कूद) में सूरजपुर की प्रियंका, एथेलेटिक्स (शॉटपुट) में सरगुजा की संध्या लकड़ा, एथेलेटिक्स (डिस्कस थ्रो) में बलरामपुर की कशिश, एथेलेटिक्स (जैवलिन थ्रो) में सूरजपुर की मोनिका राजवाड़े, एथेलेटिक्स (4 गुना 100 मी रिले) में कोरिया की आस्था, रीमा, संगीता एवं प्रमिला, तीरंदाजी 30 मी एकल में सरगुजा की स्नेहा, तीरंदाजी 50 मी एकल में सरगुजा की स्नेहा, बैडमिंटन सिंगल में कोरिया की श्रद्धा, बैडमिंटन डबल में कोरिया की श्रद्धा घोष एवं देवाशी पटेल, कुश्ती 55 किग्रा में सरगुजा की सूर्यमणि, कुश्ती 62 किग्रा में सूरजपुर की सरस्वती, कुश्ती 68 किग्रा में सरगुजा की ज्योति पण्डो, कराते (42-47 किग्रा) में सरगुजा की दिव्या राजवाड़े एवं कराते (53-59 किग्रा) में सरगुजा की संगीता सिंह विजेता रहीं।महिला वर्ग (17 वर्ष से अधिक आयुवर्ग)- एथेलेटिक्स (100 मीटर) में सूरजपुर की अंजू सिंह, एथेलेटिक्स (200 मीटर) में कोरिया की स्नेहा, एथेलेटिक्स (400 मीटर) में सूरजपुर की प्रज्ञा राजवाड़े, एथेलेटिक्स (लंबी कूद) में सरगुजा की धनजिला, एथेलेटिक्स (ऊंची कूद) में सूरजपुर की शांति, एथेलेटिक्स (शॉटपुट) में सरगुजा की उमा सिंह, एथेलेटिक्स (डिस्कस थ्रो) में बलरामपुर की कशिश, एथेलेटिक्स (जैवलिन थ्रो) में एमसीबी की अनिता, एथेलेटिक्स (4 गुना 100 मी रिले) में सूरजपुर की अंजु, प्रज्ञा, शीतल कुमकुम, तीरंदाजी 30 मी एकल में सरगुजा की विनीता, तीरंदाजी 50 मी एकल में सरगुजा की विनीता, बैडमिंटन सिंगल में सरगुजा की आयुषी दिवान, बैडमिंटन डबल में सरगुजा की आयुषी दिवान एवं मीरा सिंघ, कुश्ती 55 किग्रा में जशपुर की रामेश्वरी नाग, कुश्ती 62 किग्रा में एमसीबी की सीमा सिंह, कुश्ती 68 किग्रा में जशपुर की निकिता तिर्की, कराते (55-61 किग्रा) में एमसीबी के राधना मार्को विजेता रहीं।बालक वर्ग (17 वर्ष से कम आयुवर्ग)- एथेलेटिक्स (100 मीटर) में जशपुर के गोविंद गुप्ता, एथेलेटिक्स (200 मीटर) में जशपुर के संयम खलखो, एथेलेटिक्स (400 मीटर) में कोरिया के यदुवंश राजवाड़े, एथेलेटिक्स (लंबी कूद) में बलरामपुर के अभिषेक कच्छप, एथेलेटिक्स (ऊंची कूद) में जशपुर के कुषणवीर, एथेलेटिक्स (शॉटपुट) में कोरिया के भविष्य सिंह, एथेलेटिक्स (डिस्कस थ्रो) में सरगुजा के अमोस एक्का, एथेलेटिक्स (जैवलिन थ्रो) में सरगुजा के उत्कर्ष एक्का, एथेलेटिक्स (4 गुना 100 मी रिले) में कोरिया के धर्मेंद्र इंद्रपाल राजकुमार ओमप्रकाश, तीरंदाजी 30 मी एकल में बलरामपुर के पवन सिंह, तीरंदाजी 50 मी एकल में बलरामपुर के संतोष कुमार, बैडमिंटन सिंगल में सरगुज़ा के करण मेहरा, बैडमिंटन डबल में सूरजपुर के रौनक़ एवं जसकीरत, कुश्ती 57 किग्रा में बलरामपुर नरेंद्र कुमार, कुश्ती 65 किग्रा में बलरामपुर के आतिश यादव, कुश्ती 74 किग्रा में सरगुजा के अवनीश पांडेय, कराते (45-50 किग्रा) में बलरामपुर के रोशन कुमार एवं कराते (55-61 किग्रा) में सरगुजा की चंद्रशेखर विजेता रहीं।पुरूष वर्ग (17 वर्ष से अधिक आयुवर्ग)- एथेलेटिक्स (100 मीटर) में एम.सी.बी. के टी.नाग उमेश्श्वर राव, एथेलेटिक्स (200 मीटर) में सरगुजा के अरूण कुमार, एथेलेटिक्स (400 मीटर) में जशपुर के विश्वनाथ तिग्गा, एथेलेटिक्स (लंबी कूद) में सूरजपुर के अश्विन कुमार, एथेलेटिक्स (ऊंची कूद) में एम.सी.बी. के आनंद कुमार, एथेलेटिक्स (शॉटपुट) में सूरजपुर के अंकित कुमार, एथेलेटिक्स (डिस्कस थ्रो) में जशपुर के आकाश, एथेलेटिक्स (जैवलिन थ्रो) में जशपुर के राहूल तिग्गा, एथेलेटिक्स (4 गुना 100 मी रिले) में सूरजपुर के अश्विन कुमार, हिमांशु सिंह, अंकित कुमार, तेजपाल सिंह, तीरंदाजी 30 मी एकल में सरगुजा के बृजदेव सिंह, तीरंदाजी 50 मी एकल में सरगुजा के बृजदेव सिंह, बैडमिंटन सिंगल में सरगुज़ा के सार्थककांत थामस, बैडमिंटन डबल में सरगुज़ा के सार्थककांत थामस, एलिमन थामस, कुश्ती 57 किग्रा पुरूष में सूरजपुर के देवानंद जगत, कुश्ती 65 किग्रा पुरूष में सूरजपुर के प्रदीप, कुश्ती 74 किग्रा. पुरूष में सरगुज़ा के दीपक कुमार, कराते पुरूष 60-से 67 किग्रा पुरूष में आकाश सोनवानी विजेता रहे।
- -मेहनत और लगन से ही मिलती है सफलता,सरगुजा के युवाओं में है अपार क्षमता-बाइचुंग भूटियारायपुर । सरगुजा ओलंपिक 2026 के समापन अवसर पर भारतीय फुटबॉल जगत के दिग्गज और पूर्व कप्तान अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित बाइचुंग भूटिया ने जोहार सरगुजा से अभिवादन कर खिलाड़ियों में जोश भरते हुए उन्हें कड़ी मेहनत और अटूट संकल्प का मंत्र देते हुए युवाओं को खेल जगत में अपनी पहचान बनाने के लिए प्रोत्साहित किया।दूरी मायने नहीं रखती, जुनून जरूरी हैसिक्किम से सरगुजा तक के अपने सफर का जिक्र करते हुए भूटिया ने कहा कि भौगोलिक दूरियाँ प्रतिभा के आड़े नहीं आतीं। उन्होंने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा, मैं सिक्किम के एक बहुत छोटे से गाँव से निकलकर भारत के लिए खेल सका। मेरा गाँव सरगुजा से भी छोटा है। इसलिए यह कभी न सोचें कि आप किसी कोने में हैं, तो प्रोफेशनल खिलाड़ी नहीं बन सकते। अपने मन से यह शंका निकाल दें और खुद पर विश्वास रखें।छत्तीसगढ़ सरकार के प्रयासों की सराहनाबाइचुंग भूटिया ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा खेलों को दी जा रही प्राथमिकता की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने बस्तर ओलंपिक के अपने अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि राज्य सरकार युवाओं को एक सशक्त मंच प्रदान कर रही है। छत्तीसगढ़ सरकार युवाओं और खेल को प्राथमिकता दे रही है। जिससे सुदूर क्षेत्रों के खिलाड़ियों की प्रतिभा मंच मिला है। खेल विधाओं को अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ से न केवल राष्ट्रीय खिलाड़ी, बल्कि ओलंपिक मेडलिस्ट भी निकलेंगे।सिंसियरिटी और हार्ड वर्क से मिलेगी सफलताउन्होंने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि, सरकारी सहयोग और इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ व्यक्तिगत मेहनत सबसे महत्वपूर्ण है। सफलता के लिए फोकस्ड रहना, ईमानदारी से प्रयास करना और अंतिम तक हार न मानना ही सफलता की असली कुंजी है। उन्होंने कहा कि शासन की इन पहलों का सकारात्मक परिणाम जल्द ही देश के खेल मानचित्र पर दिखाई देगा। उन्होंने छत्तीसगढ़ शासन, खेल युवा कल्याण विभाग एवं जिला प्रशासन को सरगुजा ओलंपिक में आमंत्रित करने के लिए आभार प्रकट किया।
- -मिश्रित मत्स्य एवं झींगा पालन से मां दुर्गा समिति को मिल रही लगभग साढ़े तीन लाख रुपए वार्षिक आयरायपुर ।महासमुंद जिले अन्तर्गत जय माँ दुर्गा मत्स्य सहकारी समिति मर्यादित, किशनपुर को मत्स्य पालन विभाग द्वारा प्रदान किए गए तकनीकी ज्ञान, प्रशिक्षण और विभिन्न योजनाओं के तहत मिली सहायता ने उनके कार्य को नई दिशा दी है। इस सहायता से आज समिति द्वारा तीन गुणा अधिक आय अर्जित किया जा रहा हैं। इस समिति में कुल 24 सदस्य हैं, जिनमें 11 महिलाएं और 13 पुरुष शामिल हैं। विगत 20 वर्षों से यह समिति मत्स्य पालन के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रही है तथा इसके पास 31.59 हेक्टेयर जलाशय और 3.50 हेक्टेयर तालाब का जलक्षेत्र उपलब्ध है, जिसका सुनियोजित उपयोग कर समिति ने प्रगति हासिल की है।समिति सदस्य बताते है कि उनका जीवन पहले काफी संघर्षपूर्ण था, जहां उनकी आजीविका मुख्य रूप से खेती और मजदूरी पर निर्भर थी। सीमित संसाधनों के कारण उनकी वार्षिक आय लगभग 36 हजार रुपये ही थी, जिससे परिवारों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता था। लेकिन समय के साथ मत्स्य पालन विभाग के मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और योजनाओं से जुड़कर समिति ने मत्स्य पालन को अपनाया और धीरे-धीरे अपनी स्थिति में सुधार लाना शुरू किया। मत्स्य पालन विभाग द्वारा प्रदान किए गए तकनीकी ज्ञान, प्रशिक्षण और विभिन्न योजनाओं उनके कार्य को नई दिशा दी। जाल, आइस बॉक्स, मत्स्य बीज, सीफेक्स, झींगा बीज तथा मोटरसाइकिल अनुदान जैसी सुविधाओं ने उत्पादन क्षमता को बढ़ाने में भूमिका निभाई। विभागीय अधिकारियों के निरंतर प्रोत्साहन और सफल मत्स्य पालकों से मिली प्रेरणा ने समिति के सदस्यों का मनोबल मजबूत किया और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।समिति ने पारंपरिक पद्धतियों को छोड़कर आधुनिक तकनीकों को अपनाया, जिसमें मिश्रित मत्स्य पालन, उन्नत बीजों का उपयोग, परिपूरक आहार और वैज्ञानिक तरीके शामिल हैं। इन नवाचारों के परिणामस्वरूप उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई, जहां पहले लगभग 7 क्विंटल उत्पादन होता था, वहीं अब यह बढ़कर 21 क्विंटल तक पहुंच गया है। इसके साथ ही झींगा पालन को अपनाने से अतिरिक्त आय के नए स्रोत भी विकसित हुए, जिससे कुल आय में तीन गुना वृद्धि दर्ज की गई और वार्षिक आय लगभग 3 लाख 40 हजार रुपये तक पहुंच गई।मत्स्य पालन से जुड़े रहने के कारण समिति के सदस्यों के जीवन स्तर में अधिक बदलाव आया है। पहले जहां आर्थिक तंगी के कारण दैनिक जीवन प्रभावित होता था, वहीं अब परिवारों की स्थिति सुदृढ़ हुई है। कच्चे मकानों को पक्के मकानों में परिवर्तित किया गया, सदस्यों ने मोटरसाइकिल जैसी सुविधाएं प्राप्त कीं और नियमित बचत की दिशा में कदम बढ़ाते हुए समिति के नाम से बैंक खाते में राशि जमा करना शुरू किया गया। महिलाओं की सक्रिय भागीदारी समिति को मजबूती प्रदान की है, जिससे महिला सशक्तिकरण को भी बढ़ावा मिला है।
- -तमनार के बाद लैलूंगा के नवीन घटगांव और मुड़ागांव में अफीम खेती का भंडाफोड़, आरोपी हिरासत में-जिला प्रशासन की कार्रवाई से संलिप्त लोगों में हड़कंप-ड्रोन सर्वे से प्रशासन की पैनी नजर, जिले के सभी अनुविभागों में सघन निगरानी और लगातार कार्रवाई जारी-कलेक्टर-एसएसपी ने ली प्रेस वार्ता, गैर कानूनी अफीम की खेती पर प्रभावी नियंत्रण के लिए की जा रही कार्रवाई की दी जानकारीरायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार रायगढ़ जिले में अवैध मादक पदार्थों की खेती के खिलाफ जिला प्रशासन द्वारा लगातार कार्रवाई जारी है। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह के नेतृत्व में जिले में चलाए जा रहे अभियान के तहत बीते 72 घंटे में तमनार क्षेत्र के आमाघाट से लेकर लैलूंगा विकासखंड के ग्राम-नवीन घटगांव और मुड़ागांव तक अवैध मादक पदार्थ अफीम के खिलाफ कार्रवाई की गई, जिससे इस कार्य में जुडे़ संलिप्त लोगों में हड़कंप मच गया है।इस संबंध में आज प्रशासन द्वारा पुलिस कंट्रोल रुम मे प्रेसवार्ता आयोजित की गई। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि शासन के निर्देशानुसार जिले में अवैध मादक पदार्थों की खेती पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सघन जांच एवं संयुक्त कार्रवाई लगातार जारी है। इसके प्रभावी नियंत्रण के लिए प्रशासन द्वारा सभी अनुविभागों में व्यापक ड्रोन सर्वे अभियान संचालित किया गया है। इस अभियान के तहत खरसिया (14 ग्राम), घरघोड़ा (10 ग्राम), तमनार (12 ग्राम), लैलूंगा (4 ग्राम), मुकडेगा (3 ग्राम), रायगढ़ (11 ग्राम), पुसौर (13 ग्राम) एवं धरमजयगढ़ (7 ग्राम) में सफलतापूर्वक सर्वे किया गया है। ड्रोन तकनीक के माध्यम से दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों में भी निगरानी संभव हो सकी है, जिससे संदिग्ध गतिविधियों की पहचान कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।कलेक्टर ने बताया कि पिछले एक से डेढ़ सप्ताह से जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों का गहन विश्लेषण और सर्वे किया जा रहा है। इस दौरान अफीम की खेती के दो मामले सामने आए थे। वहीं, आज दोपहर तीसरा मामला भी प्रकाश में आया है। उन्होंने बताया कि सभी मामलों में संबंधित धाराओं के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों की अवैध खेती कानूनन गंभीर अपराध है। इसमें संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। आगे भी ड्रोन सर्वे, सघन जांच एवं संयुक्त कार्रवाई इसी तरह लगातार जारी रहेगी।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह ने बताया कि बीते 19 मार्च को मुखबिर से मिली पुख्ता सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तमनार क्षेत्र के आमाघाट में छापेमारी की। जांच के दौरान पाया गया कि यहां सब्जी की खेती की आड़ में अवैध रूप से अफीम की खेती की जा रही थी। कार्रवाई के दौरान लगभग 60,326 पौधे बरामद किए गए, जिनका अनुमानित बाजार मूल्य करीब 2 करोड़ रुपये आंका गया है। इस मामले में झारखंड निवासी मुख्य आरोपी मार्शल सांगा को हिरासत में लेकर विवेचना की जा रही है। मौके पर पूरी फसल को उखाड़कर जब्त किया गया तथा रोटावेटर और जेसीबी मशीन की सहायता से खेत को पूरी तरह नष्ट कर समतल किया गया। इस कार्रवाई में पुलिस, प्रशासन, कृषि, आबकारी एवं एफएसएल की टीम संयुक्त रूप से उपस्थित रही।इसी क्रम में 23 मार्च को फिजिकल एवं ड्रोन सर्वे के दौरान लैलूंगा तहसील के ग्राम नवीन घटगांव में भी अवैध खेती का मामला सामने आया। यहां भूमिस्वामी सादराम नाग द्वारा अपने खेत में साग-भाजी के बीच छोटे क्षेत्र में अफीम की खेती की जा रही थी। पौधों में सफेद फूल आना प्रारंभ हो गया था तथा कुछ डंठल सूख चुके थे। पुलिस ने तत्काल फसल को जब्त कर आरोपी को हिरासत में लिया गया है। इसके अतिरिक्त ग्राम के ही एक अन्य व्यक्ति अभिमन्यु नागवंशी के घर से अफीम की सूखी फसल बरामद की गई। टीम के पहुंचने पर आरोपी द्वारा साक्ष्य नष्ट करने का प्रयास किया जा रहा था, जिसे समय रहते विफल करते हुए सामग्री जब्त की गई।लैलूंगा क्षेत्र के मुड़ागांव में तानसिंह नागवंशी से पूछताछ में लगभग 5 डिसमिल क्षेत्र में संदिग्ध फसल की खेती किए जाने की बात सामने आई है। उसके घर से पेड़, पत्तियां एवं तने के सूखे अवशेष प्रशासनिक टीम द्वारा बरामद कर जांच के लिए भेजा गया हैं। पुलिस टीम नारकोटिक्स के अधिकारियों के संपर्क में है, रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि अभी तक दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ किया जा रहा है, पूछताछ करने के बाद उनकी भूमिका पूरी तरीके से स्पष्ट हो जाएगी। जिसके बाद नारकोटिक्स एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की है कि इस प्रकार की किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल प्रशासन या पुलिस को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।








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