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 सोमनाथ स्वाभिमान पर्व हमारी सांस्कृतिक विरासत का उत्सव है-संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल

-छत्तीसगढ़ की बौद्धिक विरासत सहेजने वाले पाण्डुलिपि संरक्षकों का किया गया सम्मान
 रायपुर।  शिव मंदिर देवगढ़ में आयोजित ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ श्रद्धा, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय गौरव का भव्य संगम बन गया। उदयपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत देवटिकरा स्थित ऐतिहासिक शिव मंदिर परिसर में आयोजित इस गरिमामयी कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय वातावरण से भर दिया। कार्यक्रम में प्रदेश के पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मस्व मंत्री श्री राजेश अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
 मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की सनातन संस्कृति, आस्था और आत्मगौरव का उत्सव है। उन्होंने कहा कि जनवरी 1026 में सोमनाथ मंदिर पर हुए आक्रमण के 1000 वर्ष तथा वर्ष 1951 में इसके पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूर्ण होना हमारी सांस्कृतिक शक्ति, आस्था और पुनर्जागरण की अमर गाथा को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति ने अनेक चुनौतियों के बावजूद अपनी पहचान और अस्तित्व को अक्षुण्ण बनाए रखा है, जो पूरे राष्ट्र के लिए गर्व का विषय है।
          कार्यक्रम के दौरान गुजरात में आयोजित मुख्य समारोह से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लाइव प्रसारण का सामूहिक अवलोकन किया गया। प्रधानमंत्री के संदेश को सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु, ग्रामीणजन और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। मंदिर परिसर में धार्मिक आस्था और राष्ट्रभावना का अनूठा वातावरण दिखाई दिया। सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के आयोजन ने न केवल धार्मिक आस्था को नई ऊर्जा प्रदान की, बल्कि लोगों में अपनी सांस्कृतिक विरासत और सनातन परंपराओं के प्रति गर्व और जागरूकता का संदेश भी दिया है। विशिष्ट अतिथि प्रबोध मिंज ने कहा कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व भारत की गौरवशाली सभ्यता और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आज भारत अपनी प्राचीन परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों के साथ विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। जिला पंचायत अध्यक्ष निरूपा सिंह और कलेक्टर अजीत वसंत ने इस अवसर पर संबोधित किया। 
         कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण आकर्षण छत्तीसगढ़ की बौद्धिक और सांस्कृतिक धरोहर स्वरूप प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण में योगदान देने वाले संरक्षकों और सर्वेयरों का सम्मान रहा। इस अवसर पर पांडुलिपि संरक्षण एवं सर्वे कार्य में उल्लेखनीय योगदान देने वाले संरक्षक श्रीमती रश्मि मिश्रा, श्री शैलेष मिश्रा, श्री दिवाकर शर्मा, श्री रासबिहारी मिश्र, श्री महेश्वर शाह एवं श्री साहू शाह को सम्मानित किया गया। वहीं सर्वेयर के रूप में कार्य कर रहे श्री श्रीश मिश्र, श्री अनूप किण्डो, श्री गौरव पाठक, श्री दामोदर सिंह तथा श्री अजीत सिंह कंवर को भी सम्मान प्रदान किया गया। अतिथियों ने कहा कि पांडुलिपियां हमारी सांस्कृतिक और बौद्धिक विरासत की अमूल्य धरोहर हैं, जिनका संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए अत्यंत आवश्यक है।
          कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य श्रीमती राधा रवि, जनपद अध्यक्ष श्रीमती शशिकला सिंह, कमिश्नर श्री नरेन्द्र दुग्गा, जिला पंचायत सीईओ श्री विनय कुमार अग्रवाल, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती शारदा अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी और श्रद्धालुगण उपस्थित रहे।

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