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- राजनांदगांव जिले में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना अंतर्गत निर्धारित लक्ष्य 6118 से अधिक 6499 गर्भवती एवं धात्री महिलाओं का हुआ पंजीयन
राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने मंगलवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना अंतर्गत जिले में निर्धारित लक्ष्य से अधिक गर्भवती एवं धात्री महिलाओं का पंजीयन होने पर जिले की सात परियोजनाओं से उत्कृष्ट कार्य के लिए चयनित पर्यवेक्षकों को प्रतीक चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। कलेक्टर ने राजनांदगांव शहरी परियोजना के चिखली सेक्टर से श्रीमती पार्वती साहू, राजनांदगांव ग्रामीण-1 के सुरगी सेक्टर से श्रीमती दुर्गा जादौन, राजनांदगांव ग्रामीण-2 के घुमका सेक्टर से सुश्री दिशा शिंदे, डोंगरगांव के आरी सेक्टर से श्रीमती बेबी गीतांजली दीवान, डोंगरगढ़ के मेढ़ा सेक्टर से श्रीमती संतोषी राजपूत, छुरिया-1 के रंगीटोला सेक्टर से सुश्री सौम्या चौबे, छुरिया-2 के कुमर्दा सेक्टर से सुश्री वीना यादव को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना को जमीनी स्तर पर सफलता पूर्वक क्रियान्वयन करने में पर्यवेक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि जिले को 6118 गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के पंजीयन का वार्षिक लक्ष्य प्राप्त हुआ था। जिसके महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम तथा पर्यवेक्षकों के प्रयासों से लक्ष्य से अधिक 6499 पंजीयन कर अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की है। पर्यवेक्षकों ने निर्धारित लक्ष्य को समयबद्ध तरीके से पूर्ण करते हुए पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ दिलाया है। उन्होंने कहा कि पर्यवेक्षकों के प्रयासों से जिले में योजना की प्रगति में तेजी आयी है और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सूचकांकों में भी सुधार दर्ज किया गया है। उन्होंने पर्यवेक्षकों को आगे भी इसी तरह प्रतिबद्धता, निष्ठा एवं टीम भावना के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
उल्लेखनीय है कि भारत सरकार की प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना एक महत्वकांक्षी योजना है। जिसका उद्देश्य गर्भवती महिलाओं एवं स्तनपान कराने वाली माताओं के स्वास्थ्य में सुधार तथा मजदूरी के क्षति के एवज में नकद राशि के रूप में आंशिक क्षतिपूर्ति प्रदान करना है। इसके तहत पात्र महिलाओं को पहले बच्चे के जन्म पर 2 किस्तों में गर्भावस्था के पंजीयन पर एवं 6 महीने के भीतर एक बार प्रसव पूर्व जांच कराये जाने पर पहली किस्त के रूप में 3 हजार रूपए और दूसरी किस्त के रूप में 2 हजार रूपए बच्चे के जन्म के पंजीकरण तथा बीसीजी, पोलियो, डीटीपी एवं हिपेटाइसिस बी या इसके समानांतर प्रथम चक्र का टीका लगाये जाने के बाद प्रदान की जाती है। वही दूसरी संतान बालिका होने पर एकमुश्त 6 हजार रूपए प्रदान किया जाता है। योजना का लाभ लेने हेतु एलएमपी (अंतिम माहवारी) से 570 दिवस अथवा बच्चे के जन्म के 270 दिवस के भीतर आवेदन किया जा सकता है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी एवं सहायता के लिए निकटस्थ आंगनबाड़ी केन्द्र एवं राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1515 पर भी संपर्क किया जा सकता है। -
राजनांदगांव । माँ बम्लेश्वरी मंदिर डोंगरगढ़ में 19 मार्च से प्रारंभ हो रहे चैत्र नवरात्रि पर्व के अवसर पर आयोजित मेले में शामिल होने वाले पदयात्रियों एवं श्रद्धालुओं की सुविधा के दृष्टिगत डोंगरगढ़ पहुंचने वाले पदयात्री मार्गों पर युद्ध स्तर पर साफ-सफाई एवं आवश्यक व्यवस्थाओं का कार्य किया जा रहा है। प्रमुख पदयात्री मार्ग मोतीपुर सुकुलदैहान-मुसरा-अछोली डोंगरगढ़ मार्ग में झाड़ू लगाने के साथ-साथ पेड़ों एवं पुल-पुलियों की पुताई तथा जंगल-झाड़ी की साफ-सफाई कराई जा रही है।
इसी प्रकार डोंगरगढ़ आने वाले अन्य प्रमुख मार्गों जैसे तुमड़ीबोड़-राका-बधियाटोला-डोंगरगढ़, खैरागढ़-ढारा-डोंगरगढ़-चिचोला, डोंगरगढ़-बोरतलाव, गाजमर्रा-राजकट्टा तथा कोलिहापुरी-मेंढ़ा-मुरमुंदा मार्गों पर भी साफ-सफाई के साथ सावधानी सूचक सूचना बोर्ड, संकेतक बोर्ड, पुल-पुलियों पर हेजार्ड मार्कर तथा पेड़ों में ट्री-स्टड्स सहित अन्य आवश्यक साइन बोर्ड लगाए जा रहे हैं, जिससे श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।
लोक निर्माण विभाग द्वारा दुर्घटनाजन्य क्षेत्रों में बांस-बल्ली से जिगजैग बैरिकेडिंग तथा बेहतर यातायात व्यवस्था के लिए स्पीड ब्रेकरों की रंगाई-पुताई का कार्य किया जा रहा है। मेला स्थल में भी भारी भीड़ एवं यातायात नियंत्रण के लिए पूर्व वर्षों की भांति विभिन्न स्थानों पर बैरिकेडिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है, जिससे लाखों पदयात्री श्रद्धालुओं को सुचारू एवं सुरक्षित आवागमन की सुविधा प्राप्त हो सके। -
राजनांदगांव । माँ बम्लेश्वरी मंदिर डोंगरगढ़ में 19 मार्च से प्रारंभ हो रहे चैत्र नवरात्रि पर्व के अवसर पर आयोजित मेले में शामिल होने वाले पदयात्रियों एवं श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु सेवा पंडालों में ड्यूटी लगाए गए सुपरवाइजर, सीएचओ, एएनएम, आरएचओ, ब्लॉक कोऑर्डिनेटर एवं मितानिन, टेनरों की बैठक कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी राजनांदगांव तथा डोंगरगढ़ में आयोजित कर तैयारियों के संबंध में समीक्षा की गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन ने सेवा पंडालों में आपातकालीन चिकित्सा सेवा, सीपीआर तथा पर्याप्त मात्रा में ओआरएस व जीवन रक्षक घोल रखने के निर्देश दिए।
नोडल अधिकारी मेला डॉ. बीएल तुलावी ने बताया कि चैत्र नवरात्रि मेला के दौरान 15 एम्बुलेंस एवं 3 बाईक एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई है। मेला में 23 चिकित्सा अधिकारी, 36 आयुष चिकित्सा अधिकारी, 15 आरएमए, 252 पैरामेडिकल स्टॉफ, 114 मितानीन की शिफ्टवार ड्यूटी लगाई गयी है। साथ ही 5 दवा वितरण केन्द्र के माध्यम से 24 घंटे दवा वितरण की सुविधा रहेगी। मेला के दौरान पुराना अस्पताल डोंगरगढ़, छिरपानी अस्पताल, पुराना अस्पताल राजनांदगांव मेें कंट्रोल रूम बनाया गया है। इसके साथ ही 45 निजी अस्पतालों द्वारा 17 स्थानों पर पदयात्रियों एवं दर्शनार्थियों को स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की जाएगी। - -अवकाश के दिनों पर भी मिलेगी पंजीयन की सुविधारायपुर / राज्य के आम नागरिकों को पंजीयन संबंधी कार्यों में किसी प्रकार की असुविधा न हो और वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतिम दिनों में पंजीयन कार्यों का सुचारू एवं समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जा सके, इसके लिए छत्तीसगढ़ शासन ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इसके तहत राज्य के सभी पंजीयन (स्टाम्प दस्तावेज) कार्यालय चयनित अवकाश दिवसों में भी संचालित (खुले) किए जाएंगे।जारी निर्देशों के अनुसार प्रदेश के सभी पंजीयन कार्यालय 22 मार्च, 28 मार्च, 29 मार्च तथा 31 मार्च 2026 को भी सामान्य कार्यदिवसों की तरह खुले रहेंगे। इन तिथियों में दस्तावेजों के पंजीयन सहित अन्य सभी संबंधित सेवाएं नियमित रूप से उपलब्ध रहेंगी।शासन के इस निर्णय का उद्देश्य नागरिकों को अतिरिक्त सुविधा प्रदान करना है, ताकि वे अपने लंबित पंजीयन कार्यों को समय पर पूरा कर सकें। विशेष रूप से वित्तीय वर्ष की समाप्ति के मद्देनज़र इन दिनों में पंजीयन कार्यों की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था की गई है।राज्य सरकार ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे इस विशेष सुविधा का अधिकतम लाभ उठाते हुए निर्धारित तिथियों में अपने पंजीयन संबंधी कार्यों का निष्पादन कराएं, जिससे अनावश्यक भीड़ और अंतिम समय की परेशानी से बचा जा सके।
- रायपुर। गरियाबंद वनमंडल के परसुली वन परिक्षेत्र अंतर्गत बाघमार परिसर में एक ग्रामीण पर भालू के हमले की घटना सामने आई है। ग्राम कोचईमुड़ा निवासी 45 वर्षीय श्री पुराणिक यादव को आज सुबह लगभग 6 बजे भालू ने हमला कर घायल कर दिया।घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और घायल श्री यादव को प्राथमिक उपचार के लिए जिला चिकित्सालय गरियाबंद पहुंचाया। वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने घटना पर संवेदना व्यक्त करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि घायल व्यक्ति के इलाज में किसी प्रकार की कमी न हो और उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए।वन विभाग ने तत्परता दिखाते हुए श्री यादव को तत्काल सहायता राशि प्रदान की है। साथ ही विभागीय कर्मचारी उनके साथ रहकर हर संभव सहयोग कर रहे हैं।वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शासन की जनहितैषी योजनाओं के तहत वन्यप्राणी हमले में घायल व्यक्तियों को अधिकतम 59 हजार 100 रूपए तक की सहायता राशि प्रदान करने का प्रावधान है। इसके अलावा, घायल व्यक्ति के संपूर्ण उपचार के बाद दवाइयों और इलाज में आने वाले खर्च का भुगतान भी शासन द्वारा किया जाएगा।वन मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार वन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा और सहायता के लिए पूरी तरह संवेदनशील है तथा ऐसी परिस्थितियों में त्वरित राहत सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।वन मंत्री श्री कश्यप के निर्देश पर भालू के हमले से घायल पुराणिक यादव को गरियाबंद में डॉक्टरों द्वारा प्राथमिक इलाज के बाद बेहतर उपचार के लिए उन्हें मेकाहारा अस्पताल रायपुर रेफर किया गया है।
- रायपुर /प्रदेश में घरेलू एलपीजी की उपलब्धता और उपभोक्ताओं तक उसकी नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए राज्य शासन द्वारा सतत निगरानी और समीक्षा की जा रही है। खाद्य सचिव श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले ने खाद्य संचालक तथा सार्वजनिक क्षेत्र की तीनों ऑयल कंपनियों के क्षेत्रीय प्रबंधकों के साथ 17 मार्च 2026 को समीक्षा बैठक लेकर घरेलू एलपीजी की ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था को और अधिक सुलभ बनाने के लिए व्हॉट्सएप नंबर, मोबाइल नंबर, आईवीआरएस और वेबसाइट यूआरएल के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए गए। उन्होंने इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन द्वारा जारी नए बुकिंग नंबर (मोबाइल 8927225667 एवं आईवीआरएस 8391990070) को भी आमजन तक पहुँचाने पर विशेष जोर दिया गया।बैठक में बताया गया कि घरेलू एलपीजी के दुरुपयोग को रोकने के लिए खाद्य विभाग एवं जिला प्रशासन द्वारा लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। अब तक 214 छापों में 1013 घरेलू एलपीजी सिलेंडर जब्त किए जा चुके हैं, जिनमें रायपुर जिले में सर्वाधिक 392 तथा बिलासपुर जिले में 201 सिलेंडर जब्त किए गए हैं। यह कार्रवाई सुनिश्चित करती है कि घरेलू गैस का उपयोग निर्धारित उद्देश्यों के लिए ही हो और आम उपभोक्ताओं को उसका पूरा लाभ मिल सके।खाद्य सचिव श्रीमती कंगाले ने ने स्पष्ट निर्देश दिए कि लंबित एलपीजी बुकिंग को शीघ्रता से पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि इसके लिए सभी जिलों में एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति बढ़ाई गई है, ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रदेश में कमर्शियल एलपीजी वितरण के लिए संतुलित और प्राथमिकता आधारित व्यवस्था लागू की गई है, ताकि अत्यावश्यक सार्वजनिक सेवाएं प्रभावित न हों। इसके तहत अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान, सैन्य एवं अर्द्धसैनिक बल कैम्प, जेल, हॉस्टल, समाज कल्याण संस्थान, रेलवे स्टेशन एवं एयरपोर्ट की कैंटीन को उनकी मासिक आवश्यकता के अनुरूप गैस आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा, भारत सरकार, राज्य सरकार एवं उनके सार्वजनिक उपक्रमों के कार्यालयों, कैंटीन एवं गेस्ट हाउस को उनकी विगत माहों के उपभोग का 50 प्रतिशत की सीमा तक, जबकि पशु आहार उत्पादक संयंत्र एवं बीज उत्पादक इकाइयों तथा होटल एवं रेस्टोरेंट को निर्धारित सीमा (20 प्रतिशत) के अंतर्गत कमर्शियल गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे।एलपीजी बुकिंग एवं आपूर्ति से संबंधित शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए खाद्य विभाग का कॉल सेंटर (1800-233-3663 एवं 1967) सक्रिय है, जहां प्राप्त शिकायतों का ऑयल कंपनियों के साथ समन्वय कर प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जा रहा है, जिससे उपभोक्ताओं को समय पर राहत मिल सके। file photo
- -कृषि विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों एवं वैज्ञानिकों के लिए ए आई पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण प्रारंभ-आई.आई.टी., आई.आई.एम., एन.आई.टी., नार्म जैसे राष्ट्रीय संस्थानों के विशेषज्ञ दे रहे हैं प्रशिक्षणरायपुर । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में शिक्षण एवं अनुसंधान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीकों के प्रभावी उपयोग पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ किया गया। कृषि महाविद्यालय रायपुर में 16 से 20 मार्च तक आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की विभिन्न प्रविधियों एवं उपकरणों का प्रभावी उपयोग कर इन क्षेत्रों में उत्कृष्टता हासिल करने के गुर सिखाये जा रहे हैं। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित 17 महाविद्यालयों के प्राध्यापक एवं वैज्ञानिक भाग ले रहे हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आई.आई.टी. भिलाई, आई.आई.आई.टी. नया रायपुर, एन.आई.टी. रायपुर, आई. आई. एम. रायपुर, हिदायतुल्लाह नेशनल लॉ यूनिर्वसिटी नया रायपुर, गुरू घासीदास केन्द्रीय विश्वविद्यालय बिलासपुर, आई.सी.ए.आर. - नार्म हैदराबाद तथा आई.सी.ए.आर - एन.आई.बी.एस.एम. बरोण्डा जैसे राष्ट्रीय संस्थानों के विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षणार्थियों को कृषि शिक्षा अनुसंधान में आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस की विभिन्न टेकनिक्स एवं टूल्स के प्रभावी उपयोग के बारे में मार्गदर्शन दिया जा रहा है। इस पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ इदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने किया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आई.आई.टी.), भिलाई के निदेशक डॉ. राजीव प्रकाश तथा आई.सी.ए.आर.-राष्ट्रीय जैविक तनाव प्रबंधन संस्थान (एन.आई.बी.एस.एम.) बरोण्डा के निदेशक डॉ. पी.के. राय ने प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया। इस अवसर पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. कपिलदेव दीपक सहित कृषि विश्वविद्यालय के निदेशकगण तथा विभिन्न महाविद्यालयों के अधिष्ठातागण उपस्थित थे।प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने कहा कि विगत कुछ वर्षों में हमारे जीवन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग निरंतर बढ़ता जा रहा है और अब यह हमारी सामान्य दिनचर्या का एक हिस्सा बन गया है। उन्होंने कहा विशेषकर उच्च शिक्षा अनुसंधान एवं प्रौद्योगिकी विकास में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने अहम योगदान दिया है। यह शिक्षण, शोध और अकादमिक कार्यों को अधिक प्रभावी बना रही है। डॉ. चंदेल ने कहा कि कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान के क्षेत्र में भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। कृषि शिक्षा जैसे पेशेवर क्षेत्रों में ए आई का उपयोग शिक्षण गुणवत्ता, नवाचार और शोध को बेहतर बनाने के लिए अनिवार्य हो गया है। उन्होंने कहा कि इस पांच दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को पाठ योजना निर्माण, पाठ्य सामग्री निर्माण, मूल्यांकन आदि शिक्षण संबंधी कार्यों तथा शोध लेखन, साहित्य समीक्षा, संदर्भ प्रबंधन आदि शोध संबंधी कार्यों के संबंध में विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत जानकारी दी जाएगी। इस प्रशिक्षण में प्रतिभागी अपनी कक्षाओं, प्रयोगशाला तथा शोध कार्यों में विभिन्न ए आई तकनीक एवं टूल्स का प्रभावी उपयोग करना सीखेंगे जिससे उनकी कार्यक्षमता और नवाचार क्षमता वृद्धि होगी। आई.आई.टी. भिलाई के निदेशक डॉ. राजीव प्रकाश ने इस अवसर पर कहा कि कोविड काल से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग बढ़ने लगा है। कोविड के दौरान आई.आई.टी. कानपुर ने विभिन्न ए आई टूल्स का उपयोग कर कोविड के केसेस के प्रतिदिन के आकड़ों तथा उसके पीक पीरियड के बारे में सटीक पूर्वानुमान जारी किए थे। उन्होंने कहा कि कृषि के क्षेत्र में भी ए आई तकनीक का उपयोग कर किसानों के लिए मौसम संबंधी पूर्वानुमान तथा कृषि सलाह उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि विभिन्न ए आई टूल्स के माध्यम से वर्षा जल एवं उपलब्ध भूजल के आंकड़ों का उपयोग कर किसानों के लिए उपयुक्त फसलों का चयन किया जा सकता है। इसके साथ ही विगत वर्षों में घटित कीट-बीमारियों के प्रकोप तथा वर्तमान जलवायविक परिस्थितियों का अध्ययन कर फसलों को कीटों एवं बीमारियों के प्रकोप से बचाया जा सकता है। इसी प्रकार फसल उत्पादन एवं इनके विक्रय हेतु भी ए आई टूल्स का उपयोग किया सकता है। एन.आई.बी.एस.एम. के निदेशक डॉ. पी.के. राय ने भी प्रतिभागियों को संबोधित किया। एन.आई.टी. रायपुर के निदेशक डॉ. एन.वी. रमन्ना ने भी प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया।गौरतलब है कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम दो प्रमुख घटकों में आयोजित किया गया है। पहला घटक नव नियुक्त संकाय सदस्यों के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य उन्हें विश्वविद्यालय की दृष्टि, मिशन और शैक्षणिक ढांचे से परिचित कराना है। दूसरा घटक शिक्षण एवं अनुसंधान में कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर प्रशिक्षण है, जिसके माध्यम से प्रतिभागियों को आधुनिक ए आई टूल्स और तकनीकों से परिचित कराया जाएगा, ताकि वे इनका प्रभावी उपयोग कक्षाओं, प्रयोगशालाओं, विस्तार गतिविधियों तथा अनुसंधान कार्यों में कर सकें। इन पाँच दिनों के दौरान विशेषज्ञ व्याख्यान, विचार-विमर्श तथा प्रायोगिक सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों को आधारित शिक्षण एवं अनुसंधान की नवीनतम प्रवृत्तियों से अवगत कराया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम की संयोजक कृषि महाविद्यालय रायपुर की अधिष्ठाता डॉ. आरती गुहे हैं।
- रायपुर । छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज के मैदानी अमलों की दक्षता और कर्तव्यनिष्ठा के लिए दो लाइनमैन को राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत किया गया। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी में कार्यरत श्री ओंकार साहू लाइन सहायक श्रेणी-1 (220 केवी उपकेंद्र सरायपाली) एवं श्री सीताराम लाइन परिचारक श्रेणी-1 (एमआरटी संभाग भिलाई) को दिल्ली में तकनीकी दक्षता एवं निरंतर बिजली आपूर्ति के लिए केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण, भारत सरकार विद्युत मंत्रालय द्वारा पुरस्कृत किया गया।वार्षिक कार्यों के मूल्यांकन आधार पर छत्तीसगढ़ ट्रांसमिशन कंपनी से दो लाइनमैन का चयन हुआ तथा राष्ट्रीय मंच पर उन्हें पुरस्कृत किया गया। श्री ओंकार साहू ने वर्ष 2025 में सरायपाली, बसना और सांकरा सब-स्टेशन पर अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए। इनमें 160 एमवीए ट्रांसफार्मर का आंतरिक निरीक्षण, तेल निस्पंदन, सीटी प्रतिस्थापन, पैनल इंस्टालेशन एवं बैटरी सेट रिप्लेसमेंट तथा इंसुलेटर बदलने जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को समय पर निष्पादित करने के लिए पुरस्कृत किया गया। उनकी ईमानदारी, तकनीकी दक्षता और कर्तव्यनिष्ठा से समय पर निर्बाध विद्युत आपूर्ति होती रही।इसी प्रकार श्री सीताराम साहू द्वारा 132 केवी उपकेंद्र राजनांदगांव उपकेंद्र में पुराने कंट्रोल रूम से पुराने ट्रांसफार्मरों, पुराने फीडर पैनलों को विच्छेदित कर नए निर्माण किए गए। कंट्रोल रूम में नए कंट्रोल एवं रिले पैनलों का टर्मिनेशन, परीक्षण एवं स्थापना के कार्यों को अतिशीघ्र समयावधि में संपन्न किया गया।इन उपलब्धियों के लिए प्रबंधन ने दोनों लाइनमैन को बधाई दी और आगे भी इसी तत्परता से कार्य करने के लिए प्रेरित किया गया। प्रदेश में 400 केवी उपकेंद्र के 5 नग, 220 केवी उपकेंद्र के 27 नग, 132 केवी उपकेंद्र के 105 नग उपकेंद्र हैं। जहां मैदानी अमलों को 24×7 तत्पर तैनात रहना पड़ता है। लाइनमैन विषम परिस्थितियों में भी अपनी टीम के साथ सुधार कार्य के लिए सतत प्रयासरत रहते हैं। ऐसे कर्मवीरों को केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण द्वारा प्रशस्ति पत्र, मैडल एवं प्रतीकात्मक भेंट से पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी के लाइनमैन का सम्मान कंपनी के लिए गर्व का विषय है।
- भिलाई नगर। नगर पालिक निगम भिलाई के मुख्य कार्यालय में आज महापौर परिषद की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। महापौर नीरज पाल की अध्यक्षता एवं निगम आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित इस बैठक में आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए शहर के विकास का वित्तीय खाका तैयार किया गया।बजट प्रस्तुतिकरण के दौरान आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने निगम द्वारा तैयार किया गया आगामी वित्तीय वर्ष का बजट महापौर के समक्ष प्रस्तुत किया। महापौर नीरज पाल ने बजट के प्रावधानों पर विस्तृत चर्चा प्रारंभ की, जिसमें परिषद के सदस्यों ने बजट की बारीकी से समीक्षा की और शहर हित में अपने महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए।गहन विचार-विमर्श के उपरांत, परिषद के सदस्यों ने जनहितैषी कार्यों और शहर की आवश्यकताओं को प्राथमिकता देते हुए बजट में आवश्यक संशोधनों को शामिल किया। इसके पश्चात, वित्तीय वर्ष 2026-27 के इस बजट को अंतिम निर्णय हेतु सामान्य सभा में भेजने का सर्वसम्मति से फैसला लिया गया।बैठक में महापौर परिषद सदस्य लक्ष्मीपति राजू, सीजू एन्थोनी, संदीप निरंकारी, साकेत चंद्राकर, केशव चौबे, एकांश बंछोर, आदित्य सिंह, लालचंद वर्मा, मन्नान गफ्फार खान, चंद्रशेखर गंवई, रीता सिंह गेरा, नेहा साहू, अपर आयुक्त राजेन्द्र कुमार दोहरे, उपायुक्त डी. के. कोसरिया, प्रभारी अधीक्षण अभियंता वेशराम सिन्हा, सभी जोन आयुक्त अजय राजपूत, येशा लहरे, कुलदीप गुप्ता, अमरनाथ दुबे, अजय गौर, कार्यपालन अभियंता सुनील जैन, संजय अग्रवाल, संजय वर्मा, अनिल सिंह, अरविन्द शर्मा, लेखाधिकारी चंद्रभूषण साहू, स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली, राजस्व अधिकारी जे पी तिवारी, सहायक अभियंता नितेश मेश्राम एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
- बिलासपुर /कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल के निर्देशानुसार एवं उप संचालक खनिज विभाग के मार्गदर्शन मे जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भण्डारण पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। खनिज अमला बिलासपुर द्वारा 17 मार्च को कोटा, बेलगहना, कोनचरा, बिरकोना, सरकंडा, सिरगिट्टी, सिलपहरी, चकरभाठा, मुढ़िपार, रहँगी क्षेत्र की जाँच की गयी। जाँच के दौरान कोनचरा क्षेत्र से खनिज रेत का अवैध परिवहन करते 02 ट्रेक्टर ट्राली को जप्त किया गया। सिलपहरी क्षेत्र से खनिज साधारण पत्थर का अवैध उत्खनन करते पाये गए 01 जेसीबी वाहन तथा 01 हाइवा वाहन को जप्त किया गया। चकरभाठा क्षेत्र से खनिज मुरुम का अवैध परिवहन करते पाये गए 03 हाइवा वाहनों को जप्त किया गया। इस प्रकार जप्त कुल 07 वाहनों को पुलिस थाना सिरगिट्टी व चकरभाठा में अभिरक्षा मे रखा गया है। खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन, भण्डारण पर खनिज विभाग द्वारा लगातार कार्यवाही जारी है।
- - राजधानी स्थित मुख्यालय में सफलतापूर्वक संचालित है ई-ऑफिस- डिजिटल हस्ताक्षर से हो रहा फाइलों का अनुमोदनरायपुर । छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज के राजधानी स्थित डंगनिया मुख्यालय में ई-ऑफिस का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन के बाद अब इसका विस्तार किया जा रहा है। अब प्रदेश के सभी बिजली दफ्तर में 1 अप्रैल 2026 से ई-ऑफिस प्रणाली लागू किया जाएगा। इसके लिए ट्रांसमिशन कंपनी के सभी कक्षा से सभी मैदानी अफसरों को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये प्रशिक्षण दिया जा रहा है।छत्तीसगढ़ में डिजिटल प्रशासन को बढ़ावा देने के साथ फाइलों के त्वरित व पारदर्शी निराकरण के लिए ई-ऑफिस का क्रियान्वयन छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज़ में मुख्यालय स्तर पर 10 नवंबर 2025 से किया जा चुका है। अब इसे प्रदेश के सभी कार्यालयों में लागू करने का निर्णय लिया गया है। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी के मुख्य अभियंता (मानव संसाधन) श्री एएम परियल ने इस संबंध में परिपत्र जारी किया है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज़ के जनरेशन, ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों में अब पेपरलेस काम की तैयारी की जा रही है। इसके तहत 1 अप्रैल से मैदानी स्तर के कार्यालयों में भी ई-ऑफिस प्रणाली को लागू किया जा रहा है। ई-ऑफिस के माध्यम से अब नोटशीट, आदेश, पत्र और परिपत्र जैसे सभी दस्तावेजों का निर्माण, अनुमोदन, प्रेषण तथा संधारण पूरी तरह डिजिटल रूप से किया जाएगा। इससे कार्यों में गति आएगी और कागज के उपयोग में कमी होगी।इस नई व्यवस्था के सुचारू संचालन के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के ऊर्जा सूचना एवं प्रौद्योगिकी केंद्र (ईआईटीसी) ने आज से ऑनलाइन ट्रेनिंग आरंभ कर दी है। छह पालियों में इसका आयोजन किया जा रहा है, जिसमें वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ऊर्जा नेट पर ई-ऑफिस के लिए स्व-सेवा पोर्टल भी उपलब्ध कराया गया है। अधिकारियों और कर्मचारियों से अपेक्षा की गई है कि वे पोर्टल पर उपलब्ध उपयोगकर्ता मार्गदर्शिका, दिशा-निर्देश और सामान्य प्रश्नों का अध्ययन करें। इस पहल से संसाधनों और समय की बचत होगी तथा विभागीय कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी।
- रायपुर / खाद्य सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले के दिशानिर्देश पर छत्तीसगढ़ में निर्बाध एलपीजी आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ-साथ कमर्शियल गैस कनेक्शन वाले संस्थानों एवं प्रतिष्ठानों के लिए संतुलित और प्राथमिकता आधारित वितरण व्यवस्था केंद्रीय पेट्रोलियम एवं नैसर्गिक गैस मंत्रालय के अधीन लागू करने का निर्णय लिया गया है।खाद्य सचिव श्रीमती रीना कंगाले ने कहा कि प्रदेश में घरेलू एलपीजी की आपूर्ति सुचारु रूप से जारी रहे और आम उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि भारत सरकार एवं ऑयल कंपनियों के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कमर्शियल उपभोक्ताओं को विगत माहों की खपत के आधार पर अधिकतम 20 प्रतिशत की सीमा के अंदर एलपीजी प्रदाय करने पर सहमति बनी है।कमर्शियल एलपीजी की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत शैक्षणिक संस्थानों एवं चिकित्सालयों के साथ-साथ सैन्य एवं अर्द्धसैन्य कैंप, जेल, हॉस्टल, समाज कल्याण संस्थान, रेलवे एवं एयरपोर्ट कैंटीन को पूर्ण प्राथमिकता देते हुए 100 प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। वहीं शासकीय कार्यालयों, सार्वजनिक उपक्रमों एवं उनके गेस्ट हाउस और कैंटीन के लिए 50 प्रतिशत, पशु आहार उत्पादक संयंत्र एवं बीज उत्पादक इकाई तथा रेस्टोरेंट एवं होटल के लिए 20 प्रतिशत आपूर्ति निर्धारित की गई है।उन्होंने कहा कि कमर्शियल एलपीजी के वितरण की दैनिक समीक्षा ऑयल कंपनियों द्वारा की जाएगी तथा इसकी जानकारी प्रतिदिन खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग को उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी एवं प्रभावी बनी रहे। खाद्य सचिव श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले ने कहा कि आम नागरिकों को निर्बाध एलपीजी आपूर्ति उपलब्ध कराने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि आवश्यक सेवाओं पर किसी प्रकार का प्रभाव न पड़े, साथ ही सभी वर्गों तक संतुलित रूप से गैस की उपलब्धता बनी रहे।
- -गैस वितरण में बाधा उत्पन्न करने वालों पर की जाएगी कड़ी कार्रवाई-अस्पताल, वृद्धाश्रम सहित अन्य सामाजिक संस्थानों को गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देशरायपुर / एलपीजी गैस से जुड़े मुद्दों को लेकर आज कलेक्टरेट परिसर स्थित रेडक्रॉस हॉल में कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार अपर कलेक्टर श्री कीर्तिमान सिंह राठौर ने जिले के एलपीजी वितरकों की बैठक ली। अपर कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि जिले में एलपीजी सिलेण्डर का पर्याप्त स्टॉक है। नियमानुसार उपभोक्ताओं को सिलेण्डर का वितरण किया जा रहा है। यह ध्यान रखें कि वितरण में किसी प्रकार की लापरवाही न बरतें। साथ ही यदि कोई तत्व वितरण में बाधा पहुंचाता है या एजेंसी कार्यालय में नियम के विरूद्ध सिलेण्डर लेने की कोशिश या डिलिवरी मैन से दुर्व्यवहार करता है, उनके विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जाएगी। श्री सिंह ने कहा कि सभी वितरक व्यवस्था बनाए रखें एवं किसी प्रकार की कानून व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न होने पर संबंधित क्षेत्र के अनुविभागीय अधिकारी और पुलिस को सूचना दें। उन्होेंने कहा कि अस्पताल जैसे एम्स, मेकाहारा, वृद्धाश्रम, अनाथाश्रम एवं अन्य समाज कल्याण विभाग से जुड़े अन्य संस्थानों में भी गैस की पूर्ति सुनिश्चित करें। बैठक में ऑयल कंपनी के प्रतिनिधि ने बताया कि वर्तमान स्थिति के अनुसार शहरी क्षेत्रों में 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्र में 45 दिन की लिमिट रखी गई है जिसके बाद की अगली बुकिंग की जा सकेगी। उन्होंने यह भी बताया कि अभी नए कनेक्शन और सिंगल-डबल कनेक्शन लेने पर प्रतिबंध लगा हुआ है। आदेश आने पर रायपुर जिले के इंडेन डीलर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष एवं ऑल एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष श्री विकास मरकाम ने आम उपभोक्ताओं से अपील की, कि पैनिक न हों जिले में इस समय पर्याप्त मात्रा में स्टॉक है। एजेंसी के कार्यालय में पहुंचकर किसी प्रकार का व्यवधान न उत्पन्न करें, हमारे कार्यों में सहयोग करें। सभी उपभोक्ताओं को नियमानुसार सिलेण्डर दिया जाएगा। इस अवसर पर खाद्य नियंत्रक श्री भूपेन्द्र मिश्रा सहित खाद्य विभाग के अधिकारी एवं जिले के एलपीजी वितरक उपस्थित थे।
- -शिक्षण संस्थाओं एवं अस्पतालों के आसपास गुटखा, तंबाकू या नशीली चीजें बेचने पर करें सख्त कार्यवाही :- कलेक्टर डॉ. गौरव सिंहरायपुर / कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने आज समय-सीमा की महत्वपूर्ण बैठक लेते हुए विभिन्न विभागीय कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में विशेष रूप से डीईएएफपीपी (DEAF) एवं निष्क्रिय (Inoperative) खातों,लंबित राजस्व प्रकरणों, कॉल सेंटर से प्राप्त आवेदनों पर चर्चा की गई।कलेक्टर डॉ. सिंह ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्कूल कॉलेज एवं अन्य शिक्षण संस्थाओं व अस्पतालों के आसपास गुटखा, तंबाकू या अन्य नशीली चीजें बेचने पर सख्त कार्यवाही करें।कलेक्टर डॉ गौरव सिंह ने कहा कि सभी लंबित राजस्व प्रकरणों का जल्द निराकरण करें, इसके साथ ही कॉल सेंटर एवं अन्य लंबित शिकायतों का भी समय-सीमा के भीतर निराकरण करने के निर्देश दिए।इसके अलावा कलेक्टर डॉ. सिंह ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि वे DEAF एवं Inoperative बैंक खातों के निराकरण की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करें। बैठक में अपर कलेक्टर श्री कीर्तिमान सिंह राठौर, एडीएम श्री उमाशंकर बंदे सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
- रायपुर । कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार जिले में नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई करते हुए तीन बारों के लाइसेंस 3 दिवस के लिए निलंबित किए गए हैं।प्राप्त जानकारी के अनुसार एफ.एल. 2(क) श्रेणी के रेस्टोरेंट बाररास्ता (Raasta) तथा एफ.एल. 3 ग्रैंड इंपीरिया एवं एफ.एल. 4(क) क्लब मिथ्या के लाइसेंसों को 17 मार्च 2026 को जारी आदेश के तहत निलंबित किया गया है।यह कार्रवाई पुलिस कमिश्नर, रायपुर द्वारा किए गए आकस्मिक निरीक्षण के दौरान 24 जनवरी 2026 एवं 1 फरवरी 2026 को निर्धारित समयावधि रात्रि 12:00 बजे के बाद संचालन पाए जाने पर की गई। साथ ही आबकारी विभाग द्वारा की गई जांच में भी इन प्रतिष्ठानों में अनियमितताएं पाई गईं तथा लाइसेंस शर्तों के उल्लंघन पर प्रकरण दर्ज किया गया।उक्त प्रकरण में कलेक्टर (आबकारी) न्यायालय द्वारा छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 31(ख) के तहत कार्रवाई करते हुए तीनों बारों के लाइसेंस 3 दिवस के लिए निलंबित करने के आदेश जारी किए गए हैं। साथ ही संबंधित आबकारी अधिकारियों को इन प्रतिष्ठानों को सीलबंद करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
- -मातृत्व वंदना और पेंशन योजना की राशि घर-घर पहुँचा रही हैं बीसी सखियाँरायपुर ।वह मंजर आज भी बस्तर के वनांचलों की यादों में एक कसक पैदा कर देता है, जब एक लाचार बुजुर्ग को अपनी चंद रूपए की पेंशन के लिए तपती धूप में मीलों पैदल चलना पड़ता था। कभी शारीरिक अक्षमता तो कभी तंगहाली के कारण बैंक तक न पहुँच पाने का वह दर्द और थक-हारकर सूनी आँखों से लौट आने की वह बेबसी ग्रामीण जीवन का एक कड़वा सच थी। लेकिन वक्त बदला और बस्तर की इन पथरीली राहों पर ममता और सेवा का हाथ बढ़ाते हुए बीसी सखियों ने उस करुणा को शक्ति में बदल दिया है। आज वही बुजुर्ग अपनी देहरी पर बैठी बैंक सखी को देख मुस्करा उठता है, क्योंकि अब बैंक चलकर उसके घर तक आता है।ग्रामीण बैंकिंग के इस मानवीय चेहरे का सबसे जीवंत उदाहरण छिदगांव में देखने को मिलता है, जहाँ के वृद्ध हितग्राही रतन राम बघेल वृद्धावस्था के कारण चलने-फिरने में पूरी तरह असमर्थ हैं। ऐसे में बीसी सखी दशोमती कश्यप हर माह उनके घर जाकर पेंशन की राशि उनके हाथों में सौंपती हैं। अपनी इस सुविधा पर खुशी जाहिर करते हुए रतन राम बघेल कहते हैं कि बढ़ती उम्र और शारीरिक कमजोरी के कारण मेरे लिए बैंक तक जाना अब संभव नहीं रह गया था, पेंशन के पैसों के लिए हमेशा दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब दशोमती बेटी हर महीने घर आकर पैसे दे जाती है, जिससे मुझे बहुत सहारा मिला है।बैंक और ग्रामीणों के बीच एक मजबूत कड़ी बनकर उभरीं जिले की इन 144 बीसी सखियों ने फरवरी महीने में 4 करोड़ रुपये से अधिक का वित्तीय लेन-देन कर यह साबित कर दिया है कि यदि महिलाओं को अवसर और तकनीक मिले, तो वे पूरी अर्थव्यवस्था की तस्वीर बदल सकती हैं। इन बैंक सखियों ने न केवल बैंकिंग सेवाओं को सुलभ बनाया है, बल्कि सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने की जिम्मेदारी भी बखूबी निभाई है। विशेष रूप से मातृत्व वंदना योजना के तहत 67 लाख रुपये से अधिक की राशि गर्भवती और धात्री माताओं तक पहुँचाकर इन सखियों ने स्वास्थ्य और पोषण की दिशा में भी बड़ा योगदान दिया है। इसके साथ ही बुजुर्गों की पेंशन और नरेगा मजदूरों की मजदूरी का भुगतान भी अब इन्हीं बैंक सखियों के माध्यम से गाँव में ही सुरक्षित तरीके से हो रहा है।महिला सशक्तिकरण का सबसे सुंदर उदाहरण दरभा और बस्तर जैसे ब्लॉकों में देखने को मिला, जहाँ इन बैंक सखियों ने दिन-रात मेहनत कर हजारों ट्रांजैक्शन किए। लोहंडीगुड़ा और तोकापाल जैसे क्षेत्रों में भी सखियों ने बड़ी कुशलता के साथ लाखों रुपयों का प्रबंधन किया। यह केवल आंकड़ों की कहानी नहीं है, बल्कि उन 144 महिला शक्तियों के आत्मविश्वास की कहानी है जो अब खुद आत्मनिर्भर हैं और अपने गाँव के विकास का नेतृत्व कर रही हैं। बस्तर की इन बेटियों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि डिजिटल इंडिया का असली चेहरा गाँवों की ये सशक्त बीसी सखियाँ ही हैं।
- रायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज छत्तीसगढ़ विधानसभा परिसर में आयोजित तीन दिवसीय स्वास्थ्य शिविर का शुभारंभ किया। इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल सहित स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने शिविर में स्वयं स्वास्थ्य जांच कराकर स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का सशक्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान जीवनशैली में शारीरिक गतिविधियों में कमी आने के कारण विभिन्न प्रकार की बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं, ऐसे में नियमित स्वास्थ्य जांच अत्यंत आवश्यक हो गई है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराने से व्यक्ति समय रहते जागरूक रहकर आवश्यक सावधानी अपनाते हुए गंभीर बीमारियों से बचाव कर सकता है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ नागरिक ही सशक्त समाज और समृद्ध राज्य की नींव होते हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह द्वारा की गई इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे स्वास्थ्य शिविर न केवल लोगों को जागरूक करते हैं, बल्कि उन्हें अपने स्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदार बनने के लिए प्रेरित भी करते हैं।इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया, संचालक स्वास्थ्य श्री संजीव कुमार झा, सीजीएमएससी के प्रबंध संचालक श्री रितेश अग्रवाल सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
- -क्षेत्रीय भाषाओं में भी विज्ञान के अध्ययन और रिसर्च पेपर लाने की आवश्यकता- उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा-दो दिवसीय आयोजन के समापन समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय होंगे शामिलरायपुर ।अंतरराष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, नया रायपुर (IIIT-NR) में आयोजित 21वें छत्तीसगढ़ युवा वैज्ञानिक सम्मेलन (सीवाईएससी–2026) का शुभारंभ आज उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने किया। दो दिवसीय इस सम्मेलन का संयुक्त आयोजन छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद तथा ट्रिपलआईटी नया रायपुर द्वारा किया जा रहा है।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कहा कि राज्य के विकास में विज्ञान, नवाचार और शोध की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने अपने छात्र जीवन और विज्ञान अध्ययन की यादें साझा करते हुए कहा कि विज्ञान पढ़ने से पहले मुझे अंग्रेजी पढ़नी पड़ती थी जिसके कारण कई लेक्चर मैंने छोड़ दिए पर धीरे धीरे सब सिख गया, आज जो रिसर्च पेपर आए हैं सभी अंग्रेजी में है और शायद परंपरागत शायद अंग्रेजी में ही होते हैं पर हमें अब क्षेत्रीय भाषाओं में भी विज्ञान के अध्ययन और रिसर्च पेपर लाने की आवश्यकता है ताकि एक ग्रामीण परिवेश का व्यक्ति भी ज्ञान अर्जित कर सके इस पर ध्यान देना चाहिए।उन्होंने भारत में विज्ञान के उद्भव पर चिंतन करते हुए कहा कि विभिन्न विषयों पर भारत के मनीषियों एवं ऋषियों ने उस समय कितने चिंतन कर लिए थे जो आज भी चिंतन का विषय है। किसी एक विषय को समझने के लिए आप प्रायोगिक तरीकों से भी जा सकते हैं और वैचारिक तरीकों से भी जा सकते हैं पर आपको उस विषय को समझना है तो प्रायोगिक के साथ वैचारिक तरीकों का समावेश आवश्यक है। आर्यभट्ट जी ने जो किताब लिखी तो चार भागों में उसमें तीन सूत्र दिए जिनमें न्यूटन के तीन नियमों के संबंध में जानकारी प्राप्त हो जाती है।उन्होंने कहा कि हमारे छत्तीसगढ़ के यंग साइंटिस्ट के द्वारा प्रस्तुत किए गए 194 पेपर्स को जांचने के लिए देश भर से जो हमारे 45 परीक्षक आए हैं मैं उनका हृदय से आभार करना चाहता हूं। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ की सरकार ने राज्य में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी को प्रोत्साहित करने के लिए शोधकर्ताओं को भारत के विज्ञान तीर्थों का दर्शन कराने के लिए विज्ञान तीर्थ दर्शन योजना शुरू की जा रही है। जिसमें विज्ञान के विद्यार्थी सीवी रमन, शांति स्वरूप भटनागर, बीरबल साहनी, जगदीश चंद्र बोस, डॉ. होमी जहांगीर भाभा, विक्रम सारा भाई, सत्येंद्रनाथ बोस, हरगोविंद खुराना, सुब्रमण्यम चंद्रशेखर, अबुल कलाम आजाद जैसे भारत के महान वैज्ञानिकों के कार्यस्थल को जाकर देख सकेंगें और विज्ञान के अनुसंधानों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने अपने संबोधन में कहा कि ने छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा समर्थित विभिन्न योजनाओं और शोध परियोजनाओं का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि राज्य शासन किस प्रकार वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के लिए अनुसंधान अनुदान और तकनीकी सहायता प्रदान कर रहा है।इस अवसर पर प्रो. ओम प्रकाश व्यास ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि ट्रिपल आईटी नया रायपुर में इस सम्मेलन का आयोजन संस्थान की शोध एवं नवाचार को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि विज्ञान के बदलते स्वरूप और 'इंटरडिसिप्लिनरी' सहयोग पर जोर दिया। उन्होंने उपमुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि वर्तमान में युवा वैज्ञानिक कांग्रेस में 20 विषय श्रेणियाँ निर्धारित हैं। 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अंतरविषयी अनुप्रयोग' को 21वीं श्रेणी के रूप में जोड़ा जाए, ताकि उभरती डिजिटल तकनीकों में युवा प्रतिभाओं को विशेष मंच मिल सके।"छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक श्री पी. कवीश्वर ने कहा कि छत्तीसगढ़ युवा वैज्ञानिक सम्मेलन राज्य की एक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य युवा वैज्ञानिक प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें प्रोत्साहित करना और गुणवत्तापूर्ण शोध को बढ़ावा देना है। प्रो. एस. के. पांडेय ने कहा कि विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों की भूमिका वैज्ञानिक सोच विकसित करने और गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान को प्रोत्साहित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण है।कार्यक्रम में प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, महानिदेशक, छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद श्री पी. कवीश्वर, पूर्व कुलपति पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय प्रो. एस. के. पांडेय तथा कुलपति एवं निदेशक ट्रिपल आई टी नया रायपुर प्रो. ओम प्रकाश व्यास उपस्थित रहे।इस सम्मेलन में ऑनलाइन सबमिशन पोर्टल के माध्यम से कुल 194 शोध-पत्र प्राप्त हुए, जो देश भर के युवा शोधकर्ताओं ने अपने शोध-पत्र 20 विविध वैज्ञानिक विषयों में प्रस्तुत किए हैं। इस दो दिवसीय सम्मेलन के दौरान स्वीकृत शोध-पत्रों को उनके संबंधित विषय-क्षेत्र में विशेषज्ञों के पैनल के समक्ष प्रत्यक्ष रूप से प्रस्तुत किया जा रहा है, जिससे शोधार्थियों को अपने कार्य पर विशेषज्ञों की महत्वपूर्ण टिप्पणियाँ और सुझाव प्राप्त होंगे। निर्णायकगण विभिन्न विषय-धाराओं में प्रस्तुत शोध-पत्रों का मूल्यांकन कर प्रत्येक क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ शोध-पत्र का चयन करेंगे। इसके माध्यम से उभरते हुए युवा वैज्ञानिकों की पहचान कर उन्हें आगे के मार्गदर्शन, परामर्श और शोध के अवसरों के लिए प्रोत्साहित एवं सम्मानित किया जाएगा।सम्मेलन के समापन समारोह में 18 मार्च को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय भी शामिल होंगे। इस अवसर पर वे विभिन्न विषय-धाराओं में चयनित सर्वश्रेष्ठ शोध-पत्र प्रस्तुत करने वाले युवा वैज्ञानिकों को सम्मानित करेंगे और उन्हें पुरस्कार प्रदान करेंगे। इस समारोह में इटली की प्रतिष्ठित कंपनी स्मार्ट मी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. एंजेलो ज़ाइया भी शामिल होंगे।
- -प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना से सुरक्षित मातृत्व को दिया जा रहा बढ़ावा : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय-आँगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से लेकर राज्य स्तर के अधिकारियों ने सेवा, समर्पण और दृढ़ निश्चय से हासिल की उपलब्धिरायपुर । प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना को लाभार्थियों तक पहुंचाने में छत्तीसगढ़ अव्वल रहा है। इससे एक बार फिर साबित हुआ है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार न सिर्फ जनकल्याणकारी योजनाओं को तेजी से अमल में लाती है, बल्कि प्रशासनिक सक्रियता से उसे हर तबके तक समय पर पहुंचाने के अपने वादे को पूरा करती है।गर्भवती महिलाओं को प्रसव के दौरान पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रोत्साहित करने की इस केंद्रीय योजना के तेजी से क्रियान्वयन और शिकायतों का त्वरित निपटान कर छत्तीसगढ़ ने राजस्थान, मध्य प्रदेश, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्यों को पीछे छोड़ दिया है। यह सिर्फ एक सरकारी योजना का राज्य सरकार द्वारा क्रियान्वयन भर नहीं है, बल्कि इसके पीछे आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से लेकर पर्यवेक्षक, परियोजना अधिकारी और राज्य स्तर के अधिकारियों तक के सेवा, समर्पण और दृढ़ निश्चय से हासिल की गई उपलब्धि है।जच्चा एवं बच्चा का स्वास्थ्य राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान कर सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा दिया जा रहा है। छत्तीसगढ़ का प्रथम स्थान इस दिशा में किए जा रहे निरंतर प्रयासों का परिणाम है।ऐसे मिली उपलब्धिप्रशासनिक अमले द्वारा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की लगातार मॉनिटरिंग की गई और लाभार्थियों के पंजीयन पर मुख्य रूप से फोकस किया गया। इस योजना का लाभ लेने के लिए वर्ष 2023-24 में जहां 1,75,797 गर्भवती महिलाओं ने रजिस्ट्रेशन करवाया था, वहीं वर्ष 2024-25 में 2,19,012 रजिस्ट्रेशन किए गए। इसे ही लक्ष्य मानते हुए वर्ष 2025-26 में फरवरी तक 2,04,138 महिलाओं का रजिस्ट्रेशन किया गया जो लक्ष्य का 93.3 प्रतिशत है।रजिस्ट्रेशन के बाद इसे तुरंत मंजूरी देने पर फोकस किया गया। तय प्रक्रिया के अनुसार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा फार्म भरने, पर्यवेक्षक द्वारा इसके सत्यापन और परियोजना अधिकारी और राज्य स्तर पर मंजूरी देने में तेजी लाई गई। भरे गए आवेदनों के 83 प्रतिशत का परीक्षण कर इसे भुगतान के लिए केंद्र सरकार को भेजा गया। केंद्र से छत्तीसगढ़ को मिली स्वीकृति की दर भी सबसे ज्यादा 83.87 रही है।इसके बाद तीसरी कैटेगरी शिकायतों के निराकरण के संबंध में आंकड़ों का परीक्षण किया गया। लाभार्थियों की ज्यादातर शिकायतें भुगतान न होने को लेकर थी। इस पर तत्काल ध्यान दिया गया और कोई कमी थी तो उसे दूर किया गया। हालांकि राज्य सरकार ने सभी शिकायतों का निराकरण कर दिया गया, लेकिन केंद्र सरकार के आंकड़ों में 30 दिन से ज्यादा लंबित शिकायतों की संख्या 7 प्रतिशत पाई गई है। इसके बावजूद 93 प्रतिशत शिकायतों का निराकरण कर राज्य पहले स्थान पर रहा।यदि तीन वर्षों के आंकड़ों को देखा जाए तो छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत कुल 5,98,947 गर्भवती महिलाओं का रजिस्ट्रेशन किया गया, जिनमें से 5,40,624 को स्वीकृति दे दी गई।गर्भवती महिलाओं को प्रसव के दौरान और उससे पूर्व पौष्टिक आहार व अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार इस योजना के तहत 5 हजार रुपये और दूसरी बेटी के जन्म पर एकमुश्त 6 हजार रुपये देती है। यह राशि तीन किस्तों में दी जाती है। गर्भवती महिलाओं के रजिस्ट्रेशन के समय 1,000 रुपये, 6 माह बाद 2,000 रुपये और बच्चे के जन्म, पंजीकरण और टीकाकरण के बाद 2,000 रुपये का भुगतान किया जाता है। इसका मकसद संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देना और शिशु मृत्यु दर को कम करना है।
- रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय कक्ष में छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संस्था के प्रतिनिधि मंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री को 23 मार्च को बेमेतरा जिले में आयोजित स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिवार सम्मान समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने आमंत्रण के लिए संस्था के पदाधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का योगदान देश के इतिहास में अमूल्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिवारों का सम्मान करना हम सभी का दायित्व है। यह केवल कृतज्ञता प्रकट करने का अवसर नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को देशभक्ति, समर्पण और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देने का भी सशक्त माध्यम है।उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में राष्ट्रीय मूल्यों को सुदृढ़ करते हैं और स्वतंत्रता संग्राम के गौरवशाली इतिहास को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।इस अवसर पर छत्तीसगढ़ रजककार विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री प्रहलाद रजक, संस्था के अध्यक्ष डॉ. शिरीष शर्मा, डॉ. शिवेन्द्र त्रिपाठी, श्री ललित मिश्रा, श्री विनायक दीवान सहित अन्य प्रतिनिधि उपस्थित थे।
- एमआईसी ने वित्तीय वर्ष 2026- 27 के बजट प्रस्तावों की अनुशंसा कर बजट प्रस्तावों को चर्चा हेतु नगर निगम सामान्य सभा की बैठक में विचारार्थ रखने दिए निर्देशरायपुर/ रायपुर नगर पालिक निगम में महापौर श्रीमती मीनल चौबे की अध्यक्षता में मेयर इन काउंसिल ( एमआईसी ) बैठक, 21 निर्धारित एजेण्डों पर चर्चा की गयी और विचार उपरांत एजेंडावार आवश्यक निर्देश दिए गए. बैठक में एमआईसी ने रायपुर नगर पालिक निगम के वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट प्रस्तावों की अनुशंसा कर नियमानुसार रायपुर नगर पालिक निगम सामान्य सभा की बैठक में चर्चा हेतु विचारार्थ रखने के निर्देश दिए. महापौर श्रीमती मीनल चौबे की अध्यक्षता में एमआईसी की बैठक में रायपुर नगर पालिक निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, एमआईसी सदस्य सर्वश्री महेन्द्र खोडियार, मनोज वर्मा, अवतार भारती बागल, संतोष सीमा साहू, दीपक जायसवाल, नंदकिशोर साहू, खेम कुमार सेन, भोलाराम साहू, श्रीमती सरिता आकाश दुबे, डॉ अनामिका सिंह, श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर, श्रीमती संजना संतोष हियाल सहित अपर आयुक्त गणों, मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंतागणों, उपायुक्तगणों, जोन कमिश्नरों, कार्यपालन अभियंतागणों, सभी विभागों के प्रभारी अधिकारीगणों की नगर निगम मुख्यालय भवन महात्मा गाँधी सदन के तृतीय तल सभाकक्ष एमआईसी बैठक कक्ष में उपस्थिति रही.
- अधिकारियों को दिए त्वरित कार्यवाही के निर्देशबिलासपुर/कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने आज जिला कार्यालय में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन में आम नागरिकों सहित ग्रामीण क्षेत्रों से आए किसानों एवं ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को उनका त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए। जनदर्शन में राजस्व एवं प्रधानमंत्री आवास योजना से संबंधित आवेदन अधिक मिले। जनदर्शन में नगर निगम कमिश्नर श्री प्रकाश कुमार सर्वे एवं जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप अग्रवाल ने भी लोगों की समस्याएं सुनकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए।जनदर्शन में आज धुरीपारा मंगला निवासी पुरूषोत्तम पटेल ने कलेक्टर से मुलाकात कर बताया कि कृषि भूमि में उनके पिताजी के नाम की जगह अन्य व्यक्ति का नाम ऑनलाईन दिख रहा है। जिससे उन्हें भविष्य में जमीन से जुड़े कार्याें में परेशानी आ सकती है। कलेक्टर ने एसडीओ बिलासपुर को जांच कर आवश्यक कार्यवाही करने कहा। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बेलगहना के सेवानिवृत्त पुरूष पर्यवेक्षक ने कलेक्टर से सेवानिवृत्ति के पश्चात जीपीएफ राशि का अंतिम भुगतान दिलाने की गुहार लगाई। कलेक्टर ने मामले को सीएमएचओ को सौंपा है। सीपत तहसील के उच्चभट्ठी निवासी किसान संतराम एवं गिरधारी लाल सूर्यवंशी ने किसान सम्मान निधि की राशि नहीं मिलने की शिकायत की है। उन्होंने बताया कि उन्हें केवल दो किस्त की राशि प्राप्त हुई है उसके बाद की राशि आज दिनांक तक ई-केवायसी कराने के बाद भी नहीं मिल रही है। कलेक्टर ने उप संचालक कृषि को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए। ग्राम पंचायत दगोरी के सरपंच श्री मथुरा प्रसाद ने शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला दगोरी में मूलभूत सुविधाओं जैसे की पेयजल की आपूर्ति, अहाता, शौचालय सहित शिक्षक व्यवस्थाओं के लिए आवेदन दिया। उन्होंने बताया कि शाला में 237 बच्चे वर्तमान में स्कूल में अध्ययनरत है। शौचालय में पानी नहीं है। इस संबंध में शिक्षा विभाग को अवगत कराया जा चुका है लेकिन अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है।तिफरा निवासी श्रीमती अमरिका बाई ने कलेक्टर से मुलाकात कर आवेदन दिया कि महतारी वंदन योजना की भुगतान राशि मिलना बंद हो गया है। उन्होंने बताया कि किसी त्रुटिवश मेरे आवेदन में मुझे मृत दर्शा दिया गया है जिससे उन्हें योजना की राशि नहीं मिल पा रही है। अब तक केवल 5 किस्तों की राशि ही मिली है। कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास विभाग अधिकारी को मामले का निराकरण करने का निर्देश दिया। बिटकुली तहसील के पत्थरखान निवासी श्री मनोज पाण्डेय ने उनके गांव में गौधाम योजना शुरू करने की मांग की। रामा लाईफ सिटी सकरी निवासी श्री अशोक कुमार धुरी ने कलेक्टर से शिकायत करते हुए आवेदन दिया कि उनके नाम से किसी ने फर्जी लोन निकाल लिया है। उन्होंने एसबीआई मस्तुरी के ब्रांच मैनेजर, स्टॉफ एवं अज्ञात व्यक्ति के विरूद्ध उचित कार्रवाई करते हुए केसीसी फर्जी लोन को समाप्त करने निवेदन किया। कलेक्टर ने मामले की जांच लीड बैंक मैनेजर को करने के निर्देश दिए है। तखतपुर के ग्राम विजयपुर निवासी श्री घनाराम सहित अन्य लोगों ने प्राथमिक शाला के शिक्षक श्री अभिमन्यु मरकाम एवं भरत धु्रव के विरूद्ध शिकायत करते हुए बताया कि प्रायः स्कूल में शराब पीकर आते है। हुल्लड़ करते है और अध्यापन कार्य नहीं करते है। इनके ऐसे कृत्य से छात्र-छात्राएं एवं ग्रामीण काफी परेशान हो चुके है। कलेक्टर ने डीईओ को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए है।श्री राम केयर अस्पताल के विरूद्ध शिकायत -आजाद नगर निवासी श्री शैलेन्द्र सिंह ठाकुर ने नेहरू नगर स्थित श्री राम केयर अस्पताल के विरूद्ध शिकायत करते हुए कलेक्टर को बताया कि अस्पताल में आयुष्मान योजना के तहत इलाज करा रहे मरीजों के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है। वार्ड एवं परिसर मे गंदगी एवं अव्यवस्था तथा साफ-सफाई की कमी के कारण मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। निगम से पास नक्शे के विपरीत निर्माण किया गया है एवं अस्पताल की बिल्डिंग के उपर अवैध रूप से छत पर टीन का शेड बनाकर अतिरिक्त निर्माण किया गया है। कलेक्टर ने नगर निगम आयुक्त एवं सीएमएचओ को मामले की जांच के निर्देश दिए।
- किसानों से लेकर सोलर योजना तक, हर मोर्चे पर तेजी के निर्देश : अग्रवालटीएल बैठक में सख्त संदेश: समय पर काम, तभी बेहतर एसीआर : कलेक्टरबिलासपुर/कलेक्टर संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित टीएल (समय-सीमा) बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के शेष लक्ष्य पूर्ति की विभागवार गहन समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि वित्तीय वर्ष के समापन में अब मात्र दो सप्ताह शेष हैं, ऐसे में सभी विभाग युद्धस्तर पर कार्य करते हुए लक्ष्य प्राप्ति सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि अधिकारियों की एसीआर (वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट) कार्य प्रदर्शन और लक्ष्य पूर्ति के आधार पर ही लिखी जाएगी।बैठक में वन भूमि अधिकार के तहत लगभग 3 हजार तैयार पट्टों के शीघ्र वितरण के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को हर साल मिलने वाली 6 हजार रुपये की सहायता को महत्वपूर्ण बताते हुए सभी पात्र किसानों का ई-केवाईसी पूर्ण कराने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देशित किया कि मृत किसानों के वारिसों को भी योजना का लाभ दिलाने हेतु उनका नाम रिकॉर्ड दर्ज किया जाए। वर्तमान में जिले के 25 से 30 हजार किसान अभी भी सम्मान निधि योजना से वंचित हैं।कलेक्टर ने बताया कि इस वर्ष लगभग 5 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में गर्मी धान का रकबा कम हुआ है। इस क्षेत्र में वैकल्पिक एवं लाभकारी फसलों को बढ़ावा देने, किसानों को आदान सहायता उपलब्ध कराने और उन्हें प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए बताया गया कि जिले में अब तक 2,692 सोलर प्लांट स्थापित हो चुके हैं, जबकि 7 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। योजना को गति देने के लिए कलेक्टर ने संबंधित विभागों और हाउसिंग सोसाइटियों की संयुक्त बैठक बुधवार को आयोजित करने के निर्देश दिए।शिक्षा विभाग को निर्देशित किया गया कि सभी स्कूलों में बालिकाओं के लिए पृथक शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जहां यह सुविधा नहीं है, वहां सर्वे कर नए निर्माण के प्रस्ताव भेजे जाएं तथा पुराने जर्जर शौचालयों की मरम्मत कराई जाए। पीएचई विभाग द्वारा जानकारी दी गई कि 635 हैंडपंपों का जलस्तर नीचे चला गया है, जिनमें राइजिंग पाइप बढ़ाने का कार्य जारी है। कलेक्टर ने निर्माण विभागों को सूखे तालाबों की गहराई बढ़ाने हेतु मिट्टी-मुरूम निकालने के प्रस्ताव शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, ताकि जल संग्रहण क्षमता बढ़ाई जा सके।इसके साथ ही निर्माण एजेंसियों को स्वीकृत कार्यों में तेजी लाने, सड़कों का निर्माण चौड़ाई में करने तथा अर्जित भूमि का 15 दिनों के भीतर शासन के पक्ष में नाम पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने यह भी कहा कि माननीय हाई कोर्ट के निर्देशों और निर्णयों का समय-सीमा में पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि अवमानना की स्थिति उत्पन्न न हो। बैठक में मुख्यमंत्री जनदर्शन, सीएम की घोषणा, पीएम पोर्टल, विभिन्न आयोगों और वरिष्ठ कार्यालयों से प्राप्त पत्रों के निराकरण की समीक्षा की गई। बैठक में निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
- बिलासपुर/ बढ़ती गर्मी को देखते हुए कलेक्टर संजय अग्रवाल ने आमजन, नगरीय निकायों, ग्राम पंचायतों एवं समाजसेवी संस्थाओं से मानवीय पहल करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि गर्मी के इस मौसम में राहगीरों, पशु-पक्षियों और गौवंश को पानी की सबसे अधिक आवश्यकता होती है, ऐसे में सभी को मिलकर उनके लिए पानी की व्यवस्था करनी चाहिए।कलेक्टर ने नगरीय निकायों और ग्राम पंचायतों से प्रमुख स्थानों पर राहगीरों के लिए प्याऊ खोलने की अपील की है, ताकि लोगों को गर्मी में राहत मिल सके। उन्होंने नागरिकों से भी आग्रह किया कि वे अपने घरों के बाहर टब,बर्तन या सकोरा में पानी भरकर रखें, जिससे पशु-पक्षियों, गौवंश और आवारा कुत्तों को पानी के लिए भटकना न पड़े। उन्होंने कहा कि हर वर्ष समाजसेवी संस्थाएं इस तरह के पुण्य कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती हैं। इस वर्ष भी सभी संस्थाएं और नागरिक आगे आकर सेवा भाव से इस अभियान में सहयोग करें, ताकि भीषण गर्मी के दौरान अधिक से अधिक जीवों को राहत मिल सके।
- भिलाई नगर। शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और यातायात को सुगम बनाने की दिशा में प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। कलेक्टर अभिजीत सिंह, नगर निगम आयुक्त राजीव कुमार पांडेय एवं लोक निर्माण विभाग (PWD) के कार्यपालन अभियंता की उपस्थिति में प्रस्तावित कैनाल रोड का विस्तृत निरीक्षण किया गया। यह प्रस्तावित मार्ग अवंती बाई चौक से पॉवर हाउस स्थित शीतला कॉम्प्लेक्स तक बनाया जाना है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने परियोजना की बारीकियों और धरातलीय चुनौतियों का जायजा लिया । लोक निर्माण विभाग द्वारा प्रस्तावित सड़क की मार्किंग (सीमांकन) का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। निरीक्षण के दौरान रोड के एलाइनमेंट और चौड़ाई का सूक्ष्मता से अवलोकन किया गया।कैनाल रोड के निर्माण में बाधा बन रहे सभी अवैध अतिक्रमणों को चिन्हित कर लिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सड़क निर्माण के कार्य को निर्बाध गति से चलाने के लिए जल्द ही अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही शुरू की जाएगी। इस सड़क के बनने से पॉवर हाउस क्षेत्र और अवंती बाई चौक के बीच यातायात का दबाव कम होगा और नागरिकों को एक वैकल्पिक सुगम मार्ग उपलब्ध होगा। कलेक्टर अभिजीत सिंह ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए और समय-सीमा के भीतर आवश्यक प्रारंभिक प्रक्रियाओं को पूरा किया जाए।निरीक्षण के दौरान अनुविभागीय दंडाधिकारी हितेश पिस्दा, तहसीलदार डिगेश्वर साहू, जोन आयुक्त अजय राजपूत, कार्यपालन अभियंता संजय अग्रवाल, उप अभियंता शबनम निशा एवं अन्य अधिकारी गण उपस्थित रहे।--




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