- Home
- छत्तीसगढ़
- -22 मई तक कर सकेंगे आवेदन, मनोवैज्ञानिक एवं मनोसामाजिक विशेषज्ञों को मिलेगा अवसररायपुर ।किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम 2015 के तहत किशोर न्याय बोर्ड में जघन्य अपराधों से जुड़े मामलों के प्रारंभिक निर्धारण के लिए विशेषज्ञों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। यह नियुक्ति 16 वर्ष या उससे अधिक आयु के बालकों द्वारा किए गए गंभीर अपराधों के मामलों में आवश्यक मनोवैज्ञानिक एवं सामाजिक मूल्यांकन के उद्देश्य से की जाएगी।प्रारंभिक निर्धारण प्रक्रिया में संबंधित बालक की मानसिक एवं शारीरिक क्षमता, अपराध के परिणामों को समझने की योग्यता तथा अपराध की परिस्थितियों का परीक्षण किया जाएगा। इसके लिए अनुभवी मनोवैज्ञानिक, मनोसामाजिक कार्यकर्ता एवं अन्य विशेषज्ञों की सेवाएं ली जाएंगी। इच्छुक आवेदक निर्धारित प्रारूप में आवश्यक दस्तावेजों सहित 22 मई 2026 तक जिला बाल संरक्षण इकाई, महिला एवं बाल विकास विभाग, बलरामपुर में आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए मोबाइल नंबर 9826278915 एवं 9770055820 पर संपर्क किया जा सकता है।
- बालोद। बालोद जिले में मंगलवार को सीवरेज पाइपलाइन बिछाने के काम के दौरान मिट्टी धंसने से तीन मजदूरों की दबकर मौत हो गई। पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि यह घटना दल्ली राजहरा शहर में उस वक्त हुई, जब मंगलवार शाम मजदूर भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) की एक कॉलोनी में सीवरेज के लिए नयी पाइपलाइन बिछाने का काम कर रहे थे। उन्होंने बताया कि मजदूर करीब 10 फुट गहरे गड्ढे के अंदर काम कर रहे थे, तभी अचानक मिट्टी धंस गई और वे उसके नीचे दब गए। तीनों मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई। उन्होंने बताया कि पुलिस और नगर निगम के अधिकारियों ने बचाव अभियान शुरू कर दिया, लेकिन तीनों मजदूरों की जान जा चुकी थी।। मृतकों की पहचान किशुन कुमार, राकेश कुमार और महिला मजदूर बैशाखिन के रूप में हुई है।इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश व्याप्त है। लोगों का आरोप है कि काम के दौरान सुरक्षा के उचित इंतजाम नहीं किए गए थे।प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
- -कवर्धा के घोटिया में बनेगा नया विद्युत उपकेंद्र, 13 वार्डों के 8614 उपभोक्ताओं को मिलेगा लाभरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में विद्युत अधोसंरचना को मजबूत बनाने और आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण बिजली सुविधा उपलब्ध कराने के लिए लगातार व्यापक कार्य किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में कबीरधाम जिले के कवर्धा शहर में बढ़ती विद्युत मांग को देखते हुए घोटिया स्थित नवीन बस स्टैंड के पास 33/11 केव्ही विद्युत उपकेंद्र का निर्माण किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने मुख्यमंत्री अधोसंरचना विकास योजना अंतर्गत लगभग 2.06 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इस उपकेंद्र का भूमिपूजन किया।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत व्यवस्था को आधुनिक और सुदृढ़ बनाने के लिए तेजी से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि नया विद्युत उपकेंद्र शुरू होने से आसपास के क्षेत्रों को बेहतर एवं निर्बाध बिजली आपूर्ति मिल सकेगी। इस परियोजना से कवर्धा शहर के 13 वार्डों के लगभग 8 हजार 614 उपभोक्ता सीधे लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बनने के बाद पिछले ढाई वर्षों में जिले में विद्युत अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य किए गए हैं।दलदली, सेमो और सरेखा में नए उपकेंद्रों का भूमिपूजन पहले ही किया जा चुका है तथा दुबहा में भी जल्द नए उपकेंद्र का भूमिपूजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिले में पांच नए सब स्टेशन स्थापित करने की दिशा में तेजी से कार्य चल रहा है।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि विद्युत आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने के लिए ट्रांसफार्मर और सब स्टेशन अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। ट्रांसफार्मरों की संख्या बढ़ने से लो वोल्टेज, ओवरलोड और बार-बार बिजली बाधित होने जैसी समस्याओं में कमी आती है। उन्होंने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में जिले में अब तक 486 नए ट्रांसफार्मर स्थापित किए जा चुके हैं तथा आने वाले समय में भी यह कार्य जारी रहेगा। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने अधिकारियों को कार्य समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश देते हुए नवंबर माह तक इस उपकेंद्र से विद्युत आपूर्ति प्रारंभ करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।घोटिया में बनने वाले नए विद्युत उपकेंद्र में 5 एमव्हीए क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर स्थापित किया जाएगा। वर्तमान में कवर्धा शहर की विद्युत व्यवस्था दो पावर ट्रांसफार्मरों के माध्यम से संचालित हो रही है, जबकि नया ट्रांसफार्मर शहर की लगभग 40 प्रतिशत आबादी को कवर करेगा। इससे वोल्टेज की समस्या, लाइन फॉल्ट और ओवरलोड जैसी परेशानियों से लोगों को राहत मिलेगी। इस नए उपकेंद्र से तीन नए 11 केव्ही फीडर-मेडिकल कॉलेज फीडर, तुलसीनगर फीडर और राजदीप कॉलोनी फीडर निकाले जाएंगे। इनके माध्यम से नव विकसित क्षेत्रों में बेहतर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। विद्युत विभाग के अधिकारियों ने बताया कि उपकेंद्र शुरू होने के बाद लोहारा नाका स्थित उपकेंद्र का भार भी यहां स्थानांतरित किया जाएगा, जिससे दशरंगपुर, टाउन-1 और रामनगर फीडरों पर दबाव कम होगा तथा अंतिम छोर तक गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराई जा सकेगी।
- रायपुर। बलौदा बाजार कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निर्देशानुसार जिले में अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन पर खनिज विभाग द्वारा कार्यवाही की जा रही है। इसी कड़ी में तहसील लवन के ग्राम तिल्दा के महानदी में अवैध रेत उत्खनन पर खनिज विभाग द्वारा विगत गुरुवार को निरीक्षण किया। मौक़े पर अवैध उत्खनन या परिवहन होना नही पाया गया,लेकिन मौके पर उत्खनन करने के उद्देश्य से नदी में पहुंचने हेतु रैम्प का निर्माण होना पाया गया, जिसे जेसीबी मशीन से काटकर मार्ग अवरूद्ध किया गया,ताकि भविष्य में रेत की चोरी ना हो सके।जांच के दौरान मौके पर उपस्थित ग्रामीण सुरेश डहरिया, विष्णु डहरिया, चिंतामणी घृतलहरे, सत्या डहरिया एवं दीप सिंह डहरिया के द्वारा बताया गया कि गांव के सरपंच द्वारा प्रति ट्रेक्टर रेत भरने के एवज में 200 रुपए ट्रेक्टर चालकों से वसूल किया जाता है। जिस हेतु खनिज विभाग द्वारा छ.ग. पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा-40 के तहत् सरपंच ग्राम पंचायत तिल्दा के विरूद्ध कार्यवाही किये जाने हेतु जिला पंचायत एवं संबंधित अनुविभागीय अधिकारी को पत्र लिखा गया है। इसके पूर्व 29 अप्रैल को तिल्दा क्षेत्र का जांच किया गया, जांच के दौरान 4 नग मय रेत ट्राली सहित ट्रेक्टर नदी क्षेत्र में खनिज रेत के अवैध उत्खनन,निकासी के दृष्टिकोण से रेत लोड करते पाये गये। उत्खननकर्ताओं के पास वैध खनिज अनुमति दस्तावेज,अभिवहन पारपत्र नही होने के फलस्वरूप वाहनों को खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा-21 (4) सहपठित छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम, 2015 के नियम-71 एवं छत्तीसगढ़ खनिज (खनन, परिवहन तथा भंडारण) नियम, 2009 के नियम-4(3) के तहत जब्त कर थाना लवन में सुरक्षार्थ सुपुर्द किया जाकर अवैध उत्खनन का प्रकरण दर्ज किया गया।
- -बिलासपुर संभाग के 850 श्रद्धालु आस्था स्पेशल ट्रेन से अयोध्या रवानाबिलासपुर ।छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी रामलला दर्शन योजना के तहत आज भक्ति और उत्साह का अनुपम दृश्य देखने को मिला। बिलासपुर संभाग के विभिन्न जिलों से चयनित 850 श्रद्धालुओं को लेकर एक विशेष ट्रेन बिलासपुर रेलवे स्टेशन से अयोध्या धाम के लिए रवाना हुई। अब तक प्रदेश के 46 हजार 750 श्रद्धालु कुल 55 विशेष ट्रेनों के माध्यम से प्रभु राम के दर्शन कर चुके हैं।विशेष ट्रेन को विधायक (बेलतरा) श्री सुशांत शुक्ला ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती ललिता संतोष कश्यप सहित जिला प्रशासन, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड और आईआरसीटीसी के अधिकारी उपस्थित रहे। अतिथियों ने पुष्प वर्षा और तिलक लगाकर श्रद्धालुओं का अभिनंदन किया। पूरा स्टेशन जय श्रीराम और रामलला हम आएंगे के नारों से सराबोर रहा।इस यात्रा की विशेष बात यह है कि श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम के साथ-साथ वाराणसी में बाबा काशी विश्वनाथ के दर्शन का भी अवसर मिलेगा। यात्रियों ने इसे अपना जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य बताते हुए कहा कि एक ही यात्रा में दो प्रमुख ज्योतिर्लिंग और धामों के दर्शन मिलना सुखद है।यात्रा पर रवाना हो रहे बुजुर्गों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के यात्रियों की आंखें भावुक थीं। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण अयोध्या जाने का सपना केवल एक कल्पना थी, जिसे राज्य सरकार ने पूरी गरिमा और निःशुल्क व्यवस्था के साथ साकार कर दिया है।छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 2024 में शुरू की गई यह योजना सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक बन गई है। रामलला दर्शन योजना के तहत यात्रा, भोजन, आवास, चिकित्सा और सुरक्षा का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करती है। आवेदक छत्तीसगढ़ का मूल निवासी हो और उसकी आयु 18 से 75 वर्ष के बीच हो। जिला कलेक्टर कार्यालय, जनपद पंचायत या नगर निगम से आवेदन किया जा सकता है। इसके लिए आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र और मेडिकल फिटनेस अनिवार्य रखा गया है।
- -अभ्यर्थियों की सूची व्यापम को प्रेषित, सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है भर्तीरायपुर । छत्तीसगढ़ वन विभाग में वनरक्षक के 1484 पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया अंतिम चरणों में है। विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, शारीरिक दक्षता परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न हो चुकी है। इसमें सफल पाए गए अभ्यर्थियों की सूची लिखित परीक्षा के आयोजन हेतु छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) को भेज दी गई है। छत्तीसगढ़ वन विभाग में वनरक्षक की भर्ती व्यापम का समन्वय लिखित परीक्षा का आयोजन व्यापम द्वारा किया जाएगा। विभाग ने व्यापम से परीक्षा तिथि शीघ्र घोषित करने का औपचारिक अनुरोध किया है। भर्ती से संबंधित सभी प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। वन विभाग ने अभ्यर्थियों से धैर्य बनाए रखने की अपील की है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि युवाओं के रोजगार के अवसर और भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शिता के साथ समय पर पूरा करना शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।
- -वीबी जी राम जी के प्रभावी क्रियान्वयन तथा स्व-सहायता समूहों के उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने के दिए निर्देश-केंद्रीय राज्य मंत्री श्री पासवान ने मनरेगा में क्यूआर कोड नवाचार की सराहना कीरायपुर ।भारत सरकार के केंद्रीय राज्य ग्रामीण विकास मंत्री श्री कमलेश पासवान आज अपने दो दिवसीय प्रवास पर राजधानी रायपुर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने नया रायपुर स्थित न्यू सर्किट हाउस में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के राज्य स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली तथा केंद्र एवं राज्य शासन द्वारा संचालित विभिन्न ग्रामीण विकास योजनाओं की प्रगति की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।केंद्रीय राज्य मंत्री श्री पासवान ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत आरसेटी द्वारा संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की सराहना करते हुए कहा कि इन प्रयासों से ग्रामीण युवाओं एवं महिलाओं को स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में नई ऊर्जा मिल रही है। उन्होंने छत्तीसगढ़ में ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी एवं बेहतर क्रियान्वयन के लिए विभागीय अधिकारियों की प्रशंसा भी की।समीक्षा बैठक के दौरान श्री पासवान ने राज्य में पंचायत एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों का अवलोकन करते हुए वीबी जी राम जी के सफल एवं प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शिता एवं समयबद्ध तरीके से पहुंचाना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।केंद्रीय राज्य मंत्री श्री पासवान ने मनरेगा अंतर्गत छत्तीसगढ़ के उत्कृष्ट प्रदर्शन की विशेष रूप से सराहना करते हुए कहा कि राज्य ने ग्रामीण रोजगार सृजन, जल संरक्षण, सामुदायिक परिसंपत्तियों के निर्माण तथा हितग्राहियों को समयबद्ध लाभ पहुंचाने में उल्लेखनीय कार्य किया है। उन्होंने मनरेगा में क्यूआर कोड नवाचार की सराहना करते हुए कहा कि मनरेगा क्रियान्वयन में राज्य देश के अग्रणी राज्यों में से एक है। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के कार्यो की प्रगति की भी प्रशंसा की और कहा कि राज्य द्वारा किए जा रहे नवाचार एवं जनहितकारी प्रयास अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणास्रोत हैं।केंद्रीय राज्य मंत्री ने राज्य शासन द्वारा संचालित “मोर गांव मोर पानी” महाभियान के अंतर्गत किए जा रहे जल संरक्षण एवं संवर्धन कार्यों की भी सराहना की। उन्होंने इसे ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं जनभागीदारी आधारित पहल बताया।श्री पासवान ने स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने पर विशेष बल देते हुए कहा कि “छत्तीसकला” ब्रांड अंतर्गत निर्मित उत्पादों को मॉल, रेलवे स्टेशन एवं अन्य भीड़-भाड़ वाले सार्वजनिक स्थलों पर स्टॉल लगाकर जन-जन तक पहुंचाया जाए, ताकि ग्रामीण महिलाओं की आय में वृद्धि हो तथा उनके उत्पादों को बेहतर पहचान मिल सके।उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई), महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा), प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम), दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना (डीडीयू-जीकेवाई) तथा राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (एनएसएपी) सहित ग्रामीण विकास मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन एवं उपलब्धियों की विस्तार से समीक्षा की। इस बैठक में अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, सचिव श्री भीम सिंह, आयुक्त मनरेगा श्री तारण प्रकाश सिन्हा, संचालक एनआरएलएम श्री अश्विनी देवांगन सहित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
- - शासकीय कार्यों में दक्षता एवं उत्पादकता बढ़ाने पर विशेष जोर-100 से अधिक अधिकारियों-कर्मचारियों ने प्रशिक्षण में की सहभागिता, हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण से अधिकारियों में बढ़ा आत्मविश्वासरायपुर /सुशासन एवं अभिसरण विभाग द्वारा नवा रायपुर स्थित भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) में “डिजिटल उत्पादकता एवं एआई एकीकरण विषय पर चरणबद्ध एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न हुआ । कार्यक्रम का उद्देश्य शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की डिजिटल दक्षता बढ़ाना, प्रशासनिक कार्यों में तकनीक आधारित कार्य संस्कृति को प्रोत्साहित करना तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का जिम्मेदारी से उपयोग के प्रति जागरूकता विकसित करना था।प्रशिक्षण कार्यक्रम में सामान्य प्रशासन विभाग के 100 से अधिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम में कार्यालयीन कार्यों में दक्षता वृद्धि, त्वरित निर्णय प्रक्रिया, दस्तावेज निर्माण, सूचना संक्षेपण एवं कार्य निष्पादन को अधिक प्रभावी बनाने में डिजिटल तकनीकों एवं एआई टूल्स की उपयोगिता पर विस्तार से जानकारी दी गई।कार्यक्रम के दौरान ट्रिपल आईटी के डायरेक्टर डॉ. ओ.पी. व्यास द्वारा विभिन्न तकनीकी एवं व्यावहारिक सत्र संचालित किए गए। उन्होंने जनरेटिव एआई के उपयोग, उसकी संभावनाओं एवं सीमाओं तथा प्रशासनिक कार्यों में उसकी उपयोगिता पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एआई मानव बुद्धिमत्ता का सहयोगी उपकरण है, जिसका उपयोग कार्यों को अधिक व्यवस्थित एवं प्रभावी बनाने में किया जा सकता है।प्रशिक्षण का प्रमुख आकर्षण इंटरैक्टिव एवं हैंड्स-ऑन सत्र रहे, जिनमें प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में एआई टूल्स का व्यावहारिक उपयोग किया। अधिकारियों को शासन में एआई के वास्तविक उपयोग मामलों, डिजिटल उत्पादकता समाधानों एवं दैनिक प्रशासनिक कार्यों में तकनीक के प्रभावी उपयोग का अभ्यास कराया गया। इससे प्रतिभागियों में नई तकनीकों को अपनाने एवं उनका उपयोग करने के प्रति आत्मविश्वास विकसित हुआ।कार्यक्रम में एआई का जिम्मेदारी एवं विवेकपूर्ण उपयोग पर विशेष जोर दिया गया। प्रतिभागियों को बताया गया कि एआई एक अत्यंत उपयोगी एवं शक्तिशाली तकनीक है, परंतु यह पूर्णतः त्रुटिहीन नहीं है, इसलिए एआई का उपयोग करते समय मानव निगरानी, समालोचनात्मक सोच एवं बौद्धिक जिम्मेदारी बनाए रखना आवश्यक है।प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में ट्रिपल आईटी के डीन श्री के.जी. श्रीनिवास तथा प्रशिक्षकगण आकांक्षा शर्मा, प्रेमा पटेल, गौरव शर्मा, डॉ. शैलेंद्र मिश्रा एवं उपेंद्र अग्रवाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सुशासन एवं अभिसरण विभाग ने भविष्य में भी इस प्रकार के क्षमता निर्माण कार्यक्रमों का विस्तार करने तथा शासन में डिजिटल नवाचार एवं तकनीक आधारित कार्य संस्कृति को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
- -वैभवपूर्ण और आर्थिक समृध्दिशाली भारत बनाना हमारा लक्ष्य - शिवप्रकाशरायपुर। भारतीय जनता पार्टी प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में बुधवार को भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति बैठक आहूत की गई। बैठक का शुभारंभ राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जम्वाल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव, प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय, केन्द्रीय मंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री द्वय अरूण साव एवं विजय शर्मा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। भाजपा राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश ने उपस्थित पदाधिकारियों को मार्गदर्शन देते हुए कहा कि सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की जो चर्चा हम करते हैं उससे जन-जन को जोड़ने का कार्य करने वाले महापुरूष पश्चिम बंगाल से आते है। भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी की कर्मभूमि प. बंगाल में भाजपा की जीत हमारी वैचारिक जीत है। इसके साथ ही असम सहित दूसरे राज्यों में हमारी महत्वपूर्ण जीत हुई है। हम भारत को वैभवपूर्ण एवं विकसित भारत बनाने के लक्ष्य को लेकर चल रहे हैं। समरस समाज का निर्माण हमारा लक्ष्य हो। कार्यकर्ता की संवेदनशीलता का भाव प्रेरणा का स्त्रोत होता है। वैभवपूर्ण और आर्थिक समृध्दिशाली भारत बनाना हमारा लक्ष्य है। विकास और सुशासन में संतुलन बनाते हुए 140 करोड़ भारतवासियों में सांस्कृतिक गौरव का भाव स्थापित करना है। उस लक्ष्य के लिए भाजपा की राजनीतिक यात्रा चल रही है। हम सब मिलकर फिर से मजबूत छत्तीसगढ़ व विकसित भारत के लिए जुटेंगे।मोदी की गारंटी के वादों को पूरा करके जन विश्वास अर्जित किया है - मुख्यमंत्री सायमुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं पर भाजपा के जनाधार को लगातार बढ़ाने की महती जिम्मेदारी है। पश्चिम बंगाल में भाजपा की ऐतिहासिक जीत, असम व पुडुचेरी में लगातार शानदार वापसी की बधाई देते हुए इन चुनावों राज्यों में छत्तीसगढ़ के प्रवासी कार्यकर्ताओं के अनथक परिश्रम का जिक्र कर उनका अभिनंदन किया। श्री साय ने प्रदेश में नक्सली आतंक के खात्मे की चर्चा करते हुए कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन तथा प्रदेश के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के अनथक परिश्रम से यह कार्य समयबध्द ढंग से पूरा हुआ है। हम मानते है कि केवल नक्सलवाद खत्म करना ही पर्याप्त नहीं था, बल्कि नक्सलवाद प्रभावित क्षेत्रों में विकास की किरण पहुंचाना भी हमारा लक्ष्य है। और नियद नेल्लानार योजना के तहत इन क्षेत्रों में लगातार विकास कार्य हुए और वहां बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। मोदी की गारंटी के तहत किए गए वादों को पूरा करके प्रदेश सरकार ने जन विश्वास अर्जित किया है।भाजपा कार्यकर्ता 365 दिन सक्रिय रहते हैं - किरण देवभाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल की जीत बहुत बड़ी जीत है। विश्व में इसकी चर्चा हुई। तमिलनाडु व केरलम में भी हमारी ताकत बढ़ी है। इसके लिए सभी प्रवासी कार्यकर्ताओं को बधाई देते हुए श्री देव ने विधानसभा चुनाव से लेकर लोकसभा, पंचायत व नगरीय निकाय चुनावों के साथ संगठनात्मक गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनावों में 54 सीटों पर करिश्माई जीत के बाद लोकसभा चुनावों में झूठे नरेटिव के बावजूद भाजपा ने प्रदेश की 11 में से 10 लोकसभा सीटों पर जीत दर्ज की। प्रदेश सरकार के प्रयासों और विधानसभा के संकल्प पत्र मोदी की गारंटी को पूरा करके डबल इंजन की सरकार के रूप में सार्थकता सिद्ध करने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आभार व्यक्त करते हुए श्री देव में कहा कि ओड़िशा में भी छत्तीसगढ़ मॉडल से भाजपा ने शानदार जीत अर्जित की।कार्यकर्ता संगठन का आधार होता है - जम्वालभाजपा क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जम्वाल ने संगठन कौशल, व्यवस्था और जिला प्रशिक्षण विषय पर अपने प्रबोधन में कहा कि कार्यकर्ता संगठन का आधार होता है। कार्यकर्ता अधिक सुव्यवस्थित हो, उसका सर्वांगीण विकास हो, उसके लिए प्रशिक्षण सहित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित की जाती है। हम अपने घोषित लक्ष्यों को राष्ट्र-माला में पिरोकर चल रहे हैं। आगामी दिनों में जिलों प्रशिक्षण वर्गों का कार्यक्रम होना है वह अनुशासित, व्यवस्थित व प्रभावी हो। वरिष्ठ पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को वर्गों में रात्रि विश्राम करके कार्यकर्ताओं की सभी तरह की जिज्ञासाओं का समाधान करना चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ी स्पष्ट दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ें।हमारे लिए राष्ट्र प्रथम की भावना ही सर्वोच्च है - तोखन साहूकेन्द्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने कहा कि अपने गठन के समय से भाजपा लगातार आगे बढ़ रही है और यह हमारी लक्ष्य निष्ठ वैचारिक प्रतिबध्दता का सुपरिणाम है। हमारे लिए राष्ट्र प्रथम की भावना ही सर्वोच्च है। आज प्रधानमंत्री श्री मोदी न केवल देश अपितु विश्व के सर्वाधिक लोकप्रिय नेता के रूप में स्थापित हुए है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में चलाई जा रही योजनाओं का विकास कार्यों का क्रियान्वयन प्रदेश सरकार कर रही है।संगठन की कार्य योजना से सब जुड़े: सायभाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय ने संगठनात्मक गतिविधियों की चर्चा करते हुए पार्टी के कार्यो की समीक्षा की एवं आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि सतत प्रवास और कार्यों की निगरानी करने से संगठन की शक्ति में वृद्धि होगी। नगरीय निकायों, व पंचायतों जनपद पंचायत चुनावों, उपचुनावों की दृष्टि से योजना बनाने पर भी जोर दिया।बैठक में शोक प्रस्ताव प्रदेश उपाध्यक्ष जगन्नाथ पाणिग्रही ने रखा। उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने राजनैतिक प्रस्ताव रखा जिसका समर्थन पूर्व विधायक एवं वरिष्ठ भाजपा नेता शिवरतन शर्मा एवं महासमुंद लोकसभा सांसद व भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती रूपकुमारी चौधरी ने किया। वहीं उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने नक्सल उन्मूलन प्रस्ताव रखा जिसका समर्थन वन एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप एवं जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुड़ामी ने किया।कार्यक्रम के प्रथम सत्र का संचालन प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी एवं द्वितीय सत्र का संचालन प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन ने किया एवं प्रदेश महामंत्री डॉ. नवीन मार्कण्डेय ने आभार माना। इस दौरान बैठक में प्रदेश भर के कार्यसमिति सदस्य शामिल हुए।
- -इमरजेंसी में सफल लोबेक्टॉमी सर्जरी, फेफड़े का संक्रमित हिस्सा काटकर निकाला, बीमारी से दी राहत-अत्याधुनिक ‘लंग स्टेपलर’ तकनीक से हुई सफल सर्जरीरायपुर। डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय, रायपुर के हार्ट, चेस्ट एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग ने एक अत्यंत जटिल एवं जीवनरक्षक सर्जरी कर 25 वर्षीय युवक की जान बचाने में सफलता प्राप्त की है। मरीज लंबे समय से खांसी के साथ खून आने की गंभीर समस्या से पीड़ित था। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी थी कि प्रत्येक बार खांसने पर लगभग 50 से 70 एमएल तक खून निकल रहा था। डॉक्टरों के अनुसार यदि समय रहते ऑपरेशन नहीं किया जाता तो अत्यधिक रक्तस्राव के कारण मरीज की जान भी जा सकती थी।अस्पताल के हार्ट, चेस्ट एवं वैस्कुलर सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. कृष्णकांत साहू ने बताया कि अम्बेडकर अस्पताल के हार्ट, चेस्ट एंड वैस्कुलर सर्जरी विभाग में छाती एवं फेफड़ों के अधिकांश ऑपरेशन उन्नत तकनीक से की जा रही है। अभनपुर के पास चटौद निवासी 25 वर्षीय युवक को पिछले लगभग 10 वर्षों से खांसी के साथ बलगम में खून आने की शिकायत थी। प्रारंभ में यह समस्या कम थी, लेकिन पिछले एक माह से लगातार बढ़ रही थी। पिछले कुछ दिनों में स्थिति और गंभीर हो गई तथा हर बार खांसने पर अत्यधिक मात्रा में खून आने लगा।मरीज ने पूर्व में टीबी की दवाइयों का सेवन भी किया था तथा उपचार के लिए कई बड़े अस्पतालों में परामर्श लिया, लेकिन उसे राहत नहीं मिली। जांच के दौरान मरीज का सीटी स्कैन कराया गया, जिसमें दाएं फेफड़े के निचले हिस्से (लोअर लोब) में बड़ी कैविटी बनने एवं उसमें एस्परजिलोमा नामक फंगल संक्रमण होने की पुष्टि हुई। यह बीमारी सामान्यतः टीबी से पीड़ित मरीजों में देखने को मिलती है।सीटी स्कैन रिपोर्ट का परीक्षण करने के बाद डॉ. साहू ने बताया कि मरीज की जान बचाने के लिए तत्काल ऑपरेशन आवश्यक था। इस सर्जिकल प्रक्रिया को मेडिकल भाषा में लोबेक्टॉमी (लोअर लोब ऑफ राइट लंग) कहा जाता है, जिसमें फेफड़े के संक्रमित हिस्से को काटकर निकाला जाता है। यह ऑपरेशन अत्यंत जटिल एवं हाई-रिस्क सर्जरी की श्रेणी में आता है, क्योंकि ऑपरेशन के दौरान फेफड़ों की प्रमुख रक्त वाहिनियों- पल्मोनरी आर्टरी एवं पल्मोनरी वेन, को क्षति पहुंचने का खतरा बना रहता है।परिजनों की सहमति मिलने के बाद मरीज का अगले ही दिन आपातकालीन ऑपरेशन किया गया। सर्जरी के दौरान अत्याधुनिक लंग स्टेपलर गन तकनीक का उपयोग किया गया, जिससे ऑपरेशन के बाद एयर लीक जैसी जटिलताओं की संभावना कम हो सके। सफल सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति में तेजी से सुधार हुआ और कुछ दिनों बाद उसे पूर्णतः स्वस्थ होने पर अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। यह संपूर्ण उपचार आयुष्मान योजना के अंतर्गत निशुल्क किया गया।डॉ. साहू ने बताया कि खांसी के साथ खून आने की स्थिति को मेडिकल भाषा में हीमोप्टाइसिस कहा जाता है। इसके प्रमुख कारणों में फेफड़ों की टीबी, फेफड़ों का कैंसर, पल्मोनरी एवी मालफॉर्मेशन, ब्रोंकाइटिस तथा अन्य गंभीर फेफड़ा संबंधी रोग शामिल हैं।पंडित नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय के डीन डॉ. विवेक चौधरी का कहना है कि चिकित्सकों की टीम ने समन्वित प्रयास करते हुए समय पर सफल सर्जरी कर मरीज को नया जीवन दिया। भविष्य में भी हमारा संस्थान इसी प्रकार मरीजों को बेहतर, सुलभ एवं उन्नत स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।अम्बेडकर अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर कहते हैं कि अस्पताल प्रबंधन का निरंतर यह प्रयास रहा है कि आयुष्मान योजना के माध्यम से जरूरतमंद मरीजों को उच्चस्तरीय एवं निशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जाए और इस दिशा में हमें सफलता भी मिल रही है। वर्तमान में इस योजना से कई मरीज लाभांवित भी हो रहे हैं।
- बालोद। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में संचालित सुशासन तिहार 2026 ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा प्रदान कर रहा है। इसी कड़ी में आज जिले के डौण्डी विकासखण्ड के सुदूर वनांचल ग्राम मंगलतराई में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर खुशियों की सौगात लेकर आया। यहाँ मत्स्य पालन विभाग द्वारा मछुआ समिति खुर्सीटिकुर को योजना के तहत लगभग 01 लाख रुपए मूल्य का मछली जाल प्रदान किया गया। समिति के सदस्यों के लिए यह केवल सहायता नहीं, बल्कि उनकी आजीविका को सशक्त करने का एक बड़ा माध्यम है। मछली जाल प्राप्त करने के बाद समिति के सचिव श्री आशाराम कुंजाम ने उत्साह के साथ बताया कि वे लंबे समय से पारंपरिक रूप से मत्स्य पालन कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। उनकी समिति में 21 लोग जुड़े हुए हैं, मछली पालन के कार्य से उन सभी के परिवार की आजीविका चल रही है। उन्होंने बताया कि गुणवत्तापूर्ण जाल मिलने से अब वे बड़े पैमाने पर मछली पकड़ सकेंगे, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी। सुशासन तिहार के माध्यम से आज सीधे शिविर में हमें यह सहायता मिली है, जो हमारे काम को बहुत आसान बना देगी। मछुआ समिति के सदस्यों ने शासन की संवेदनशीलता की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार मछुआरों के कल्याण के लिए निरंतर लाभकारी योजनाएं चला रही है, जिसका सीधा लाभ उन तक पहुँच रहा है।
- -मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान बना जीवन रक्षक, माड़वी नन्दे और सुमड़ी को मिली नई जिंदगी-अभियान के अंतर्गत 1,74,770 लोगों का स्वास्थ्य जांच व उपचार पूर्णरायपुर /सुकमा जिले के के दुर्गम अंचलों में जहाँ भूगोल भी कदम-कदम पर परीक्षा लेता है, वहाँ सुकमा जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कर्तव्यनिष्ठा की एक बेमिसाल इबारत लिखी है। 'मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान' के तहत दूरस्थ पहुँचविहीन ग्राम दुरभा पहुँची टीम ने दो मासूमों 5 वर्षीय माड़वी नन्दे और 4 वर्षीय माड़वी सुमड़ी को नई जिंदगी दी। मलेरिया, गंभीर कुपोषण और शरीर में मात्र 2 से 3 ग्राम हीमोग्लोबिन के साथ कमजोर इन बच्चियों के लिए प्रशासन की यह सक्रियता किसी वरदान से कम साबित नहीं हुई।कलेक्टर श्री अमित कुमार के मार्गदर्शन में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के 'स्वस्थ बस्तर' के संकल्प को धरातल पर उतारते हुए स्वास्थ्य कर्मियों ने अदम्य साहस का परिचय दिया। घने जंगलों, नदी और नालों को पार कर जब टीम दुरभा पहुँची, तो बच्चों की हालत देख उन्हें तत्काल अस्पताल पहुँचाने का निर्णय लिया गया। दुर्गम रास्तों पर मीलों का सफर पैदल तय कर बच्चों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहाँ से एम्बुलेंस के माध्यम से लगभग 96 किलोमीटर दूर जिला चिकित्सालय सुकमा पहुँचाया गया। प्रशासन की इस संवेदनशीलता ने साबित कर दिया कि सरकार की नजरें बस्तर के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति पर भी हैं।जिला अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने युद्ध स्तर पर बच्चों का इलाज शुरू किया। एनीमिया और मलेरिया से जूझ रहे इन बच्चों को न केवल खून चढ़ाया गया, बल्कि मलेरिया का पूरा कोर्स और गहन चिकित्सा देखभाल उपलब्ध कराई गई। पोषण पुनर्वास केंद्र(एनआरसी) में हुए इस निःशुल्क उपचार का परिणाम सुखद रहा। कुछ ही दिनों में बच्चों का हीमोग्लोबिन स्तर 9 ग्राम के पार पहुँच गया और उनके मुरझाए चेहरों पर मुस्कान लौट आई। इस दौरान बच्चों के परिजनों को पोषण, स्वच्छता और बच्चों के मानसिक विकास के लिए विशेष परामर्श भी दिया गया ताकि भविष्य में उन्हें ऐसी चुनौतियों का सामना न करना पड़े।इलाज के बाद बच्चों को सकुशल उनके गाँव तक वापस पहुँचाया गया। कलेक्टर श्री अमित कुमार के अनुसार, यह मिशन केवल उपचार तक सीमित नहीं था, बल्कि बच्चों को शासन की अन्य कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने हेतु आवश्यक दस्तावेज भी तैयार किए गए। आज दुरभा गाँव में लौट आई इन मासूमों की खिलखिलाहट स्वास्थ्य विभाग के उन सफल प्रयासों की गूँज है, जो दुर्गम पहाड़ों और घने जंगलों को लांघकर जन-जन तक पहुँच रहे हैं।मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत सुकमा जिले में कुल 2,93,386 लोगों के स्वास्थ्य जांच का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें से आज दिनांक तक 1,74,770 लोगों की स्वास्थ्य जांच एवं उपचार किया जा चुका है। अभियान के दौरान लगभग 5,240 मरीजों को मोतियाबिंद, मलेरिया, कुष्ठ, टीबी, खून की कमी, उच्च जोखिम गर्भवती महिला, कुपोषित बच्चे, बीपी एवं शुगर जैसी बीमारियों के लक्षणों के आधार पर चिन्हांकित कर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं जिला अस्पताल में बेहतर उपचार हेतु रेफर किया गया है।
- -धान सहित 14 खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि से किसानों को मिलेगा लाभरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा विपणन वर्ष 2026-27 हेतु 14 खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में वृद्धि के निर्णय का स्वागत करते हुए इसे किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को लाभकारी बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि धान सहित विभिन्न खरीफ फसलों के एमएसपी में की गई उल्लेखनीय वृद्धि यह स्पष्ट करती है कि केंद्र सरकार किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य दिलाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में धान के एमएसपी में हुई ऐतिहासिक बढ़ोतरी किसानों के सम्मान, आत्मविश्वास और समृद्धि को नई मजबूती प्रदान कर रही है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए देश में सर्वाधिक 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी कर रही है। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि प्रदेश में रिकॉर्ड धान खरीदी के साथ किसानों का विश्वास सरकार की किसान हितैषी नीतियों पर लगातार बढ़ा है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार किसान कल्याण, कृषि उन्नति और ग्रामीण समृद्धि के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है। किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने तथा कृषि क्षेत्र को नई मजबूती देने के लिए केंद्र और राज्य सरकार समन्वय के साथ कार्य कर रही हैं।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने किसानों के हित में लिए गए इस महत्वपूर्ण एवं दूरदर्शी निर्णय के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी तथा केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के प्रति आभार व्यक्त किया है।
- -शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित होकर प्रसन्नचित हुए हितग्राही, सुशासन तिहार के आयोजन की भूरी-भूरी सराहना की-शिविर में बड़ी संख्या में शामिल हुए मंगलतराई सहित 12 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण, 105 आवेदनों का किया गया निराकरणबालोद । सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत आज डौण्डी विकासखण्ड के सुदूर वनांचल के ग्राम मंगलतराई में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर ग्राम पंचायत मंगलतराई सहित मंगलतराई कलस्टर में शामिल आसपास के 12 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों एवं हितग्राहियों के लिए सौगातों भरा रहा। इस अवसर पर उपस्थित ग्रामीणों एवं हितग्राहियों को शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया। हाई स्कूल मैदान मंगलतराई में आज आयोजित शिविर में अपर कलेक्टर श्री अजय किशोर लकरा, जनपद अध्यक्ष श्री मुकेश कौड़ो, जनपद उपाध्यक्ष श्री भोलाराम नेताम, नगर पंचायत डौण्डीलोहारा के अध्यक्ष श्री लाल निवेन्द्र सिंह टेकाम, जिला पंचायत सदस्य श्री मिथलेश निरोटी, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री मनीष झा, जनपद सदस्य श्री तुलेश्वर हिचामी सहित अन्य अतिथियों के द्वारा स्वामीत्व योजना अंतर्गत 15 हितग्राहियों को अधिकार अभिलेख का वितरण, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत 11 हितग्राहियों को आवास पूर्णता प्रमाण पत्र, 10 हितग्राहियों को मनरेगा जाॅब कार्ड, 08 हितग्राहियों को श्रवण यंत्र, 08 हितग्राहियों को बैटरी स्प्रेयर, 04 हितग्राहियों को नया राशन कार्ड, मत्स्य पालन प्रसार योजना अंतर्गत 02 हितग्राहियों को जाल एवं आईस बाॅक्स वितरण, 05 हितग्राहियों को वृद्धा पेंशन का स्वीकृति आदेश के अलावा शासन के अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया। इसके अलावा शिविर में राज्य शासन के निर्देशानुसार दिव्यांगजनों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने हेतु मेडिकल बोर्ड लगाया गया था। इस दौरान मेडिकल बोर्ड में शामिल विशेषज्ञ चिकित्सकों के द्वारा शिविर में दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने पहुँचे दिव्यांगजनों का दिव्यांगता प्रमाण पत्र भी बनाया गया। इस अवसर पर शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित होने वाले हितग्राहियों एवं ग्रामीणों ने सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत ग्राम मंगलतराई में आज आयोजित इस जनसमस्या निवारण शिविर की भूरी-भूरी सराहना की। शिविर में अतिथियों के द्वारा नन्हें-मुन्हें बच्चों को स्वादिष्ट खीर खिलाकर उनका अन्नप्राशन संस्कार कराया गया। इसके अलावा गर्भवती माताओं को सुपोषण किट भेंटकर उनके गोदभराई के रस्म को पूरा किया गया। इस अवसर जनपद अध्यक्ष श्री मुकेश कौड़ो ने बाल विवाह को एक सामाजिक अपराध बताते हुए शिविर में उपस्थित लोगों को बाल विवाह के रोकथाम के कार्य में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की शपथ भी दिलाई। ग्राम मंगलतराई में आयोजित शिविर में आज विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 205 आवेदन प्राप्त हुए थे जिसमें से 105 आवेदनों को मौके पर निराकरण सुनिश्चित किया गया।शिविर को संबोधित करते हुए जनपद अध्यक्ष श्री मुकेश कौड़ो ने शिविर में उपस्थित ग्रामीणों को सुशासन तिहार 2026 के आयोजन के उद्देश्यों के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार के द्वारा समाज के सभी वर्गों के विकास के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही है। श्री कौड़ो ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय के मंशानुरूप छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा आम जनता के बीच पहुँचकर उनके वास्तविक मांगों एवं समस्याओं से रूबरू होने के लिए सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान जमीनी स्तर पर शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं का आकलन करने के अलावा आम जनता से प्राप्त आवेदनों का समुचित निराकरण भी सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने आम नागरिकों से शिविर में उपस्थित होकर शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने की भी अपील की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जनपद उपाध्यक्ष श्री भोलाराम नेताम ने इस भीषण गर्मी में भी जनसमस्या निवारण शिविर में ग्रामीणों की बड़ी संख्या में उपस्थिति पर प्रसन्नता व्यक्त की। इस अवसर पर उन्हांेने शिविर में उपस्थित जनप्रतिनिधियों के अलावा अधिकारी-कर्मचारियों का हार्दिक अभिनंदन एवं स्वागत भी किया। उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों से आम जनता से प्राप्त आवेदनों का पूरी तत्परता से निराकरण सुनिश्चित करने को कहा। जिला पंचायत सदस्य श्री मिथलेस निरोटी ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को जनसमस्या निवारण शिविरों में अनिवार्य रूप से अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा। इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्र के प्रमुख मांगों की ओर आला अधिकारियों की ध्यान आकृष्ट भी कराया। वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री मनीष झा ने सुशासन तिहार के उद्देश्यों के संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए कृतसंकल्पित है। जिसे ध्यान में रखते हुए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही है। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से शासन-प्रशासन के प्रतिनिधियों के द्वारा आम जनता के बीच पहुँचकर शासन के जनकल्याण्कारी योजनाओं के क्रियान्वयन की पड़ताल की जा रही है। इस अवसर पर जनपद सदस्य श्री तुलेश्वर हिचामी एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने शिविर को संबोधित करते हुए सभी विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों से आम जनता से प्राप्त आवेदनों का पूरी संवेदनशीलता एवं तत्परता से निराकरण सुनिश्चित करने को कहा। शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के द्वारा अपने-अपने विभागों के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के अलावा मंगलतराई शिविर में प्राप्त कुल आवेदन एवं उनके निराकरण की स्थिति की जानकारी दी।इस अवसर पर अतिथियों के द्वारा छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा आयोजित कक्षा 10वीं एवं 12वीं की परीक्षा में उत्कृष्ट अंक अर्जित कर प्रावीण्य सूची में स्थान में बनाने वाले मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान भी किया गया। उल्लेखनीय है कि मंगलतराई में आज आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में ग्राम पुसावड, नर्रालगुड, मरदेल, लिमउडीह, सुरडोंगर, मथेना, सिंघोला, बेलोदा, चिहरो, मंगलतराई, आमाडुला और घोटिया सहित 12 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण जन शामिल हुए थे। शिविर में आज पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को 94, राजस्व विभाग को 27 एवं वन विभाग को 28 सहित विभिन्न विभागों से प्राप्त कुल 205 आवेदन में से 105 आवेदनों का निराकरण किया गया।
- दुर्ग / पाटन विकासखण्ड के ग्राम बेलौदी में उल्टी-दस्त के मरीज प्राप्त होने की सूचना मिलने पर डॉ. मनोज दानी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, दुर्ग के निर्देश में डॉ. सी.बी.एस. बंजारे, जिला सर्वलेंस अधिकारी दुर्ग, डॉ. भुनेश्वर कठौतिया, खंड चिकित्सा अधिकारी, पाटन श्रीमती रितीका सोनवानी, जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट, दुर्ग, डॉ उमेश मिर्जा, श्री उत्तम मधुकर सुपरवाईजर एवं स्थानीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता व मितानिनों के साथ प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया गया।प्रभावित क्षेत्र का स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा सर्वे किया जा रहा है। सर्वे में 13 मई 2026 को कुल 180 घरों का सर्वे किया गया जहाँ उल्टी-दस्त के 07 नये मरीज मिले हैं, विगत 11 मई से आज दिनांक तक कुल 56 मरीज मिले जिनमें से 11 मरीजों का ईलाज जिले के विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। 4 मरीज सी.एच.सी पाटन, 02 मरीज जिला अस्पताल, 03 मरीज सेलूद हॉस्पिटल 01 मरीज आस्था हॉस्पिटल व 01 मरीज महिमा हॉस्पिटल में भर्ती हैं व अन्य सभी मरीज घर पर चिकित्सकीय उपचार ले रहे हैं। संक्रमित क्षेत्र में उल्टी-दस्त से किसी भी मरीज की मृत्यु नही हुई है। सकिय सर्वेलेंस का कार्य स्वास्थ्य विभाग की टीम के द्वारा नियमित रूप से किया जा रहा है। वर्तमान में स्थिति सामान्य है। ग्रामीणजन पानी उबाल कर पिये, सड़े-गले सब्जी न खाये, तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में जाकर चिकित्सकीय परामर्श लें और अपने व परिवार का ध्यान रखें।
- -’महिला सुरक्षा, बाल संरक्षण और साइबर अपराध से बचाव पर दी गई जानकारी’रायपुर। महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत प्रदेशभर में जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में सूरजपुर जिले के विकासखंड सिलफिली अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्र माझापारा, करवां में जागरूकता शिविर आयोजित कर ग्रामीण महिलाओं, बालिकाओं एवं युवाओं को महिला सशक्तिकरण, बाल संरक्षण और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। शिविर में महिला सशक्तिकरण केंद्र की जेंडर विशेषज्ञ सुश्री सलोनी कुजूर एवं वित्तीय साक्षरता समन्वयक सुश्री फरजाना ने भ्रूण हत्या रोकथाम, गुड टच-बैड टच, बाल विवाह रोकथाम, महिला उत्पीड़न, लैंगिक समानता एवं बाल संरक्षण जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। साथ ही सखी वन स्टॉप सेंटर, महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना एवं सुकन्या समृद्धि योजना सहित विभिन्न योजनाओं के लाभ और प्रक्रिया से अवगत कराया गया। ग्रामीणों को वर्तमान समय में बढ़ते साइबर अपराधों से सतर्क रहने के उपाय भी बताए गए। आपातकालीन सहायता के लिए 112, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, महिला हेल्पलाइन 181 तथा साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 की जानकारी देकर आवश्यकता पड़ने पर इन सेवाओं का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के दौरान योजनाओं से संबंधित जानकारी पुस्तिकाएं एवं ब्रोशर वितरित किए गए। शिविर में बड़ी संख्या में महिलाएं, बालिकाएं एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
- -जनसमस्या निवारण शिविर में नागरिकों को दिलाई गई सड़क सुरक्षा और स्वच्छता की सामूहिक शपथरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आयोजित “सुशासन तिहार 2026” के अंतर्गत जशपुर जिले के नगर पंचायत बगीचा में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में नागरिकों ने पहुंचकर अपनी समस्याएं दर्ज कराईं तथा शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त की।शिविर में प्रशासन द्वारा नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के साथ-साथ जनजागरूकता पर भी विशेष जोर दिया गया। इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष श्री प्रभात सिदाम, उपाध्यक्ष श्री दिनेश शर्मा एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री लाल उमेद सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे।कार्यक्रम के दौरान उपस्थित नागरिकों को सड़क सुरक्षा और स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से सामूहिक शपथ दिलाई गई। शपथ के माध्यम से यातायात नियमों का पालन करने, हेलमेट एवं सीट बेल्ट का नियमित उपयोग करने, तेज गति से वाहन न चलाने तथा अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने का संकल्प लिया गया।शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं और सेवाओं की जानकारी दी गई। लोगों ने अपनी समस्याएं लिखित आवेदन के माध्यम से प्रस्तुत कीं। कई आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया तथा शेष आवेदनों के शीघ्र समाधान के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री लाल उमेद सिंह ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सहभागिता से ही इसे प्रभावी बनाया जा सकता है। उन्होंने सभी नागरिकों से यातायात नियमों का पालन करने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने की अपील की।जनप्रतिनिधियों ने स्वच्छता को जनआंदोलन बनाने और नगर को साफ-सुथरा रखने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित यह शिविर न केवल समस्याओं के समाधान का प्रभावी माध्यम बना, बल्कि नागरिकों को जागरूक कर जिम्मेदार और सहभागी समाज निर्माण की दिशा में प्रेरित करने वाला आयोजन भी सिद्ध हुआ। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
- -आम जनता से भी मितव्ययता बरतने का आव्हानरायपुर ।प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा राष्ट्रहित में की गई अपील को सकारात्मक रूप देते हुए राज्यपाल श्री रमेन डेका ने अपने आधिकारिक काफिले (कारकेड) में चलने वाले वाहनों की संख्या कम कर दिए हैं। उन्होंने आम जनता से भी मितव्ययता बरतने का आव्हान किया है। राज्यपाल श्री डेका ने प्रधानमंत्री की अपील को न केवल स्वयं लागू किया बल्कि राज्य शासन से भी यह अपेक्षा की है कि तत्काल इस दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाए। राज्यपाल श्री डेका ने प्रधानमंत्री जी द्वारा सभी उल्लेखित बिन्दुओं, निजी वाहन का उपयोग कम करते हुए पब्लिक ट्रांसपोर्ट का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करने तथा घरेलु संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करने के संबंध में आम जनता से विशेष अपील की है। उन्होने कहा कि देश की आर्थिक मजबूती के लिए प्रत्येक नागरिक को अपनी भूमिका निभानी चाहिए। आम लोगों से अनुरोध किया है कि सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था का अधिकाधिक उपयोग और इलेक्ट्रॉनिक चलित वाहनों का उपयोग करें। घरेलू गैस की खपत को नियंत्रित एवं आवश्यकता आधारित रखने का भी आग्रह किया।राज्यपाल ने कहा कि सामूहिक जिम्मेदारी और संसाधनों के संतुलित उपयोग से ही हमारा देश भविष्य की चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना कर सकेगा।
- -’महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने दिए प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश’रायपुर। महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, कुपोषण नियंत्रण तथा बाल संरक्षण को लेकर प्रदेश में प्रशासनिक स्तर पर लगातार गंभीर पहल की जा रही है। इसी क्रम में सूरजपुर जिले में आयोजित समीक्षा बैठक में कलेक्टर श्रीमती रेना जमील ने विभागीय योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को जमीनी स्तर पर बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।बैठक में कुपोषित एवं अल्पवजन बच्चों की स्थिति, गर्भवती एवं शिशुवती माताओं को रेडी टू ईट खाद्य सामग्री वितरण, आंगनबाड़ी केंद्रों में गर्म भोजन व्यवस्था तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी आंगनबाड़ी केंद्रों से नियमित मॉनिटरिंग रिपोर्ट लेने तथा लापरवाही पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।बैठक में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, महतारी वंदन योजना, आधार एवं आयुष्मान कार्ड निर्माण, अपार आईडी, जन्म प्रमाण पत्र सुधार सहित विभिन्न जनहितकारी योजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने विशेष शिविर आयोजित कर हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाने के निर्देश दिए।बाल विवाह रोकथाम को लेकर भी प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। बैठक में बाल विवाह की घटनाओं वाले क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने तथा सामुदायिक सहभागिता बढ़ाने पर जोर दिया गया। साथ ही पोक्सो अधिनियम के तहत पीड़ितों को दी जाने वाली सहायता एवं राहत व्यवस्थाओं की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए गए।बैठक में आंगनबाड़ी भवनों एवं निर्माणाधीन स्वास्थ्य संस्थानों की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने पीएचसी एवं सीएचसी भवनों को शीघ्र पूर्ण कर स्वास्थ्य सेवाएं बहाल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मातृ एवं शिशु कल्याण तथा बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
- -जनसमस्या निवारण शिविर के साथ नगर में किया गया व्यापक साफ-सफाई कार्यरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आयोजित “सुशासन तिहार 2026” के अंतर्गत जशपुर जिले के नगर पंचायत कोतबा में जनसमस्या निवारण शिविर के साथ स्वच्छता श्रमदान अभियान चलाया गया। यह आयोजन जनसेवा के साथ-साथ स्वच्छता एवं जनजागरूकता का प्रभावी मंच बनकर सामने आया।शिविर के दौरान नगर के विभिन्न सार्वजनिक स्थलों, सड़कों, नालियों और आसपास के क्षेत्रों में व्यापक साफ-सफाई की गई। स्वच्छता श्रमदान में जनप्रतिनिधियों, नगर पंचायत के अधिकारी-कर्मचारियों, गणमान्य नागरिकों तथा स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी ने मिलकर स्वच्छता के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया।इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों ने कहा कि स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने नगरवासियों से अपने घरों और आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने तथा कचरे का उचित निपटान करने की अपील की।नगर पंचायत अधिकारियों ने बताया कि सुशासन तिहार के माध्यम से जहां एक ओर नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर स्वच्छता, स्वास्थ्य और जनजागरूकता से जुड़े कार्यक्रमों के माध्यम से समाज को सकारात्मक दिशा देने का कार्य भी किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि ऐसे सामूहिक श्रमदान अभियानों से न केवल नगर की स्वच्छता सुनिश्चित होती है, बल्कि नागरिकों में सामाजिक सहभागिता और जिम्मेदारी की भावना भी मजबूत होती है।
- -’सादगी और ईंधन संरक्षण का संदेश देते हुए मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने लिया महत्वपूर्ण निर्णय’रायपुर । प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा ईंधन संरक्षण, संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग एवं सादगीपूर्ण जीवनशैली अपनाने के आह्वान से प्रेरित होकर छत्तीसगढ़ की महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। उन्होंने स्थिति सामान्य होने तक सुरक्षा संबंधी अत्यंत आवश्यक परिस्थितियों को छोड़कर पायलट वाहन, फॉलो गाड़ी एवं अन्य विशेष प्रोटोकॉल वाहनों का उपयोग नहीं करने के निर्देश दिए हैं।मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि वर्तमान समय में ईंधन संरक्षण केवल आर्थिक विषय नहीं, बल्कि राष्ट्रहित और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को स्वयं उदाहरण प्रस्तुत करते हुए संसाधनों के संयमित उपयोग का संदेश देना चाहिए।श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी लगातार देशवासियों को आत्मनिर्भरता, पर्यावरण संरक्षण और मितव्ययी जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उनके इसी संदेश को आत्मसात करते हुए उन्होंने यह निर्णय लिया है, ताकि शासन और समाज मिलकर जिम्मेदारी एवं अनुशासन की भावना को मजबूत कर सकें।उन्होंने प्रदेशवासियों से भी अपील की कि वे सार्वजनिक परिवहन, कारपूलिंग और ईंधन की बचत जैसे उपायों को अपनाकर राष्ट्र निर्माण में अपनी सहभागिता निभाएं। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि छोटे-छोटे प्रयास सामूहिक रूप से बड़े सकारात्मक बदलाव का आधार बनते हैं।
- रायपुर । दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं और किशोरियों के लिए स्वास्थ्य सेवाएं अक्सर चुनौती बनी रहती हैं, लेकिन छत्तीसगढ़ में चल रहा “सुशासन तिहार” अब इन इलाकों में उम्मीद की नई किरण बनकर उभर रहा है। समाधान शिविरों के जरिए शासन न केवल लोगों की समस्याओं का निराकरण कर रहा है, बल्कि बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएं भी गांव-गांव तक पहुंचा रहा है।इसी पहल के तहत कबीरधाम जिले के आकांक्षी विकासखंड बोड़ला में राज्य शासन और नीति आयोग के संयुक्त तत्वावधान में “स्वस्थ नारी अभियान” शुरू किया गया है। अभियान का उद्देश्य महिलाओं और किशोरियों में एनीमिया की समय पर पहचान कर उपचार उपलब्ध कराना और उन्हें स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाना है।सुशासन तिहार के समाधान शिविरों में महिलाओं और किशोरियों की निःशुल्क एवं त्वरित हीमोग्लोबिन जांच की जा रही है। जांच के बाद जरूरत के अनुसार उपचार, रेफरल, आयरन-फोलिक एसिड टेबलेट्स का वितरण तथा पोषण और स्वस्थ जीवनशैली से जुड़ी सलाह भी दी जा रही है। 04 मई 2026 को झलमला से शुरू हुए इस अभियान के तहत अब तक तीन स्वास्थ्य शिविर लगाए जा चुके हैं। इन शिविरों में करीब 320 महिलाओं और किशोरियों की हीमोग्लोबिन जांच की गई। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने एनीमिया के लक्षण, बचाव और संतुलित आहार के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी।डॉक्टरों ने महिलाओं को आयरन-फोलिक एसिड टेबलेट्स का नियमित सेवन करने और स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की सलाह दी। खास बात यह रही कि कई महिलाओं ने पहली बार अपनी हीमोग्लोबिन जांच कराई, जिससे संभावित स्वास्थ्य समस्याओं की शुरुआती पहचान संभव हो सकी। वनांचल क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में यह अभियान महत्वपूर्ण साबित हो रहा है। “स्वस्थ नारी अभियान” केवल उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं और किशोरियों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाकर उन्हें बेहतर जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित भी कर रहा है।
- रायपुर। भैरमगढ़ विकासखंड के दूरस्थ ग्राम चिन्ताटोकामेटा में जल जीवन मिशन ने ग्रामीणों के जीवन में ऐतिहासिक परिवर्तन ला दिया है। अब गांव के हर घर तक नल के माध्यम से स्वच्छ पेयजल की नियमित आपूर्ति हो रही है, जिससे वर्षों पुरानी पानी की समस्या का समाधान हो गया है।पहले गांव के लोग एकमात्र हैंडपंप और नदी पर निर्भर थे। पानी भरने के लिए महिलाओं और बच्चों को लंबी कतारों में घंटों इंतजार करना पड़ता था। कई बार दूर नदी से पानी लाना पड़ता था, जिससे समय और श्रम दोनों की बड़ी समस्या बनी रहती थी।जल जीवन मिशन के अंतर्गत गांव के 12 परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। अब प्रत्येक घर तक स्वच्छ पेयजल पहुँचने से ग्रामीणों में खुशी का माहौल है।19 मार्च 2026 को आयोजित जल उत्सव कार्यक्रम के दौरान ग्रामसभा के माध्यम से “हर घर जल” प्रमाणन भी किया गया। इस अवसर पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों एवं ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों ने ग्रामीणों को जल संरक्षण, जलकर तथा जल आपूर्ति प्रणाली के संचालन-संरक्षण की जानकारी दी।ग्रामीणों ने बताया कि पहले पानी की व्यवस्था करना रोज़ की बड़ी चुनौती थी, लेकिन अब घर पर ही पर्याप्त मात्रा में साफ पानी मिलने से जीवन काफी आसान हो गया है।जल जीवन मिशन की यह सफलता केवल पेयजल उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण सहभागिता, जागरूकता और विकास की नई मिसाल बनकर उभरी है।
- रायपुर। वैश्विक ऊर्जा संकट, बढ़ती ईंधन खपत तथा पर्यावरणीय चुनौतियों के बीच राष्ट्रहित को सर्वाेपरि रखते हुए छत्तीसगढ़ शासन के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायी निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा ईंधन संरक्षण एवं संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग के आह्वान से प्रेरित होकर मंत्री श्री अग्रवाल ने अपने राजकीय दौरों के दौरान पायलट वाहन, फॉलो वाहन तथा अन्य विशेष प्रोटोकॉल का उपयोग नहीं करने का निर्णय लिया है।मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में ईंधन की बचत केवल आर्थिक आवश्यकता नहीं, बल्कि राष्ट्रीय जिम्मेदारी भी है। इसी भावना के अनुरूप उन्होंने अपने सुरक्षा काफिले में केवल अपरिहार्य वाहनों को ही शामिल करने तथा अनावश्यक वाहनों को तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सामान्य स्थिति बहाल होने तक वे किसी भी प्रकार की पायलट, फॉलो गाड़ी अथवा विशेष प्रोटोकॉल का उपयोग नहीं करेंगे। श्री अग्रवाल ने कहा कि यह समय जिम्मेदारी, संयम और जनभावनाओं के साथ खड़े रहने का है। राष्ट्रहित में प्रत्येक नागरिक की इसमें सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। मंत्री श्री अग्रवाल ने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि वे “राष्ट्र प्रथम” की भावना के साथ सार्वजनिक परिवहन प्रणाली, कारपूलिंग तथा संसाधनों के संयमित उपयोग को अपनाएं, इससे न केवल ईंधन की बचत होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण तथा प्रदूषण नियंत्रण में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी लगातार आत्मनिर्भर भारत, पर्यावरण संरक्षण और संसाधनों के संतुलित उपयोग की दिशा में देशवासियों को प्रेरित कर रहे हैं। उनकी प्रेरणा को आत्मसात करते हुए यह निर्णय लिया गया है, ताकि शासन और जनप्रतिनिधि स्वयं उदाहरण प्रस्तुत कर समाज को सकारात्मक संदेश दे सकें।
- -’दूरस्थ वनांचल क्षेत्र तक पहुंच रहा शासन-प्रशासन’-’दिव्यांगजनों को मिली ट्रायसाइकिल और पेंशन स्वीकृति’रायपुर । सुशासन तिहार के सकारात्मक परिणाम अब दूरस्थ वनांचलों तक स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगे हैं। प्रशासन की सक्रियता और संवेदनशीलता न केवल लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान कर रही है, बल्कि उनके जीवन में आत्मनिर्भरता और सम्मान भी लौटा रही है। विशेषकर दिव्यांगजनों और जरूरतमंद हितग्राहियों के लिए राहत का माध्यम बनते जा रहे हैं। शिविरों में तत्काल आवेदन पर दिव्यांगजनों को ट्रायसाइकिल तथा पात्र हितग्राहियों को पेंशन स्वीकृति मिलने से उनके हौसलों को नई मजबूती मिल रही है। कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड अंतर्गत सुदूर ग्राम झलमला में आयोजित सुशासन शिविर में 05 दिव्यांगजनों को ट्रायसाइकिल एवं 04 हितग्राहियों को नवीन पेंशन स्वीकृति प्रमाण पत्र वितरित किए गए। ट्रायसाइकिल प्राप्त करने वाले हितग्राहियों में श्रीमती समरीन बाई मरकाम, श्री गणेश मरकाम, श्री फागुराम, श्रीमती रमली बाई एवं श्री अमृत लाल शामिल हैं। वहीं श्रीमती चंद्रकला यादव, प्रभु, कामभो एवं अमर लाल को पेंशन स्वीकृति प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। इन दिव्यांगजनों को पहले आवागमन के लिए बैसाखियों का सहारा लेना पड़ता था। दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए वे परिवार पर निर्भर थे, जिससे उनके आत्मसम्मान पर भी प्रभाव पड़ता था। दूरस्थ वनांचल क्षेत्र होने के कारण आवाजाही में भी उन्हें अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।सुशासन तिहार शिविर में हितग्राहियों ने ट्रायसाइकिल और पेंशन के लिए आवेदन दिया था। प्रशासन ने इन आवेदनों पर तुरंत कार्रवाई करते हुए जनपद पंचायत और समाज कल्याण विभाग के सहयोग से शिविर स्थल पर ही ट्रायसाइकिल और पेंशन स्वीकृति प्रमाण पत्र वितरित किए। ट्रायसाइकिल मिलने से अब दिव्यांगजन आसानी से आ-जा सकेंगे और अपने जरूरी काम स्वयं कर पाएंगे। वहीं पेंशन स्वीकृत होने से हितग्राहियों को आर्थिक सहारा मिलेगा, जिससे उनका जीवन अधिक सुरक्षित और सम्मानजनक बनेगा। हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार जताते हुए कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से उनकी लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का त्वरित समाधान हुआ है और उन्हें नई उम्मीद मिली।



























