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- -पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने किया उद्घाटन-रामगढ़ सरगुजा अंचल की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं साहित्यिक धरोहर है : मंत्री श्री अग्रवाल-समापन समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय होंगे मुख्य अतिथिरायपुर / आषाढ़ मास के प्रथम दिवस पर सरगुजा अंचल की गौरवशाली ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं साहित्यिक विरासत के प्रतीक दो दिवसीय रामगढ़ महोत्सव-2026 का शुभारंभ सोमवार को पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने किया। पारंपरिक गरिमा, सांस्कृतिक उल्लास और ऐतिहासिक चेतना से ओतप्रोत इस आयोजन में लोक संस्कृति, साहित्य, पुरातत्व और पर्यटन का अद्भुत समागम देखने को मिला। महोत्सव के उद्घाटन अवसर पर स्कूली बच्चों एवं स्थानीय कलाकारों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से समां बांध दिया, वहीं नई दिल्ली से आए कलाकारों द्वारा प्रस्तुत भव्य रामलीला ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।इस अवसर पर सांसद श्री चिंतामणि महाराज, लुंड्रा विधायक श्री प्रबोध मिंज, जिला एवं जनपद पंचायत के जनप्रतिनिधि, साहित्यकार, इतिहासकार, प्रशासनिक अधिकारी तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि रामगढ़ महोत्सव प्रदेश की समृद्ध लोक संस्कृति, इतिहास, पुरातत्व, साहित्य और पर्यटन का अद्भुत संगम है, जो आने वाली पीढ़ियों को अपनी गौरवशाली विरासत से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा।मंत्री श्री अग्रवाल ने रामगढ़ महोत्सव के 50 वर्ष पूर्ण होने पर सभी को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि रामगढ़ केवल सरगुजा ही नहीं, बल्कि पूरे देश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण केंद्र है। राज्य सरकार इसे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।उन्होंने बताया कि महोत्सव के दौरान आगंतुकों को विश्व की प्राचीनतम रंगशाला के रूप में प्रसिद्ध सीताबेंगरा गुफा, ऐतिहासिक जोगीमारा गुफा, रामगढ़ पर्वत श्रृंखला तथा अन्य महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। इतिहास एवं पुरातत्व विशेषज्ञ इन स्थलों के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पुरातात्विक महत्व की विस्तृत जानकारी भी प्रदान करेंगे, जिससे नई पीढ़ी अपनी ऐतिहासिक विरासत को बेहतर ढंग से समझ सकेगी।उन्होंने कहा कि रामगढ़ महोत्सव क्षेत्रीय पर्यटन को नई दिशा देने के साथ-साथ सरगुजा की ऐतिहासिक धरोहर, प्राकृतिक सौंदर्य और समृद्ध जनजातीय संस्कृति को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने का सशक्त माध्यम बनेगा। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि महोत्सव के समापन समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।सांसद श्री चिंतामणि महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि रामगढ़ भारत की प्राचीन सांस्कृतिक चेतना का महत्वपूर्ण केंद्र है। मान्यता है कि भगवान श्रीराम ने अपने वनवास काल का समय यहां व्यतीत किया था। उन्होंने कहा कि महाकवि कालिदास ने भी यहीं मेघदूतम् की रचना की थी। सीताबेंगरा, जोगीमारा, राम-जानकी मंदिर तथा हाथीपोल जैसे ऐतिहासिक स्थल विश्व पर्यटन के मानचित्र पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने कहा कि सभी के सामूहिक प्रयासों से रामगढ़ को विश्वस्तरीय पहचान दिलाई जाएगी।लुंड्रा विधायक श्री प्रबोध मिंज ने कहा कि रामगढ़ केवल धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि ऐतिहासिक एवं साहित्यिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल है। यहां की सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सौंदर्य पर्यटन की अपार संभावनाओं से परिपूर्ण है। उन्होंने इस धरोहर को वैश्विक स्तर पर प्रचारित एवं संरक्षित करने की आवश्यकता पर बल दिया।कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने उपस्थित अतिथियों एवं नागरिकों का स्वागत करते हुए कहा कि रामगढ़ महोत्सव सरगुजा की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय एवं प्रदेश स्तर पर नई पहचान दिलाने का महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन में स्थानीय कलाकारों, लोक संस्कृति और पारंपरिक कला को विशेष स्थान दिया गया है, जिससे स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी कला प्रदर्शित करने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि रामगढ़ की ऐतिहासिक पहचान भविष्य में विश्वस्तर पर और अधिक सशक्त होगी तथा अधिकाधिक पर्यटक इस धरोहर से जुड़ेंगे। उन्होंने सभी आगंतुकों से महोत्सव के विभिन्न आयोजनों में सहभागिता कर सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत का आनंद लेने का आग्रह किया।कार्यक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री देवनारायण यादव, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक अध्यक्ष श्री राम किशुन सिंह, पूर्व सांसद श्री कमलभान सिंह मरावी, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती राधा रवि एवं श्रीमती रायमुनिया कुरियम, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री आलोक सिंह, उपाध्यक्ष श्री सिद्धार्थ सिंह, पार्षद श्री आलोक दुबे, एल्डरमैन श्री करता राम गुप्ता, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री राजेश अग्रवाल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विनय कुमार अग्रवाल, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, साहित्यकार, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
- - देवेंद्र नगर महिला केंद्र की नई संयोजिका बनी नम्रता, सेवाभावी कार्यों के विस्तार और नए सदस्य बनाने पर भी चर्चारायपुर। महाराष्ट्र मंडल की देवेंद्र नगर महिला केंद्र की टीम ने शीतल रनदीवे के निवास पर मासिक बैठक में रोचक गेम्स खेले। ‘ऑड एंड ईवन’ के गेम में रोशनी मेढ़ेकर विजेता रहीं। वहीं दूसरे गेम में पेसिंल में सबसे ज्यादा बैंगल्स फंसाकर साक्षी टोले विनर रहीं। महिलाओं ने अपने केंद्र की संयोजिका का कार्यकाल खत्म होने पर नम्रता गगने को नई संयोजिका चुना गया। वहीं मंडल के सेवाभावी कार्यों के विस्तार और मंडल की सामाजिक गतिविधियों में अधिक से अधिक शामिल होने पर चर्चा की गई।साक्षी टोले ने बताया कि केंद्र की मासिक बैठक की शुरुआत हनुमान चालीसा पाठ के साथ की गई। वहीं दो रोचक गेम्स में महिलाओं में गजब का उत्साह देखा गया। पहले गेम में एक बाउल में चावल लेकर उसमें पेंसिल को खड़ा किया गया। फिर निश्चित दूरी से सभी ने पेंसिल में चूडियां फंसाना शुरू किया। किसी के एक तो किसी ने दो चूड़ियां फंसाई। खेल में तीन चूड़ी फंसाकर साक्षी टोले विनर रहीं। इस खेल के साथ महिलाओं ने बचपन के मीना बाजार की यादें ताजा कर लीं।साक्षी के अनुसार दूसरा रोचक गेम ऑड एंड इवन नंबर का खेला गया। इसमें पहले टेबल से छह चूड़ियां रखीं गईं। फिर सभी महिलाओं ने एक-एक करके छह-छह बार पासा फेंका। जिस प्रतिभागी के जितने नंबर आए, उन चूड़ियों में उतना नंबर लिखा गया। छह बार डायस फेंकने के बाद बाउल में दो पर्ची रखी गई। इसमें ऑड और इवन लिखा था। महिलाओं को जिसमें से एक पर्ची उठानी थी। ऑड आने पर चूड़ियों में लिखे ऑड नंबर को जोड़ा जाता और इवन आने पर इवन नंबरों को जोड़ा जाता।इस रोचक खेल में रोशनी मेढ़ेकर विजेता रहीं। उन्होंने ऑड पर्ची उठाई, छह में पांच चूड़ियों में ऑड नंबर थे, जिसका जोड़ 18 आया। इस तरह वह विजेता बनीं। बैठक में रोशनी मेढ़ेकर, श्वेता सायंकर, शीतल रनदीवे, चित्रा खोनदे, साक्षी टोले, हर्षला भारंबे, दीपाली अमीन, सविता भागडीकर, मीना लोनकर, पद्मजा लाड, कुमुद लाड, विद्या लोखंडे, खुशी, नम्रता गंगने उपस्थित थीं।
- - महाराष्ट्र मंडल के आयोजन में समाज कल्याण विभाग के लोक कलाकारों ने दी संगीतमय प्रस्तुतिरायपुर। अंतरराष्ट्रीय नशा मुक्ति अभियान के तहत समाज कल्याण विभाग रायपुर के लोक कलाकारों की टीम ने सियान गुड़ी में नशा मुक्ति पर संगीतमय प्रस्तुति दी गई। इस अवसर पर सियान गुड़ी में आए बुजुर्गों ने रायपुर को नशा मुक्त बनाने और लोगों को नशा न करने के लिए प्रेरित करने की शपथ ली।जिला समाज कल्याण विभाग के प्रभारी और प्रमुख कलाकार संतोष चंद्राकर ने वंदेमातरम... वंदेमातरम्..., 'इतनी शक्ति हमें देना दाता’, ‘बैठो मत, हार के छेड़ों सरगम', 'काम बहुत करना है जिंदगी है कम’ देवी जसगीत और नशा मुक्ति पर सुमधुर गीतों की प्रस्तुति दी। इनके साथ दुर्गा कालेज की प्रो. सुनीता चंसोरिया ने गायन में साथ दिया। वहीं तबले पर परमात्मा स्वरूप वस्त्रकार और हारमोनियम पर रमेश सिंह ठाकुर ने संगत दी। अंत में प्रो. सुनीता चंसोरिया ने सभी को नशा न करने और लोगों को नशा न करने के लिए प्रेरित करते हुए शपथ दिलाई।समाज कल्याण विभाग की ओर से अनुदानित महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित सियान गुड़ी के इस कार्यक्रम में अध्यक्षीय संबोधन में अजय मधुकर काले ने कहा कि मंडल के कई सेवा प्रकल्पों में एक सियान गुड़ी वरिष्ठ नागरिकों के डे केयर के रूप में स्थापित हो रहा है। इसके अलावा संत ज्ञानेश्वर स्कूल, सखी निवास, दिव्यांग बालिका विकास गृह, हाईटेक आंगनबाड़ी, मेडिकल एक्यूपमेंट, फिजियोथैरेपी सेंटर जैसे प्रकल्पों के माध्यम से आमजन की सेवा की जा रही है। जल्द ही महाराष्ट्र मंडल की एबुंलेंस सेवा भी शुरू हो रही है। मंडल के 17 महिला केंद्रों के माध्यम से समय- समय पर नशा मुक्ति को लेकर नुक्कड़ नाटक और जागरूकता के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।इस अवसर पर मंडल के मुख्य समन्वयक श्याम सुंदर खंगन, सह सचिव मालती मिश्रा, आध्यात्मिक समिति की समन्वयक आस्था काले, स्वास्थ्य समिति की समन्वयक डाॅ. कमल वर्मा, अंजलि काले, प्रवीण क्षीरसागर, हेमंत मार्डीकर, डीडी ढगे, कोठेराव ढगे, डा. ओपी सोनी, विकासचंद सिन्हा, वीरेंद्र सिंह ठाकुर, राजेश शर्मा, रामदयाल अवधिया, रामसिंह नायक, डा. ओसी बिसेन, विष्णु कुमार मिश्रा, सुशील कुमार श्रीवास्तव, अनिल पांडे, रामाराव सेंदरे, हिमांचल परगहनिया, केके पाठक, एसएन चौहान, श्याम दलाल, कैलाश कुमार अग्रवाल, श्याम कुमार नायडू, कमला सोनी, डीएल कश्यप, प्रतिभा रामटेके सहित अनेक वरिष्ठ नागरिक उपस्थित थे।
- -बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा और पुनर्वास पर दिया विशेष जोरदुर्ग / कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने सोमवार को महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न संस्थानों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने शासकीय बालगृह, बाल खुला आश्रय गृह, सेवा भारती मातृछाया बोरसी, सम्प्रेक्षण गृह पुलगांव एवं प्लेस ऑफ सेफ्टी (बालक) का भ्रमण कर बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, भोजन एवं पुनर्वास संबंधी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को सभी संस्थानों में बच्चों के सर्वांगीण विकास एवं बेहतर देखभाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सबसे पहले कलेक्टर श्री सिंह शासकीय बालगृह पहुंचे, जहां वर्तमान में 16 बच्चे निवासरत हैं। उन्होंने बच्चों से बातचीत कर उनकी दिनचर्या, पढ़ाई और खान-पान की जानकारी ली। बच्चों के शैक्षणिक स्तर का आकलन करने के लिए उन्होंने गणित के जोड़-घटाव से जुड़े प्रश्न भी पूछे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधीक्षक को निर्देशित किया कि प्रत्येक बच्चे का उसकी आयु के अनुरूप विद्यालय में प्रवेश कराया जाए तथा अध्ययन सामग्री एवं पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएं, ताकि बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो। उन्होंने बालगृह में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और नियमित शैक्षणिक गतिविधियों पर विशेष ध्यान देने को कहा।इसके बाद कलेक्टर श्री सिंह ने बाल खुला आश्रय गृह का निरीक्षण किया, जहां सात बच्चे रह रहे हैं। उन्होंने सभी बच्चों की नियमित काउंसिलिंग कराने और उनके पुनर्वास की दिशा में प्रभावी प्रयास करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि सात में से पांच बच्चों को बिहार से एक ठेकेदार द्वारा फैक्ट्री में काम कराने के उद्देश्य से लाया गया था। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को संबंधित ठेकेदार एवं फैक्ट्री प्रबंधन के विरुद्ध बाल संरक्षण कानूनों के तहत तत्काल कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।निरीक्षण के क्रम में कलेक्टर श्री सिंह सेवा भारती मातृछाया बोरसी भी पहुंचे। यहां उन्होंने नवजात एवं छोटे बच्चों की देखभाल की व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। संस्थान में छह केयर टेकर बच्चों की देखरेख कर रहे हैं। कलेक्टर ने यहां की व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए बच्चों की देखभाल और स्वास्थ्य सेवाओं को निरंतर बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए।इसके पश्चात उन्होंने पुलगांव स्थित सम्प्रेक्षण गृह का निरीक्षण किया। यहां वर्तमान में 38 किशोर रह रहे हैं, सम्प्रेक्षण गृह में किसी अपराध में शामिल पाए गए 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को जेल भेजने के बजाय एक सुरक्षित और सुधारात्मक वातावरण में रखकर उनका पुनर्वास करना है। बच्चों को अपराधी बनने से रोकना, उनकी मानसिक और शारीरिक स्थिति में सुधार करना है। कलेक्टर ने बच्चों से संवाद कर भोजन, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास एवं अन्य सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बच्चों के व्यक्तित्व विकास, शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि वे समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर पुलगांव स्थित प्लेस ऑफ सेफ्टी (बालक) का भी जायजा लिया। यहां 16 से 18 वर्ष आयु वर्ग के गंभीर अपराधों में संलिप्त किशोरों को पृथक रूप से रखा जाता है। वर्तमान में यहां 38 किशोर रह रहे हैं। कलेक्टर ने संस्थान की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने के साथ ही स्टॉक पंजी का अवलोकन किया और आवश्यक अभिलेखों के सुव्यवस्थित संधारण के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी श्री आर.के. जाम्बुलकर, परियोजना समन्वयक श्री चंद्रप्रकाश पटेल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
- दुर्ग / दुर्ग वनमंडल के अंतर्गत पाटन क्षेत्र में वन एवं पर्यावरण की सुरक्षा को लेकर प्रशासनिक टीम पूरी तरह मुस्तैद है। ग्राम देमार-अरसनारा मुख्य मार्ग के समीप वन विभाग के अधिकारियों द्वारा क्षेत्र का सघन मुआयना कर प्राकृतिक परिस्थितियों का जायजा लिया गया। निरीक्षण के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अनधिकृत गतिविधियों का कोई अस्तित्व नहीं है और संपूर्ण परिक्षेत्र में हरियाली पूरी तरह सुरक्षित है।विभागीय अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम अरसनारा स्थित एक निजी स्वामित्व की भूमि पर वर्षा जल की सुचारू निकासी के लिए कार्य कराया जा रहा था। इस कार्य के दौरान कहुआ प्रजाति का एक वृक्ष (लंबाई लगभग 6-7 मीटर एवं गोलाई 100 से.मी.) प्राकृतिक रूप से जड़ से उखड़कर गिर गया। प्रशासनिक सजगता का परिचय देते हुए उक्त वृक्ष को तुरंत स्थानीय ग्रामवासी श्री बुधारू साहू के सुपुर्दनामे में सुरक्षित सौंप दिया गया है। इसके अतिरिक्त, क्षेत्र में वन संपदा की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए राजस्व और वन विभाग की संयुक्त टीम द्वारा आवश्यक प्रक्रियात्मक एवं अग्रिम कार्रवाई की जा रही है। वनमंडलाधिकारी दुर्ग द्वारा हरियाली और वृक्षों के संरक्षण के लिए निरंतर प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया जा रहा है।
- दुर्ग / कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने सोमवार को सुपेला स्थित कल्याणी सोशल वेलफेयर एंड रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन द्वारा संचालित नशा मुक्ति केंद्र का निरीक्षण कर उपचार, परामर्श एवं पुनर्वास संबंधी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने केंद्र में भर्ती मरीजों से चर्चा कर उन्हें उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, उपचार एवं काउंसलिंग की जानकारी ली। कलेक्टर श्री सिंह ने केंद्र के संचालक श्री अजय कल्याणी को भोजन, दवाइयों की उपलब्धता, सुरक्षा व्यवस्था तथा चिकित्सकीय सेवाओं की समीक्षा करते हुए सभी आवश्यक सुविधाएं गुणवत्तापूर्ण ढंग से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशा मुक्ति केंद्र केवल उपचार का स्थान नहीं, बल्कि नशे की लत से जूझ रहे लोगों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने मरीजों के समग्र पुनर्वास पर विशेष ध्यान देने की बात कही।संचालक श्री अजय कल्याणी ने बताया कि केंद्र में मरीजों को सकारात्मक वातावरण के साथ नियमित काउंसलिंग, योग, व्यायाम, मेडिटेशन एवं बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं, जिससे वे स्वस्थ एवं सामान्य जीवन की ओर लौट सकें। उन्होंने बताया कि मरीजों को सामान्यतः एक माह तक केंद्र में रखकर उपचार एवं पुनर्वास कराया जाता है। घर लौटने के बाद भी उनकी नियमित फॉलोअप काउंसलिंग की जाती है, ताकि वे दोबारा नशे की ओर न लौटें। निरीक्षण के दौरान संचालक ने केंद्र के संचालन, उपलब्ध सुविधाओं एवं पुनर्वास गतिविधियों की जानकारी दी। इस अवसर पर समाज कल्याण विभाग के उपसंचालक श्री ए.पी. गौतम सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
- - अंधविश्वास, डायन-टोनही जैसी कुप्रथाओं तथा इनके नाम पर होने वाली हिंसा और प्रताडऩा को रोकने के लिए पूरे देश में एक प्रभावी कानून बनाया जाएरायपुर। वरिष्ठ नेत्र विशेषज्ञ एवं अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डॉ. दिनेश मिश्र ने कहा कि अंधविश्वास, सामाजिक कुरीतियों तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण के अभाव के कारण आज भी देश में हजारों निर्दोष लोग शारीरिक, मानसिक एवं आर्थिक प्रताडऩा का शिकार हो रहे हैं। विशेष रूप से महिलाओं को डायन/टोनही होने के संदेह में अमानवीय यातनाएं दी जाती हैं तथा अनेक मामलों में उनकी हत्या तक कर दी जाती है। यह स्थिति अत्यंत चिंताजनक है और सभ्य समाज के लिए गंभीर चुनौती है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम "मन की बात" में अंधविश्वास के विरुद्ध वैज्ञानिक सोच अपनाने का संदेश देकर एक महत्वपूर्ण सामाजिक विषय को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि अंधविश्वास केवल एक गलत धारणा नहीं, बल्कि ऐसा भय है जो व्यक्ति को तर्क, विवेक और सत्य से दूर कर देता है।डॉ. मिश्र ने बताया कि अंधविश्वास निर्मूलन समिति पिछले तीन दशकों से अंधविश्वास, टोनही प्रथा तथा अन्य सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध जनजागरण अभियान चला रही है। इस दौरान हजारों महिलाओं को डायन/टोनही के आरोपों के कारण होने वाली प्रताडऩा से बचाया गया है। समिति द्वारा पीडि़त महिलाओं के उपचार, पुनर्वास तथा समाज में सम्मानजनक पुनस्र्थापना के लिए भी निरंतर कार्य किया जा रहा है।उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा इस गंभीर विषय पर ध्यान दिए जाने का स्वागत करते हुए कहा कि इससे अंधविश्वास उन्मूलन के प्रयासों को नई गति मिलेगी और समाज में वैज्ञानिक चेतना का विस्तार होगा। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि अंधविश्वास, डायन-टोनही जैसी कुप्रथाओं तथा इनके नाम पर होने वाली हिंसा और प्रताडऩा को रोकने के लिए पूरे देश में एक प्रभावी एवं सशक्त राष्ट्रीय कानून बनाया जाए, ताकि प्रत्येक नागरिक, विशेषकर महिलाओं और कमजोर वर्गों को न्याय एवं सुरक्षा मिल सके।
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बेमेतरा .जिले में रविवार को घर की दीवार गिरने से आठ और 10 साल उम्र की दो बहनों की मौत हो गई तथा 30 साल की एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। इस संबंध में एक अधिकारी ने बताया कि यह घटना बेमेतरा थाना क्षेत्र के रौरपुर गांव में सुबह के समय हुई। उन्होंने कहा कि जान गंवाने वालों की पहचान वंशिका कोसले (10) और उसकी छोटी बहन राधिका (8) के तौर पर हुई है। अधिकारी ने बताया कि दोनों बहनों की मौत घटनास्थल पर ही हो गई।
ग्रामीणों ने खंडेलवाल को मलबे से बाहर निकाला और उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया। बाद में उन्हें रायपुर के एक अस्पताल में रेफर कर दिया गया। अधिकारी ने कहा कि पुलिस ने दुर्घटनावश मौत का मामला दर्ज कर लिया है और जांच जारी है। - रायपुर। रायपुर प्रेस क्लब द्वारा सोमवार को आयोजित आम महोत्सव उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रदेश के कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने किया। इस अवसर पर रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी, क्लब के पदाधिकारी, वरिष्ठ एवं युवा पत्रकार बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। पूरे आयोजन के दौरान आत्मीयता, सौहार्द और संवाद का माहौल देखने को मिला।मुख्य अतिथि कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने अपने संबोधन में कहा कि "आम हर किसी का खास है। यह केवल फलों का राजा नहीं, बल्कि हर वर्ग के लोगों की पसंद और हमारी संस्कृति का हिस्सा है। आम किसानों की मेहनत और प्रकृति की अनमोल देन का प्रतीक भी है।" उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में बागवानी फसलों की अपार संभावनाएं हैं और राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने पत्रकारों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि लोकतंत्र में मीडिया समाज और शासन के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य करता है।रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी ने अतिथियों एवं पत्रकार साथियों का स्वागत करते हुए कहा कि प्रेस क्लब केवल एक संगठन नहीं, बल्कि पत्रकारों का परिवार है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन पत्रकारों के बीच आपसी भाईचारे, संवाद और सौहार्द को मजबूत करते हैं। व्यस्त दिनचर्या के बीच ऐसे कार्यक्रम एक-दूसरे से मिलने और अनुभव साझा करने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी सदस्यों का आभार भी व्यक्त किया।इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार रामावतार तिवारी ने अपने उद्बोधन में कहा कि पत्रकारिता केवल खबर देने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को सही दिशा दिखाने की जिम्मेदारी भी है। उन्होंने निष्पक्ष, तथ्यपरक और जिम्मेदार पत्रकारिता पर बल देते हुए कहा कि बदलते समय में पत्रकारों को अपनी विश्वसनीयता बनाए रखते हुए जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने युवा पत्रकारों से सतत अध्ययन, संवेदनशीलता और ईमानदारी के साथ पत्रकारिता करने का आह्वान किया।महोत्सव में विभिन्न किस्मों के स्वादिष्ट आम, आम पन्ना, आम की कुल्फी सहित अन्य व्यंजनों का सभी ने आनंद लिया। पत्रकारों ने एक-दूसरे से मुलाकात कर समसामयिक विषयों पर चर्चा की और आयोजन की सराहना की।कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों एवं पत्रकारों ने रायपुर प्रेस क्लब की इस पहल को सराहा।कार्यक्रम में महासचिव गौरव शर्मा, उपाध्यक्ष दिलीप साहू, कोषाध्यक्ष दिनेश यदु, संयुक्त सचिव निवेदिता साहू, भूपेश जांगड़े, कार्यकारिणी सदस्य संदीप पुराणिक, अंशुमन शर्मा, संजीव सिन्हा, वरिष्ठ पत्रकार राजेश दुबे, प्रशांत शर्मा, मंजूषा शर्मा, बृजेश चौबे, प्रदीप दुबे, नारायण भोई, नंदकुमार कंसारी, अनिल पवार, बाबूलाल शर्मा, मनीष वोरा, ठाकुरराम साहू, गोकुल सोनी, बल्ला तिवारी, सनत तिवारी, अजीत शर्मा, कुणाल मिश्रा, अंकित मिश्रा, सैय्यद सलमा, शगुफ्ता, व्यास पाठक, प्रिया पाठक, मीनल शर्मा, विनिता मंडल, रत्ना पांडे, सहित बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित थे।
- -कब्जाधारियों का नया रायपुर के सेक्टर-30 में किया जा रहा है व्यवस्थापन-कार्रवाई के दौरान भोजन, पेयजल, चिकित्सा, परिवहन एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की रही व्यवस्थारायपुर । धरसींवा विकासखंड के ग्राम सम्मानपुर (नकटी) में सोमवार को राजस्व, पुलिस एवं नगर निगम के अमले ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए लगभग 9 हेक्टेयर शासकीय भूमि पर बने 77 अवैध मकानों को हटाया।संबंधित अधिकारियों ने बताया कि उक्त शासकीय भूमि पर लंबे समय से अवैध कब्जा था। कार्रवाई से पूर्व प्रशासन द्वारा सभी कब्जाधारियों को नियमानुसार नोटिस जारी किए गए थे तथा अंतिम सूचना भी दी गई थी।कार्रवाई के पश्चात सभी कब्जाधारियों के व्यवस्थापन की व्यवस्था जिला प्रशासन द्वारा नया रायपुर के सेक्टर-30 स्थित आवासों में की जा रही है। वहां उनके लिए भोजन एवं पेयजल तथा स्वास्थ्य के लिए एम्बुलेंस एवं डॉक्टर्स की टीम की व्यवस्था भी की गई है। सामान के परिवहन के लिए मालवाहक वाहनों की व्यवस्था की गई है तथा सामान सुरक्षित रखने के लिए कोटवारों की ड्यूटी लगाई गई है। व्यवस्थापन स्थल तक लोगों को पहुंचाने के लिए बसों की भी व्यवस्था की गई है।
- रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित प्रदेश कार्यालय में जनसमस्याओं के निवारण और कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद के लिए संचालित 'सहयोग केन्द्र' की नियमित कड़ी में मंगलवार 30 जून को लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा एवं बीस सूत्रीय कार्यान्वयन मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल उपस्थित रहकर कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे। इस दौरान वे सहयोग केंद्र में कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद के माध्यम से आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।
- -कम लागत में मिलेगी जीवनरक्षक सुविधा, उप मुख्यमंत्री ने की अग्रवाल महासभा के सेवा कार्य की सराहना-समाज सेवा की प्रेरक मिसाल बना अग्रवाल समाज, महाराजा अग्रसेन के आदर्शों पर चलने का आह्वानबिलासपुर। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने रविवार को बिलासपुर के अग्रसेन चौक में अत्याधुनिक वेंटिलेटर युक्त एंबुलेंस का लोकार्पण किया। यह एंबुलेंस सर्व समाज के लोगों को कम लागत पर उपलब्ध होगी। इस जनसेवा के कार्य के लिए उन्होंने अग्रवाल महासभा को बधाई और शुभकामनाएं दी।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि गंभीर मरीजों को इलाज के लिए अक्सर एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल ले जाना पड़ता है। ऐसे समय में वेंटिलेटर युक्त एंबुलेंस की आवश्यकता सबसे अधिक होती है। इसके अभाव में कई बार मरीज की जान पर भी संकट आ जाता है।डिप्टी सीएम श्री साव ने कहा कि अग्रवाल महासभा ने लोगों की इस आवश्यकता को समझते हुए समाज को अत्याधुनिक एंबुलेंस समर्पित की है। यह सेवा अनेक जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवनरक्षक साबित होगी। समाज को पोर्टेबल वेंटिलेटर की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, जिससे मरीजों को बेहतर उपचार मिल सकेगा।श्री साव ने कहा कि यह एंबुलेंस समाज के हर वर्ग के लिए कम कीमत पर उपलब्ध रहेगी। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को भी बड़ी राहत मिलेगी। यह सेवा मानवता और जनकल्याण का उत्कृष्ट उदाहरण है।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि अग्रवाल समाज हमेशा से समाज सेवा के कार्यों में अग्रणी रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य और जनहित के अनेक कार्यों में समाज की सक्रिय भागीदारी रही है। अत्याधुनिक एंबुलेंस उपलब्ध कराकर समाज ने अनुकरणीय कार्य किया है।उन्होंने विश्वास जताया कि अग्रवाल समाज भविष्य में भी महाराजा अग्रसेन के आदर्शों पर चलते हुए सेवा और परोपकार के ऐसे कार्य करता रहेगा। उन्होंने सभी सदस्यों को समाज के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।इस अवसर पर अग्रवाल महासभा अध्यक्ष श्री बाबूलाल अग्रवाल जी, महामंत्री श्री ओमप्रकाश अग्रवाल जी, प्रदेश महामंत्री श्री राजेंद्र अग्रवाल जी, समाज के प्रबुद्धजन श्री चतुर्भुज अग्रवाल जी, श्री राजकुमार अग्रवाल जी, श्री मनीष अग्रवाल जी, श्री नित्यानंद अग्रवाल जी, श्री सुरजमल अग्रवाल जी, श्री इन्द्रसेन अग्रवाल जी, श्री संतोष अग्रवाल जी, श्री सुरेश जी, श्री प्रह्लाद जी, श्री रामदेव कुमावत जी, श्री राजेश सिंह जी एवं समाज के अलग-अलग विंग के पदाधिकारी गण उपस्थित रहे।
- -प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में डीलर दीदी मॉडल को मिली राष्ट्रीय पहचान-आरसेटी और कौशल विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की भी हुई प्रशंसा-राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मारायपुर । नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन में छत्तीसगढ़ की अभिनव पहल मटेरियल बैंक मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष सराहना मिली। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत विकसित इस मॉडल की प्रशंसा करते हुए इसे ग्रामीण आवास निर्माण को गति देने वाला प्रभावी नवाचार बताया। सम्मेलन में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा ने किया।छत्तीसगढ़ में विकसित मटेरियल बैंक मॉडल का संचालन स्व सहायता समूह की महिलाओं द्वारा “डीलर दीदी” के रूप में किया जा रहा है। इसके माध्यम से दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के हितग्राहियों को निर्माण सामग्री एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा रही है। इससे आवास निर्माण कार्य अधिक सुगम, तेज और किफायती हुआ है।इस पहल से स्व सहायता समूह की महिलाओं की आय में वृद्धि हुई है और 10,000 से अधिक दीदियां लखपति दीदी बनने की दिशा में आगे बढ़ी हैं। इस मॉडल को महिला सशक्तिकरण, आजीविका संवर्धन और ग्रामीण आवास निर्माण के क्षेत्र में एक प्रभावी उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया गया।केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने ग्रामीण विकास के क्षेत्र में नवाचार और प्रभावी क्रियान्वयन का उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने ग्रामीण युवाओं को कौशल विकास, स्वरोजगार और आजीविका से जोड़ने के लिए आरसेटी तथा पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की भी सराहना की। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में आरसेटी के माध्यम से पिछले वित्तीय वर्ष में देश में सर्वाधिक राज मिस्त्री प्रशिक्षण दिया गया है ।उन्होंने इन प्रयासों को अन्य राज्यों के लिए प्रेरणादायक बताया।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ग्रामीण विकास, कौशल उन्नयन, स्वरोजगार संवर्धन और गरीब परिवारों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर मिली यह सराहना प्रदेश के जनकल्याणकारी कार्यों, नवाचारों और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का प्रमाण है तथा इससे राज्य को ग्रामीण विकास के क्षेत्र में और बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी।
- रायपुर ।सरस्वती साइकिल वितरण योजना छत्तीसगढ़ सरकार की एक प्रमुख कल्याणकारी पहल है, जिसके तहत हाई स्कूल में पढ़ने वाली छात्राओं को स्कूल तक आवागमन सुगम बनाने के लिए निःशुल्क साइकिल प्रदान की जाती है। इसका उद्देश्य बालिकाओं की शिक्षा को प्रोत्साहित करना, उन्हें दूरदराज के क्षेत्रों से सुरक्षित और समय पर स्कूल पहुँचाने में मदद करना और ड्रॉप-आउट दर को कम करना है।छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी सरस्वती साइकिल योजना बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में सार्थक पहल साबित हो रही है। सूरजपुर जिले के शासकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय, सूरजपुर की छात्रा वैष्णवी कसेरा को निःशुल्क साइकिल प्रदान की गई, जिससे उसके शिक्षा के सपनों को नई उड़ान मिली है।बाजारपारा निवासी वैष्णवी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि पहले वह प्रतिदिन पैदल विद्यालय आती-जाती थी, जिससे समय के साथ-साथ पढ़ाई पर भी प्रभाव पड़ता था। अब शासन से निःशुल्क साइकिल मिलने के बाद विद्यालय पहुँचना आसान हो जाएगा और वह नियमित रूप से अध्ययन कर अपने सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि अब मेरे सपनों को नया पंख मिल गया है। पहले पैदल विद्यालय आती थी, अब साइकिल से विद्यालय जाऊंगी और मन लगाकर पढ़ाई कर अपने लक्ष्य को प्राप्त करूंगी।वैष्णवी ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं छत्तीसगढ़ शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। सरस्वती साइकिल योजना से छात्राओं में शिक्षा के प्रति उत्साह बढ़ा है तथा उनके उज्ज्वल भविष्य का मार्ग और अधिक सुगम हुआ है।
- रायपुर । राज्यपाल श्री रमेन डेका ने सोमवार को नई दिल्ली प्रवास के दौरान राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से सौजन्य भेंट की।
- रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से सोमवार को राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में कर्नाटक के राज्यपाल श्री थावरचंद गहलोत ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ प्रवास पर आए राज्यपाल श्री गहलोत का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें बस्तर की समृद्ध कला एवं सांस्कृतिक विरासत बस्तर आर्ट का प्रतीक चिन्ह भेंट किया। इस अवसर पर दोनों के बीच विभिन्न समसामयिक विषयों एवं जनहित से जुड़े मुद्दों पर आत्मीय चर्चा हुई।
- विभिन्न समुदायों का जीवन स्तर सुधारने और उनके कल्याण के लिए प्रदान किया गया सम्माननई दिल्ली/ जिन्दल फाउंडेशन की चेयरपर्सन श्रीमती शालू जिन्दल को सामाजिक विकास के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट नेतृत्व और अनुकरणीय योगदान के लिए प्रतिष्ठित 'सीएसआर विजनरी लीडर ऑफ द ईयर' अवार्ड से सम्मानित किया गया है।यह सम्मान नई दिल्ली के एयरोसिटी स्थित होटल प्राइड प्लाजा में 'द ब्रेनालिटिक्स' द्वारा हाल ही में आयोजित '7वें भारत सीएसआर एंड सस्टेनेबिलिटी समिट एंड अवार्ड्स 2026' में प्रदान किया गया।यह सम्मान देश भर में विभिन्न समुदायों का जीवन स्तर सुधारने और उनके कल्याण के लिए जिन्दल फाउंडेशन के माध्यम से श्रीमती शालू जिन्दल द्वारा किये गए दूरदर्शी और समर्पित प्रयासों की कड़ी में मील का एक पत्थर है। उनके कुशल मार्गदर्शन में फाउंडेशन ने शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास, आजीविका, जल और स्वच्छता, ग्रामीण बुनियादी ढांचे, पर्यावरणीय विकास, कला व संस्कृति और सामाजिक उत्थान जैसे अनेक क्षेत्रों में अपनी उल्लेखनीय उपस्थिति दर्ज कराई है।इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए श्रीमती शालू जिन्दल ने इस अवार्ड को फाउंडेशन की सेवा यात्रा से जुड़े सहयोगियों, साझेदारों और टीम के सामूहिक प्रयासों और उनके समर्पण का सम्मान बताया, जो सामाजिक उत्थान के पवित्र प्रयासों में निरंतर योगदान कर रहे हैं।जिन्दल फाउंडेशन के बारे में - जिन्दल स्टील की सामाजिक सेवा शाखा 'जिन्दल फाउंडेशन' देशभर में लोगों के जीवन को बेहतर बनाने और समाज में समान अवसरों व खुशहाली को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है। फाउंडेशन शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण, बुनियादी ढांचे के विकास, पर्यावरण संरक्षण, खेल तथा कला एवं संस्कृति जैसे विविध क्षेत्रों में जनकल्याणकारी पहल के माध्यम से लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है।
- -सहकारी सप्ताह में होंगे विविध गतिविधियों का आयोजनबिलासपुर /भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के पांच वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 29 जून से 6 जुलाई 2026 तक जिले में "सहकारी सप्ताह" मनाया जाएगा। इस संबंध में आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएं, रायपुर के निर्देश पर बिलासपुर जिले में भी विभिन्न जागरूकता, प्रशिक्षण, स्वच्छता, वृक्षारोपण, स्वास्थ्य शिविर एवं सहकारिता आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार कर जिले की सभी प्राथमिक समितियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।उप आयुक्त सहकारिता बिलासपुर ने बताया कि 29 जून को पैक्स कार्यालयों में सहकारी ध्वजारोहण, सदस्यता अभियान, सहकारिता शपथ, सदस्यों की आय वृद्धि में दुग्ध एवं मत्स्य समितियों की भूमिका पर परिचर्चा आयोजित होगी। 30 जून को जिला सहकारी विकास समिति की बैठक तथा एफपीओ एवं पैक्स की भूमिका पर चर्चा होगी। 1 जुलाई को इफको एवं कृषकों द्वारा ड्रोन से तरल उर्वरक छिड़काव का प्रदर्शन, कृषक संगोष्ठी तथा मृदा स्वास्थ्य विषयक कार्यक्रम होंगे।2 जुलाई को किसानों के लिए मॉडल पैक्स पीपरतराई, सकर्रा, नरगोड़ा और सेंदरी का भ्रमण कराया जाएगा। साथ ही माइक्रो एटीएम, केसीसी एवं रुपे केसीसी कार्ड का वितरण किया जाएगा। 3 जुलाई को वृक्षारोपण एवं स्वच्छता अभियान तथा सहकारी समाचार पत्र का प्रचार-प्रसार किया जाएगा। 4 जुलाई को पैक्स संचालित जनऔषधि केंद्रों में स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे। 5 जुलाई को विद्यालयों में सहकारिता विषय पर निबंध, चित्रकला एवं क्विज प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। 6 जुलाई को एफसीआई की विकेंद्रीकृत अन्न भंडारण योजना के तहत चयनित पांच पैक्स—पीपरतराई, करगीकला, नेवरा, बिल्हा एवं दगौरी में गोदामों के लिए भूमिपूजन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यह आयोजन जिले की 130 सेवा सहकारी समितियों, 92 मत्स्य सहकारी समितियों, 15 दुग्ध सहकारी समितियों तथा 12 बुनकर सहकारी समितियों में किया जाएगा। विभाग का उद्देश्य सहकारिता के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना, सदस्यों की आय में वृद्धि, आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना तथा सहकारी संस्थाओं की भूमिका को मजबूत करना है। विभाग ने अधिक से अधिक लोगों से कार्यक्रमों में सहभागिता की अपील की है।
- -आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को किया गणवेश वितरण, शत-प्रतिशत टीकाकरण का किया आह्वानकोण्डागांव । राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के अंतर्गत रविवार को कोण्डागांव जिले में व्यापक स्तर पर पोलियो टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया गया। बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं कोण्डागांव विधायक सुश्री लता उसेंडी ने विकासखंड कोण्डागांव के ग्राम पंचायत फरसगांव (डोंगरीगुड़ा) स्थित आंगनबाड़ी केंद्र तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चिपावंड पहुंचकर पांच वर्ष तक के बच्चों को पोलियोरोधी दवा की दो बूंद पिलाकर अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को गणवेश वितरित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना भी की।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक सुश्री लता उसेंडी ने कहा कि पोलियो जैसी गंभीर एवं दिव्यांगता का कारण बनने वाली बीमारी से बच्चों की सुरक्षा के लिए प्रत्येक अभिभावक का दायित्व है कि वे जन्म से पांच वर्ष तक के सभी बच्चों को समय पर पोलियोरोधी दवा की दो बूंद अवश्य पिलाएं। उन्होंने कहा कि स्वस्थ बचपन ही विकसित समाज और सशक्त राष्ट्र की आधारशिला है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों, मितानिनों एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाने तथा कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे, इसके लिए घर-घर पहुंचकर जनजागरूकता फैलाने का आह्वान किया।विधायक ने आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण कर बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली तथा बच्चों के बेहतर पोषण, स्वास्थ्य एवं शिक्षा के लिए शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर बल दिया।राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के अंतर्गत विकासखंड कोण्डागांव में 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के 30,966 बच्चों को पोलियोरोधी दवा पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। स्वास्थ्य विभाग द्वारा बूथों एवं विशेष टीमों के माध्यम से अभियान का सफल संचालन किया गया, ताकि कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे।कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य श्री नंद लाल राठौर,सरपंच सुश्री सूरज नेताम, श्री दीपेश अरोरा, श्री चंदन साहू, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अविनाश भोई, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.के. चतुर्वेदी, खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरेंद्र बघेल, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. प्रतीक चौधरी, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी श्री आशुतोष मिश्रा, बीईटीओ सुश्री सुनीता सरकार, बीपीएम श्री नीरज सोरी, सेक्टर सुपरवाइजर श्री हरीश जायसवाल एवं श्रीमती देवकी देवांगन सहित स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
- -34,129 बच्चों को पोलियो की खुराक देने का लक्ष्यबैकुंठपुर । कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने जिला अस्पताल बैकुंठपुर के टीकाकरण केंद्र में राष्ट्रीय सघन पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती यादव ने कहा कि प्रत्येक बच्चे तक पोलियो की खुराक पहुंचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि 0 से 5 वर्ष तक के सभी बच्चों को अनिवार्य रूप से पोलियो की दवा पिलाकर अभियान को सफल बनाएं। उन्होंने स्वयं बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाकर अभियान की शुरुआत की।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि जिले में 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के 34,129 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए जिलेभर में 341 पोलियो बूथ स्थापित किए गए हैं। अभियान के दौरान यदि कोई बच्चा पोलियो की खुराक लेने से छूट जाता है, तो 29 एवं 30 जून 2026 को स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर मॉप-अप गतिविधि के माध्यम से उन्हें पोलियो की दवा पिलाएगी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय सघन पल्स पोलियो अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि "एक भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे तथा सभी बच्चों को वाइल्ड पोलियो वायरस के संक्रमण से सुरक्षित रखा जा सके।
- जगदलपुर में महापौर और कलेक्टर ने महारानी अस्पताल में, विधायक चित्रकोट ने गृहग्राम धरमाऊर में बच्चों को पिलाई पल्स पोलियो की दवाईजगदलपुर । जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में बस्तर जिले को पोलियो मुक्त बनाए रखने के लिए राष्ट्रीय पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान का शानदार आगाज हो चुका है। इस महाअभियान के पहले ही दिन बस्तर के 85 प्रतिशत बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई गई है। अभियान की सफलता और जन-जागरूकता को गति देने के लिए क्षेत्र के प्रमुख जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक प्रमुखों ने खुद कमान संभाली। इसी कड़ी में चित्रकोट विधायक विनायक गोयल ने अपने गृह ग्राम धरमाऊर में, कलेक्टर आकाश छिकारा और महापौर संजय पाण्डे ने महारानी अस्पताल में बच्चों को दवा पिलाई। साथ ही चित्रकोट और तोकापाल जनपद अध्यक्ष श्रीमती रामबती भण्डारी ने अपने गृह ग्राम दुगनपाल में बच्चों को अपने हाथों से 'दो बूंद जिंदगी कीÓ पिलाकर इस कार्य की शुरुआत की।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय बसाक ने बताया बस्तर जिले में इस बार 0 से 5 वर्ष की आयु वर्ग के कुल 1,20,804 बच्चों को जीवन रक्षक पोलियो की दवा पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस महाअभियान के तहत पहले दिन सभी निर्धारित बूथों पर दवा पिलाई गई, जिसके बाद आगामी 29 और 30 जून को स्वास्थ्य कर्मियों की टीमें घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को कवर करेंगी ताकि कोई भी बच्चा सुरक्षा चक्र से बाहर न छूटे। उल्लेखनीय है कि बस्तर जिले का पोलियो उन्मूलन का इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है, जहाँ वर्ष 1996 से अब तक पोलियों का एक भी मामला सामने नहीं आया है। इसके साथ ही, छत्तीसगढ़ राज्य में वर्ष 2002 से पोलियो का कोई भी पॉजिटिव प्रकरण दर्ज नहीं हुआ है और इस गौरवशाली निरंतरता को बनाए रखना ही इस अभियान का मुख्य ध्येय है।प्रशासन ने शहरी और संवेदनशील क्षेत्रों के लिए विशेष रणनीति तैयार की है, जिसके तहत अकेले जगदलपुर शहरी क्षेत्र में 72 बूथ स्थापित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त बाजार, मेले, मड़ई, उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों, ईंट भ_ा, भवन निर्माण स्थलों, घुमंतू बस्तियों, बस स्टैंड तथा रेलवे स्टेशनों पर आने-जाने वाले बच्चों के लिए 20 मोबाइल और 24 ट्रांजिस्ट टीमों के साथ 1,932 टीकाकरण कर्मी और 97 सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं, ताकि शंखनाद के इस पहले दिन की सफलता को अंतिम छोर तक पहुँचाया जा सके।
- मरवाही । गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर साइबर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। भारत सरकार के उपक्रम आईआरकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड में कार्यरत सीनियर रेलवे मैनेजर कुंदन कुमार से शेयर बाजार में निवेश पर अधिक मुनाफे का झांसा देकर 20 लाख 70 हजार रुपये की ठगी की गई।पुलिस के अनुसार, पीड़ित ने ऑनलाइन संपर्क में आए लोगों के कहने पर एक ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड कर अलग-अलग किस्तों में निवेश किया। बाद में ऐप में बड़ी राशि दिखाई गई, लेकिन रकम निकालने का प्रयास करने पर टैक्स, प्रोसेसिंग फीस और अन्य शुल्क के नाम पर लगातार पैसे मांगे गए। पीड़ित की शिकायत पर गौरेला थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऑनलाइन निवेश के नाम पर अधिक मुनाफे का लालच देने वाले अज्ञात व्यक्तियों और संदिग्ध ट्रेडिंग ऐप से सावधान रहें तथा किसी भी प्रकार का निवेश करने से पहले पूरी जानकारी की पुष्टि अवश्य करें।
- -जीपीएम के पर्यटन विकास मॉडल की सराहना, स्थानीय जनसहभागिता और प्राकृतिक धरोहरों को बताया पर्यटन संवर्धन की सशक्त आधारशिलारायपुर । छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य एवं अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा ने गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के प्रवास के दौरान जिले की पर्यटन संभावनाओं का अवलोकन किया। इस अवसर पर उनका आत्मीय स्वागत किया गया तथा जिले की प्राकृतिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासत को समेटे जीपीएम पर्यटन कॉफी टेबल बुक भेंट कर जिले की पर्यटन उपलब्धियों और संभावनाओं से अवगत कराया गया।भ्रमण के दौरान अधिकारियों ने जिले में पर्यटन संवर्धन के लिए किए जा रहे कार्यों, प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन स्थलों के विकास, पर्यटकों के लिए विकसित की गई सुविधाओं तथा स्थानीय समुदाय की सहभागिता पर आधारित पर्यटन मॉडल की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। अधिकारियों ने बताया कि जिले के पर्यटन स्थलों को स्थानीय संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण आजीविका से जोड़कर विकसित किया जा रहा है, जिससे पर्यटन को नई दिशा मिल रही है।प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य एवं अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा ने जीपीएम जिले के प्रमुख पर्यटन स्थल राजमेरगढ़ का भ्रमण किया।उन्होंने पर्यटन समितियों द्वारा संचालित गतिविधियों, पर्यटकों के लिए उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं, स्वच्छता व्यवस्था, प्राकृतिक सौंदर्य के संरक्षण तथा स्थानीय स्तर पर किए जा रहे नवाचारों का अवलोकन किया। इस दौरान स्थानीय पर्यटन समितियों के प्रतिनिधियों ने बताया कि जनसहभागिता के माध्यम से पर्यटन को रोजगार, स्वरोजगार और स्थानीय आर्थिक विकास का प्रभावी माध्यम बनाया जा रहा है।भ्रमण के दौरान पर्यटन समितियों ने स्थानीय युवाओं की भागीदारी, पर्यावरण संरक्षण, पर्यटन स्थलों के सुव्यवस्थित प्रबंधन, आगंतुकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा स्थानीय संस्कृति के संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी साझा की। अधिकारियों ने इन पहलों की सराहना करते हुए कहा कि पर्यटन के विकास में स्थानीय समुदाय की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है और ऐसे प्रयास अन्य क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणादायी हैं।प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य ने कहा कि गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिला प्राकृतिक सौंदर्य, जैव विविधता, धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत से समृद्ध है। यहां पर्यटन विकास की व्यापक संभावनाएं हैं, जिन्हें स्थानीय लोगों की सक्रिय सहभागिता के माध्यम से प्रभावी रूप से विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता आधारित पर्यटन मॉडल न केवल पर्यटकों को बेहतर अनुभव प्रदान करता है, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आजीविका के नए अवसर भी सृजित करता है।उन्होंने जिले में पर्यटन संवर्धन के लिए किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि पर्यटन समितियां जिस समर्पण और जिम्मेदारी के साथ कार्य कर रही हैं, वह सराहनीय है। उन्होंने समितियों से भविष्य में भी गुणवत्तापूर्ण, पर्यटक-अनुकूल, स्वच्छ, सुरक्षित एवं जनसहभागिता आधारित गतिविधियों को निरंतर आगे बढ़ाने का आह्वान किया, ताकि गौरेला-पेंड्रा-मरवाही राज्य के प्रमुख पर्यटन गंतव्यों में अपनी अलग पहचान स्थापित कर सके। इस अवसर पर पर्यटन विभाग एवं जिला प्रशासन के अधिकारी, पर्यटन समितियों के प्रतिनिधि तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
- -राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का लखनपुर से शुभारंभ, अभिभावकों से किया आह्वान—‘दो बूंद हर बार, पोलियो पर जीत बरकरार’रायपुर। प्रदेश में चल रहे राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने आज अंबिकापुर जिले के लखनपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की जीवनरक्षक दो बूंद पिलाकर अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे का स्वस्थ, सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित करना सरकार और समाज दोनों की साझा जिम्मेदारी है। पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से बच्चों की सुरक्षा के लिए प्रत्येक अभियान में हर बच्चे को समय पर पोलियो की खुराक पिलाना अत्यंत आवश्यक है।मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि भारत ने वर्षों के सतत प्रयास, जनभागीदारी और स्वास्थ्यकर्मियों की अथक मेहनत से पोलियो पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया है। अब इस उपलब्धि को बनाए रखना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। उन्होंने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने परिवार, मोहल्ले और आसपास के 0 से 5 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को पोलियो की दो बूंद अवश्य पिलाएं, ताकि कोई भी बच्चा इस सुरक्षा कवच से वंचित न रहे।उन्होंने कहा कि "दो बूंद हर बार, पोलियो पर जीत बरकरार" केवल एक संदेश नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को आजीवन स्वस्थ रखने का राष्ट्रीय संकल्प है। यदि कोई बच्चा बूथ तक नहीं पहुंच पाता है तो अभिभावक घर-घर आने वाली स्वास्थ्य विभाग की टीम को अवश्य जानकारी दें और सुनिश्चित करें कि बच्चे को पोलियो की खुराक मिल जाए।श्री राजेश अग्रवाल ने स्वास्थ्य विभाग, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मितानिनों, आशा कार्यकर्ताओं, स्वयंसेवी संगठनों तथा अभियान से जुड़े सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि उनके समर्पित प्रयासों से राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनसहभागिता और जागरूकता के बल पर छत्तीसगढ़ भविष्य में भी अपनी पोलियोमुक्त पहचान को सुदृढ़ बनाए रखेगा।उन्होंने कहा कि बच्चों का स्वास्थ्य ही राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी है। स्वस्थ बचपन ही सशक्त भारत की आधारशिला है। इसलिए प्रत्येक नागरिक का यह कर्तव्य है कि वह अपने आसपास किसी भी बच्चे को पोलियो की खुराक से वंचित न रहने दे तथा अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप प्रदान करे।इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे। बच्चों को उत्साहपूर्वक पोलियो की जीवनरक्षक खुराक पिलाई गई तथा अभिभावकों को नियमित टीकाकरण, स्वच्छता और बच्चों के समग्र स्वास्थ्य के प्रति भी जागरूक किया गया।प्रदेश में 28 से 30 जून 2026 तक राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत राज्य के लगभग 35 लाख 98 हजार 904 (करीब 36 लाख) बच्चों को पोलियो की जीवनरक्षक खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए पूरे प्रदेश में 14 हजार 396 पोलियो बूथ स्थापित किए गए हैं, जहां 28 जून को बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जा रही है।अभियान को सफल बनाने के लिए 28 हजार 791 टीमें तथा 57 हजार से अधिक स्वास्थ्यकर्मी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन और स्वयंसेवक तैनात किए गए हैं। बूथ दिवस के बाद 29 एवं 30 जून को स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर उन बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाएंगी, जो किसी कारणवश बूथ तक नहीं पहुंच सके।विशेष क्षेत्रों पर रहेगा फोकसस्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने राज्य के सभी 33 जिलों में अभियान की व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों, शहरी मलिन बस्तियों, ईंट-भट्ठों, निर्माण स्थलों पर रहने वाले श्रमिक परिवारों, प्रवासी एवं घुमंतू समुदायों के बच्चों तक विशेष रूप से पहुंच सुनिश्चित की जा रही है, ताकि कोई भी बच्चा पोलियो की सुरक्षा से वंचित न रहे।वर्तमान राष्ट्रव्यापी पल्स पोलियो अभियान के अंतर्गत देशभर में लगभग 17 करोड़ बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि बच्चे को हाल ही में कोई अन्य टीका लगाया गया हो, तब भी पोलियो की खुराक पूरी तरह सुरक्षित है और अवश्य दी जानी चाहिए। हल्की सर्दी, खांसी या सामान्य बुखार होने पर भी बच्चों को पोलियो ड्रॉप्स पिलाई जा सकती हैं।पोलियोमुक्त भारत और पोलियोमुक्त छत्तीसगढ़ की पहचान बनाए रखने के लिए प्रत्येक परिवार की सहभागिता आवश्यक है। हम सभी संकल्प लें कि हमारे आसपास का कोई भी बच्चा पोलियो की जीवनरक्षक दो बूंद से वंचित न रहे। यही स्वस्थ बचपन, सुरक्षित भविष्य और सशक्त राष्ट्र की सबसे मजबूत नींव है।
- -पंजीयन एवं प्री-रजिस्टर्ड हितग्राहियों के निराकरण में हासिल किया प्रथम स्थान-विशेष अभियान के मात्र 9 दिनों में 72 प्रतिशत लक्ष्य पूर्ण, जांजगीर-चांपा प्रदेश में अव्वल-मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने दी बधाईरायपुर। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत गर्भवती एवं शिशुवती माताओं के पंजीयन के लिए 15 जून से 15 जुलाई तक संचालित विशेष अभियान में छत्तीसगढ़ ने ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज करते हुए देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। राज्य ने अभियान के शुरुआती मात्र 9 दिनों में ही निर्धारित लक्ष्य का 72 प्रतिशत पूरा कर उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।प्रदेश ने न केवल हितग्राहियों के पंजीयन में देश में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया है, बल्कि प्री-रजिस्टर्ड हितग्राहियों के निराकरण में भी सभी राज्यों को पीछे छोड़ते हुए सर्वाधिक उपलब्धि अर्जित की है। यह उपलब्धि महिला एवं बाल विकास विभाग, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, पर्यवेक्षकों, मैदानी अमले तथा सभी संबंधित हितधारकों के समन्वित और समर्पित प्रयासों का परिणाम है।विशेष अभियान के अंतर्गत जिला जांजगीर-चांपा ने 96 प्रतिशत लक्ष्य पूर्ति के साथ पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। यह उपलब्धि मातृ एवं शिशु कल्याण के प्रति जिले की संवेदनशीलता, सक्रियता और प्रभावी कार्यप्रणाली को प्रतिबिंबित करती है।मातृ वंदना योजना (PMMVY) भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण मातृ कल्याणकारी योजना है, जिसका उद्देश्य गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली महिलाओं को पोषण, स्वास्थ्य देखभाल और सुरक्षित मातृत्व के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान करना है। योजना के तहत प्रथम जीवित संतान के जन्म पर पात्र महिलाओं को 5,000 रूपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है, जबकि दूसरी संतान के रूप में बालिका के जन्म पर 6,000 रूपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। यह योजना महिलाओं के स्वास्थ्य संरक्षण, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने तथा शिशुओं के बेहतर पोषण और समग्र विकास सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महिला एवं बाल विकास विभाग की पूरी टीम, मैदानी अमले और सभी सहयोगी संस्थाओं को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना महिलाओं को सुरक्षित मातृत्व प्रदान करने के साथ-साथ शिशुओं के स्वस्थ भविष्य की मजबूत आधारशिला तैयार कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ आगामी दिनों में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर देश के लिए एक आदर्श मॉडल के रूप में उभरेगा।महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा सभी हितधारकों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता सामूहिक प्रतिबद्धता, सतत निगरानी और जनकल्याण के प्रति समर्पण का परिणाम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि प्रत्येक पात्र गर्भवती एवं शिशुवती माता प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ प्राप्त कर सके।उन्होंने प्रदेश की सभी पात्र महिलाओं से अपील की कि वे 15 जुलाई तक संचालित विशेष अभियान का लाभ उठाते हुए अपना पंजीयन अवश्य कराएं, ताकि मातृत्व के इस महत्वपूर्ण चरण में उन्हें शासन की योजनाओं का समुचित लाभ मिल सके।





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