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- -39 दुर्गम गांवों में पहुंचा 3 महीने का एडवांस राशनरायपुर, / बस्तर के दुर्गम और धुर नक्सल प्रभावित अबूझमाड़ इलाके में भारी बारिश के दौरान भी ग्रामीणों को राशन के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। जिला प्रशासन ने मानसून के दौरान पहुंचविहीन होने वाले क्षेत्रों के लिए पुख्ता रणनीति तैयार की है। जिले की सभी 39 पहुंचविहीन शासकीय उचित मूल्य दुकानों में तीन महीने का खाद्यान्न (राशन) एडवांस में भंडारित कर दिया गया है।कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बारिश के मौसम में खाद्यान्न वितरण किसी भी हाल में प्रभावित नहीं होना चाहिए। इस पूरी व्यवस्था की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रशासन केवल राशन भेजने तक सीमित नहीं है, बल्कि तैनात किए गए नोडल अधिकारी खुद नदी-नाले पार कर इन सुदूर केंद्रों में पहुंच रहे हैं और राशन की बोरियों की गिनती (भौतिक सत्यापन) कर रहे हैं।कलेक्टर के निर्देशानुसार, समाज कल्याण विभाग के उप संचालक व नोडल अधिकारी ने ओरछा विकासखंड के बेहद संवेदनशील और अंदरूनी ग्राम पंचायत हांदावाड़ा के बेड़मापारा राशन दुकान का औचक निरीक्षण किया। अधिकारी ने मौके पर जाकर तीन माह के लिए सुरक्षित रखे गए खाद्यान्न के स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया। सुरक्षा मानकों और भंडारण व्यवस्था को बारीकी से देखने के बाद वितरण प्रक्रिया की जानकारी ली गई। खाद्य विभाग के मुताबिक, जिले की सभी 39 दुर्गम क्षेत्रों के दुकानों में 100 प्रतिशत अग्रिम भंडारण का काम समय से पहले पूरा कर लिया गया है। भंडारण और वितरण व्यवस्था में कोई गड़बड़ी न हो, इसके लिए जिला स्तर के अधिकारियों की दुकानवार ड्यूटी लगाई गई है, जो लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। भौगोलिक रूप से बेहद कठिन इस क्षेत्र में बारिश के दिनों में कई नदी-नाले उफान पर आ जाते हैं, जिससे संपर्क टूट जाता है। इस अग्रिम कदम से अब अंतिम व्यक्ति तक बिना किसी बाधा के राशन पहुंचेगा।प्रशासन की इस मुस्तैदी से अबूझमाड़ के आश्रित गांवों के हजारों राशन कार्डधारियों ने राहत की सांस ली है। जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि भौगोलिक चुनौतियां कितनी भी बड़ी हों, दूरस्थ अंचलों के ग्रामीणों का हक उन तक हर हाल में पहुंचेगा।
- -एक दिन में 2 लाख से अधिक सीडबॉल प्रसार कर बनाया विश्व रिकॉर्ड-मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में जशपुर वनमण्डल को मिला आधिकारिक प्रमाण-पत्ररायपुर। पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी के क्षेत्र में जशपुर वनमण्डल ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए एक ही दिन में 2 लाख से अधिक सीडबॉल के प्रसार एवं रोपण का कार्य संपादित कर गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया है। इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की राज्य प्रमुख श्रीमती सोनल राजेश शर्मा ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में जशपुर वनमण्डल को आधिकारिक प्रमाण-पत्र प्रदान किया। वनमण्डल की ओर से यह प्रमाण-पत्र वनमण्डलाधिकारी श्री शशि कुमार ने प्राप्त किया।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जशपुर वनमण्डल, वन विभाग तथा अभियान से जुड़े सभी नागरिकों को बधाई देते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी दायित्व नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जशपुर में संचालित “बीज गोला बनाबो, जशपुर के जंगल ला बढ़ाबो” अभियान जनभागीदारी और प्रकृति संरक्षण का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरा है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जब शासन, प्रशासन और समाज किसी सकारात्मक उद्देश्य के लिए एकजुट होकर कार्य करते हैं, तब असंभव प्रतीत होने वाले लक्ष्य भी सहजता से प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि न केवल जशपुर, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है तथा पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगी।जशपुर वनमण्डल द्वारा संचालित महत्वाकांक्षी अभियान “बीज गोला बनाबो, जशपुर के जंगल ला बढ़ाबो” के तहत जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर सीडबॉल प्रसार कार्यक्रम आयोजित किया गया। अभियान का उद्देश्य प्राकृतिक वनस्पतियों के संरक्षण, जैव विविधता के संवर्धन और हरित आवरण में वृद्धि के माध्यम से पर्यावरणीय संतुलन को सुदृढ़ करना है।अभियान की सबसे बड़ी विशेषता इसमें देखने को मिली व्यापक जनसहभागिता रही। स्थानीय ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, विद्यार्थियों, महिला स्व-सहायता समूहों, सामाजिक संगठनों, वन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों तथा आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई। हजारों लोगों के सहयोग से यह अभियान एक जनआंदोलन के रूप में विकसित हुआ और एक ही दिन में 2 लाख से अधिक सीडबॉल के प्रसार का नया कीर्तिमान स्थापित किया गया।इस उपलब्धि ने जशपुर जिले को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है। साथ ही यह सिद्ध किया है कि सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में बड़े और सकारात्मक परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह सहित वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
- - विधानसभा अध्यक्ष संघ लोक सेवा आयोग 2025 में चयनित अभ्यर्थियों द्वारा मार्गदर्शन कार्यक्रम में हुए शामिल- युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा, क्षमता एवं संभावनाओं को सही दिशा प्रदान करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा मार्गदर्शन कार्यक्रम का अभूतपूर्व एवं ऐतिहासिक आयोजन- असफलता मिले तो उसे चुनौती मानकर जीत की तैयारी करें और आगे बढ़े- भारतीय लोक सेवा आयोग 2025 में चयनित अभ्यर्थियों ने अपने अनुभव किए साझाराजनांदगांव । विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह आज जिला प्रशासन द्वारा पद्मश्री गोविंदराम निर्मलकर ऑडिटोरियम राजनांदगांव में आयोजित संघ लोक सेवा आयोग 2025 में चयनित अभ्यर्थियों द्वारा मार्गदर्शन कार्यक्रम में शामिल हुए। युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा, क्षमता एवं संभावनाओं को सही दिशा प्रदान करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा यूपीएससी 2025 में चयनित अभ्यर्थियों द्वारा मार्गदर्शन कार्यक्रम का अभूतपूर्व एवं ऐतिहासिक आयोजन किया गया।विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय लोक सेवा आयोग की परीक्षा की तैयारी के लिए दृढ़ इच्छाशक्ति, सोच एवं धैर्य की आवश्यकता होती है। उन्होंने युवाओं से कहा कि अपने अध्ययन कक्ष की दीवारों पर लिखें कि आईएएस अधिकारी बनना है, तो प्रतिदिन इसे देखकर मन में विश्वास जाग्रत होगा कि मन में जो संकल्प लिया है, वह पूरा करना है। उन्होंने कार्यक्रम में आए यूपीएससी 2025 में चयनित अभ्यर्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आप सभी ने जीवन में इस ऊंचाई तक पहुंचने के लिए कड़ी मेहनत की है और धरातल से उपर उठकर रोल मॉडल बने हैं। उन्होंने यूपीएससी 2025 में चयनित श्री संजय संजय डहरिया का जिक्र करते हुए कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से संघर्ष करते हुए यूपीएससी की परीक्षा में सफलता प्राप्त करना उनकी जीवटता एवं दृढ़ इच्छाशक्ति का अद्भूत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यहां उपस्थित सभी सफल अभ्यर्थियों ने अपनी मेहनत एवं इच्छाशक्ति से सफलता हासिल कर कीर्तिमान स्थापित किया है। यदि कभी असफलता मिले तो उसे चुनौती मानकर जीत की तैयारी करें और आगे बढ़े, तो सफलता जरूर हासिल होगी। भारत रत्न, मिसाईल मैन एवं देश के पूर्व राष्ट्रपति स्वर्गीय डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि डॉ. कलाम पायलट बनना चाहते थे, लेकिन वे असफल रहे। बाद में वे वैज्ञानिक एवं मिसाईल मैन तथा देश के राष्ट्रपति बने और उनकी पायलट बनने की इच्छा भी पूरी हुई। उन्होंने संयुक्त राज्य अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन, हैरी पॉटर किताब की लेखिका जेके रोलिंग्स एवं थॉमस एडिशन का उदाहरण देते हुए बताया कि असफलता के बावजूद उन्होंने बाद में सफलता प्राप्त की है। उन्होंने सभी युवाओं से कहा कि अपनी ऊर्जा एवं क्षमता से परीक्षा की तैयारी करें, सफलता जरूर मिलेगी।- एकाग्रचित होकर करें पढ़ाई : आईजी श्री बालाजी राव- दृढ़ इच्छा शक्ति एवं संकल्प आपको मजबूत बनाते हैंपुलिस महानिरीक्षक श्री बालाजी राव ने कहा कि यूपीएससी की कठिन परीक्षा में एकाग्रचित होकर पढ़ाई करें। आपकी सफलता के पीछे, अभिभावक, शिक्षक एवं मित्रों का योगदान होता है। तैयारी के दौरान अनिश्चिता भरे जीवन में दृढ़ इच्छा शक्ति एवं संकल्प आपको मजबूत बनाते हैं और इस प्रक्रिया से गुजरते हुए जिम्मेदार पदों पर पहुंचते हैं, जिससे दूरदर्शिता पूर्ण निर्णय लेने में सक्षम बनते हैं। उन्होंने युवाओं को सकारात्मक सोच के साथ पढऩे के लिए कहा।- जुनून एवं जज्बे से अपने सपने को करें साकार : कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव- यूपीएससी की परीक्षा खुबसूरत एवं विभिन्नता लिए हुए, युवा शिद्दत के साथ करें मेहनतकलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने कहा कि भारतीय लोक सेवा आयोग की परीक्षा की तैयारी के लिए युवाओं की जिज्ञासाओं के समाधान के लिए यह आयोजन किया गया है। यूपीएससी की तैयारी के लिए आज यहां ऐसे युवा अभ्यर्थी मौजूद है, जिन्होंने अपने जुनून एवं जज्बे से अपने सपने को साकार किया है तथा सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित किए है। उन्होंने कहा कि यूपीएससी की परीक्षा खुबसूरत एवं विभिन्नता लिए हुए है। युवा इस परीक्षा के लिए शिद्दत के साथ मेहनत करें। उन्होंने कहा कि जीवन में कभी हार नहीं मानना चाहिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण परिवेश में होने के बावजूद, ऐसे चयनित अभ्यर्थी भी हैं, जिन्हें सीमित संसाधन होने के बावजूद बेहतरीन परिणाम मिले हैं। केवल मेहनत करना पर्याप्त नहीं है, सही रणनीति के साथ अध्ययन करें। उन्होंने कहा कि एक पंक्ति इंसान के जीवन को बदल सकती है। हमेशा सकारात्मक रहते हुए अच्छे विचारों से प्रेरित होकर अध्ययन करें।- योद्धा वही है जो प्रतिकूलता में सफल होते हैं : एसपी सुश्री अंकिता शर्मापुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा ने कहा कि अनुकुलता में सभी सफल होते हैं, योद्धा वही है जो प्रतिकूलता में सफल होते हैं। उन्होंने अपने पिता का स्मरण करते हुए कहा कि वह अपने पिताजी का नाम रौशन करना चाहती थी। तैयारी के दौरान जेहन में यह विचार था कि किसी भी कार्य के लिए कोई न कोई व्यक्ति पहला होता है, तो क्यों न आईपीएस ऑफिसर बनकर पहला मैं बनूं।- कठिन परिश्रम महत्वपूर्ण रहा : डीएफओ श्री आयुष जैनवनमंडाधिकारी श्री आयुष जैन ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि वनमंडलाधिकारी वन के संरक्षक होते हैं। यह सौभाग्य की बात है कि मुझे प्रकृति के सानिध्य में कार्य करने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने बताया कि पिताजी के प्रेरित करने पर आईएफएस की तैयारी की। अपनी इस यात्रा के दौरान कठिन परिश्रम महत्वपूर्ण रहा है।- कठिन परिश्रम, अनुशासन, आत्मविश्वास से मिलती है सफलता : श्री अनुज अग्निहोत्रीयूपीएससी सीएसई 2025 में प्रथम रैंक प्राप्त करने वाले श्री अनुज अग्निहोत्री वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े। उन्होंने बताया कि वे डॉक्टर है और सिविल सेवा के लिए उन्होंने लगातार तैयारी की और तीसरे प्रयास में सफल हुए और उपलब्धि हासिल की। उन्होंने युवाओं से कहा कि आप इस सेवा में क्यों और कैसे आना चाहते है, इसके लिए विचार स्पष्ट होना चाहिए। कठिन परिश्रम, अनुशासन, आत्मविश्वास से सफलता मिलती है। सत्यनिष्ठा एवं ईमानदारी से अध्ययन करेंगे तो भाग्य भी साथ देता है।- अनुशासित एवं अपग्रेड रहकर करें तैयारी : श्री राघव झुनझुनवालायूपीएससी सीएसई 2025 में चौथा रैंक प्राप्त करने वाले श्री राघव झुनझुनवाला ने बताया कि कि वित्तीय समावेशन के लिए कार्य करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में कार्य किया। इस दौरान उन्होंने कार्य से संतोष मिला और सिविल सेवा के प्रति उनका झुकाव बढ़ा। उन्होंने कहा कि अनुशासन का चयन करें प्रेरणा का नहीं क्योंकि प्रेरणा अस्थायी होती है। रियल टाईम में अपने आप को अपग्रेड करते हुए अनुशासन एवं प्रेरित होकर कार्य किया। उन्होंने कहा कि सिर्फ यूपीएससी ही नहीं विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दें सकते हैं। उन्होंने डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम, श्री रतन कर, श्री सुंदर पचाई जैसे विभिन्न हस्तियों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि अपने कैरियर चयन के लिए ईमानदार रहें।- प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के पहले आपकी सोच स्पष्ट एवं विकसित होनी चाहिए : श्री दिशांत निसार- अपनी ताकत एवं कमजोरी का चिन्हांकन करते हुए सही रणनीति से तैयारी करनी चाहिएयूपीएससी सीएसई 2025 में 19वां रैंक प्राप्त करने वाले श्री दिशांत निसार ने बताया कि सिविल सेवा की तैयारी में अधिक प्रतियोगिता का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि गुजरात के कच्छ जिले से हैं और उन्होंने कौशल विकास तथा कृषि के क्षेत्र में जमीन से जुड़कर कार्य किया। जिससे उन्हें वास्तविक तौर पर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में मदद मिली। इस दौरान उन्होंने बहुत कुछ सीखा एवं संभावनाओं की तलाश की। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के पहले आपकी सोच स्पष्ट एवं विकसित होनी चाहिए। इसके साथ ही अपनी ताकत एवं कमजोरी का चिन्हांकन करते हुए पढ़ाई के लिए सही रणनीति से तैयारी करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि चैट जीपीटी में कंटेट बहुत अधिक होते हैं, जिससे भ्रम की स्थिति होती है तथा एआई के माध्यम से सभी विषय की तैयारी नहीं की जा सकती, इसलिए चयनित किताबों से अध्ययन करें।- यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा की तैयारी के लिए डेली रूटीन महत्वपूर्ण : सुश्री वैभवी अग्रवाल- परिणाममूलक तैयारी से मिलती है सफलतायूपीएससी सीएसई 2025 में 35वां रैंक प्राप्त करने वाले सुश्री वैभवी अग्रवाल ने कहा कि यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा की तैयारी के लिए डेली रूटीन महत्वपूर्ण है। जिसके माध्यम से प्रतिदिन की दिनचर्या में हम अपने विचारों को क्रियान्वित कर सकते हैं तथा पढ़ाई को अनुशासन से सही दिशा में ले जा सकते है। परीक्षाओं की परिणाममूलक तैयारी से सफलता मिलती है। उन्होंने युवाओं को अपने डेली रूटीन में अनुशासन का पालन करने, मानसिक तनाव को दूर करने के लिए मार्निंग वॉक करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि अपनी पढ़ाई का आनंद लीजिए तथा इसके लिए शत-प्रतिशत मेहनत कीजिए। उन्होंने कहा कि डरे नहीं डर के आगे जीत है। उन्होंने एनसीईआरटी की किताबें पढऩे कहा, विभिन्न विषयों के संबंध में जानकारी दी एवं स्वयं के नोट्स बनाने कहा।- अपनी पढ़ाई का सतत विश्लेषण करें : सुश्री सुष्मिता सिंहयूपीएससी सीएसई 2025 में 32वां रैंक प्राप्त करने वाले सुश्री सुष्मिता सिंह ने बताया कि उन्होंने कम्प्यूटर साईंस से इंजीनियरिंग किया है। उन्होंने बताया कि सही रणनीति एवं विचार के साथ सफलता प्राप्त होती है। उन्होंने बताया कि करेन्ट अफेयर्स के लिए उन्होंने सामाचार पत्र पढऩा जारी रखा। यूपीएससी के पहले के प्रश्र पत्र को हल करना तथा मॉक टेस्ट मददगार रहे। उन्होंने कहा कि लगातार अभ्यास से कुशलता प्राप्त होती है और अपनी पढ़ाई का सतत विश्लेषण करें। अध्ययन के दौरान पढ़ाई के प्रति वैसी ही तीव्रता एवं जूनून होना चाहिए, जैसे अपने शुरूआती दौर में रहा था।- योजनाबद्ध तरीके से होनी चाहिए पढ़ाई : सुश्री दर्शना सिंह बघेलयूपीएससी सीएसई 2025 में चयनित सुश्री दर्शना सिंह बघेल ने कहा कि उन्होंने आईआईटी कानपुर से बी-टेक किया है और वे ग्रामीण परिवेश में पली-बढ़ी है। इस परीक्षा की तैयारी के लिए उन्हें अपने अभिभावकों, शिक्षकों, मित्रों एवं सभी का सहयोग मिला। उन्होंने युवाओं से कहा कि सही तरीके से पढ़ाई करने के लिए शार्ट टर्म एवं लंाग टर्म प्लान होना चाहिए। आगामी छह माह तक पढ़ाई एवं रिविजन के लिए योजना होनी चाहिए। उन्होंने युवाओं को स्वस्थ एवं तनाव मुक्त रहने के लिए विभिन्न गतिविधियों तथा अपने जीवन में हॉबी को अपनाने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि एक समय पर एक ही कार्य करें। तैयारी के दौरान यह याद रखें कि आप क्यों इस सेवा में आना चाहते है।- कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से ग्रसित होने के बावजूद हुए सफल- जब हम किसी समस्या को अंदर से जीत लेते हैं, तो बाहर भी जीत जाते : श्री संजय डहरियायूपीएससी सीएसई 2025 में 946 रैंक प्राप्त करने वाले श्री संजय डहरिया ने बताया कि वे महासमुंद ग्राम बेलटुकरी के रहने वाले है। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से ग्रसित होने के बावजूद जीवन में कई उतार-चढ़ाव एवं चुनौतियों का सामना करते हुए उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा की तैयारी की और सफल हुए। एक समय मन में यह भी ख्याल आया की जिंदगी रहेगी कि नहीं। उन्होंने कहा कि नियत अच्छी रखें तो ईश्वर भी मदद करते है। जब हम किसी समस्या को अंदर से जीत लेते हैं, तो बाहर भी जीत जाते हैं। असफलता मिलने पर हताश न हो और अपने सपने को पूरा करने के लिए तैयारी जारी रखें। उन्होंने श्री अर्जुन सिसोदिया की पंक्तियों का स्मरण करते हुए कहा कि युद्ध नहीं जिनके जीवन में वे भी बहुत अभागे होंगे या तो प्रण को तोड़ा होगा या फिर रण से भागे होंगे।- विश्लेषणात्मक क्षमता, तार्किक सोच, निर्णय लेने की योग्यता की भी होती है परीक्षा : श्री अजय गुप्तारायगढ़ के यूपीएससी 2025 में 452 रैंक में चयनित श्री अजय गुप्ता ने कि ग्रामीण परिवेश से निकलकर बड़े लक्ष्य हासिल करना संभव है, बशर्ते व्यक्ति में दृढ़ संकल्प, सही दिशा में मेहनत और निरंतर सीखने की इच्छा हो। उन्होंने बताया कि वे रायगढ़ जिले के हैं और ग्रामीण परिवेश में पले बढ़े हैं। उच्च शिक्षा के दौरान मिले नए वातावरण और सफल लोगों के संपर्क ने उनके भीतर यह विश्वास जगाया और उन्हें महसूस हुआ कि अन्य लोग सफल हो सकते हैं तो वे भी अपने सपनों को पूरा कर सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे अपनी तैयारी को तथ्यों के आधार पर व्यवस्थित करें और समय का उपयोग प्राथमिकताओं के अनुसार करें। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाएं केवल ज्ञान की नहीं बल्कि विश्लेषणात्मक क्षमता, तार्किक सोच, निर्णय लेने की योग्यता और समस्या समाधान कौशल की भी परीक्षा होती हैं। इसलिए विद्यार्थियों को कॉलेज के आयोजनों में सक्रिय रहकर भाग लेना चाहिए, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ता है।- सफलता के लिए बड़ा सोचें, पूरे समर्पण के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ें : एसडीएम डोंगरगढ़ श्री एम. भार्गवएसडीएम डोंगरगढ़ श्री एम. भार्गव ने कहा कि सफलता प्राप्त करने के लिए मेहनत के साथ-साथ एक्सपोजर और आत्मविश्वास बहुत जरूरी है। पहले प्रयास में साक्षात्कार तक पहुंचने के बावजूद उनका चयन नहीं हुआ और बाद के प्रयासों में भी उन्हें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, लेकिन निरंतर प्रयास और धैर्य के बल पर उन्हें सफलता मिली। उन्होंने कहा कि असफलताएं सीखने का अवसर देती हैं और कभी भी हार नहीं माननी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने दायरे से बाहर निकलकर नए लोगों और नए परिवेश से जुडऩे का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि जब तक हम व्यापक अनुभव प्राप्त नहीं करेंगे, तब तक हमारी सोच सीमित रहेगी। उन्होंने बताया कि दिल्ली में देशभर के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के बीच रहकर उन्हें यह समझ आया कि आत्मविश्वास और निरंतर मेहनत से कोई भी व्यक्ति आगे बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि जीवन के किसी भी क्षेत्र में सफलता के लिए बड़ा सोचें, मानसिक बाधाओं को दूर करें और पूरे समर्पण के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ें।कार्यक्रम में प्रश्नोत्तरी सत्र में विद्यार्थियों एवं युवाओं की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। इस अवसर पर महापौर श्री मधुसूदन यादव, अध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती किरण वैष्णव, उपाध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती किरण साहू, अध्यक्ष जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक श्री सचिन बघेल, अध्यक्ष राजगामी संपदा न्यास श्रीमती पूर्णिमा साहू, जिला पंचायत सदस्य श्री प्रशांत कोडापे, श्री कोमल सिंह राजपूत, श्री भरत वर्मा, सीईओ जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह, प्रशिक्षु आईपीएस श्रीमती वैशाली जैन, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती शीतल बंसल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में युवा, विद्यार्थी व अभिभावक उपस्थित थे।
- - उज्ज्वल भविष्य के लिए दी शुभकामनाएंमहासमुंद / माँ महामाया स्पोर्ट्स एंड डिफेंस एकेडमी (निःशुल्क सैन्य प्रशिक्षण केंद्र) महासमुंद में प्रशिक्षण प्राप्त कर भारतीय थलसेना में अग्निवीर के रूप में चयनित युवाओं का कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने मोमेंटो एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।सम्मान समारोह में कलेक्टर श्री लंगेह ने युवाओं को राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पित रहने और अनुशासन, मेहनत तथा लगन के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने एकेडमी के महिला सेना, पुलिस एवं अन्य सुरक्षा बलों की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को भी प्रेरित करते हुए सफलता के लिए निरंतर प्रयास करने की सलाह दी। इस अवसर पर डिप्टी कलेक्टर श्री मनोज कुमार खांडे ने सेना के सिपाही से लेकर शिक्षक, फूड इंस्पेक्टर और डिप्टी कलेक्टर बनने तक के अपने जीवन अनुभव साझा किए। उन्होंने शिक्षा, खेल, समय प्रबंधन और शिष्टाचार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए अभ्यर्थियों को लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा दी।समारोह में एकेडमी के संचालक एवं आर्मी एडवेंचर ट्रेनर श्री पुरुषोत्तम डनसना (पूर्व सैनिक), श्री चन्द्रहास साहू (शारीरिक/खेल एवं एनसीसी शिक्षक) तथा फॉर्च्यून नेत्रहीन विद्यालय बागबाहरा के संचालक श्री निरंजन साहू,सम्मानित अग्निवीरों में सरायपाली से रूपधर नेताम, छिंदपाली से ओमप्रकाश गड़तिया, नवरंगपुर से उमेश निषाद, अरेकेल, बसना से गनेसर साव, बागबाहरा से कमल दिवान एवं अचानकपुर से चूड़ामणि पटेल सम्मानित हुए।समारोह में महिला सेना, पुलिस एवं विभिन्न सुरक्षा विभागों की तैयारी कर रही अभ्यर्थी रुपेश्वरी, डोमेश्वरी, ईश्वरी, टिनम, लक्ष्मी, पूजा, लीना, खुशी और दुलारी सहित पुरुष अभ्यर्थी मेघराज, आशीष, आदित्य, त्रिलोक और निखिल भी शामिल हुए। उन्होंने चयनित अग्निवीरों से सफलता के सूत्र सीखे और अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने का संकल्प लिया।
- महासमुंद जिले के 1 लाख 26 हजार से अधिक किसानों के खाते में पहुंचे 25.23 करोड़ रुपएमहासमुंद / प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना अंतर्गत 23वीं किश्त की राशि का हस्तांतरण प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा वेबकास्ट के माध्यम से पश्चिम बंगाल के तारकेश्वर, जिला हुगली से किया गया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम का सीधा प्रसारण कृषि विज्ञान केन्द्र भलेसर, महासमुंद में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में किसान एवं जनप्रतिनिधि शामिल हुए।प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत महासमुंद जिले के 1 लाख 26 हजार 154 किसानों के बैंक खातों में कुल 25 करोड़ 23 लाख रुपये की राशि अंतरित की गई। कार्यक्रम के दौरान किसानों ने प्रधानमंत्री के संबोधन एवं किश्त हस्तांतरण कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देखा।कार्यक्रम में विधायक महासमुंद श्री योगेश्वर राजू सिन्हा, जिला स्काउट एवं गाइड संघ के जिलाध्यक्ष श्री ऐतराम साहू, उपाध्यक्ष नगरपालिका परिषद श्री देवीचंद राठी, जनपद पंचायत महासमुंद उपाध्यक्ष श्रीमती हुलसी चन्द्राकर सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण मौजूद रहे। इस अवसर पर कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह, उप संचालक कृषि श्री एफ.आर. कश्यप, कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक, विभागीय अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।कार्यक्रम में किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के महत्व, कृषि विकास एवं शासन की किसान हितैषी योजनाओं की जानकारी भी दी गई। अधिकारियों ने किसानों से योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने एवं आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया।
- महासमुंद / केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजना प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत ग्राम पंचायत छिबर्रा निवासी स्वर्गीय श्रीमती जमुना बाई दिवान के नामांकित हितग्राही को 2 लाख रुपए की बीमा राशि प्रदान की गई। श्रीमती जमुना बाई दिवान का 28 मार्च 2026 को निधन हो गया था। उनके नाम से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया शाखा पिथौरा में बैंक खाता संचालित था, जिसमें श्री किशन दिवान को नॉमिनी के रूप में नामांकित किया गया था।प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के अंतर्गत सामान्य मृत्यु होने पर पात्र नॉमिनी श्री किशन दिवान को 2 लाख की बीमा सहायता राशि स्वीकृत कर प्रदान की गई। इस सहायता राशि से परिवार को आर्थिक संबल प्राप्त हुआ है। बीमा दावा प्रक्रिया के सफल निराकरण में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया शाखा पिथौरा के शाखा प्रबंधक श्री ज्ञान रंजन खुटे का विशेष योगदान रहा। साथ ही जनपद पंचायत के अधिकारी श्री डी.एल. बरिहा बीपीएम, श्री कृष्णा दिवान पीआरपी, श्री आबिद अली एफएलसीआरपी, श्रीमती गायत्री यादव एवं बैंक मित्र श्रीमती पदमा पैकरा द्वारा भी आवश्यक सहयोग प्रदान किया गया।जिला अग्रणी बैंक कार्यालय, बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा आयोजित वित्तीय साक्षरता एवं जनजागरूकता शिविरों के माध्यम से प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना सहित विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की जानकारी देकर लोगों को योजनाओं से जुड़ने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि कम प्रीमियम में मिलने वाली यह बीमा योजना जरूरतमंद परिवारों के लिए कठिन समय में आर्थिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है।
- -ड्रोन पायलट प्रशिक्षण हेतु महिला कृषकों का दल जशपुर से रायपुर रवाना-मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने दिखाई हरी झंडी, दी शुभकामनाएंरायपुर। कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देने तथा महिला किसानों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत ‘ड्रोन दीदी अभियान’ अंतर्गत महिला कृषकों का 5 सदस्यीय दल ड्रोन पायलट प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए रायपुर रवाना हुआ। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज कुनकुरी स्थित कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र परिसर से दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया तथा सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कृषि क्षेत्र में तकनीक का समावेश समय की आवश्यकता है और ड्रोन तकनीक खेती-किसानी को अधिक वैज्ञानिक, प्रभावी और लाभकारी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि ‘ड्रोन दीदी अभियान’ केवल प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण, आधुनिक कृषि और ग्रामीण आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी मातृशक्ति आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परिचय दे रही है। कृषि क्षेत्र में भी महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण प्राप्त कर महिलाएं न केवल स्वयं आत्मनिर्भर बनेंगी, बल्कि अपने गांवों और क्षेत्रों के अन्य किसानों को भी नई तकनीकों से जोड़ने में अग्रणी भूमिका निभाएंगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ड्रोन तकनीक के माध्यम से फसलों पर उर्वरक एवं कीटनाशकों का छिड़काव कम समय में अधिक सटीकता और प्रभावशीलता के साथ किया जा सकता है। इससे समय, श्रम और लागत की बचत होने के साथ-साथ कृषि उत्पादन की गुणवत्ता और उत्पादकता में भी वृद्धि होती है।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कृषि को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। ड्रोन जैसी नवीन तकनीकों के उपयोग से खेती अधिक सुविधाजनक, टिकाऊ और लाभकारी बन रही है।ड्रोन दीदी अभियान के अंतर्गत महिला किसानों को ड्रोन संचालन, रखरखाव, सुरक्षा मानकों तथा कृषि कार्यों में ड्रोन के उपयोग संबंधी व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद ये महिलाएं ड्रोन पायलट के रूप में कार्य करने के साथ-साथ अन्य किसानों को भी तकनीक आधारित कृषि पद्धतियों के उपयोग के लिए प्रेरित करेंगी।इस पहल से महिलाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीक आधारित कृषि सेवाओं का विस्तार होगा। प्रशिक्षित महिलाएं कृषि कार्यों में ड्रोन सेवाएं उपलब्ध कराकर अतिरिक्त आय अर्जित कर सकेंगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के बिना ग्रामीण विकास और विकसित कृषि व्यवस्था की कल्पना अधूरी है। ड्रोन दीदी अभियान महिला सशक्तिकरण, आधुनिक कृषि और ग्रामीण आजीविका संवर्धन के क्षेत्र में एक प्रेरणादायी मॉडल के रूप में उभर रहा है।उल्लेखनीय है कि ‘ड्रोन दीदी अभियान’ का उद्देश्य महिलाओं को तकनीकी रूप से दक्ष बनाकर उन्हें कृषि क्षेत्र में नई पहचान दिलाना है। यह पहल ‘तकनीक से सशक्त महिला, समृद्ध किसान और विकसित कृषि’ के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
- रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के नवीन भवन में स्थापित शिवाजी महाराज की सिंहासनस्थ प्रतिमा के समक्ष महाआरती शुक्रवार, 19 जून को वरिष्ठ सभासद कल्याण देशपांडे की उपस्थिति में की गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में महाराष्ट्र मंडल के कार्यकारिणी सदस्य, पदाधिकारी व सभासद उपस्थित रहे। बता दें कि इसी माह छह जून को राज्यपाल रमेन डेका के हाथों इस प्रतिमा का अनावरण किया गया।युवा समिति की समन्वयक डॉ. शुचिता देशमुख ने बताया कि शिवाजी महाराज की महाआरती प्रत्येक माह के 19 तारीख को युवा समिति के नेतृत्व में की जाती है। मंडल परिसर में स्थापित किए गए शिवाजी महाराज की सिंहासनस्थ प्रतिमा के समक्ष पहली बार मासिक महाआरती की गई। तत्पश्चात कल्याण देशपांडे और अजय काले ने शिवाजी महाराज के व्यक्तित्व की विशेषताओं व उनके जीवन के प्रेरक प्रसंगों पर चर्चा की।इस अवसर पर अध्यक्ष अजय मधुकर काले, मुख्य समन्वयक श्याम सुंदर खंगन, संत ज्ञानेश्वर स्कूल के प्रभारी परितोष डोनगांवकर, सह सचिव मालती मिश्रा, आध्यात्मिक समिति की समन्वयक आस्था काले, संत ज्ञानेश्वर स्कूल के सह प्रभारी नवीन देशमुख, साहित्य समिति की प्रभारी कुमुद लाड, संध्या खंगन, प्रशांत देशपांडे, दीपक पात्रीकर, डॉ. कमल वर्मा, रीना बाबर, अभिषेक बक्षी, गणेशा जाधव पाटिल, रितेश बाबर, प्रवीण क्षीरसागर सहित बड़ी संख्या में सदस्यगण उपस्थित थे।
- - पं. माधव राव सप्रे जयंती पर मराठी भाषी हिंदी साहित्यकार लतिका भावे, प्रशांत कानस्कर, अनिल पुसदकर और वरदा जोशी महाराष्ट्र मंडल के शिवाजी महाराज सभागृह में सम्मानितरायपुर। विज्ञापन आधारित पत्रकारिता के लिए कहीं न कहीं हमारा समाज जिम्मेदार है। हम दो सौ रुपये का आइसक्रीम का फैमिली पैक लेने तो तैयार हैं, लेकिन 10 रुपये का समाचार पत्र लेने तैयार नहीं। अगर हमें दो-तीन रुपये का अखबार लेना है, तो वह वैसा ही मिलेगा, जैसा आज हम ले रहे हैं, विज्ञापन और बिजनेस मैनेजमेंट के दबाव व प्रभाव वाला। इस आशय के विचार महाराष्ट्र मंडल के शिवाजी महाराज सभागृह में आयोजित पं. माधव राव सप्रे जयंती पर आयोजित संगोष्ठी में मुख्य अतिथि शशांक शर्मा ने व्यक्त किए।सप्रे जयंती पर आयोजित इस समारोह में मराठी भाषी हिंदी साहित्यकारों लतिका भावे रायपुर, प्रशांत कानस्कर भिलाई, अनिल पुसदकर रायपुर और वरदा जोशी भिलाई को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। महाराष्ट्र मंडल, छत्तीसगढ़ मित्र और छत्तीसगढ़ साहित्य व संस्कृति संस्थान रायपुर के संयुक्त आयोजन में मुख्य अतिथि शशांक शर्मा, विशेष अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार गिरीश पंकज, कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे साहित्यकार डॉ. परदेशीराम वर्मा का भी अभिनंदन किया गया।मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा ने कहा कि महज तीन सालों के बाद 'छत्तीसगढ़ मित्र' का प्रकाशन करने वाले पं. माधव राव सप्रे को अंतिम अंक में यह लिखना पड़ा था कि ‘भारत में आज भी हिंदी को लेकर जागरूकता नहीं है। लोगों में हिंदी का महत्व भी नहीं है। साथ ही छत्तीसगढ़ मित्र को लेकर पाठकों का सहयोग भी नहीं मिल रहा है। यही वजह है कि हमें छत्तीसगढ़ मित्र को बंद करना पड़ रहा है। हालांकि उन्होंने ये भी लिखा कि पत्रिका का मुद्रण अच्छी तरह नहीं हो पा रहा है, सही समय पर नहीं हो पा रहा है। इन्हीं कारणों से भी हमें 'छत्तीसगढ़ मित्र' को बंद करना पड़ रहा है।शशांक शर्मा कहते हैं कि उस काल में एक से एक पत्रकार थे, लेकिन सभी ब्राह्मण थे, जिन्हें अच्छी साफ- सुथरी पत्रकारिता तो आती थी, लेकिन प्रबंधन के मामले में वे कच्चे थे। इसके उलट मोहन दास करमचंद गांधी जितने अच्छे पत्रकार थे, उतना ही अच्छा प्रबंधन कौशल था। यही वजह है कि उनकी हिंदी पत्रिका ‘नव जीवन’ और अंग्रेजी पत्रिका ‘यंग इंडिया’ का प्रकाशन सफलतापूर्वक दशकों तक होता रहा।कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. परदेशी राम वर्मा ने पं. सप्रे जयंती पर मूर्धन्य साहित्यकार कमलेश्वर की ओर से पहली बार प्रमाणित हिंदी साहित्य की पहली कहानी पं. माधव राव सप्रे द्वारा लिखित ‘एक टोकरी मिट्टी’ को बिना देखे- पढ़े भावनात्मक रूप से सुनाया। साथ ही कहानी के मायने भी बताए। डॉ. वर्मा ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में पं. सप्रे ने 'छत्तीसगढ़ मित्र' का प्रकाशन किया। उसी तरह आज भी 'छत्तीसगढ़ मित्र' का प्रकाशन इतना आसान नहीं है, फिर भी डॉ. सुधीर शर्मा इस ओर लगातार काम कर रहे हैं। यह प्रशंसनीय है और वे साधुवाद के पात्र हैं। इस मौके पर विशिष्टि अतिथि गिरीश पंकज और डॉ. सुशील त्रिवेदी ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन साहित्यकार डॉ. सुधीर शर्मा ने किया। आभार प्रदर्शन रविंद्र ठेंगड़ी की ओर से किया गया।
- -अब तक 1 लाख 34 हजार से अधिक बच्चों की हो चुकी स्क्रीनिंगरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार, जिला प्रशासन रायपुर द्वारा बच्चों के स्वास्थय को प्राथमिकता देते हुए चलाई जा रही योजना “प्रोजेक्ट धड़कन” के अंतर्गत ज़िले भर में विशेष स्वास्थय शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इस अभिनव पहल का उद्देश्य है - बच्चों में जन्मजात हृदय रोग की समय रहते पहचान कर उन्हें बेहतर और निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराना।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन तथा श्री सत्य साई हॉस्पिटल के सहयोग से आंगनबाड़ी केन्द्र गांधी नगर, आंगनबाड़ी केन्द्र मोहदी व आंगनबाड़ी केन्द्र संघर्ष नगर, अर्बन टीम ए द्वारा आंगनबाड़ी केन्द्र रामकुण्ड, अर्बन टीम डी द्वारा आंगनबाड़ी केन्द्र 11 एवं 12 बीरगांव, आरंग टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केन्द्र खमतराई एवं धरसींवा टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केन्द्र दोंदेखुर्द बच्चों की स्क्रीनिंग की गई। पूरे जिले में आज कुल 853 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई।इस प्रोजेक्ट के तहत अब तक जिले में कुल 1 लाख 34 हजार 5 सौ 04 बच्चों की स्क्रीनिंग, 14 बच्चों का मेडिकल उपचार व प्रबंधन एवं 18 बच्चों का निःशुल्क ऑपरेशन किया जा चुका है।
- -कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने किया पाण्डुलिपि संरक्षकों एवं सर्वेयरों का सम्मानरायपुर । ज्ञान भारतम् मिशन हस्तलिखित पांडुलिपि सर्वेक्षण के प्रथम चरण के अंतिम दिवस पर जिले में उत्कृष्ट योगदान देने वाले संरक्षकों एवं सर्वेयरों को कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह द्वारा सम्मानित किया गया।कलेक्टर डॉ. सिंह ने सर्वेक्षण कार्य में सक्रिय सहभागिता निभाने वाले सभी संरक्षकों एवं सर्वेयरों की सराहना करते हुए कहा कि जिले की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं बौद्धिक धरोहरों के संरक्षण में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हस्तलिखित पांडुलिपियों का सर्वेक्षण हमारी समृद्ध विरासत को सुरक्षित रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।इस अवसर पर डॉ. ऋषिराज पांडे, प्रतिमा रश्मि पांडे को सम्मानित किया गया। उल्लेखनीय है कि ज्ञान भारतम् मिशन के अंतर्गत जिले में हस्तलिखित पांडुलिपियों के संरक्षण, दस्तावेजीकरण एवं सर्वेक्षण का कार्य व्यापक स्तर पर किया जा रहा है। प्रथम चरण में प्राप्त उपलब्धियों के आधार पर आगामी द्वितीय चरण में भी इस अभियान को और अधिक गति प्रदान की जाएगी।
- -शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव होंगे कार्यक्रम के मुख्य अतिथि-कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारीबालोद। आयुष मंत्रालय भारत सरकार के निर्देशानुसार 21 जून 2026 को जिला मुख्यालय स्थित इंडोर स्टेडियम बालोद में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी कार्य मंत्री श्री गजेन्द्र यादव शामिल होंगे। कार्यक्रम का आयोजन जिला मुख्यालय स्थित इंडोर स्टेडियम गंजपारा बालोद में सुबह 07 बजे से आयुष विभाग, समाज कल्याण विभाग एवं जिला खेल विभाग के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित किया जाएगा। ज्ञातव्य हो कि इस वर्ष योग दिवस की थीम ’योगा फॉर हेल्दी एजिंग’ निर्धारित की गई है।उल्लेखनीय है कि कार्यक्रम के सफलतापूर्वक संचालन के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिसके अंतर्गत कार्यक्रम स्थल एवं मुख्य अतिथि की सुरक्षा, कानून व्यवस्था, यातायात और पार्किंग नियंत्रण की जिम्मेदारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बालोद को दी गई है। इसी तरह इंडोर स्टेडियम, पार्किंग एवं पहुंच मार्ग की सफाई और पानी टैंकर की व्यवस्था मुख्य नगरपालिका अधिकारी बालोद को जिम्मेदारी दी गई है। निर्बाध विद्युत आपूर्ति और जनरेटर की व्यवस्था कार्यपालन अभियंता, विद्युत विभाग बालोद द्वारा की जाएगी। कार्यक्रम में छात्रों की भागीदारी सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी जिला शिक्षा अधिकारी को सौंपी गई है। इसी तरह आयोजन स्थल पर आवश्यक चिकित्सा व्यवस्था की जिम्मेदारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी बालोद को दी गई। इसी तरह प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में प्रचार और मुख्य आयोजन की कवरेज की जिम्मेदारी जिला जनसंपर्क अधिकारी बालोद द्वारा की जाएगी। पेयजल की समुचित व्यवस्था कार्यपालन अभियंता पी.एच.ई. विभाग बालोद द्वारा की जाएगी। मंच व्यवस्था और उद्घोषक की जिम्मेदारी जिला शिक्षा अधिकारी बालोद, प्राचार्य श्री अरुण साहू एवं शिक्षक श्री जितेन्द्र कुमार सोनी को दी गई है।
- बालोद । छत्तीसगढ़ शासन द्वारा खरीफ वर्ष 2026 में कृषक उन्नति योजनान्तर्गत फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करने के लिए योजना के स्वरूप में परिवर्तन किया गया है। कृषि विभाग के उपसंचालक श्री आशीष चंद्राकर ने बताया कि योजनान्तर्गत विगत खरीफ मौसम में धान की फसल लेने वाले ऐसे कृषक जिन्होंने इस वर्ष खरीफ में धान के स्थान पर दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो-कुटकी, रागी एवं कपास की फसल लेने हेतु पंजीयन कराया गया है। उन किसानों को योजनान्तर्गत 15 हजार रूपये प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता राशि दी जाएगी। साथ ही जो किसान पूर्व से ही खरीफ में दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो-कुटकी, रागी एवं कपास की फसल लेने वाले कृषकों को एकीकृत किसान पोर्टल पर पंजीयन एवं एग्रीस्टेक पर पंजीयन तथा डिजिटल क्रॉप सर्वे में रकबे की पुष्टि उपरांत मान्य रकबे पर 10 हजार रूपये प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता राशि कृषकों के बैंक खाते में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के माध्यम से की जाएगी। उन्होंने किसान भाईयों से अपील है कि योजना का लाभ लेने हेतु एकीकृत किसान पोर्टल एवं एग्रीस्टेक पर पंजीयन अनिवार्य रूप कराए जिससे योजना का लाभ प्राप्त हो सके।
- बालोद । प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत ’आवास प्लस सर्वे 2024’ की स्थायी प्रतीक्षा सूची तैयार करने हेतु ग्राम सभा के पूर्व जनपद पंचायत सभाकक्ष में बालोद विकासखण्ड के समस्त ग्राम पंचायत सचिवों एवं आवास नोडल अधिकारियों का एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री जे.एस. राजपूत, जिला पंचायत बालोद के जिला समन्वयक, आवास समन्वयक, सहायक प्रोग्रामर और जनपद के आवास अमले द्वारा स्थायी प्रतीक्षा सूची तैयार करने हेतु प्रशिक्षण दिया गया।
- -बालोद जिले की सभी ग्रामों में होगा विशेष ग्राम सभा का आयोजनबालोद ।राज्य शासन के निर्देशानुसार जिले के सभी ग्रामों में 24 जून 2026 को ग्राम सभा का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार ग्राम सभा में जनहित एवं ग्राम विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा करते हुए आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत जिले के सभी ग्रामों में 24 जून 2026 को ग्राम सभा का आयोजन आवास प्लस 2.0 सर्वेक्षण से प्राप्त सिस्टम जनरेटेड प्रतिक्षा सूची का सार्वजनिक वाचन एवं अवलोकन, सत्यापन शासन द्वारा निर्धारित 12 मापदंडों के आधार पर किया जाएगा। योजना के मार्गदर्शिका व एसओपी में प्रदाय निर्देशानुसार प्रत्येक ग्राम में सूची का प्रदर्शन कर ग्रामीण के समक्ष उसका वाचन किया जाएगा तथा स्थायी प्रतिक्षा सूची तैयार की जाएगी। इससे ग्रामीणो को सूची की जानकारी पारदर्शी तरीके से उपलब्ध हो सकेगी। इसके पश्चात् नियमानुसार दावा-आपत्ति आमंत्रित कर प्राप्त दावा-आपत्तियो का नियमानुसार परीक्षण कर उनका निराकरण किया जाएगा।जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील कुमार चन्द्रवंशी ने उक्त ग्राम सभा के संबंध में जनपद पंचायत के सभी मुख्य कार्यपालन अधिकारी को आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने निर्देश दिए है। उन्होंने ग्राम सभा आयोजन के पूर्व पर्याप्त प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने को कहा है। साथ ही ग्राम सभा से संबंधित समस्त मैदानी अमलों जैसे सचिव ग्राम पंचायत, नोडल अधिकारी ग्राम सभा एवं अन्य अमलों को प्रक्रिया का पर्याप्त प्रशिक्षण दिए जाने के निर्देश दिए है। सभी पंचायत प्रतिनिधियों एवं अधिकारी-कर्मचारियों को ग्राम सभा में ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने एवं सभा को जन-भागीदारी आधारित, पारदर्शी और परिणाममुखी बनाने की अपील की है। पीएम आवास योजना अंतर्गत आवास प्लस 2.0 सर्वेक्षण से प्राप्त सिस्टम जनरेटेड प्रतिक्षा सूची का सार्वजनिक वाचन एवं अवलोकन, सत्यापन शासन द्वारा निर्धारित 12 मापदंडों के आधार पर करने पारदर्शी तरीके से करने को कहा। उन्होंने बताया कि आवास प्लस 2.0 की सूची सिस्टम आधारित एवं एआई जनरेटेड है। सूची में नाम जोड़ने, काटने, अवलोकन, सत्यापन के संबंध में किसी भी प्रकार की राशि की मांग या वसूली किए जाने की शिकायत प्राप्त होने पर संबंधित के विरूद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- -छत्तीसगढ़ के कृषि विकास मॉडल का अध्ययन करने पहुंचा महाराष्ट्र का विधायक एवं अधिकारियों का दल-धान खरीदी सरकार के लिए फायदे का नहीं, बल्कि किसानों का हित ही एक मात्र उद्देश्य: खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल-टोकन व्यवस्था, 72 घंटे के भीतर किसानों को धान का भुगतान व्यवस्था सहित इंटिग्रेटेड कमांड कंट्रोल सिस्टम का किया तारीफ-खाद्य मंत्री और महाराष्ट्र के अध्ययन दल के सदस्यों साथ धान खरीदी व्यवस्था पर गहन चर्चारायपुर । छत्तीसगढ़ की धान खरीदी व्यवस्था के अध्ययन करने आए महाराष्ट्र सरकार के विधायक प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के दल ने कहा कि यहां के धान खरीदी मॉडल का विस्तृत रूप से अध्ययन कर इस पूरी प्रणाली को महाराष्ट्र सरकार को भी अपनाने के लिए सुझाव देंगे। विधायक दल समिति के अध्यक्ष डॉ परिणय फुके ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धान खरीदी व्यवस्था की इस प्रणाली को अपनाने के लिए सरकार को भी रिपोर्ट सौपेंगे। छत्तीसगढ़ की धान खरीदी वास्तव में किसान हितैषी है। प्रतिनिधियों ने किसानों के पंजीयन से लेकर विक्रय तक की व्यवस्थाएं जैसे ऑनलाईन टोकन व्यवस्था, इलेक्ट्रानिक तौल, सिस्टमेटिक मॉनिटरिंग, बारदाना खरीदी, नजदीकी धान उर्पाजन केन्द्रों सहित धान खरीदी व्यवस्था में लिकेज और गड़बड़ी को रोकने के लिए शुरू की गई इंटिग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की प्रशंसा की।गौरतलब है कि खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री दयाल दास बघेल की अध्यक्षता में शुक्रवार को अटल नगर नवा रायपुर स्थित नवीन विश्राम भवन के कॉन्फ्रेंस हाल में छत्तीसगढ़ धान खरीदी प्रणाली की अध्ययन करने महाराष्ट्र से आए विधायकों एवं अधिकारियों के प्रतिनिधि मंडल के साथ बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल ने कहा कि धान खरीदी सरकार के लिए फायदे का सौदा नहीं बल्कि किसानों का हित ही एक मात्र उद्देश्य है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में हमारी सरकार किसानों को सहूलियत प्रदान करने के लिए तत्परता के साथ कार्य कर रही है। हमारी सरकार द्वारा लिए गए नीतिगत फैसलों से प्रदेश के किसानों की आर्थिक समृद्धि बढ़ी है और रहन-सहन में बदलाव हुआ है। उन्होंने धान खरीदी व्यवस्था के संबधों में विस्तार से जानकारी दी।बैठक में धान खरीदी व्यवस्था पर विस्तार पूर्वक चर्चा की गई। चर्चा के दौरान मंत्री श्री बघेल ने छत्तीसगढ़ में धान खरीदी व्यवस्था, किसानों के हित में संचालित योजनाओं, कृषि क्षेत्र में किए जा रहे सुधारों तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। मंत्री श्री बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ कृषि प्रधान राज्य है और यहां की बड़ी आबादी खेती-किसानी पर निर्भर है। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को लाभकारी बनाने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इस मौके पर उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को स्मृति-चिन्ह भेंट कर उनका स्वागत किया।खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल ने बताया कि धान खरीदी सरकार के लिए कोई फायदा का सौदा नहीं हैं, बल्कि सरकार की प्राथमिकता में हैं। धान खरीदी व्यवस्था पूरी तरह किसानों के हित से जुड़ी हुई हैं। श्री बघेल ने बताया कि प्रदेश में किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है। राज्य सरकार द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में लगभग 141 लाख मीट्रिक टन धान का उपार्जन किया गया है, जो देश में धान खरीदी के सबसे बड़े अभियानों में से एक है। उन्होंने कहा कि किसानों की सुविधा के लिए प्रदेशभर में लगभग 2740 धान उपार्जन केंद्र संचालित हैं।प्रतिनिधिमंडल को खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल ने कृषक उन्नति योजना सहित राज्य सरकार द्वारा किसानों के हित में संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार खेती को अधिक लाभकारी बनाने तथा किसानों की आय में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। कृषि के साथ-साथ पशुपालन, मत्स्य पालन और अन्य आयवर्धक गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे ग्रामीण परिवारों की आमदनी में वृद्धि हो रही है।चर्चा के दौरान महाराष्ट्र के विधायक प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने बताया कि छत्तीसगढ़ से लगे महाराष्ट्र के चार जिलों में बड़ी संख्या में किसान धान की खेती करते हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की धान खरीदी व्यवस्था, किसानों को मिलने वाला समर्थन और प्रशासनिक प्रबंधन अत्यंत प्रभावी एवं अनुकरणीय है। राज्य में किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य उपलब्ध कराने तथा खरीदी प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए किए गए प्रयास सराहनीय हैं।प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने कहा कि छत्तीसगढ़ का धान खरीदी मॉडल किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण का सफल उदाहरण है। उन्होंने इस मॉडल के विभिन्न पहलुओं का अध्ययन कर महाराष्ट्र के धान उत्पादक क्षेत्रों में भी ऐसे प्रयासों को आगे बढ़ाने की बात कही।इस अवसर पर महाराष्ट्र के विधायक डॉ. परिणय फुके, श्री विनोद अग्रवाल, श्री राजू कारेमोरे एवं श्री संजय पुराम, छत्तीसगढ़ मार्कफेड के अध्यक्ष श्री शशिकांत द्विवेदी, एमडी मार्कफेड श्री जितेन्द्र शुक्ला सहित छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
- दुर्ग / जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री बजरंग दुबे ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) मद अंतर्गत संचालित बेसलाइन सर्वे की प्रगति की समीक्षा विभागीय नोडल अधिकारियों से की। बैठक में सीईओ श्री दुबे ने विभागीय नोडल अधिकारियों को जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) अंतर्गत पंचवर्षीय परिप्रेक्ष्य योजना एवं वार्षिक कार्ययोजना तैयार करने के लिए आधारभूत सर्वेक्षण (बेसलाइन सर्वे) कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा निर्धारित समयसीमा के भीतर बेसलाइन सर्वे के आधार पर पंचवर्षीय एवं वार्षिक कार्ययोजना तैयार किए जाने के निर्देश जारी किए गए हैं।कलेक्टर एवं अध्यक्ष जिला खनिज संस्थान न्यास द्वारा पूर्व में सेक्टरवार एवं क्षेत्रवार ग्राम-वार्ड स्तर पर नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई थी। सीईओ श्री दुबे ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे ग्राम एवं वार्ड स्तर पर सेक्टरवार आवश्यक कार्यवाही करते हुए बेसलाइन सर्वे का कार्य शीघ्र पूर्ण करें तथा सर्वे रिपोर्ट निर्धारित प्रारूप में 25 जून 2026 तक जिला कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। समयबद्ध रूप से जानकारी प्राप्त होने पर जिले की विकास आवश्यकताओं के अनुरूप विस्तृत पंचवर्षीय परिप्रेक्ष्य योजना एवं वार्षिक कार्ययोजना तैयार की जा सकेगी। इस अवसर पर आयुक्त नगर पालिका निगम दुर्ग श्री सुमित अग्रवाल, आयुक्त नगर पालिका निगम रिसाली श्रीमती मोनिका वर्मा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत, मुख्य नगर पालिका अधिकारी, पंचायत विभाग सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
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- आवास प्लस 2.0 सर्वे का होगा वाचन एवं अंतिम अनुमोदन
राजनांदगांव । छत्तीसगढ़ शासन के पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के निर्देशानुसार राज्य में ग्रामीण प्रगति और पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए 24 जून 2026 को प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा। ग्रामसभा में प्रधानमंत्री आवास योजना- ग्रामीण के तहत आवास प्लस 2.0 सर्वे अंतर्गत चिन्हित परिवारों की सूची का वाचन किया जाएगा तथा ग्रामसभा के माध्यम से पात्र हितग्राहियों की सूची का अंतिम अनुमोदन किया जाएगा। प्रत्येक ग्राम पंचायत में सूची का प्रदर्शन कर ग्रामीणों के समक्ष उसका वाचन किया जाएगा तथा पात्र हितग्राहियों की सूची तैयार की जाएगी। आवास प्लस 2.0 सर्वे सूची के अलावा ग्रामसभा में नए परिवारों के नाम जोडऩे की कार्रवाई नहीं की जाएगी।
प्रधानमंत्री आवास योजना- ग्रामीण के तहत आवास प्लस 2.0 सर्वे का उद्देश्य ऐसे पात्र परिवारों की पहचान करना है, जो अभी तक प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के लाभ से वंचित हैं। सत्यापन एवं ग्रामसभा अनुमोदन की प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात पात्र परिवारों की सूची शासन को प्रेषित की जाएगी। जिला प्रशासन द्वारा सभी जनप्रतिनिधियों, पंचायत पदाधिकारियों एवं ग्रामीणों से 24 जून को आयोजित ग्रामसभा में उपस्थित होकर आवास प्लस 2.0 सर्वे सूची के सत्यापन एवं अनुमोदन की प्रक्रिया में सक्रिय सहभागिता शत-प्रतिशत निभाएं। ग्रामसभा आवास प्लस 2.0 सर्वे की सूची का सत्यापन निर्धारित 12 मापदंडों के आधार पर किया जाएगा। इनमें पक्की छत या पक्का दिवाल वाला घर, दो से अधिक कमरों वाले घर, मोटर चलित तीन या चार पहिया वाहन, यंत्रीकृत तिपहिया व चौपहिया कृषि उपकरण, 50 हजार रूपए या अधिक की सीमा वाला किसान क्रेडिट कार्ड, परिवार का कोई सदस्य सरकारी कर्मचारी हो, सरकार के पास पंजीकृत गैर कृषि उद्यम, आय 15 हजार रूपए प्रतिमाह से अधिक हो, आयकर दाता, व्यावसायिक करदाता तथा 2.5 एकड़ या उससे अधिक सिंचित भूमि, पांच एकड़ या उससे अधिक असिंचित भूमि रखने वाले परिवार शामिल है। आवास प्लस 2.0 की सूची सिस्टम आधारित एवं एआई जनरेटेड है। ग्रामसभा आवास प्लस 2.0 सर्वे सूची का ग्रामसभा से सत्यापन पश्चात प्राथमिकता कम के मापदंड अनुसार ऐसे हितग्राही जिनको पहली के लाभार्थी, दिव्यांग सदस्य वाले परिवार, व्यस्क सदस्य का अभाव, महिला-मुखिया व विधवा, साक्षरता का अभाव, आश्रयविहीन परिवार, निराश्रित, मैला ढोने वाले परिवार, विशेष पिछड़ी जनजाति समूह, कानूनी रूप से मुक्त कराए गए बंधुआ मजदूर, गंभीर बीमारी से पीडि़त सदस्य वाले परिवार, वार्षिक पारिवारिक आय का स्तर के आधार पर निर्धारण किया जाएगा। सूची में नाम जोडऩे के नाम पर किसी भी प्रकार की राशि की मांग या वसूली किए जाने पर संबंधित व्यक्ति के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। -
- राजनांदगांव जिले के 99746 किसान को 19 करोड़ 95 लाख रूपए की मिलेगी सहायता
राजनांदगांव । प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 20 जून शाम 3.45 बजे तारकेश्वर हुगली पश्चिम बंगाल से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त की राशि का आधार बेस्ड भुगतान प्रणाली के माध्यम से सीधे किसानों के खाते में हस्तांतरण किया जाएगा। इसके तहत जिले के 99746 किसान को 19 करोड़ 95 लाख रूपए का भुगतान किया जाएगा। भारत सरकार द्वारा आजीविका के लिए केवल कृषि फार्म पर निर्भर रहने वाले लघु, सीमांत एवं दीर्घ कृषकों को वर्षभर कृषि फार्म में कोई भी आर्थिक समस्या का सामना नहीं करना पड़े, इसके लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की शुरूआत की गई है। योजना के तहत किसानों को हर 3 माह में 2000 रूपए कुल 6000 रूपए प्रतिवर्ष की आर्थिक सहायता प्रदान किया जा रहा है।
शासन के निर्देशानुसार 20 जून 2026 को किसान उत्सव दिवस के रूप मनाया जाएगा। जिला एवं विकासखंड स्तर में कृषि विज्ञान केन्द्र एवं विकासखंड कार्यालय, पंचायत मुख्यालय, प्राथमिक कृषि सहकारी समिति, मंडी में लाभार्थी किसानों की उपस्थिति में किसान उत्सव दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण वेबकास्ट के माध्यम से किया जाएगा। किसानों एवं नागरिकों को कार्यक्रम में शामिल करने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। किसान उत्सव दिवस कार्यक्रम से किसान व नागरिक ब्रॉडकास्ट लिंक https://pmindiawebcast.nic.in के माध्यम से शामिल हो सकते है। किसान उत्सव दिवस को सफल बनाने के लिए कार्यक्रम के दिन मोबाईल, लेपटॉप से लिंक कनेक्ट कर व निकटतम कार्यक्रम स्थल में उपस्थित होकर कार्यक्रम में सहभागी व साक्षी बनने की अपील की गई है। - दुर्ग / आम नागरिकों को सुलभ, त्वरित एवं प्रभावी न्याय उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए स्थायी एवं निरंतर लोक अदालत (जनोपयोगी सेवाएं), दुर्ग में रिक्त पड़े सदस्यों के पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। अब दो सदस्यों की नियुक्ति होने से जनोपयोगी सेवाओं से संबंधित प्रकरणों की नियमित सुनवाई पुनः सुचारू रूप से प्रारंभ हो सकेगी।श्रीमती सुषमा लकड़ा, अध्यक्ष, स्थायी एवं निरंतर लोक अदालत (जनोपयोगी सेवाएं), दुर्ग ने बताया कि इस व्यवस्था का उद्देश्य जनोपयोगी सेवाओं से संबंधित विवादों का त्वरित, सस्ता एवं सौहार्दपूर्ण निराकरण सुनिश्चित करना है, जिससे आम नागरिकों को न्यायालयीन प्रक्रिया की जटिलताओं एवं अनावश्यक विलंब से राहत मिल सके।उल्लेखनीय है कि स्थायी एवं निरंतर लोक अदालत का गठन विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 (Legal Services Authorities Act, 1987) की धारा 22-बी (Section 22-B) के अंतर्गत किया गया है। जनोपयोगी सेवाओं से संबंधित विवादों के निराकरण के लिए इस अधिनियम की धारा 22-ए से 22-ई तक विशेष प्रावधान किए गए हैं। यह मंच नागरिकों को न्यायालयीन प्रक्रिया की जटिलताओं एवं अनावश्यक विलंब से बचाते हुए सरल, सुलभ एवं कम खर्चीला न्याय प्रदान करता है।सदस्यों के पद रिक्त होने के कारण जनोपयोगी प्रकरणों की नियमित सुनवाई प्रभावित हो रही थी। अब दो सदस्यों की नियुक्ति से स्थायी एवं निरंतर लोक अदालत, दुर्ग पूर्ण क्षमता के साथ कार्य कर सकेगी, जिससे प्रकरणों की नियमित सुनवाई एवं त्वरित निराकरण सुनिश्चित होगा तथा नागरिकों को समयबद्ध न्याय प्राप्त हो सकेगा।स्थायी एवं निरंतर लोक अदालत में विद्युत, जल प्रदाय, डाक, दूरसंचार, सार्वजनिक परिवहन, स्वच्छता, अस्पताल, बीमा सेवाएं, आवास एवं अचल संपत्ति विकास (बिल्डर) संबंधी सेवाएं तथा कॉलोनी/हाउसिंग प्रोजेक्ट से संबंधित विवादों का निराकरण किया जाता है। बिल्डरों द्वारा कॉलोनी विकास, भूखंड अथवा आवासीय इकाइयों के हस्तांतरण, मूलभूत सुविधाओं के विकास, रखरखाव तथा अन्य सेवा-संबंधी विवाद भी विधि अनुसार विचारणीय हो सकते हैं।इस मंच की विशेषता यह है कि यहां विवादों के समाधान के लिए पहले पक्षकारों के मध्य सौहार्दपूर्ण समझौते का प्रयास किया जाता है तथा समझौता नहीं होने की स्थिति में लोक अदालत द्वारा विधि अनुसार निर्णय भी पारित किया जा सकता है। स्थायी लोक अदालत का निर्णय संबंधित पक्षों पर बाध्यकारी होता है।श्रीमती सुषमा लकड़ा, अध्यक्ष, स्थायी एवं निरंतर लोक अदालत (जनोपयोगी सेवाएं), दुर्ग ने कहा कि सदस्यों की नियुक्ति से न केवल संस्थान की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी, बल्कि आमजन में न्याय व्यवस्था के प्रति विश्वास भी और अधिक सुदृढ़ होगा। यह पहल नागरिकों को उनके अधिकारों की रक्षा हेतु एक प्रभावी एवं सुलभ मंच उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण सिद्ध होगी।जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग द्वारा आम नागरिकों से अपील की गई है कि जनोपयोगी सेवाओं से संबंधित किसी भी प्रकार के विवाद की स्थिति में स्थायी एवं निरंतर लोक अदालत, दुर्ग का लाभ उठाएं तथा त्वरित, सस्ता एवं प्रभावी न्याय प्राप्त करें। यह व्यवस्था न्याय तक समान पहुंच सुनिश्चित करने तथा विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण माध्यम है।
- रायपुर / जिले में शासकीय कर्मचारियों के जन्मदिन अब केवल व्यक्तिगत आयोजन नहीं रह गए हैं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम बनते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुसार प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना और न्योता भोज के अंतर्गत संचालित “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” का उद्देश्य ही है - खुशियों को बाँटना, और इस पहल को शासकीय कर्मचारी पूरे उत्साह के साथ अपना रहे हैं। इसी क्रम में असिस्टेंट टीचर सुश्री तेजेश्वरी ने शासकीय माध्यमिक शाला बोड़रा, आरंग में विद्यार्थियों के साथ जन्मदिवस के अवसर पर बच्चों के साथ केक काटकर, फल और पौष्टिक आहार वितरित कर इस दिन को विशेष बनाया।
- -ओटीपी को प्राथमिकता देने वाले उचित मूल्य दुकान संचालकों पर होगी कार्रवाईमहासमुंद । खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग तथा भारत सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के परिपालन में कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह द्वारा जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत राशन सामग्री वितरण को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए आधार प्रमाणीकरण (बायोमेट्रिक) के माध्यम से खाद्यान्न वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं।कलेक्टर श्री लंगेह ने सभी सहायक खाद्य अधिकारी एवं खाद्य निरीक्षकों को निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। निर्देशानुसार जिले की सभी ऑनलाइन उचित मूल्य दुकानों में ई-पॉस मशीन के माध्यम से हितग्राहियों को आधार प्रमाणीकरण (बायोमेट्रिक) के जरिए ही राशन सामग्री वितरित की जाएगी। वन नेशन वन राशन कार्ड योजना के तहत आधार आधारित प्रमाणीकरण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।जिन राशन कार्डों में मुखिया एवं सभी सदस्यों का ई-केवाईसी पूर्ण है, उनमें खाद्यान्न वितरण केवल आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से किया जाएगा। वहीं, नॉमिनी के माध्यम से राशन प्राप्त करने वाले हितग्राहियों के लिए भी नॉमिनी का आधार प्रमाणीकरण आवश्यक होगा। विशेष परिस्थितियों में ही ओटीपी आधारित वितरण की अनुमति रहेगी। इसमें ऐसे राशन कार्ड शामिल होंगे जिनमें सभी सदस्य 60 वर्ष से अधिक या 10 वर्ष से कम आयु के हों, एकल निराश्रित अथवा निःशक्तजन हितग्राही हों तथा आधार प्रमाणीकरण का प्रयास विफल हो गया हो। ऐसी स्थिति में पंजीकृत मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी के माध्यम से खाद्यान्न वितरण किया जा सकेगा।कलेक्टर ने निर्देशित किया है कि आधार प्रमाणीकरण में किसी प्रकार की तकनीकी समस्या आने पर उचित मूल्य दुकान संचालक तत्काल संबंधित खाद्य निरीक्षक और तकनीकी टीम को सूचित करें, ताकि समस्या का शीघ्र निराकरण किया जा सके। नेटवर्क कनेक्टिविटी विहीन उचित मूल्य दुकानों में ही ऑफलाइन वितरण की अनुमति होगी। जिले में ओटीपी के माध्यम से किए जा रहे खाद्यान्न वितरण पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। सहायक खाद्य अधिकारी एवं खाद्य निरीक्षक नियमित रूप से उचित मूल्य दुकानों का निरीक्षण करेंगे तथा ओटीपी से वितरण किए गए मामलों का भौतिक सत्यापन करेंगे। प्रत्येक सप्ताह विस्तृत जांच प्रतिवेदन एवं पंचनामा तैयार कर निर्धारित पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।कलेक्टर श्री लंगेह ने निर्देशित किया है कि विशेष परिस्थितियों को छोड़कर ओटीपी के माध्यम से राशन वितरण पाए जाने पर संबंधित उचित मूल्य दुकान संचालकों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही निगरानी में लापरवाही बरतने वाले सहायक खाद्य अधिकारियों एवं खाद्य निरीक्षकों के विरुद्ध भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि शासन के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करते हुए पात्र हितग्राहियों को आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से ही खाद्यान्न वितरण कराएं।
- रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने आगामी 21 जून को मनाए जाने वाले अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। अपने सन्देश में श्री देव ने योग की वैश्विक उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए सभी से योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आग्रह किया है।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने कहा कि भारत की ऋषि परम्परा की यह अमूल्य धरोहर आज वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना चुकी है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से आज पूरा विश्व योग के महत्व को स्वीकार कर रहा है। योग शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने का सबसे सशक्त माध्यम है। श्री देव ने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और तनावपूर्ण माहौल में योग मानसिक शांति और आंतरिक ऊर्जा प्रदान करने का अचूक साधन है। यह न केवल शरीर को निरोगी रखता है, बल्कि एकाग्रता और सकारात्मकता को भी बढ़ाता है। योग मत, पंथ या मजहब से परे संपूर्ण मानवता के कल्याण के लिए है। यह 'वसुधैव कुटुंबकम' की भावना को चरितार्थ करता है। जब प्रत्येक नागरिक शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ होगा, तभी एक सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर राष्ट्र का निर्माण संभव है। श्री देव ने छत्तीसगढ़ के सभी नागरिकों, विशेषकर युवाओं और बच्चों से अपील की है कि वे योग कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। इस योग दिवस पर हम सब मिलकर यह संकल्प लें कि 'करो योग, रहो निरोग' के मंत्र को अपने जीवन में उतारेंगे और एक स्वस्थ छत्तीसगढ़ के निर्माण में अपना योगदान देंगे।
- -बारिश में परीक्षार्थियों को न हो असुविधा, शेड व मूलभूत सुविधाओं के दिए निर्देश-पीएम श्री आत्मानंद, केंद्रीय विद्यालय एवं एनआईटी केंद्रों की व्यवस्थाओं का लिया जायजारायपुर । कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने नीट परीक्षा के पूर्व शुक्रवार को शहर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों एवं केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिए कि बारिश की स्थिति में किसी भी परीक्षार्थी को असुविधा न हो। केंद्र में पर्याप्त शेड की व्यवस्था करें ताकि फ्रिस्किंग करने एवं अन्य व्यवस्थाओं में असुविधा न हो। साथ ही फ्रिस्किंग स्थल पर भी शेड एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। कलेक्टर डॉ सिंह ने पीएम श्री आत्मानंद आर.डी. तिवारी विद्यालय आमापारा, केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 2 डी.डी.यू नगर तथा एनआईटी स्थित परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने केंद्रों पर उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा की और व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। डॉ. सिंह ने स्वयं कक्षाओं के भीतर पहुंचकर बैठने की व्यवस्था, विद्युत आपूर्ति, पेयजल, शौचालय सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि परीक्षा के दौरान सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित हों तथा परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।इस अवसर पर डीसीपी श्री मयंक गुर्जर, एसडीएम श्री नंदकुमार चौबे, एडीसीपी श्री राहुल देव शर्मा, डिप्टी कलेक्टर श्री उपेन्द्र किण्डो सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
- -शास्त्री मार्केट रायपुर में नापतौल विभाग का आकस्मिक निरीक्षण, 6 प्रकरणों में 20 हजार का जुर्माना-व्यापारियों को समय पर सत्यापन-मुद्रांकन के निर्देशरायपुर । कलेक्टर जनदर्शन में प्राप्त शिकायत पर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार शास्त्री मार्केट रायपुर में नापतौल विभाग द्वारा आकस्मिक निरीक्षण किया गया। उक्त कार्यवाही नियंत्रक डॉ देवेंद्र भारद्वाज के नेतृत्व में निरीक्षण के दौरान अनियमितता पाए जाने पर 6 प्रकरण दर्ज कर कुल 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।विभागीय अधिकारियों ने अन्य व्यापारियों को समय पर बाट-माप का सत्यापन एवं मुद्रांकन कराने के निर्देश दिए। साथ ही स्पष्ट किया कि उपभोक्ता हितों की सुरक्षा के लिए इस प्रकार की आकस्मिक निरीक्षण की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। कार्रवाई के समय सहायक नियंत्रक श्री आर.एस सोरी, निरीक्षक श्रीमती उमेश्वरी जांगड़े, निरीक्षक जितेन्द्र कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।













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