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- रायपुर। प्रदेश में सुरक्षित एव गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ एवं दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा 15 दिवसीय सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। “सही दवा शुद्ध आहार यही छत्तीसगढ़ का आधार” थीम के तहत खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम जिलेभर में निरीक्षण के साथ-साथ आम नागरिकों को जागरूक भी कर रही है।खाद्य एवं औषधि प्रशासन के नियंत्रक श्री दीपक कुमार अग्रवाल (आईएएस) के निर्देशानुसार यह कार्रवाई की जा रही है। अभियान के दूसरे दिन टीम ने गन्ना रस, सॉफ्ट ड्रिंक, आइसक्रीम और जूस सेंटरों पर विशेष जांच अभियान चलाया। इस दौरान कुल 17 दुकानों का निरीक्षण किया गया, जिसमें एक दुकान को सुधार सूचना पत्र जारी किया गया। निरीक्षण के दौरान 6 किलो खराब नींबू, 5 किलो मैंगो पल्प तथा रंगयुक्त सोडा वॉटर की 7 बोतलें नष्ट कराई गईं। दुकानदारों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के प्रावधानों के अनुरूप दुकान संचालन के निर्देश दिए गये।
- 0- इतिहास के पन्नों से: अंतिम अंग्रेज प्राचार्य स्मिथ का लेख सहित 25 पांडुलिपियां प्राप्तरायपुर। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की परिकल्पना के अनुरूप एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी के मार्गदर्शन में कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह के नेतृत्व में जिले में पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण एवं संरक्षण का कार्य तेजी से किया जा रहा है। इसी क्रम में आज सर्वे दल द्वारा राजकुमार कॉलेज, रायपुर के ऐतिहासिक अभिलेखागार का भ्रमण किया गया। भ्रमण के दौरान वर्ष 1931 से 1947 तक के कालखंड से संबंधित लगभग 25 दुर्लभ हस्तलिखित एवं चित्रकला युक्त पांडुलिपियां प्राप्त करने में सफलता मिली है।प्राप्त पांडुलिपियों में राजकुमार कॉलेज के अंतिम अंग्रेज प्राचार्य स्मिथ जी का लेख भी शामिल है। इसके अतिरिक्त प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. शिवमंगल सिंह ‘सुमन’, पं. जवाहरलाल नेहरू, बाबू जगजीवन राम, तत्कालीन मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री प्रकाशचंद सेठी, श्री कैलाशनाथ काटजू तथा ओडिशा की पूर्व महिला मुख्यमंत्री सुश्री नंदिनी सतपथी के हस्ताक्षरयुक्त पत्र भी मिले हैं।सर्वे के दौरान 75 वर्ष से अधिक पुरानी अन्य महत्वपूर्ण पांडुलिपियां भी प्राप्त हुई हैं, जो ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इन सभी दस्तावेजों का शीघ्र डिजिटलीकरण कर संरक्षण किया जाएगा। सर्वेयर दल में श्रीमती अनुरिमा शर्मा एवं श्रीमती प्रेरणा मिश्रा शामिल थे।--
- 0- सुशासन शिविर बना सहारा, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत धनश्याम को मिला पक्का मकानरायपुर। ग्राम पंचायत नगरगांव के श्री घनश्याम प्रसाद वर्मा के लिए सुशासन शिविर एक नई शुरुआत साबित हुआ है। कच्चे घर में रहने की परेशानी अब खत्म हो चुकी है और प्रधानमंत्री आवास योजना की मदद से उनका पक्का मकान बनकर तैयार हो गया है। गत वर्ष आयोजित सुशासन शिविर में श्री घनश्याम प्रसाद वर्मा ने आवेदन किया था। श्री वर्मा अपने परिवार के साथ कच्चे मकान में निवासरत थे। बरसात के दिनों में उनके घर की छत से पानी टपकता था। वे खेती एवं मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। ऐसे में पक्का मकान बनवाना उनके लिए किसी सपने से कम नहीं था।इसी दौरान पड़ोसी ग्राम में आयोजित सुशासन शिविर उनके जीवन में बदलाव का माध्यम बना। उन्होंने अपनी समस्या को लेकर आवेदन प्रस्तुत किया, जिसके बाद उन्हें जानकारी मिली कि उनका नाम प्रतीक्षा सूची में शामिल है। आवास की स्वीकृति के बाद आवास निर्माण के लिए प्रथम एवं द्वितीय किश्त की राशि प्राप्त हुई। साथ ही मनरेगा से मजदूरी के रूप में 23,490 रुपये प्राप्त हुए। उन्हें इस योजना के तहत कुल 1,20,000 रुपये की सहायता राशि प्राप्त हुई। योजना से मिली सहायता राशि एवं स्वयं के योगदान से उनके सपनों का घर बन गया।अब वे अपने परिवार के साथ खुशहाली से रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना हम सभी आम नागरिकों के लिए वरदान साबित हो रही है। जिनके पास अपना पक्का मकान नहीं है, उन्हें मकान मिल रहा है। इस योजना के लिए मैं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी का आभार व्यक्त करता हूं। इस बार भी मुख्यमंत्री के निर्देश पर 1 मई 2026 से सुशासन तिहार 2026 का आयोजन किया जा रहा हैं।--
- 0- “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” के तहत शासकीय कर्मचारी बच्चों संग साझा कर रहे हैं खुशियाँरायपुर। जिले में शासकीय कर्मचारियों के जन्मदिन अब केवल व्यक्तिगत आयोजन नहीं रह गए हैं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम बनते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुसार प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना और न्योता भोज के अंतर्गत संचालित “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” का उद्देश्य ही है - खुशियों को बाँटना, और इस पहल को शासकीय कर्मचारी पूरे उत्साह के साथ अपना रहे हैं।इसी क्रम में प्रयोगशाला तकनीशियन सुश्री गायत्री ने आंगनबाड़ी केन्द्र चंदखुरी एवं ड्रेसर श्री सुरेन्द्र कुमार साहू ने आंगनबाड़ी केन्द्र क्रमांक 2 आंरग में विद्यार्थियों के साथ जन्मदिवस के अवसर पर बच्चों के साथ केक काटकर, फल और पौष्टिक आहार वितरित कर इस दिन को विशेष बनाया।--
- 0- औषधि एवं खाद्य प्रशासन द्वारा संचालित सघन जांच अभियान के दूसरे दिनदुर्ग. छत्तीसगढ़ शासन एवं नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन के निर्देशानुसार 27 अप्रैल 2026 से 11 मई 2026 तक सही दवा-शुद्ध आहार यही छत्तीसगढ़ का आधार थीम के अंतर्गत 15 दिवसीय सघन जांच अभियान संचालित किये जाने हेतु प्रत्येक जिले में कार्यरत खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है जिसमें औषधि शाखा द्वारा जिले में कॉस्मेटिक एजेंसीयां, थोक एवं खुदरा औषधि विक्रय फर्म, अस्पताल एवं अस्पतालों से जुड़े फार्मेसी में कोल्ड चैन का निरीक्षण निजी एवं शासकीय परिसरों में वैक्सीन संधारण एवं कोल्ड चैन की जांच, स्वापक औषधियों के थोक एवं खुदरा फर्मों में क्रय-विक्रय संबंधित दस्तावेजों की जांच, सार्वजनिक स्थलों पर कोटपा अधिनियम के तहत् कार्यवाही एवं जागरूकता अभियान एवं निजी एवं शासकीय अस्पतालों की फार्मेसीयों की जांच / निरीक्षण एवं एडवर्स ड्रग ईवेंट की रिपोर्टिंग प्रक्रियाओं की जांच औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 नियमावली 1945 के तहत की जाएगी। खाद्य शाखा द्वारा चाट, गुपचुप सेंटर्स, गन्ना रस, सॉफ्ट ड्रिंक्स, आईसक्रीम, जूस सेंटर, डेयरी प्रोडक्ट विक्रेता फर्म, मिठाई दुकान, होटल, रेस्टोरेंट, केक एवं ब्रेकरी प्रोडक्ट विक्रेता फर्म, मिड-डे- मिल सेंटर्स, हास्पिटल कैंटीन, पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर्स, आईस्क्रीम विक्रेता, कन्फेक्शनरी प्रतिष्ठान, ढ़ाबा, फल एवं सब्जी विक्रेता प्रतिष्ठान, पेप्सी, आईसगोला, आईस कैण्डी विक्रेता प्रतिष्ठानों की सघन जांच खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत् की जाएगी।औषधि शाखा द्वारा जांच - अभियान के दूसरे दिवस 28 अप्रैल 2026 को जिले में संचालित मेसर्स श्रद्धा मेडिकल एजेंसी, शनिचरी बाजार, दुर्ग, मेसर्स वर्धमान एजेंसी, गंजपारा, मेसर्स रिषभ डिस्ट्रीब्यूटर्स, गंजपारा, मेसर्स टी. सी. मेडिकोज, गंजपारा, स्टेशन रोड, दुर्ग रोड, दुर्ग में स्थित मेसर्स जायडस हेल्थ केयर, मेसर्स जायडस लाईफ साइंसेस, मेसर्स मेकमनी प्रा.लि. मेसर्स जिन्दत्त डिस्ट्रीब्यूटर्स, रामनगर, भिलाई में स्थित मेसर्स भारत एजेंसी एवं अशोक एजेंसी ऐसे 10 कॉस्मेटिक विक्रय करने वाली थोक औषधि विक्रेता फर्मों का निरीक्षण औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 नियमावली 1945 के तहत् किया गया जिसमें 02 प्रसाधन सामग्री का नमूना जांच हेतु संकलित किया गया एवं सभी फर्मों के क्रय-विक्रय रिकार्ड की जांच की गई एवं सख्त निर्देश दिये गए कि उनके द्वारा कास्मेटिक सामान का क्रय-विक्रय अधिकृत विक्रेताओं/एजेंसी से/ को बिल के माध्यम से किया जाए। भविष्य में भी इस तरह की कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी।खाद्य शाखा द्वारा जांच - अभियान के दूसरे दिवस 28 अप्रैल 2026 को जिले में विभिन्न क्षेत्रों में संचालित गन्ना रस एवं जूस सेंटर आदि स्ट्रीट वेंडर्स की जांच खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत् किया जा रहा है, जिसमें संचालकों को साफ स्वच्छ पीने योग्य पानी से बने बर्फ का उपयोग करने, रंगो का उपयोग नहीं करने, परिसर के आस-पास स्वच्छता रखने, ताजा फलों का प्रयोग करने एवं डस्टबीन रखने हेतु निर्देशित किया गया एवं पाण्डे जूस कार्नर, इंदिरा मार्केट, देवांगन जूस कार्नर, अग्रसेन चौक में मैन्गो जूस में रंग मिलाया जा रहा था, रंग को मौके पर नष्ट कराया गया एवं भविष्य में रंग का प्रयोग करने, खराब एवं सड़े फलों का प्रयोग करने एवं नियमों का उल्लंघन पाये जाने पर नियमानुसार कड़ी कार्यवाही की जाएगी।
- 0- 58.55 करोड़ के निवेश से 18 नए उद्योग स्थापितबिलासपुर. कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में जिला निवेश प्रोत्साहन समिति की बैठक आज कलेक्टर परिसर स्थित मंथन सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में जिले में औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित करने तथा निवेश संबंधी प्रकरणों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में नवीन उद्योग स्थापना, शासकीय एवं निजी भूमि के संयुक्त स्थल निरीक्षण, भूमि हस्तांतरण एवं अधिग्रहण, उद्योग स्थापना में आने वाली समस्याओं के निराकरण, औद्योगिक क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता तथा निजी सीबीएसई विद्यालय एवं मिनी मॉल की स्थापना हेतु संभावित नगरीय निकायों/विकासखंडों के संबंध में चर्चा की गई।जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, बिलासपुर के प्रभारी मुख्य महाप्रबंधक श्री सी.डी. प्रसाद द्वारा अवगत कराया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले में कुल 18 उद्योग स्थापित हुए हैं, जिनमें 58.55 करोड़ रुपए का निवेश हुआ है। इन उद्योगों के माध्यम से 278 व्यक्तियों को रोजगार उपलब्ध हुआ है। कलेक्टर द्वारा निर्देशित किया गया कि अनुभाग एवं तहसील स्तर पर लंबित शासकीय भूमि हस्तांतरण एवं निजी भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही शीघ्र पूर्ण की जाए। साथ ही उद्योग स्थापना से संबंधित विभिन्न विभागों से आवश्यक अनुमति, अनापत्ति प्रमाण पत्र एवं भूमि डायवर्सन की प्रक्रिया निर्धारित समय-सीमा में सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।बैठक में हितग्राहीमूलक योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए बताया गया कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) अंतर्गत 17 के लक्ष्य के विरुद्ध 61 प्रकरण स्वीकृत हुए हैं, जिनमें 23 प्रकरणों में ऋण वितरण किया गया है। इसी प्रकार प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) अंतर्गत 110 के लक्ष्य के विरुद्ध 111 प्रकरण स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें 89 प्रकरणों में ऋण वितरण किया गया है।पूर्व बैठक के निर्देशों के पालन में औद्योगिक क्षेत्र सिरगिट्टी ओव्हरब्रिज में प्रकाश व्यवस्था सुधार के संबंध में जानकारी दी गई कि 120 वाट हाईमास्ट लाइट स्थापना हेतु 10 अप्रैल 2026 को निविदा प्रकाशित की गई है, जिसकी अंतिम तिथि 5 मई 2026 निर्धारित है। कार्य पूर्ण होने पर क्षेत्र में बेहतर प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित होगी। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
- बिलासपुर. जिले में प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम-आशा) योजना के अंतर्गत किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर चना, मसूर और सरसों की खरीदी की जा रही है। इस पहल से किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित हो रहा है और बाजार के उतार-चढ़ाव से राहत मिल रही है।जिले में बिल्हा, सेदरी, जयरामनगर, तखतपुर और कोटा स्थित 5 सोसाइटी के माध्यम से खरीदी की व्यवस्था की गई है। इन केंद्रों पर चना 5875 रुपये प्रति क्विंटल, मसूर 7000 रुपये प्रति क्विंटल और सरसों 6500 रुपये प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य तय किया गया है। अब तक जिले में कुल 548 किसानों ने पंजीयन कराया है, जिससे योजना के प्रति किसानों की बढ़ती रुचि स्पष्ट हो रही है। खरीदी कार्य भी धीरे-धीरे गति पकड़ रहा है। वर्तमान में 5 किसानों से 26 क्विंटल चना तथा 8 किसानों से 90 क्विंटल सरसों की खरीदी की जा चुकी है। प्रशासन द्वारा खरीदी केंद्रों में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। किसानों से अपील की गई है कि वे निर्धारित केंद्रों पर पहुंचकर अपनी उपज का विक्रय करें और शासन द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य का लाभ उठाएं। सरसों फसल के लिए 30 अप्रैल एवं चना फसल के लिए 15 मई तक किसान समिति के माध्यम से अपना पंजीयन करा सकते है।--
- 0- अधिकारियों को दिए त्वरित निराकरण के निर्देशबिलासपुर. जिला कार्यालय में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन में आज कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने लोगों की समस्याएं सुनी। शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों ने कलेक्टर से मिलकर निजी एवं सामुदायिक शिकायत संबंधी आवेदन दिया। कलेक्टर ने अधिकांश मामलों में मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप अग्रवाल एवं संयुक्त कलेक्टर श्री एसएस दुबे ने भी लोगों की समस्याएं सुनी।जनदर्शन में आज ग्राम भुरकुण्डा के ग्रामीणों ने बड़े नहर पार मार्ग पर वर्षों से सड़क नहीं बनने की समस्या उठाई। उनका कहना है कि खुटाघाट से सोन तक करीब 46-47 मील के बीच चार पहिया वाहन नहीं चल पाते और बरसात के समय पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों ने लगभग 2 किलोमीटर तक सड़क निर्माण कराने की मांग की है। वहीं एक अन्य आवेदन में ग्राम रांक के निवासी नवल किशोरे ने मिशल, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने प्रशासन से जल्द प्रमाण पत्र जारी करने की अपील की। ग्राम रांक से ही इंदल बंजारे द्वारा पेयजल और बिजली से संबंधित समस्या रखी गई। ग्रामीण ने बताया कि पूर्व में बने बोर को बंद कर दिए जाने से पानी की समस्या बढ़ गई है, वहीं लगातार बिजली कटौती से हालात और खराब हो रहे हैं। उन्होंने कलेक्टर से पानी और बिजली की व्यवस्था सुधारने की मांग की।भुरकुण्डा के ग्रामीणों ने भुरकुण्डा और सोडाडीह के बीच छोटे नाले पर पुलिया (रपटा) निर्माण के संबंध में कलेक्टर से मुलाकात की। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिया नहीं होने से आवागमन बाधित होता है, खासकर बारिश के दिनों में स्थिति और खराब हो जाती है। ग्राम चोरा के ग्रामीणों न कलेक्टर के समक्ष गंगा मछवारा समिति के विरूद्ध शिकायत करते हुए कहा कि तालाब का पानी मछली पालन के लिए पूरी तरह उपयोग कर लिया जाता है, जिससे हैंडपंप और कुओं का जलस्तर गिर गया है और पीने के पानी की समस्या बढ़ गई है। ग्रामीणों ने उचित कार्रवाई कर तालाब के उपयोग को संतुलित करने की मांग की है। मस्तुरी के एरमसाही निवासी सियाराम कुर्रे ने भूमि सीमांकन न होने के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया। उनका कहना है कि सीमांकन नहीं होने के कारण भूमि संबंधी कार्य अटके हुए हैं और उन्हें लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।उन्होंने शीघ्र सीमांकन कराने की मांग की है। बिल्हा तहसील के ग्राम कुंआ बोड़सरा के ग्रामीणों ने बोड़सरा धाम के मेला परिसर में पेयजल की व्यवस्था उपलब्ध कराने कहा। उन्होंने बताया कि हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां आते हैं, लेकिन पानी की उचित व्यवस्था न होने से विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। वहीं एक परिवारिक विवाद के तहत संपत्ति बंटवारे का मामला भी सामने आया है, जिसमें आवेदक ने अपने बड़े भाई पर हिस्सेदारी न देने का आरोप लगाया है और प्रशासन से न्याय दिलाने की गुहार लगाई है। इसके अलावा शहर के नागरिक इफत खान ने घर के पास से गुजर रही जर्जर बिजली लाइन को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि तार बार-बार टूटते हैं और करंट फैलने का खतरा बना रहता है, जिससे गंभीर दुर्घटना की आशंका है। उन्होंने सुरक्षा के मद्देनजर तत्काल लाइन सुधार या हटाने की मांग की है। कलेक्टर श्री अग्रवाल ने जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों को संबंधित अधिकारियों को सौंपते हुए जल्द निराकरण के निर्देश दिए है।
- 0- ग्रामीण पेयजल व्यवस्था मजबूत करने विशेष अभियान, हजारों मीटर पाइपलाइन बढ़ाई गईबिलासपुर. सुशासन तिहार एवं चालू गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग जिला प्रशासन के सहयोग से जिले में विशेष संधारण अभियान चलाकर पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया है। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल के मार्गदर्शन में पिछले एक माह के दौरान चलाए गए इस अभियान के तहत खराब पड़े 749 हैंडपंपों का सफलतापूर्वक सुधार किया गया। इससे ग्रामीणों को काफी राहत मिली है।अभियान के दौरान जल उपलब्धता बढ़ाने के उद्देश्य से 1335 मीटर राइजर पाइप बढ़ाए गए तथा 732 मीटर पाइपों का प्रतिस्थापन किया गया है। वर्तमान में जिले के 668 ग्रामों में कुल 9250 हैंडपंप स्थापित हैं, जिनके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। गिरते भूजल स्तर को ध्यान में रखते हुए जिले में पेयजल परिरक्षण अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। साथ ही, पंचायतों द्वारा कराए जाने वाले बोरिंग कार्यों में तकनीकी स्वीकृति के दौरान इंजेक्शन वेल को अनिवार्य किया गया है, जिससे भूजल पुनर्भरण को बढ़ावा मिल सके।भूजल संवर्धन के तहत जिले के सभी चारों विकासखंडों में विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में 154 ग्रामों में इंजेक्शन वेल सहित स्रोत स्थिरता के कार्य प्रस्तावित किए गए हैं, जो दीर्घकालीन जल उपलब्धता सुनिश्चित करने में सहायक होंगे। जिला प्रशासन द्वारा पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने एवं भूजल स्तर के संरक्षण के लिए लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं, जिससे आमजन को गर्मी के मौसम में पेयजल संकट का सामना न करना पड़े।--
- बिलासपुर. जनदर्शन कार्यक्रम में आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित निराकरण जिला प्रशासन द्वारा संवेदनशीलता और तत्परता से किया जा रहा है। इसी क्रम में आज आयोजित जनदर्शन में दिव्यांग वृद्ध श्री मेधूराम खांडे की समस्या का तत्काल समाधान करते हुए मौके पर ही कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल द्वारा श्री खांडे को व्हीलचेयर प्रदान की गई।जिला कार्यालय में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन में इमलीभाटा अंबेडकर आवास, सरकंडा निवासी श्री मेधू राम खांडे को त्वरित लाभ मिला। वे अपनी समस्या लेकर कलेक्टर जनदर्शन में पहुंचे थे। उन्होंने अपनी शारीरिक स्थिति को देखते हुए व्हीलचेयर की मांग करते हुए आवेदन प्रस्तुत किया। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आवेदन पर तत्काल संज्ञान लिया और बिना किसी देरी के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। निर्देश मिलते ही श्री मेधू राम खांडे को व्हीलचेयर प्रदान किया गया। इस दौरान एडीएम श्री शिवकुमार बनर्जी एवं समाज कल्याण विभाग के संयुक्त संचालक श्री टीपी भावे भी मौजूद थे। इस सहायता से लाभार्थी मेधू राम खांडे के चेहरे पर संतोष और खुशी के भाव देखे
- 0- विद्युत लोड़ की सही जानकारी देकर बिजली संकट से बचें - ईडी अम्बस्थ0- छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कम्पनी लिमिटेड, बिलासपुरबिलासपुर. प्रदेश के साथ ही जिले में गर्मी बढ़ने के कारण घरों तथा विभिन्न संस्थानों में कूलर और एसी का उपयोग बहुत अधिक बढ़ गया है। कई बार उपभोक्ताओं द्वारा बिजली कनेक्शन में जितना लोड रिकार्ड है उससे कई गुना अधिक उपयोग किया जा रहा है, जिसके कारण ट्रांसफार्मर के डीओ गिर रहे हैं साथ ही बार-बार फ्यूज उडने की शिकायत भी प्राप्त हो रही है परिणामस्वरूप लोगों को कई बार बिजली आपूर्ति संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।राज्य में बिजली उत्पादन तथा उसकी आपूर्ति पर्याप्त मात्रा में हो रही है, परंतु समस्या स्थानीय स्तर पर है विद्युत उपभोक्ताओं द्वारा घरों के बिजली कनेक्शन में जितना लोड ले रखा है उससे कहीं अधिक खपत किया जा रहा है, जिन घरों में कूलर और पंखे चला करते थे वहां पर अब एक नहीं दो और तीन एसी चल रहे हैं, जहां कूलर हैं वहां पर एक के स्थान पर तीन या उससे अधिक उपयोग किया जा रहा है। इस क्षमता के अनुरूप ट्रांसफार्मर स्थापित नहीं होने के कारण ट्रांसफार्मरों का फ्यूज उड़ने और उनका डीओ गिरने से लोगों को बार-बार विद्युत आपूर्ति में कठिनाईयों का सामना पड़ता है। इस समस्या से निपटने के लिए विभाग ने प्रत्येक जोन कार्यालय में कर्मचारियों को तैनात रखा है, जैसे ही सूचना मिलती है वे वहां पहुंचकर ट्रांसफार्मर में सुधार कार्य करते हैं। कई बार लोड ज्यादा होने तथा हुकिंग के माध्यम से बिजली चोरी रोकने के लिए अनेक स्थानों पर लगाए गए केबलों मंे अत्याधिक गर्मी और धूप के कारण केबल आपस में चिपककर शार्ट होने लगे हैं। जिसकी वजह से कई स्थानों पर केबल पर शार्ट सर्किट की वजह से तार टूट जाते हैं, परिणामस्वरूप विद्युत प्रवाह बाधित हो जाती है।बिलासपुर क्षेत्र के कार्यपालक निदेशक श्री ए.के.अम्बस्थ ने कहा कि आम जनता अगर अपने घरों के खपत की सही जानकारी विभाग को दे तो उसकी क्षमता के अनुसार ट्रांसफार्मर लगाकर समस्या को कम किया जा सकता है। इस संबंध में श्री अम्बस्थ ने बताया कि उपभोक्ताओं के घर के स्वीकृत लोड का आकलन हर माह किया जाता है। लगातार 3 माह तक स्वीकृत भार से अधिक बिजली बिल की खपत होने पर स्वतः ही अधिकतम बिजली भार (लोड) के अनुसार बिल जारी किया जाता है और अधिकतम भार को ही मान्य किया जाता है।
- बिलासपुर. जिले के नवागांव कोटा में महिला उद्यमियों को बाजार से जोड़ने और उनके उत्पादों की बिक्री व ब्रांडिंग को मजबूत करने के उद्देश्य से मार्केट डेवलपमेंट असिस्टेंस (एमडीए) कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य महिला उद्यमियों, स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) सदस्यों एवं महिला संचालित सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को बाजार विस्तार के लिए सक्षम बनाना रहा।कार्यक्रम का शुभारंभ ब्लॉक प्रोजेक्ट मैनेजर कोटा श्री ओंकार जायसवाल, पीआरपी ललिता सिंह और दीपा मरावी द्वारा किया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि महिला उद्यमिता आर्थिक सशक्तिकरण के साथ-साथ सामाजिक बदलाव का भी महत्वपूर्ण माध्यम है। एमडीए जैसी योजनाएं महिला उद्यमियों को बड़े बाजारों तक पहुंच बनाने में मदद करती हैं। कार्यशाला में प्रतिभागियों को विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई, जिनमें बाजार विकास सहायता योजनाएं, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर के मेले-प्रदर्शनी में भागीदारी की प्रक्रिया, उत्पाद ब्रांडिंग व पैकेजिंग सुधार, गुणवत्ता प्रमाणन, बी2बी और बी2सी मार्केट लिंकज, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए बिक्री बढ़ाने के तरीके तथा सरकारी अनुदान प्राप्त करने की प्रक्रिया शामिल रहे। विशेषज्ञों ने सफल महिला उद्यमियों के उदाहरण साझा करते हुए प्रतिभागियों को व्यावहारिक सुझाव दिए और उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया। कार्यक्रम में जिलेभर से करीब 30 महिला उद्यमियों, एसएचजी प्रतिनिधियों एवं महिला संचालित उद्यमों ने सक्रिय भागीदारी की।प्रतिभागियों ने कार्यशाला को प्रेरणादायक और उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की अपेक्षा जताई। कार्यक्रम में एएफसी इंडिया लिमिटेड से युनुस तंवर भी उपस्थित रहे। छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम एवं एएफसी इंडिया लिमिटेड द्वारा सभी प्रतिभागियों, अधिकारियों एवं अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का समापन किया गया।
- बिलासपुर. नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने सक्ती जिले के जैजेपुर नगर पंचायत में 6 कार्यों के लिए एक करोड़ 48 लाख 85 हजार रुपए स्वीकृत किए हैं। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने संचालनालय से इनकी मंजूरी के आदेश जारी कर दिए हैं। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने सभी कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए समय-सीमा में काम पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।नगरीय प्रशासन एवं विकास विकास ने जैजेपुर नगर पंचायत के वार्ड क्रमांक-10, वार्ड क्रमांक-14 और वार्ड क्रमांक-15 में सांस्कृतिक भवन से बंधवा तालाब की ओर सीसी रोड के निर्माण के लिए 23 लाख दो हजार रुपए स्वीकृत किए हैं। वार्ड क्रमांक-13 में संतोषी मंदिर से अड़बंधा तालाब की ओर सीसी रोड के लिए 23 लाख दो हजार रुपए, वार्ड क्रमांक-3 में मेन रोड से गोठान की ओर सीसी रोड के लिए 30 लाख 62 हजार रुपए तथा वार्ड क्रमांक-12 और वार्ड क्रमांक-15 में पुराना गोदाम से धरसा की ओर सीसी रोड के लिए 20 लाख 56 हजार रुपए मंजूर किए गए हैं।विभाग ने जैजेपुर नगर पंचायत में वार्ड क्रमांक-6 में फुलवारी चौक के पास सामुदायिक भवन के लिए 25 लाख 42 हजार रुपए और वार्ड क्रमांक-14 में कबीर मंदिर के पास सामुदायिक भवन के लिए 26 लाख 21 हजार रुपए भी स्वीकृत किए हैं।
- बिलासपुर. भारतीय स्टेट बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी), सेंदरी में आज एक विशेष एवं प्रेरणादायक सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें महर्षि यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी के कुलपति श्री नरेश तिवारी एवं रजिस्ट्रार श्री विजय गारूडिक का आगमन हुआ। इस अवसर पर कुलपति श्री तिवारी ने प्रशिक्षणार्थियों को स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भरता से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान कीं।रिमोट सेंसिंग एवं सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में विशेषज्ञता रखने वाले श्री तिवारी ने अपने 36 वर्षों से अधिक के अनुभव साझा करते हुए युवाओं को कौशल विकास, शिक्षा और निरंतर सीखने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कोई भी कार्य छोटा या बड़ा नहीं होता, बल्कि सफलता के लिए दृढ़ संकल्प और निरंतर परिश्रम आवश्यक है। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को दक्षता के साथ कार्य करने, अपने लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें हासिल करने के लिए सतत प्रयासरत रहने की प्रेरणा दी। साथ ही, शिक्षा के मूल्यों और कौशल ज्ञान के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने के उपायों को सरल और प्रभावी तरीके से समझाया।सत्र के दौरान प्रशिक्षणार्थियों की काउंसलिंग करते हुए उन्होंने उन्हें बिना संकोच प्रश्न पूछने के लिए प्रोत्साहित किया और हर विषय में जिज्ञासा बनाए रखने की बात कही। संकाय सदस्यों ने इस सत्र को अत्यंत उपयोगी बताते हुए अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ संकाय सदस्य श्रीमती दीप्ति मंडल द्वारा किया गया। इस अवसर पर संस्थान के प्रशिक्षक एवं समस्त स्टाफ उपस्थित रहे तथा आरसेटी के कार्यों की सराहना की गई।
- 0- कलेक्टर के निर्देश पर दवा दुकानों पर कार्रवाई, नमूने जांच हेतु भेजे गएबिलासपुर. राज्य शासन के निर्देशानुसार “सही दवा-शुद्ध आहार” अभियान के तहत जिला बिलासपुर में औषधि प्रतिष्ठानों की सघन जांच की जा रही है। कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर आज जिले के तेलीपारा, सकरी, नेहरू नगर एवं मुंगेली नाका क्षेत्रों में तीन अलग-अलग टीमों द्वारा संयुक्त रूप से निरीक्षण अभियान चलाया गया।अभियान के दौरान कुल 15 थोक औषधि प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान 02 औषधि नमूनों को गुणवत्ता परीक्षण हेतु संग्रहित कर जांच के लिए भेजा गया है। वहीं एक औषधि क्रीम को संदेहास्पद पाए जाने पर फॉर्म-15 के तहत फ्रिज कर विक्रय के लिए अनुपलब्ध किया गया। जांच में एक औषधि प्रतिष्ठान में फॉल्स सीलिंग का अभाव पाया गया, जिसके कारण औषधियों का भंडारण निर्धारित तापमान में नहीं हो रहा था। इसके अतिरिक्त 02 प्रतिष्ठानों में औषधियों के सुरक्षित भंडारण हेतु रैक एवं पैलेट की व्यवस्था नहीं पाई गई। टीम द्वारा औषधियों के क्रय-विक्रय से संबंधित बिलों की भी जांच की गई, जिसमें एक प्रतिष्ठान में औषधियों का विक्रय एवं वितरण नियमानुसार नहीं पाया गया। सहायक औषधि नियंत्रक भीष्म देव सिंह ने बताया कि निरीक्षण के दौरान जिन प्रतिष्ठानों में अनियमितताएं पाई गई हैं, उन्हें नोटिस जारी कर नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। ओषधि प्रशासन विभाग द्वारा यह अभियान आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित दवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से निरंतर जारी रखा जाएगा।--
- 0- खेल कौशल का परीक्षण, पंजीयन, दस्तावेज सत्यापन, मेडिकल और शारीरिक दक्षता का हुआ परीक्षणबिलासपुर. राज्य शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा संचालित आवासीय खेल अकादमी में प्रवेश के लिए 28 अप्रैल से 1 मई तक चयन ट्रायल का आयोजन किया गया है। चयन ट्रायल के पहले दिन आज रायपुर के कोटा स्थित स्वामी विवेकानंद स्टेडियम में तीरंदाजी, फुटबॉल और वेटलिफ्टिंग के खिलाड़ी शामिल हुए। इसमें छत्तीसगढ़ एवं अन्य राज्यों के तीरंदाजी में 68 बालक और 27 बालिका, फुटबॉल में 91 बालिका, वेटलिफ्टिंग में 7 बालक और 11 बालिका सहित कुल 204 खिलाड़ियों ने हिस्सेदारी की।चयन ट्रायल के पहले दिन आज खिलाड़ियों का पंजीयन, दस्तावेज सत्यापन, मेडिकल और शारीरिक दक्षता का परीक्षण किया गया। ट्रायल के दूसरे दिन 29 अप्रैल को खिलाड़ियों के खेल कौशल का परीक्षण किया जाएगा। यह चयन ट्रायल 13 वर्ष से 17 वर्ष आयु वर्ग के खिलाड़ियों के लिए आयोजित है। इसमें चयनित खिलाड़ी खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा संचालित आवासीय खेल परिसर में निःशुल्क प्रशिक्षण हासिल करेंगे। प्रशिक्षण के दौरान अकादमी में खिलाड़ियों को निःशुल्क आवास, भोजन, शैक्षणिक व्यय, खेल परिधान, प्लेइंग किट और दुर्घटना बीमा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती है।--
- जांजगीर. जांजगीर-चांपा जिले में हुए सड़क हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई तथा तीन अन्य घायल हो गए। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि जिले के चांपा–फरसवनी मार्ग पर सड़क दुर्घटना में मोंगरा सोनी (45), देवेंद्र सोनी (22) और ढाई वर्षीय बालक प्रियांश की मौत हो गई तथा तीन अन्य घायल हो गए। उन्होंने बताया कि कोरबा शहर के निहारिका क्षेत्र निवासी सोनी परिवार के सदस्य विवाह समारोह में शामिल होने चांपा शहर पहुंचे थे। वापसी में सोमवार—मंगलवार रात लगभग दो बजे जब वह चांपा–फरसवनी मार्ग पर फरसवनी टोल नाका के करीब पहुंचे तब उनकी कार डिवाइडर से टकरा गई और अनियंत्रित होकर सड़क के किनारे खड़े एक वाहन से जा भिड़ी। अधिकारियों ने बताया कि इस घटना में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई तथा पांच अन्य घायल हो गए।उन्होंने बताया कि पुलिस को जब घटना की जानकारी मिली तब घटनास्थल के लिए पुलिस दल रवाना किया गया। उन्होंने बताया कि पुलिस ने शव और घायलों को अस्पताल भेजा। रास्ते में दो घायलों ने दम तोड़ दिया। अधिकारियों ने बताया कि तीन अन्य घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें से दो की हालत गंभीर है। उन्होंने बताया कि पुलिस मामला दर्ज कर जांच कर रही है।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के आयुक्त राजीव कुमार पांडेय ने आज जोन 02 कुरूद क्षेत्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सुंदर विहार में निर्माणाधीन सीसी रोड, खेल मैदान, कृष्णकुंज उद्यान और क्षेत्र के तालाबों की जलभराव स्थिति का जायजा लिया। आयुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनहित के कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।आयुक्त ने सड़क निर्माण की मोटाई और प्रयुक्त सामग्री की गुणवत्ता की जांच की। उन्होंने संबंधित ठेकेदार और इंजीनियरों को निर्देशित किया कि कार्य को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण करें ताकि स्थानीय नागरिकों को आवागमन में असुविधा न हो।कृष्ण कुंज उद्यान के रखरखाव और पौधों के संरक्षण हेतु आयुक्त ने सिंचाई व्यवस्था का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम को देखते हुए पौधों को नियमित पानी मिलना सुनिश्चित किया जाए। विद्युत संबंधी कनेक्शन करने जोन आयुक्त को निर्देशित किया गया है ।जल संकट की स्थिति को देखते हुए क्षेत्र के तालाबों को नहर के पानी से भरने के कार्य की समीक्षा की गई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि क्षेत्र के सभी प्रमुख तालाबों में पर्याप्त जल स्तर बनाए रखें ताकि निस्तारी कार्य सुचारू रूप से चल सके।"निगम क्षेत्र के अंतर्गत चल रहे विकास कार्यों की मॉनिटरिंग लगातार की जा रही है। हमारा लक्ष्य है कि मानसून से पहले बुनियादी ढांचे और जल संचयन से संबंधित सभी कार्य पूर्ण कर लिए जाएं।"— राजीव कुमार पांडेय, आयुक्त, नगर पालिक निगम भिलाईनिरीक्षण के दौरान जोन क्रमांक 02 के प्रभारी जोन आयुक्त अरविन्द शर्मा, सहायक अभियंता स्वेता वर्मा, जोन स्वास्थ्य अधिकारी शंकर साहनी, स्वच्छता निरीक्षक अंजनी सिंह एवं अन्य निगम अधिकारी उपस्थित रहे।--
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जांजगीर-जांजगीर/ चांपा जिले में हुए सड़क हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई तथा तीन अन्य घायल हो गए। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि जिले के चांपा–फरसवनी मार्ग पर सड़क दुर्घटना में मोंगरा सोनी (45), देवेंद्र सोनी (22) और ढाई वर्षीय बालक प्रियांश की मौत हो गई तथा तीन अन्य घायल हो गए। उन्होंने बताया कि कोरबा शहर के निहारिका क्षेत्र निवासी सोनी परिवार के सदस्य विवाह समारोह में शामिल होने चांपा शहर पहुंचे थे। वापसी में सोमवार—मंगलवार रात लगभग दो बजे जब वह चांपा–फरसवनी मार्ग पर फरसवनी टोल नाका के करीब पहुंचे तब उनकी कार डिवाइडर से टकरा गई और अनियंत्रित होकर सड़क के किनारे खड़े एक वाहन से जा भिड़ी। अधिकारियों ने बताया कि इस घटना में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई तथा पांच अन्य घायल हो गए।
उन्होंने बताया कि पुलिस को जब घटना की जानकारी मिली तब घटनास्थल के लिए पुलिस दल रवाना किया गया। उन्होंने बताया कि पुलिस ने शव और घायलों को अस्पताल भेजा। रास्ते में दो घायलों ने दम तोड़ दिया। अधिकारियों ने बताया कि तीन अन्य घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें से दो की हालत गंभीर है। उन्होंने बताया कि पुलिस मामला दर्ज कर जांच कर रही है। - रायपुर / छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल, रायपुर द्वारा आयोजित हाईस्कूल एवं हायर सेकण्डरी मुख्य परीक्षा वर्ष 2026 के परीक्षा परिणाम कल 29 अप्रैल 2026 को अपरान्ह 02.30 बजे मंत्रालय, महानदी भवन, अटल नगर, रायपुर के कक्ष क्रमांक S -2-12 में स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव द्वारा घोषित किया जाएगा। मण्डल द्वारा परीक्षार्थियों की सुविधा हेतु विभिन्न अधिकृत वेबसाइटों के माध्यम से ऑनलाइन परीक्षा परिणाम देखने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। माध्यमिक शिक्षा मंडल के अधिकारियों ने बताया कि परीक्षार्थी अपना अनुक्रमांक (Roll Number) दर्ज कर निम्नलिखित वेबसाइटों— https://cg.results.nic.in, https://cgbse.nic.in, https://results.cg.nic.in, https://results.digilocker.gov.in, https://timesofindia.indiatimes.com, www.tv9hindi.com, https://education.indianexpress.com, www.jagranjosh.com एवं www.ndtv.in — पर अपना परीक्षा परिणाम देख सकते हैं।
- 6 गायों से शुरू हुआ डेयरी का सफर, आज 25 उन्नत पशुओं के साथ लिख रहे सफलता की इबारतरायपुर / दंतेवाड़ा जिले में दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में हो रही अभूतपूर्व वृद्धि बस्तर संभाग में एक नई 'श्वेत क्रांति' का संकेत दे रही है। कभी संघर्षों के लिए पहचाने जाने वाले इस अंचल में अब पशुपालन और डेयरी व्यवसाय ग्रामीण आत्मनिर्भरता का मुख्य आधार बन रहे हैं। छत्तीसगढ़ सरकार के प्रयासों से न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो रही है, बल्कि यह पहल स्थानीय स्तर पर कुपोषण के विरुद्ध लड़ाई में भी एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो रही है।मजदूरी से 'मल्टी-फार्मिंग' तक का प्रेरणादायक सफरदंतेवाड़ा के गीदम विकासखंड के ग्राम गुमड़ा के रहने वाले 36 वर्षीय ललित यादव की कहानी अटूट साहस और संघर्ष की मिसाल है। एक समय था जब ललित अपनी आजीविका के लिए दूसरों के खेतों और निर्माण कार्यों में मजदूरी करने को विवश थे। वर्ष 2013 में उन्होंने महज 6 गायों के साथ पशुपालन की शुरुआत की। आज उनके वैज्ञानिक दृष्टिकोण और कड़ी मेहनत का परिणाम है कि उनके पास 25 गायों का एक विशाल और आधुनिक डेयरी फार्म है।तकनीक और आधुनिक नस्लों से आया बड़ा बदलावललित की सफलता का मुख्य आधार पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक तकनीक का समावेश है:• उन्नत नस्लें: पशुपालन विभाग के मार्गदर्शन में उन्होंने जर्सी और एचएफ (HF) क्रॉस जैसी उन्नत नस्लों को अपनाया।• उत्पादन: वर्तमान में उनके फार्म से प्रतिदिन 70 से 80 लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है, जो ₹70 प्रति लीटर की दर से बाजार में बिक रहा है।• लागत में कमी: चारे की समस्या से निपटने के लिए उन्होंने नेपियर घास की खेती शुरू की, जिससे पशुओं को साल भर पौष्टिक चारा उपलब्ध रहता है और बाहरी खर्चों में भारी कटौती हुई है।'मल्टी-फार्मिंग' मॉडल: आय के विविध स्रोतललित ने केवल डेयरी तक सीमित न रहकर 'मल्टी-फार्मिंग' का एक सफल मॉडल तैयार किया है:• विविधता: डेयरी के साथ-साथ वे कुक्कुट (मुर्गी) पालन और सब्जी उत्पादन भी कर रहे हैं, जिससे उन्हें नियमित नकद आय प्राप्त होती है।• मूल्य संवर्धन (Value Addition): दूध की अधिकता होने पर वे उच्च गुणवत्ता वाला पनीर तैयार करते हैं, जो 400 प्रति किलो की दर से हाथों-हाथ बिक जाता है।• जैविक खाद: उनके फार्म के गोबर की इतनी मांग है कि अन्य जिलों के किसान 3000 से 3500 प्रति ट्रैक्टर की दर से जैविक खाद खरीदने उनके घर तक पहुँचते हैं।शासन की योजनाओं और पारिवारिक संस्कारों का संगमललित की इस प्रगति में शासन की कल्याणकारी योजनाओं और बैंकिंग सुविधाओं का विशेष योगदान रहा। उन्होंने डेयरी शेड और फेंसिंग के लिए लिए गए 3 लाख के बैंक ऋण को समय से पूर्व चुकाकर अपनी विश्वसनीयता और व्यावसायिक कुशलता का परिचय दिया है।ललित अपनी सफलता का श्रेय अपनी माँ के संघर्षों और संस्कारों को देते हैं। उनकी माँ ने एक आंगनबाड़ी सहायिका के रूप में विपरीत परिस्थितियों में उन्हें शिक्षा दिलाई। आज ललित न केवल स्वयं आत्मनिर्भर हैं, बल्कि पूरे क्षेत्र के किसानों के लिए एक 'प्रेरक प्रकाश स्तंभ' बनकर उभरे हैं। उनकी कहानी इस बात का जीवंत प्रमाण है कि सही मार्गदर्शन, ईमानदारी और मेहनत से ग्रामीण अंचलों में भी खुशहाली का नया अध्याय लिखा जा सकता है।
- रायपुर / छत्तीसगढ़ शासन जल संसाधन विभाग द्वारा मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी जिले के विकासखण्ड-अम्बागढ़ चौकी की रेगाकठेरा जलाशय जीर्णोद्धार एवं नहर लाईनिंग कार्य के लिए 2 करोड़ 7 लाख 82 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। प्रस्तावित कार्यों के पूर्ण होने के उपरांत रूपांकित सिंचाई क्षमता 80 हेक्टेयर के विरुद्ध 60 हेक्टेयर की हो रही कमी की पूर्ति सहित पूर्ण रूपांकित क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी। मुख्य अभियंता महानदी गोदावरी कछार जल संसाधन विभाग रायपुर को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।
- रायपुर / छत्तीसगढ़ शासन जल संसाधन विभाग द्वारा, बलरामपुर रामानुजगंज जिले के विकासखण्ड-बलरामपुर जलाशय (बांध) निर्माण कार्य के लिए 6 करोड़ 33 लाख 89 हजार रुपये की राशि स्वीकृत किये गये हैं। योजना के निर्माण से 150 हेक्टेयर में खरीफ और 50 हेक्टेयर में रबी सहित कुल 200 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी। मुख्य अभियंता हसदेव गंगा कछार जल संसाधन विभाग अम्बिकापुर को प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है।
- -मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान अंतिम व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान और आंखों में बेहतर भविष्य की उम्मीद जगा रहा हैरायपुर / छत्तीसगढ़ का सुकमा जिला, जो कभी अपनी भौगोलिक दुर्गमता के लिए जाना जाता था, आज स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नई इबारत लिख रहा है। “मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान” के तहत वनांचल के उन हिस्सों तक डॉक्टर और दवाइयां पहुँच रही हैं, जहाँ पहुँचना कभी नामुमकिन सा लगता था। यह अभियान केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि बस्तर की पहाड़ियों में बसने वाले आदिवासियों के लिए जीवन का नया उजाला बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान आज सुकमा के अंतिम व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान और आंखों में बेहतर भविष्य की उम्मीद जगा रहा है।इस अभियान की सबसे बड़ी विशेषता इसकी पहुँच है। स्वास्थ्य कर्मी अब केवल अस्पतालों में मरीजों का इंतज़ार नहीं करते, बल्कि खुद पैदल चलकर दुर्गम गांवों तक पहुँच रहे हैं। मलेरिया, टीबी और कुष्ठ जैसी बीमारियों की मौके पर जांच कर रहे हैं। जीवनशैली बीमारियां, बीपी, शुगर, सिकलसेल और कैंसर जैसे गंभीर रोगों की पहचान कर उपचार के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।हाल ही में पुटेपढ़ गांव से एक मरीज को जिला अस्पताल तक पहुँचाने की घटना स्वास्थ्य विभाग के समर्पण का जीवंत उदाहरण है। कलेक्टर सुकमा के मार्गदर्शन में पोटकपल्ली की टीम ने मरीज को किस्टाराम से होते हुए सुकमा जिला अस्पताल पहुँचाया। 310 किलोमीटर की यह चुनौतीपूर्ण यात्रा केवल एक रेफरल नहीं था, बल्कि प्रभावी काउंसलिंग, समय पर निर्णय और मजबूत फॉलो-अप का परिणाम था, जिसने एक अनमोल जीवन बचा लिया।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के अनुसार आयुष्मान भारत योजना गरीब परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। 5 लाख रूपए तक का मुफ्त इलाज अब ग्रामीणों को इलाज के लिए जमीन बेचने या कर्ज लेने की जरूरत नहीं पड़ती। हाल ही में किस्टाराम और मरईगुड़ा के 14 मरीजों के आयुष्मान कार्ड मौके पर ही बनाकर दिए गए, ताकि इलाज में एक क्षण की भी देरी न हो।छत्तीसगढ़ का 44 प्रतिशत वनाच्छादित क्षेत्र औषधीय गुणों का खजाना है। मुख्यमंत्री ने श्री साय ने पद्मश्री हेमचंद मांझी के योगदान को रेखांकित करते हुए बताया कि कैसे पारंपरिक आयुर्वेद से कैंसर जैसी बीमारियों का उपचार संभव हो रहा है। राज्य सरकार अब आधुनिक चिकित्सा के साथ-साथ इन प्राकृतिक संसाधनों को भी बढ़ावा दे रही है।अभियान के अंतर्गत केवल गंभीर रोगों का ही नहीं, बल्कि सामान्य विकारों का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है कोंटा क्षेत्र के 11 मरीजों को निःशुल्क चश्मा वितरण और मोतियाबिंद का परामर्श, अस्थमा और पैरों में सूजन जैसी समस्याओं के लिए विशेष जांच शिविर आयोजित कर उपचार किया गया। पोटकपल्ली और मरईगुड़ा जैसे अंदरूनी इलाकों से आती सफलता की ये कहानियाँ इस बात का प्रमाण हैं कि जब प्रशासन और स्वास्थ्य कर्मी सेवा भाव से जुटते हैं, तो भूगोल की बाधाएं छोटी पड़ जाती हैं।
- रायपुर ।आधुनिक कृषि पद्धति अपनाकर एक किसान अपनी आमदनी में बढ़ोत्तरी कर रहा है।मुंगेली जिले के ग्राम कलारजेवरा (विकासखंड पथरिया) के कृषक ईश्वरी प्रसाद ने आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर सफलता की नई मिसाल पेश की है। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने ड्रिप इरिगेशन सिस्टम और प्लास्टिक मल्चिंग जैसी उन्नत तकनीकों का उपयोग कर अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि की है। ईश्वरी प्रसाद के पास कुल 1.20 हेक्टेयर भूमि है, जिसमें से 01 एकड़ क्षेत्र में उन्होंने उन्नत किस्म के टमाटर (साहो) की खेती की। यह कार्य उन्होंने राष्ट्रीय कृषि विकास योजना वर्ष 2025-26 के तहत प्राप्त मार्गदर्शन और सहयोग से शुरू किया।आधुनिक तकनीकों के उपयोग से उन्हें प्रति एकड़ लगभग 150 क्विंटल टमाटर का उत्पादन प्राप्त हुआ। बाजार में 25 से 30 रुपये प्रति किलो के थोक भाव से बिक्री कर उन्होंने कुल 03 लाख 75 हजार रुपये की आय अर्जित की। वहीं, खेती में कुल लागत 85 हजार रुपये आई, जिससे उन्हें लगभग 02 लाख 90 हजार रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ। उद्यानिकी विभाग से 30 हजार रुपये का अनुदान मिलने से लागत कम करने में भी सहायता मिली। इस पहल ने न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ किया, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी आगे बढ़ाया। ईश्वरी प्रसाद ने बताया कि आधुनिक तकनीकों और शासन की योजनाओं का सही उपयोग कर किसान कम भूमि में भी अधिक उत्पादन और बेहतर आय प्राप्त कर सकते हैं। उनकी यह सफलता आसपास के किसानों के लिए प्रेरणा बन रही है।




















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