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- बिलासपुर/शासकीय उद्यान रोपणी सरकंडा, बिलासपुर में स्थित आम के मातृ वृक्षों में लगे फलों की नीलामी 27 फरवरी 2026 को आयोजित की जाएगी। उद्यान अधीक्षक कार्यालय द्वारा जारी सूचना के अनुसार नीलामी प्रक्रिया बंद लिफाफा पद्धति से संपन्न होगी। नीलामी में भाग लेने के इच्छुक व्यक्ति 27 फरवरी तक दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक आम पौधों में लगे फलों का निरीक्षण कर सकते हैं। नीलामी शर्तों की विस्तृत जानकारी उद्यान अधीक्षक कार्यालय, सरकंडा से प्राप्त की जा सकती है।
- बिलासपुर/भारत स्काउट एवं गाइड्स जिला संघ बिलासपुर द्वारा विश्व चिंतन दिवस के 100 वर्ष पूर्ण होने पर एक गरिमामय एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम ओल्ड कंपोजिट बिल्डिंग, डीईओ कार्यालय स्थित स्काउट विभाग कक्ष क्रमांक-16 के प्रांगण में संपन्न हुआ, जिसमें राज्य एवं जिला स्तर के पदाधिकारियों सहित जिले भर के स्काउट-गाइड, रोवर्स और रेंजर्स ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।कार्यक्रम का शुभारंभ सर्वधर्म प्रार्थना के साथ हुआ। प्रार्थना के माध्यम से सर्वधर्म समभाव, अनुशासन, सेवा और भाईचारे का संदेश दिया गया, जो स्काउट-गाइड आंदोलन की मूल भावना को दर्शाता है। इसके बाद कक्ष क्रमांक-6 स्थित सभा हॉल में मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां सभी सदस्य एकत्रित हुए। विश्व चिंतन दिवस के उपलक्ष्य में स्काउट, गाइड, रोवर्स एवं रेंजर्स द्वारा तैयार स्लोगन, पोस्टर और बैनरों का प्रदर्शन एवं मूल्यांकन किया गया। प्रतिभागियों ने विश्व शांति, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, सेवा और महिला सशक्तिकरण जैसे विषयों पर रचनात्मक प्रस्तुतियाँ दीं। उत्कृष्ट प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस परेड, राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं तथा विभिन्न सामाजिक एवं शैक्षणिक कार्यक्रमों में सक्रिय सेवा देने वाले स्काउट-गाइड, रोवर्स एवं रेंजर्स को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संयुक्त राज्य सचिव श्रीमती बीना यादव, अध्यक्षता पदेन जिला आयुक्त (गाइड) श्रीमती सुनीता ध्रुव ने की। विशिष्ट अतिथियों में सहायक राज्य आयुक्त स्काउट श्री विजय कुमार यादव, श्री भूपेंद्र शर्मा तथा सहायक राज्य आयुक्त गाइड डॉ. भारती दुबे उपस्थित रहे। इसके अलावा जिला संघ के अनेक पदाधिकारी, स्काउटर-गाइडर एवं सदस्य भी बड़ी संख्या में मौजूद थे।समापन अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि विश्व चिंतन दिवस केवल उत्सव नहीं, बल्कि आत्ममंथन और सेवा भावना को सुदृढ़ करने का अवसर है। उन्होंने संगठन के सिद्धांतों का पालन करते हुए समाज सेवा में निरंतर सक्रिय रहने का आह्वान किया। कार्यक्रम अनुशासन, उत्साह और संगठनात्मक एकता का उत्कृष्ट उदाहरण रहा तथा शताब्दी वर्ष का यह आयोजन स्काउट-गाइड आंदोलन के प्रति समर्पण और सेवा भावना को और मजबूत करने वाला सिद्ध हुआ।कार्यक्रम में जिला सचिव सुश्री लता यादव, जिला संगठन आयुक्त स्काउट श्री महेन्द्र बाबू टंडन, जिला संगठन आयुक्त गाइड डॉ पूनम सिंह, एल.टी.स्काउट श्री देवब्रत मिश्रा, डॉ.नवनीत कौशिक, श्री शत्रुघन सूर्यवंशी, श्री सूर्यकांत खूंटे, श्री निखिल सिंह, श्री शशांक विश्वकर्मा, गाइडर के रूप में प्री.ए.एल.टी गाइड पुष्पा शर्मा, श्रीमती लक्ष्मी बृजवासी, श्रीमती रागिनी चौधरी, श्रीमती मिंदु साडे, डॉ.शीला शर्मा, श्रीमती शशिकला साहू, सुश्री निशा साहू, सुश्री कौशल्या साहू, स्काउट-गाइड रोवर्स-रेंजर्स, स्काउटर-गाइडर मुख्य रूप से उपस्थित रहें।
- रायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के दूरदर्शी विजन के अनुरूप प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का लगातार विस्तार हो रहा है, जिससे अब जिला मुख्यालयों पर ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो रहे हैं। इसी का जीवंत उदाहरण जिला अस्पताल कोंडागांव की नवजात गहन चिकित्सा इकाई (एसएनसीयू) में देखने को मिला, जहां एक गंभीर नवजात शिशु को नया जीवन मिला है।कलेक्टर श्रीमती नुपूर राशि पन्ना के सतत निर्देशन, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर. के. चतुर्वेदी के मार्गदर्शन तथा सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. प्रेमलाल मंडावी के नेतृत्व में जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं को निरंतर सशक्त किया जा रहा है। आवश्यक संसाधनों, जीवन रक्षक उपकरणों एवं दवाइयों की उपलब्धता तथा नियमित मॉनिटरिंग के कारण आज एसएनसीयू दूरस्थ अंचलों के लिए आशा की किरण बन चुकी है।ग्राम राकसबेड़ा, विकासखंड माकड़ी निवासी बो सुखदई मरकाम एवं चैतराम मरकाम के नवजात शिशु का जन्म 18 दिसंबर 2025 को शाम 5:28 बजे हुआ। जन्म के तुरंत बाद शिशु की स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई। 20 दिसंबर 2025 को शिशु को एसएनसीयू में भर्ती किया गया। जन्म के समय शिशु का वजन 2.70 किलोग्राम था तथा वह बर्थ एस्फिक्सिया, लगातार दौरे और संक्रमण जैसी जटिल समस्याओं से जूझ रहा था। गर्भावस्था के दौरान माता में गंभीर ओलिगोहाइड्राम्नियोस की स्थिति भी पाई गई थी।शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. रुद्र कश्यप, डॉ. राजेश बघेल एवं डॉ. परोमिता सूत्रधार सहित एसएनसीयू की टीम ने शिशु का तत्काल उपचार प्रारंभ किया। प्रारंभिक दिनों में ऑक्सीजन सपोर्ट एवं एंटीबायोटिक दिए गए, परंतु अपेक्षित सुधार न होने पर पांचवें दिन शिशु को मैकेनिकल वेंटिलेशन पर रखा गया,जहां 12 दिनों तक गहन निगरानी में उपचार जारी रहा। उपचार के दौरान शिशु में सेप्सिस एवं गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ब्लीडिंग जैसी जटिलताओं की पहचान हुई। चिकित्सकीय टीम ने तत्परता से उच्च श्रेणी के एंटीबायोटिक तथा आवश्यकतानुसार फ्लुकोनाजोल प्रदान किया। बार-बार आने वाले दौरों को नियंत्रित करने के लिए फेनोबार्बिटोन/फेनाइटोइन दवाएं दी गईं। चिकित्सकों की विशेषज्ञता, संवेदनशीलता और सतत निगरानी ने इस नन्हीं जान को सुरक्षित रखा।लगातार 18 दिनों के गहन उपचार के बाद शिशु की स्थिति में सुधार होने लगा। स्थिर होने पर 19वें दिन से 10 दिनों तक कंगारू मदर केयर (केएमसी) प्रारंभ की गई, जिससे शिशु के स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार हुआ। लगभग 27 दिनों के अथक प्रयासों के पश्चात शिशु को पूर्णतः स्थिर अवस्था में छुट्टी प्रदान की गई।प्रदेश सरकार की प्राथमिकता के अनुरूप अब जिला स्तर पर ही उन्नत स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं, जिससे दूरस्थ अंचलों के नागरिकों को महानगरों की ओर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ रही। कलेक्टर द्वारा जिला अस्पताल के एसएनसीयू की व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए समय समय पर आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं और सतत मॉनिटरिंग भी की जा रही है। उक्त प्रकरण जिला अस्पताल के इकाई की नवजात शिशुओं की बेहतर देखभाल और सेवाओं एवं टीमवर्क का उदाहरण है।
- -छत्तीसगढ़ का शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय अद्वितीय-सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ने नवा रायपुर में बने देश का पहला डिजिटल संग्रहालय का किया अवलोकनरायपुर। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने रविवार को राजधानी नवा रायपुर के आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान में बने देश के पहले डिजिटल संग्रहालय का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का यह जनजातीय संग्रहालय अद्वितीय है। उन्होंने कहा कि देश के प्रत्येक नागरिक को जनजातीय इतिहास और संस्कृति से वाकिफ होना चाहिए।चीफ जस्टिस ने छत्तीसगढ़ के जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के अंदोलनों और शौर्य गाथाओं पर संग्रहालय में बने प्रत्येक गैलरी को निकट से देखा। उन्होंने कहा कि इस संग्रहालय में जनजातीय आंदोलनों की स्मृतियां लोगों को शोषण एवं अन्याय के खिलाफ एक जुट होने और उसका प्रतिकार करने के लिए प्रेरित करेंगी।आदिमजाति विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणी बोरा ने जनजातीय संग्रहालय पहुंचे सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस श्री सूर्यकांत, जस्टिस श्री पी.एस.नरसिम्हा, जस्टिस श्री प्रशांत कुमार और हाईकोर्ट बिलासपुर के चीफ जस्टिस श्री रमेश सिन्हा, राजस्थान के चीफ जस्टिस श्री कल्पथी राजेंद्रन श्रीराम सहित अन्य न्यायाधीश गण का बीरनमाला से आत्मीय स्वागत करने के साथ ही उन्हें स्मृति स्वरूप जनजातीय जीवन पर आधारित भित्ती चित्र भेंट किया।प्रमुख सचिव श्री बोरा ने जनजातीय संग्रहालय के अवलोकन के दौरान चीफ जस्टिस श्री सूर्यकांत सहित अन्य न्यायधीश गणों को जनजातीय विद्रोहों की पृष्ठिभूमि और जनजातीय नायकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। श्री बोरा ने संग्रहालय के अलग-अलग गैलरियों में प्रदर्शित विद्रोहों को साल, साजा और महुआ के प्रतिकात्मक वृक्ष के पत्तों के जरिये समझाने का प्रयास किया गया है। संग्रहालय में बने यह वृक्ष उसी तरह से है जिस तरह से मोशन फिल्मों में एक वृद्ध व्यक्ति फिल्म की कहानी बताते है।चीफ जस्टिस श्री सूर्यकांत ने जनजातीय संग्रहालय में प्रदर्शित भूमकाल विद्रोह के बारे में जानकर काफी प्रभावित हुए। यह विद्रोह बस्तर क्षेत्र के चित्रकोट के आस-पास वर्ष 1910 में हुआ था। यह विद्रोह 20 वर्षीय जननायक गुंडाधुर के नेतृत्व में, औपनिवेशिक वन नीतियों, जमींदारों के शोषण और बाहरी हस्तक्षेप के विरूद्ध था, जिसमें आदिवासियों ने पारंपरिक हथियारों से अंग्रेजों के खिलाफ किया था। चीफ जस्टिस ने संग्रहालय में शहीद वीर नारायण सिंह की तलवार सहित अन्य जनजातीय नायकों द्वारा विद्रोह के दौरान उपयोग में लाए गए अस्त्र-शस्त्र का भी अवलोकन किया।चीफ जस्टिस ने गैलरी में स्थापित मां दंतेश्वरी का प्रतिकात्मक डिजिटल मंदिर से काफी प्रभावित हुए उन्होंने दो बार घंटी बजाकर मां दंतेश्वरी के दर्शन किया। उन्होंने आगामी समय बस्तर (दंतेवाड़ा) जाकर मां दंतेश्वरी की साक्षात दर्शन करने की इच्छा जाहिर की।उल्लेखीनय है कि छत्तीसगढ़ राज्योत्सव रजत जयंती के मौके पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा 01 नवबंर 2025 को इस भव्य डिजिटल संग्रहालय को लोगों को समर्पित किया था। तब से आगुन्तकों के लिए यह संग्रहालय आर्कषण एवं उत्साह का केंद्र बना हुआ है। जनसमुदाय में इस संग्रहालय के प्रति आकर्षण और लोकप्रियता को देखते हुए इसके द्वितीय चरण के विस्तार की कार्ययोजना तैयार की जा रही है।गौरतलब है कि आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणी के मार्गदर्शन में जनजातीय संस्कृति एवं परंपराओं पर आधारित म्यूजियम तथा सहित वीर नारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी म्यूजियम का निर्माण तेजी के साथ पूरा हुआ है। मुख्य मंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर निर्माण से उद्घाटन तक विभाग के अधिकारी-कर्मचारी श्री बोरा के नेतृत्व में बारीकी से एक-एक पहलुओं को परखा तब जाकर संग्रहालय का बुनियाद बनकर तैयार हुआ है। संग्रहालय का धरातल में आने से नई पीढ़ियों को अपने पुरखों की वीरता और साहस का याद दिलाता रहेगा। यह न केवल जनजातीय वर्गो के बल्कि सभी लोगों के प्रेरणापद है।
- -एसआईएचएम नया रायपुर में ब्रोशर प्रतियोगिता और पर्यटन शिक्षा प्रदर्शनी में 300 से अधिक विद्यार्थियों की भागीदारी-राज्य व राष्ट्रीय विजेताओं को मिला सम्मान, प्रदर्शनी और करियर मार्गदर्शन का सफल आयोजनरायपुर । भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के क्षेत्रीय कार्यालय इंडिया टूरिज्म, मुंबई द्वारा स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट, रायपुर (एसआईएचएम) के सहयोग से ‘देखो अपना देश’ ब्रोशर निर्माण प्रतियोगिता, पुरस्कार वितरण समारोह एवं पर्यटन शिक्षा प्रदर्शनी का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में भारत के विविध पर्यटन स्थलों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा पर्यटन एवं आतिथ्य के क्षेत्र में उपलब्ध करियर अवसरों से उन्हें परिचित कराना रहा।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन उपस्थित रहीं। विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री इंद्र कुमार साहू, विधायक अभनपुर तथा पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार के क्षेत्रीय निदेशक श्री मोहम्मद फारूक मौजूद रहे। इसके अतिरिक्त पश्चिम एवं मध्य क्षेत्रीय कार्यालय के प्रतिनिधि, छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड की डीजीएम सुश्री पूनम शर्मा, आईएचएम रायपुर के वरिष्ठ लेखा अधिकारी श्री समीर मिश्रा तथा संस्थान के प्राचार्य श्री विवेक आचार्य के मार्गदर्शन में कार्यक्रम संपन्न हुआ।समारोह के दौरान छत्तीसगढ़ राज्य के विजेताओं को नकद पुरस्कार (चेक), पदक, किट एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। राज्यभर से लगभग 300 छात्र-छात्राओं ने अपने शिक्षकों एवं अभिभावकों के साथ उत्साहपूर्वक भाग लिया। पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, दुधली के छात्रों ने राज्य स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया तथा राष्ट्रीय स्तर पर द्वितीय पुरस्कार हासिल कर छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया। पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय बैकुंठपुर एसईसीएल एवं पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय महाराजपुर कवर्धा ने राज्य स्तर पर द्वितीय पुरस्कार प्राप्त किया। वहीं पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय खैरागढ़, पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय कुरुद तथा पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय धमतरी ने राज्य स्तर पर तृतीय पुरस्कार अर्जित किया।कार्यक्रम के अंतर्गत पर्यटन एवं आतिथ्य उद्योग में उपलब्ध विविध और बढ़ते करियर अवसरों पर विशेष प्रस्तुति दी गई। छात्रों एवं शिक्षकों के लिए प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया, जिससे सहभागिता और ज्ञानवर्धन को बढ़ावा मिला। प्रदर्शनी में होटल उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों को भी आमंत्रित किया गया था। प्रतिभागियों को एसआईएचएम रायपुर परिसर का भ्रमण कराया गया, जहां उन्होंने विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली को नजदीक से देखा। छात्रों ने रिसेप्शन प्रबंधन, खाद्य एवं बेकरी निर्माण, फ्रूट एवं वेजिटेबल कार्विंग, फ्लावर डेकोरेशन, टॉवेल आर्ट तथा मॉकटेल निर्माण जैसी व्यावहारिक गतिविधियों का प्रदर्शन देखा और आतिथ्य उद्योग की बारीकियों को समझा।‘देखो अपना देश’ पहल के माध्यम से छात्रों में भारत की सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत के प्रति रुचि और गर्व की भावना विकसित हुई है। यह आयोजन न केवल रचनात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान करता है, बल्कि युवाओं को पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र में उज्ज्वल भविष्य की संभावनाओं से भी जोड़ता है। पर्यटन मंत्रालय भारत सरकार की ‘देखो अपना देश’ पहल वर्ष 2020 में प्रारंभ की गई एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान है, जिसका उद्देश्य देशवासियों को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक धरोहरों, प्राकृतिक सौंदर्य और विविध परंपराओं से परिचित कराना तथा घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देना है। इस पहल के माध्यम से नागरिकों को अपने ही देश के विभिन्न पर्यटन स्थलों की यात्रा के लिए प्रेरित किया जाता है, ताकि वे भारत की अद्भुत विविधता को निकट से जान सकें और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में योगदान दे सकें। ‘देखो अपना देश’ अभियान के अंतर्गत वेबिनार श्रृंखलाएँ, ऑनलाइन क्विज प्रतियोगिताएँ, वर्चुअल टूर, रचनात्मक प्रतियोगिताएँ तथा पर्यटन शिक्षा से संबंधित कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। यह पहल विशेष रूप से युवाओं और विद्यार्थियों को पर्यटन एवं आतिथ्य क्षेत्र में उपलब्ध करियर अवसरों से अवगत कराने का भी कार्य करती है। साथ ही, डिजिटल माध्यमों और जनसहभागिता के जरिए देश के कम प्रसिद्ध लेकिन संभावनाशील पर्यटन स्थलों को भी राष्ट्रीय पहचान दिलाने का प्रयास किया जाता है। इस प्रकार ‘देखो अपना देश’ पहल न केवल नागरिकों में अपने देश के प्रति गर्व और जागरूकता की भावना को सुदृढ़ करती है, बल्कि पर्यटन उद्योग को नई ऊर्जा प्रदान कर आर्थिक विकास की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान देती है।
- रायपुर। कोण्डागांव वनमण्डल के मर्दापाल परिक्षेत्र में पदस्थ वन परिक्षेत्र अधिकारी श्री प्यारेलाल ठाकुर कोे प्रदत्त आहरण संवितरण अधिकारी वापस ले लिया गया है। मुख्य वन संरक्षक कांकेर वृत्त श्री राजेश कुमार चंदेल द्वारा यह कार्यवाही श्री प्यारेलाल ठाकुर द्वारा महत्वपूर्ण वित्तीय कार्यों को समय-सीमा में पूरा करने में रुचि नहीं लेने, बजट उपयोग में गंभीर लापरवाही बरतने तथा पदीय दायित्वों के निर्वहन में उदासीनता बरते जाने के कारण की गई है।जारी आदेश के तहत छत्तीसगढ़ वन वित्तीय नियम 74 (टी.ओ.-16) के अंतर्गत पूरक नियम तथा वन लेखा संहिता की धारा 6 में प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करते हुए श्री प्यारेलाल ठाकुर, वनक्षेत्रपाल एवं परिक्षेत्र अधिकारी, मर्दापाल से तत्काल प्रभाव से आहरण-संवितरण अधिकार (डीडीओ पावर) वापस ले लिया गया है। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत आगामी आदेश तक मर्दापाल परिक्षेत्र का प्रभार श्री गौरव टंडन, वनक्षेत्रपाल प्रशिक्षु, कोण्डागांव वनमण्डल को उनके वर्तमान दायित्वों के अतिरिक्त सौंपा गया है।
- -हर घर जल आपूर्ति से पोंगाभेज्जी के ग्रामीण प्रसन्न-विकास कार्यों की कलेक्टर ने की मैदानी समीक्षारायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप सुकमा जिले में शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों का अंदरूनी इलाके के पात्र हितग्राहियों को लाभ दिलाने के उद्देश्य से संचालित मिशन कनेक्ट के अंतर्गत गांवों में चौपाल लगाकर मौके पर ही ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान और योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जा रहा है। इसी सिलसिले में कलेक्टर के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन के अधिकारियों ने ग्राम पोंगाभेज्जी पहुंचकर वहां की जमीनी हकीकत का मुआयना किया। इस मौके पर शासकीय योजनाओं एवं विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा भी की गई। मिशन कनेक्ट वास्तव में प्रशासन और ग्रामीणों के मध्य विश्वास एवं संवाद को सुदृढ़ करने की एक महत्वपूर्ण पहल है।पोंगाभेज्जी ग्राम पहुंचने पर कलेक्टर एवं अधिकारियों की टीम ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्मित एवं प्रगतिरत आवासों, जल जीवन मिशन के कार्यों, आंगनबाड़ी भवन, शासकीय विद्यालय तथा पंचायत भवन का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने इस मौके पर अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्यों में आवश्यक गति लाई जाए तथा गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों का प्रभाव धरातल पर दिखाई देना चाहिए।भ्रमण के दौरान ग्राम में इमली के पेड़ के नीचे चौपाल लगाकर कलेक्टर ने ग्रामीणों से रूबरू बातचीत की। उन्होंने ग्रामीणों से प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति, नल-जल कनेक्शन, शौचालय निर्माण, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) अंतर्गत डबरी निर्माण एवं भूमि समतलीकरण कार्य, बकरी शेड एवं गौशाला शेड जैसी योजनाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर ग्रामीणों की मांग पर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए। कलेक्टर ने ग्राम में देवगुड़ी निर्माण की स्वीकृति प्रदान की तथा निर्माणाधीन पुल के कार्य में तेजी लाने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए।ग्रामीणों ने बताया कि जल जीवन मिशन के माध्यम से अब अधिकांश घरों तक नल से जल की आपूर्ति सुनिश्चित हो रही है तथा पात्र हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास एवं शौचालय निर्माण की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर ग्रामीण बेहद प्रसन्न नजर आए।ग्रामीणों की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए कलेक्टर ने आगामी शुक्रवार को ग्राम में विशेष आधार शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए, ताकि हितग्राहियों को आवश्यक दस्तावेजों की पूर्ति एवं योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो। ग्राम पोंगाभेज्जी के पश्चात कलेक्टर ने सिरसट्टी, रवापारा एवं बड़ेसेट्टी ग्रामों का भी भ्रमण कर शासकीय योजनाओं एवं विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की तथा आवश्यक निर्देश प्रदान किए।मिशन कनेक्ट के माध्यम से जिला प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शिता एवं समयबद्धता के साथ पहुँचे तथा ग्रामीण क्षेत्रों में समग्र विकास की प्रक्रिया को गति मिले।
- -अंत्योदय के कल्याण भावना के साथ अधिकारी पहुँचे गाँव-गाँव-शासकीय योजनाओं की जमीनी हकीकत परखीरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के अंत्योदय की कल्याण एवं सुशासन की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में सुकमा जिले में शुरू हुआ मिशन कनेक्ट का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस पहल के माध्यम से शासन और आमजन के बीच की दूरी को कम करते हुए प्रशासनिक अमला सीधे ग्राम पंचायतों तक पहुँचकर योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति का आकलन कर रहा है।जिला प्रशासन द्वारा विशेष अभियान के तहत सुकमा विकासखंड की 33 ग्राम पंचायतों में एक साथ अधिकारियों ने दस्तक दी गई। कलेक्टर के नेतृत्व में जिला स्तरीय अधिकारियों ने प्रातः 10 बजे से ही निर्धारित पंचायतों में पहुँचकर विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं की प्रगति की समीक्षा की।अभियान के अंतर्गत स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) दुकानों का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों द्वारा बच्चों को प्रदत्त मध्यान्ह भोजन एवं पूरक पोषण आहार की गुणवत्ता का स्वयं परीक्षण किया गया। स्वास्थ्य संस्थानों में दवाओं की उपलब्धता, स्टॉक रजिस्टर तथा स्वच्छता का भी मुआयना किया गया। इसके साथ ही पंचायतों में संचालित निर्माण एवं विकास कार्यों की प्रगति का अवलोकन कर गुणवत्ता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।मैदानी भ्रमण के उपरांत तुंगल बांध में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रत्येक पंचायत से प्राप्त प्रतिवेदन पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में जिला प्रशासन द्वारा आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया, ताकि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध रूप से पहुँच सके। इस अवसर पर डीएफओ श्री अक्षय भोंसले, मिशन कनेक्ट के नोडल अधिकारी श्री रविशंकर वर्मा, जनपद पंचायत सीईओ सुश्री निधि प्रधान, एसडीपीओ श्री परमेश्वर तिलकवार सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।यहां यह उल्लेखनीय है कि सुकमा जिले में मिशन कनेक्ट के माध्यम से प्रशासनिक जवाबदेही एवं पारदर्शिता को सुदृढ़ करते हुए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ सुदूर वनांचल एवं ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक पात्र हितग्राही तक पहुँचे।
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रायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका से रविवार को यहां लोकभवन में वन एवं जलवायु परिवर्तन, जल संसाधन और कौशल विकास मंत्री श्री केदार कश्यप ने सौजन्य भेंट की।
- -ओवरलोड से राहत, अब 63 एमवीए का दूसरा ट्रांसफार्मर शुरूरायपुर,। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश के परिपालन में महासमुंद जिले के बागबाहरा क्षेत्र में बिजली आपूर्ति को और अधिक स्थिर व भरोसेमंद बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड ने 132/33 केवी उपकेंद्र बागबाहरा में 40 एमवीए क्षमता वाले पुराने पावर ट्रांसफार्मर की जगह 63 एमवीए का नया पावर ट्रांसफार्मर स्थापित कर उसका ऊर्जीकरण कर दिया है। खास बात यह है कि यह इस उपकेंद्र का दूसरा 63 एमवीए ट्रांसफार्मर है।पहले यहां 63 एमवीए और 40 एमवीए के ट्रांसफार्मर लगे थे, जिससे कुल क्षमता 103 एमवीए थी। अब 40 एमवीए ट्रांसफार्मर को हटाकर 63 एमवीए का ट्रांसफार्मर लगाए जाने से उपकेंद्र की कुल स्थापित क्षमता बढ़कर 126 एमवीए हो गई है। पिछले साल पीक लोड सीजन में यहां करीब 90 एमवीए तक लोड दर्ज किया गया था, जिससे ओवरलोड की स्थिति बनने लगी थी। नई क्षमता जुड़ने के बाद अब ओवरलोड की समस्या से राहत मिलेगी और बिजली आपूर्ति अधिक स्थिर रहेगी।बागबाहरा उपकेंद्र को 132 केवी परसवानी और 132 केवी झलप से विद्युत आपूर्ति होती है। यहां से 33 केवी के नौ फीडरों क्रमशः बागबाहरा (महासमुंद), टेमरी, सुनसुनिया, गोयनबहरा, टाउन, तेंदुकोना, मुंगसेर और खलारी के माध्यम से 150 से अधिक गांवों में बिजली पहुंचाई जाती है। क्षेत्र में उन्नत खेती, कृषि आधारित उद्योगों और अन्य औद्योगिक इकाइयों की संख्या बढ़ रही है, ऐसे में क्षमता वृद्धि से इन सभी को सीधा लाभ मिलेगा।कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री राजेश कुमार शुक्ला ने नए ट्रांसफार्मर का ऊर्जीकरण कर आपूर्ति प्रारंभ की। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और कंपनी अध्यक्ष श्री सुबोध कुमार सिंह के मार्गदर्शन में प्रदेश के पारेषण नेटवर्क को मजबूत करने के लिए चरणबद्ध तरीके से कार्य किए जा रहे हैं। खासकर आदिवासी, वनांचल और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली अधोसंरचना को सुदृढ़ बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। क्षमता बढ़ने से अब क्षेत्र के किसानों, घरेलू उपभोक्ताओं और उद्योगों को बेहतर व गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति मिल सकेगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय रविवार को बलौदा बाजार जिले के ग्राम चांपा में आयोजित छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज के दो दिवसीय 80वें महाअधिवेशन में शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत में उन्होंने स्वतंत्रता सेनानी एवं समाज सुधारक डॉ. खूबचंद बघेल की पुण्य तिथि पर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की तथा समाज की विभूतियों को पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री का गजमाला पहनाकर आत्मीय स्वागत किया गया।मुख्यमंत्री श्री साय ने मनवा कुर्मी समाज को परिश्रमी, संगठित और उन्नत कृषक परंपरा वाला समाज बताते हुए कहा कि समाज का योगदान राज्य की प्रगति में महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने 80वें महाअधिवेशन की बधाई देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में मेल-मिलाप, समन्वय और सकारात्मक निर्णयों को बढ़ावा देते हैं, जिसका लाभ पूरे प्रदेश और देश को मिलता है। उन्होंने कहा कि राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा के गृह ग्राम चांपा में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होना उनके लिए सौभाग्य की बात है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शिक्षा सशक्त समाज निर्माण का सबसे मजबूत आधार है। उन्होंने समाज द्वारा बेटा-बेटी दोनों को शिक्षा से जोड़ने के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षित समाज ही आत्मनिर्भर और प्रगतिशील समाज बनता है। उन्होंने महिला स्वरोजगार को बढ़ावा देने, युवाओं में नशामुक्ति के प्रति जागरूकता और सामाजिक सुधार के प्रयासों को भी सराहनीय बताया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को पूरा करने में पूरी प्रतिबद्धता से कार्य किया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास पूर्ण किए गए हैं। इस वर्ष समर्थन मूल्य पर 25 लाख 24 हजार किसानों से 141 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान खरीदा गया है तथा होली से पूर्व किसानों को लगभग 10 हजार करोड़ रुपये की अंतर राशि प्रदान की जाएगी। महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख महिलाओं को अब तक 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि दी जा चुकी है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर क्षेत्र में अब विकास की नई तस्वीर दिखाई दे रही है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृहमंत्री के संकल्प के अनुरूप मार्च 2026 तक नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त करने की दिशा में सरकार दृढ़ता से काम कर रही है। नियद नेल्लार योजना के माध्यम से लगभग 400 गांवों में विकास कार्यों को गति दी गई है।इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ग्राम नरदहा में सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 50 लाख रुपये तथा बलौदा बाजार में सामुदायिक भवन के लिए 25 लाख रुपये की राशि प्रदान करने की घोषणा की।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में पिछले दो वर्षों में उल्लेखनीय विकास हुआ है और किसानों, महिलाओं तथा युवाओं के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं प्रभावी रूप से लागू की गई हैं। अधिवेशन में समाज के केंद्रीय अध्यक्ष श्री खोड़स राम वर्मा ने समाज द्वारा लिए गए सामाजिक सुधार के महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी दी। कार्यक्रम में राजिम विधायक श्री रोहित साहू सहित बड़ी संख्या में समाज के पदाधिकारी, महिलाएं, युवा और स्वजातीय बंधु उपस्थित थे।
- -मुख्यमंत्री विष्णु देव साय गिरौदपुरी में संत समागम एवं गुरुदर्शन मेले में हुए शामिल-गुरूदर्शन व पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की खुशहाली व समृद्धि का लिया आशीर्वादरायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय रविवार को बाबा गुरु घासीदास जी की जन्मभूमि एवं तपोभूमि गिरौदपुरी धाम में आयोजित संत समागम एवं गुरुदर्शन मेला में शामिल हुए। उन्होंने पूज्य गुरुगद्दी का दर्शन एवं पूजा - अर्चना कर प्रदेशवासियों की खुशहाली और समृद्धि के लिये कामना की।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि बाबा गुरू घासीदास के मनखे- मनखे एक समान का सन्देश, मानव को मानव से जोड़ने वाला और सद्भाव व समरसता बढ़ाने वाला है। बाबा गुरु घासीदास जी के बताए मार्ग पर हमारी सरकार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार के द्वारा गिरौदपुरी का सतत् विकास किया जा रहा है। विशाल जैतखाम निर्माण से लेकर अनेक सुविधाओं का विस्तार यहां किया गया है। उन्होंने जिला प्रशासन द्वारा किये गए जनसुविधा विस्तार कार्य की सराहना की और कहा कि वेबसाईट और मोबाइल एप्प से भी मेले में उपलब्ध सुविधा की जानकारी श्रद्धालु ले सकते हैं। उन्होंने इस दौरान वहां चस्पा किये गए क्यूआर कोड को अपने मोबाइल से स्कैन कर जानकारी ली।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर मुख्य मंदिर का प्रसाद श्रद्धालुओं को वितरित किया। मुख्यमंत्री के हाथों स्थानीय श्रद्धालु एवं स्व सहायता समूह की महिलाएं प्रसाद ग्रहण कर उत्साहित हुए। गौरतलब है कि गिरौदपुरी में तीन दिवसीय संत समागम एवं गुरू दर्शन मेला 22 फ़रवरी से प्रारंभ होकर 24 फरवरी 2026 तक चलेगा। प्रदेश सहित देश एवं विदेश से भी सतनाम पंथ के अनुयायी यहां मेले में आए हुए हैं।इस अवसर पर धर्मगुरू गुरु बालदास साहेब, सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, राजिम विधायक श्री रोहित साहु, जिला पंचायत अध्यक्ष रायपुर श्री नवीन अग्रवाल, पुलिस महानिरीक्षक श्री अमरेश मिश्रा, कलेक्टर श्री दीपक सोनी, पुलिस अधीक्षक सुश्री भावना गुप्ता,डीएफओ श्री गणवीर धम्मशील, पूर्व सांसद श्री गुहा राम अजगले, पूर्व विधायक डॉ सनम जांगड़े सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि वरिष्ठ अधिकारी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
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लॉकिंग हुक टूटने से हादसा, हिरासत में आरोपी ड्राइवर
रायपुर/ रविवार रात धान से लदा ट्रक कार के ऊपर पलट गया। इस हादसे में कार में बैठे एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनका इलाज चल रहा है। यह हादसा विधानसभा थाना क्षेत्र में डीपीएस स्कूल के पास हुआ। पुलिस ने आरोपी ट्रक ड्राइवर को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
मृतक की पहचान बलौदाबाजार के राजकुमार शर्मा के रूप में हुई है। जबकि घायलों के नाम पद्मा और प्रवीण हैं। इसमें पद्मा भी बलौदाबाजार की रहने वाली है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रक और कार दोनों बलौदाबाजार की ओर जा रहे थे। इसी बीच ट्रक का पट्टा (हुक/लॉकिंग सिस्टम) अचानक टूट गया, जिससे ट्रक अनियंत्रित होकर बगल से गुजर रही कार पर पलट गया। - -देश के कोने-कोने की सकारात्मक पहल को सामने लाता है ‘मन की बात’ : मुख्यमंत्री श्री सायरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 131वें एपिसोड का श्रवण किया। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, विधायक श्री प्रबोध मिंज, छत्तीसगढ़ बेवरेज कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष श्री श्रीनिवास मद्दी, छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष श्री अंजय शुक्ला, श्री अखिलेश सोनी सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का यह कार्यक्रम देशवासियों को सकारात्मक सोच, नवाचार और राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करने वाला सशक्त संवाद बन चुका है। उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ केवल एक रेडियो कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश के कोने-कोने में हो रहे प्रेरक प्रयासों और असाधारण उपलब्धियों को सामने लाने वाला मंच है, जो समाज में सेवा, नवाचार और सहभागिता की भावना को मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि सभी लोग प्रत्येक माह इसके प्रसारण का बेसब्री से इंतजार करते हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अपने उद्बोधन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में भारत की बढ़ती क्षमता और भविष्य की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए देश को नई दिशा का संदेश दिया है। हाल ही में दिल्ली में आयोजित ग्लोबल एआई इम्पैक्ट समिट में भारत की तकनीकी शक्ति को विश्व ने सराहा और ‘मेड इन इंडिया’ के तीन एआई मॉडल लॉन्च होना देश की नवाचार क्षमता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ भी नवाचार, स्टार्टअप संस्कृति और मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से तकनीकी नेतृत्व की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कृषि क्षेत्र में देश की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि भारत में धान की 500 से अधिक किस्मों की खेती हो रही है और देश विश्व का सबसे बड़ा चावल उत्पादक बन चुका है। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि में छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश के किसानों की अथक मेहनत, वैज्ञानिकों के निरंतर अनुसंधान और सरकार की दूरदर्शी नीतियों का महत्वपूर्ण योगदान है। यह आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सशक्त करने वाला परिणाम है।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा अमूल के माध्यम से पशु चिकित्सा और डेयरी प्रबंधन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग तथा ‘सुश्रुत संहिता’ जैसे प्राचीन ग्रंथों के संरक्षण और अनुवाद के प्रयासों का उल्लेख भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक तकनीक के उत्कृष्ट समन्वय का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यह भारत की परंपरा और तकनीक दोनों की शक्ति को दर्शाता है।मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री द्वारा केरल की 10 माह की बालिका आलिन शेरिन अब्राहम के अंगदान के निर्णय का उल्लेख करते हुए उसे मानवता की अनुपम मिसाल बताया। उन्होंने बालिका के माता-पिता को नमन करते हुए कहा कि उनका यह निर्णय कई लोगों को नया जीवन देने वाला है तथा समाज में अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने में प्रेरणादायी साबित होगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने डिजिटल फ्रॉड और ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे साइबर अपराधों से सावधान रहने तथा केवाईसी एवं बैंकिंग सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने का महत्वपूर्ण संदेश भी दिया है, जो आज के डिजिटल युग में अत्यंत प्रासंगिक है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने टी-20 विश्व कप में भारतीय मूल के खिलाड़ियों की उपलब्धियों, राष्ट्रपति भवन में आयोजित ‘राजाजी उत्सव’ में सी. राजगोपालाचारी की प्रतिमा स्थापना, परीक्षार्थियों के लिए आत्मविश्वास के संदेश तथा रमजान और होली के पावन अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए ‘वोकल फॉर लोकल’ का आह्वान किया।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि ‘मन की बात’ का प्रत्येक एपिसोड आत्मनिर्भर भारत, तकनीकी सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता की दिशा में देश के बढ़ते कदमों का सशक्त उदाहरण है। यह कार्यक्रम नागरिकों को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करता है और जन-जन की सकारात्मक पहल को राष्ट्रीय पहचान दिलाता है।
- रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने भारत के माननीय मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री सूर्यकांत के छत्तीसगढ़ आगमन पर पुष्प गुच्छ भेंटकर उनका आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने माननीय मुख्य न्यायाधीश को छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा के प्रतीक स्वरूप राजकीय गमछा, विश्वविख्यात बस्तर दशहरा पर आधारित कॉफी टेबल बुक तथा बेल मेटल से निर्मित भगवान श्रीराम एवं माता शबरी की आकर्षक प्रतिकृति भेंट की।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर भारत के सर्वोच्च न्यायालय के माननीय न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री पी. नरसिम्हा एवं न्यायमूर्ति श्री प्रशांत कुमार मिश्रा तथा छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के माननीय मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री रमेश सिन्हा का स्वागत एवं अभिनंदन किया। उल्लेखनीय है कि भारत के माननीय मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री सूर्यकांत हिदायतुल्ला राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (Hidayatullah National Law University) के दीक्षांत समारोह में सम्मिलित होने हेतु छत्तीसगढ़ प्रवास पर आए हैं।
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-आयोजन में रायपुर प्रेस क्लब के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के साथ पत्रकारों का हुआ सम्मान-सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों को भी किया गया सम्मानितरायपुर। सरयूपारीण ब्राह्मण सभा,रायपुर द्वारा आज 59 बटुकों का उपनयन संस्कार कराया गया। यह आयोजन दंडी स्वामी डॉ. इंदुभवानंद, पूर्व मंत्री सत्यनारायण शर्मा, सरयूपारीण ब्राह्मण सभा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सुरेश शुक्ला के मार्गदर्शन में किया गया।सरयूपारीण ब्राह्मण सभा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सुरेश शुक्ला ने बताया कि संजय नगर स्थित मानस भवन में आयोजित इस दो दिवसीय समारोह के पहले दिन 21 फरवरी को माटीमागर मंडपाक्षादन और कलश स्थापना की गई और आज 22 फरवरी को 59 बटुकों का उपनयन संस्कार पूरे विधि - विधान से कराया गया। जगदगुरुकुलम, शंकराचार्य आश्रम बोरियाकला, रायपुर के 59 विद्वान पंडितों ने उन बटुकों का जनेऊ संस्कार कराया। इस सामूहिक आयोजन में मुंडन, स्नान, गायत्री मंत्र की दीक्षा, यज्ञोपवीत धारण और भिक्षाटन की विधियां विप्रजनों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न कराई गई। इस आयोजन में पूरे प्रदेश से आए बटुकों के साथ उनके परिजनों ने भी उत्साह के साथ हिस्सा लिया।डॉ. शुक्ला ने बताया कि सरयूपारीण ब्राह्मण समाज में बटुकों (बालकों) का जनेऊ संस्कार (उपनयन संस्कार) एक प्रमुख वैदिक अनुष्ठान है, जो ब्रह्मचर्य, ज्ञान और संयमित जीवन की शुरुआत का प्रतीक है। ब्राह्मण समाज में इस संस्कार का मुख्य उद्देश्य वैदिक परंपराओं का संरक्षण और बटुकों को संयमित जीवन जीने की शिक्षा देना है। इसी उद्देश्य को लेकर सरयूपारीण बाह्मण सभा द्वारा नि:शु्ल्क जनेऊ संस्कार समारोह का आयोजन किया गया था।उन्होंने बताया कि इस दौरान बटुकों और उनके परिजनों के लिए रहने और भोजन की नि:शुल्क व्यवस्था की गई थी। इसकेे अलावा इस आयोजन में शामिल होने के लिए प्रदेश भर से पहुंचे ब्राह्मणविदों की सुविधा के लिए मानस भवन में चिकित्सा शिविर भी लगाया गया था। इस दौरान जरूरतमंदों को नि:शुल्क दवाई का भी वितरण किया गया।डॉॅ. शुक्ला ने बताया कि आयोजन के अंतिम दिन रायपुर प्रेस क्लब के नवनिर्वाचित अध्यक्ष मोहन तिवारी, उपाध्यक्ष गौरव शर्मा, कोषाध्यक्ष दिनेश यदु, उप सचिव निवेदिता साहू सहित ब्राह्मण समाज के 30 से अधिक वरिष्ठ पत्रकारों को सम्मानित किया गया। इसके अलावा अपने - अपने क्षेत्र में विशेषज्ञ चिकित्सकों का भी सम्मान किया गया।डॉ. शुक्ला ने बताया कि इस आयोजन में सरयूपारीण ब्राह्मण सभा के पदाधिकारियोंं का भी योगदान सराहनीय रहा। - भिलाई नगर। नगर पालिक निगम भिलाई द्वारा रविवार को शहर के व्यस्ततम क्षेत्र सुपेला चौक से संडे बाजार, गदा चौक तक अवैध अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी बेदखली कार्रवाई की गई। मुख्य मार्ग और फुटपाथ को बाधित करने वाले दुकानदारों और ठेला संचालकों पर कड़ा प्रहार करते हुए निगम की टीम ने भारी मात्रा में सामानों की जब्ती की।इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम देने के लिए राजस्व विभाग, स्वास्थ्य विभाग और तोड़फोड़ दस्ते की संयुक्त टीम गठित की गई थी। सुपेला थाने के पुलिस बल की मौजूदगी में सुबह से ही टीम ने गदा चौक क्षेत्र की घेराबंदी कर दी थी। संडे बाजार के कारण सुपेला चौक से गदा चौक तक सड़कों पर अत्यधिक दबाव रहता है। कई दुकानदारों द्वारा सड़क तक सामान फैला लेने के कारण राहगीरों और वाहनों को भारी परेशानी हो रही थी। बार-बार चेतावनी के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाए जाने पर आज निगम ने सख्ती बरतते हुए सामानों की जब्ती की और अतिक्रमणकारियों को दोबारा कब्जा न करने की कड़ी हिदायत दी।कार्रवाई के दौरान सहायक राजस्व अधिकारी सुनील जोशी, प्रसन्न तिवारी, बालकृष्ण नायडू, तोड़फोड़ अधिकारी विनय शर्मा, जोन स्वास्थ्य अधिकारी शंकर साहनी, बेदखली सहायक हरिओम गुप्ता एवं स्वच्छता निरीक्षक कमलेश द्विवेदी, बेदखली दल से करण, विष्णु सोनी और राजेंद्र सिंह सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शहर की यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए इस तरह की कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।
- - वैश्विक मंच पर राहुल गांधी और कांग्रेस का देश विरोधी चेहरा एक बार फिर उजागर : उप मुख्यमंत्री अरुण सावरायपुर। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने एआई समिट जैसे वैश्विक आयोजन के दौरान कांग्रेस द्वारा किए गए अमर्यादित प्रदर्शन को अत्यंत शर्मनाक और राष्ट्रविरोधी करार दिया है। श्री साव ने कहा कि राहुल गांधी के निर्देश पर कांग्रेस द्वारा किया गया यह प्रदर्शन' न केवल अमर्यादित है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय पटल पर भारत की छवि को धूमिल करने की एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है।प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कड़े शब्दों में इस कृत्य की निंदा करते हुए कहा कि जब विश्व भर से कई राष्ट्र अध्यक्ष, प्रतिनिधि और दिग्गज एआई समिट के लिए भारत आए हुए हैं, ऐसे महत्वपूर्ण आयोजन के मंच पर इस तरह का अमर्यादित प्रदर्शन कांग्रेस की भारत विरोधी मानसिकता को दर्शाता है। श्री साव ने राहुल गांधी पर प्रहार करते हुए कहा कि उनके निर्देशों पर ही कांग्रेस पार्टी लगातार ऐसे कार्यों में संलिप्त है, जिससे वैश्विक स्तर पर भारत की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचे। यह कांग्रेस का 'राष्ट्रविरोधी' चेहरा एक बार फिर जनता के सामने उजागर करता है। राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी को इस शर्मनाक कृत्य के लिए पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए। श्री साव ने कहा कि राजनीति अपनी जगह है, लेकिन राष्ट्र के सम्मान से समझौता करना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि इस शर्मनाक प्रदर्शन से यह स्पष्ट हो गया है कि कांग्रेस का एजेंडा विकास में बाधा डालना और भारत के बढ़ते वैश्विक प्रभाव को कम करना है। समिट के दौरान किया गया यह प्रदर्शन उनके राष्ट्र-विरोधी रवैये का प्रमाण है। भारत आज तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में विश्व का नेतृत्व कर रहा है, और ऐसी घटनाओं से देश की प्रगति को रोका नहीं जा सकता। कांग्रेस पार्टी को आत्मचिंतन कर अपनी स्तरहीन और राष्ट्र विरोधी राजनीति से बाज आना चाहिए।
- -भाजपा के सभी मोर्चों और प्रकोष्ठों ने अपनी विशिष्ट कार्ययोजना के अनुसार इस दिन को यादगार बनाने के लिए विविध कार्यक्रमों का आयोजन कियारायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के 62वें जन्मदिवस को इस वर्ष पूरे प्रदेश में एक ऐतिहासिक और सेवाभावी उत्सव के रूप में मनाया गया। इस विशेष अवसर को ‘सेवा-सुशासन-संकल्प दिवस’ के रूप में समर्पित करते हुए, भारतीय जनता पार्टी के सभी मोर्चा और कार्यकर्ताओं ने व्यापक कार्ययोजना तैयार की थी जिसको तहत प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों, वृद्धाश्रमों और अनाथालयों में फल वितरण किया गया। ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान और मुख्यमंत्री श्री साय के पर्यावरण प्रेम को देखते हुए राज्यभर में वृहद स्तर पर वृक्षारोपण कार्यक्रम रखे। आम जनमानस की सुविधा के लिए प्रत्येक जिले में नि:शुल्क मेडिकल कैंप लगाए गए, जहाँ विशेषज्ञों द्वारा जाँच और दवाइयों का वितरण किया गया। सुशासन के संकल्प को दोहराने के लिए जिला स्तर पर संगोष्ठियों का आयोजन भी हुआ।भारतीय जनता युवा मोर्चा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के 62वें जन्मदिन पर भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष राहुल टिकरिहा के नेतृत्व में राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ ले रहे हितग्राहियों का सम्मान किया। आज प्रदेश का हर परिवार सरकार की किसी-न-किसी योजना का लाभ ले रहा है। महतारी वंदन योजना के लाभार्थी, तेंदूपत्ता संग्राहकों प्रदेश के किसानों को सम्मानित किया। इसके साथ ही प्रदेश में केंद्र सरकार द्वारा संचालित योजना प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों से मुलाकात कर उनका सम्मान किया।भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक साहू के आह्वान पर भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा (रायपुर शहर) द्वारा प्रदेश के आयुर्वेदिक अस्पताल में मरीजों को फल वितरण कर मुख्यमंत्री का जन्मोत्सव मनाया गया। इस अवसर पर मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष देवदत्त साहू, मोर्चा के जिला अध्यक्ष अखिलेश कश्यप, रायपुर संभाग के प्रभारी राजेंद्र नायक, प्रदेश सह कार्यालय मंत्री तामेश्वर साहू, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य प्रदीप साहू, अरविंद यादव सहित जिले के पदाधिकारी गण एवं कार्यकर्तागण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष विभा अवस्थी के आह्वान पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के जन्मदिवस पर महिला मोर्चा द्वारा विशेष कार्यक्रम रखा गया। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक जागरुकता के उद्देश्य से जीवनदायी पीपल एवं नीम के पौधों का रोपण किया गया। इस दौरान समस्त कार्यकर्ताओं द्वारा हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति तथा मुख्यमंत्री श्री साय के उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु की कामना की गई। यह कार्यक्रम प्रदेश के सभी जिलों में मंदिर प्रांगण में रखा गया, जिसमें महिला मोर्चा की समस्त पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता सक्रिय रूप से सहभागी हुईं। महिला मोर्चा का यह आयोजन पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरुकता बढ़ाने के साथ-साथ आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने का एक सार्थक प्रयास सिद्ध हुआ।भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा ने प्रदेश अध्यक्ष आलोक सिंह ठाकुर के नेतृत्व में रायपुर के मेकाहारा हॉस्पिटल में फल वितरण किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री श्री साय के जन्मदिन को विशेष बनाने के लिए सभी मोर्चों ने प्रदेश भर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा, अनुसूचित जनजाति मोर्चा एवं अल्पसंख्यक मोर्चा ने भी पौधारोपण, फल वितरण कर मुख्यमंत्री श्री साय को जन्मदिन की शुभकामनाएं प्रेषित की।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के जन्मदिन पर भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा द्वारा सेवा भाव के साथ भोजन वितरण कार्यक्रम आयोजित कर जरूरतमंद लोगों को प्रेमपूर्वक भोजन वितरित किया गया। कार्यक्रम में सभी ने मुख्यमंत्री श्री साय के स्वस्थ, दीर्घायु एवं सफल नेतृत्व की कामना की। किसान मोर्चा का यह सेवा कार्य संगठन की जनसेवा और समर्पण भावना का प्रतीक है। इस कार्यक्रम में किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष आलोक सिंह ठाकुर, देवेंद्र सिंह ठाकुर, प्रशांत सिंह ठाकुर, प्रवक्ता रवींद्र सिंह ठाकुर मीडिया प्रभारी वैभव वैष्णव सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।
- -मंत्री ने माँ परमेश्वरी की प्रतिमा की पूजा कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की-वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन शामिल हुए माँ परमेश्वरी महोत्सव मेंरायपुर। वाणिज्य एवं उद्योग, सार्वजनिक उपक्रम, वाणिज्यिक कर और श्रम विभाग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन आज देवांगन जनकल्याण समिति दुर्ग द्वारा आयोजित माँ परमेश्वरी महोत्सव में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने देवांगन समाज की ईष्ट देवी माँ परमेश्वरी की प्रतिमा की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की।महोत्सव को संबोधित करते हुए मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने समाज की एकता और संगठन को मजबूत बनाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि समाज की प्रगति के लिए संगठित रहना अत्यंत आवश्यक है। जब समाज संगठित रहेगा, तभी वह शिक्षा, व्यापार, शासकीय सेवा और राजनीति सहित हर क्षेत्र में आगे बढ़ सकेगा। उन्होंने कहा कि आज कई समाज विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति कर चुके हैं, लेकिन कुछ समाज अभी भी पीछे हैं। ऐसे में सभी समाजों को मिल-जुलकर कार्य करने की आवश्यकता है, ताकि हर व्यक्ति को आगे बढ़ने का अवसर मिल सके। उन्होंने विशेष रूप से बच्चों की अच्छी शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा ही समाज को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाती है।मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री का भी यही उद्देश्य है कि समाज का हर वर्ग आगे बढ़े। उन्होंने प्रधानमंत्री के “सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास” के मंत्र को दोहराते हुए समाज के सर्वांगीण विकास की आवश्यकता पर बल दिया।प्रदेश के अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं दुर्ग ग्रामीण विधायक विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने देवांगन समाज को सुलझा हुआ और जागरूक समाज बताते हुए कहा कि यह समाज लंबे समय से व्यापार, कृषि और वस्त्र निर्माण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देता आया है। उन्होंने कहा कि जांजगीर-चांपा क्षेत्र में कोसा व्यापार में भी देवांगन समाज की अहम भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि कोई भी समाज तभी आगे बढ़ता है जब वह संगठित और मजबूत होकर चलता है, और इसके लिए शिक्षा अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण कई बार बेटा-बेटी आगे नहीं बढ़ पाते। समाज को ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए जिससे आर्थिक स्थिति मजबूत हो और बच्चों को आगे बढ़ने का अवसर मिले। उन्होंने कहा कि समाज को नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला समाज बनना चाहिए। इस दौरान खादी ग्रामोद्योग अध्यक्ष श्री राकेश पाण्डेय ने महिलाओं से सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण से ही समाज और प्रदेश का समग्र विकास संभव है। इस अवसर पर समाज के अध्यक्ष श्री पुराणिक लाल देवांगन, श्री कमलेश देवांगन, श्री संकटलाल देवांगन, श्री अशोक देवांगन, श्रीमती कल्पना देवांगन, श्रीमती तुलसी साहू सहित समाज के पदाधिकरण एवं जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
- रायपुर छत्तीसगढ़ के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के जन्मदिवस के अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने लखनपुर स्थित मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर मुख्यमंत्री के स्वस्थ, दीर्घ और यशस्वी जीवन की कामना की। इस अवसर पर प्रदेश की सुख-समृद्धि, विकास और जनकल्याण के लिए विशेष प्रार्थना की गई।मंत्री श्री अग्रवाल ने पूजा-अर्चना के उपरांत लखनपुर स्थित स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर भर्ती मरीजों से मुलाकात की। उन्होंने मरीजों का कुशलक्षेम जाना, उनका हालचाल पूछा तथा उन्हें फल वितरित कर शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। इस दौरान स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सकों एवं स्टाफ से भी चर्चा कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।इस अवसर पर मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी का जीवन सादगी, सेवा और समर्पण का प्रतीक है। उनके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ विकास और सुशासन की नई ऊँचाइयों को छू रहा है। हम सभी उनके जन्मदिवस पर ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि उन्हें उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु प्रदान करें, ताकि वे प्रदेश की जनता की सेवा इसी समर्पण भाव से करते रहें।”उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में प्रदेश में पर्यटन, संस्कृति, स्वास्थ्य और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हो रहे हैं। सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए सतत प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री के जन्मदिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों ने भी सहभागिता निभाई तथा प्रदेश की निरंतर उन्नति और समृद्धि की कामना की।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल, रायपुर द्वारा हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी परीक्षा 2026 के विद्यार्थियों की शंकाओं के समाधान हेतु “हेल्पलाइन 2026” का संचालन परीक्षा के एक दिवस पूर्व प्रभावी रूप से किया जा रहा है। यह हेल्पलाइन 05 फरवरी 2026 से मण्डल की अध्यक्ष श्रीमती रेणु जी. पिल्ले एवं सचिव श्रीमती पुष्पा साहू के निर्देशन में निरंतर संचालित है, जिससे विद्यार्थियों को शैक्षणिक मार्गदर्शन के साथ-साथ मानसिक संबल भी प्राप्त हो रहा है।21 फरवरी 2026 को राजनीति शास्त्र, रसायन शास्त्र, लेखा शास्त्र, फसल उत्पादन एवं उद्यान शास्त्र, वस्तु चित्रण एवं आलेखन तथा शरीर क्रिया विज्ञान एवं प्राथमिक चिकित्सा (फिजियोलॉजी एण्ड फर्स्ट एड) विषयों के विशेषज्ञों द्वारा विद्यार्थियों की शंकाओं का समाधान किया गया। इस अवसर पर श्रीमती सुनिता पाण्डेय, आस्था निगम, श्रीमती सोमा बनिक, श्रीमती अर्पणा तिवारी, श्रीमती नम्रता तिवारी, श्रीमती रंजना ठाकुर, राजकुमार गेन्ड्रे, श्रीमती निशा सिंह, श्रीमती दीपा साखरकर एवं सहायक प्राध्यापक अखिलेश वामनगड़े ने अपनी महत्वपूर्ण सेवाएँ प्रदान कीं।हेल्पलाइन के माध्यम से विद्यार्थियों ने रसायन शास्त्र के वैद्युत रसायन, आयोडोफॉर्म अभिक्रिया, नेमिंग अभिक्रिया तथा जैव अणुओं से संभावित प्रश्नों के स्वरूप के संबंध में जानकारी प्राप्त की। विद्यार्थियों ने यह भी पूछा कि क्या प्रश्न सिलेबस से बाहर आएंगे तथा मूल्यांकन करने वाले परीक्षकों को सिलेबस की पूर्ण जानकारी होगी या नहीं।इसके अतिरिक्त प्रश्नपत्र के ब्लूप्रिंट, परीक्षा पैटर्न, कम्प्यूटर विषय की तैयारी, कम्पनी लेखा पाठ से संभावित प्रश्न तथा उत्तर कैसे लिखें कि पूर्ण अंक प्राप्त हो सकेंकृइन विषयों पर भी विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया। कुछ विद्यार्थियों ने महत्वपूर्ण प्रश्नों के संबंध में जानकारी चाही, वहीं एक छात्र ने कम समय में प्रभावी तैयारी कैसे की जाए, इस विषय में सलाह प्राप्त की। सभी जिज्ञासाओं का समाधान विषय विशेषज्ञों द्वारा सरल, स्पष्ट एवं प्रेरणादायक ढंग से किया गया।दिनांक 21 फरवरी 2026 तक हेल्पलाइन के टोल फ्री नंबर 1800-233-4363 पर कुल 660 कॉल प्राप्त हुए। प्रत्येक कॉल का सुव्यवस्थित रूप से निराकरण कर विद्यार्थियों को आवश्यक शैक्षणिक एवं परामर्शात्मक सहयोग प्रदान किया गया। हेल्पलाइन का संचालन उपसचिव डॉ. बी. रघु के मार्गदर्शन में तथा हेल्पलाइन समन्वयक डॉ. प्रदीप कुमार साहू के समन्वय से किया जा रहा है। मण्डल की यह पहल परीक्षा पूर्व विद्यार्थियों को आत्मविश्वास, स्पष्टता एवं सकारात्मक दिशा प्रदान करने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास है।
- -भगवान श्रीराम के ननिहाल चंद्रखुरी में स्थापित होगी विराट प्रतिमा-रामवनगमन पथ को मिलेगी नई पहचानरायपुर । भगवान श्रीराम के ननिहाल के रूप में प्रसिद्ध छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर स्थित माता कौशल्या धाम, चंद्रखुरी में शीघ्र ही 51 फीट ऊँची वनवासी स्वरूप की भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी। यह विशाल प्रतिमा मध्यप्रदेश के ऐतिहासिक शहर ग्वालियर से विधिवत रूप से रवाना हो चुकी है। छत्तीसगढ़ शासन के निर्देश पर राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित प्रख्यात मूर्तिकार दीपक विश्वकर्मा द्वारा इस प्रतिमा का निर्माण किया गया है। ग्वालियर स्थित सेंड स्टोन आर्ट एंड क्राफ्ट सेंटर में महीनों की कठिन साधना और उत्कृष्ट शिल्प कौशल से तैयार यह प्रतिमा भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और कला का अद्भुत संगम प्रस्तुत करती है।यह प्रतिमा भगवान श्रीराम के वनवासी स्वरूप को दर्शाती है, जिसमें वे धनुष-बाण धारण किए, संयम, त्याग और मर्यादा के प्रतीक रूप में दिखाई देंगे। प्रतिमा को विशेष रूप से मजबूत और टिकाऊ ‘सेंड मिंट स्टोन’ से निर्मित किया गया है, जो अपनी मजबूती और दीर्घायु के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा विकसित किए जा रहे श्रीराम वनगमन पथ परियोजना के अंतर्गत पूर्व में भी दो भव्य प्रतिमाएं स्थापित कराई जा चुकी हैं। इनमें शिवरीनारायण मंदिर तथा सीता रसोई प्रमुख हैं। इन स्थलों पर स्थापित प्रतिमाओं की कलात्मकता और आकर्षण को देखते हुए ही 51 फीट ऊँची इस प्रतिमा का निर्माण कार्य दीपक विश्वकर्मा को सौंपा गया था।चंद्रखुरी को भगवान श्रीराम का ननिहाल माना जाता है, जहाँ माता कौशल्या का मायका स्थित है। यहां पहले से स्थापित श्रीराम प्रतिमा के स्थान पर अब यह नई विराट प्रतिमा स्थापित की जाएगी, जिससे यह स्थल न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बनेगा बल्कि पर्यटन की दृष्टि से भी नई ऊँचाइयों को छुएगा।राज्य सरकार द्वारा विकसित किए जा रहे श्रीराम वनगमन पथ परियोजना के तहत ऐतिहासिक और पौराणिक स्थलों का संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। इस भव्य प्रतिमा की स्थापना से छत्तीसगढ़ आध्यात्मिक पर्यटन के मानचित्र पर और अधिक सशक्त रूप से उभरेगा।51 फीट ऊँची यह प्रतिमा केवल एक मूर्ति नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान, धार्मिक आस्था और शिल्प परंपरा का प्रतीक है। इसके स्थापित होते ही चंद्रखुरी देशभर के श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण केंद्र बन जाएगा। प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और सांस्कृतिक धरोहरों को सहेजने की दिशा में यह एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
- -धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी, ठेकेदार पर दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश-बरसात से पहले हर हाल में पूर्ण हो निर्माण, ग्रामीणों की सुविधा सर्वोपरि : श्री अरुण सावरायपुर। उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव ने आज अपने लोरमी प्रवास के दौरान ग्राम कारीडोंगरी और दरवाजा के मध्य मनियारी नदी पर निर्माणाधीन पुल के कार्य का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य की धीमी गति पर कड़ी नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार को बरसात से पहले हर हाल में पुल का कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कार्य पूर्णता के लिए निर्धारित लक्ष्य से बहुत धीमा काम चलने पर नाराज़गी ज़ाहिर करते हुए कार्यस्थल पर श्रमिकों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुल का काम अब तक पूर्ण हो जाना चाहिए था, लेकिन निर्माण कार्य अपेक्षित गति से नहीं चल रहा है, जो गंभीर चिंता का विषय है। श्री साव ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देशित किया कि केवल नोटिस जारी कर औपचारिकता पूरी न करें, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर ठेकेदार पर पेनाल्टी भी लगाएं। निर्माण में लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी, गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।श्री साव ने विभागीय अधिकारियों को पुल के काम की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। उन्होंने साइट पर मजदूरों की संख्या बढ़ाने और निर्माण कार्य में तेजी लाने को कहा, ताकि बरसात के पहले पुल आवागमन के लिए उपलब्ध हो सके। उन्होने कहा कि यह बहुप्रतीक्षित परियोजना है, इसे समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण करना शासन की प्राथमिकता है। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि मनियारी नदी पर पुल नहीं होने के कारण बरसात के मौसम में वनांचल क्षेत्र के अनेक गांवों का संपर्क टूट जाता है। इससे लोगों को आवागमन, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और दैनिक आवश्यकताओं के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इस पुल के बन जाने से कारीडोंगरी, दरवाजा सहित आसपास के कई गांवों के ग्रामीणों को वर्षभर सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी और क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास को गति मिलेगी।



























