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- -रुपडेगा की सुदामा रावत बनीं लखपति दीदी-किराना दुकान, मनिहारी, सिलाई और सेंटरिंग प्लेट व्यवसाय से हर साल 3 लाख रुपये की आय-गांव की अन्य महिलाओं को भी रोजगार और आत्मविश्वास की दिखा रहीं राहरायपुर। कभी खेती-बाड़ी तक सीमित रहने वाली रायगढ़ जिले के लैलूंगा विकासखंड के दूरस्थ ग्राम रुपडेगा की श्रीमती सुदामा रावत की जिंदगी अन्य ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान से जुड़ने के बाद उन्होंने न केवल अपनी आर्थिक स्थिति बदली, बल्कि अपने हौसले, मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर लखपति दीदी बनने का गौरव भी हासिल किया।सरस्वती स्व-सहायता समूह की सदस्य सुदामा रावत ने शुरुआत में समूह से मिली सामुदायिक निवेश निधि (सीआईएफ) का उपयोग खेती-बाड़ी के लिए किया। खेती से परिवार की जरूरतें तो पूरी हो जाती थीं, लेकिन उन्होंने यहीं रुकने के बजाय कुछ बड़ा करने का सपना देखा। इसी सोच ने उनकी जिंदगी की दिशा बदल दी। समूह के सहयोग और बैंक से मिले 5 लाख रुपये के मुद्रा ऋण के सहारे उन्होंने गांव में किराना दुकान शुरू की। धीरे-धीरे उन्होंने अपने व्यवसाय का विस्तार किया और आज वे किराना दुकान के साथ मनिहारी सामग्री की बिक्री, सेंटरिंग प्लेट किराये पर उपलब्ध कराने तथा सिलाई सेंटर का सफल संचालन भी कर रही हैं।सुदामा रावत की लगन और मेहनत का परिणाम यह है कि आज वे हर वर्ष लगभग 2 से 3 लाख रुपये की आय अर्जित कर रही हैं। इससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। बच्चों की शिक्षा बेहतर हुई, स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ीं और परिवार का जीवन स्तर पहले की तुलना में काफी सुधरा है। अब गांव की कई महिलाएं उनसे प्रेरणा लेकर स्व-सहायता समूहों से जुड़ रही हैं और स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। वे स्वयं भी महिलाओं को व्यवसाय शुरू करने, प्रशिक्षण लेने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करती हैं। उनका कहना है कि समूह ने उन्हें केवल आर्थिक सहायता ही नहीं दी, बल्कि आत्मविश्वास भी दिया। आज वे अपने व्यवसाय का सफल संचालन करने के साथ-साथ गांव की महिलाओं को रोजगार और प्रशिक्षण देने का कार्य भी कर रही हैं।छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान ग्रामीण महिलाओं को संगठित कर उन्हें बचत, ऋण, प्रशिक्षण और स्वरोजगार से जोड़ने का काम कर रहा है। सुदामा रावत इसकी जीवंत मिसाल हैं। समूह से जुड़कर उन्होंने आत्मनिर्भरता की राह पकड़ी और आज वे सम्मानजनक जीवन जीते हुए अपने गांव में नई पहचान बना चुकी हैं। सुदामा रावत कहती हैं, मेहनत, लगन और समूह के सहयोग से कोई भी महिला आत्मनिर्भर बन सकती है। नियमित बचत करें, प्रशिक्षण लें, बड़े सपने देखें और उन्हें पूरा करने के लिए पूरी मेहनत करें। सरकार और समूह का सहयोग महिलाओं को लखपति दीदी बनने का अवसर देता है।
- -वीबी-जी रामजी के तहत एक ही स्थल पर लगे 1717 नाशपाती के पौधे-फलदार पौधों से पर्यावरण संरक्षण के साथ महिला समूहों की आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहलरायपुर । विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (वीबी-जी रामजी) के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में हरित विकास, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के शंकरगढ़ विकासखंड स्थित ग्राम कोठली में एक ही स्थल पर 1717 नाशपाती के पौधों का वृहद पौधरोपण कर हरित विकास का नया अध्याय रचा गया। यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ ग्रामीणों, विशेषकर स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए भविष्य में आय के नए अवसर भी सृजित करेगी।कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में सामरी विधायक श्रीमती उद्देश्वरी पैंकरा ने पौधरोपण कर अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनके संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढि़यों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और समृद्ध भविष्य का संकल्प है।जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने कहा कि फलदार पौधों का रोपण पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने बताया कि इन पौधों के संरक्षण और देखभाल की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को सौंपी जाएगी, जिससे पौधों की सुरक्षा सुनिश्चित होने के साथ-साथ भविष्य में फल उत्पादन के माध्यम से उनकी आय में भी वृद्धि होगी।कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, महिला स्व-सहायता समूहों, ग्रामीणों तथा स्कूली छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक पौधरोपण कर पौधों के संरक्षण का संकल्प लिया। इस दौरान ग्राम कोठली की श्रीमती प्रभावती दिवाकर ने अपनी बेटी ऋषिका रवि के नाम पर नाशपाती का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण और बेटी के प्रति स्नेह का प्रेरक संदेश दिया। वहीं कक्षा 10वीं की छात्रा गायत्री पैकरा ने सभी नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने की अपील करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण प्रत्येक व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेदारी है। राज्य सरकार की यह पहल हरित विकास, जलवायु संरक्षण और ग्रामीण आजीविका को एक साथ जोड़ने का प्रभावी मॉडल बन रही है, जिसमें फलदार वृक्षों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के साथ स्थानीय समुदायों, विशेषकर महिला स्वयं सहायता समूहों के आर्थिक सशक्तिकरण को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
- -प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम से मिली उड़ान, स्वरोजगार स्थापित कर 6 युवाओं को दिया रोजगाररायपुर । प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत नया व्यवसाय शुरू करने के लिए विनिर्माण क्षेत्र और सेवा का लोन प्राप्त किया जा सकता है। इसमें 15% से 35% तक सब्सिडी भी मिलती है, जो युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में एक बड़ा सहारा है। छत्तीसगढ़ में हज़ारों लोगों ने अपने सपनों को साकार किया है।प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के प्रयास प्रदेश के युवाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं। बस्तर जिले के जगदलपुर निवासी श्री किशन जंगम इसकी प्रेरक मिसाल हैं। सीमित संसाधनों और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने नौकरी की तलाश करने के बजाय स्वयं का उद्यम स्थापित करने का निर्णय लिया। आज वे न केवल एक सफल उद्यमी हैं, बल्कि छह स्थानीय युवाओं को रोजगार देकर आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को भी साकार कर रहे हैं।36 वर्षीय किशन जंगम ने स्नातक की शिक्षा पूरी करने के बाद दूसरों के अधीन कार्य करने के बजाय स्वयं का व्यवसाय शुरू करने का संकल्प लिया। प्रिंटिंग व्यवसाय में उनकी विशेष रुचि थी, लेकिन पर्याप्त पूंजी नहीं होने के कारण यह सपना अधूरा नजर आ रहा था। इसी दौरान उन्हें प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) की जानकारी मिली, जिसने उनके जीवन की दिशा बदल दी। उन्होंने जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, जगदलपुर से मार्गदर्शन प्राप्त कर योजना के तहत आवेदन किया। वर्ष 2019 में पंजाब नेशनल बैंक, जगदलपुर शाखा से उन्हें 10 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ, साथ ही 1.50 लाख रुपये की सरकारी सब्सिडी भी प्राप्त हुई। इस आर्थिक सहयोग से उन्होंने जगदलपुर में एफसीआई गोदाम के सामने 'मेसर्स कार्तिक प्रिंटर सप्लायर्स' की स्थापना की। आधुनिक मशीनों की स्थापना और गुणवत्ता आधारित सेवाओं के बल पर किशन का व्यवसाय लगातार आगे बढ़ता गया। उनकी मेहनत, ग्राहक विश्वास और व्यावसायिक समझ का परिणाम है कि आज उनके प्रिंटिंग प्रतिष्ठान का वार्षिक कारोबार 30 से 35 लाख रुपये तक पहुंच चुका है।किशन जंगम की सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है। व्यवसाय के विस्तार के साथ उन्होंने 6 स्थानीय युवाओं को अपने प्रतिष्ठान से जोड़कर उन्हें सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराया। आज उनके इस प्रयास से छह परिवारों की आजीविका सुरक्षित हुई है और अनेक युवाओं को स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिल रही है।किशन जंगम का कहना है कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम ने उन्हें केवल आर्थिक सहायता ही नहीं दी, बल्कि अपने सपनों को साकार करने का अवसर भी प्रदान किया। वे स्वयं भी अपने परिचित युवाओं को सरकारी स्वरोजगार योजनाओं का लाभ लेकर अपना उद्यम स्थापित करने के लिए प्रेरित करते हैं।किशन जंगम की सफलता इस बात का सशक्त उदाहरण है कि यदि युवाओं को सही मार्गदर्शन, वित्तीय सहायता और अवसर मिले तो वे न केवल अपनी तकदीर बदल सकते हैं, बल्कि दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर सृजित कर सकते हैं।
- रायपुर। किसी भी गांव के स्वस्थ और समृद्ध भविष्य की नींव स्वच्छ पेयजल से ही पड़ती है। जब लोगों को शुद्ध और संक्रमणमुक्त पानी मिलता है, तो न केवल बीमारियों पर अंकुश लगता है, बल्कि पूरे गांव का जीवन स्तर भी बेहतर होता है। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के भरतपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत रांपा में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग का क्लोरीनेशन अभियान इसी बदलाव की मिसाल बनकर सामने आया है। विभाग की पहल से अब गांव के हैंडपंपों और सोलर जल स्रोतों से मिलने वाला पानी अधिक सुरक्षित और गुणवत्तायुक्त हो गया है। इससे जलजनित बीमारियों की आशंका में उल्लेखनीय कमी आई है और ग्रामीणों का भरोसा स्वच्छ पेयजल पर पहले से कहीं अधिक मजबूत हुआ है।लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की तकनीकी टीम और हैंडपंप टेक्निशियनों ने ग्राम रांपा के सभी प्रमुख जल स्रोतों का निर्धारित मानकों के अनुरूप क्लोरीनेशन किया। इस वैज्ञानिक प्रक्रिया के माध्यम से पानी में मौजूद हानिकारक जीवाणुओं, बैक्टीरिया और अन्य संक्रमणकारी सूक्ष्मजीवों का प्रभावी नियंत्रण किया गया, जिससे पेयजल की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ। बरसात के मौसम में ग्रामीण क्षेत्रों में दूषित पानी के कारण डायरिया, टाइफाइड और अन्य जलजनित रोगों का खतरा बढ़ जाता है। क्लोरीनेशन अभियान के बाद अब ग्रामीण निश्चिंत होकर हैंडपंप और सोलर जल स्रोतों का उपयोग कर रहे हैं।गांव के लोगों का कहना है कि स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होने से उन्हें बड़ी राहत मिली है। साथ ही इस अभियान ने उन्हें जल स्रोतों की स्वच्छता बनाए रखने, जल संरक्षण करने और सुरक्षित पेयजल के महत्व के प्रति भी अधिक जागरूक बनाया है। ग्रामीणों ने भविष्य में भी जल स्रोतों की साफ-सफाई बनाए रखने और उनका जिम्मेदारी से उपयोग करने का संकल्प लिया है।लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग जल जीवन मिशन के तहत जिलेभर में नियमित रूप से क्लोरीनेशन अभियान संचालित कर रहा है। विभाग का उद्देश्य केवल पेयजल को शुद्ध करना ही नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य, सुरक्षित जीवन और स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करना भी है।
- -मुफ्त चूजे और दाने से कुक्कुट पालन को मिलेगा बढ़ावारायपुर / ग्रामीण क्षेत्रों में आय बढ़ाने और कुक्कुट पालन को प्रोत्साहित करने के लिए बैकयार्ड कुक्कुट इकाई वितरण योजना चलाई जा रही है।इस योजना के तहत किसानों और महिलाओं को नाममात्र अंशदान पर 28 दिवसीय चूज़े और कुक्कुट आहार (दाना) सीधे घर तक उपलब्ध कराए जाते हैं। छोटे, सीमांत किसानों और स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को अतिरिक्त आय का साधन प्रदान करना है। सुकमा जिले के तोंगपाल क्षेत्र के ग्रामीण परिवारों के लिए कुक्कुट पालन अब आय का नया साधन बनने जा रहा है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने और पशुपालन के माध्यम से स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला प्रशासन और पशुधन विकास विभाग द्वारा ग्रामीणों को निःशुल्क कुक्कुट इकाइयां उपलब्ध कराई गई हैं।सुकमा जिले के कलेक्टर श्री अमित कुमार के निर्देशन और पशुधन विकास विभाग के उपसंचालक डॉ. संदीप इंदुरकर के मार्गदर्शन में छिंदगढ़ विकासखंड के तोंगपाल क्षेत्र के ग्राम लेदा, कंकापाल, तोंगपाल, मारेंगा और टीपनपाल में 50 कुक्कुट इकाइयों का वितरण किया गया। योजना के तहत प्रत्येक चयनित हितग्राही को 45 उन्नत नस्ल के चूजे और उनके पालन-पोषण के लिए 10 किलोग्राम पौष्टिक दाना निःशुल्क दिया गया।सरकारी सहायता से ग्रामीणों को कुक्कुट पालन शुरू करने के लिए प्रारंभिक सहयोग मिला है। चूजे और दाना निःशुल्क मिलने से हितग्राहियों पर शुरुआती आर्थिक बोझ कम हुआ है। अब वे कुक्कुट पालन को अपनी अन्य आजीविका गतिविधियों के साथ जोड़कर अतिरिक्त आय अर्जित कर सकेंगे। कुक्कुट पालन ग्रामीण परिवारों के लिए कम लागत में शुरू किया जा सकने वाला व्यवसाय है। इससे अंडे और मुर्गियों की बिक्री के माध्यम से परिवार की आय बढ़ाने के अवसर मिलते हैं। प्रशासन का उद्देश्य है कि ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर रोजगार और आय के स्थायी अवसर उपलब्ध कराए जाएं, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। इस अवसर पर ग्राम लेदा में आयोजित वितरण कार्यक्रम में जनपद सदस्य और सरपंच सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। उन्होंने ग्रामीणों के हित में किए गए इस प्रयास की सराहना की।सरकारी योजना से मिले इस सहयोग से तोंगपाल क्षेत्र के ग्रामीणों में उत्साह का माहौल है। यह पहल ग्रामीण परिवारों को सहायता से स्वरोजगार और स्वरोजगार से आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने का मजबूत माध्यम बन रही है।
- -धमतरी की महिलाएं वनोपज से बना रहीं उत्पाद, केंद्र ने किया 4.37 करोड़ रुपए का कारोबाररायपुर। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले का दुगली वन धन विकास केंद्र आदिवासी महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता का एक प्रमुख मॉडल बन चुका है। छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ के मार्गदर्शन में 10 महिला स्व-सहायता समूहों की भागीदारी से, यह केंद्र ग्रामीण महिलाओं की आय और सामाजिक स्थिति को सशक्त बना रहा है। यह केंद्र पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक तकनीक के माध्यम से लगभग 25 प्रकार के औषधीय और खाद्य उत्पाद तैयार करता है।प्रधानमंत्री वन धन विकास योजना ने छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में आजीविका के नए अवसर पैदा किए हैं। इस योजना से जुड़कर धमतरी जिले के दुगली वन धन विकास केंद्र की महिलाएं अब वनोपज का मूल्य संवर्धन कर आत्मनिर्भर बन रही हैं। महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्य औषधीय और खाद्य उत्पाद तैयार कर अपनी आय बढ़ा रही हैं और अपने परिवारों को आर्थिक रूप से मजबूत बना रही हैं। छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ के सहयोग से संचालित दुगली वन धन विकास केंद्र सहकारी समिति ने अपनी मेहनत और लगन से उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। आधुनिक प्रशिक्षण, मशीनरी और तकनीकी सहयोग से केंद्र में विभिन्न वन उपज और स्थानीय संसाधनों से उपयोगी उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। मार्च 2026 तक इस केंद्र ने लगभग 4.37 करोड़ रुपए का कारोबार किया है।दुगली वन धन विकास केंद्र से जुड़ी महिलाओं को वन उपज के संग्रहण के साथ-साथ उसके प्रसंस्करण, पैकेजिंग और विपणन का प्रशिक्षण दिया गया। इससे उन्हें अपनी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त होने लगा। अब महिलाएं केवल कच्ची वन उपज बेचने के बजाय उससे तैयार उत्पाद बनाकर अधिक आय अर्जित कर रही हैं।केंद्र की सदस्य कु. रंभा टेकाम कहती हैं कि वन धन विकास केंद्र से जुड़ने के बाद महिलाओं को अपनी मेहनत का बेहतर लाभ मिल रहा है। प्रशिक्षण और सुविधाओं के कारण अब वे आत्मविश्वास के साथ विभिन्न उत्पाद तैयार कर रही हैं। इससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और वे अपने परिवार की जरूरतों में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।दुगली वन धन विकास केंद्र के उत्कृष्ट कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली है। वर्ष 2021 में केंद्र को उत्कृष्ट कार्यों के लिए जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जा चुका है।यह केंद्र आज महिला सशक्तिकरण, स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और ग्रामीण आजीविका संवर्धन का प्रेरक उदाहरण बन चुका है। प्रधानमंत्री वन धन विकास योजना के माध्यम से दुगली की महिलाएं वन उपज को आय का साधन बनाकर 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को साकार करने में योगदान दे रही हैं।दुगली वन धन विकास केंद्र की यह सफलता बताती है कि जब सरकारी योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंचता है और समुदाय की भागीदारी जुड़ती है, तो ग्रामीण महिलाएं न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे गांव और समाज की आर्थिक तस्वीर बदल सकती हैं।
- -अब सुरक्षित घर में सम्मान और सुकून के साथ बीत रहा जीवन: संतोषी पटेलमुंगेली। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) गरीब परिवारों के लिए सम्मानजनक जीवन का मजबूत आधार बन रही है। योजना के माध्यम से ऐसे हजारों परिवारों का वर्षों पुराना पक्के घर का सपना साकार हो रहा है, जो कभी कच्चे और असुरक्षित मकानों में रहने को मजबूर थे। यह योजना आज आवास निर्माण के साथ ही ग्रामीण परिवारों के जीवन में सुरक्षा, सम्मान, आत्मविश्वास और समृद्धि का नया अध्याय लिख रही है। जिले में ऐसे अनेक परिवार इस योजना से लाभान्वित होकर खुशहाल जीवन की ओर अग्रसर हैं।इसी कड़ी में मुंगेली विकासखंड के ग्राम देवगांव की श्रीमती संतोषी पटेल की जिंदगी भी प्रधानमंत्री आवास योजना से पूरी तरह बदल गई है। कभी बारिश के मौसम में टपकती छत, दीवारों में दरारें और हर पल चिंता के बीच जीवन बिताने वाला उनका परिवार आज अपने पक्के, सुरक्षित और सुविधायुक्त घर में सम्मानपूर्वक रह रहा है। संतोषी पटेल के बेटे अंकुश ने बताया कि पहले उनका परिवार कच्चे मकान में रहता था। बरसात के दिनों में घर में पानी भर जाता था और परिवार को रातभर जागकर समय बिताना पड़ता था। बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होती थी और हर मौसम अपने साथ नई परेशानियां लेकर आता था। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत आवास मिलने के बाद उनका वर्षों पुराना सपना पूरा हुआ। अब परिवार को सुरक्षित छत, स्वच्छ वातावरण और बेहतर जीवन की सुविधा मिल रही है। बच्चों को पढ़ाई के लिए अनुकूल माहौल मिला है और पूरे परिवार में भविष्य को लेकर नया आत्मविश्वास जागा है।संतोषी पटेल ने बताया कि यह घर केवल ईंट और सीमेंट से बना मकान नहीं, बल्कि उनके परिवार की सुरक्षा, सम्मान और खुशियों का नया आधार है। अब उन्हें हर मौसम में किसी प्रकार की चिंता नहीं रहती और परिवार सुरक्षित वातावरण में अपना जीवन व्यतीत कर रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय तथा जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की इस जनकल्याणकारी योजना ने उनके परिवार को नया जीवन दिया है। आज उनका सपना साकार हो चुका है और वे आत्मसम्मान के साथ अपने पक्के घर में रह रहे हैं।
- रायपुर। कबीरधाम जिले की ग्रामीण महिलाओं ने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में ऐसा उदाहरण पेश किया है, जिसने उन्हें प्रदेशभर में नई पहचान दिलाई है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से जुड़ी 40 महिलाएं पहली बार ‘सोलर दीदी’ बनकर न केवल ग्रामीण घरों को रोशन कर रही हैं, बल्कि आत्मनिर्भरता और स्वरोजगार की नई मिसाल भी गढ़ रही हैं।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की पहल पर ग्रामीण क्षेत्रों में सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराने के साथ महिलाओं को रोजगार से जोड़ने की योजना को जिला पंचायत कबीरधाम ने प्रभावी ढंग से जमीन पर उतारा। जिला पंचायत, बिहान और छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी के सहयोग से कवर्धा के वंदे मातरम संकुल संगठन को सोलर वेंडर के रूप में पंजीकृत किया गया। टाटा कंपनी ने संगठन की 35 महिलाओं को सोलर पैनल स्थापना और तकनीकी कार्यों का विशेष प्रशिक्षण दिया।अभियान के सकारात्मक परिणाम अब सामने आने लगे हैं। जिले में लगभग 40 घरों में सोलर पैनल लगाने के आदेश मिल चुके हैं। इनमें ग्राम समनापुर की श्रीमती अंजनी पटेल के घर 3 किलोवाट का सोलर पैनल स्थापित किया गया है। इसकी लागत 1.80 लाख रुपये है, जिसमें 1.20 लाख रुपये का ऋण संकुल के माध्यम से तथा शेष राशि हितग्राही द्वारा वहन की गई। पीएम सूर्य घर के तहत स्वयं सहायता समूहों के परिवारों को छह प्रतिशत ब्याज पर ऋण भी उपलब्ध कराया जा रहा है।कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा के अनुसार, प्रशिक्षित महिलाओं के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की नई संभावनाएं खुली हैं और प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के हितग्राहियों को भी इस पहल से जोड़ने की तैयारी है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के सहयोग से यह अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। वर्तमान में तीन और महिलाओं के यहां सोलर पैनल स्थापना का कार्य जारी है। कभी रोजगार की तलाश में रहने वाली ये महिलाएं आज तकनीकी दक्षता के साथ पुरुषों के बराबर कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही हैं। ‘सोलर दीदी’ के रूप में उनकी यह सफलता ग्रामीण अर्थव्यवस्था, महिला सशक्तिकरण और हरित ऊर्जाकृतीनों को नई दिशा दे रही है।
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राजनांदगांव । छत्तीसगढ़ शासन कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा उद्यानिकी फसलों में पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना अंतर्गत खरीफ मौसम में फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है। सहायक संचालक उद्यान ने बताया कि उद्यानिकी फसलों की खेती कर रहे किसानों को कम तापमान, अधिक तापमान, कीट-व्याधि के प्रकोप के अनुकूल मौसम, अनियमित वर्षा की स्थिति निर्मित होना, ओला वृष्टि, प्रतिकुल मौसम से होने वाले हानि से बचाने के लिए पुर्नगठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना लागू की गई है। खरीफ वर्ष 2026 में राजनांदगांव जिले अन्तर्गत बीमा कराने वाले कृषकों को अधिसूचित फसल टमाटर, बैंगन, मिर्च, अदरक, केला, पपीता, अमरूद के अनुसार निर्धारित कुल बीमित राशि का अधिकतम 5 प्रतिशत अथवा वास्तविक प्रीमियम जो भी कम हो राशि कृषक अंश के रूप में ऋणी एवं अऋणी दोनों प्रकार के कृषकों को जमा करना होगा। बीमा कराने के लिए अऋणी कृषक फसल लगाने का स्वघोषित प्रमाण पत्र, नक्शा खसरा, आधार कार्ड, आईएफएससी कोड सहित अन्य आवश्यक जानकारी उल्लेखित बैंक पासबुक के प्रथम पृष्ठ की छायाप्रति की आवश्यकता होगी। ऋणी कृषकों के लिए विकल्प चयन के आधार पर क्रियान्वित होगी। योजना में शामिल नहीं होने के इच्छुक ऋणी कृषक को भारत सरकार द्वारा जारी चयन प्रपत्रानुसार हस्ताक्षरित घोषणा पत्र बीमा आवेदन की अंतिम तिथि के 7 दिवस पूर्व तक संबंधित वित्तीय संस्थान में अनिवार्य रूप से जमा करना होगा। निर्धारित समय-सीमा में हस्ताक्षरित घोषणा पत्र जमा नहीं करने पर संबंधित बैंक द्वारा संबंधित मौसम के लिए स्वीकृत व नवीनीकृत की गई अल्पकालीन कृषि ऋण को अनिवार्य रूप से बीमाकृत किया जाएगा। इस मामले में बैंक द्वारा किसी भी प्रकार की त्रुटि होने पर संबंधित बैंक किसानों के स्वीकार्य दावों के भुगतान करने के लिए उत्तरदायी होगा।
उद्यानिकी फसल अंतर्गत टमाटर का बीमित राशि 1 लाख 20 हजार रूपए एवं किसानों द्वारा देय प्रीमियम राशि 6 हजार रूपए, बैंगन का बीमित राशि 77 हजार रूपए एवं किसानों द्वारा देय प्रीमियम राशि 3 हजार 850 हजार रूपए, मिर्च का बीमित राशि 90 हजार रूपए एवं किसानों द्वारा देय प्रीमियम राशि 4 हजार 500 रूपए, अदरक का बीमित राशि 1 लाख 50 हजार रूपए एवं किसानों द्वारा देय प्रीमियम राशि 7 हजार 500 रूपए, केला का बीमित राशि 1 लाख 65 हजार रूपए एवं किसानों द्वारा देय प्रीमियम राशि 8 हजार 250 रूपए, पपीता का बीमित राशि 1 लाख 25 हजार रूपए एवं किसानों द्वारा देय प्रीमियम राशि 6 हजार 250 रूपए, अमरूद का बीमित राशि 45 हजार रूपए एवं किसानों द्वारा देय प्रीमियम राशि 2 हजार 250 रूपए निर्धारित किया गया है। इसके अलावा ओलावृष्टि व चक्रवाती हवाओं के लिए जोखिम तिथि फसलों के लिए निर्धारित की गई है। केला फसल हेतु 1 जनवरी 2027 से 31 मई 2027 तक ओलावृष्टि एवं 1 मार्च 2027 से 31 मई 2027 तक चक्रवाती हवाएं, पपीता फसल हेतु 1 जनवरी 2027 से 30 अप्रैल 2027 तक ओलावृष्टि एवं 1 मार्च 2027 से 31 मई 2027 तक चक्रवाती हवाएं तथा मिर्च फसल हेतु 1 जनवरी 2027 से 31 मार्च 2027 तक ओलावृष्टि के लिए निर्धारित की गई है।
पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना एवं उद्यानिकी फसलों के बीमा के संबंध में विस्तृत जानकारी के लिए राजनांदगांव विकासखंड अंतर्गत वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी शासकीय उद्यान रोपणी पेण्ड्री श्री रविन्द्र कुमार मेहरा के मोबाईल नंबर 6232644992, डोंगरगढ़ विकासखंड अंतर्गत उद्यान विकास अधिकारी शासकीय उद्यान रोपणी अछोली श्री बीएल राणा के मोबाईल नंबर 9424136877 एवं उद्यान विकास अधिकारी शासकीय उद्यान रोपणी अछोली श्री केके डेहरिया के मोबाईल नंबर 9907035625, डोंगरगांव विकासखंड अंतर्गत ग्रामीण उद्यान विकास अधिकारी शासकीय उद्यान रोपणी सुखरी व विकासखंड प्रभारी श्री अरविन्द कुमार कुर्रे के मोबाईल नंबर 9770968048, छुरिया विकासखंड अंतर्गत ग्रामीण उद्यान विकास अधिकारी व विकासखंड प्रभारी श्री गिरजा शंकर राणा के के मोबाईल नंबर 8319107897 पर संपर्क किया जा सकता है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी कार्यालय सहायक संचालक उद्यान कलेक्टोरेट मुख्यालय कमरा नंबर 73 व 77 जिला राजनांदगांव से प्राप्त की जा सकती है। -
- कलेक्टर ने अनिवार्य बायोमैट्रिक अपडेट के संबंध में शासकीय एवं निजी स्कूलों के प्राचार्य एवं चिप्स के अधिकारियों की बैठक ली
- 15 अगस्त के पहले आधार अपडेशन का कार्य पूर्ण करने के दिए निर्देश
- बालिकाओं का एचपीवी टीकाकरण सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
- 30 सितम्बर तक बायोमेट्रिक अपडेशन की नि:शुल्क सुविधा
- बच्चों की सुरक्षा के लिए स्कूल बसों एवं वाहनों की जांच करने के निर्देश
- शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत बच्चों का निजी शालाओं में प्रवेश तथा नीट व जेईई एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के संबंध में ली जानकारी
राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने गुरुवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में जिले में आधार के अनिवार्य बायोमैट्रिक अपडेट के संबंध में शासकीय एवं निजी स्कूलों के प्राचार्य एवं चिप्स के अधिकारियों की बैठक ली। कलेक्टर ने जिले में एमबीयू के तहत 5 से 17 आयु वर्ग के बालक-बालिकाओं के आधार के अनिवार्य बायोमैट्रिक अपडेशन का कार्य प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले में लगभग 7 हजार आधार अपडेशन का कार्य लंबित है। जिसे यथाशीघ्र पूर्ण करने कहा। उन्होंने कहा कि इस कार्य के लिए शिक्षा विभाग, चिप्स के अधिकारी एवं अन्य संबंधित विभाग आपस में समन्वय करते हुए बच्चों के आधार अपडेशन का कार्य करें। उन्होंने कहा कि आधार अपडेशन कार्य शासन की योजनाओं के अंतर्गत लाभ लेने, छात्रवृत्ति, बैंकिंग सेवाओं तथा आगामी महाविद्यालय में प्रवेश लेने के लिए आवश्यक है। सभी स्कूल के प्राचार्य इस कार्य को गंभीरतापूर्वक पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि अभिभावक भी स्वत: नजदीकी आधार सुविधा केन्द्र में जाकर बच्चों का आधार अपडेशन का कार्य पूर्ण करा सकते हैं। उन्होंने 15 अगस्त 2026 के पहले आधार अपडेशन का कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित शासकीय एवं निजी स्कूलों में आधार अपडेशन के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेशन के लिए 30 सितम्बर 2026 तक नि:शुल्क सुविधा प्रदान किया गया है। इसके पश्चात 125 रूपए प्रति व्यक्ति शुल्क लिया जाएगा। कलेक्टर ने सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से किशोरी बालिकाओं की सुरक्षा के लिए चलाए जा रहे विशेष टीकाकरण अभियान एचपीवी टीकाकरण अंतर्गत 14 वर्ष से 15 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं का एचपीवी टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए शिविर लगाने एवं जागरूकता हेतु समन्वय करने कहा। उन्होंने बच्चों की सुरक्षा के लिए स्कूल बसों एवं वाहनों की जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्कूली वाहन के चालक सड़क पर विपरीत दिशा में वाहन न चलाएं तथा यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करें। उन्होंने शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत बच्चों का निजी शालाओं में प्रवेश तथा नीट व जेईई एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने नीट, एनआईटी, जेईई की परीक्षा में चयनित विद्यार्थियों को सम्मानित करने कहा। कलेक्टर ने कहा कि एक पेड़ माँ के नाम अभियान अंतर्गत पौधरोपण कार्य में सभी स्कूलों की सहभागिता होनी चाहिए। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री दुर्गा प्रसाद अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी श्री प्रवास सिंह बघेल, सहायक ई-जिला प्रबंधक श्री आशीष स्वर्णकार, जिला आधार समन्वयक श्री अंकित सिंह, समस्त शासकीय एवं निजी स्कूलों के प्राचार्य एवं अधिकारी उपस्थित रहे। - -महासमुंद एवं बागबाहरा के कुल 88 दिव्यांगजनों को 135 निःशुल्क सहायक उपकरणों का किया गया वितरणमहासमुंद / जिले के दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर एवं सुगम जीवन उपलब्ध कराने जिला प्रशासन एवं समाज कल्याण विभाग के समन्वय से गुरुवार को डॉ. भीमराव अंबेडकर मांगलिक भवन, बागबाहरा रोड, महासमुंद में निःशुल्क सहायक उपकरण वितरण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विकासखंड महासमुंद एवं बागबाहरा के चिन्हांकित दिव्यांगजनों को विभिन्न सहायक उपकरण वितरित किए गए। यह कार्यक्रम एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड द्वारा भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में संचालित कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) योजना के अंतर्गत भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एलिम्को), जबलपुर के सहयोग से आयोजित किया गया। इससे पूर्व प्रथम चरण में जिले में मूल्यांकन एवं चिन्हांकन शिविर आयोजित कर पात्र दिव्यांगजनों का चयन किया गया था।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जनपद पंचायत महासमुंद की अध्यक्ष श्रीमती दिशा रामस्वरूप दीवान एवं उपाध्यक्ष श्रीमती हुलसी चंद्राकर ने दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण प्रदान कर उनके बेहतर जीवन एवं आत्मनिर्भरता की कामना की। इस अवसर पर कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह, जिला पंचायत सीईओ सुश्री अनुपमा आनंद मौजूद थे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथियों ने उपस्थित सभी दिव्यांगजनों एवं प्रतिभागियों को नशामुक्ति की शपथ दिलाते हुए समाज को नशामुक्त बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।शिविर में विकासखंड महासमुंद के 67 दिव्यांगजनों को बैटरी चालित ट्राइसाइकिल, व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र, ट्राइसाइकिल, वॉकिंग स्टिक, सुगम्य केन तथा टीएलएम किट सहित विभिन्न सहायक उपकरण निःशुल्क वितरित किए गए। वहीं विकासखंड बागबाहरा के 21 दिव्यांगजनों को बैटरी चालित ट्राइसाइकिल, व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र, ट्राइसाइकिल, वॉकिंग स्टिक, स्मार्टफोन एवं टीएलएम किट प्रदान किए गए। इस प्रकार कुल 88 दिव्यांगजनों को 135 सहायक उपकरणों का निःशुल्क वितरण किया गया। इस अवसर पर उप संचालक समाज कल्याण श्रीमती संगीता सिंह, जनपद पंचायत महासमुंद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, एलिम्को जबलपुर के प्रबंधक श्री बंशीलाल साकेत, कनिष्ठ प्रबंधक श्री धर्मेंद्र यादव, एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी के रीजनल मैनेजर श्री राजेश बाघमारे, प्रशासनिक प्रबंधक श्री विनीत भाटी सहित समाज कल्याण विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में दिव्यांगजन उपस्थित रहे।
- -टीबी मुक्त ब्लॉक व जिला बनाने पर जोर-मानवीय संवेदना के साथ मरीजों का उपचार करें - कलेक्टरमहासमुंद / जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक गुरुवार को कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत संचालित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुविधाजनक और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चिकित्सक मानवीय संवेदना के साथ मरीजों का उपचार करें एवं सकारात्मक व्यवहार करें। बैठक में जिला पंचायत सीईओ सुश्री अनुपमा आनंद, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. आई. नागेश्वर राव, जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्रीमती नीलू धृतलहरे, बीएमओ, स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक एवं अधिकारी उपस्थित थे।बैठक में राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (टीबी), राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम सहित अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। कलेक्टर श्री लंगेह ने कहा कि वर्ष 2026 तक टीबी मुक्त पंचायत, टीबी मुक्त विकासखंड एवं टीबी मुक्त जिला बनाने के लक्ष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ प्राप्त किया जाए। इसके लिए संभावित मरीजों की समय पर पहचान, जांच, उपचार तथा उपचार पूर्ण होने तक सतत निगरानी सुनिश्चित की जाए।उन्होंने कहा कि टीबी मरीजों के लिए संचालित निक्षय पोषण योजना सहित अन्य सुविधाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराया जाए तथा जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं और सामाजिक संगठनों की सहभागिता से जनजागरूकता अभियान चलाए जाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में टीबी उन्मूलन को जन आंदोलन का स्वरूप दिया जाए, जिससे नए मरीजों की शीघ्र पहचान एवं उपचार सुनिश्चित हो सके। बैठक में बताया गया कि अभी तक 305 ग्राम पंचायते टीबी मुक्त हो गई है। वर्तमान में जांच के दौरान टीबी 754 मरीज उपचाररत हैं।बैठक में कुष्ठ रोग नियंत्रण कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि रोगियों की शीघ्र पहचान, नियमित उपचार तथा दिव्यांगता रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाए जाएं। उन्होंने स्वास्थ्य अमले को घर-घर सर्वे एवं जनजागरूकता गतिविधियों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले में वर्तमान में 524 मरीज उपचाररत् हैं। जिनका सघन इलाज किया जाए। समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने कहा कि संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों को और मजबूत बनाया जाए। उच्च जोखिम प्रसव वाले प्रकरणों पर प्रारंभ से ही निगरानी रखते हुए संस्थागत प्रसव हेतु सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने कहा कि गैर संचारी रोग नियंत्रण के लिए विशेष अभियान चलाकर डायबिटीज और हाइपरटेंशन जैसे बीमारियों का सतत उपचार करें। कलेक्टर ने सिकल सेल, एनीमिया मुक्त भारत और चिरायु टीम को भी सक्रियता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। इसके अलावा मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए गए।इसके अलावा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, नियमित टीकाकरण, आयुष्मान भारत योजना, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, पोषण पुनर्वास केन्द्र, परिवार कल्याण कार्यक्रम, मलेरिया एवं डेंगू नियंत्रण, एनीमिया नियंत्रण तथा अन्य राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी योजनाओं के निर्धारित लक्ष्यों को समय-सीमा में गुणवत्तापूर्वक पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाओं की बेहतर पहुंच सुनिश्चित की जाए। योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए लंबित प्रकरणों का त्वरित निराकरण किया जाए और प्रत्येक स्वास्थ्य संस्था में आवश्यक दवाओं एवं जांच सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित रहे।
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बिलासपुर /कभी हर बारिश के बाद ठरकपुर गांव का पानी नालों से बहकर दूर निकल जाता था। खेतों में नमी नहीं टिकती थी, कुएं और नलकूप सूख जाते थे, किसान एक फसल तक सीमित रहते थे लेकिन आज वही ठरकपुर गांव जल संरक्षण की ताकत से आत्मनिर्भरता और समृद्धि की नई मिसाल बन चुका है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत निर्मित सामुदायिक सीसी चेक डैम ने न केवल वर्षा जल को सहेजने का काम किया, बल्कि किसानों के जीवन में ऐसा सकारात्मक बदलाव लाया, जिसने खेती, पशुपालन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा प्रदान की।
जिले के मस्तूरी विकासखंड के ग्राम पंचायत ठरकपुर में वर्ष 2025-26 के दौरान 19.01 लाख रुपये की स्वीकृत लागत से निर्मित सामुदायिक सीसी चेक डैम आज ग्रामीण विकास, जल संरक्षण और कृषि समृद्धि का प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरा है। इस चेक डैम के निर्माण से गांव की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। जहां पहले वर्षा का अधिकांश पानी बहकर व्यर्थ चला जाता था, वहीं अब उसका संरक्षण होने से खेतों, कुओं और नलकूपों में वर्षभर पानी उपलब्ध रहने लगा है। इससे किसानों को सिंचाई, पशुपालन और आजीविका के नए अवसर प्राप्त हुए हैं। ठरकपुर गांव लंबे समय से जल संकट और मिट्टी कटाव जैसी समस्याओं से जूझ रहा था। वर्षा का पानी तेजी से बह जाने के कारण भूजल स्तर लगातार नीचे जा रहा था और रबी सीजन में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता था। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए ग्राम पंचायत ने मनरेगा के तहत नाले पर सीसी चेक डैम निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया, जिसे स्थानीय ग्रामीणों और मनरेगा श्रमिकों की सक्रिय भागीदारी से सफलतापूर्वक पूरा किया गया।
चेक डैम बनने के बाद वर्षा जल का संचयन होने लगा और पानी धीरे-धीरे जमीन में समाने लगा। इससे आसपास के कुओं और नलकूपों का जलस्तर बढ़ा तथा गांव में सिंचाई की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ। अब किसान वर्ष में दो से तीन फसलें लेने लगे हैं। टमाटर, मिर्च जैसी नकदी फसलों का उत्पादन बढ़ा है और किसानों की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। मिट्टी का कटाव कम होने से खेतों की उर्वरता भी बनी हुई है। जल उपलब्धता बढ़ने से पशुपालन को भी नई दिशा मिली है। वर्षभर नाले में पानी रहने से पशुओं के लिए पेयजल और चारे की समस्या काफी हद तक समाप्त हो गई है, जिससे दुग्ध उत्पादन में भी बढ़ोतरी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि अब खेती और पशुपालन दोनों पहले की तुलना में अधिक लाभकारी हो गए हैं। गांव के एक किसान बताते हैं, पहले हमारी खेती पूरी तरह बारिश पर निर्भर थी। चेक डैम बनने के बाद सिंचाई की सुविधा मिलने से अब हम टमाटर और मिर्च जैसी नकदी फसलें उगा रहे हैं। हमारी वार्षिक आय लगभग दोगुनी हो गई है और अब खेती लाभ का सौदा बन गई है। यह जल संरक्षण की संरचना नहीं, बल्कि ग्रामीण आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बन गया है। -
रायपुर, कोरबा, और बिलासपुर, प्रेस क्लब के प्रस्ताव का भिलाई , दुर्ग, राजनांदगांव और कांकेर जगदलपुर प्रेस क्लब अध्यक्षों ने किया समर्थन
कोरबा/रायपुर। कोरबा प्रेस क्लब की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण समारोह के अवसर पर आयोजित बैठक में छत्तीसगढ़ के प्रमुख प्रेस क्लबों के अध्यक्षों ने नई दिल्ली के जंतर-मंतर में कवरेज के दौरान पत्रकारों के साथ हुई हिंसक घटनाओं की एक स्वर में कड़ी निंदा की तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की।
बैठक में रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी ने पत्रकारों पर हो रहे हमलों के विरोध में निंदा प्रस्ताव रखा। प्रस्ताव का बिलासपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष अभिजीत मिश्रा, कोरबा प्रेस क्लब के अध्यक्ष नौशाद खान ने समर्थन किया , इस मौके पर बिलासपुर, कोरबा के वरिष्ठ पत्रकारों और प्रेस क्लब पदाधिकारियों कवरेज के दौरान पत्रकारों पर हिंसा को चिंता जनक बताया और सभी प्रेस क्लब अध्यक्षों ने सर्वसम्मति बना कर ऐसी घटना की निंदा करने का सुझाव रखा
बैठक में वरिष्ठ पत्रकारों ने कहा कि जंतर-मंतर में कवरेज कर रहे वरिष्ठ पत्रकारों रोहित रंजन, देव कोटक, शेफाली, आर्यन आनंद, लोकेश ठाकुर एवं अन्य मीडियाकर्मियों के साथ मारपीट, मोबाइल एवं घड़ी छीनने, कपड़े फाड़ने तथा पत्रकारिता के उपकरणों को नुकसान पहुंचाने जैसी घटनाएं न केवल निंदनीय हैं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों पर भी सीधा आघात हैं।
बैठक में इस बात पर गहरी चिंता व्यक्त की गई कि देशभर में पत्रकारों के साथ हिंसा की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।
लोकतंत्र में पत्रकारों की भूमिका सत्य को समाज तक पहुंचाने की है। ऐसे में अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे पत्रकारों पर हमला किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी ने कहा कि पत्रकारों पर हमला केवल किसी व्यक्ति विशेष पर हमला नहीं, बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को कमजोर करने का प्रयास है। ऐसी घटनाओं के दोषियों पर त्वरित एवं कठोर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी पत्रकारों को डराने या सच की आवाज दबाने का दुस्साहस न कर सके।
बैठक में प्रस्तावित निंदा प्रस्ताव की जानकारी भिलाई प्रेस क्लब के अध्यक्ष अनिल गुप्ता, राजनांदगांव प्रेस क्लब के अध्यक्ष सचिन अग्रहरि, दुर्ग प्रेस क्लब के अध्यक्ष संतोष मिश्रा तथा जगदलपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मनोज गर्ग और कांकेर प्रेस क्लब अध्यक्ष योगेश सिन्हा को भी दी गई सभी ने इस प्रस्ताव का समर्थन करते हुए पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की।
सभी प्रेस क्लबों ने अपने-अपने प्रेस क्लब में भी संबंध में प्रस्ताव पारित करने की भी बात कही है,, चर्चा में शामिल प्रेस क्लब अध्यक्षों ने संयुक्त रूप से कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा लोकतंत्र की सुरक्षा से जुड़ा विषय है। पत्रकारों के साथ हिंसा, धमकी और भय का वातावरण किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। छत्तीसगढ़ के सभी प्रमुख प्रेस क्लब पीड़ित पत्रकारों के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं और केंद्र तथा दिल्ली प्रशासन से दोषियों के विरुद्ध शीघ्र एवं कठोर कार्रवाई की मांग करते हैं।
कोरबा में आयोजित इस बैठक में कोरबा प्रेस क्लब के अध्यक्ष नौशाद खान रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी,बिलासपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष अभिजीत मिश्रा सहित रायपुर प्रेस क्लब कोषाध्यक्ष दिनेश यदु, संयुक्त सचिव भूपेश जांगड़े के साथ कोरबा प्रेस क्लब के संरक्षक कमलेश यादव, वरिष्ठ पत्रकार एवं पदाधिकारी गण राजकुमार शाह , राकेश श्रीवास्तव , रमेश राठौड़ , दिनेश राज , कृष्णा राठौर, ई जयंत, सादिक शेख, आकाश शर्मा , बिलासपुर प्रेस क्लब पूर्व अध्यक्ष, वीरेंद्र गहवाई, निर्मल माणिक, बिलासपुर प्रेस क्लब उपाध्यक्ष विजय क्रांति तिवारी, सचिव संदीप करिहार, कोषाध्यक किशोर कुमार सिंह, सह सचिव हरिकृष्ण गंगवानी, कैलाश यादव मौजूद थे। - -प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण से मिला आशियाना, पुनर्वास नीति से बदल रही जिंदगीरायपुर। कभी हिंसा और भटकाव की राह पर चले बण्डो राकेश उर्फ जोगेन्द्र ने आज विकास और शांति की मुख्यधारा से जुड़कर अपने जीवन को नई दिशा दी है। वर्ष 2016 में उन्होंने समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लेते हुए सुकमा पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आत्मसमर्पण किया था। इसके बाद जिला प्रशासन ने पुनर्वास नीति के तहत उन्हें सहयोग और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई। आज बण्डो राकेश सामान्य और सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं। उनके जीवन में एक और महत्वपूर्ण बदलाव तब आया, जब उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत पक्का मकान स्वीकृत हुआ।छत्तीसगढ़ शासन की पुनर्वास नीति के तहत मुख्यधारा में लौटने वाले लोगों को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन देने के लिए विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाया जा रहा है। इसी क्रम में सुकमा जिला प्रशासन ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत विशेष परियोजना के तहत बण्डो राकेश के लिए पक्के मकान की स्वीकृति प्रदान की। जनपद पंचायत और जिला पंचायत सुकमा के मार्गदर्शन में ग्राम पंचायत जीरमपाल (मुतोड़ी) ने आवास निर्माण का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कराया। पक्का मकान मिलने से बण्डो राकेश और उनके परिवार को अब सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन का आधार मिला है। कभी संघर्ष और असुरक्षा से भरे जीवन से निकलकर आज वे अपने परिवार के साथ बेहतर भविष्य की ओर बढ़ रहे हैं। यह पहल इस बात का प्रमाण है कि शासन की पुनर्वास नीति और जनकल्याणकारी योजनाएं समाज की मुख्यधारा में लौटने वाले लोगों को नई शुरुआत का अवसर दे रही हैं।बण्डो राकेश की कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो किसी भी कारण से हिंसा और भटकाव की राह पर चले गए हैं। उनका जीवन यह संदेश देता है कि बंदूक नहीं, बल्कि शांति, विकास और शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं ही सुरक्षित और खुशहाल भविष्य का रास्ता हैं। सुकमा जिला प्रशासन की यह पहल नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बदलते माहौल की तस्वीर भी प्रस्तुत करती है। अब इन क्षेत्रों में बंदूकों की गूंज की जगह विकास, पक्के मकान, रोजगार और बेहतर भविष्य की उम्मीद दिखाई दे रही है।
- रायपुर। कभी लंबी दूरी और आवागमन की परेशानी कई ग्रामीण बेटियों की पढ़ाई में बाधा बनती थी। अब वही राह आसान हो गई है। छत्तीसगढ़ शासन की सरस्वती साइकिल योजना ने बालोद जिले के गुंडरदेही विकासखंड स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला अचौद की छात्राओं के सपनों को नए पंख दे दिए हैं। इस वर्ष भी योजना के तहत विद्यालय की 32 छात्राओं को निःशुल्क साइकिलें वितरित की गईं।शाला प्रबंधन समिति, प्राचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाओं और अभिभावकों की उपस्थिति में आयोजित कार्यक्रम में छात्राओं को साइकिलें सौंपी गईं। यह केवल एक वितरण कार्यक्रम नहीं था, बल्कि ग्रामीण बेटियों की शिक्षा को नई गति देने का संकल्प भी था।अचौद विद्यालय में खुटेरी, फुंडा, बोरगहन और रजोली जैसे आसपास के गांवों से छात्राएं अध्ययन के लिए आती हैं। पहले लंबी दूरी तय करने में काफी समय और ऊर्जा खर्च होती थी। अब साइकिल मिलने से उनका सफर सुरक्षित, सुगम और समयबद्ध हो गया है। इसका सकारात्मक असर उनकी नियमित उपस्थिति, समयपालन और पढ़ाई के प्रति बढ़ते उत्साह में स्पष्ट दिखाई दे रहा है।इस योजना ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को भी बड़ी राहत दी है। अब अभिभावकों को बच्चों के आवागमन के लिए अलग से खर्च या साधन जुटाने की चिंता नहीं रहती। इससे वे अपनी बेटियों की शिक्षा पर अधिक ध्यान दे पा रहे हैं। विद्यालय में वितरित की गई ये साइकिलें केवल परिवहन का साधन नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और बेहतर भविष्य की ओर बढ़ते कदमों का प्रतीक हैं। सरस्वती साइकिल योजना यह साबित कर रही है कि जब बेटियों को अवसर और संसाधन मिलते हैं, तो वे अपने सपनों की मंजिल तक पहुंचने का रास्ता स्वयं बना लेती हैं।
- -32 पदकों से चमके खिलाड़ी, सम्मान समारोह में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने किया उत्साहवर्धनरायपुर । उप मुख्यमंत्री एवं कोरबा जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरुण साव ने आज कोरबा में डीडीएम रोड स्थित सीएमए किकबॉक्सिंग एकेडमी में आयोजित सम्मान समारोह में राष्ट्रीय किकबॉक्सिंग प्रतियोगिता-2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर पदक अर्जित करने वाले खिलाड़ियों को प्रशस्ति पत्र एवं हनुमान चालीसा भेंट कर सम्मानित किया। प्रतियोगिता में सीएमए किकबॉक्सिंग एकेडमी के खिलाड़ियों ने कुल 32 पदक जीतकर कोरबा एवं छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया।इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर पदक अर्जित करना गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का मंत्र ष्जो खेलेगा, वो खिलेगाष् आज देशभर के युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित कर रहा है।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार भी खेल एवं खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। राज्य में बस्तर ओलंपिक, खेल अलंकरण समारोह, उत्कृष्ट खिलाड़ी पुरस्कार तथा पहली बार सरगुजा ओलंपिक जैसी पहलें शुरू की गई हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष के बजट में खेलों के विकास के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रदेश में शीघ्र ही हॉकी लीग का आयोजन भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेल अधोसंरचना को लगातार सुदृढ़ कर रही है, जिससे खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं और अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। उन्होंने खिलाड़ियों से देश और प्रदेश का नाम राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन करने का आह्वान करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि कम उम्र में राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर पदक जीतना खिलाड़ियों की प्रतिभा, अनुशासन और कठिन परिश्रम का परिचायक है। किकबॉक्सिंग एक चुनौतीपूर्ण खेल है और इसमें सफलता प्राप्त करना विशेष उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों का सर्वांगीण विकास केवल खेल तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उन्हें अपने संस्कारों और सांस्कृतिक मूल्यों से भी जुड़े रहना चाहिए। इसी उद्देश्य से खिलाड़ियों को हनुमान चालीसा भेंट की गई है। उन्होंने खिलाड़ियों से अपने माता-पिता, जिले और प्रदेश का नाम निरंतर रोशन करने का आह्वान करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।इस दौरान महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री पवन सिंह, प्रेस क्लब अध्यक्ष श्री नौशाद खान, जनप्रतिनिधिगण, पार्षद, किकबॉक्सिंग समिति के पदाधिकारी, प्रशिक्षक, खिलाड़ी एवं बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित थे।
- -’उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने 73 करोड़ से अधिक के कार्यों का किया लोकार्पण-भूमिपूजन’-’36.37 करोड़ के 12 कार्यों का भूमिपूजन, 37.45 करोड़ के 7 विकास कार्यों का लोकार्पण’-’वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन रहे उपस्थित’-प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को कराया गृह प्रवेश, सौंपी आवास की चाबी’रायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा कोरबा जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरुण साव ने आज कोरबा में सुनालिया नहर मार्ग स्थित बहुप्रतीक्षित मल्टी-लेवल पार्किंग का लोकार्पण तथा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी परिसर का भूमिपूजन किया। उन्होंने नगर निगम द्वारा दादरखुर्द में आयोजित लोकार्पण, भूमिपूजन एवं प्रधानमंत्री आवास योजना के गृह प्रवेश कार्यक्रम में शामिल होकर कोरबा जिले को 73 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने 36 करोड़ 37 लाख 94 हजार रुपये की लागत के 12 विकास कार्यों का भूमिपूजन तथा 37 करोड़ 45 लाख 40 हजार रुपये की लागत के 7 विकास कार्यों का लोकार्पण किया। वाणिज्य एवं उद्योग श्री लखनलाल देवांगन, जिला पंचायत के अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह कँवर, महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत और नगर निगम के सभापति श्री नूतन सिंह ठाकुर भी कार्यक्रम में शामिल हुए। वार्ड पार्षद श्रीमती सुनीता साहू सहित अन्य पार्षद, अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी नगर, दादरखुर्द में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए कहा कि देश के प्रधानमंत्री एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर है। गरीबों के कल्याण के लिए अनेक जनहितकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका सीधा लाभ लोगों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि आज कोरबा को करोड़ों रुपये के विकास कार्यों की सौगात मिली है, ऊर्जाधानी कोरबा निरंतर विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है।श्री साव ने कहा कि सरकार के पास विकास कार्यों के लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं है। शासन का प्रत्येक रुपया जनता के हित और विकास के लिए खर्च किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिले में जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) की राशि का भी अब बेहतर एवं जनहितकारी उपयोग हो रहा है। हमारी सरकार शासन करने के लिए नहीं, बल्कि सेवा करने के लिए है और जनता की यह सेवा निरंतर जारी रहेगी।उप मुख्यमंत्री ने मंत्री श्री लखनलाल देवांगन के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि बीते ढाई वर्षों में जिले में उल्लेखनीय विकास कार्य हुए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (एएचपी) के हितग्राहियों को बधाई देते हुए कहा कि आज केवल आवास की चाबी ही नहीं, बल्कि उनके जीवन में नई खुशियों का भी प्रवेश हुआ है। उन्होंने आश्वस्त किया कि आने वाले समय में यहां सड़क, आंगनबाड़ी सहित सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने अपने उद्बोधन में कहा कि मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री के मार्गदर्शन में जिले के विकास के लिए लगातार राशि उपलब्ध कराई जा रही है। वर्तमान में जिले में लगभग एक हजार करोड़ रुपये के विकास कार्य प्रगति पर हैं। इनमें से कुछ पूर्ण भी हो गये हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा गरीबों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं प्रारंभ की गई हैं। प्रदेश सरकार ने मोदी की गारंटी को पूरा करते हुए किसानों, गरीबों एवं आम नागरिकों को लाभान्वित किया है। महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता भी प्रदान की जा रही है।महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत ने कहा कि नगर निगम क्षेत्र के सभी वार्डों में बिना किसी भेदभाव के विकास कार्य कराए जा रहे हैं। उन्होंने उप मुख्यमंत्री का जिले को विकास कार्यों की सौगात देने के लिए आभार व्यक्त किया। नगर निगम आयुक्त श्री आशुतोष पांडेय ने नगर निगम की विभिन्न गतिविधियों एवं विकास कार्यों की जानकारी प्रस्तुत की।उप मुख्यमंत्री श्री साव एवं उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने दादरखुर्द में प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों हिमांशु सोनी, मधुमिता बनर्जी, संतोषी साहू, लक्ष्मी श्रीवास, लक्ष्मी महंत, प्रियंका महंत, उतरा सोनी, दिलबाई, सुदेवबाई सहित अन्य हितग्राहियों को आवास की चाबी सौंपकर गृह प्रवेश कराया।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन एवं अन्य अतिथियों ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी नगर, दादरखुर्द में “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने जिन विकास कार्यों का भूमिपूजन किया, उनमें दर्री बराज-कोहड़िया मार्ग स्थित बेलगरी नाला पर 9 करोड़ 11 लाख 68 हजार रुपये की लागत से उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग निर्माण, कुदमुरा-श्यांग मार्ग के गुरमा नाला पर 5 करोड़ 5 लाख 62 हजार रुपये, लेमरू-श्यांग मार्ग के लमटी नाला पर 3 करोड़ 74 लाख 34 हजार रुपये की लागत से उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग निर्माण, नगर निगम क्षेत्र में आजीविका संवर्धन हेतु 90 लाख 96 हजार रुपये की लागत से दुकान निर्माण, बालको मार्ग (ढेंगुर नाला क्रॉसिंग) से दर्री मुख्य मार्ग तक 4 करोड़ 45 लाख 11 हजार रुपये की लागत से सीसी सड़क निर्माण एवं चौड़ीकरण, वार्ड क्रमांक 31 में विभिन्न नाली एवं कलवर्ट निर्माण कार्य, वार्ड क्रमांक 25 शिवाजीनगर, वार्ड क्रमांक 49 प्रगतिनगर तथा वार्ड क्रमांक 52 अयोध्यापुरी में 1500 किलोलीटर क्षमता के ओवरहेड टैंक, पाइपलाइन, बाउंड्रीवॉल एवं स्विच-रूम निर्माण, आदिम जाति कल्याण विभाग के अंतर्गत कुदमुरा में आदिवासी कन्या आश्रम, कोरबा में प्री-मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास, कटघोरा में पोस्ट-मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास भवन निर्माण तथा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी परिसर में 50 लाख रुपये की लागत से निर्माण कार्य शामिल हैं।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के ग्राम पंचायत पतुरियाडांड अंतर्गत करहिया नाला पर 40 लाख रुपये की लागत से स्लैब कलवर्ट निर्माण, रामपुर एवं पाली-तानाखार विधानसभा क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के अंतर्गत एकल ग्राम योजनाओं, तुमान-पुटूवा मार्ग के अहिरन नदी पर 11 करोड़ 50 लाख 45 हजार रुपये की लागत से उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग, सिरली गांड़ा घाट मार्ग एवं झांझ गांड़ा घाट मार्ग पर पितनी नदी में उच्च स्तरीय पुलों, नहर रोड स्थित नवीन पानी टंकी के समीप 17 करोड़ 4 लाख 22 हजार रुपये की लागत से निर्मित मल्टी-लेवल पार्किंग तथा घंटाघर चौक में स्थापित राष्ट्रीय ध्वज का लोकार्पण किया।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने आज वार्ड क्रमांक 27 स्थित घंटाघर चौक में स्थापित विशाल राष्ट्रीय ध्वज के लोकार्पण उपरांत तिरंगे का ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राष्ट्र की आन, बान और शान का प्रतीक हमारा तिरंगा अब इस विशाल खम्बे पर पूरे गौरव के साथ लहराएगा और नागरिकों में राष्ट्रभक्ति की भावना को और अधिक सुदृढ़ करेगा।
- -पोटियाडीह में औषधीय खेती से स्व-सहायता समूह महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की नई मिसाल - मंत्री श्री केदार कश्यप-गायत्री-इंदिरा स्व-सहायता समूह को मंत्री कश्यप ने सौंपी 65 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशिरायपुर। वन एवं जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता तथा संसदीय कार्य मंत्री श्री केदार कश्यप ने आज धमतरी जिले के ग्राम पोटियाडीह का दौरा कर जिला प्रशासन की पहल पर विकसित औषधीय पौधों की खेती और महिला स्व-सहायता समूह द्वारा संचालित नर्सरी का गहन अवलोकन किया। उन्होंने औषधीय खेती को ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता और सतत आजीविका का सशक्त माध्यम बताते हुए समूहों का उत्साहवर्धन किया। धमतरी जिले के लगभग 200 एकड़ क्षेत्र में ब्राह्मी, खस, बच, सिंदूरी एवं शतावरी की खेती की जा रही है। आने वाले चरण में इसका दायरा बढ़ाकर 600 एकड़ तक करने की योजना है। निरीक्षण के दौरान मंत्री श्री कश्यप ने गायत्री-इंदिरा स्व-सहायता समूह की महिलाओं से संवाद कर उनकी गतिविधियों की जानकारी ली। महिलाओं ने बताया कि वे वर्तमान में लगभग चार एकड़ क्षेत्र में ब्राह्मी और खस जैसी उच्च मांग वाली औषधीय फसलों का उत्पादन कर रही हैं। मंत्री ने उनके प्रयासों की सराहना करते हुए समूह को उत्पादन विस्तार के लिए 65 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि का चेक प्रदान किया।इस अवसर पर मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार प्राकृतिक संसाधनों पर आधारित आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा देने और महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। औषधीय पौधों की बढ़ती मांग को देखते हुए यह क्षेत्र ग्रामीण महिलाओं के लिए स्थायी आय का एक बेहतरीन जरिया बन रहा है। कलेक्टर धमतरी ने बताया कि जिले में अनुपयोगी भूमि का उत्पादक उपयोग करने और महिलाओं को आजीविका से जोड़ने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया जा रहा है। जिले के लगभग 200 एकड़ क्षेत्र में ब्राह्मी, खस, बच, सिंदूरी एवं शतावरी की खेती की जा रही है। आने वाले चरण में इसका दायरा बढ़ाकर 600 एकड़ तक करने की योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य कृषि विविधीकरण, स्थानीय स्तर पर रोज़गार सृजन, मूल्य संवर्धन और उत्पादों को सीधे बाज़ार से जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देना है। इस अवसर पर जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राज्य औषधीय पादप बोर्ड के अध्यक्ष, जिला पंचायत अध्यक्ष, जिला पंचायत सीईओ, वनमंडलाधिकारी सहित अनेक स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और स्व-सहायता समूहों की सदस्य उपस्थित थीं।
- -कोरबा प्रेस क्लब की नई कार्यकारिणी ने ली पद एवं गोपनीयता की शपथ-उप मुख्यमंत्री ने प्रेस क्लब को 20 लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की-पत्रकार निर्भीक होकर अपने दायित्वों का निर्वहन करते है उद्योग मंत्री श्री देवांगनरायपुर । कोरबा प्रेस क्लब की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह गुरुवार को पंडित जवाहरलाल नेहरू सभागार, रामपुर (कोरबा) में गरिमामय वातावरण में आयोजित हुआ। समारोह में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं कोरबा जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरुण साव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों एवं कार्यकारिणी सदस्यों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई तथा सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने कोरबा प्रेस क्लब को 20 लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा भी की।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि कोरबा प्रेस क्लब की पहचान राज्य स्तर पर है। पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और इसकी गरिमा बनाए रखना प्रत्येक पत्रकार का दायित्व है। उन्होंने कहा कि पत्रकार निष्पक्ष, जिम्मेदार और तथयपरक पत्रकारिता के माध्यम से लोकतंत्र को मजबूत करें। नई तकनीकों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के दौर में पत्रकारिता के स्वरूप में बदलाव आया है। ऐसे समय में अनुभवी और युवा पत्रकारों के समन्वय से पत्रकारिता को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में युवा पत्रकार इस क्षेत्र से जुड़ रहे हैं, जो समाज में जागरूकता बढ़ाने और लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त करने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कोरबा प्रेस क्लब की गतिविधियों और समय-समय पर आयोजित कार्यक्रमों की सराहना की।समारोह में उद्योग, वाणिज्य एवं श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि पत्रकार सदैव निर्भीक होकर अपने दायित्वों का निर्वहन करते रहे हैं। जनसरोकारों और शासन की योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता निष्पक्षता, जिम्मेदारी और सामाजिक सरोकारों के साथ की जानी चाहिए तथा लोकतंत्र की मजबूती में मीडिया की भूमिका सदैव महत्वपूर्ण रहेगी।कार्यक्रम में कटघोरा विधायक श्री प्रेमचंद पटेल, रामपुर विधायक श्री फूलसिंह राठिया, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह कँवर, कोरबा महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत, नगर निगम सभापति श्री नूतन सिंह ठाकुर, पूर्व मंत्री श्री जयसिंह अग्रवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं पत्रकार उपस्थित रहे। महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत और पूर्व मंत्री श्री जयसिंह अग्रवाल ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए नवनिर्वाचित कार्यकारिणी को शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर कोरबा प्रेस क्लब के संरक्षक श्री कमलेश यादव, अध्यक्ष श्री नौशाद खान, उपाध्यक्ष श्री राजकुमार शाह, सचिव श्री दिनेश राज, उप सचिव श्री हरीश तिवारी, कोषाध्यक्ष श्री दुर्गेश श्रीवास्तव तथा कार्यकारिणी सदस्य श्री राजेश कुमार मिश्रा, श्री नवाब हुसैन एवं श्री आकाश शर्मा ने पद एवं गोपनीयता की शपथ ग्रहण की।समारोह में रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष श्री मोहन तिवारी एवं बिलासपुर प्रेस क्लब के श्री अभिजीत मिश्रा सहित अन्य पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं पत्रकार उपस्थित रहे। कोरबा प्रेस क्लब के अध्यक्ष श्री नौशाद खान ने क्लब की गतिविधियों एवं भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी, जबकि सचिव श्री दिनेश राज ने आभार व्यक्त किया। इस दौरान प्रेस क्लब के सदस्यों ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किए।
- रायपुर - आज रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त श्री संबित मिश्रा के निर्देश पर नगर निगम जोन 10 जोन कमिश्नर श्री मोनेश्वर शर्मा के मार्गदर्शन एवं कार्यपालन अभियंता श्री गजाराम कंवर सहायक अभियता श्री सुशील अहीर उपअभियंता श्री नवीन वर्मा, नगर निवेश विभाग कार्य सहायक श्री जितेन्द्र कौशिक एवं नगर निगम जोन 10 नगर निवेश उडनदस्ता ओर नगर निगम मुख्यालय नगर निवेश उडनदस्ता की टीम द्वारा यातायात पुलिस बल के सहयोग से नगर निगम जोन 10 क्षेत्र अंतर्गत संगम मैरिज पैलेस के पास शिव विहार कालोनी बोरियाखुर्द क्षेत्र में स्थित भूमि पर कामरेड सुधीर मुखर्जी वार्ड क्रमांक 54 के क्षेत्र में निर्माणकर्ता श्री पन्ना पाल द्वारा रायपुर नगर निगम की बिना अनुमति किये गये 5 ब्लाक में अवैध निर्माण को जेसीबी मशीन की सहायता से तोडने की कार्यवाही की गई।
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रायपुर - रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त श्री संबित मिश्रा ने नगर निगम मुख्यालय भवन महात्मा गांधी सदन के तृतीय तल सभाकक्ष में साप्ताहिक टीएल बैठक लेकर विभिन्न कार्यों एवं योजनाओं की प्रगति की जानकारी लेकर समीक्षा करते हुए संबंधित नगर निगम अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये।
आयुक्त श्री संबित मिश्रा ने टीएल बैठक में सभी जोन कमिश्नरों को जोन अंतर्गत वार्डो में अवैध निर्माणों, अवैध प्लाटिंग अवैध कालोनियों के प्रकरणों के स्थलो को चिन्हित कर उनमें नियमानुसार प्रक्रिया के तहत आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिये है। आयुक्त ने मुख्य मार्गों में बिना पार्किंग व्यवस्था नियमानुसार दिये संचालित व्यवसायिक परिसरो का सर्वे कर रिपोर्ट तैयार करने एवं नियमानुसार कार्यवाही प्रस्तावित करने के निर्देश सभी जोन कमिश्नरो को दिये है। आयुक्त ने कैच द रैन अभियान अंतर्गत रायपुर नगर निगम क्षेत्र के सभी जोनो के समस्त वार्डो में वर्षा जल संचयन रैन वाटर हार्वेस्टिंग कार्य अधिक से अधिक स्थानो पर जन जागरण अभियान चलाकर करवाना प्राथमिकता से सुनिश्चित करने जोन कमिश्नरों को निर्देशित किया है।आयुक्त श्री संबित मिश्रा ने जोन कमिश्नरो एवं प्रभारी अधिकारियों को सीएम हेल्प लाईन, मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर कॉल सेंटर, निदान 1100 सहित जनप्रतिनिधियों से प्राप्त पत्रों एवं सभी जनशिकायतों का व्यवस्थित रूप से त्वरित निदान सुनिश्चित करने निर्देश दिये है। आयुक्त ने नगर निगम रायपुर के हित को सर्वोपरि मानकर दिये गये निर्धारित दैनिक साप्ताहिक लक्ष्य के अनुसार रायपुर नगर निगम के लिए राजस्व वसूली तत्काल गतिमान कर सुनिश्चित करने सभी जोन कमिश्नरों एवं जोन सहायक राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया है। आयुक्त ने अधिकारियों को नागरिको को 30 सितम्बर 2026 तक नगर निगम रायपुर को वर्तमान वित्त वर्ष 2026-27 के संपत्तिकर की पूर्ण अदायगी पर दी जा रही संपत्तिकर में 5 प्रतिशत की छुट का लाभ देकर अधिक से अधिक संपत्तिकर वसूली करना सुनिश्चित करने निर्देशित किया है। आयुक्त ने रायपुर नगर निगम के बड़े बकायेदारो से नियमानुसार प्रक्रिया के तहत सख्ती के साथ कुर्की सीलबंदी की कार्यवाही कर बकाया राजस्व वसूला जाना सुनिश्चित करने सभी जोन कमिश्नरो को निर्देशित किया है।आयुक्त श्री संबित मिश्रा ने अवैध नल नियमितिकरण अभियान सभी जोनो एवं सभी वार्डो में नागरिको को जानकारी देकर योजना का लाभ देकर चलाना एवं तत्काल गतिमान कर अभियान का प्रभावी कियान्वयन नगर निगम के हित में सुनिश्चित करने जोन कमिश्नरो को निर्देशित किया है। आयुक्त ने अब तक जोनो में अवैध नलो के नियमितिकरण हेतु प्राप्त आवेदनो में नियमितिकरण कार्यवाही की प्रक्रिया निर्धारित नियमानुसार करने के निर्देश जोन कमिश्नरो को दिये है।आयुक्त ने साप्ताहिक टीएल बैठक में सभी जोन कमिश्नरो को कचरा व गंदगी पर नियमानुसार जुर्माना करने, नियमानुसार ग्रीन नेट लगाये बिना निर्माण कार्यों को करने पर जुर्माना करने, सी एण्ड डी वेस्ट जुर्माना की कार्यवाही ई चालान के माध्यम से करने, सडक पर कब्जा करने वालो पर समझाईश देकर जुर्माना करने की कार्यवाही लगातार जोन स्तर पर करने के निर्देश दिये है। प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत निर्माणाधीन आवासों की प्रगति की जानकारी लेकर इसे शीघ्र पूर्ण करवाने के निर्देश दिये गये है। वहीं अधिकारियों को बीएलसी घटक अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना में पात्र हितग्राहियों के मकान निर्माण की कार्यवाही नियमानुसार भवन अनुज्ञा स्वीकृत कर शीघ्र प्रारंभ करवाकर पूर्ण करवाने के निर्देश दिये गये है।आयुक्त श्री संबित मिश्रा द्वारा ली गई साप्ताहिक टी एल बैठक में नगर निगम अपर आयुक्त सर्वश्री लोकेश्वर साहू, पंकज के. शर्मा, विनोद पाण्डेय, श्रीमती कृष्णा खटीक, मुख्य अभियंता श्री संजय बागडे, अधीक्षण अभियंता श्री राजेश राठौर, श्री इमरान खान, नगर निवेशक श्री आभास मिश्रा, सभी उपायुक्तगणों, जोन कमिश्नरों, कार्यपालन अभियंताओं उपस्थिति रही। सहायक अभियंताओं, सभी विभागो के प्रभारी अधिकारियों की उपस्थिति रही। -
रायपुर - आज रायपुर नगर पालिक निगम के सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़ ने नगर निगम मुख्यालय के सभापति कक्ष में नगर निगम के सभी जोन अध्यक्षगणों एवं नगर निगम शहरी गरीबी उपशमन एवं समाज कल्याण विभाग के अध्यक्ष श्री खेम कुमार सेन सहित नगर निगम उपायुक्त डॉ अंजलि शर्मा सहित निराश्रित पेंशन प्रकरणों में हितग्राहियों को भुगतान हेतु नगर निगम रायपुर द्वारा अधिकृत आईडीबीआई बैंक के सम्बंधित अधिकारियों को बुलवाया एवं उनसे नगर निगम रायपुर में विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में पेंशन भुगतान सभी हितग्राहियों को सुविधाजनक रूप से प्रदान करने सभी प्रकरणों पर चर्चा कर आवश्यक जानकारी ली एवं नगर निगम उपायुक्त डॉ अंजलि शर्मा को सभी लंबित पेंशन भुगतान प्रकरणों का शीघ्र निराकरण समाज हित में राज्य शासन की समाज हितकारी मंशा के अनुसार प्राथमिकता से सुनिश्चित करवाने के निर्देश दिए.
सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़ ने आईडीबीआई बैंक के अधिकारियों को निराश्रित पेंशन के प्रकरणों में पात्र हितग्राहियों को प्रत्येक वार्ड में नियमित निराश्रित पेंशन का भुगतान करने वार्ड के किसी च्वाइस सेंटर को वार्ड पार्षद की सहमति से निराश्रित पेंशन भुगतान करने हेतु अधिकृत करने कहा है, इससे निराश्रित पेंशन के पात्र हितग्राही माह में कभी भी अपनी सुविधा अनुसार चाइस सेंटर में जाकर अपनी निराश्रित पेंशन राशि का भुगतान प्राप्त कर सकेंगे. सभी वार्डों में नियुक्त च्वाइस सेंटर संचालकों को नगर निगम में आईडीबीआई बैंक द्वारा ट्रेनिंग दी जाकर इस कार्य हेतु निपुण बनाया जायेगा जिसके एवंज में बैंक द्वारा च्वाइस सेंटर संचालक को निश्चित कमीशन दिया जायेगा.सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़ से चर्चा के दौरान सभापति कक्ष में एमआईसी सदस्य श्री खेम कुमार सेन, जोन अध्यक्ष सर्वश्री गज्जू साहू, मुरली शर्मा, अम्बर अग्रवाल, बद्री प्रसाद गुप्ता, प्रीतम सिंह ठाकुर, गोपेश साहू, सचिन बी. मेघानी, उपायुक्त डॉ अंजलि शर्मा सहित आईडीबीआई बैंक समता कॉलोनी शाखा के सम्बंधित अधिकारियों की उपस्थिति रही. - रायपुर - रायपुर नगर पालिक निगम द्वारा नगर निगम क्षेत्र के रहवासी समाप्तिकर दाताओं को व्हाट्सएप्प चैट बाँट नम्बर 9301953294 की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है, जिससे सभी बकायादारों को उनकी बकाया राशि की जानकारी मिलती है, जिससे वे अपनी देय बकाया राशि का निगम को भुगतान कर संभावित कार्रवाई के तनाव से मुक्त रह सकें. इस हेतु व्हाट्सएप्प चैट बाँट नम्बर 9301953294 पर सभी बकायादारों को बकाया राशि अदा करने रिमाइंडर दिया जा रहा है. कुछ बकायादार सम्पतिकर दाता नागरिकों द्वारा व्हाट्सएप्प चैट बाँट पर दी जा रही बकाया राशि के मैसेज को स्पेम कर दिया जा रहा है, जिससे यह ब्लाक होने की आशंका बनी रहती है.नगर निगम रायपुर ने सभी सम्पतिकर दाता नागरिकों से विनम्र अपील की है कि वे निगम व्हाट्सएप्प चैट बाँट नम्बर 9301953294 से नगर निगम द्वारा भेजे जा रहे बकाया राशि की जानकारी के मैसेज को स्पेम ना करें, ताकि यह सुविधा ब्लाक ना हो एवं बकायादारों को बकाया राशि की जानकारी एवं उससे सम्बंधित रिमाइंडर प्राप्त हो सके एवं वे समय पर देय बकाया राशि का नगर निगम को भुगतान करके अन्यथा की स्थिति में संभावित कार्रवाई के तनाव से सुरक्षित रह सकें एवं नगर विकास में अपनी सक्रिय सहभागिता दर्ज करवा सकें.
- रायपुर :। लैंग्वेज एंड लर्निंग फाउंडेशन (एलएलएफ) ने टाटा ट्रस्ट और राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी), छत्तीसगढ़ के साथ मिलकर जुलाई 2026 को एससीईआरटी, रायपुर के कॉन्फ्रेंस हॉल में 'टीचिंग एंड लर्निंग प्रैक्टिसेज सर्वे (टीएलपीएस) 2025' रिपोर्ट जारी की। यह सर्वे कक्षा 1 और 2 में शिक्षण प्रक्रिया की वर्तमान स्थिति को समझने और स्कूल के शुरुआती वर्षों में अपनाए जा रहे पढ़ाने के तरीकों का विश्लेषण करने के उद्देश्य से किया गया है। रिपोर्ट के निष्कर्ष 'निपुण भारत मिशन' के तहत बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान (एफएलएन) को मजबूत करने के प्रयासों को और प्रभावी बनाने में सहायक होंगे।रिपोर्ट विमोचन कार्यक्रम में एससीईआरटी छत्तीसगढ़ के अतिरिक्त संचालक श्री जे. पी. रथ, एलएलएफ के राष्ट्रीय सलाहकार (बहुभाषी शिक्षा) पद्मश्री महेंद्र कुमार मिश्रा, सहित शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, डाइट (DIET) के प्राचार्य, समग्र शिक्षा के प्रतिनिधि, राज्य संसाधन समूह (एसआरजी) के सदस्य और शिक्षा विशेषज्ञ शामिल हुए।यह अध्ययन नवंबर 2024 से मार्च 2025 के बीच कबीरधाम और नारायणपुर जिलों की 100 कक्षाओं में किए गए अवलोकन पर आधारित है। एलएलएफ के सीनियर एकेडमिक स्पेशलिस्ट अजय गुप्ता ने सर्वे की रूपरेखा और इसकी प्रक्रिया साझा की, जबकि सीनियर स्पेशलिस्ट (बहुभाषी शिक्षा) संजय गुलाटी ने रिपोर्ट के मुख्य निष्कर्ष प्रस्तुत किए।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एससीईआरटी छत्तीसगढ़ के अतिरिक्त संचालक श्री जे. पी. रथ ने कहा कि ऐसी कक्षाओं की सबसे ज़्यादा जरूरत है, जहाँ बच्चे बिना डर के अपनी गलतियों से सीख सकें। उन्होंने कहा, "जिस दिन कोई छात्र बिना डर के अपनी गलती स्वीकार कर लेता है, उसी दिन उसके भीतर असली सीख शुरू होती है। एक अच्छा शिक्षक सिर्फ़ जवाब नहीं देता, बल्कि ऐसा सवाल छोड़ता है जो पूरी जिंदगी सीखने की प्रेरणा देता है।"टाटा ट्रस्ट की डिप्टी हेड ऑफ प्रोग्राम्स और हेड ऑफ एजुकेशन अमृता पटवर्धन ने कहा, "छत्तीसगढ़ टीएलपीएस रिपोर्ट हमें सिर्फ कार्यक्रमों की जानकारी तक सीमित नहीं रखती, बल्कि यह भी दर्शाती है कि कक्षा के भीतर बच्चे और शिक्षक पढ़ाने-सीखने की प्रक्रिया को कैसे अनुभव करते हैं। रिपोर्ट बताती है कि सर्वे में शामिल 84 प्रतिशत स्कूलों में एक ही कक्षा में अलग-अलग स्तर के बच्चों को पढ़ाया जाता है। इससे शुरुआती शिक्षा में कुछ अवसर मिलते हैं, तो कुछ चुनौतियाँ भी सामने आती हैं। समाजसेवी संस्थाओं के लिए इस तरह की विस्तृत जानकारी बहुत अहम है, क्योंकि इससे यह समझने में मदद मिलती है कि बहुभाषा शिक्षण, कक्षा में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और बहुस्तरीय कक्षाओं में पढ़ाने के तरीकों को कहाँ और कैसे मजबूत किया जा सकता है, ताकि सरकार और उसके सहयोगी जमीनी ज़रूरतों के हिसाब से बेहतर काम कर सकें।"कार्यक्रम में अन्य शिक्षा विशेषज्ञों ने भी कहा कि नीतियाँ और सिद्धांत दिशा तय करते हैं, लेकिन असली सफलता ज़मीन पर उनके क्रियान्वयन पर निर्भर करती है। डाइट जशपुर के प्राचार्य श्री एम. ज़ेड. यू. सिद्दीकी ने कहा कि अच्छी नीतियाँ और पर्याप्त संसाधन तभी सार्थक हैं, जब उनका असर कक्षा में स्पष्ट दिखे। वहीं, एससीईआरटी की राज्य स्रोत समूह की सदस्या पुष्पा शुक्ला ने कहा कि बच्चों के सीखने के नतीजों में सुधार के लिए कक्षा की शिक्षण प्रक्रिया में बदलाव अनिवार्य है।एलएलएफ के संस्थापक और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. धीर झिंगरन ने कहा, "छत्तीसगढ़ की भाषाई, सामाजिक और भौगोलिक विविधता उसकी कक्षाओं में साफ दिखाई देती है। टीएलपीएस रिपोर्ट हमें यह समझने में मदद करती है कि बच्चे किस तरह भाग लेते हैं, शिक्षक अलग-अलग भाषा और सीखने की जरूरतों के मुताबिक कैसे पढ़ाते हैं और किन क्षेत्रों में कक्षा के तौर-तरीकों को और मजबूत करने की जरूरत है। शुरुआती शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए शिक्षकों और मेंटर्स को लगातार शैक्षणिक सहयोग देना होगा, ताकि छत्तीसगढ़ का हर बच्चा निपुण बन सके।"सर्वे में सामने आया कि 66 प्रतिशत शिक्षक बच्चों की मातृभाषा से परिचित थे। 82 प्रतिशत कक्षाओं में शिक्षक, समूह या व्यक्तिगत गतिविधियों के दौरान बच्चों के काम की नियमित निगरानी नहीं कर रहे थे, और 70 प्रतिशत कक्षाओं में सीखने के स्तर के अनुरूप पढ़ाने के तरीकों में बदलाव नहीं देखा गया। रिपोर्ट में बच्चों की भागीदारी बढ़ाने, गतिविधियों को रोजमर्रा के अनुभवों से जोड़ने और मातृभाषा के प्रभावी उपयोग जैसे सुधारों पर ज़ोर दिया गया है।लैंग्वेज एंड लर्निंग फाउंडेशन (एलएलएफ) के बारे में: वर्ष 2015 में स्थापित एलएलएफ एक गैर-लाभकारी शिक्षा संस्था है, जो सरकारी प्राथमिक स्कूलों में एफएलएन के लिए सरकारों के साथ मिलकर काम करती है। संस्था का मुख्य उद्देश्य शुरुआती वर्षों में बच्चों के सीखने के अनुभव को बेहतर बनाना है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए एलएलएफ मुख्य रूप से तीन क्षेत्रों में कार्य करती है, जिसमें 'बहुभाषी शिक्षा' (MLE) एक अंतर्निहित आधार के रूप में शामिल है:1. शिक्षकों और मेंटर्स का पेशेवर विकास: संस्था शिक्षकों को कक्षा में आधुनिक, बाल-केंद्रित और बहुभाषी शिक्षण विधियों के प्रभावी उपयोग में सक्षम बनाने का प्रयास करती है। एलएलएफ का मानना है कि यदि शिक्षण के दौरान बच्चे की मातृभाषा का सम्मान किया जाए, तो बच्चे की अवधारणात्मक समझ अधिक गहरी होती है।2. डेमोंस्ट्रेशन कार्यक्रम: संस्था ज़िला स्तर पर मॉडल कार्यक्रमों का संचालन करती है। इन कार्यक्रमों में बहुभाषी शिक्षण सामग्री और रणनीतियों के प्रयोग से कक्षा प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाकर बच्चों के सीखने के परिणामों में सुधार सुनिश्चित किए जाने का प्रयास किया जाता है।3. व्यवस्थागत मजबूती (Systemic Strengthening): एलएलएफ जिला और राज्य स्तर पर शिक्षा विभागों के साथ मिलकर नीतियों के क्रियान्वयन और अकादमिक सहयोग को सुदृढ़ करती है। संस्था यह सुनिश्चित करती है कि बहुभाषी शिक्षा का दृष्टिकोण केवल एक कार्यक्रम तक सीमित न रहकर, पूरी शिक्षा व्यवस्था का हिस्सा बने, जिससे सुधारों में निरंतरता बनी रहे।संस्था यह सुनिश्चित करती है कि कोई भी बच्चा पीछे न रहे। अब तक एलएलएफ ने 10 राज्यों में 2.18 करोड़ बच्चों और 11.8 लाख शिक्षकों तक पहुँच बनाई है, और ज़िला स्तर पर 14 लाख बच्चों के सीखने के परिणामों में सुधार किया है।


























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