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- रायपुर/ नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त विश्वदीप के निर्देश पर नगर निगम जोन 7 जोन कमिश्नर रमाकांत साहू ने जोन क्षेत्र के अंतर्गत रामनगर मुक्तिधाम के पास वाटिका नगर बीएसयूपी आवसीय परिसर में कार्यपालन अभियंता श्री ईश्वर लाल टावरे सहित उप अभियंता और साईट कॉन्ट्रेक्टर की उपस्थिति में निरीक्षण कर वहाँ करवाए जा रहे टंकी बदलने के कार्य, छत का वाटर प्रूफिंग कार्य, पाईप लाईन को बदलने के कार्य रेन वाटर हार्वेस्टिंग के निर्माण कार्य, परिसर की बाहरी दीवार में प्लास्टर पट्टी और अन्य मरम्मत कार्य की प्रगति का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया और साईट कॉन्ट्रेक्टर को सभी कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए.
- रायपुर/ राज्यपाल श्री रेमन डेका ने आज अपने बालोद प्रवास के दौरान संयुक्त जिला कार्यालय के जनदर्शन कक्ष में जिले की विभागीय गतिविधियों पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस दौरान श्री डेका ने खेल गतिविधियों में जिले का नाम रोशन करने वाले उत्कृष्ट खिलाड़ियों से बातचीत कर उनका हौसला बढ़ाया। राज्यपाल श्री डेका ने जिले के खिलाड़ियों को उनके इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कठिन परिश्रम एवं लगन के साथ खेल के क्षेत्र में उपलब्धि हासिल कर जिले, प्रदेश एवं देश का नाम रोशन करने को कहा। इस अवसर पर राज्यपाल श्री डेका ने समाज कल्याण विभाग की ओर से टेकापार निवासी दिव्यांग श्री पुसउराम साहू और बोरिद निवासी श्रीमती पूर्णिता आलेन्द्र को इलेक्ट्रिक व्हील चेयर प्रदान की।राज्यपाल श्री डेका ने जिले में संचालित जल जतन योजना के तहत् फलस चक्र परिवर्तन कर धान के बदले दलहनी, तिलहनी फसल लेने वाले सनौद निवासी किसान श्री ध्रुवराम साहू से बातचीत की। किसान ध्रुवराम साहू ने राज्यपाल को जानकारी देते हुए बताया कि जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग द्वारा आयोजित चौपाल में जब उन्हें धान की खेती करने से होने वाले हानि के बारे में जानकारी मिली, तो उन्होंने अपना मन बदल लिया और इस साल धान के बदले 05 एकड़ में चना और 05 एकड़ में मक्का की फसल ली है, यह उनके लिए लाभप्रद सिद्ध हुआ है। इसके साथ ही स्वसहायता समूह की सक्रिय महिलाएं श्रीमती आशा सागर और ज्योति साहू ने जानकारी दी कि वे सभी महिलाएं गांव-गांव जाकर लोगों को पानी बचाने की समझाईश दे रही हैं। इस दौरान उन्होंने सिद्धी स्व सहायता समूह, जय मां पहाड़ो वाली स्व सहायता समूह, नवदीप स्व सहायता समूह, बैंक सखी श्रीमती मालती साहू सहित अन्य महिलाओं से चर्चा की और उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों और इससे होने वाली आमदनी के संबंध में जानकारी ली। इस अवसर पर स्व सहायता समूह की महिलाओं ने राज्यपाल श्री डेका को समूह द्वारा तैयार की गई सामग्री भेंट की। राज्यपाल श्री डेका ने अंर्तजातिय विवाह करने वाले श्री राजेन्द्र यादव एवं उनकी पत्नी को विभागीय योजना के तहत् 02 लाख 50 हजार रूपये का चेक भी प्रदान किया। इस अवसर पर आईजी श्री रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर श्री इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल, पुलिस अधीक्षक श्री एस.आर भगत के अलावा अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
- उत्कल दिवस पर ओडिशा राज्य स्थापना की ऐतिहासिक प्रेरणा को किया नमनरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर के महिला थाना चौक (मधुसूदन दास चौक) में उत्कल दिवस के अवसर पर महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बैरिस्टर मधुसूदन दास की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें सादर नमन किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने ओडिशा राज्य स्थापना दिवस (उत्कल दिवस) पर प्रदेश सहित देशभर में रह रहे उत्कल समाज के सभी बंधुओं को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह दिवस केवल ओडिशा के गठन का उत्सव नहीं, बल्कि संघर्ष, आत्मगौरव और सांस्कृतिक एकता की प्रेरणा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में बड़ी संख्या में उत्कल समाज के लोग निवास करते हैं, जो प्रदेश की सामाजिक समरसता और विविधता को सशक्त बनाते हैं।बैरिस्टर मधुसूदन दास के योगदान को किया नमनमुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बैरिस्टर मधुसूदन दास जैसे दूरदर्शी और समर्पित व्यक्तित्व के संघर्षों के कारण ही 1 अप्रैल 1936 को ओडिशा राज्य का गठन हुआ। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच सदियों से सांस्कृतिक और सामाजिक संबंध रहे हैं। उन्होंने बताया कि महाप्रभु श्री जगन्नाथ को चढ़ने वाला भोग का चावल आज भी छत्तीसगढ़ से जाता है। विशेष रूप से देवभोग क्षेत्र का चावल, जो प्रभु के प्रसाद के रूप में उपयोग होता है, दोनों राज्यों के धार्मिक जुड़ाव का प्रतीक है।महाप्रभु जगन्नाथ से प्रदेशवासियों के कल्याण की कामनामुख्यमंत्री श्री साय ने महाप्रभु श्री जगन्नाथ से छत्तीसगढ़वासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद हमेशा छत्तीसगढ़ पर बना रहेगा।इस अवसर पर विधायक श्री किरण देव, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, विधायक श्री सुनील सोनी, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, सभापति श्री सूर्यकांत राठौर, श्री संजय श्रीवास्तव, उत्कल समाज के सदस्य एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
- -देश-भर में सीईओ, डीईओ और ईआरओ स्तर पर 4,719 बैठकें आयोजित, जिनमें 28,000 से अधिक दलीय प्रतिनिधियों ने भाग लियारायपुर। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा देश भर में निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ), जिला निर्वाचन अधिकारी (डीईओ) और मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) स्तर पर राजनीतिक दलों के साथ अनेक संरचनाबद्ध सहभागिता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। 25 दिनों की अवधि में और 31 मार्च 2025 तक, कुल 4,719 बैठकें आयोजित की गई, जिनमें सीईओ द्वारा 40, डीईओ द्वारा 800 और ईआरओ द्वारा 3,879 बैठकों का आयोजन किया गया। इनमें देश-भर से राजनीतिक दलों के 28,000 से अधिक प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।ये बैठकें मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार के साथ निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधु और निर्वाचन आयुक्त डॉ. विवेक जोशी द्वारा 4-5 मार्च, 2025 को आईआईआईडीईएम, नई दिल्ली में आयोजित मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के सम्मेलन के दौरान जारी निदेशों के अनुसरण में आयोजित की गईं।इन बैठकों का उद्देश्य संबंधित सक्षम प्राधिकारी यानी ईआरओ या डीईओ या सीईओ द्वारा किसी भी लंबित मुद्दे का लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 और 1951: निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम, 1960, निर्वाचनों का संचालन नियम, 1961 में निर्धारित कानूनी ढांचे और आयोग द्वारा समय-समय पर जारी मैनुअल, दिशा-निर्देशों और अनुदेशों के भीतर समाधान करना है। सभी राज्यों/संघ राज्य-क्षेत्रों के सीईओ से आगे और मूल्यांकन किए जाने के लिए की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी गई है और मौजूदा कानूनी ढांचे के भीतर कोई भी मुद्दा यदि अनसुलझा रह जाता है, तो आयोग द्वारा उस पर विचार किया जाएगा।राजनीतिक दलों द्वारा विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों, जिलों और राज्यों/ संघ राज्य क्षेत्रों में आयोजित इन बैठकों में सक्रिय और उत्साहपूर्ण सहभागिता करके इनका स्वागत किया गया है। देश-भर से प्राप्त इन बैठकों की तस्वीरें आयोग के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर देखी जा सकती हैं: https://x.com/ECISVEEP?refsrc=twsrc%5E.google%7Ctwcamp%5Eserp%7Ctwgr%5Eauthor
- - छत्तीसगढ़ के दूरस्थ अंचल में आई रोशनी की नई किरणरायपुर /घना जंगल, टेढ़े-मेढ़े रास्ते, और सूरज ढलते ही छा जाने वाला घना अंधेरा – कुछ समय पहले तक बीजापुर जिले के हीरापुर ग्राम पंचायत के आश्रित ग्राम पुसकोंटा की यही पहचान थी। लेकिन अब तस्वीर बदल चुकी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित "नियद नेल्लानार योजना" ने वह कर दिखाया, जो लंबे समय से सिर्फ एक सपना था। गांव के प्रत्येक घर में जब पहली बार बल्ब जला, तो वह एक नए जीवन की शुरुआत थी।पुसकोंटा के ग्रामीण देवा कुंजाम, भीमा माड़वी, नागू पोट्टाम और जमुना मिच्चा की आँखों में यह चमक साफ़ देखी जा सकती है, जो उम्मीद और विश्वास की होती है।देवा कुंजाम बताते हैं, “पहले अंधेरा ऐसा होता था कि जंगली जानवरों का डर हर समय बना रहता था। लेकिन अब गांव में रोशनी है, और साथ ही सुरक्षा का भी एहसास।"पीने का पानी अब घर के द्वार परगृहिणी जमुना मिच्छा कहती हैं, “जल जीवन मिशन के तहत हर घर में नल होने से अब हमें पानी के लिए हैण्डपंप तक नहीं जाना पड़ता। पहले बच्चों को अकेला छोड़कर पानी लाने जाना पड़ता था, अब घर में ही पानी है, तो बच्चों का भी ठीक से ध्यान रख पाती हूं।”सपनों को पंख देने वाला प्रशासनभीमा माड़वी के लिए तो यह बदलाव कुछ और ही मायने रखता है। वे पहली बार रायपुर देखने गए – एक ऐसा अनुभव जो पहले कभी कल्पना में भी नहीं था। वे कहते हैं, “मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी की पहल के कारण आज पुसकोंटा जैसे दूरदराज गांव के ग्रामीण भी राजधानी के विकास कार्यों को देख पा रहे हैं।”बिजली, पानी, सड़क, मोबाइल टावर, स्कूल, आंगनबाड़ी – एक समग्र बदलावनियद नेल्लानार योजना सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि एक विजन है – वह विजन जो हर गांव को विकास की मुख्यधारा से जोड़ता है। अब पुसकोंटा जैसे गांवों में न सिर्फ रोशनी आई है, बल्कि संभावनाओं की नई सुबह भी हुई है। प्रधानमंत्री आवास, शौचालय, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी सुविधाएं अब यहां दस्तक दे रही हैं। ये बदलाव सिर्फ सुविधा का नहीं, बल्कि सम्मान और आत्मनिर्भरता का है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में यह स्पष्ट हो चुका है कि कोई भी गांव अब ‘दूर’ नहीं है, और कोई भी सपना अब ‘असंभव’ नहीं है।
- -दंतेवाड़ा के गीदम में मेडिकल कॉलेज भवन निर्माण के लिए 299.85 करोड़ की मिली प्रशासकीय स्वीकृतिरायपुर, /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के स्पष्ट निर्देश हैं कि शासन की प्रत्येक योजना का लाभ राज्य की जनता तक पहुँचे और सभी संसाधनों का उपयोग जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए किया जाए। मुख्यमंत्री की इस जनकेंद्रित सोच के अनुरूप अब डीएमएफ (जिला खनिज संस्थान न्यास) की राशि का जनहित में लोगों को गुणवत्तायुक्त स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में उपयोग प्रारंभ हो गया है।इसी क्रम में दंतेवाड़ा जिले की डीएमएफ शासी परिषद की बैठक में गीदम में नवीन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय भवन निर्माण कार्य हेतु ₹299 करोड़ 85 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। यह स्वीकृति क्षेत्रीय स्वास्थ्य ढांचे को सशक्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस महत्वपूर्ण परियोजना के क्रियान्वयन के लिए लोक स्वास्थ्य, परिवार कल्याण एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत सीजीएमएससी (छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विस कॉर्पोरेशन) को कार्य एजेंसी नियुक्त किया गया है। सीजीएमएससी नियमानुसार राज्य शासन एवं पीडब्ल्यूडी मैनुअल के प्रावधानों के तहत निविदा प्रक्रिया, कार्यादेश और निर्धारित समय सीमा का पालन सुनिश्चित करेगी।मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में यह पहल न सिर्फ गीदम और दंतेवाड़ा क्षेत्र के लोगों को अपने निवास के समीप उच्च गुणवत्ता की चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराएगी, बल्कि यह संपूर्ण बस्तर अंचल के स्वास्थ्य सेवा तंत्र को भी एक नई दिशा देगी।यह निर्णय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की जनकेंद्रित सरकार की उस अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जिसमें विकास, विश्वास और पारदर्शिता को समान रूप से महत्व देते हुए राज्य के प्रत्येक नागरिक के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का संकल्प झलकता है।
- -जिला निर्माण समिति के माध्यम से निर्माण कार्यों का होगा बेहतर क्रियान्वयन, निगरानी और मूल्यांकन-नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में निर्माण कार्यों में गुणवत्ता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता - मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव सायरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य शासन ने एक निर्णायक कदम उठाते हुए नक्सल प्रभावित सुकमा, बीजापुर एवं नारायणपुर जिलों में निर्माण कार्यों की पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने हेतु "जिला निर्माण समिति" के गठन की स्वीकृति प्रदान की है।मुख्यमंत्री श्री साय ने स्पष्ट कहा है कि भ्रष्टाचार को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में जनता के पैसे से चलने वाले कार्यों में गुणवत्ता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। इसी तारतम्य में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जिला निर्माण समिति के गठन के सम्बन्ध में आदेश जारी किया गया है। यह समिति निर्माण कार्यों के बेहतर क्रियान्वयन, निगरानी और मूल्यांकन के लिए गठित की गई है। समिति के अध्यक्ष जिला कलेक्टर रहेंगे। जिले के पुलिस अधीक्षक, सीईओ जिला पंचायत, डीएफओ, लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री, जिला कोषालय अधिकारी एवं संबंधित कार्य के जिला प्रमुख अधिकारी समिति के सदस्य रहेंगे।जिला निर्माण समिति का कार्य क्षेत्र संपूर्ण राजस्व जिला होगा।कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति वर्तमान नियमों के तहत् सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी की जाएगी। जिला निर्माण समिति के माध्यम से किए जाने वाले कार्यों का निर्धारण जिला कलेक्टर द्वारा किया जायेगा। जिन कार्यों को 3 बार ऑनलाईन निविदा आमंत्रित करने के बाद भी, इच्छुक ठेकेदार उपलब्ध नहीं होने के कारण पूरा कराया जाना संभव न हो, ऐसे अत्यावश्यक तथा अपरिहार्य निर्माण कार्यों को जिला निर्माण समिति के माध्यम से कराया जायेगा। जिले के जो ब्लॉक गहन रूप से नक्सल प्रभावित नहीं है उनमें जिला निर्माण समिति के माध्यम से यथासंभव कार्य नहीं कराया जाने के निर्देश हैं। स्थानीय निधि जैसे की डीएमएफ/सीएसआर इत्यादि मद से कराए जाने वाले कार्यों में भी सर्वप्रथम कार्य एजेंसी जैसे की पीडब्लूडी/ आरईएस/पीएमजीएसवाई इत्यादि को ही क्रियान्वयन एजेंसी नियुक्त किया चाहिए ना की जिला निर्माण एजेंसी को। इन एजेंसी के द्वारा अगर कार्य निष्पादन नहीं हो पाता है, लगातार 3 बार निविदा में कोई भाग नहीं लेता है तब वैसी परिस्थिति में ही कार्य स्थानीय निधि से जो कराए जाने है, में जिला निर्माण एजेंसी को क्रियान्वयन एजेंसी बनाया जा सकता है।समिति के माध्यम से रूपये 10.00 करोड़ तक का कार्य कराया जा सकेगा। अपरिहार्य तथा अत्यावश्यक निर्माण कार्यों को जिला निर्माण समिति से कराये जाने के संबंध में ई-टेण्डर द्वारा निविदा आमंत्रित की जायेगी। जिला निर्माण समिति द्वारा एक कार्य को निर्माण की सुविधा की दृष्टि से दो अथवा दो से अधिक भागों में विभाजित किया जा सकेगा, जैसे-पुल-पुलियों के कार्य सहित सड़क निर्माण का कार्य स्वीकृत हो, तो सड़क कार्य के लिये अलग ठेकेदार तथा पुल-पुलियों के लिये अलग-ठेकेदार नियुक्त करने की छूट होगी। सड़क की लंबाई अधिक होने अथवा पुल-पुलियों की संख्या अधिक होने की स्थिति में सड़क को दो अथवा दो से अधिक भागों में बांटने तथा अलग-अलग पुल-पुलियों के लिये भी अलग-अलग एजेंसी नियुक्त करने की छूट होगी, किन्तु एक कार्य को छोटे-छोटे टुकडों में विभाजित करते समय समिति द्वारा इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि समग्र रूप से कार्य की गुणवत्ता एक जैसी रहे तथा अलग-अलग टुकड़ों में कराए गए कार्यों के लागत मूल्य में समानता रहे। यदि कार्य को अलग अलग-अलग टुकड़ों में कराया जाता है तो यह ध्यान रखा जाए कि विगत तीन वर्षों में जिले में विभिन्न विभागों के द्वारा कराए गए समान प्रवृत्ति के कार्य के दर से अधिक नहीं हो।कार्यों का निरीक्षण, पर्यवेक्षण तथा मूल्यांकन का कार्य लोक निर्माण विभाग या कलेक्टर द्वारा निर्धारित किसी सक्षम तकनीकी अधिकारी के द्वारा किया जायेगा।पारदर्शिता को मिलेगा संस्थागत ढाँचा: दरों की समुचितता और प्रतिस्पर्धात्मकता की जाएगी सुनिश्चितनिविदा स्वीकार करने वाला प्राधिकारी निविदाओं को स्वीकार करने से पहले दरों की उचितता के बारे में खुद को संतुष्ट करेगा। दरों की उचितता का आंकलन मुख्य रूप से उचित दरों के आधार पर किया जाएगा, निविदा स्वीकार करने वाला प्राधिकारी निविदाओं पर निर्णय लेते समय पिछले तीन महीनों की अवधि के भीतर बुलाए गए कार्यों की समान प्रकृति की निविदाओं की दरों का उल्लेख कर सकता है। समान कार्यों का अर्थ है प्रकृति, मात्रा, विनिर्देशों और स्थान में समान कार्य, जो बहुत करीब है।दरों की उचितता की जांच के लिए औचित्य कथन तैयार किया जाएगा। इस विधि में श्रम, सामग्री, माल ढुलाई आदि की बाजार दरों को ध्यान में रखते हुए दरों का विस्तृत विश्लेषण तैयार करना शामिल है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में यह पहल न केवल प्रशासनिक दक्षता बढ़ाएगी, बल्कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास को गति देने के साथ-साथ भ्रष्टाचार पर कठोर प्रहार भी करेगी।राज्य शासन के विकास, विश्वास और पारदर्शिता के मूल सिद्धांतों को सशक्त करने की दिशा में मुख्यमंत्री श्री साय की यह रणनीति एक निर्णायक कदम है।
- -छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा निर्णय : व्यापारियों और आम जनता को राहतरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के छोटे व्यापारियों और मध्यमवर्गीय परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए दो अहम निर्णय लागू किए हैं, जो 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी हो चुके हैं।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन और वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी के दिशानिर्देश पर इन निर्णयों को वर्ष 2025-26 के बजट में शामिल किया गया था।ई-वे बिल की सीमा में वृद्धि : अब ₹1 लाख तक का माल परिवहन होगा बिना ई-वे बिल केमुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ के भीतर माल परिवहन के लिए अनिवार्य ई-वे बिल की सीमा ₹50,000 से बढ़ाकर 1 लाख रुपए कर दी है। यह निर्णय विशेष रूप से छोटे व्यापारियों को राहत देने के उद्देश्य से लिया गया है। इस निर्णय से व्यापारियों को 1 लाख रुपए तक के मूल्य के सामानों के परिवहन में अब ई-वे बिल की आवश्यकता नहीं होगी। इस निर्णय से राज्य में ई-वे बिल जनरेट करने वाले लगभग 26% व्यापारियों को ई-वे बिल जनरेट करने से मुक्ति मिलेगी। इस निर्णय से ई-वे बिल जनरेशन में 54 प्रतिशत की कमी आएगी, जिससे अनुपालन व्यय में उल्लेखनीय कमी आएगी।हालांकि, कुछ विशेष वस्तुएं जैसे पान मसाला, तंबाकू उत्पाद, विशिष्ट लकड़ी उत्पाद जैसे – प्लायवुड, लेमिनेटेड शीट, पार्टिकल बोर्ड, फाइबर बोर्ड, आयरन, स्टील एवं उसके सामान, कोयला के लिए यह छूट लागू नहीं होगी।व्यापारियों द्वारा लंबे समय से ई-वे बिल में छूट दिए जाने की मांग पर यह निर्णय लिया गया है, जो व्यापार को सुगम और लागत प्रभावी बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल है।पेट्रोल पर वैट में 1 रुपए प्रति लीटर की कमी : मध्यमवर्गीय परिवारों को सीधी राहतराज्य सरकार ने 1 अप्रैल 2025 से पेट्रोल पर वैट की राशि में 1 रुपए प्रति लीटर की कटौती की है। इस निर्णय से पेट्रोल की कीमतों में सीधे कमी आएगी, जिसका लाभ विशेष रूप से मध्यमवर्गीय और निम्न मध्यमवर्गीय परिवारों को मिलेगा।छत्तीसगढ़ में दुपहिया वाहनों का उपयोग करने वालों की संख्या अधिक है, जो मुख्यतः पेट्रोल पर निर्भर हैं। वैट में की गई यह कटौती इन परिवारों की रोज़मर्रा की लागत को कम करने में सहायक सिद्ध होगी।यह निर्णय भी मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन और वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी द्वारा वर्ष 2025-26 के बजट में की गई घोषणा के अनुरूप वर्तमान आर्थिक परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए क्रियान्वित किया गया है।सरकार की प्रतिबद्धता : सुगमता, सुविधा और संवेदनशीलतामुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेशवासियों की समस्याओं को समझते हुए लगातार ऐसे निर्णय ले रही है जो सार्थक, जनहितकारी और दूरदर्शिता से परिपूर्ण हों। व्यापारी वर्ग को सहूलियत और आम जनता को राहत देने के ये निर्णय प्रदेश के आर्थिक विकास को गति देने में महत्वपूर्ण कारक सिद्ध होंगे।
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*कलेक्टर ने ली समय-सीमा की बैठक*
रायपुर/ कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने रेडक्रॉस सभाकक्ष में समय-सीमा की बैठक ली। उन्होंने कहा कि जिले में रेत के अवैध खनन में कडाई से रोक लगाए। जितने रेत के खदान स्वीकृत है उनसे ही रेत के परिवहन होने चाहिए इसके अलावा अन्य खदान में परिवहन होने पर एसडीएम, खनिज विभाग कड़ी कार्रवाई करें। जो स्वीकृत खदान है, उनकी रायल्टी पर्ची चेक करे तथा बिना इसके किसी भी हाल मे परिवहन न हो। ऐसा करते पाये जाने पर तत्काल कार्रवाई की जाए। अवैध शराब के प्रकरणों-शिकायत पर भी तत्काल एक्शन लें।कलेक्टर डॉ. सिंह ने कहा कि किसानो का पंजीयन कार्य जल्द से जल्द पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि हिट एंड प्रकरण जितने शेष है उसे संज्ञान में लेते हुए सभी एसडीएम थाने से जानकारी लेकर पूर्ण करें। कलेक्टर ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार सभी शासकीय कार्यालय ई-ऑफिस के दायरे में आना है, इसके लिए शेष कार्यालय प्रकिया पूर्ण कर लेंगे। जल जीवन मिशन के तहत लंबित कार्य को पूर्ण करें और हितग्राहियों के घर तक पेयजल पहुंचाना सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने लंबित राजस्व प्रकरणों के लिए राजस्व शिविर लगाकर प्रकरणों के जल्द समाधान करने निर्देशित किया। साथ ही स्कूलीं बच्चों के जाति प्रमाण पत्र जल्द बनाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। इस अवसर पर एसएसपी डॉ. लाल उम्मेद सिंह तथा जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। -
*जिला स्तर एवं उपखण्ड स्तर पर दलों का हुआ गठन*
रायपुर। गर्मी के दिनों मैदानी स्तर पर पेयजल की समस्याओं के त्वरित निराकरण और जिले में पेयजल की सुचारू व्यवस्था बनाए रखने के लिए वर्ष 2025 में जिला स्तर और उपखंड स्तर पर कंट्रोल रूम का गठन किया गया है। आमजनों के लिए विभागीय टोल फ्री नं. 1800-233-0008 एवं कार्यालय के कंट्रोल रूम का फोन नं. 07771-2582223 जारी किया गया है। इन नंबरों में पेयजल की समस्या, हैंडपम्म बिगड़ने की सूचना दर्ज करवाया जा सकता है।जिला स्तर और उपखंड स्तर पर दल का गठन किया गया है, जिसमें लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी खंड रायपुर के कंट्रोल रूम कार्यालय के प्रभारी अधिकारी श्री आलोक जाधव, मानचित्रकार (सिविल) हैं। इसी तरह विकासखंड धरसीवा/तिल्दा की प्रभारी सहायक अभियंता श्रीमती रूक्मिणी सिंह, विकासखंड तिल्दा के प्रभारी उप-अभियंता श्री अविनाश एक्का एवं श्रीमती ज्योति गुप्ता, विकासखंड धरसीवा के प्रभारी उप-अभियंता श्री मिलनदास घृतलहरे एवं श्रीमती ज्योति गुप्ता है।इसी तरह लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी भू-जल संवर्धन उपखंड, रायपुर के अंतर्गत विकासखंड अभनपुर-आरंग के प्रभारी श्री दीपक कोहली, सहायक अभियंता को बनाया गया है। विकासखंड अभनपुर की प्रभारी श्रीमती सरिता महेश कुमार, उप-अभियंता, श्रीमती भानुजा सिंह एवं श्रीमती उपासना सुखदेवे है। विकासखंड आरंग की प्रभारी सुश्री रानू दिनकर, उप-अभियंता एवं श्रीमती शुभ्रा बघेल उप-अभियंता को बनाया गया है। -
*कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह की अध्यक्षता में हुई नालंदा परिसर प्रबंधन सोसायटी की बैठक*
*नालंदा और तक्षशिला लाईब्रेरी की फीस यथावत रखने का हुआ निर्णय*रायपुर,। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह की अध्यक्षा में 1 अप्रैल 2025, मंगलवार को रेडक्रॉस सभा कक्ष में नालंदा परिसर प्रबंधन सोसायटी की कार्यकारिणी समिति की बैठक हुई। बैठक में कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि कला केंद्रों में समर कैंप का आयोजन किया जाएगा, जो चार चरणों में होगा। कैंप में 20 से अधिक विधाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसका पंजीयन जारी है। यह सुबह के समय संचालित होगा। समर कैंप चार चरणों में आयोजित होगा, पहला चरण 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2025, दूसरा चरण 1 मई से 15 मई 2025, तीसरा चरण 16 मई से 30 मई 2025 और चौथा चरण 1 जून से 15 जून तक चलेगा। इसके अलावा कला केंद्र की नियमित कक्षाएं शाम को संचालित होती रहेंगी। समर कैंप में भाग लेने के इच्छुक कैंप शुरू होने के 5 दिन पहले तक अपना पंजीयन कला केंद्र में करा सकते हैं। समर कैंप में गायन, नृत्य, जुम्बा, योगा, मेहंदी आदि का प्रशिक्षण दिया जाएगा।बैठक में कलेक्टर डॉ. सिंह ने नालंदा परिसर और तक्षशिला परिसर में फीस यथावत रखने का निर्णय लिया है। साथ ही कलेक्टर ने लाईब्रेरी में विद्यार्थियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए पुस्तकें और इंटरनेट के अच्छे इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री कुमार बिश्वरंजन, नालंदा परिसर प्रबंधन सोसायटी के नोडल अधिकारी श्री केदार पटेल एवं अन्य सदस्यगण शामिल रहे। -
रायपुर,। गर्मी के दिनों में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में मंगलवार को कलेक्टर रायपुर, डॉ. गौरव सिंह ने बोर खनन पर पूर्णतः रोक लगाने का आदेश जारी किया हैं। जारी आदेशानुसार 15 जुलाई 2025 तक या मानसून के आगमन तक (दोनों तिथि में से जो बाद में आए) जलाभाव ग्रस्त क्षेत्र घोषित किया गया है।
छत्तीसगढ़ पेयजल अधिनियम 1986 के अंतर्गत रायपुर जिले में इस अवधि के दौरान समक्ष अधिकारी की पूर्वानुमति की बिना कोई नया नलकूप पेयजल अथवा पेयजल के अलावा किसी अन्य प्रयोजन के लिये खनन नहीं किया जा सकेगा। केंद्रीय भूजल बोर्ड के रिपोर्ट के अनुसार रायपुर जिले के विकासखंड (धरसींवा) भूजल के उपयोग के विषय पर क्रिटिकल जोन में आ चुका है।जनसुविधा को ध्यान में रखते हुए नलकूप खनन के लिए अनुमति प्रदान करने के लिए प्राधिकृत अधिकारी नियुक्ति किया जाता है, जिनमें एडीएम रायपुर, एसडीएम रायपुर, एसडीएम आरंग, एसडीएम अभनपुर और एसडीएम तिल्दा शामिल हैं। उक्त अधिकारीगण संबंधित क्षेत्र में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी/नगरीय निकाय/तहसील से रिपोर्ट प्राप्त कर नियमानुसार अनुमति प्रदान करेगें। -
आयुक्त ने निर्वाचन हेतु जोन आयुक्तों को निर्वाचन सह पीठासीन अधिकारी नियुक्त किया 0
रायपुर - छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 48 (क) के अंतर्गत्त नगर पालिक निगम रायपुर की 10 वार्ड समितियों (जोन क्रमांक 2 को छोड़कर) की वार्ड समिति (जोन) अध्यक्ष (जोन) के निर्वाचन दिनांक 03 अप्रेल 2025 की समस्त कार्यवाही हेतु नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप ने निर्वाचन सह पीठासीन अधिकारी अपर आयुक्त द्वय श्री पंकज के. शर्मा एवं श्री विनोद पांडेय के निर्देशन पर्यवेक्षण में निर्वाचन की कार्यवाही संपन्न करवाने का आदेष जारी किया है। आदेश के अनुसार वार्ड समिति जोन क्रमांक 01 हेतु जोन 01 आयुक्त, वार्ड समिति जोन क्रमांक 03 हेतु जोन 03 आयुक्त, वार्ड समिति जोन क्रमांक 04 हेतु जोन 04 आयुक्त, वार्ड समिति जोन क्रमांक हेतु जोन 05 आयुक्त, वार्ड समिति जोन क्रमांक 06 हेतु जोन 06 आयुक्त, वार्ड समिति जोन क्रमांक 07 हेतु जोन 07 आयुक्त, वार्ड समिति जोन क्रमांक 08 हेतु जोन 08 आयुक्त, वार्ड समिति जोन क्रमांक 09 हेतु जोन 09 आयुक्त एवं वार्ड समिति जोन क्रमांक 10 हेतु जोन 10 आयुक्त को निर्वाचन सह पीठासीन अधिकारी नियुक्त किया गया है। वार्ड समिति के अध्यक्ष के निर्वाचन की कार्यवाही नगर पालिक निगम रायपुर महात्मा गांधी सदन मुख्यालय के चतुर्थ तल स्थित सामान्य सभा सभागार में कराया जाना है । आदेशित किया गया है कि निर्वाचन की तारीख समय एवं स्थान की सूचना जोन अंतर्गत आने वाले वार्डो के निर्वाचित पार्षदों को दी जाये तथा सर्वसाधारण की जानकारी हेतु सूचना पटल पर चस्पा किया जाये। साथ ही निर्वाचन संबंधी समस्त आवश्यक सामग्री साथ लाना सुनिश्चित करने आदेशित किया गया है।छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगमए अधिनियम 1956 की धारा 48 (क) के अंतर्गत वार्ड समिति के जोन अध्यक्ष के विहित रीति से निर्वाचन हेतु अनुसूची अनुसार निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार दिनांक 3 अप्रेल 2025 को अपरान्ह 12 बजे निगम मुख्यालय चतुर्थ तल स्थित सामान्य सभा सभागार में वार्ड समिति के जोन अध्यक्ष हेतु निर्वाचन की कार्यवाही प्रारंभ की जायेगी। अपरान्ह 12 बजे से अपरान्ह 12ः15 बजे तक नाम निर्देषन पत्र प्रस्तुत किया जाना, अपरान्ह 12ः15 बजे से अपरान्ह 12ः45 बजे तक प्रस्तुत नाम निर्देशन पत्रों की संविक्षा एवं सही पाये गये नाम निर्देशन अभ्यर्थियों के नाम प्रकाशन, अपरान्ह 12ः45 बजे से अपरान्ह 1ः00 बजे तक अभ्यर्थिता वापस लेना, अपरान्ह 1 बजे से 1ः30 बजे तक मतदान (यदि आवश्यक हो) तत्काल बाद मतगणना व परिणाम की घोषणा एवं कार्यवाही वृत्त का लेखन किया जायेगा। -
नगरीय नियोजन एवं भवन अनुज्ञा विभाग अध्यक्ष श्री मनोज वर्मा ने ली नगर निवेष अधिकारियों की बैठक 0
0 जनप्रतिनिधियों से अपील कि जन्मदिन, स्वागत संदेष आदि के पोस्टर सार्वजनिक स्थलों विषेषकर स्मार्ट पोल पर ना लगायेंरायपुर/ नगर निगम मुख्यालय में नगरीय नियोजन एवं भवन अनुज्ञा विभाग अध्यक्ष श्री मनोज वर्मा ने नगर निवेष शाखा के अधिकारियों, अभियंताओं, योजनाकारों एवं कर्मचारियों की प्रथम परिचयात्मक बैठक ली एवं विभागीय गतिविधियों की जानकारी लेकर आवष्यक निर्देष अधिकारियों को दिये।एमआईसी सदस्य ने नगर क्षेत्र में यातायात सुधार हेतु विस्तृत योजना बनाकर क्रियान्वयन प्रारंभ किये जाने, प्रमुख स्थानों पर पार्किंग की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित किये जाने, अवैध निर्माण एवं प्लॉटिंग पर सख्त कार्यवाही करने केवल नोटिस जारी कर खानापूर्ति न करते हुए वास्तविक एवं कठोर कार्यवाही किये जाने, राजीनामा योग्य प्रकरणों का शीघ्र निपटारा किये जाने, शेष अवैध निर्माणों पर विधिसम्मत दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित किये जाने, नियमतिकरण के संबंध में नियमन योग्य प्रकरणों की पहचान कर शासन के टाउन एण्ड कंट्री प्लानिंग विभाग को विस्तृत प्रस्ताव शीघ्र भेजे जाने, अवैध प्लॉटिंग की भूमि का अधिग्रहण कर रजिस्ट्री शून्य किये जाने, शेष भूमि को नगर निगम के अधीन लेकर शहरी विकास कार्यों हेतु उपयोग किये जाने, बेचे गए प्लॉट के स्वामियों को विकास शुल्क की प्रतिपूर्ति किये जाने, यह कार्यवाही स्वागत विहार मॉडल के अनुसार किये जाने, कबाड़ी व्यापारियों द्वारा सड़क या शासकीय भूमि पर रखे गए सामान पर कार्यवाही किये जाने, कार वॉश व्यवसाय, यदि शासकीय भूमि या अतिक्रमण करते हुए चल रहा हो, तो उसे हटाये जाने, दुकानदारों को केवल शटर की सीमा तक ही सामग्री रखने की अनुमति हो और उल्लंघन की स्थिति में धारा 322 एवं 323 के अंतर्गत कार्रवाई की जाए।एमआईसी सदस्य श्री मनोज वर्मा ने निर्देषित किया कि स्मार्ट पोल, शासकीय दीवारों एवं सार्वजनिक स्थानों पर अवैध पोस्टर, बैनर, स्टिकर लगाने पर संपत्ति विरुपण की नोटिस दी जाए एवं तीन से पाँच गुना तक जुर्माना वसूला जाए। स्मार्ट पोल के सौंदर्य को संरक्षित रखने हेतु कठोर निगरानी सहित दंडात्मक प्रावधान लागू किए जाएं। सभी जनप्रतिनिधियों से अपील की गई है कि वे जन्मदिन, स्वागत संदेश आदि के पोस्टर सार्वजनिक स्थलों विशेषकर स्मार्ट पोल पर न लगाएँ। नागरिकों को नगर की स्वच्छता एवं सौंदर्य बनाए रखने हेतु प्रेरित किया जाये।एमआईसी सदस्य श्री मनोज वर्मा ने स्पष्ट कहा कि नगर निवेश शाखा केवल औपचारिक कार्यवाही के बजाय अब जमीनी स्तर पर सुधार और अनुशासन को लागू करेगी। उन्होंने कहा शहर हमारा है, व्यवस्था और विकास हमारी जिम्मेदारी है। नगर को स्मार्ट और सुंदर बनाने का संकल्प हम सबका है। -
नगर निगम रायपुर द्वारा ज़ोन-6 के चंद्रशेखर आजाद वार्ड-60 के माथापारा क्षेत्र में जनजागृति और जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। इसके अंतर्गत घर-घर, दुकान और मोहल्लों में जाकर स्वच्छता के संदेश देकर जनता में स्वच्छता की अलख जगाई गई। उन्हें गीला व सूखा कचरा पृथक करने, कहीं भी कचरा ना फेंकने आदि के बारे में पंपलेट बांटकर और मौखिक रूप से जागरूक किया गया। उन्हें स्वच्छता की आदतें ना अपनाने पर जुर्माने और सहायता हेतु टोल-फ्री नंबर के बारे में भी जानकारी दी गई।
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रायपुर/ नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री विश्वदीप के आदेशानुसार एवं जोन 7 जोन कमिश्नर श्री रमाकांत साहू के निर्देशानुसार कार्यपालन अभियंता श्री ईश्वर लाल टावरे एवं नगर निवेश उपअभियंता सुश्री रूचिका मिश्रा की उपस्थिति में जोन 7 नगर निवेश विभाग की टीम ने जोन क्षेत्र के तहत समता कालोनी मुख्य मार्ग में 5 दुकानों बीकानेर स्वीट्स, गोली फास्ट फुड, अपना मार्ट, जुसी फैक्ट्री और पोहे वाला को पार्किंग की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण सीलबंद करने की कार्यवाही की है, वहीं डॉक्टर जाऊलकर द्वारा अपनी बिल्डिंग की पार्किंग में स्प्राउट हॉउस कैफे की पार्किंग व्यवस्था करने, सुलभ दुग्ध भण्डार को पार्किंग की व्यवस्था करने 1-1 दिवस का समय दिया गया है और रोड की दूसरी ओर की दुकानों को भी पर्किंग व्यवस्था करने जोन 7 ने नोटिस दिया है।
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भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र में कोहका भेलवा तालाब के नीचे भूमाफियों के मिली भगत से अवैध साकेत नगर कालोनी बस गई है। उस क्षेत्र में कोहका बस्ती के निस्तारी का पानी वास्तविक ढाल होने के कारण बहते रहता है। पूर्व में वहीं पर नाली का निर्माण हुआ था, अवैध भूमाफियों द्वारा साकेत नगर कालोनी के पीछे के भूखण्डो को सस्ते दरों पर बेच दिया गया है। कुछ लोगों द्वारा नगर निगम भिलाई से भवन अनुज्ञा की अनुमति लिए बिना मकान बना लिए है। शुरू में कम मकान थे, पानी निकासी दुसरे खाली प्लाट में हो जाता था। अब लाईन से मकान बन जाने के कारण पानी निकासी की समस्या हो रही है, आपस में विवाद हो रहा है। कुछ लोगो द्वारा मलवा डालकर नाली को बंद कर दिया गया है।
इसकी शिकायत मिलने पर आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय, जोन आयुक्त अजय सिंह राजपूत, अभियंता बसंत साहू, स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली, स्वच्छता निरीक्षक कमलेश द्विवेदी को लेकर मौके पर निरीक्षण किए। लोगो की मांग पर जेसीबी लगाकर नाली को साफ करवाया जा रहा है। वहां पर पानी का नियमित निकासी नहीं होने के कारण आस-पास के घरो में पानी भर रहा है। अफसोस की बात है परेशानी में रहते हुए भी लोग अभी भी मकान बना रहे है। जबकि नगर निगम भिलाई द्वारा बार-बार निर्देश जारी किया जा रहा हैं कि प्लाट क्रय करते समय निगम के भवन अनुज्ञा शाखा, पटवारी कार्यालय, टाउन एण्ड कंट्री प्लानिंग से संपर्क करने के बाद ही प्लाट क्रय करें और जब यह ज्ञात हो जाए कि प्लाट और भवन अनुज्ञा प्राप्त करके मकान निर्माण किया जा सकता है, तभी क्रय करें अन्यथा साकेत नगर कालोनी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।भूमाफिया अपने-अपने स्तर से छोटे-छोटे टूकड़े किसानो से भूखण्ड खरीद कर अपने हिसाब से रोड, नाली काटकर दिखा देते है। उनका नक्शा भी अपने हिसाब से बनाया हुआ रहता है। दुसरा विक्रेता अपना अलग नक्शा बनाकर के्रताओ को अपने जाल में फसा लेते है। जो प्लाट खरीदता है वह सोचता है यह मेरा प्लाट है उसको बना लेता हूॅ। यह नहीं सोचता है कि हमारे घर के पानी की निकासी रोड, सड़क, नाली, बिजली व्यवस्था किस प्रकार से होगा। इसके लिए बाद में उसको परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई जगहो पर तो नाली के उपर मलवा पाटकर मकान भी बना लिए है। नगर निगम भिलाई द्वारा यथा संभव जो प्रयास हो सकता है, जल निकासी का प्रयास किया जा रहा है। नाली को आगे बढ़ाने पर बड़े-बड़े मकान तोड़ने पड़ेगे तक जाकर नाली से पानी निकासी संभव हो पाएगा, इसमें सबके सहयोग की आवश्यकता है। -
*ग्राम सुराज की तर्ज पर करें जनता की समस्याओं का समाधान: कलेक्टर*
*टीएल बैठक में लंबित मामलों के जल्द निराकरण पर जोर*बिलासपुर/कलेक्टर अवनीश शरण ने टीएल बैठक में राज्य सरकार की योजनाओं और लंबित प्रकरणों के निराकरण की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि जनता की समस्याओं का यथासंभव मौके पर समाधान के लिए ग्राम स्वराज की तर्ज पर बहुत जल्द अभियान शुरू होने वाला है। इसके पहले अधिकारी कर्मचारी अपने विभागीय काम-काज की समीक्षा कर लें। प्राप्त शिकायतों का निराकरण कर लें। उन्होंने तालाबों पर से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने अगले पन्द्रह दिवस में ग्राम पंचायतों के प्रस्ताव के आधार पर बेजा कब्जा हटाने के निर्देश राजस्व अधिकारियों को दिए। बैठक में नगर निगम आयुक्त श्री अमित कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।कलेक्टर ने कहा कि प्रधानमंत्री जी की यात्रा संपन्न होने के बाद अफसरों को विकास कार्यों को तेज गति से करना होगा। जनता की समस्या, शिकायत एवं मांगों की जानकारी हासिल करने राज्य सरकार ग्राम स्वराज योजना पर विचार कर रही है। इसके शुरू होने के पहले अधिकारी विभागीय योजनाओं में कसावट लायें। पटवारी, पंचायत सचिव, आरएईओ, लाईनमेन से लोगों का ज्यादा काम होता है। ये सब अपने निर्धारित मुख्यालय में रहकर जनहित से जुड़े काम तत्परता से करें। 7 अप्रैल से राजस्व पखवाड़ा का भी बड़ा आयोजन हो रहा है। गरमी के मौसम में पेयजल की समस्या के निराकरण पर ज्यादा ध्यान दें। जहां-जहां पर नलकूप में राईजर पाईप बढ़ाने की जरूरत है, ग्राम पंचायत की मूलभूत अथवा पन्द्रहवा वित्त आयोग की राशि का उपयोग किया जा सकता है। अधिकारियों ने बैठक में बताया कि अधिकांश कार्यालयों में उपस्थिति के लिए बायोमेट्रिक उपकरण लगाये जा चुके हैं। दो-तीन दिनों में बचे हुए विभागों को लगाने के निर्देश दिए।कलेक्टर ने मस्तुरी क्षेत्र में राशन वितरण की शिकायत को देखते हुए एसडीएम को आकस्मिक निरीक्षण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्कूल जतन योजना की भी बैठक में समीक्षा की। उन्होंने कहा कि रिपेयर के बाद इस साल बरसात में छत से पानी टपकेगा अथवा लिकेज होगा तो संबंधित सब इंजीनियर को निलंबित किया जायेगा। काम करने वाले ठेकेदार को ब्लेक लिस्टेड किया जायेगा। उन्होंने टीएल पंजी में दर्ज एक-एक प्रकरण की समीक्षा की और तेजी से इनका निराकरण करने के निर्देश दिए। -
*कौशल प्रशिक्षण प्राप्त कर मिल रहे रोजगार के नए अवसर*
*जिले के 17 कौशल विकास केंद्रों से इस वर्ष 596 लोगों ने प्राप्त किया विभिन्न ट्रेड में कौशल प्रशिक्षण*बिलासपुर/जिले में मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत प्रशिक्षण प्राप्त कर युवाओं, महिलाओं को मिल रहे रोजगार के विभिन्न अवसर। जिले के 17 कौशल विकास केंद्रों से इस वर्ष 596 युवाओं ने प्रशिक्षण प्राप्त किया और आत्मनिर्भर बनें। योजना के तहत प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार जताया है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में हर वर्ग का ध्यान रखते हुए ऐसी योजनाएं चलाई जा रही है,जिससे लोग आत्मनिर्भर बन कर आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत जिले में 17 केंद्र हैं जिनमें इस वर्ष 596 युवाओं ने विभिन्न ट्रेड के तहत प्रशिक्षण प्राप्त किया और उनके लिए रोजगार के कई अवसर बनें। कोनी के महिला आईटीआई, में योजना के तहत विभिन्न कोर्स चलाए जा रहे हैं जिनमें जनरल ड्यूटी असिस्टेंट, ब्यूटीपार्लर कोर्स, सिलाई प्रशिक्षण, डाटा एंट्री ऑपरेटर, कंप्यूटर प्रशिक्षण, असिस्टेंट इलेक्ट्रिशियन, राज मिस्त्री, डेस्कटॉप पब्लिकेशन जैसे कोर्स शामिल हैं।मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना से प्रशिक्षण प्राप्त कर युवाओं को रोजगार के विभिन्न अवसर प्राप्त हो रहे हैं। योजना से प्रशिक्षण प्राप्त कर सुश्री रंजिता पटेल, रीता यादव, ऋतु यादव और द्रौपदी निषाद रोजगार प्राप्त कर चुकी हैं जनरल ड्यूटी असिस्टेंट का कोर्स करने के बाद ये जिले के विभिन्न निजी अस्पतालों में अपनी सेवाएं दे रही है, लाभार्थियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार जताते हुए कहा कि इस कौशल विकास प्रशिक्षण से वे आत्मनिर्भर बनने में सक्षम हो पाई हैं, अन्यथा अल्प शिक्षा के कारण उनके लिए बेहतर रोजगार के अवसर मिलना मुश्किल था। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण से पहले वे बेरोजगार थें, लेकिन प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाइ उन्हें नौकरी मिल गई है जिससे वे अपने परिवार को आर्थिक सहयोग दे रहे हैं। वहीं अनेक हितग्राहियों ने विभिन्न ट्रेड में प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद अपना स्वयं का व्यवसाय भी शुरू कर दिया है, और आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार को आर्थिक रूप से संबल दे रहे हैं सभी हितग्राहियों ने इस महत्वपूर्ण योजना के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को धन्यवाद दिया।उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना (MMKVY) राज्य के युवाओं को विभिन्न व्यवसायों में कौशल प्रशिक्षण प्रदान करके उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य युवाओं को उनकी रुचि और योग्यता के अनुसार प्रशिक्षण देकर रोजगार के अवसर बढ़ाना है और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। कौशल विकास विभाग के सहायक संचालक श्री उमाकांत पटेल ने बताया कि इस योजना मे शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं से संबंधित प्रशिक्षण भी प्रदान किए जा रहे है जिनमें राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत योग प्रशिक्षक, नल जल योजना के लिए जल वितरण संचालक, सोलर पैनल ऑपरेटर, प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए राजमिस्त्री प्रशिक्षण भी'शामिल किया गया है।*योजना की मुख्य विशेषताएं-*विविध प्रशिक्षण कार्यक्रमः योजना के तहत विभिन्न व्यवसायों में कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध हैं, जैसे प्लंबर, टेक्नीशियन, दर्जी, कढ़ाई-बुनाई, ब्यूटी पार्लर, राजमिस्त्री। निःशुल्क प्रशिक्षणः सभी प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरी तरह से निःशुल्क हैं, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के युवा भी लाभान्वित हो सकते हैं। प्रमाणपत्र प्रदान करना- प्रशिक्षण पूर्ण करने पर युवाओं को प्रमाणपत्र दिए जाते हैं, जो उनके कौशल की मान्यता प्रदान करते हैं। रोजगार सहायताः प्रशिक्षण के बाद युवाओं को रोजगार मेले और प्लेसमेंट कैंपों के माध्यम से नौकरी के अवसर उपलब्ध कराए जाते हैं।*पात्रता और आवेदन प्रक्रिया-*राज्य के 14 से 45 वर्ष की आयु के युवा, जो किसी भी शैक्षणिक पृष्ठभूमि से हों और स्कूली और कॉलेज शिक्षा छोड़ चुके हों, इस योजना के तहत प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं। योजना के विषय में अधिक जानकारी cssda.cg.nic.in पर की जा सकती है व आवेदन भी इस माध्यम से किया जा सकता है। योजना के विषय में जानकारी के लिए रोजगार कार्यालय और निकटतम आजीविका महाविद्यालय से भी संपर्क किया जा सकता है। - - शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए दिए आवश्यक दिशा-निर्देश- दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए उठाए आवश्यक कदम- जिले की हरियाली को बनाए रखने के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने दिए निर्देश- मादक पदार्थों के तस्करी व नशा मुक्ति के लिए चलाएं विशेष अभियान- रेन वाटर हार्वेसिं्टग को बढ़ावा देने के दिए निर्देशदुर्ग / छत्तीसगढ़ राज्य के राज्यपाल श्री रमेन डेका ने दुर्ग जिला प्रवास के दौरान आज लोक निर्माण विभाग के सभाकक्ष में प्रशासनिक अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने विभिन्न प्रशासनिक मुद्दों पर ठोस दिशा-निर्देश दिए, जिसमें पर्यावरण संरक्षण, सड़क सुरक्षा, नशा मुक्ति, जल संरक्षण और स्व सहायता समूहों को सशक्त बनाने की दिशा में प्रयासों को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस दौरान उन्होंने शासकीय योजनाओं का लाभ उठा रहे लाभान्वित हितग्राहियों से चर्चा की और उनसे प्राप्त हो रही आमदनी के बारे में जानकारी प्राप्त की।राज्यपाल श्री रमेन डेका ने हरियाली को बनाए रखने व पर्यावरण संरक्षण की दिशा में जिले में अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण केवल पर्यावरण के लिए फायदेमंद नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक उपहार साबित हो सकता है। यह हमारी ज़िम्मेदारी बनती है कि पर्यावरण की रक्षा के लिए अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाएँ और उनका संरक्षण करें। उन्होंने वनमण्डाधिकारी श्री चंद्रशेखर परदेशी को एक पेड़ मां के नाम के तहत अभियान चलाकर प्रत्येक खाली स्थानों में पेड़-पौधे लगाकर उनका संरक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने हर किसी को अपने आसपास के क्षेत्रों में पेड़ लगाने को कहा, ताकि अपने पर्यावरण को बचा सकें। राज्यपाल ने लोगों को अपने घरों के बगीचों में स्कूल, कॉलेज, शासकीय कार्यालयों एवं अन्य खाली स्थानांे में वृक्षारोपण करने को कहा।राज्यपाल श्री डेका ने जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता व्यक्त की और पुलिस प्रशासन को प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने यातायात नियमों के पालन में सख्ती बरतने की आवश्यकता पर जोर दिया। आम जनता के हित के लिए वाहन चलाते समय हेलमेट, सीट बेल्ट एवं बिना नशा पान किए वाहन चलाते हुए यातायात नियमों का पालन कराने को कहा। उन्होंने वाहन चलाते समय लापरवाही नहीं बरतने पर जोर दिया। आम जनता को यातायात नियमों एवं सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने विशेष अभियान चलाने निर्देश दिए और यातायात नियमों का कड़ाई से पालन कराने को कहा।राज्यपाल श्री डेका ने नशा मुक्ति के लिए विभिन्न कार्यक्रम का आयोजन पर जोर दते हुए कहा कि नशा एक गंभीर सामाजिक समस्या बन चुका है, जो व्यक्तियों के स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचाता है। उन्होंने नशा मुक्ति के लिए सरकारी एवं गैर-सरकारी संगठनों पर नशा मुक्ति अभियान चलाने के निर्देश दिए। राज्यपाल ने कहा कि विशेष अभियानों के माध्यम से लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया जा सकता है। नशीले पदार्थो का अन्य राज्यों से अवैध रूप से आने वाले गांजा, चरस, कोकीन पर रोक लगाने की जरूरत है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक को इस दिशा में सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिये।राज्यपाल श्री डेका ने जल संरक्षण की दिशा में रेन वाटर हार्वेस्टिंग की प्रणाली के अलावा अधिकारियों से तालाबों, नदियों और जलाशयों में जल संचयन के उपायों पर ध्यान देने को कहा। रेन वाटर हार्वेसिं्टग से जल की बचत के साथ-साथ भूमि की जलवायु को भी बेहतर बनाया जा सकता है। साथ ही अमृत सरोवर, जल जीवन मिशन अंतर्गत कार्यों के माध्यम से पेयजलापूर्ति और जल स्तर ऊपर उठाने की दिशा में कार्य करने हेतु निर्देशित किया। राज्यपाल ने स्व सहायता समूहों को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाने पर बल दिया। उन्होंने इन समूहों को स्टार्टअप योजनाओं से जोड़ने और उन्हें वित्तीय सहायता प्रदान करने की आवश्यक पहल करने को कहा। इस प्रयास से स्व सहायता समूह अपने व्यवसायों को बढ़ावा दे सकेंगे और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकते हैं। राज्यपाल ने लोगों को सरकार की मुद्रा लोन योजना से भी जोड़ कर लाभान्वित करने कहा। इसी प्रकार विभिन्न योजनाओं से जुड़े सहकारिता से संबंधित समितियों के सदस्यों को अंतर जिला एवं अंतर प्रदेश भ्रमण करा कर कार्य दक्षता बढ़ायी जाए। बैठक के प्रारंभ में कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने दुर्ग जिले की संक्षिप्त जानकारी के साथ जिले में क्रियान्वित योजनाओं और उपलब्धियों के संबंध में राज्यपाल को अवगत कराया। बैठक में संभाग आयुक्त श्री एस.एन. राठौर, पुलिस महानिरीक्षक श्री आर.जी. गर्ग, पुलिस अधीक्षक श्री जितेन्द्र शुक्ला, जिला पंचायत के सीईओ श्री बजरंग दुबे सहित समस्त विभाग के जिला प्रमुख अधिकारी और विभिन्न योजनाओं के लाभान्वित हितग्राही उपस्थित थे।
- दुर्ग / महात्मा गांधी नरेगा मजदूरों के श्रमिकों को आधार आधारित सक्षम प्रणाली के आधार पर मजदूरों को सीधे उनके आधार लिंक बैंक एकाउंट में प्राप्त होगी। केंद्र सरकार ने 2025-26 के लिए महात्मा गांधी नरेगा अंतर्गत रोजगार करने वाले ग्रामीण मजदूरी की राशि का निर्धारण किया है। 1 अप्रैल से महात्मा गांधी नरेगा योजना सरकार से मजदूरों की मुट्ठी में आएगी अर्थात् मजदूरी की राशि सीधे आधार लिंक बैंक खाते में आएगी जिसे प्राप्त करने श्रमिकांे को कहीं भटकना नहीं पड़ेगा। मजदूर देश के किसी भी कोने में कार्य करने वाले मजदूरों को 261 रुपये मजदूरी ग्राहक सेवा केंद्र, बैंक में जाकर तत्काल अपने प्राप्त होगी। यह राशि मजदूरी की राशि निकाल सकेंगे। आधार आधारित सक्षम प्रणाली के आधार पर मजदूरों को सीधे उनके आधार लिंक बैंक एकाउंट में प्राप्त होगी 1 अप्रैल 2024 से छत्तीसगढ़ को मजदूरी 261 रुपये की प्रति कार्य दिवस की दर में वृिद्ध हुई है।मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री बजरंग कुमार दुबे बताया कि जॉब कार्डधारी परिवारों तक सही सही जानकारी पहुंचाने के उद्देश्य से एवं आधार वेरीफिकेशन कार्य को पूर्ण हो गया है। साथ ही केन्द्रीय सरकार ग्रामीण मंत्रालय द्वारा 1 अप्रैल से 261 रुपए मिलेगी। 27 मार्च 2025 भारत सरकार राजपत्र द्वारा महात्मा गांधी मनरेगा की मजदूरी 261 रुपए श्रमिकों की बैंक खाते में पैसा आ रहा है। वर्तमान में मनरेगा मजदूरी भुगतान जिले में एबीपीएस आधारित भुगतान किया जा रहा है।
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भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र के लिए आई आई टी एक बहुत बड़ी सौगात है। जुनवानी पेट्रोल पम्प से आई आई टी पहुंच मार्ग 3 किलो मीटर के लगभग है। जिसके सड़क चैड़ीकरण की विशेष आवश्यकता है। इस कार्य के लिए शासन से 25 करोड़ रूपये की स्वीकृति मिल चुकी है। रोड़ की चैड़ाई दोनों तरफ 25-25 होगी, जिसमें 5 फिट का डिवाइडर बनाया जाएगा और साथ में 1-1 मीटर पर पाथवे का निर्माण भी किया जाएगा। डिवाइडर पर विद्युत पोल लगाया जाएगा और मार्ग के दोनो तरफ नाली के ऊपर पाथवे का निर्माण होगा। जिसस चलने घूमने टहलने वालों को भी आराम मिलेगा।
आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय, जोन आयुक्त अजय सिंह राजपूत एवं अभियंता बसंत साहू को लेकर सड़क एवं नहर का सर्वे किए। किस प्रकार रोड का स्वरूप होगा, नहर को से कैसे व्यवस्थित किया जाएगा। जिससे गर्मी के दिनों में तालाब भरने का काम बाधित न हो। इसके लिए बताया गया कि खुर्सीपार केनाल रोड के समान यहां पर भी नहर के ऊपर सड़क बनेगा। नहर के अंदर से पानी निकासी का 4 फिट डाया का पाइप बिछाया जाएगा, उसके उपर से रोड होगा। इससे नहर में होने वाली गंदगी एवं पानी का भी बचत होगा। जुनवानी खम्हरिया रोड बहुत से स्कूलो, काॅलेज, भवनों, हाउसिंग सोसायटीयों का प्रमुख मार्ग है। जैसे- माइल स्टोन स्कूल, स्वामी आत्मानंद स्कूल, अनुष्ठा रेसिडेंसी, प्रधानमंत्री आवास योजना, जुनवानी खम्हरिया, कृष्णा इंजीनियरिंग कालेज से हजारो लोग गुजरते है। 2 बड़ी बसो के गुजरने पर रास्ता जाम हो जाता है। इंजीनियरिंग कालेज अपने आप में एक बड़ी संस्थान है, जहां सड़क मार्ग बहुत अच्छा होना चाहिए।नगर निगम भिलाई का यह भी प्रयास होगा कि चारो तरफ हरियाली रहे, रास्ते में पडने वाले बड़े वृक्षो को नहीं काटा जाएगा, उसे सिफ्ट किया जाएगा। इसमें जनभागीदारी की भी आवश्यकता है। कुछ क्षेत्रों में अवैध कब्जा करके नाली और सड़क को घेर दिया गया है। ऐसी जगह पर निगम भिलाई शीघ्र कार्रवाई शुरू करेगा। -
भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र में कोहका भेलवा तालाब के नीचे भूमाफियों के मिली भगत से अवैध साकेत नगर कालोनी बस गई है। उस क्षेत्र में कोहका बस्ती के निस्तारी का पानी वास्तविक ढाल होने के कारण बहते रहता है। पूर्व में वहीं पर नाली का निर्माण हुआ था, अवैध भूमाफियों द्वारा साकेत नगर कालोनी के पीछे के भूखण्डो को सस्ते दरों पर बेच दिया गया है। कुछ लोगों द्वारा नगर निगम भिलाई से भवन अनुज्ञा की अनुमति लिए बिना मकान बना लिए है। शुरू में कम मकान थे, पानी निकासी दुसरे खाली प्लाट में हो जाता था। अब लाईन से मकान बन जाने के कारण पानी निकासी की समस्या हो रही है, आपस में विवाद हो रहा है। कुछ लोगो द्वारा मलवा डालकर नाली को बंद कर दिया गया है।
इसकी शिकायत मिलने पर आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय, जोन आयुक्त अजय सिंह राजपूत, अभियंता बसंत साहू, स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली, स्वच्छता निरीक्षक कमलेश द्विवेदी को लेकर मौके पर निरीक्षण किए। लोगो की मांग पर जेसीबी लगाकर नाली को साफ करवाया जा रहा है। वहां पर पानी का नियमित निकासी नहीं होने के कारण आस-पास के घरो में पानी भर रहा है। अफसोस की बात है परेशानी में रहते हुए भी लोग अभी भी मकान बना रहे है। जबकि नगर निगम भिलाई द्वारा बार-बार निर्देश जारी किया जा रहा हैं कि प्लाट क्रय करते समय निगम के भवन अनुज्ञा शाखा, पटवारी कार्यालय, टाउन एण्ड कंट्री प्लानिंग से संपर्क करने के बाद ही प्लाट क्रय करें और जब यह ज्ञात हो जाए कि प्लाट और भवन अनुज्ञा प्राप्त करके मकान निर्माण किया जा सकता है, तभी क्रय करें अन्यथा साकेत नगर कालोनी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।भूमाफिया अपने-अपने स्तर से छोटे-छोटे टूकड़े किसानो से भूखण्ड खरीद कर अपने हिसाब से रोड, नाली काटकर दिखा देते है। उनका नक्शा भी अपने हिसाब से बनाया हुआ रहता है। दुसरा विक्रेता अपना अलग नक्शा बनाकर के्रताओ को अपने जाल में फसा लेते है। जो प्लाट खरीदता है वह सोचता है यह मेरा प्लाट है उसको बना लेता हूॅ। यह नहीं सोचता है कि हमारे घर के पानी की निकासी रोड, सड़क, नाली, बिजली व्यवस्था किस प्रकार से होगा। इसके लिए बाद में उसको परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई जगहो पर तो नाली के उपर मलवा पाटकर मकान भी बना लिए है। नगर निगम भिलाई द्वारा यथा संभव जो प्रयास हो सकता है, जल निकासी का प्रयास किया जा रहा है। नाली को आगे बढ़ाने पर बड़े-बड़े मकान तोड़ने पड़ेगे तक जाकर नाली से पानी निकासी संभव हो पाएगा, इसमें सबके सहयोग की आवश्यकता है। -
महापौर मीनल चौबे, उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा, पूर्व विधायक देवजी भाई पटेल, शहर भाजपा अध्यक्ष श्री रमेश ठाकुर, एमआईसी सदस्यों, विशिष्टजनों ने दी हार्दिक शुभकामनायें, 50 सफाई मित्रों, स्वच्छता दीदियों का किया अभिनन्दन
रायपुर/नगर पालिक निगम रायपुर के सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़ ने नगर निगम जोन 2 पदेन अध्यक्ष का पदभार सम्हाल लिया. महापौर श्रीमती मीनल चौबे, रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, रायपुर शहर जिला भाजपा अध्यक्ष श्री रमेश सिंह ठाकुर सहित पूर्व विधायक श्री देवजी भाई पटेल, छग राज्य सन्निर्माण कर्मकार मण्डल के पूर्व अध्यक्ष श्री मोहन एंटी, एमआईसी सदस्य सर्वश्री मनोज वर्मा, महेन्द्र खोडियार, अवतार भारती बागल, एमआईसी सदस्यों, वार्ड पार्षदों, पूर्व पार्षद श्री तिलक पटेल, श्री सुरेन्द्र सिंह छाबड़ा, जोन 2 जोन कमिश्नर डॉक्टर आर. के. डोंगरे, स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर तृप्ति पाणीग्रही, सहायक अभियंता स्वच्छ भारत मिशन श्री योगेश कडु सहित विशिष्टजनों, गणमान्यजनों, आमजनों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने नगर निगम जोन 2 कार्यालय में पदेन अध्यक्ष का पदभार सम्हालने पर बुके प्रदत्त कर हार्दिक बधाई और शुभकामनायें दीं. सभापति और जोन 2 पदेन अध्यक्ष श्री सूर्यकान्त राठौड़ ने जोन अंतर्गत कार्यरत 50 सफाई मित्रों और स्वच्छता दीदियों को श्रीफल, शाल और स्मृतिचिन्ह प्रदत्त कर उनका सम्मान करते हुए अभिनंदन किया.
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*अस्पताल में सुविधाएं बढ़ाने दिए जरूरी निर्देश*
बिलासपुर/आयुक्त सह संचालक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. प्रियंका शुक्ला ने आज राज्य मानसिक चिकित्सालय सेंदरी का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने समस्त वार्डों का भ्रमण करते हुए महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य मानसिक चिकित्सालय सेंदरी प्रदेश का एकमात्र मानसिक चिकित्सालय है, जिसके लिए क्वालिटी एश्योरेंस पैरामीटर के सभी मापदंड का पालन किया जाना चाहिये और इसके लिए एक विशेष टीम द्वारा चिकित्सालय का निरीक्षण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि चिकित्सालय को एक मॉडल मानसिक चिकित्सालय के रूप में विकसित किया जाना है जिसके लिए वृहद स्तर पर टीम वर्क व समन्वय के साथ कार्य को पूरा किया जाना चाहिए।डॉ. शुक्ला ने चिकित्सालय में प्रवेश द्वार निर्माण के लिए व सूचक बोर्ड को व्यस्थित करते हुए पूरे भवन का रंग-रोगन करने के लिए लोक निर्माण विभाग, बिलासपुर, के अभियंता को निर्देशित किया। उन्होंने चिकित्सालय के निरीक्षण के दौरान पाया कि चिकित्सालय में पर्याप्त नर्सिंग स्टॉफ एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी कार्य कर रहे है जिसके लिए चिकित्सालय में संचालित वार्ड के अनुरूप व्यस्थित ड्युटी रोस्टर नहीं है जिसे तैयार करने के निर्देश उन्होंने दिए ताकि चिकित्सालय में भर्ती मरीजों की देखभाल सुचारू रूप से हो सके।उन्होंने कहा कि चिकित्सालय में विभिन्न नर्सिंग संस्थानों से क्लिनिकल प्रशिक्षण में आने वाले नर्सिंग छात्र-छात्राओं की तीन पालियों में ड्यूटी निर्धारित की जाए और उनकी क्षमता अनुसार उनसे कार्य लिया जाये। डॉ प्रियंका शुक्ला ने कहा कि चिकित्सालय शहर से 15 कि.मी. की दूरी पर है, और मरीजो के लिए आवश्यक जॉच के लिए 15-20 कि.मी. की दूरी तय करनी होती है, जिसके लिए एम्बुलेंस एवं मानव संसाधन लगते है। चिकित्सालय में ही मरीजों की संख्या एवं प्रदेश के एकमात्र मानसिक अस्पताल होने के कारण अस्पताल परिसर में ही सभी सुविधाएं सुनिश्चित हो, जिसके लिए प्रस्ताव तैयार कर भेजने के लिए अधीक्षक को निर्देश दिए। डॉक्टर शुक्ला ने चिकित्सालय में कार्यरत् स्टॉफ को निर्देशित किया कि ये चिकित्सालय राज्य का एक मात्र मानसिक चिकित्सालय है, जहाँ पर राज्य भर से मरीज इलाज के लिए आशा के साथ पहुँचते है, उनसे संवेदनशील व्यवहार किया जाए और उनका सहयोग हर स्तर पर किया जाए।निरीक्षण के दौरान राज्य कार्यक्रम अधिकारी डॉ. कमलेश जैन, संभागीय संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवायें डॉ. सुरेश कुमार तिवारी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रमोद तिवारी, अस्पताल अधीक्षक राज्य मानसिक चिकित्सालय सेंदरी डॉ. प्रभु चौधरी, सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग एवं चिकित्सालय के मेट्रन उपस्थित रहे।






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