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- -मयाली नेचर कैम्प में साहसिक खेलों की रोमांचक शुरुआत: जनजातीय प्रतिभाओं को मिलेगा मंच और युवाओं को मिलेगा रोजगाररायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज जशपुर जिले को एक नई पहचान देने वाली ऐतिहासिक पहल की। उन्होंने कुनकुरी स्थित मयाली नेचर कैम्प में एडवेंचर जोन का शुभारंभ किया और जिले के लिए तीन प्रमुख पर्यटन सर्किटों—आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक (स्पिरिचुअल एंड हेरिटेज), प्राकृतिक एवं वन्य जीव (नेचर एंड वाइल्ड लाइफ) और साहसिक पर्यटन (एडवेंचर) सर्किट—का लोकार्पण किया। यह कदम न केवल जशपुर को छत्तीसगढ़ के भीतर एक प्रमुख पर्यटन गंतव्य बनाएगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए भी नए अवसरों के द्वार खोलेगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वयं पोंटून बोट में सवार होकर मधेश्वर महादेव के विहंगम दृश्य का अवलोकन किया और कहा कि मयाली एडवेंचर ज़ोन अब रोमांच और रोजगार का केंद्र बनेगा। यहाँ एक्वा साइक्लिंग, कयाकिंग, स्पीड बोट, फ्लोटिंग जेटी, बम्पर बोट जैसे एडवेंचर एक्टिविटी की शुरुआत की गई है।तीन नए पर्यटन सर्किटों की झलकमुख्यमंत्री श्री साय द्वारा जिन तीन प्रमुख पर्यटन सर्किटों का लोकार्पण किया गया, वे जशपुर की विविधता और विशेषता को दर्शाते हैं। स्पिरिचुअल और हेरिटेज सर्किट कोतेबीरा से शुरुआत होती है, जो तमता, कैलाश गुफा, मधेश्वर पहाड़, शारदा धाम, ग्वालिन सरना जैसे स्थलों से होकर गुजरता है—यह सर्किट श्रद्धा, विरासत और जनजातीय परंपराओं की अनमोल झलक पेश करता है।प्राकृतिक एवं वन्य जीव सर्किट उन पर्यटकों को आकर्षित करेगा जो प्रकृति की गोद में सुकून तलाशते हैं। इसमें मकरभंजा जलप्रपात, बादलखोल अभ्यारण्य, रानीदाह और गुल्लू जलप्रपात से लेकर सारुडीह का चाय बागान तक शामिल हैं—प्राकृतिक धरोहरों से भरपूर यह सर्किट पर्यावरण प्रेमियों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं होगा।साहसिक पर्यटन सर्किट रोमांच के शौकीनों को आकर्षित करेगा। इसमें दनगरी कैम्प साइट, बेलवार जलप्रपात, देशदेखा हिल कैम्प, सरना ईको एथेनिक रिसोर्ट और क्लाइम्बिंग सेक्टर जैसे स्थान शामिल हैं, जो ट्रेकिंग, क्लाइम्बिंग और नेचर-कैम्पिंग जैसी गतिविधियों के लिए एक आदर्श स्थान बनेंगे।जनजातीय युवाओं के लिए पर्वतारोहण अभियान: हिमाचल की ऊंचाइयों से लौटेगा जशपुर का आत्मविश्वासमुख्यमंत्री श्री साय की पहल पर अब जशपुर के जनजातीय युवाओं को हिमाचल प्रदेश के मियाड़ घाटी में पर्वतारोहण, रोप क्लाइम्बिंग आदि का प्रशिक्षण मिलेगा। प्रशिक्षण प्राप्त युवा वापस लौटकर स्थानीय युवाओं को भी प्रशिक्षित करेंगे, जिससे पर्यटन और युवाशक्ति दोनों को मजबूती मिलेगी।मुख्यमंत्री श्री साय से अभियान में जाने वाले बच्चों ने मिलकर कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि उन्हें ये अनोखा अवसर प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शासन द्वारा युवाओं को विभिन्न साहसिक खेलों के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। विगत दिनों छत्तीसगढ़ की एक पर्वतारोही बेटी ने अफ्रीका के सबसे ऊंचे शिखर पर तिरंगा फहराने की इच्छा दर्शाई थी जिसे तुरन्त आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई थी। उसने किलीमंजारो फतह किया। इसी तरह आपको भी खूब मेहनत कर राज्य का नाम ऊंचा करना है। जिस पर युवा तेजल भगत ने कहा अब हमारी पारी है हम भी राज्य को गौरवान्वित करेंगे।स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने कहा—पर्यटन ने बदली जिंदगीमयाली नेचर कैम्प में कार्यरत लक्ष्मी एवं तुलसी स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने मुख्यमंत्री से भेंट कर उनका आभार जताया। उन्होंने बताया कि पर्यटन की वजह से अब उन्हें नियमित आय मिल रही है और बच्चों को भी रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। महिलाओं ने मधेश्वर महादेव की काष्ठ-निर्मित कलाकृति भेंट कर मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया।मुख्यमंत्री श्री साय की यह पहल पर्यटन को सिर्फ सैर नहीं, बल्कि सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण का साधन बना रही है। जशपुर की प्राकृतिक सुंदरता, आध्यात्मिक विरासत और जनजातीय आत्मबल को राष्ट्रीय स्तर पर ले जाने की यह ऐतिहासिक शुरुआत है।
- -मुख्यमंत्री ने परिवार सहित कथा में लिया भाग, 27 मार्च को होगा कथा का समापनरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज जशपुर जिले के मायाली के मधेश्वर महादेव धाम में आयोजित 7 दिवसीय शिव महापुराण कथा में सहभागी बने और भक्ति-भाव से विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा और बिरहोर जनजाति परिवारों के साथ बैठकर कथा का श्रवण किया। उल्लेखनीय है कि इस अवसर पर शिव महापुराण कथा का श्रवण करने एक लाख से अधिक श्रद्धालु उपस्थित थे।मुख्यमंत्री श्री साय ने कथावाचक पंडित श्री प्रदीप मिश्रा जी का पुष्पमाला पहनाकर एवं मधेश्वर महादेव का छायाचित्र भेंटकर अभिनंदन किया, साथ ही प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना करते हुए उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।मुख्यमंत्री श्री साय के साथ उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, पवन साय, कृष्ण कुमार राय, भरत सिंह सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी — कमिश्नर श्री नरेंद्र दुग्गा, आईजी श्री अंकित गर्ग, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।27 मार्च को पुनः प्रारंभ होगी मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजनामुख्यमंत्री श्री साय ने श्रद्धालुजनों को संबोधित करते हुए कहा कि यह हम सबके लिए अत्यंत सौभाग्य की बात है कि भगवान शिव की दिव्य कथा कहने स्वयं पंडित प्रदीप मिश्रा मधेश्वर महादेव की धरती पर पधारे हैं। यहां पाँच दिनों से चल रही शिव भक्ति की धारा से समूचा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हो गया है। इस पावन कथा से लोगों को आध्यात्मिक ज्ञान की प्राप्ति हो रही है।मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना का पुनः शुभारंभ 27 मार्च को किया जाएगा। इसके तहत इच्छुक श्रद्धालुओं को विभिन्न तीर्थ स्थलों के दर्शन हेतु भेजा जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि अयोध्या धाम रामलला दर्शन योजना के अंतर्गत अब तक 22,000 से अधिक श्रद्धालु प्रभु श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं।शिव महापुराण कथा की दिव्य धारा से विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा और बिरहोर जनजाति के ग्रामीण भी लाभान्वित हुए। ग्राम पंडरसिली (मनोरा), बेहेराखार और भितघारा (बगीचा) से आए अनेक श्रद्धालु कथा स्थल पहुंचे। पहाड़ी कोरवा जनजाति के संतोष राम, बजरु राम, शंकर राम, दुर्गा राम और बिरहोर जनजाति के गेंदु राम, गुरुबारु राम, लाखा राम ने कहा कि शिव कथा ने हमारे अंतर्मन को छू लिया है। प्रदीप मिश्रा जी के प्रवचन केवल भक्ति नहीं सिखाते, वे जीवन को नई दिशा भी देते हैं।मधेश्वर महादेव: आध्यात्मिक आस्था का केंद्रमुख्यमंत्री श्री साय ने मधेश्वर महादेव धाम को विश्व के सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग के रूप में गौरव का प्रतीक बताया और कहा कि यह स्थल पूरे प्रदेश की धार्मिक आस्था का केंद्र है। उन्होंने आह्वान किया कि इस पावन अवसर का अधिक से अधिक लोग लाभ लें और कथा के शेष दो दिनों में भी उपस्थित होकर शिव भक्ति से स्वयं को अनुप्राणित करें।
- -पूर्व में भी विभिन्न संस्थाओं को 33 लाख रूपये से अधिक की राशि दी गईरायपुर,। राज्यपाल श्री रमेन डेका द्वारा अपने स्वेच्छानुदान मद से इंदिरा कला एवं संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ में अध्ययनरत उत्तर पूर्वी क्षेत्र के 38 जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिए प्रोत्साहन स्वरूप 1 लाख 90 हजार रूपये की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है। प्रत्येक विद्यार्थी को शिक्षा सत्र 2024-25 के लिए स्वेच्छानुदान मद से 5-5 हजार रूपये प्रदान किए जायेंगे।कुष्ठरोगियों के लिए 2 लाख रूपये स्वीकृतश्रीे डेका द्वारा कोरबा जिले के प्रवास के दौरान वहां के 308 कुष्ठ रोगियों के लिए भी अपने स्वेच्छानुदान मद से 2 लाख रूपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है।उल्लेखनीय है कि राज्यपाल श्री डेका द्वारा पूर्व में दिव्यांगों, अनाथों, वृद्धजनों, वनवासियों के लिए कार्यरत संस्थाओं एवं टी.बी मरीजों के लिए 33 लाख रूपये से अधिक की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई थी।राज्यपाल श्री डेका ने स्वेच्छानुदान मद से अनुसूचित क्षेत्रों में कार्यरत वृद्धाश्रमों, अनाथ आश्रमों तथा दिव्यांग जनों के लिए कार्यरत शासकीय एवं अशासकीय संस्थाओं को भी आर्थिक सहायता राशि की गई है।
- कोण्डागांव।, भारत सरकार के मार्च 2026 तक नक्सलवाद समाप्त करने के संकल्प को साकार करने की दिशा में, आईटीबीपी (इंडो-तिब्बतन बॉर्डर पुलिस) ने छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र में बेडमाकोटी में एक नया कैंप स्थापित किया है। यह कैंप कुतुल से लगभग 5 किमी आगे स्थित है और इसे सुरक्षा बलों की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।कोण्डागांव स्थित 41वीं वाहिनी, आईटीबीपी ने डीआईजी राणा युद्धवीर सिंह (सामरिक क्षेत्रीय मुख्यालय, भुवनेश्वर) के नेतृत्व में यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है। बेडमाकोटी नक्सल प्रभावित क्षेत्र है, जहां सुरक्षा बलों के लिए चुनौतियां लगातार बनी रहेंगी। इसके बावजूद, यह कैंप न केवल नक्सल विरोधी अभियानों को मजबूत करेगा, बल्कि स्थानीय निवासियों को भयमुक्त वातावरण प्रदान करने में भी सहायक सिद्ध होगा।आईटीबीपी, भारत सरकार के नक्सल उन्मूलन मिशन के तहत, अबूझमाड़ क्षेत्र में लगातार अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही है। नए कैंपों की स्थापना से न केवल सुरक्षा बलों की पकड़ मजबूत हो रही है, बल्कि यहां के ग्रामीणों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। आईटीबीपी के हिमवीर न केवल क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं, बल्कि स्थानीय जनता को भारत सरकार और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी प्रदान कर रहे हैं। इस निरंतर उपस्थिति से नक्सलियों की गतिविधियों पर अंकुश लगा है, जिससे आम जनता अब खुद को पहले से अधिक सुरक्षित और आत्मनिर्भर महसूस कर रही है।डीआईजी राणा युद्धवीर सिंह ने कहा कि आईजी ओपी यादव (सेंट्रल फ्रंटियर, आईटीबीपी) के निरंतर मार्गदर्शन के कारण यह अभियान सफल रहा। उन्होंने 41वीं वाहिनी के सेनानी नरेंद्र सिंह और उनके हिमवीरों को बेडमाकोटी कैंप की सफल स्थापना पर बधाई दी। इसके साथ ही, उन्होंने बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी, कांकेर रेंज डीआईजी अमित कामले, नारायणपुर पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार, डीआरजी और छत्तीसगढ़ पुलिस की टीमों को इस अभियान में उनके सक्रिय सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। इस अवसर पर 53वीं वाहिनी के सेनानी अमित भाटी और 45वीं वाहिनी के सेनानी राजीव गुप्ता भी उपस्थित रहे।
- दंतेवाड़ा, । समाज कल्याण विभाग द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार दुर्घटना में ठोठापारा चितालंका, निवासी श्री सुदरूराम इच्छाम पिता स्व. मुराराम इच्छाम, का जुलाई वर्ष 2021 में सड़क दुर्घटना हो जाने से दाहिना पैर बुरी तरह से घायल हो गया था और इलाज करवाने के बावजूद भी ठीक नहीं होने से वर्ष अगस्त 2024 में चिकित्सकों की सलाह पर उनका पैर कटवाना पड़ा। जिसका इलाज भद्राचलम में हुआ वर्तमान में वे पूरी तरह से स्वस्थ हैं, पर उन्हें दैनिक क्रियाकलाप करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था इसे देखते हुए समाज कल्याण विभाग की दिव्यांगजनों को निःशुल्क बैटरी चलित ट्रायसायकल प्रदाय योजना के तहत लाभ लेने हेतु दिनाँक 21 मार्च 2025 को कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के समक्ष अपनी समस्या उक्त ग्रामीण ने रखी और कलेक्टर द्वारा समाज कल्याण विभाग को दिव्यांग की समस्या का निराकरण तत्काल करने के निर्देश दिए गए। फलस्वरूप आज 24 मार्च 2025 को अपर कलेक्टर श्री राजेश कुमार पात्रे के हाथों श्री सुदरू राम इच्छाम को एक नग बैटरी चलित ट्राय साइकिल एवं एक नग व्हीलचेयर प्रदान किया गया। इस अवसर पर उप संचालक समाज कल्याण एवं विभागीय कर्मचारी उपस्थित रहे।
- -संभाग के सभी जिलों के विभिन्न विधाओं में विजेता प्रतिभागियों का होगा प्रदर्शन-जिला पंचायत सीईओ द्वारा ली तैयारियों के संबंध में ली गई आवश्यक बैठकदंतेवाड़ा, । बस्तर संभाग अंतर्गत जनजातीय बाहुल्य राज्य छत्तीसगढ़ की स्थानीय कला एवं संस्कृति परंपरा से परिपूर्ण बस्तर अंचल के लोककला, शिल्प कला, तीज-त्यौहार, खान-पान, बोली-भाषा, रीति-रिवाज, वेशभूषा, आभूषण, वाद्य यंत्र, पारंपरिक नृत्य, गीत-संगीत, नाट्य, व्यंजन पेय पदार्थ के मूल स्वरूप को संरक्षण, संवर्धन एवं कला समूहों के सतत विकास तथा जनजातीय कलाकारों को प्रोत्साहित एवं सम्मानित करने के उद्देश्य से संभाग स्तरीय ’’बस्तर पंडुम 2025’’ का आयोजन दिनांक 1,2,3 अप्रैल 2025 को किया जा रहा है। इस वृहद आयोजन में जिला सुकमा, बीजापुर, बस्तर, कोंडागांव, नारायणपुर, दंतेवाड़ा, कांकेर, जिलों के विजेता प्रतिभागी टीमें पुनः अपना सांस्कृतिक प्रदर्शन जिला मुख्यालय में करेंगी।इसके तैयारी एवं सफल आयोजन के तहत जिला कार्यालय के डंकनी सभा कक्ष में आज सीईओ जिला पंचायत श्री जयंत नाहटा द्वारा नोडल अधिकारियों की आवश्यक बैठक ली गई। बैठक में प्रतियोगिता में सम्मिलित प्रतिभागियों के ठहरने एवं भोजन की व्यवस्था, प्रतिभागियों के आवागमन की सम्पूर्ण व्यवस्था, कला एवं संस्कृति से संबंधित समस्त व्यवस्थाओं, विजेताओं को नगद पुरस्कार, प्रमाण पत्र , साथ ही प्रतियोगिता स्थल पर बांस-बल्ली व्यवस्था, बैरिकेडिंग, प्रतियोगिता स्थल पर सम्पूर्ण सुरक्षा व्यवस्था, चिकित्सा व्यवस्था, प्रतिभागियों के आवागमन हेतु वाहन की व्यवस्था, टेंट पंडाल, मंच व्यवस्था कार्यपालन, साउंड सिस्टम, मंच में लाइट तथा जनरेटर की व्यवस्था, प्रतियोगिता स्थल पर विद्युत व्यवस्था, प्रतियोगिता स्थल में आवश्यक लेआउट, समतलीकरण, साफ-सफाई, पीने के पानी, पानी टेंकर, चलित शौचालय एवं संबंधित अन्य कार्य, फायर ब्रिगेड की व्यवस्था, विशिष्ट अतिथियों के समन्वय हेतु लाईजनिंग के संबंध में विषेष दिषा निर्देष दिए गए। बैठक में अपर कलेक्टर श्री राजेष पात्रे, सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे। file photo
- महासमुंद / महासमुंद तहसील के ग्राम तुमाडबरी में बिना अनुमति के बाडी में बोरवेल खुदाई करते एक बोरवेल वाहन एवं एक स्पोर्ट वाहन को प्रशासन ने जब्त किया है। एसडीएम हरिशंकर पैंकरा के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई, जिसमें बोरवेल वाहन क्रमांक सीजी04पीजे 2316 एवं सपोर्ट वाहन सीजी 04 एम जेड 0649 को जब्त किया गया।तहसील प्रशासन को सूचना मिली थी कि ग्राम तुमाडबरी के खेमाराम साहू के बाडी में बिना किसी आधिकारिक स्वीकृति के बोर खुदाई की जा रही है। इस पर तहसीलदार कृष्ण कुमार साहू एवं नायब तहसीलदार मोहित अमिला की टीम मौके पर पहुंची और खुदाई कार्य को रुकवाया। जांच में यह सामने आया कि संबंधित व्यक्ति के पास बोर खुदाई की कोई अनुमति नहीं थी। इसके बाद एसडीएम के निर्देशानुसार दोनों वाहनों को जप्त कर लिया गया।इस मौके पर मौजूद ग्रामीणों के समक्ष पंचनामा तैयार कर महासमुंद थाने में वाहनों को सुपुर्द किया गया।गौरतलब है कि बिना अनुमति के बोरवेल खुदाई करना वर्तमान में कानूनन प्रतिबंधित है। भूजल स्तर को नियंत्रित रखने और अवैध खुदाई को रोकने के लिए प्रशासन समय-समय पर सख्त कार्रवाई करता रहा है। प्रावधानों के अनुसार प्राधिकृत अधिकारी नलकूप खनन की आवश्यकता होने पर अनुमति प्रदान करने की कार्यवाही करेगें। बोरवेल खनन अथवा बोरवेल मरम्मत का कार्य पंजीकृत बोरवेल एजेंसी द्वारा ही की जाएगी। कोई भी व्यक्ति या एजेंसी द्वारा उक्त अधिनियम के उल्लंघन में नलकूप खनन करना पाया जाता है तो उसके विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे। प्रशासन ने किसानों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे बोरवेल खुदाई के लिए पहले आवश्यक अनुमति प्राप्त करें, अन्यथा अवैध खुदाई करने पर कानूनी कार्रवाई होगी।
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जांजगीर। चांपा पुलिस ने 493 नग नशीले टेबलेट के साथ 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और दोनों आरोपी राज सिंह, चंद्र प्रकाश उर्फ चंदू कुम्हार को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है. मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई की है. आरोपियों से बिक्री रकम 2 हजार 2 सौ 70 रुपए को जब्त किया गया है. दोनों आरोपी चाम्पा के जगदल्ला के रहने वाले हैं.
दरअसल, पुलिस को मुख़बिर से सूचना मिली कि चाम्पा के जगदल्ला में नशे के टैबलेट का बिक्री हो रहा है. सूचना पर पुलिस ने मौके पर दबिश देकर आरोपी राज सिंह और चंद्र प्रकाश उर्फ चंदू कुम्हार को पकड़ा. साथ ही दोनों के कब्जे से 493 नग अल्प्राजोलम नशे का टेबलेट को जब्त किया है. मामले में दोनों आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है. - गौरेला । प्रदेश में गर्मी की अधिकता के कारण बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए केवल ग्रीष्मकाल की अवधि यानी 1 अप्रैल से 30 जून 2025 तक आंगनबाड़ी केन्द्रों के संचालन का समय 6 घण्टे से घटाकर 4 घण्टे किया गया है। गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में इस समयावधि के परिवर्तन करने पर केन्द्र संचालन प्रातः 7 बजे से 11 बजे तक होगा। ग्रीष्मकाल समाप्ति उपरांत 1 जुलाई 2025 से पुनः आंगनबाड़ी केन्द्र संचालन प्रातः 9:30 से 3:30 बजे तक 6 घण्टे के लिये किया जायेगा। file photo
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गौरेला। गौरेला थाना क्षेत्र में फर्जी सिम कार्ड जारी करने के मामले में जीपीएम पुलिस ने दो सिम विक्रेताओं को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता के निर्देश पर साइबर सेल और गौरेला पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में दो आरोपियों को उमाशंकर चक्रधारी और मोहनीश श्रीवास्तव को पकड़ा गया। आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और टेलीकॉम एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी निजी जानकारी किसी अज्ञात व्यक्ति से साझा न करें और किसी भी साइबर धोखाधड़ी की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
- -दो गांव के 260 एकड़ खेतों की होगी सिंचाई-नहीं होगा एक भी परिवार का विस्थापनबिलासपुर, / कोटा राजस्व अनुविभाग के बेलगहना तहसील की डाडबछाली जलाशय योजना के नहर निर्माण के लिए 1.60 एकड़ निजी भूमि अधिग्रहण की अनुशंसा विशेषज्ञ समूह ने की है। सामाजिक समाघात दल की रिपोर्ट के आधार पर विशेषज्ञ समूह ने न्यूनतम निजी भूमि के अधिग्रहण की सिफारिश की है। इससे डाडबछाली तथा इससे लगे एक और गांव के किसानों की लगभग 260 एकड़ कृषि भूमि की सिंचाई हो सकेगी। भू-अधिग्रहण से न तो किसी परिवार का विस्थापन होगा और न ही कोई सार्वजनिक अथवा निजी अधोसरंचना को नुकसान पहुंच रहा है।अनुविभागीय राजस्व अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी कोटा ने बताया कि डाडबछाली जलाशय योजना के नहर बन जाने से 260 एकड़ में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी। इससे गांव के अनुसूचित जनजाति, जाति एवं पिछड़े वर्ग के किसान लाभान्वित होंगे। इन किसानों की आमदनी का मुख्य जरिया कृषि कार्य एवं मजदूरी है। इसके अलावा नहर निर्माण का कार्य पूर्ण होने से निस्तारी हेतु तालाबों को भरने की सुविधा प्राप्त हो सकेगी। जिससे ग्राम के सतही जल का स्तर बढ़ेगा। विशेषज्ञ दल का यह भी मानना है कि योजना की लागत की तुलना में इसके फायदे अधिक हैं। आदिवासी अंचल में योजना के स्थित होने के कारण ज्यादातर अनुसूचित जाति, जनजाति एवं अन्य पिछड़े वर्ग के लोगों को सीधा फायदा होगा।रिपोर्ट के अनुसार ग्राम पंचायत डाडबछाली में पूर्व में अर्जित भूमि प्रस्तावित योजना के लिए नहीं पायी गई। नहर निर्माण के लिए प्रस्तावित भूमि के विकल्प के रूप में पड़त अथवा अनुपयोगी भूमि नहीं पाये जाने का दल ने रिपोट्र किया है। ऐसी स्थिति में तकनीकी रूप से विकल्प भूमि पर विचार करने का कोई औचित्य नहीं है। प्रस्तावित नहर निर्माण की लम्बाई 510 मीटर है। एवं उतनी ही भूमि का अर्जन करने का प्रस्ताव दिया गया है जितने में नहर निर्माण का कार्य पूर्ण किया जा सके। डाडबछाली जलाशय नहर निर्माण से 260 एकड़ में सिंचाई सुविधा मिलेगी। जिसके लिए मात्र 1.60 एकड़ भूमि अर्जित किया जाना प्रस्तावित है, जो कि न्यूनतम प्रस्तावित भूमि है। भू-अर्जन से किसी भी परिवार का विस्थापन नहीं हो रहा है और न ही किसी सार्वजनिक अथवा निजी अधोसंरचना को नुकसान पहुंच रहा है। file photo
- -मात्र 5 रुपए में श्रमिकों को मिलेगा भरपेट भोजनबिलासपुर, / बिलासपुर शहर के श्रमिक बहुल बुधवारी चांटीडीह इलाके के पुराने मंडी परिसर में शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न केंद्र का विधायक सुशांत शुक्ला ने शुभारंभ किया। मात्र 5 रुपए में पंजीकृत श्रमिकों को भरपेट भोजन मिलेगा। भक्त माता कर्मा जयंती के शुभ अवसर पर विधायक ने शुभारंभ करते हुए श्रमिकों के साथ बैठकर भोजन किया। केंद्र से प्रतिदिन लगभग 700 मजदूरों को लाभान्वित करने की योजना है। गौरतलब है कि ये शहर का तीसरा श्रम अन्न केंद्र है। इसके पहले वृहस्पति बाजार और तिफरा में पूर्व से संचालित है। कुल मिलाकर तीनों अन्न केंद्रों से लगभग 1800 श्रमिकों को मात्र 5 रुपए में भरपेट भोजन मुहैया हो रहा है।विधायक श्री सुशांत शुक्ला ने फीता काटकर श्रम अन्न केंद्र का लोकार्पण किया। उन्होंने बताया कि चांटीडीह के मजदूरों ने तीन माह पहले श्रमिक भोजन केंद्र की मांग की थी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन के निर्देश पर अल्पावधि में यह केंद्र शुरू हो पाया। उन्होंने इलाके के श्रमिकों को बधाई दी और बेहतर संचालन के लिए शुभकामनाएं दी। उन्होंने आश्वस्त किया कि आकस्मिक रूप से पहुंचकर केंद्र में मजदूरों के साथ भोजन करूंगा। भोजन की गुणवत्ता हमेशा बनाए रखने के निर्देश संचालक को दिए। समारोह को महापौर श्रीमती पूजा विधानी ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि श्रमिकों को ट्रिपल इंजन सरकार का फायदा मिला।श्रम विभाग की सहायक आयुक्त श्रीमती ज्योति शर्मा ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने योजना की पृष्ठभूमि बताई। कहा कि श्रमिक काम की तलाश में सवेरे से ही चावड़ी में बैठ जाते है। बिना खाए पिए वे इंतजार करते रहते हैं। कई बार बिना कुछ खाए काम में चले जाते हैं। इससे उनके स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ता है। इसे देखते हुए विष्णुदेव की सरकार ने योजना लाई। अब वे मात्र 5 रुपए में भरपेट भोजन कर काम में जा सकते हैं। टिफिन में भोजन पैक करवा कर भी ले सकते हैं । किसी भी हालत में उन्हें भूखे नहीं रहना है। सवेरे 8 बजे से 11 बजे तक भोजन केंद्र खुला रहता है। श्रम निरीक्षक योशिता शर्मा ने विभागीय योजनाओं से श्रमिकों को अवगत कराया। सहायक श्रम पदाधिकारी आरके तम्हाने ने अंत में आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर पार्षद रूपाली गुप्ता, रेखा सूर्यवंशी,रानी देवांगन, रेखा पांडे, मनोरमा विजय यादव, पूर्व पार्षद विष्णु यादव सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं श्रमिक तथा शहरवासी उपस्थित थे।
- दुर्ग/ नगर पालिक निगम दुर्ग के अंतर्गत पोटिया स्थित ट्रेचिंग ग्राउण्ड में लगभग 1.50 करोड़ रूपए की लागत से स्थापित ट्रॉमेल मशीन से वैज्ञानिक पद्धति से कचरे का निष्पादन प्रारंभ हो गया है। ट्रेचिंग ग्राउण्ड में कचरों की निष्पादन की कार्ययोजना नगर निगम दुर्ग द्वारा तैयार की गई है। निगम द्वारा उक्त कार्य हेतु मेसर्स मेकॉफ इंडिया लिमिटेड भोपाल एजेंसी को कार्यादेश जारी किया गया है। साथ ही एजेंसी को वर्षाऋतु के पूर्व कार्य पूर्ण करने आदेशित किया गया है। एजेंसी द्वारा कार्य प्रारंभ किया जा चुका है। ट्रेचिंग ग्राउण्ड में रखे गये कचरे को वैज्ञानिक पद्धति से निष्पादन के साथ शहर से उत्पादित कचरों का भी निष्पादन किया जा रहा है। ट्रेचिंग ग्राउण्ड में उक्त यूनिट के लगने और कचरों के नियमित निष्पादन से क्षेत्र में वायु प्रदूषण से मुक्ति मिलेगी।निगम कमिश्नर श्री अग्रवाल ने बताया कि पोटिया स्थित 47000 क्यूबिक मीटर कचरे का निष्पादन वैज्ञानिक तरीके से किया जाएगा। इसके लिए ट्रॉमेल मशीन लगायी गई है जो कि कचरे को सेग्रीगेट करके प्लास्टिक, इनर्ट मटेरियल, आरडीएफ, बायो डिग्रेडेबल कचरा को अलग-अलग करेगी। आरडीएफ के निष्पादन के लिए सीमेंट फैक्ट्री से एमओयू किया गया है और पूरा आरडीएफ वहाँ भेजा जाएगा। इसके अलावा बायो डिग्रेडेबल कचरे को खाद में कन्वर्ट करके बायोकंपोस्ट बनाया जाएगा। इनर्ट मटेरियल को लो लाइंग क्षेत्र में डंप किया जाएगा। इस तरह के निष्पादन से किसी प्रकार का अवशेष नहीं बचेगा और 100 प्रतिशत कचरे का निपटान वैज्ञानिक तरीके से करते हुए और पर्यावरण को बिना नुकसान पहुंचाये किया जाएगा।
- बालोद/भारत सरकार नई दिल्ली द्वारा 01 करोड़ से अधिक युवाओं को शीर्ष कंपनियों में इंटर्नशीप के अवसर प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री इंटर्नशिप स्कीम 2.0 शुरू की गई है। जिसके अंतर्गत पंजीयन की अंतिम तिथि 31 मार्च 2025 निर्धारित की गई है। शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान गुरूर के प्राचार्य ने बताया कि संस्थान में प्रधानमंत्री इंटर्नशिप स्कीम 2.0 अंतर्गत 28 मार्च 2025 तक सुबह 11 बजे से दोपहर 03 बजे तक कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। उन्हांेने बताया कि 21 से 24 वर्ष की आयु वाले आईटीआई उत्तीर्ण प्रशिक्षार्थी कार्यशाला में संपूर्ण दस्तावेजों के साथ उपस्थित हो सकते हैं।
- बालोद/ जिला स्तरीय पुनरीक्षण समिति एवं जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति की बैठक कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल की अध्यक्षता में बुधवार 26 मार्च 2025 को शाम 04 बजेेेे से संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित की गई है। बैठक मंे सभी जिला समन्वयक अपने अधीनस्थ समस्त शाखाओं का शासकीय योजना अंतर्गत किए गए ऋण स्वीकृति एवं वितरणों की अद्यतन जानकारी के साथ निर्धारित समय एवं तिथि में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।
- बालोद। जिला स्तर पर वन आधारित आजीविका एवं सामुदायिक वन संसाधन प्रबंधन के लिए विभागीय समन्वय स्थापित करने हेतु एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित करने जिला पंचायत बालोद के सभाकक्ष में 26 मार्च को आयोजित की गई है। सहायक आयुक्त आदिवासी विकास ने बताया कि वन संसाधन के प्रक्रिया को सरल बनाने, मान्यता प्राप्त वन संसाधन समिति को प्रशिक्षित करने, स्व सहायता समूहों को वन आधारित उत्पादों के संग्रहण, भण्डारण एवं प्रसंस्करण को बेहतर बनाने हेतु इस कार्यशाला का आयोजन किया गया है।
- बालोद। भारतीय अग्निवीर थलसेना भर्ती रैली में शामिल होेने आॅनलाईन रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि 10 अपै्रल 2025 निर्धारित की गई है। जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि भारतीय अग्निवीर थलसेना भर्ती अंतर्गत अग्निवीर जनरल ड्यूटी, अग्निवीर टेक्नीकल, अग्निवीर क्लर्क, स्टोर कीपर टेक्नीकल एवं अग्निवीर ट्रेडमेन के पदों पर भर्ती की जाएगी। उन्होंने बताया कि अग्निवीर क्लर्क के अभ्यर्थियों को ऑनलाईन परीक्षा सीईई के समय टाइपिंग टेस्ट देना होगा। ऑनलाईन परीक्षा सीईई जून 2025 के बाद होना संभावित हैं। भर्ती रैली में सम्मिलित होने अभ्यर्थी की अनिवार्य योग्यता 8वीं, 10वीं एवं 12वीं निर्धारित की गई है। भर्ती रैली में शामिल होने आवेदकों को 10 अपै्रल 2025 तक वेबसाईट जाॅईन इंडियन आर्मी डाॅट एनआईसी डाॅट इन में ऑनलाईन रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य है। उक्त संबंध में अधिक जानकारी सेना भर्ती कार्यालय, रायपुर के दूरभाष क्रमांक 0771-2965212 व 0771-2965213 एवं जिला रोजगार कार्यालय बालोद 07749-299509 में संपर्क कर सकते हैं।
- संबंधित विभागों को पुख्ता उपाय सुनिश्चित कर इस संबंध में अनिवार्य रूप से पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के दिए निर्देशअधिकारी-कर्मचारियों से वाहनों का उपयोग करते समय हेलमेट एवं सीट बेल्ट नही लगाने पर 500 रुपये का लिया जाएगा जुर्मानाबालोद/ कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक लेकर जिले में सड़क दुर्घटना के रोकथाम के प्रभावी उपाय सुनिश्चित करने हेतु संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की। इस दौरान श्री चन्द्रवाल ने उन सभी बिंदुओं पर जिससे जिले में सड़क दुर्घटना पर रोकथाम सुनिश्चित की जा सकती है उन सभी विषयों पर समुचित क्रियान्वयन के संबंध में विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने संबंधित विभाग प्रमुखों को इस संबंध में पुख्ता उपाय सुनिश्चित कर सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में दिए गए निर्देशों के संबंध में अनिवार्य रूप से पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए। श्री चन्द्रवाल ने लापरवाही पूर्वक एवं तेज गति तथा नशापान कर वाहन चलाने वालों के विरूद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने को कहा। इसके अलावा उन्होंने बिना हेलमेट पहने एवं सीट बेल्ट लगाए बिना दो पहिया एवं चार पहिया वाहनों से अपने कार्यालय आने-जाने वाले अधिकारी-कर्मचारियों से 500 रुपये की जुर्माना वसूली कर उसे जिला सड़क सुरक्षा समिति की कोष में जमा कराने के निर्देश भी दिए। बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री एसआर भगत, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक, एसडीएम गुरूर श्रीमती प्राची ठाकुर, कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग, जिला परिवहन अधिकारी, मुख्य चिकित्सक एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारियों के अलावा अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।बैठक में श्री चन्द्रवाल ने कहा कि जिले में सड़क दुर्घटना के रोकथाम सुनिश्चित करने हेतु जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में दिए गए निर्देशों का शत प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित की जाए। कलेक्टर ने कहा कि नशापान कर एवं तेज गति से वाहन चलाना सड़क दुर्घटना का मुख्य कारण है। उन्होंने यातायात नियमों के विरूद्ध एवं लापरवाही पूर्वक तथा नशापान कर वाहन चलाने वालों के विरूद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए हैं। श्री चन्द्रवाल ने राजस्व, पुलिस, परिवहन एवं अन्य संबंधित विभाग के अधिकारियों को अभियान चलाकर बिना हेलमेट एवं सीट बेल्ट लगाए बिना वाहन चलाने वालों के विरूद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में किसी भी प्रकार की ढिलाई बिल्कुल भी न बरती जाए। बैठक में कलेक्टर ने गुड सेमेरिटन से संबंधित प्राप्त प्रकरणों की निराकरण हेतु की जा रही कार्रवाई की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को इस संबंध में प्राप्त प्रकरणों के त्वरित निराकरण हेतु तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। इसके अंतर्गत उन्होंने बेहतर कार्य करने वालों को सम्मानित करने तथा इस अभियान में सिविल सोसाईटी के लोगों की अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित कराने के निर्देश भी दिए। बैठक में कलेक्टर ने अधिकारियों को ओव्हर लोडिंग वाहनों पर भी सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। श्री चन्द्रवाल ने सभी राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों को बिना हेलमेट पहने एवं सीट बेल्ट लगाए बिना दो पहिया एवं चार पहिया वाहनों से अपने कार्यालय आने वाले अधिकारी-कर्मचारियों से जुर्माना वसूली की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।श्री चन्द्रवाल ने सभी मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को नगरीय निकायों में सड़क के किनारे विचरण करने वाले घुमन्तु मवेशियों को सड़क से हटाने की व्यवस्था करने के अलावा सड़कों के किनारे अवैध रूप से लगाने वाले दुकानों को हटवाने एवं आवश्यक स्थानों पर नो पार्किंग जोन निर्धारण कराने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्य चिकित्सक एवं स्वास्थ्य अधिकारी को जिले के सभी अस्पतालों में सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों के तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने हेतु समुचित उपाय सुनिश्चित कराने के भी निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने 108 वाहनों को 24 घण्टा मुस्तैद रखने के निर्देश दिए। श्री चन्द्रवाल ने हेलमेट का उपयोग कर पेट्रोल भराने के लिए पेट्रोल पंप में आने वाले दो पहिया वाहन चालकों को ही पेट्रोल प्रदान करने के लिए जिले के सभी पेट्रोल पंप संचालकों का बैठक भी आयोजित करने के निर्देश अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक को दिए। कलेक्टर ने जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में दिए गए निर्देशों का पूर्णतः पालन सुनिश्चित हो सके इसके लिए उन्होंने लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता को बैठक के एक सप्ताह पूर्व संबंधित विभागों से अनिवार्य रूप से पालन प्रतिवेदन जमा कराने के निर्देश भी दिए।बैठक में श्री चन्द्रवाल ने दुर्घटनाजन्य स्थानों को चिन्हित कर आवश्यकतानुसार सड़क में स्ट्रीट लाईट, संकेतक आदि की व्यवस्था सुनिश्चित कराने के भी निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने स्कूली बच्चों को ले जाने वाले वाहनों का नियमित रूप से फिटनेस जाँच कराने तथा सड़क के किनारे लंबे समय तक खड़ी खराब एवं पुराने वाहनों को तत्काल हटाने के अलावा दुर्घटनाजन्य क्षेत्रों में वाहनों की गति नियंत्रित करने हेतु तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। श्री चन्द्रवाल ने राजस्व, पुलिस, परिवहन एवं अन्य संबंधित विभाग के अधिकारियों को संयुक्त टीम गठित कर यातायात नियमों के विरूद्ध एवं लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाने वालों के विरूद्ध जिले में लगातार कार्रवाई करने को कहा।
- बिलासपुर/एडीएम श्री शिवकुमार बनर्जी की अध्यक्षता में उभयलिंगी व्यक्तियों से संबंधित समस्याओं के निदान हेतु बैठक आयोजित किया गया। जिसमें उभयलिंगी व्यक्तियों हेतु राशन कार्ड, आवास, लोक अदालत में उभयलिंगी व्यक्तियों की सुनवाई हेतु एक सदस्य की नियुक्ति, उभयलिंगी व्यक्तियों के लिए सार्वजनिक स्थानों पर शौचालय की व्यवस्था, कौशल विकास, लिंग परिवर्तन हेतु शैल्य क्रिया अनुदान सहित अन्य बिन्दुओं पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में उभयलिंगी व्यक्तियों के शिकायत हेतु पुलिस विभाग एवं प्रशासनिक स्तर पर सुनवाई हेतु नोडल अधिकारी नियुक्त करने, विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में उभयलिंगी व्यक्तियों से संबंधित जनजागरूकता हेतु चर्चा की गई। बैठक में समिति के सदस्य मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रमोद तिवारी, संयुक्त संचालक समाज कल्याण विभाग श्रीमती श्रद्धा मैथ्यू, समिति के सदस्य श्री विजय अरोरा, सुश्री श्रेया, परिवीक्षा अधिकारी श्रीमती सरस्वती रामेश्री, श्री लीलाधर भांगे, श्री ईशान धिरही आदि उपस्थित थे।
- राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा ‘आयोग आपके द्वार’ कार्यक्रम के तहत 48 प्रकरणों की हुई सुनवाई, लगभग 38 प्रकरणों का हुआ निराकरणसखी वन स्टॉप सेंटर, बालिका गृह और कामकाजी महिला हॉस्टल वृद्धाश्रम का किया निरीक्षणबिलासपुर/राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य श्रीमती ममता कुमारी ने आज महिलाओं से प्राप्त शिकायतों की सुनवाई की। 48 प्रकरणों की जन सुनवाई हुई जिनमें कुछ प्रकरणों का त्वरित निराकरण भी किया गया और लंबित प्रकरणों का निराकरण करने पुलिस अधिकारियों को एक सप्ताह का समय दिया गया। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन महिलाओं के मुद्दों पर संवेदनशीलता और शीघ्रता से कार्य कर उन्हें राहत प्रदान करें। इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह एवं एडीएम श्री आर. ए. कुरूवंशी मौजूद रहे।पुलिस लाइन के चेतना हॉल में आयोजित जन सुनवाई में जांजगीर, कोरबा, बिलासपुर ,मुंगेली सहित कुल 4 जिलों से प्राप्त शिकायतों की सुनवाई हुई। कुल 48 प्रकरण जन सुनवाई में शामिल थे। राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य श्रीमती ममता कुमारी ने विभिन्न प्रकरणों की सुनवाई की और कुछ प्रकरणों का त्वरित निराकरण भी किया। उन्होंने संबंधित थानों के पुलिस अधिकारियों से प्रकरणों के निराकरण की दिशा में कार्यवाही की जानकारी ली, और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि महिलाओं से जुड़े मुद्दों में संवेदनशीता बरतें और निराकरण की दिशा में शीघ्रता से उचित कार्यवाही करें। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारी यदि मामलों की गंभीरता से जांच और कार्यवाही करेंगे *तो प्रकरण का निराकरण शीघ्रता से हो सकेगा*, उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा महिलाओं के मुद्दों पर अधिक संवेदनशीलता की अपेक्षा है। उन्होंने कहा कि मामलों का निराकरण संबंधित थाना प्रभारियों को एक सप्ताह के भीतर करने के निर्देश दिए गए हैं।जनसुनवाई के बाद प्रेसवार्ता में उन्होंने बताया कि घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना सहित कई मामले आयोग के पास आए हैं जिनके त्वरित निराकरण की दिशा में आयोग द्वारा यह पहल की गई है जिसके तहत देश भर में महिलाओं से प्राप्त शिकायतों के संबंध में संबंधित राज्य के जिलों में संभाग स्तर पर सुनवाई का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आयोग की न्याय पद्धति के अनुरूप महिलाओं को न्याय दिलाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है ताकि महिलाएं सम्मान के साथ तनाव रहित जीवन जी सकें। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की महिलाओं के लिए शुरू की गई सखी वन स्टॉप सेंटर से महिलाओं के मुद्दों की सुनवाई शीघ्रता से हो रही है। इस अवसर पर *छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती लक्ष्मी वर्मा ,श्रीमती सरला केसरिया, ने राष्ट्रीय महिला आयोग का स्वागत किया, महिला बाल विकास विभाग के कार्यक्रम अधिकारी व विभागीय अधिकारी के साथ बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी* व वकीलों की भी उपस्थित रही। राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य द्वारा आज महिला हेल्पलाइन सखी वन स्टॉप सेंटर, बालिका गृह और कामकाजी महिला हॉस्टल व वृद्धाश्रम का भी निरीक्षण किया गया व आवश्यक जानकारी लेकर व्यवस्थाओं के संबंध में जरूरी निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।
- कृषि विश्वविद्यालय में लगेगा एफ.पी.ओ. मेलाकृषि उत्पादक संगठनों द्वारा निर्मित उत्पाद प्रदर्शन और विक्रय के लिए उपलब्ध रहेंगेकृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम करेंगे शुभांरभरायपुर। छत्तीसगढ़ में कृषक उत्पादक संगठनों के गठन एवं गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग, छत्तीसगढ़ शासन तथा लघु कृषक कृषि व्यापार संघ, भारत सरकार नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 26 से 28 मार्च, 2025 तक तीन दिवसीय कृषक उत्पादक संगठन (एफ.पी.ओ.) मेला सह प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। कृषि महाविद्यालय, रायपुर के कृषि मंडपम् में आयोजित इस तीन दिवसीय एफ.पी.ओ. मेला सह प्रदर्शनी का शुभारंभ दिनांक 26 मार्च, 2025 को प्रातः 11 बजे कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी मंत्री श्री रामविचार नेताम के मुख्य आतिथ्य में किया जाएगा। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में धरसींवा विधायक, श्री अनुज शर्मा, रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोती लाल साहू, महापौर रायपुर नगर निगम, श्रीमती मीनल चौबे उपस्थित रहेंगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल करेंगे।उल्लेखनी है कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में आयोजित होने वाले इस तीन दिवसीय कृषक उत्पादक संगठन मेला सह प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ के 45 कृषक उत्पादक संगठन शामिल होंगे। मेले में शामिल कृषक उत्पादक संगठनों के उत्पादों का प्रदर्शन एवं विक्रय भी किया जाएगा। इस दौरान एफ.पी.ओ. के संचालन के विभिन्न विषयों पर विषय विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इस एफ.पी.ओ. मेला सह प्रदर्शनी में कृषि वैज्ञानिक, कृषि विभाग के अधिकारी, प्रगतिशील कृषक एवं कृषि से संबंधित एफ.पी.ओ. के प्रतिनिधि भाग लेंगे। इस अवसर पर जन-सामान्य हेतु मेला सह प्रदर्शनी का भी आयोजन किया जाएगा जिसमें एफ.पी.ओ. के उत्पादों को क्रय भी कर सकेंगे।एफ.पी.ओ. मेले में विभिन्न कृषक उत्पादक संगठनों द्वारा निर्मित उत्पाद जैसे सुगंधित चावल - विष्णुभोग चावल, देवभोग चावल, जीराफूल चावल, तुलसी मंजरी चावल, ब्लैक राईस, रेड साईस, ग्रीन राईस, ब्राउन राईस, हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर, मशरूम बड़ी, मशरूम पापड़, मशरूम पाउडर, मशरूम अचार, महुआ लड्डू, शहद, बाजरा, कोदो, कुटकी, रागी, कच्ची घानी का तेल (सरसों का तेल, शीशम तेल और मूंगफली का तेल), मल्टीग्रेन आटा, रागी का आटा, चावल का आटा, कॉन्सेंट्रेट, हनी बी वैक्स, लिप बाम, फुट क्रीम, हर्बल साबुन, मोरिंगा पाउडर, फिनाइल, अरहर दाल, उड़द दाल, मसूर दाल, लाखड़ी दाल, पोहा, ज्वार, बाजरा, सफेद तिल के बीज का आटा, कुमकुम, हल्दी रोली, बेरी बिस्कुट, आम का अचार, कटहल का अचार, आंवला अचार, बांस का अचार, नींबू अचार, मिर्च अचार, हल्दी अचार, मिक्स अचार, चना दाल, सरसों, काजू, इमली, अमचूर लड्डू, गुड़, चीनी, गुड़ कैंडी आदि आम जनता हेतु प्रदर्शन एवं विक्रय के लिए उपलब्ध रहेंगे।
- जनकल्याणकारी योजनाओं को संचालित करने की जिम्मेदारी आप सभी पर है, योजनाओं का अच्छे से अध्ययन करें तथा अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाएं- टंकराम वर्मारायपुर/ त्रिस्तरीय पंचायत आम निर्वाचन 2025 के तहत जिला पंचायत रायपुर के नवनिर्वाचित अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्यों का प्रथम सम्मिलन आज कलेक्टोरेट परिसर स्थित रेड क्रॉस सभाकक्ष में आयोजित हुआ। इस अवसर पर जिला पंचायत रायपुर के नवनिर्वाचित अध्यक्ष श्री नवीन कुमार अग्रवाल, उपाध्यक्ष श्री संदीप यदु और अन्य सदस्यों ने शपथ ग्रहण के बाद कार्यभार ग्रहण किया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ शासन के मंत्री, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, खेल एवं युवा कल्याण श्री टंकराम वर्मा थे, जबकि विशेष अतिथि के रूप में विधायक श्री अनुज शर्मा, श्री इन्द्र कुमार साहू, श्री गुरू खुशवंत साहेब और विधायक श्री मोतीलाल साहू उपस्थित रहे।मंत्री श्री वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा अनेक कल्याणकारी योजनाएं बनाई जाती हैं, और इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की जिम्मेदारी त्रि स्तरीय पंचायत के कंधों पर है। उन्होंने नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे अंतिम छोर तक पहुंचकर जनकल्याण के कार्य करें ताकि जनता उन्हें हमेशा याद रखे, भले ही वे पद पर न हों।इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत श्री कुमार विश्वरंजन सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
- रायपुर। ज्ञानपीठ सम्मान के लिए नाम घोषित किए जाने के बाद मध्य भारत के सुप्रसिद्ध वरिष्ठ साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ला का महाराष्ट्र मंडल ने सम्मान किया। अध्यक्ष अजय मधुकर काले के नेतृत्व में मंडल के प्रतिनिधियों ने शुक्ला से टैगोर नगर स्थित उनके निवास पर मुलाकात की एवं सूत माला, शाल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह से उनका अभिनंदन किया।इस मौके पर विनोद कुमार शुक्ला ने कहा कि पुरस्कार मिलने पर मुझे आश्चर्य होता है कि यह क्यों मिल रहा है। मैंने पुरस्कार प्राप्त करने या सम्मान के लिए कभी कुछ नहीं लिखा। मैं इसलिए लिखता हूं क्योंकि मुझे लिखना अच्छा लगता है। शुक्ला ने बताया की ज्ञानपीठ पुरस्कार की समिति में नागपुर के वरिष्ठ साहित्यकार प्रफुल्ल शिल्लेदार भी थे, जिन्होंने उनके नाम का प्रस्ताव रखा। समिति के बाकी सदस्यों ने उनका नाम सुनते ही एक स्वर में समर्थन कर दिया। इस तरह ज्ञानपीठ पुरस्कार समिति की बैठक उनके नाम को सम्मान के लिए सर्व सम्मति से फाइनल करते हुए महज पांच मिनट में ही संपन्न हो गई।शुक्ला ने महाराष्ट्र मंडल के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहां कि वे समाचार पत्रों में महाराष्ट्र मंडल की खबर नियमित रूप से पढ़ते हैं। हाल ही में मंडल ने सचिन तेंदुलकर का जो सम्मान किया, उसे लेकर भी उन्हें खुशी हुई। शुक्ल के मुताबिक गजानन माधव मुक्तिबोध सम्मान की चयन समिति में उन्हें काम करने में खूब मजा आया। उन्होंने ज्ञानरंजन, प्रभात तिवारी, डॉ. राजेंद्र मिश्रा, जयप्रकाश जैसे जाने- माने साहित्यकारों को मुक्तिबोध सम्मान दिलाने में भूमिका निभाई। वे महाराष्ट्र मंडल से, मराठी समाज से बड़ी अात्मियता से जुड़े हुए हैं। वैसे भी उनकी पत्नी नागपुर की है और महाराष्ट्र से उनका गहरा नाता है।मंडल अध्यक्ष अजय काले ने कहा कि विनोद कुमार शुक्ल का अभिनंदन कर हम स्वयं भी अपने आप को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। गजानन माधव मुक्तिबोध साहित्य सम्मान में शुक्ल के योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। भविष्य में जब भी महाराष्ट्र मंडल को अपने साहित्यिक आयोजनों में विनोद कुमार शुक्ला के मार्गदर्शन की जरूरत होगी, वे स्वयं उनसे मिलने जरूर आएंगे।महाराष्ट्र मंडल के प्रतिनिधियों ने शुक्ल के अच्छे स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की। इस मौके पर मुख्य समन्वयक श्याम सुंदर खंगन, आध्यात्मिक- योग समिति की प्रभारी आस्था काले, शंकर नगर बाल वाचनालय की प्रभारी रेणुका पुराणिक, खेल समिति की प्रभारी व सह सचिव मालती मिश्रा और सचेतक रविंद्र ठेंगड़ी उपस्थित रहे।
- -जनता की सुविधा हेतु अपॉइंटमेंट का समय शाम 7 बजे तक बढ़ाया गयारायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य शासन जनता की सेवा के लिए प्रतिबद्ध है और तकनीकी सशक्तिकरण के माध्यम से शासकीय प्रक्रियाओं को और अधिक सरल, सुलभ और पारदर्शी बनाने हेतु निरंतर प्रयासरत है।इसी कड़ी में वाणिज्यिक कर (पंजीयन) मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी के स्पष्ट निर्देश पर जनसुविधा को सर्वाेपरि रखते हुए महानिरीक्षक पंजीयन एवं मुद्रांक श्री पुष्पेन्द्र कुमार मीणा द्वारा आज ही सभी जिलों के कलेक्टरों को पत्र जारी कर यह निर्देशित किया गया है कि मार्च माह के सार्वजनिक अवकाश के दिनों 25, 29, 30 एवं 31 मार्च को भी सभी रजिस्ट्री कार्यालय खुले रहेंगे, ताकि आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके अतिरिक्त, नागरिकों की सुविधा हेतु रजिस्ट्री के लिए अपॉइंटमेंट का समय सायं 5 बजे से बढ़ाकर सायं 7 बजे तक कर दिया गया है।उल्लेखनीय है कि आज दिनांक 24 मार्च को रजिस्ट्री विभाग के सॉफ्टवेयर एन.जी.डी.आर.एस. (NGDRS) में तकनीकी समस्या आने के कारण सर्वर अस्थायी रूप से डाउन हो गया, जिससे कुछ समय के लिए रजिस्ट्री कार्य बाधित हुआ। एन.जी.डी.आर.एस. सॉफ्टवेयर का संचालन राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC), पुणे द्वारा किया जाता है। जैसे ही सर्वर डाउन होने की सूचना प्राप्त हुई, तुरंत एनआईसी पुणे और एनआईसी रायपुर की तकनीकी टीम से समन्वय स्थापित कर तत्काल सुधार की प्रक्रिया शुरू की गई। अथक प्रयासों के परिणामस्वरूप सायं 6 बजे तक सर्वर सुचारू रूप से कार्य करने लगा और रजिस्ट्री कार्य पुनः प्रारंभ हो गया। आगे ऐसी कोई तकनीकी बाधा उत्पन्न न हो, इसके लिए एनआईसी के साथ लगातार तकनीकी समन्वय सुनिश्चित किया जा रहा है।
- रायपुर, /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को भक्त माता कर्मा जयंती की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने माता कर्मा से समस्त छत्तीसगढ़वासियों के जीवन में सुख, समृद्धि और शांति की कामना करते हुए कहा कि भक्त माता कर्मा का जीवन सेवा, भक्ति, त्याग और परोपकार की अनुपम मिसाल है। वे भगवान श्रीकृष्ण की अनन्य भक्त थीं और उनका आदर्श आज भी जनमानस को प्रेरणा देता है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में माता कर्मा जयंती का पर्व पूरे श्रद्धाभाव और सामाजिक समरसता के साथ मनाया जाता है। साहू तैलिक समाज की आराध्य देवी माता कर्मा की जयंती पर पूरे राज्य में शोभायात्राएँ, कलश यात्राएँ और विविध धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजन होते हैं, जिनमें सभी समाजों की भागीदारी से एकता और भाईचारे का संदेश भी प्रसारित होता है। उन्होंने प्रार्थना की कि माता कर्मा का आशीर्वाद हम सभी पर सदैव बना रहे।मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास जताया कि माता कर्मा के आदर्श हमें समाज में करुणा, समानता और समर्पण के साथ कार्य करने की प्रेरणा देते रहेंगे।



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