सकल जीएसटी संग्रह जुलाई में 15.4 प्रतिशत बढ़कर 2.11 लाख करोड़ रुपये के पार
नयी दिल्ली. सकल माल एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह जुलाई में 15.4 प्रतिशत बढ़कर 2.11 लाख करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गया। घरेलू लेनदेन और आयात से अधिक कर संग्रह के कारण जीएसटी संग्रह बढ़ा है। शनिवार को जारी सरकारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली। पिछले वर्ष जुलाई में सकल जीएसटी संग्रह 1.83 लाख करोड़ रुपये रहा था। वहीं, जून 2026 में यह लगभग 1.95 लाख करोड़ रुपये था। वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में कुल जीएसटी संग्रह 2,11,205 करोड़ रुपये रहा। आंकड़ों के अनुसार, जुलाई के दौरान केंद्रीय माल एवं सेवा कर (सीजीएसटी) से 39,835 करोड़ रुपये, राज्य माल एवं सेवा कर (एसजीएसटी) से 47,881 करोड़ रुपये और एकीकृत माल एवं सेवा कर (आईजीएसटी) से 1.23 लाख करोड़ रुपये से अधिक का संग्रह हुआ। कुल कर वापसी यानी रिफंड इस दौरान 13.1 प्रतिशत बढ़कर 29,968 करोड़ रुपये रहा। कर वापसी समायोजित करने के बाद शुद्ध जीएसटी राजस्व 1.81 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा।
डेलॉयट इंडिया के पार्टनर एम एस मणि ने कहा कि जीएसटी संग्रह बाहरी माहौल में चुनौतियों के बावजूद निरंतर आर्थिक मजबूती को दर्शाता है। मणि ने कहा, ''घरेलू खपत पर हर महीने जीएसटी संग्रह में स्थिर वृद्धि से पता चलता है कि कुल घरेलू खपत काफी हद तक मौसमी विविधताओं और बाहरी प्रतिकूल परिस्थितियों से मुक्त हो रही है।'' उन्होंने कहा कि जुलाई में महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक और तेलंगाना जैसे प्रमुख विनिर्माण राज्यों में जीएसटी संग्रह बढ़ा है। केपीएमजी के अप्रत्यक्ष कर प्रमुख एवं पार्टनर अभिषेक जैन ने कहा कि जुलाई में जीएसटी राजस्व वृद्धि का अधिकांश हिस्सा आयात से आया और यह पता करना महत्वपूर्ण होगा कि क्या यह तैयार माल है या कच्चा माल, तथा इसमें से कितना हिस्सा उच्च मात्रा के बजाय केवल कमजोर रुपये को दर्शाता है।









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