- Home
- छत्तीसगढ़
- रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने निर्भीक पत्रकार, प्रबुद्ध लेखक और महान स्वतंत्रता सेनानी श्री गणेश शंकर विद्यार्थी की पुण्यतिथि (25 मार्च) पर उन्हें नमन किया है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जी न केवल पत्रकारिता के एक उज्ज्वल प्रतीक थे, बल्कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के ऐसे योद्धा थे, जिन्होंने अपनी लेखनी से जनचेतना की क्रांति को जन्म दिया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विद्यार्थी जी ने ‘प्रताप’ जैसे समाचार पत्र के माध्यम से देश के पीड़ित किसानों, श्रमिकों और आम जन की आवाज़ को राष्ट्रीय मंच प्रदान किया। उन्होंने निडर पत्रकारिता के माध्यम से ब्रिटिश शासन की नींव हिला दी और स्वतंत्रता संग्राम को वैचारिक बल प्रदान किया। श्री साय ने कहा कि विद्यार्थी जी के जीवन से हम सभी को समाजसेवा और राष्ट्रप्रेम की प्रेरणा लेनी चाहिए।
- रायपुर, /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बस्तर के महान जननायक और अंतिम काकतीय राजा महाराजा प्रवीरचंद भंजदेव की पुण्यतिथि (25 मार्च) के अवसर पर उन्हें नमन किया है। उन्होंने कहा कि महाराजा भंजदेव न केवल बस्तर के गौरव थे, बल्कि जनजातीय अस्मिता, आत्मसम्मान और अधिकारों की आवाज़ भी थे।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महाराजा प्रवीरचंद भंजदेव जी ने बस्तर की जल, जंगल और ज़मीन के साथ-साथ जनजातीय समाज के हक और सम्मान के लिए अपना जीवन न्यौछावर कर दिया। श्री साय ने कहा कि उनका ग्रामीणों से गहरा आत्मीय संबंध था। वे आदिवासी समाज की आवाज़, संघर्ष और स्वाभिमान का प्रतीक थे। श्री साय ने कहा कि महाराजा प्रवीरचंद भंजदेव का जीवन, विचार और बलिदान आज भी हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि उनका जीवन हम सभी को परंपरा और मूल्यों की रक्षा करते हुए जनजातीय समाज के समग्र विकास के लिए सतत कार्य करने की प्रेरणा देता है।
- बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के कोंडागांव में करोड़ों रुपये की लागत से बनाए गए अंतरराज्यीय बस स्टैंड की बदहाली को लेकर दायर जनहित याचिका पर बिलासपुर हाई कोर्ट ने गंभीर रुख अपनाया है। मुख्य न्यायाधीश रमेश कुमार सिन्हा और न्यायमूर्ति रविंद्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ में इस मामले की सुनवाई हुई, जिसमें बस स्टैंड की दुर्दशा पर नाराजगी जाहिर करते हुए संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया गया है।छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 6.51 करोड़ रुपये की लागत से इस बस स्टैंड का निर्माण कराया गया था, लेकिन यह दो वर्षों से बिना उपयोग के बंद पड़ा है। रखरखाव और सुरक्षा के अभाव में यह स्थान असामाजिक तत्वों का अड्डा बन चुका है। शराबखोरी, स्टंटबाजी और अवैध गतिविधियां यहां आम हो गई हैं। सीसीटीवी कैमरों की निगरानी न होने से अपराधिक घटनाओं को भी बढ़ावा मिल रहा है।कोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव और कोंडागांव नगर निगम आयुक्त को व्यक्तिगत शपथ पत्र के साथ जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। न्यायालय ने पूछा है कि जब सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च कर इस बस स्टैंड का निर्माण कराया था, तो उसे संचालित करने की दिशा में कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाया गया? खंडपीठ ने इस जनहित याचिका की अगली सुनवाई के लिए 16 अप्रैल की तारीख तय की है। सुनवाई के दौरान, शासन द्वारा अब तक उठाए गए कदमों की समीक्षा की जाएगी और यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिए जा सकते हैं कि बस स्टैंड को जल्द से जल्द चालू किया जाए।
- -‘मनखे-मनखे एक समान’ के सिद्धांत से बनेगा समरस छत्तीसगढ़ - राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मुरायपुर /भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज छत्तीसगढ़ विधान सभा के रजत जयंती समारोह में भाग लेते हुए प्रदेशवासियों को 25 वर्षों की लोकतांत्रिक यात्रा की बधाई दी और विधान सभा की उत्कृष्ट संसदीय परंपराओं की भूरि-भूरि प्रशंसा की। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना को स्वर्गीय प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के असाधारण मार्गदर्शन का परिणाम बताया और उनके प्रति सादर नमन किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की लोकतांत्रिक यात्रा, जन-आकांक्षाओं की अभिव्यक्ति का एक प्रेरणास्पद उदाहरण है। उन्होंने अपने विधायक काल की स्मृतियाँ साझा करते हुए कहा कि जन-प्रतिनिधि के रूप में कार्य करना जनसेवा की भावना से प्रेरित व्यक्तियों के लिए एक सौभाग्य होता है। उन्होंने विधान सभा को संस्कृति की संवाहक और नीति निर्धारण की दिशा देने वाला केंद्र बताया।छत्तीसगढ़ विधान सभा: अनुकरणीय संसदीय आचरण का प्रतीकराष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने छत्तीसगढ़ विधान सभा द्वारा अपनाई गई अनुशासित और मर्यादित परंपराओं की सराहना की। विशेष रूप से उन्होंने 'स्वयमेव निलंबन' जैसे नियमों की सराहना की और इस बात को ऐतिहासिक बताया कि 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ विधानसभा में कभी भी मार्शल का उपयोग नहीं करना पड़ा।राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने छत्तीसगढ़ को मातृशक्ति का साक्षात प्रतीक बताते हुए राज्य की सांस्कृतिक गरिमा को नमन किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ की महिला विभूति मिनी माता को याद करते हुए उनके योगदान को नमन किया। साथ ही उन्होंने इस बात की सराहना की कि आज विधान सभा में 19 महिला विधायक हैं और राज्य में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से अधिक रही है। राष्ट्रपति ने महिला विधायकों से आह्वान किया कि वे राज्य की अन्य महिलाओं को सशक्त बनाने में अग्रणी भूमिका निभाएँ। उन्होंने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ की भावना को धरातल पर उतारने की अपील की।समावेशी समाज की दिशा में छत्तीसगढ़ की नीतियाँराष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने छत्तीसगढ़ विधान सभा द्वारा पारित 565 विधेयकों को समावेशी विकास की दिशा में ऐतिहासिक बताया। विशेष रूप से महिलाओं को रूढ़ियों पर आधारित प्रताड़ना से मुक्त कराने वाले अधिनियम का उल्लेख करते हुए डॉ. रमन सिंह जी के कार्यकाल में इसे विधान सभा का महत्वपूर्ण योगदान बताया।प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध, संभावनाओं से परिपूर्ण राज्यराष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने कहा छत्तीसगढ़ में विकास की असीम संभावनाएं विद्यमान है।उन्होंने कहा कि राज्य में खनिज, औद्योगिक और कृषि क्षेत्र में विकास की व्यापक संभावना है। उन्होंने पर्यावरण-संरक्षण और विकास के बीच संतुलन की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यहां के पारंपरिक लोक शिल्प की देश-विदेश में सराहना होती है। यह सुंदर राज्य हरे-भरे जंगलों, झरनों तथा अन्य प्राकृतिक वरदानों से समृद्ध है। छत्तीसगढ़ को महानदी, हसदेव, इंद्रावती और शिवनाथ जैसी नदियों का आशीर्वाद प्राप्त है। छत्तीसगढ़ को आधुनिक विकास के मार्ग पर आगे बढ़ने के साथ-साथ पर्यावरण का संरक्षण भी सुनिश्चित करना है। राज्य के आप सब नीति-निर्माताओं पर विकास और प्रकृति के बीच संतुलन स्थापित करने की ज़िम्मेदारी है। इसके साथ ही समाज के सभी वर्गों को आधुनिक विकास-यात्रा से जोड़ना भी सभी जनप्रतिनिधियों का उत्तरदायित्व है।वामपंथी उग्रवाद से मुक्ति की ओर निर्णायक प्रगतिराष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि छत्तीसगढ़ में वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित लोगों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने का कार्य अंतिम और निर्णायक दौर में पहुंच गया है। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लोग विकास के मार्ग पर आगे बढ़ना चाहते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ को उग्रवाद से पूर्णतया मुक्त करने के प्रयास में शीघ्र ही सफलता प्राप्त होगी और राज्य के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ेगा।सामाजिक समरसता का मूलमंत्र : ‘मनखे-मनखे एक समान’गुरु घासीदास जी के संदेश ‘मनखे-मनखे एक समान’ को उद्धृत करते हुए राष्ट्रपति ने सामाजिक समानता और समरसता के आदर्श छत्तीसगढ़ के निर्माण की बात कही। राष्ट्रपति मुर्मु ने छत्तीसगढ़ विधान सभा को आदर्श लोकतांत्रिक संस्थान बताते हुए राज्य के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और सभी जनप्रतिनिधियों से श्रेष्ठ छत्तीसगढ़ के निर्माण हेतु समर्पण की भावना से कार्य करने का आह्वान किया।लोकतांत्रिक परंपराओं में छत्तीसगढ़ विधानसभा एक आदर्श उदाहरण - राज्यपाल श्री रमेन डेकाराज्यपाल श्री रमेन डेका ने रजत जयंती समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु की गरिमामयी उपस्थिति को अद्वितीय और प्रेरणादायक बताते हुए राज्य की जनता की ओर से उनका हृदय से स्वागत किया। उन्होंने भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी को स्मरण करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण उनके दूरदर्शी नेतृत्व और जन-आकांक्षाओं की गहरी समझ का परिणाम था। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 को राज्य सरकार ने ‘अटल निर्माण वर्ष’ के रूप में घोषित किया है, जिसमें अधोसंरचना विकास को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जाएगी। राज्यपाल श्री डेका ने छत्तीसगढ़ विधान सभा की 25 वर्ष की यात्रा को गर्व और सम्मान की यात्रा बताया।राज्यपाल ने विधानसभा द्वारा अपनाए गए ‘स्वयमेव निलंबन’ नियम को अनुशासन और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के पालन का अद्भुत उदाहरण बताया। उन्होंने इसे पूरे देश की विधानसभाओं के लिए एक मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया, जिसे राष्ट्रभर में सराहा गया है।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा जन आकांक्षाओं को मूर्त रूप देने वाला मंच है। राज्यपाल ने विधानसभा की नीतियों और कार्यक्रमों की सराहना की, जिनसे राज्य को सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक रूप से सशक्त बनाया गया। उन्होंने बताया कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास और विकास के निरंतर प्रयासों से बस्तर अंचल के आदिवासी समुदायों को मुख्यधारा से जोड़ने में सफलता मिल रही है।खनिज संपदा से औद्योगिक शक्ति बनने की यात्राराज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ को देश का प्रमुख स्टील और ऊर्जा उत्पादक राज्य बताते हुए उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय राज्य के दूरदर्शी नेतृत्व को दिया। राज्यपाल ने जानकारी दी कि वर्तमान विधानसभा में 19 महिला विधायक हैं, जो कुल सदस्यों का 21.11 प्रतिशत हैं। इसे उन्होंने महिला सशक्तिकरण का श्रेष्ठ उदाहरण बताया और राज्य में महिलाओं की बढ़ती भूमिका की सराहना की।उन्होंने छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर को नमन करते हुए कई महापुरुषों का स्मरण किया, जिनमें माता शबरी, गुरु घासीदास, स्वामी विवेकानंद, वीर नारायण सिंह, मिनीमाता आदि प्रमुख हैं। उन्होंने यह भी कहा कि स्वामी विवेकानंद के किशोर जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष छत्तीसगढ़ में बीते, जिसने उनके आत्मिक विकास में योगदान दिया। उन्होंने कहा कि रजत जयंती वर्ष हमें एक नई ऊर्जा देता है, और यह हमारा सामूहिक संकल्प होना चाहिए कि छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया की पहचान को बनाए रखते हुए राज्य को समान अवसर, सर्वांगीण समृद्धि और सांस्कृतिक गरिमा से युक्त विकसित छत्तीसगढ़ के रूप में आगे ले जाएँ।
- रायपुर /छत्तीसगढ़ विधानसभा के रजत जयंती समारोह के अवसर पर आज राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने विधानसभा परिसर में कदम्ब का पौधरोपण किया। इस अवसर पर राज्यपाल श्री रमेन डेका, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह उपस्थित थे।
- रायपुर, /राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का आज छत्तीसगढ़ आगमन पर स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट रायपुर में राज्यपाल श्री रमेन डेका, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री द्वय श्री अरुण साव एवं श्री विजय शर्मा, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, श्री रमेश बैस, सुश्री सरोज पाण्डे, श्री गौरीशंकर अग्रवाल, श्री शिवरतन शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने स्वागत किया।
- महाराष्ट्र मंडल के छत्रपति शिवाजी सभागृह में पहली बार आयोजित की गई मासिक सुमधुर सभारायपुर। पंडित गुणवंत माधवलाल व्यास स्मृति संस्थान व गुनरस पिया फाउंडेशन की संगीत शाखा 'महफिल' की मासिक संगीत सभा का सुमधुर आयोजन महाराष्ट्र मंडल के छत्रपति शिवाजी महाराज सभागार में किया गया। कार्यक्रम के आरंभ में भगवान श्री राधा- कृष्ण व गुरुदेव के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्जवलित किया गया। 'महफिल' में मुख्य रूप से होली से संबंधित गीतों और कृष्ण भक्ति के भजनों का लयबद्ध गायन किया गया।सभा में कावेरी व्यास, जीवा तिवारी, शिरीष आठले, धनश्री पेंडसे, आराधना वैद्य, गिरीश चिंचोलकर, संदीप साठे, मिलिंद शेष, वैशाली जोशी, ए श्रीनिवास राव, निखिल मुकादम सहित कई गायकों ने अपनी आवाज का जादू बिखेरा। डॉ. प्रदीप तिवारी और डॉ. केआर पुरोहित ने बुंदेली भाषा में होरी गीतों की मधुर प्रस्तुति से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।इस अवसर पर 'महफिल' के दो सदस्यों का जन्मोत्सव भी मनाया गया। संस्था प्रमुख दीपक व्यास ने हारमोनियम पर, राकेश देशमुख, सुनील गोलानी ने तबला पर औ रदीप गुंदेगांवकर ने की- पेड पर प्रभावी संगत दी।
- -सामान्य गृहिणी से सफल उद्यमी बनी कवितारायपुर, / सिर्फ कुछ साल पहले अपनी कमाई के 13,000 रुपये से सिलाई मशीन खरीदने वाली श्रीमती कविता वर्मा ने आज अपनी मेहनत के दम पर खुद की कार खरीद ली है। कपड़े तथा जूते के व्यवसाय से कविता सालाना लगभग 8 लाख रुपये तक की आय अर्जित कर रही है। सिलाई मशीन से एसयूवी तक के इस सफर में उन्होंने न सिर्फ अपने व्यवसाय को खड़ा किया, बल्कि आर्थिक स्वतंत्रता की मिसाल भी कायम की। उनकी सफलता का राज केवल कड़ी मेहनत और निरंतरता नहीं है, बल्कि नए विचारों को अपनाना, दूसरों से अलग दृष्टिकोण रखना, बेहतर डिज़ाइन और गुणवत्ता पर ध्यान देना, और नए व्यावसायिक तरीकों को अपनाना भी उनकी कामयाबी के अहम पहलू रहे हैं। संघर्षों के बीच अपनी लगन और दूरदर्शिता से कविता ने यह साबित कर दिया कि सही दिशा में किया गया प्रयास बड़े बदलाव ला सकता है।तिल्दा के किरना गांव की श्रीमती कविता वर्मा का बचपन सिलाई-कढ़ाई और घरेलू कामों में बीता। उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि यही हुनर आगे चलकर उनकी पहचान बनेगा। शादी के बाद जब वह तिल्दा आई, तो उन्हें एक सख्त और पारंपरिक माहौल का सामना करना पड़ा। संयुक्त परिवार की बहू होने के कारण उनसे उम्मीद थी कि वे सिर्फ घरेलू जिम्मेदारियों तक सीमित रहें। घर की महिलाओं का बाहर जाकर काम करना यहां की परंपराओं के खिलाफ माना जाता था।लेकिन जब आर्थिक तंगी ने घर के हालात मुश्किल बना दिए, तो कविता ने अपने हुनर को अपना हथियार बनाने का फैसला किया। कविता ने वंदना एसएचजी स्व सहायता समूह का हिस्सा बनकर शासकीय योजनाओं और शासन से मिलने वाले ऋणों के बारे में जानकारी इकट्ठा करना शुरू किया। बिहान में कार्य करते हुए अपने शुरुआती वेतन को बचाकर उन्होंने 13000 की सिलाई मशीन खरीदी थी जो अब भी उनकी बड़ी सी कपड़े की दुकान में सम्भाल कर रखी हुई है। सिलाई मशीन से कविता ने अपने घर में ही छोटे स्तर पर काम शुरू किया।शुरुआत में मुश्किलें थीं—घर के कामों के साथ दुकान संभालना आसान नहीं था। कई बार पूरे दिन मेहनत के बावजूद सिर्फ 500 रुपये की कमाई होती। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।उनका लक्ष्य सिर्फ काम चलाना नहीं, बल्कि अपने बिज़नेस को बड़ा बनाना था। उन्होंने रणनीति बनाई—ज्यादा बेचो, चाहे मुनाफा थोड़ा कम हो। पहले वह सिर्फ तिल्दा से सामान लाती थीं, लेकिन धीरे-धीरे रायपुर, सूरत और दिल्ली से भी कपड़े मंगवाने लगीं। त्योहारों और शादी के सीजन में वह खुद खाना-पीना छोड़कर 15-15 घंटे तक काम करतीं, ताकि ज्यादा ऑर्डर पूरे कर सकें।उनकी मेहनत रंग लाई और ग्राहकों की संख्या बढ़ने लगी। कविता ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के कार्यक्रमों में भी अपने स्टॉल लगाए हैं, जिससे उन्हें और पहचान मिली।आज श्रीमती वर्मा सिर्फ खुद काम करने के बजाय दूसरों को भी रोजगार दे रही हैं। उन्होंने तीन लड़कियों को अपनी दुकान में सेल्सगर्ल की नौकरी दी है। उनकी सफलता से प्रेरित होकर आज उन्हीं के परिवार की 15 अन्य महिलाओं ने भी अपने व्यवसाय शुरू किए हैं।अब उनकी दुकान इतनी प्रसिद्ध हो चुकी है कि 10 किलोमीटर दूर से भी ग्राहक आने लगे हैं। वह जल्द ही अपने बिज़नेस को और बड़ा करने के लिए होलसेल मार्केट में विस्तार करने की योजना बना रही हैं।अपनी पत्नी की सफलता पर गौरवान्वित श्री दिनेश वर्मा उन्हें अपने 'घर की लक्ष्मी' बुलाते हैं।कविता आज पूरे समाज के लिए एक मिसाल बनकर खड़ी हुई है। उनकी कहानी सिर्फ गांव के लिए ही नहीं पूरे समाज के लिए प्रेरणादायी है।
- *महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति का सामूहिक पाठ का साप्ताहिक अभियान 64वें सप्ताह भी रहा जारीरायपुर। महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति द्वारा प्रत्येक शनिवार को होने वाला राम रक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा का नियमित पाठ सभी 16 महिला केंद्रों में उत्साह के साथ जारी रहा। टाटीबंध, चौबे कालोनी, अमलीडीह, रोहिणीपुरम, बूढ़ापारा केंद्र की महिलाओं और श्रद्धालुओं ने बुलंद, ओजस्वी स्वर से राम रक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा के सामूहिक पाठ से मंदिरों व सभासदों के घरों को गूंजा दिया।आध्यात्मिक समिति की समन्वयक आस्था काले ने बताया कि चौबे कालोनी केंद्र की महिलाओं ने केंद्र की सदस्या सुषमा आप्टे के घर हनुमान चालीसा और राम रक्षा स्तोत्र का पाठ किया। इस दौरान सुषमा आप्टे, प्राची डोनगांवकर, अवंती अग्निहोत्री, आकांक्षा गद्रे, उज्वला पुराणिक, अनिता गुलकरी, निकिता भागवत, प्रमोदिनी देशमुख और माधुरी डबली प्रमुख रूप से उपस्थित रहीं। वहीं टाटीबंध केंद्र की महिलाओं की ओर से किए गए पाठ के दौरान सौ. विंचुलकर, अंजलि खेर, संगीता देशपांडे, रचना विंचुलकर, नंदा दहीकर, लीना साठे, मनीषा मर्जिवे, विनिता मरकले, रश्मि गोवर्धन, कीर्ति भिते, हर्षा पेदे, शिल्पा भोपापुरकर, किरण शिंदे, सारिका पोराटे और सोनल पेदे उपस्थित रहीं।आस्था के मुताबिक बूढ़ापारा केंद्र की महिलाओं ने बूढ़ापारा स्थित हनुमान मंदिर में पाठ किया। इस दौरान प्रणिता नलगुंडवार, भारती घाटगे, हेमा पराडकर, सोनम बेहरा, निशिता तिवारी, रंजू कश्यप सहित कई महिला सभासद प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। वहीं अमलीडीह केंद्र की ओर से राजेंद्र नगर स्थित मंदिर में पाठ किया गया इस दौरान अर्चना भाखरे, उषा जायसवाल, ऋतिका चंदेल, प्रिया कडू, अक्षरा भागडे उपस्थित रहीं। इस बीच रोहिणपुरम केंद्र की महिला सभासदों ने एक साथ राम रक्षा स्त्रोत और हनुमान चालीसा का पाठ किया।इस दौरान श्यामल जोशी, अलका कुलकर्णी, अपर्णा वराडपांडे, अपर्णा जोशी, साधना बहिरट, चित्रा बल्कि, अचला मोहड़ीकर सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहीं।
- - 23 मार्च शहीद दिवस पर भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु के पराक्रम का किया गया स्मरण- तीनों ही बलिदानियों का उद्देश्य इस घटना के माध्यम से आजादी के आंदोलन के लिए जागरूक कर ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ खड़ा करना था: कालेरायपुर। महाराष्ट्र मंडल में रविवार शाम को भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के बलिदान के स्मरण में शहीद दिवस मनाया गया। तीनों वीर बलिदानियों की तस्वीर पर विशेष अतिथि आनंद मोडक, मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले, सचिव चेतन दंडवते समेत कार्यकारिणी सदस्यों, पदाधिकारियों ने गुलाल लगाकर माल्यार्पण किया।संक्षिप्त कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने कहा कि भगत सिंह, श्रीराम हरि राजगुरु और सुखदेव थापर ने आजादी के लिए चलाए जा रहे आंदोलन को अपनी शहादत से जो गति प्रदान की, वह देश की आजादी के बाद ही थमी। तीनों बलिदानियों ने पब्लिक सेफ्टी और ट्रेड डिस्ट्रीब्यूट बिल्स के विरोध में सेंट्रल असेंबली में आठ अप्रैल 1929 को बम फेंका था। बम फेंकने के बाद इन युवाओं के पास भागने का समय था, लेकिन उन्होंने न केवल सहर्ष गिरफ्तारी दी, बल्कि भारत देश की आजादी के नारों के साथ 23 मार्च 1931 को फांसी पर झूल गए। तीनों ही बलिदानियों का एकमात्र उद्देश्य यह था कि इस घटना के माध्यम से पूरा देश आजादी के आंदोलन के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ जागरूक होकर ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ खड़ा हो जाए।दिव्यांग बालिका विकास गृह के प्रभारी प्रसन्न निमोणकर ने अपने संक्षिप्त संबोधन में कहा कि पराधीन भारत में भगत सिंह एक बात हमेशा कहा करते थे कि जिंदगी अपने कंधों पर जी जाती है। दूसरों के कंधों पर तो जनाजे जाते हैं। वे मानते थे कि देश को आजाद करना है, तो हमें अपने संघर्षों से ही करना होगा। किसी दूसरे से ऐसी अपेक्षा नहीं की जा सकती।सचिव चेतन दंडवते ने कहा कि जो लोग अपने अधिकार की बात करते हैं, हर सुविधा पर अपना हक जताते हैं, उन्हें इन पराक्रमियों का जीवन चरित्र पढ़ना चाहिए। सोचिये, अगर भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु ने अपने अधिकारों की बात की होती, अपनी सुविधाओं के लिए लड़ाई की होती और इस देश ने मुझे क्या दिया जैसे विचार के साथ घूम- घूमकर अपनी भड़ास निकाली होती, तो आज हम कहां होते? हमारा देश कहां होता? जिस दिन हम यह सोचने लगे कि मैंने अपने देश के लिए क्या किया। उस दिन से भारत खुशहाल व तीव्र गति से प्रगति करने वाले राष्ट्र बनने की दिशा में सरपट दौड़ने लगेगा।इस मौके पर उपाध्यक्ष गीता दलाल, मुख्य समन्वयक श्याम सुंदर खंगन, भवन प्रभारी निरंजन पंडित, महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले, आध्यात्मिक और योग समिति की समन्वयक आस्था काले, शंकर नगर बाल वाचनालय की प्रभारी रेणुका पुराणिक, अंजलि काले, संध्या खंगन, अक्षता पंडित, अरविंद जोशी, अनिता जोशी, कल्पना किरवईवाले समेत अनेक पदाधिकारी व आजीवन सभासद इस मौके पर उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में मुख्य समन्वयक श्याम सुंदर खंगन ने सभी का आभार व्यक्त किया।
- -ज्ञानपीठ सम्मान की घोषणा पर मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी प्रदेशवासियों की तरफ से श्री शुक्ल को दी बधाई-श्री विनोद कुमार शुक्ल ने बढ़ाया छत्तीसगढ़ का मान- मुख्यमंत्री श्री साय-मुख्यमंत्री से श्री शुक्ल ने अपने बचपन के नांदगांव की स्मृतियां की साझारायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज वरिष्ठ साहित्यकार श्री विनोद कुमार शुक्ल के रायपुर स्थित निवास पहुंचकर उनसे मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री शुक्ल को ज्ञानपीठ सम्मान की घोषणा पर उन्हें हार्दिक बधाई दी। मुख्यमंत्री ने श्री विनोद कुमार शुक्ल से कहा कि आपने छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी प्रदेशवासियों की तरफ से श्री शुक्ल का सम्मान करते हुए उन्हें शॉल-श्रीफल तथा बस्तर आर्ट का प्रतीक चिन्ह नंदी भेंट किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री विनोद कुमार शुक्ल से कहा कि साहित्य के क्षेत्र में आपके विशिष्ट योगदान पर आपको देश का सबसे प्रतिष्ठित ज्ञानपीठ सम्मान दिए जाने की घोषणा से पूरा प्रदेश गौरवान्वित अनुभव कर रहा है। यह मेरा सौभाग्य है कि आज खुशी के इस पल में आपसे भेंट करने का मुझे अवसर मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने श्री विनोद कुमार शुक्ल का कुशल क्षेम पूछते हुए उनके स्वास्थ्य के विषय में जानकारी ली। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आप राजनांदगांव के रहने वाले हैं। राजनांदगांव छत्तीसगढ़ की संस्कारधानी है। वहां गजानन माधव मुक्तिबोध, डॉ॰ पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी और बलदेव प्रसाद मिश्र जैसे साहित्यकारों ने अपनी साहित्य साधना की है।मुख्यमंत्री द्वारा राजनांदगांव का जिक्र किये जाने पर श्री शुक्ल ने अपने बचपन के नांदगांव की स्मृतियां उनके साथ साझा की। श्री शुक्ल ने कहा कि मेरा जन्म राजनांदगांव में हुआ। बचपन का वह नांदगांव आज भी मेरे मन पर छाया हुआ है। मैं आज भी वहां जाता हूँ तो उसी नांदगांव को ढूंढने की कोशिश करता हूं। मगर अब समय के साथ काफी बदलाव आ गया है। मुख्यमंत्री ने श्री विनोद कुमार शुक्ल के परिवारजनों से भी मुलाकात की और उनका हाल-चाल जाना। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री पंकज झा, मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी श्री आलोक सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी दयानन्द, जनसंपर्क आयुक्त श्री रवि मित्तल, रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष श्री प्रफुल्ल ठाकुर तथा श्री विनोद कुमार शुक्ल के परिवारजन सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।
- -छत्तीसगढ़ विधानसभा के रजत जयंती समारोह में होंगी शामिलरायपुर, / राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु 24 मार्च को छत्तीसगढ़ के एकदिवसीय दौरे में राजधानी रायपुर पहुंचेंगी और छत्तीसगढ़ विधानसभा के रजत जयंती समारोह में शामिल होंगी। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु 24 मार्च को प्रातः 10.35 बजे स्वामी विवेकानंद विमानतल रायपुर पहुंचेंगी और सीधे छत्तीसगढ़ विधानसभा के लिए रवाना होंगी। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु प्रातः 11.15 बजे से छत्तीसगढ़ विधानसभा के रजत जयंती समारोह में शामिल होंगी। कार्यक्रम में राज्यपाल श्री रमेन डेका, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, नेता प्रतिपक्ष श्री चरणदास महंत सहित विधानसभा के सदस्यगण उपस्थित रहेंगे।
- -छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा संघ के सम्मेलन में शामिल हुए उप मुख्यमंत्रीरायपुर। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव नया रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा संघ के सम्मेलन में शामिल हुए। उन्होंने मुख्य अतिथि के रूप में राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि काम करने का जितना अवसर मिलेगा, उतनी ही आपकी प्रतिभा और क्षमता निखरेगी। यह आगे बढ़ने का पहला सूत्र है। उन्होंने कहा कि आप लोग जिन प्रतिष्ठित पदों पर काम कर रहे हैं, उन पदों पर काम करने का मौका कम लोगों को मिलता है।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने सम्मेलन में अधिकारियों से कहा कि शासन द्वारा सौंपे गए दायित्वों को पूरी ऊर्जा, शिद्दत और उत्साह के साथ पूर्ण करें। आनंद के साथ काम करने से आपको काम आसान भी लगेगा। उन्होंने सुव्यवस्थित और सुनियोजित दिनचर्या अपनाकर व्यावसायिक व व्यक्तिगत जीवन में संतुलन बनाने के साथ ही काम के दौरान उत्साह और प्रसन्नता बनाए रखने को कहा।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने सम्मेलन में अधिकारियों से कहा कि आप लोगों को छत्तीसगढ़ और यहां के लोगों की सेवा का मौका मिला है। अपनी जिम्मेदारियों का पूरी क्षमता से निर्वहन कर राज्य के विकास में और यहां के लोगों के कल्याण में आप लोग महती योगदान दे सकते हैं। उन्होंने लोगों से अच्छा व्यवहार और अच्छी बातचीत रखने को कहा। इससे अच्छा काम करने में मदद मिलती है। राज्य प्रशासनिक सेवा संघ के सम्मेलन में लल्लन टॉप के संस्थापक मशहूर पत्रकार श्री सौरभ द्विवेदी, छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा संघ के अध्यक्ष श्री आशुतोष पांडेय और सचिव श्री संदीप अग्रवाल सहित संघ के अनेक पदाधिकारी और सदस्य सपरिवार मौजूद थे।
- रायपुर/ शहीद दिवस पर शहीद भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव को बलिदान दिवस पर राजधानी शहर रायपुर की नव निर्वाचित महापौर श्रीमती मीनल चौबे और रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा सहित नगर के विशिष्टजनों, गणमान्यजनों, आमजनों ने राजधानी शहर के शंकर नगर चौक एसआरपी चौक में स्थित शहीद भगत सिंह की प्रतिमा के समक्ष नगर पालिक निगम रायपुर के संस्कृति विभाग के तत्वावधान में जोन क्रमांक 3 के सहयोग से रखे गए संक्षिप्त पुष्पांजलि आयोजन में पहुंचकर शहीद भगत सिंह, राज गुरू, सुखदेव को उनके बलिदान दिवस पर सादर नमन करते हुए आदरां जलि अर्पित की।
- रायपुर /छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के अति सुदूर गांव तिमेनार में मुख्यमंत्री मजरा-टोला विद्युतीकरण योजना के तहत आजादी के 77 वर्षों बाद पहली बार बिजली पहुंची। यह ऐतिहासिक उपलब्धि माओवादी आतंक के अंधकार को चीरकर विकास, अमन और शांति के नए सबेरे की ओर कदम बढ़ाने का प्रतीक है।तिमेनार में अब भय की जगह उजाला और आतंक की जगह उम्मीद ने ले ली है। गांव के 53 घरों में शत-प्रतिशत विद्युतीकरण पूरा कर लिया गया है, जिससे पूरे गांव में हर्ष और उल्लास का माहौल है।विकास की रोशनी से दूर हो रहा भय और असुरक्षाभैरमगढ़ ब्लॉक के ग्राम पंचायत बेचापाल के आश्रित गांव तिमेनार के निवासियों ने पीढ़ियों तक बिजली की रोशनी नहीं देखी थी। अब, जब शासन-प्रशासन ने इन दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंच बनाकर जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना शुरू किया है, तो ग्रामीणों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का सपना साकार हो रहा है।ग्रामीणों की जुबानी – "अब डर नहीं लगता, खुशियों का उजियारा छाया है!"गांव के निवासी मशराम, पंडरु कुंजाम, मंगली और प्रमिला वेको ने बताया कि गांव में पहली बार बिजली पहुंची है, अब रात के अंधेरे से डर नहीं लगता। जंगली जानवरों, सांप-बिच्छू के भय से भी मुक्ति मिली है। बच्चों की पढ़ाई लिखाई आसान हो गई है, और अब हम भी विकास की दौड़ में शामिल हो रहे हैं।"ग्रामीणों का कहना है कि अब न केवल आतंक और भय का माहौल समाप्त हो रहा है, बल्कि जीवन की गुणवत्ता भी सुधर रही है।मुख्यमंत्री की प्रतिबद्धता – "हर गांव में विकास की किरण पहुंचेगी"मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार प्रदेश के हर मजरा-टोला को विद्युतीकरण से जोड़ने और नक्सल प्रभावित इलाकों में विकास की धारा प्रवाहित करने के लिए संकल्पबद्ध है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि जहां कल तक नक्सली आतंक का साया था, वहां आज विकास की किरणें फैल रही हैं। यह परिवर्तन ही असली जीत है । तिमेनार में हुआ विद्युतीकरण बस्तर के दूरस्थ अंचलों में सुशासन और विकास के नए युग की शुरुआत का संकेत है। अब यह क्षेत्र माओवाद के डर से मुक्त होकर समृद्धि और उजाले की ओर अग्रसर हो रहा है।गांवों में हो रहा बुनियादी सुविधाओं का विस्तारतिमेनार में विद्युतीकरण के साथ-साथ सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार भी हो रहा है।तिमेनार अब सिर्फ एक गांव नहीं, बल्कि बस्तर के बदलाव की जीवंत मिसाल बन गया है। जहाँ कभी अंधकार और आतंक का बोलबाला था, वहीं अब बिजली की रोशनी, बच्चों की मुस्कान और विकास की रफ्तार है। यह परिवर्तन केवल एक योजना की सफलता नहीं, बल्कि राज्य सरकार की प्रतिबद्धता, प्रशासन की सक्रियता और जनता के विश्वास का प्रतिफल है। तिमेनार में सुशासन से हो रहे बदलाव की यह यात्रा बताती है कि जब इरादे मजबूत हों और नीति जन-केंद्रित हो, तो कोई भी दुर्गमता विकास के रास्ते में बाधा नहीं बन सकती।
- भिलाई। नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र के नेहरू नेहरू नगर भेलवा तालाब में बलिदान दिवस मनाया गया। अमर शहीद भगत सिंह, राजगुरु एवं सुखदेव जी के शहादत को याद किया गया। किस प्रकार से अपनी कम उम्र में आजादी के दीवाने इंकलाब जिंदाबाद का नारा बुलंद करते हुए, फांसी के तख्ते पर झूल गए। आज के युवाओं के लिए प्रेरणा के स्रोत है। निगम भिलाई के जनसंपर्क अधिकारी ने अजय शुक्ला ने बताया कि 24 मार्च 1931 को फांसी होने वाली थी। अंग्रेजी हुकूमत डर के मारे 23 मार्च 2:00 बजे रात को उन्हें फांसी दी गई। जबकि जेल मैन्युअल यह कहता है कि किसी को रात में फांसी नहीं दी जा सकती है। पूरी भीड़ लाहौर जेल के सामने फांसी रुकवाने की मांग कर रही थी। अंग्रेजी हुकूमत डर के मारे 23 मार्च के रात में ही फांसी देकर, कचरे के गाड़ी में अमर शहीदों कि मृतक शरीर को छुपा कर ले जाकर के रावी नदी के तट पर अंतिम संस्कार कर दिए। जब भीड़ को धुआ उठने दिखा पूरी भीड़ उसे तरफ दौड़ी, अंग्रेज अधिकारी अधजले लाश को नदी में प्रवाहित करके भाग गए। आज जिनके बदौलत हम सब आजाद भारत के खुली हवा में सांस ले रहे हैं। उन अमर सपूतों का अंतिम संस्कार भी ठीक से नहीं हो पाया था। भारत विकास परिषद के सचिव जितेंद्र सिंह युवाओं को संबोधित करते हुए कहा हम सब का कर्तव्य बनता है। महापुरुषों पुरुषों को याद करें, उनके द्वारा किए गए आजादी के आंदोलन में उनके बलिदान को लोगों तक पहुंचाएं। यह हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी हमें अपने इतिहास अपने वीर सपूतों के बारे में जानकारी होनी चाहिए। विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारी शैलेंद्र सिंह ने बताया अमर शहीदों को याद करते हुए मन रोमांचित हो जाता है। अपने कठिन परिस्थिति में भी आजादी का जज्बा जगाए रखें, वह भी घूम सकते थे, आराम कर सकते थे, मस्ती कर सकते थे लेकिन नहीं, उनके अंदर राष्ट्रभक्ति था। हमको उसी को अपने दिलों में सजो के रखना है। परिचर्चा के दौरान डोमार सिंह राजपूत, तेजस त्रिपाठी, पंकज कुमार इलाहाबादी, श्री पुरंग, दयानंद चिट्टा, रानी बोई ,खुशी ग्वालियर, ऋतिक श्रीवास्तव, अनुराग, उद्योगपति सुभाष गुलाटी, डॉक्टर नवीन कौरा, सुबोध अग्रवाल, तुलसी भमवानी, हरदयाल सिंह, श्री चतुर्वेदी, डॉ ललित पोपट, प्रदीप डालमिया, संजय भाटिया आदि लोग परिचर्चा में शामिल रहे।
- शहीद हेमू कालाणी का जयन्ती, शहीद भगत सिंह का बलिदान दिवसरायपुर/राजधानी शहर रायपुर के कचहरी चौक तिराहा में शहीद हेमू कालाणी की जयन्ती पर उनकी मूर्ति और शहीद भगत सिंह के बलिदान दिवस पर शंकर नगर एसआरपी चौक में उनकी प्रतिमा के समक्ष नगर निगम रायपुर के संस्कृति विभाग के तत्वावधान में रखे गए संक्षिप्त पुष्पांजलि आयोजन में पहुंचकर नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़, एमआईसी सदस्य श्री अवतार भारती बागल, श्री महेन्द्र खोडियार, रायपुर शहर जिला भाजपा अध्यक्ष श्री रमेश सिंह ठाकुर, आचार्य रमेन्द्रनाथ मिश्रा, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संगठन के प्रदेश अध्यक्ष श्री मुरली मनोहर खंडेलवाल,पदाधिकारी सामाजिक कार्यकर्त्ता सर्वश्री महेन्द्र दुबे, चंद्रकांत पाण्डेय, डॉक्टर अखिलेश त्रिपाठी, डॉक्टर किशोर अग्रवाल, अजय जैन, पूर्व पार्षद प्रतिनिधि श्री राम प्रजापति सहित स्थानीय सिंधी समाज और सिख समाज के पदाधिकारियों,कार्यकारिणी सदस्यों, नगर के गणमान्यजनों, सामाजिक कार्यकर्त्ताओं, महिलाओं, नवयुवकों, आमजनों ने बड़ी संख्या में पहुंचकर शहीद हेमू कालाणी को जयन्ती और शहीद भगत सिंह को बलिदान दिवस पर सादर नमन करते हुए श्रद्धासुमन अर्पित कर कृतज्ञता व्यक्त की।
-
रायपुर। हिंदी के प्रसिद्ध साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल ने शनिवार को उन्हें ज्ञानपीठ पुरस्कार दिए जाने की घोषण पर खुशी जताई और कहा कि उन्हें कभी नहीं लगा कि यह पुरस्कार मिलेगा। भारतीय ज्ञानपीठ ने शुक्ल को वर्ष 2024 के लिए 59वां ज्ञानपीठ पुरस्कार प्रदान किए जाने की घोषणा की है। यह पूछे जाने पर कि ज्ञानपीठ पुरस्कार मिलने की घोषणा को वह किस रूप में लेते हैं तो शुक्ल ने कहा, ''यह भारत का, साहित्य का एक बहुत बड़ा पुरस्कार है। इतना बड़ा पुरस्कार मिलना यह मेरे लिए खुशी की बात है।'' शुक्ल ने कहा कि उन्हें कभी नहीं लगा कि यह पुरस्कार मिलेगा।
विनोद कुमार शुक्ल ने कहा, ''मुझे कभी नहीं लगा कि मुझे यह पुरस्कार मिलेगा। पुरस्कार की तरफ मेरा ध्यान जाता ही नहीं। दूसरे मेरा ध्यान दिलाते हैं। दूसरे मुझसे कहते हैं, परिचर्चा में, बातचीत में, कि अब आपको ज्ञानपीठ पुरस्कार मिलना चाहिए, मैं उनको संकोच में जवाब दे नहीं पाता।'' शुक्ल (88 वर्ष) पिछले कुछ समय से आयु संबंधी कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं लेकिन वह लगातार लिख रहे हैं। शुक्ल कहते हैं, ''कुछ ना कुछ लिखने का प्रयास मैं करता हूं और लिख लेता हूं। जब लिखा हुआ छप जाता है तो मैं मुक्त हो जाता हूं, और मुझे ज्यादा लिखने का जैसे कर्ज सा चढ़ जाता है और फिर मैं फिर लिखने के काम में लग जाता हूं। जब तक रचना शक्ति नहीं है तब तक मुझे एक आलस सा आता है, अभी तो छापने के लिए भेज दिया है छप जाए तो तो फिर लिखूं। लिखने को बहुत है इसका अंत नहीं।'' वह कहते हैं, ''मैं सोचता तो दिनभर हूं, रात भर सोचता रहता हूं। अब लेटे रहने की जिंदगी ज्यादा है। ज्यादा कोई ख्याल आता है, लिखने के लिए अभिव्यक्ति के लिए, एक कोई बात सी लगती है तब अपने पास में रखे हुए डायरी पर उसे नोट कर लेता हूं और दूसरे दिन या तीसरे दिन उसे पूरा करने की कोशिश करता हूं। ज्यादा समय साहित्य के छात्रों के बीच में बीतता है। उनके प्रश्न के उत्तर आदि लिखने के बारे में, वह भी मुझे ताकत देता है।'' 'नौकर की कमीज', 'दीवार में एक खिड़की रहती थी' जैसे प्रसिद्ध उपन्यास के लेखक शुक्ल इन दिनों बच्चों के लिए लिख रहे हैं। वह कहते हैं कि बच्चों के लिए रचनाएं लिखना उन्हें अच्छा लगता है। शुक्ल कहते हैं, ''बहुत बड़ा लिखने की अब मेरी हिम्मत नहीं होती है। मुझे लगता है कि जो भी काम करूं इस उम्र में पूरा कर लूं। बच्चों के लिए छोटा-छोटा लिखता हूं और मुझे आसान सा आधार मिल गया है कि मैं इस तरह के छोटे-छोटे काम करता रहूं। बच्चों के लिए लिखना मुझे बड़ा अच्छा लगता है।'' पेन—नोबोकोव अवार्ड जैसे पुरस्कारों से सम्मानित शुक्ल नए और युवा साहित्यकारों को कहते हैं कि वह लिखते रहें और खुद पर विश्वास रखें। उन्होंने कहा, ''जो लिख रहे हैं वह बहुत अच्छा काम है। लिखने का काम छोटा नहीं है। लिखे तो लिखते रहें। अपने ऊपर विश्वास रखें और दूसरे आपके लेखन के बाद टिप्पणियां देते हैं तो उसपर भी ध्यान दें। उनकी टिप्पणियों पर भी ध्यान दें और जरूर इस बात का अनुभव करें कि जो आप लिख रहे हैं उसकी सार्थकता कितनी है।''
शुक्ल का बचपन गजानन माधव मुक्तिबोध और पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी जैसे साहित्यकारों के शहर राजनांदगांव में बीता है। अपने शहर को याद करते हुए शुक्ल कहते हैं, ''राजनांदगांव की बहुत याद आती है। उसे मैं अपने बचपन के दिन के रूप में याद करता हूं। लेकिन अब यह वह नांदगांव नहीं रहा। वहां मैं कई साल पहले गया था। मेरा घर भी अब वह घर नहीं जो पहले था। अब जगह इतनी बदल जाती है।'' - रायपुर, /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अमर शहीदों भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को शहीद दिवस (23 मार्च) पर नमन किया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि देश की आज़ादी के लिए हंसते-हंसते फाँसी का फंदा चूमने वाले ये वीर सपूत न केवल हमारी आज़ादी की नींव हैं, बल्कि वे हर भारतीय युवा के लिए प्रेरणा-पुंज भी हैं। उनकी शहादत ने स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा दी और पूरे देश में क्रांति की चेतना जागृत की। उन्होंने कहा कि भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव का बलिदान आज भी हम सभी में राष्ट्रप्रेम की ज्योति को प्रज्वलित करती है। उनका जीवन त्याग, साहस और राष्ट्रभक्ति की अद्भुत मिसाल है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अमर शहीदों के जीवन से प्रेरणा लेकर हम सभी यह संकल्प लें कि हम अपने कर्तव्यों के प्रति समर्पित रहेंगे, देशहित को सर्वोपरि मानेंगे और राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करेंगे।
- -सामाजिक भवन के लिए 25 लाख रुपए देने की घोषणा की-धीवर समाज को मिला प्रभु श्रीराम का आशीर्वाद, सनातन का किया प्रचार-प्रसार : उप मुख्यमंत्री श्री सावरायपुर. । . उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव आज दुर्ग जिले के दारगांव में छत्तीसगढ़ धीवर समाज के वार्षिक अधिवेशन एवं सम्मान समारोह में शामिल हुए। उन्होंने समारोह में धमधा नगर पंचायत में धीवर समाज के सामाजिक भवन के निर्माण के लिए 25 लाख रुपए देने की घोषणा की। सांसद श्री विजय बघेल भी समारोह में शामिल हुए।श्री साव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि धीवर समाज प्रभु श्रीराम के आशीर्वाद से निरंतर आगे बढ़ रहा है। समाज को भगवान राम को गंगा पार लगाने का आशीर्वाद मिला है। प्रभु भजन के माध्यम से धीवर समाज ने हमेशा सनातन धर्म का प्रसार किया है। सरकार ने कई योजनाएं बनाई हैं, जिसका लाभ उन्हें मिल रहा है।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि धीवर समाज बहुत ईमानदार, मेहनती एवं प्रतिष्ठित समाज है। अपनी प्रतिष्ठा और मेहनत के दम पर समाज ने प्रदेश में एक अलग स्थान बनाया है। पूरा समाज हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है।सम्मेलन से सामाजिक कुरीति होती है दूरश्री साव ने कार्यक्रम में कहा कि सामाजिक सम्मेलन में छोटे पारिवारिक विवाद व मनमुटाव को निपटाने का काम होता है। समाज को एकजुट करने के लिए ये जरूरी काम है। न्यायालय जाने से समय और पैसे की बर्बादी होती है। सामाजिक बैठक से बड़े-बड़े विवाद सुलझ जाते हैं। साथ ही सामाजिक कुरीतियों को भी दूर करने पर चर्चा होती है।पूर्व विधायक श्री लाभचंद बाफना और श्री अवधेश चंदेल, दुर्ग जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती बंजारे, जनपद अध्यक्ष श्री जितेंद्र साहू और धीवर समाज के अध्यक्ष श्री सूरज धीवर सहित धीवर समाज के सभी परगना के अध्यक्ष और अनेक पदाधिकारी बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।
- रायपुर, /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज नवा रायपुर स्थित आईपी क्लब के मिनी थिएटर में मराठा काल के स्वर्णिम इतिहास पर आधारित फिल्म "छावा" देखने पहुँचे। यह फिल्म वीर राष्ट्रनायक छत्रपति शिवाजी महाराज के पराक्रमी पुत्र संभाजी महाराज के जीवन, संघर्ष और बलिदान पर आधारित है।फिल्म प्रदर्शन के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि संभाजी महाराज ने देश, धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। घोर यातनाओं और कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। 'छावा' फिल्म ने उनके अद्भुत जीवन और बलिदान को अत्यंत सजीव और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने "छावा" फिल्म को राज्य में टैक्स फ्री किया है ताकि अधिक से अधिक लोग इस प्रेरक इतिहास से अवगत हो सकें।इस अवसर पर राज्य के वन मंत्री श्री केदार कश्यप, विधायक श्री अनुज शर्मा, तथा श्री सम्पत अग्रवाल भी उपस्थित थे और फिल्म के माध्यम से राष्ट्रभक्ति की इस गौरवशाली गाथा का साक्षात्कार किया।उल्लेखनीय है कि फिल्म में मराठा-मुगल संघर्ष और भारत के इतिहास को एक नई दृष्टि से दर्शाया गया है।
-
-अफसरों की ली बैठक, तैयारियों पर संतोष जताया
-25 तक संपूर्ण तैयारियां पूर्ण करने दिए निर्देशबिलासपुर, /मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी.दयानन्द ने आज मोहभठ्ठा का दौरा किया। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 30 मार्च को बोदरी तहसील के ग्राम मोहभठ्ठा आने वाले हैं। श्री मोदी विकास कार्यों की सौगात देने के साथ ही यहां एक विशाल आमसभा को सम्बोधित करेंगे। युद्धस्तर पर मोहभठ्ठा में प्रधानमंत्री जी के प्रवास की तैयारियां चल रही हैं। मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी.दयानन्द ने लगभग एक घण्टे तक सभास्थल का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया। अधिकारियों की बैठक लेकर दिशा-निर्देश भी दिए। अब तक की तैयारी की प्रगति पर उन्होंने संतोष व्यक्त किया है। उन्होंने 25 मार्च तक तमाम तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर अवनीश शरण, एसएसपी रजनेश सिंह, नगर निगम आयुक्त अमित कुमार सहित विभागीय अधिकारी एवं ठेकेदार इस अवसर पर उपस्थित थे।मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी.दयानन्द ने कहा कि प्रधानमंत्री जी की सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए लोगों की सुविधाओं का भी तैयारी में ध्यान रखा जाये। उन्होंने बदलते मौसम को ध्यान में रखते तैयारियां रखने के निर्देश दिए। तेज गरमी के साथ बरसात की स्थिति की संभावना को भी ध्यान में रखते हुए तैयारी किया जाये। सभास्थल के साथ-साथ पार्किंग भी पर्याप्त होने चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी का यह राज्य स्तरीय कार्यक्रम है। बिलासपुर के साथ राज्य भर से लोग प्रधानमंत्री जी को सुनने पहुंचेंगे। उनके यहां आने-जाने मंे हितग्राहियों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने चाहिए। सुरक्षा प्रोटोकाल के चलते दो-तीन घण्टे पहले हितगा्रहियों को पहुंचना होगा। लगभग 2 लाख लोगों के समागम की संभावना है। श्री दयानन्द ने सभास्थल पर मुख्य मंच, हेलीपेड, ग्रीन रूम, सांस्कृतिक मंच, हितग्राहियों एवं अतिथियों की बैठक व्यवस्था आदि का सूक्ष्मता से निरीक्षण किया। उन्होंने सभास्थल के समीप बनाये गये पार्किंग स्थलों का भी जायजा लिया। पार्किंग स्थल पर भी जनसुविधाएं विकसित करने के निर्देश दिए।इसके पहले कलेक्टर अवनीश शरण ने मुख्यमंत्री के सचिव को अब तक की तैयारी से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री जी की सभास्थल 55 एकड़ के विशाल मैदान में आयोजित की जा रही है। प्रधानमंत्री जी एवं उनके स्टॉफ के उतरने के लिए स्थल के किनारे तीन हेलीपेड लगभग तैयार हो गए हैं। स्थल के एक किनारे पर दो और हेलीपेड बनाये जा रहे हैं। इसमें माननीय राज्यपाल एवं माननीय मुख्यमंत्री जी के लिए है। सभास्थल के आस-आस 9 पार्किंग स्थल तैयार हो चुके हैं। सभी का समेकित रकबा लगभग 100 एकड़ से ज्यादा का है। रूट चार्ट के अनुसार अलग अलग रूट के लिए पार्किंग की कलर कोडिंग कर जिलेवार आरक्षित रखे गये हैं। सभास्थल में पांच डोम खड़े किये जा रहे हैं। सभी डोम मिलाकर 120 सेक्टर मेें लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी। प्रत्येक सेक्टर में एक से डेढ़ हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी। उनके पानी, नाश्ता, दवा और साफ-सफाई से जुड़े लगभग 7 कर्मचारी सहयोग करेंगे। चूंिक लोग 4-5 घण्टे तक सभास्थल पर ठहरेंगे, इसलिए लगभग डेढ़ सौ पक्का टॉयलेट भी निर्मित किये जा रहे है। 25 मार्च के बाद सभास्थल की बा्रण्डिंग एवं फिनिशिंग का कार्य किया जायेगा। एसएसपी रजनेश सिंह ने सुरक्षा व्यवस्था का ब्यौरा दिया। - भिलाई। नगर निगम क्षेत्र में निर्मित केनाल रोड नागरिकों के आवागमन का प्रमुख माध्यम बना हुआ है। ख़ुर्शीपार से शुरू हो करके अवंती बाई चौक तक पहुंचने का प्रमुख लाइफलाइन होगा। अभी खुर्सीपार पर से शुरू होकर के नंदनी रोड तक बन गया है। अब कैनाल रोड आगे बढ़ते हुए जोन क्रमांक 3,2,1 से होकर जाकर पूर्ण होगा। नंदिनी रोड से आगे जाकर के नाले के किनारे किनारे नागरिकों द्वारा अवैध कब्जा किया गया है। जो कैनल रोड बनाने में समस्या पैदा कर रहा है।आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय जोन आयुक्त सतीश यादव एवं अभियंताओं को लेकर नाले के किनारे चलते हुए पूरा निरीक्षण किया। रास्ते में लोगों बातें कर रहे थे, बहुत सारे लोगों ने कहा हम इंतजार कर रहे हैं कैनाल रोड कब से बनना शुरू होगा। हम अपना जगह खुद खाली कर देंगे। हम सबको दिख रहा है कि खुर्सीपार में कैनल रोड बन जाने से बहुत अच्छी सफाई हो रही है। सबको अच्छी सुविधा मिल रही है। कैनाल रोड के किनारे रहने वाले मोइनुद्दीन अंसारी ने कहा हम अपना कब्जा खुद खाली करेंगे। नहर किनारे होटल चलाने वाले महेंद्र चौधरी ने कहा हम मिठाई बाटेंगे। जिस दिन कैनाल रोड बनना शुरू होगा। कैनाल रोड का निर्माण एवं सौंदरीकरण अच्छी लाइटिंग लगेगी दोनों बीच सुंदरता के लिए पेड़ होगा। कैनाल रोड बन जाने से नेशनल हाईवे पर ट्रैफिक का लोड कम हो जाएगा। कैनाल रोड खुर्सीपार पर से शुरू होकर सीधे अवंती बाई चौक पहुंच जाएगा। लगभग सात किलोमीटर की दूरी कम हो जाएगी, नीचे नहर का पानी जाएगा ऊपर सड़क रहेगा। आयुक्त पाण्डेय ने लोगों को बताया कि जिसका मकान कैनल रोड में आएगा पात्रता के अनुसार उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना में मकान दिया जाएगा। उतना ही मकान टूटेगा जीतने की आवश्यकता है, खुद से खाली कर लेंगे तो बहुत आसानी होगा। निगम का प्रयास होगा की शीघ्रता से सर्वे कर करके कैनाल रोड का निर्माण किया जावे। अभी हम लोग सर्वे कर रहे हैं नोटिस भी बांटा गया है घरों के ऊपर जहां तक टूटेगा मार्किंग भी कर दिया गया है। लगभग 530 मकान का हिस्सा सर्वे में आ रहा है कुछ बचा भी है। कुछ ऐसे लोगों का भी मकान आ रहा है जिन्होंने नहर के ऊपर कब्जा पूरा कब्जा करके मकान बनाया है वह भी टूटेगा। नियम अनुसार कार्रवाई करते हुए उनसे भी खाली करवाया जाएगा। इसमें पूरे भिलाई नगर का हित जुड़ा हुआ है। सर्वे के दौरान कार्यपालन अभियंता संजय अग्रवाल, अभियंता नितेश मेश्राम, सहायक राजस्व अधिकारी बसंत देवांगन, जनसंपर्क अधिकारी अजय शुक्ला, सहायक स्वास्थ्य अधिकारी वीरेंद्र बंजारे आदि उपस्थित रहे।
- -कृषि विश्वविद्यालय में लगेगा एफ.पी.ओ. मेला-कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम करेंगे शुभांरभरायपुर । छत्तीसगढ़ में कृषक उत्पादक संगठनों के गठन एवं गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग, छत्तीसगढ़ शासन तथा लघु कृषक कृषि व्यापार संघ, भारत सरकार नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 26 से 28 मार्च, 2025 तक तीन दिवसीय कृषक उत्पादक संगठन (एफ.पी.ओ.) मेला सह प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। कृषि महाविद्यालय, रायपुर के कृषि मंडपम् में आयोजित इस तीन दिवसीय एफ.पी.ओ. मेला सह प्रदर्शनी का शुभारंभ दिनांक 26 मार्च, 2025 को प्रातः 11 बजे कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी मंत्री श्री रामविचार नेताम के मुख्य आतिथ्य में किया जाएगा। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में धरसींवा विधायक, श्री अनुज शर्मा, रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोती लाल साहू, महापौर रायपुर नगर निगम, श्रीमती मीनल चौबे उपस्थित रहेंगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल करेंगे।उल्लेखनी है कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में आयोजित होने वाले इस तीन दिवसीय कृषक उत्पादक संगठन मेला सह प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ के 45 कृषक उत्पादक संगठन शामिल होंगे। मेले में शामिल कृषक उत्पादक संगठनों के उत्पादों का प्रदर्शन एवं विक्रय भी किया जाएगा। इस दौरान एफ.पी.ओ. के संचालन के विभिन्न विषयों पर विषय विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इस एफ.पी.ओ. मेला सह प्रदर्शनी में कृषि वैज्ञानिक, कृषि विभाग के अधिकारी, प्रगतिशील कृषक एवं कृषि से संबंधित एफ.पी.ओ. के प्रतिनिधि भाग लेंगे। इस अवसर पर जन-सामान्य हेतु मेला सह प्रदर्शनी का भी आयोजन किया जएगा जिसमें एफ.पी.ओ. के उत्पादों को क्रय भी कर सकेंगे।एफ.पी.ओ. मेले में विभिन्न कृषक उत्पादक संगठनों द्वारा निर्मित उत्पाद जैसे सुगंधित चावल - विष्णुभोग चावल, देवभोग चावल, जीराफूल चावल, तुलसी मंजरी चावल, ब्लैक साईस, रेड साईस, ग्रीन साईस, ब्राउन साईस, एचएमटी चावल, कोदो चावल, हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर,मशरूम बड़ी, मशरूम पापड़, मशरूम पाउडर, मशरूम अचार, महुआ लड्डू, शहद, बाजरा, कोदो, कुटकी, रागी, तेल (सरसों का तेल, शीशम तेल और मूंगफली का तेल), मल्टीग्रेन आटा, रागी का आटा, चावल का आटा, कॉन्सेंट्रेट, हनी बी वैक्स, लिप बाम, फुट क्रीम, हर्बल साबुन, मोरिंगा पाउडर, फिनाइल, दालें, अरहर दाल, उड़द दाल, मसूर दाल, लाखड़ी दाल, पोहा, ज्वार, बाजरा, सफेद तिल के बीज का आटा, कुमकुम, हल्दी रोली, बेरी बिस्कुट, आम का अचार, कटहल का अचार, आंवला अचार, बांस का अचार, नींबू अचार, मिर्च अचार, हल्दी अचार, मिक्स अचार, चना दाल, सरसों, काजू, इमली, अमचूर लड्डू, गुड़, चीनी, गुड़ कैंडी आदि आम जनता हेतु प्रदर्शन एवं विक्रय के लिए उपलब्ध रहेंगे।
- - राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों से मांगे गये सुझावदुर्ग, / भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के जिला पदाधिकारियों की बैठक आज कलेक्टोरेट सभा कक्ष में आयोजित की गई। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में विगत 04 एवं 05 मार्च 2025 को सीईओएस कांफें्रस के निर्देशों से अवगत कराते हुए राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों से उनके सुझाव आमंत्रित किये गये। बैठक में अवगत कराया गया कि डोर-टू-डोर सर्वेक्षण करते समय, सभी बीएलओ यह सुनिश्चित करेंगे कि भारत के सभी नागरिक जो 18 वर्ष से अधिक आयु के है, वे भारत के संविधान के अनुच्छेद 325 और अनुच्छेेद 326 के अनुसार अनिवार्य रूप से मतदाता के रूप में नामांकित है। मतदाता सूचियों की गुणवत्ता और शुद्धता में सुधार के लिए बीएलओ के रूप में पर्याप्त उच्च स्तरीय अधिकारियों की नियुक्ति के लिए सभी प्रयास किये जाएंगे। सभी बीएलओ को मतदाताओं के साथ विनम्र व्यवहार करने के लिए उचित रूप से प्रश्क्षिित किया जाएगा। यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी व्यक्ति या व्यक्ति द्वारा झूठे और बड़े-बड़े दावे करके किसी भी मतदाता या निर्वाचन कर्मचारी को डराया न जा सके। प्रत्येक बूथ पर लगभग 800 से 1200 मतदाता सम्मिलित किये जाएंगे। साथ ही प्रत्येक मतदाता के निवास से मतदान केन्द्र 2 किलोमीटर पर हो, सुनिश्चित किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में मतदान को आसान बनाने के लिए उचित ए.एम.एफ. वाले मतदान केन्द्र स्थापित किये जाएंगे। शहरी क्षेत्रों में मतदान बढ़ाने के लिए ऊंची इमारतों के साथ-साथ कालोनियों में भी मतदान केन्द्र स्थापित किये जाएंगे। मतदाताओं की उचित पहचान सुनिश्चित करने तथा आवश्यक संचार सुनिश्चित करने के लिए, आधार और मोबाईल नंबरों को जोड़ने के सभी प्रयास किये जाएंगे। बैठक में उपस्थित राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों ने भी स्वच्छ एवं त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार करने, नाम जोड़ने, विलोपित करने, मृतक मतदाताओं की पहचान हेतु अपने महत्वपूर्ण सुझाव दिये। उन्होंने जिम्मेदार कर्मचारियों को बीएलओ नियुक्त करने जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्ट किया। साथ ही उनकी तरफ से बीएलए नियुक्त कर आवश्यक सहयोग प्रदान करने का भरोसा दिलाये। बैठक में एडीएम श्री अरविन्द एक्का, उप जिला निर्वाचन अधिकारी अपर कलेक्टर श्री विरेन्द्र सिंह के अलावा राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों में श्री मुकेश चन्द्राकर, श्री राजेन्द्र कुमार पाध्ये, श्री संजय सिंह, अली हुसैन सिद्धिकी, श्री केशव बंछोर, श्री करण कुमार कनौजिया, श्री आनंद नरेरा, श्री लेखराम साहू, श्री शोभनदास मानिकपुरी, श्री मोहित वालडे, सुश्री अर्चना ध्रुव, श्री बंटी चौरे आदि सम्मिलित हुए।












.jpg)














.jpg)