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- -सुदूर अंचल के बच्चों तक पहुंची गुणवत्तापूर्ण शिक्षारायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के दिशा-निर्देशन में लागू की गई शाला-शिक्षक युक्तियुक्तकरण नीति प्रदेश के विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इस नीति के तहत अतिरिक्त और रिक्त पदों का संतुलन कर शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित की जा रही है, जिससे अब सुदूर अंचलों के विद्यार्थियों को भी नियमित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिल रहा है।कोरबा जिले के वनांचल क्षेत्र कोरकोमा का शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला, जहां 319 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, इसका स्पष्ट उदाहरण है। पहले यहां शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित होती थी और कई कालखंड खाली रह जाते थे। लेकिन युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के बाद दो शिक्षिकाओं श्रीमती रामेश्वरी रत्नाकर और श्रीमती पद्मा निषाद की पदस्थापना से अब सभी कक्षाएं नियमित रूप से संचालित हो रही हैं, और सतत अध्यापन, अध्ययन कार्य व्यस्थित रूप से चल रही है।प्रधानपाठक श्री गोपाल प्रसाद साव ने बताया कि दर्ज संख्या के अनुसार यहां दो शिक्षकों की कमी थी, जो अब पूरी हो गई है। नई पदस्थ शिक्षिकाओं ने आते ही तुरंत कक्षाएं लेना प्रारंभ कर दिया है। श्रीमती रत्नाकर अंग्रेजी पढ़ा रही हैं, जबकि श्रीमती निषाद सामाजिक विज्ञान, विज्ञान और हिंदी विषय संभाल रही हैं।विद्यार्थी सुनील, समीर, गुंजन, स्नेहा, राकेश और साहिल खुशी जताते हुए बताया कि अब कोई भी कालखंड खाली नहीं जाता और पढ़ाई निरंतर चल रही है। 5 से 7 किलोमीटर दूर से आने वाले बच्चों के लिए यह बदलाव विशेष रूप से राहत भरा है, क्योंकि अब उन्हें प्रत्येक विषय की नियमित शिक्षा मिल रही है।यह बदलाव न केवल विद्यार्थियों की शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठा रहा है, बल्कि अभिभावकों का भी विद्यालय पर भरोसा बढ़ा रहा है। शासन की यह पहल शिक्षा के अधिकार को मजबूत करते हुए यह सुनिश्चित कर रही है कि राज्य का कोई भी बच्चा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित न रहे।
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-’बिजली बिल से मिली राहत और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ भविष्य का संकल्प’
रायपुर / पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ अब कोरबा जिले के हर मोहल्ले और बस्ती तक पहुँच रहा है। इस योजना ने न केवल लोगों के बिजली बिलों में भारी बचत कराई है, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा के माध्यम से पर्यावरण के संरक्षण में भी अहम योगदान दिया है। कोरबा जिले के नगरीय क्षेत्र हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, दादर खुर्द निवासी श्री शंकर पुरी जिन्होंने अपने घर की छत पर सौर ऊर्जा का ’सूर्यघर’ स्थापित कर जीवन में नई ऊर्जा भर दी है।3 किलोवाट क्षमता का सोलर रूफटॉप, एक लाख रूपए से अधिक की सब्सिडीश्री शंकर पुरी, जो अपने परिवार के साथ हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में रह रहे हैं, हमेशा से बिजली बिल के खर्च और बिजली चले जाने की समस्या से चिंतित थे। प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के बारे में जानकारी मिलने पर उन्होंने बिना देर किए योजना का लाभ उठाने का निर्णय लिया। योजना के तहत उन्होंने अपने घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर रूफटॉप पैनल स्थापित किया। इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि लाभार्थियों को केंद्र सरकार की ओर से सीधा अनुदान (सब्सिडी) प्रदान किया जाता है, जिससे प्रारंभिक निवेश का बोझ काफी कम हो जाता है। श्री शंकर पुरी को भी इस योजना के अंतर्गत रूपये 78 हजार की सब्सिडी सीधे उनके बैंक खाते में प्राप्त हुई। इससे उन्हें सोलर पैनल स्थापना के कुल खर्च का बड़ा हिस्सा कवर करने में मदद मिली। राज्य सरकार द्वारा भी श्री शंकर पुरी को 30 हजार रूपए का अनुदान जल्द ही दिया जायेगा।पर्यावरण अनुकूल, 3.5 टन कार्बन उत्सर्जन में कमीसोलर पैनल लगने के बाद से श्री पुरी को हर महीने बिजली बिल में बचत हो रही है। उनका कहना है कि यह बचत साल भर में एक बड़ी राशि बन जाती है, जिसे वे परिवार की अन्य आवश्यकताओं और बच्चों पर खर्च कर पा रहे हैं। साथ ही, यह प्रणाली पर्यावरण के लिए भी लाभकारी है। सौर ऊर्जा के उपयोग से सालाना लगभग 3.5 टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आती है, जो वातावरण को स्वच्छ और प्रदूषणमुक्त बनाने की दिशा में एक अहम कदम है। श्री पुरी बताते हैं कि उन्हें यह जानकर गर्व होता है कि उनका छोटा-सा प्रयास भी जलवायु परिवर्तन से लड़ने के वैश्विक प्रयासों का हिस्सा है। उन्होंने बताया योजना की प्रक्रिया बेहद पारदर्शी और सरल थी।सोलर प्लांट लगाना लाभकारी निवेशअपने अनुभव को साझा करते हुए श्री पुरी ने योजना के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को धन्यवाद देते हुए कहा - “मैं सभी नागरिकों से अपील करता हूँ कि वे प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना का लाभ अवश्य लें। इससे न केवल आर्थिक बचत होती है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ वातावरण भी सुनिश्चित होता है। प्रारंभिक लागत को लेकर डरने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि सरकार की ओर से मिलने वाली सब्सिडी और लंबी अवधि की बचत इसे एक लाभकारी निवेश बनाती है।“ - - बिजली बिल भी घटकर एक तिहाई से भी कम हुआरायपुऱ / छत्तीसगढ़ में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से समान्य नागरिक भी अब बिजली उत्पादक बनते जा रहें है। अपने घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाकर पावर प्लांट लगाने से लोगों की बिजली की समस्या का समाधान तो हो ही रहा है, साथ ही उपयोग के बाद बची हुई बिजली को बेचकर उन्हें अच्छा-खासा फायदा भी हो रहा है। रायगढ़ के सावित्री नगर में रहने वाले श्री प्रदीप पटेल भी ऐसे ही एक बिजली उत्पादक बन गये है। श्री प्रदीप पटेल ने अपने घर पर 3 किलोवॉट का सौर पैनल स्थापित कर बिजली बिल से राहत पाई है। यह पैनल सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत लगाया गया है। इसमें उन्हें केंद्र सरकार से 78,000 रुपए और राज्य सरकार से 30,000 रुपए की मिलाकर कुल एक लाख आठ हजार रूपए की सब्सिडी मिली है। आवेदन करने के मात्र 10 दिन के भीतर ही सब्सिडी की राशि उनके खाते में जमा हो गई। श्री पटेल के यहां प्रतिमाह 350-400 यूनिट बिजली का उत्पादन हो रहा है। उनका औसत मासिक खपत 500 यूनिट है, जिससे उन्हें केवल 100-150 यूनिट का ही बिल चुकाना पड़ता है। उन्होंने योजना की सराहना करते हुए अन्य नागरिकों से भी इसका लाभ उठाने की अपील की और शासन-प्रशासन को धन्यवाद दिया।जिले के 197 से अधिक घरों में सौर ऊर्जा से आत्मनिर्भरताप्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत रायगढ़ जिले में अब तक 197 से अधिक घरों में सौर रूफटॉप सिस्टम स्थापित हो चुके हैं। इनसे सैकड़ों परिवारों को बिजली बिल से मुक्ति मिली है और वे ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन रहे हैं। स्थापित सोलर रूफटॉप सिस्टम से प्रत्येक घर को प्रतिमाह औसतन 3,000 रुपए से 5,000 रुपए की सीधी बचत हो रही है। योजना से न केवल आर्थिक लाभ हो रहा है, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग से कार्बन उत्सर्जन में कमी लाकर पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दिया जा रहा है।योजना की वित्तीय सहायता और उत्पादन क्षमतापीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत स्थापित 1 किलोवॉट प्लांट में औसतन 120 यूनिट प्रतिमाह माह उत्पादन होता है। इसने 30,000 रुपए सब्सिडी केंद्र से और 15,000 रुपए राज्य से प्रदाय किया जाता है। इसी तरह 2 किलोवॉट प्लांट में औसतन 240 यूनिट प्रतिमाह उत्पादन और सब्सिडी केंद्र से 60,000 रुपए और राज्य से 30,000 रुपए प्रदाय किया जाता है। 3 किलोवॉट प्लांट में औसतन 360 यूनिट प्रतिमाह माह उत्पादन एवं केंद्र से 78,000 रुपए और राज्य से 30,000 रुपए प्रदाय किया जाता है। उपभोक्ता को शेष राशि स्वयं वहन करनी होती है, जो ऋण सुविधा के माध्यम से भी उपलब्ध है।ऑनलाइन प्रक्रिया से करें आवेदनयोजना का लाभ पूरी तरह ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत दिया जा रहा है। उपभोक्ताhttps://pmsuryaghar.gov.in पोर्टल, पीएम सूर्यघर मोबाइल ऐप, सीएसपीडीसीएल वेबसाइट, मोर बिजली ऐप या टोल फ्री नंबर 1912 पर कॉल कर आवेदन कर सकते हैं। साथ ही नजदीकी सीएसपीडीसीएल कार्यालय में संपर्क भी कर सकते हैं। उपभोक्ता सौर प्लांट स्थापना हेतु वेंडर का चयन स्वयं ऑनलाइन कर सकते हैं।
- रायपुर / शासन द्वारा संचालित प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना अब ग्रामीण अंचलों में भी आमजनों के जीवन में आशा की किरण बन रही है। इसी क्रम में विकासखण्ड लोरमी के ग्राम नवागांव वेंकट निवासी अकत राम ध्रुव ने इस योजना का लाभ लेकर अपने घर की छत पर सोलर पैनल स्थापित कराया है। अब वह हर महीने बिजली बिल के बोझ से मुक्त होकर, अपनी ही सौर ऊर्जा से अपने घर की बिजली जरूरतें पूरी कर रहे हैं।श्री अकत राम ध्रुव ने बताया कि पहले उनके घर में बिजली की आपूर्ति अनियमित रहती थी और बिजली बिल भी अधिक आता था, लेकिन जब उन्हें पीएम सूर्य घर योजना की जानकारी मिली, तो उन्होंने तुरंत आवेदन किया। योजना के तहत उन्हें सब्सिडी पर सोलर पैनल मिले और कुछ ही दिनों में उनके घर की छत पर सिस्टम इंस्टॉल कर दिया गया। अब उनके घर में नियमित रूप से बिजली रहती है और उन्हें बिल भी नहीं देना पड़ता, बल्कि आने वाले दिनों में वे अतिरिक्त बिजली को विद्युत विभाग को बेचकर आय अर्जित करने की भी योजना बना रहे हैं। श्री अकतराम ध्रुव कहा कि इस योजना से उन्हें आर्थिक और मानसिक राहत मिली है। अब वे खेती के साथ-साथ घरेलू जरूरतों में भी सौर ऊर्जा का लाभ उठा रहे हैं। ग्राम पंचायत नवागांव वेंकट के सरपंच ने भी कहा कि अकत राम ध्रुव जैसे हितग्राहियों की सफलता गांव के अन्य लोगों को भी प्रेरणा दे रही है। गांव में अब अन्य लोग भी पीएम सूर्य घर योजना के लिए आवेदन करने आगे आ रहे हैं।क्रेड़ा विभाग के अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के लिए केन्द्र के साथ राज्य सरकार भी सब्सिडी प्रदान कर रही है। छत पर 3 किलोवाट का सोलर प्लांट लगाने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा 78 हजार रूपए और राज्य सरकार द्वारा 30 हजार रूपए की सब्सिडी दी जा रही है। इसके साथ ही आसान किश्तों में बैंक फायनेंस भी उपलब्ध है। प्रदेश में अब तक सैकड़ों लोगों ने इस योजना का लाभ लिया है और गांवों में इस योजना का लाभ लेने जागरूकता लगातार बढ़ रही है। इस योजना से पर्यावरण संरक्षण, आर्थिक बचत और स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को एक साथ बढ़ावा मिल रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक घरों को सौर ऊर्जा से जोड़कर हर घर को आत्मनिर्भर बनाया जाए।
- -आपात चिकित्सा सेवा पूर्व की भाँति जारी रहेगी 24 घंटेरायपुर । लगातार तीन दिवसों (15, 16 और 17 अगस्त) के शासकीय अवकाश के बीच मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 16 अगस्त 2025 (शनिवार) को डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय के बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) का संचालन प्रातः 10:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक होगा। विदित हो कि 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस, 16 अगस्त को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व तथा 17 अगस्त रविवार को अवकाश रहेगा। ऐसे में अवकाश के दिनों में भी मरीजों को आवश्यक चिकित्सा सेवा का लाभ मिले, इस उद्देश्य से यह व्यवस्था की गई है। वहीं आपात चिकित्सा विभाग (कैजुअल्टी डिपार्टमेंट) की सेवायें पूर्व की भाँति 24 घंटे यथावत् जारी रहेगी।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य में निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत निजी विद्यालयों में छात्रों के प्रवेश के लिए तीसरी लाटरी 19 अगस्त को निकाली जाएगी। इस अधिनियम के अंतर्गत निजी विद्यालयों की 25 प्रतिशत सीटों में प्रवेश दिया जाता है।लोक शिक्षण संचालनालय, से मिली जानकारी के अनुसार, जिन बच्चों का चयन पहले ही हो चुका है, उनके नामों को छोड़कर शेष आवेदकों के बीच लॉटरी प्रक्रिया संपन्न की जाएगी। इस चरण में अभिभावकों या बच्चों द्वारा नए आवेदन की आवश्यकता नहीं होगी। अधिकारियों ने बताया कि आरटीई अधिनियम के तहत् निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटों में प्रवेश के लिए लगभग 6,100 सीटें अब भी रिक्त हैं। उल्लेखनीय है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों को आरक्षित सीटों पर प्रवेश दिया जाता है, जिससे उन्हें गुणवत्तापूर्ण निःशुल्क शिक्षा का समान अवसर मिल सके।
- रायपुर ।छत्तीसगढ़ सरकार सामान्य प्रशासन विभाग ने 15 अगस्त 2025 को स्वतंत्रता दिवस समारोह में ध्वजारोहण के लिए मुख्य अतिथि की सूची जारी की गई है। जारी सूची के अनुसार रायगढ़ जिले में वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी मुख्य अतिथि होंगे। श्री चौधरी जिला मुख्यालय में 15 अगस्त को आयोजित मुख्य समारोह में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराएंगे और छत्तीसगढ़ सरकार के ’’माननीय मुख्यमंत्री जी का संदेश’’ वाचन करेंगे।
- - बलौदाबाजार जिले के 489 गांव में जल्द मिलगी खरीफ सिंचाई सुविधाबलौदाबाजार / पिछले कुछ दिनों से जिले में बारिश नहीं होने के कारण धान की खेती के लिए पानी की आवश्यकता बढ़ गई है। कलेक्टर दीपक सोनी ने स्थिति क़ो गंभीरता से लेते हुए जल संसाधन विभाग के अधिकारियों क़ो जरुरी निर्देश दिये जिस पर खरीफ सिंचाई हेतु मंगलवार क़ो रविशंकर जलाशय (गंगरेल ) से पानी छोडा गया है। अगले एक या दो दिन में बांध का पानी ग्राम बुढ़ेनी व कनकी पहुंचने की संभावना है।प्राप्त जानकारी के अनुसार गंगरेल जलाशय से छोड़े गये पानी से महानदी परियोजना की जल प्रबंधन संभाग क्रमांक 2 एवं 3 अंतर्गत जिले के 489 गांव की 264482 एकड़ फसल में सिंचाई के लिए हो रही मांग की पूर्ति हो सकेगी। इसमें जल प्रबंधन संभाग 2 बलौदाबाजार अंतर्गत 323 गांव के 195291 एकड़ एवं डिसनेट संभाग क्रमांक 3 तिल्दा अंतर्गत 166गांव के 69191एकड़ शामिल हैं।
- रायपुर। आमानाका थाना क्षेत्र के रिंग रोड नंबर-02 तेंदुआ गांव के पास झाडिय़ों में एक अज्ञात युवक का शव मिलने से हड़कंप मच गया। पुलिस के अनुसार मृतक की उम्र करीब 40 से 45 साल है। शव पर कोई चोट के निशान नहीं मिले हैं। मृतक ने चड्डी और टी-शर्ट पहन रखी थी और कद-काठी से ट्रक ड्राइवर प्रतीत हो रहा है। पुलिस को आशंका है कि युवक की हत्या कर शव यहां फेंका गया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जिसकी रिपोर्ट के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट होगा।
- रायपुर। आपराधिक घटनाओं ने शहर को दहला दिया है। डीडी नगर इलाके में पिज्जा डिलीवरी करने गए युवक की चाकूबाजी में मौत हो गई। पुलिस के अनुसार गाड़ी टकराने के विवाद में आरोपी पप्पू यादव ने डिलीवरी बाय हेमंत कोठारी, निवासी रायपुर पर चाकू से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल हेमंत को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। डीडी नगर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
- रायपुर के पांच दोस्त निकले थे घूमनेढाबे में हुए विवाद पर हत्यादो दोस्तों ने भागकर बचाई जानधमतरी। धमतरी जिले में रायपुर के 3 दोस्तों के मर्डर का वीडियो सामने आया है। ढाबे के बाहर 3 दोस्तों को 6-7 बदमाशों ने धारदार हथियार से वारकर मार डाला। दो युवकों ने भागकर जान बचाई। अब इस घटना का वीडियो भी सामने आया है जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मामला अर्जुनी थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार कार सवार 5 युवक सोमवार की रात धमतरी घूमने निकले थे। तभी ग्राम भोयना के पास स्थित एक ढाबे में कुछ पूछने के लिए रुके। इस दौरान ढाबे में पहले से 6-7 लोग खाना खा रहे थे। तभी किसी बात को लेकर उनमें आपस में झगड़ा हुआ, पहले बहस हुई फिर मारपीट तक बात आ गई। इस दौरान वहां पहुंचे तीन दोस्तों पर आरोपियों ने चाकू से हमला कर दिया। आरोपियों ने पहले एक दोस्त को 100 मीटर तक दौड़ाते हुए ले गए और उसके सीने पर चाकू से वार किया। सभी बदमाश नशे में थे और ढाबे में गाली-गलौज कर रहे थे, जो भी आता उसे मार रहे थे। वारदात के बाद 6 आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस के अनुसार मृतकों की पहचान सूरज तांडी, रायपुर, नितिन तांडी रायपुर और आलोक ठाकुर रायपुर के रूप में हुई है।
- रायपुर/ स्वतंत्रता दिवस15 अगस्त 2025 शुक्रवार को प्रातः 8 बजे रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे नगर निगम मुख्यालय भवन महात्मा गाँधी सदन में ध्वजारोहण करेंगी. इस अवसर पर नगर निगम सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़, आयुक्त श्री विश्वदीप, एमआईसी सदस्यगण, जोन अध्यक्षगण, पार्षदगण, नगर निगम अधिकारी, कर्मचारीगण उपस्थित रहेंगे.
- दुर्ग/ जिले में 1 जून 2025 से 12 अगस्त 2025 तक 525.0 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। कार्यालय कलेक्टर भू अभिलेख शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार 1 जून से अब तक सर्वाधिक वर्षा 684.7 मिमी पाटन तहसील में तथा न्यूनतम 413.1 मिमी. तहसील धमधा में दर्ज की गई है। इसके अलावा तहसील बोरी में 487.6 मिमी, तहसील अहिवारा में 605.9 मिमी, तहसील भिलाई-3 में 449.8 मिमी और तहसील दुर्ग में 510.7 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। 12 अगस्त 2025 को तहसील दुर्ग में 2.9 मिमी, तहसील धमधा में 7.2 मिमी, तहसील पाटन में 0.0 मिमी, तहसील बोरी में 2.0 मिमी, तहसील भिलाई 3 में 7.2 मिमी और तहसील अहिवारा में 0.0 मिमी वर्षा दर्ज की गई है।
- बिलासपुर/बिल्हा के निपनिया स्थित लाइवलीहुड कॉलेज में भोजन एवं स्वल्पाहार की व्यवस्था संचालन के लिए पंजीकृत महिला स्व सहायता समूहों से प्रस्ताव आमंत्रित किये गये है। आवेदन के इच्छुक महिला समूह का पंजीयन एनआरएलएम अथवा एनयूएलएम में होना चाहिए। प्रस्ताव 29 अगस्त को दोपहर 4 बजे तक पहुँच जाने चाहिए। इसे 1 सितम्बर 2025 को दोपहर 12 बजे खोला जाएगा। उल्लेखनीय है कि लाइवलीहुड कॉलेज में युवाओं के आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम होते रहते है। उन्हें स्थानीय स्तर पर भोजन एवं स्वल्पाहार उपलब्ध कराया जाता है। विस्तृत जानकारी के लिए जिला प्रशासन की वेबसाईट www.bilaspur.gov.in का अवलोकन किया जा सकता है।
- नई दिल्ली। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री एवं बिलासपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री तोखन साहू ने सोमवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाक़ात की। इस दौरान बिलासपुर संसदीय क्षेत्र में स्थित गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय, केंद्रीय विद्यालय और नवोदय विद्यालय सहित केंद्र सरकार द्वारा संचालित स्कूल शिक्षा एवं उच्च शिक्षा से जुड़े विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।बैठक में छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को सुदृढ़ करने, खेल सुविधाओं का विस्तार करने और युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए ठोस पहल करने पर जोर दिया गया। दोनों नेताओं ने राज्य के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक खेल संसाधन और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए संयुक्त रूप से प्रयास करने पर सहमति जताई।छत्तीसगढ़ सरकार के कैबिनेट मंत्री श्री लखन लाल देवांगन एवं कांकेर से पूर्व सांसद श्री मोहन मंडावी ने आज दिल्ली स्थित निवास पर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू से सौजन्य मुलाक़ात की।मुलाक़ात के दौरान छत्तीसगढ़ के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।मां महामाया मंदिर, रतनपुर के विकास हेतु प्रसाद योजना में शामिल करने का प्रस्ताव मंत्रालय में प्रेषितकेंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू द्वारा महामाया मंदिर, रतनपुर (जिला बिलासपुर, छत्तीसगढ़) को प्रसाद योजना में शामिल कर विकसित करने के संबंध में भेजे गए प्रस्ताव पर केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने सकारात्मक पहल की है।श्री शेखावत ने 07 अगस्त 2025 को भेजे पत्र में सूचित किया कि श्री तोखन साहू का अनुरोध मंत्रालय में संबंधित अधिकारी को उचित कार्यवाही हेतु प्रेषित कर दिया गया है। यह पहल महामाया मंदिर परिसर के धार्मिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन विकास को नई दिशा प्रदान करेगी।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड ने यौमे आज़ादी (स्वतंत्रता दिवस) के अवसर पर राज्यभर की सभी मस्जिद, मदरसा और दरगाह में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के निर्देश जारी किए हैं। वक्फ बोर्ड द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि इस वर्ष 15 अगस्त को देश 78वां में स्वतंत्रता दिवस मनाया जा रहा है। इस अवसर पर राज्य की सभी मस्जिद, मदरसा और दरगाह के मुख्य द्वार पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाए। छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ सलीम राज ने अपील की है कि मुल्क की आजादी का पर्व यौमे आज़ादी (स्वतंत्रता दिवस) के महत्व को समझते हुए इस पर्व को देशभक्ति, आपसी एकता और भाईचारे के साथ मनाएं।डाॅ.सलीम राज ने कहा कि, हमारा देश सूफ़ी-संतों का देश है यहां हर जाति, धर्म, पंथ, समाज के लोग गंगा-जमुना तहज़ीब के साथ मिल-जुल कर रहते हैं। इस्लाम धर्म मुल्क से मोहब्बत का पैगाम देता है इसलिए मुल्क की आजादी के इस पर्व पर देश के प्रति अपना प्रेम और कर्तव्य निभाते हुए ध्वजारोहण करना चाहिए। जो लोग ध्वजारोहण के खिलाफ है वो देशभक्त नहीं है बल्कि देशद्रोही है ऐसे लोगों को देश में रहने का कोई अधिकार नहीं है उन्हें भारत छोड़कर चले जाना चाहिए जिन्हें तिरंगा फहराने से तकलीफ होती है।डाॅ.राज ने आगे यह भी कहा कि, भारत का मुसलमान वतन परस्त है और अपने देश से मोहब्बत करता है, लेकिन कुछ नाननिहाद मुसलमानो की वजह से बाकियो को भी शक की निगाहों से देखा जाता है, हमें ऐसे नामनिहाद मुसलमानों से बचना है और देश की आज़ादी के पर्व को एक साथ मिल-जुल कर मनाना है और देश की गंगा-जमुना तहज़ीब को आगे बढ़ाना है देश को आगे बढ़ाना है।
- - मोहला, छुरिया, खैरागढ़, राजनांदगांव, डोंगरगांव और डोंगरगढ़ में इस अभियान के तहत सौर संयंत्र स्थापना के लिए प्रचार-प्रसार सहित आनलाइन पंजीयनराजनांदगांव। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कम्पनी राजनांदगांव के द्वारा प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत जनमानस को लाभ दिलाने के लिए वृहदस्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस दिशा में मोहला, छुरिया, डोंगरगांव, राजनांदगांव, खैरागढ़ एवं डोंगरगढ़ में शिविर लगाकर इस योजना के बारें में विस्तृत जानकारी दी गई। इस दौरान लगभग 28 लोगों ने मौके पर प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से सौर सयंत्रों के लिए आनलाइन आवेदन कर अपना पंजीयन भी कराया। इस जागरूकता अभियान के तहत ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया के साथ लगने वाले आवश्यक दस्तावेज जैसे पैन कार्ड, आधार कार्ड, बैंक पासबुक एवं बिजली बिल को अपलोड कराने की जानकारी भी दी जा रही है ताकि अधिकाधिक संख्या में लोग इस अभियान से जुडें। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में घर-घर रूफटॉप सोलर पॉवर प्लांट स्थापित कर लोगों को प्रदूषण मुक्त, मुफ्त और निरंतर बिजली देने एवं प्रत्येक उपभोक्ता को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाकर उनके मासिक खर्चों में भी उल्लेखनीय कमी लाने का लक्ष्य रखा गया है।प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत आम जनमानस को रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित करने पर अधिकतम ₹1,08,000/-तक की सब्सिडी दी जा रही है। इस योजना के तहत 1 किलोवाट क्षमता के सोलर प्लांट पर कुल ₹ 45,000 की वित्तीय सहायता दी जाती है। इसी प्रकार 2 किलोवाट प्लांट के लिए ₹ 90,000 तक कुल सब्सिडी मिलती है। 03 किलोवॉट क्षमता के प्लांट पर कुल ₹1,08,000 की सहायता मिलती है। इस स्कीम के अन्तर्गत उपभोक्ता सोलर प्लांट का केवल 10 प्रतिशत डाउन पेमंेट देकर 6 प्रतिशत ब्याज दर से 90 प्रतिशत लागत राशि को अधिकतम 10 वर्श के लिए फाइनेंस कर सकते है। राजनांदगांव वृत के अधीक्षण अभियंता श्री शंकेश्वर कंवर ने बताया कि राजनांदगांव सर्किल के अन्तर्गत राजनांदगांव में 4889, खैरागढ़ में 325, डोंगरगांव में 193, डोंगरगढ़ में 478 एवं मोहला में 688 सहित कुल 6573 लोगों का आवेदन भी आ चुका है। जिसमें 499 उपभोक्ताओं ने वेंडर भी सलेक्ट कर लिया है। सभी दस्तावेज प्रस्तुत करने वाले 6547 उपभोक्ताओं को अप्रुवल मिल चुका है। अब तक राजनांदगांव में 143, खैरागढ़ में 10, डोंगरगांव में 15, डोंगरगढ़ में 14 एवं मोहला में 13 सहित कुल 195 लोगों ने अपने मकानों में रूफटॉप सोलर पैनल लगवा चुके है। और 180 उपभोक्ताओं के घरों में रूफटॉप सोलर पैनल लगाये जा रहे है। अभी तक 154 लोगों को शासन की ओर सब्सिडी मिल चुकी है।लाभाविन्त हितग्राहियों के चेहरों पर खुशी:-प्रधानमंत्री सुर्यघर मुफ्त बिजली योजना का उदृदेश्य देश के नागरिको को सस्ती और स्थायी ऊर्जा मुहैय्या कराना है। मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी जिले के ग्राम मेरेगांव, मेटेपार, सिरारभाटा, तोलुम, हितकसा एवं मुरेटीटोला निवासी श्रीमती सोनकुंवर ध्रुव, श्रीमती स्वाती यादव, श्रीमती ज्योति शुक्ला, श्रीमती गंगोत्री गंनवीर, श्री रामखिलावन नेताम एवं श्रीमती उर्मिला बाई, डोंगरगंाव से श्री नीलेश जैन ने बताया कि उन्हे प्रधानमंत्री सुर्यघर मुफ्त बिजली योजना की जानकारी समाचार पत्र-पत्रिकाओं, सोशल मीडिया, न्यूज चैनल, मोर बिजली ऐप के माध्यम से इस स्कीम की जानकारी मिली, और अधिक जानकारी के लिए उन्होने बिजली विभाग के जरिये सूचना लेकर योजना का लाभ लेने के लिए आनलाइन आवेदन किया और एक माह में ही उनका क्रमशः 5 किलोवॉट, 3 किलोवॉट एवं 2 किलोवॉट क्षमता के सौलर पॉवर प्लांट की स्थापना हो गई। इससे अब उन्हे बिल्कुल भी बिजली बिल पटाना नहीं पड़ रहा है। प्रधानमंत्री सुर्यघर मुफ्त बिजली योजना सौर पैनलों के माध्यम से घरेलू उपयोग के लिए ऊर्जा उत्पन्न करने पर जोर देती है। इससे न केवल बिजली की कमी को दूर किया जा सकेगा, बल्कि पर्यावरण पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। सस्ती बिजली योजना के तहत घरेलू उपभोक्ताआंे को सस्ती दरों पर बिजली उपलब्ध कराने का प्रावधान है। इस योजना के तहत सौर पैनल इस्टॉलेशन एवं मेंटेनेंस के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होंगें। योजना का एक अन्य लाभ है कि यह ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की पहुंच बढ़ाने में मदद करेगी, जिससे वहां की जीवनशैली में सुधार होगा। सौर ऊर्जा का उपयोग न केवल पर्यावरण के लिए बल्कि आर्थिक दृष्टिकोण से भी फायदेमंद है।
- - औद्योगिक क्षेत्र में युवाओं को मिल रहे रोजगार के नये अवसर : विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह- ग्राम टेड़ेसरा में आरोहण बीपीओ सेंंटर एक शानदार केन्द्र- 11 करोड़ 48 लाख 2 हजार रूपए की लागत से 5 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं 1 करोड़ 38 लाख 92 हजार रूपए की लागत से 6 विकास कार्यों का भूमिपूजन कार्य शामिल- ग्राम टेड़ेसरा में 1 करोड़ 86 लाख 7 हजार रूपए की लागत से शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था के नवनिर्मित भवन का किया लोकार्पण- जिले में विकास कार्यों को मिलेगी गतिराजनांदगांव । विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह सोमवार राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम टेड़ेसरा में आयोजित लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल हुए। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने 12 करोड़ 86 लाख 94 हजार रूपए की लागत से 11 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। जिसमें 11 करोड़ 48 लाख 2 हजार रूपए की लागत से 5 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं 1 करोड़ 38 लाख 92 हजार रूपए की लागत से 6 विकास कार्यों का भूमिपूजन कार्य शामिल है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने आज ग्राम टेड़ेसरा में 1 करोड़ 86 लाख 7 हजार रूपए की लागत से शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण भी किया। इस दौरान उन्होंने आरोहण बीपीओ सेंटर के युवाओं को प्रमाण पत्र का वितरण किया।विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था के नवनिर्मित भवन के लिए सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि आज शासकीय आईटीआई भवन का लोकार्पण किया गया है। इसके साथ ही लगभग 12 करोड़ 86 लाख 94 हजार रूपए की लागत से 11 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया गया है। ग्राम टेड़ेसरा में शासकीय आईटीआई भवन निर्माण होने से विद्यार्थियों में उत्साह है। साथ ही अन्य कार्यों का भी लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया है। उन्होंने कहा कि ग्राम टेड़ेसरा में शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था 2011 में प्रारंभ हुआ और यहां कोपा, फिटर एवं इलेक्ट्रिशियन जैसे ट्रेड में प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। संस्था के पास 7 एकड़ की अतिरिक्त भूमि है। उन्होंने कहा कि तीन ट्रेड के साथ ही अन्य ट्रेड भी यहां प्रारंभ होंगे। जिसके लिए इस भवन में पर्याप्त सुविधाएं है। औद्योगिक क्षेत्र में यहां के युवाओं को रोजगार के नये अवसर प्राप्त हो रहे है। ग्राम टेड़ेसरा में आरोहण बीपीओ सेंंटर एक शानदार केन्द्र है। जिससे यहां के युवाओं को रोजगार के बेहतरीन अवसर मिल रहे है। यहां कार्य करते हुए युवा आत्मनिर्भर बन रहे है। उन्होंने बच्चों से कहा कि यहां कोर्स करने के बाद वे लघु उद्यम प्रारंभ कर सकते है। शासन द्वारा इसके लिए हरसंभव मदद दी जा रही है।विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि आज जिले में विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया जा रहा है। जिससे जिले में विकास कार्यों को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि लोकार्पण कार्य अंतर्गत लोक निर्माण विभाग के योजना मद से ग्राम ईरा में 1 करोड़ 66 लाख रूपए 78 हजार रूपए की लागत से सीसी रोड ईरा से गौठान पहुंच मार्ग 1.150 किलोमीटर एवं ग्राम सोमनी में 7 करोड़ 81 लाख 27 हजार रूपए की लागत से सोमनी से नवागांव मार्ग 6.05 किलोमीटर तथा सीएसए (एलडब्ल्यूई) से ग्राम टेड़ेसरा में 1 करोड़ 86 लाख 7 हजार रूपए की लागत से आईटीआई परिसर टेड़ेसरा में भवन निर्माण का लोकार्पण किया गया है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत अधोसंरचना उपकर निधि से ग्राम ईरा में 5 लाख 2 हजार रूपए की लागत से बिसला निषाद से गुढ़ी चौक तक सीसी रोड निर्माण कार्य एवं पीएमश्री योजना से ग्राम कोपेडीह में 8 लाख 7 हजार रूपए की लागत से बाल वाटिका में अतिरिक्त कक्ष का लोकार्पण किया गया है।कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने कहा कि जिले में आज ग्राम टेड़ेसरा में शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था के नवनर्मित भवन का लोकार्पण किया गया है। यहां तीन ट्रेड कोपा, इलेक्ट्रीशियन, फीटर संचालित है। यहां प्रतिवर्ष लगभग 128 बच्चे प्रवेश लेते है। संस्थान का आरोहण बीपीओ सेंटर से एएमयू भी किया गया है। यहां के युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के अच्छे अवसर मिल रहे है। उन्होंने कहा कि आरोहण बीपीओ सेंटर में रोजगार मिलने के साथ ही अन्य संस्थानों में रोजगार मिल रहा है। औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था के विस्तार के लिए यहां पर्याप्त संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए अधोसंरचना विकसित की जा रही है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के मार्गदर्शन में यहां और भी ट्रेड प्रारंभ कर सकेंगे तथा युवाओं को अधिक से अधिक सुविधाएं मिलेगी। शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था के लिए 7 एकड़ भूमि है। जिसका विस्तार कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह सजग रहते हुए, सभी के हित एवं भविष्य को ध्यान में रखते हुए कार्य कर रहे हैं।उल्लेखनीय है कि भूमिपूजन कार्य अंतर्गत लोक निर्माण विभाग के जमा मद (रूसा) से ग्राम सोमनी में 57 लाख 88 हजार रूपए की लागत से स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी मिडियम महाविद्यालय सोमनी में लाईब्रेरी हॉल एवं बालक व बालिका हेतु कम्प्यूटर लैब का निर्माण तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के मुख्यमंत्री समग्र योजना अंतर्गत ग्राम खुटेरी में 31 लाख 61 हजार रूपए की लागत से मिनी स्टेडियम एवं जिला खनिज न्यास संस्थान से ग्राम टेड़ेसरा में 10 लाख रूपए की लागत से टेड़ेसरा स्कूल में अतिरिक्त कक्ष निर्माण, 5 लाख 2 हजार रूपए की लागत से सीसी रोड निर्माण कार्य, 15 लाख 5 हजार रूपए की लागत से प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट मेंशेड निर्माण कार्य, 18 लाख 73 हजार रूपए की लागत से नवीन पंचायत भवन निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया गया।इस अवसर पर अध्यक्ष जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक श्री सचिन बघेल, अध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती किरण वैष्णव, अध्यक्ष श्रम कल्याण मंडल श्री योगेशदत्त मिश्रा, अध्यक्ष जनपद पंचायत श्रीमती प्रतिमा चंद्राकर, उपाध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती किरण साहू, समाजसेवी श्री कोमल सिंह राजपूत, श्री संतोष अग्रवाल, श्री सौरभ कोठारी, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती देवकुमारी साहू, सरपंच श्री खिलेश्वर साहू, पुलिस अधीक्षक श्री मोहित गर्ग, सीईओ जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह, अपर कलेक्टर श्री प्रेमप्रकाश शर्मा, एसडीएम श्री खेमलाल वर्मा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, ग्रामीण एवं आईटीआई के विद्यार्थी उपस्थित थे।
- महासमुंद / 79 वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त को सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी मिनी स्टेडियम महासमुंद में ध्वजारोहण करेंगी तथा मुख्यमंत्री का प्रदेश की जनता के नाम संदेश का वाचन करेंगी। इस आशय के आदेश छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय (महानदी भवन) से सोमवार को जारी कर दिए गए है। जिला स्तरीय मुख्य समारोह जिला मुख्यालय स्थित मिनी स्टेडियम में प्रातः 9ः00 बजे शुरू होगा। कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने सभी तैयारियां समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए है।
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- फसल बीमा कराने की तिथि में की गई वृद्धि
- खरीफ 2025 हेतु अऋणी कृषक 14 अगस्त तक एवं ऋणी कृषक 31 अगस्त तक करा सकते है फसल बीमा
- किसानों से शत-प्रतिशत अपने फसलों का बीमा कराने की अपील
राजनांदगांव । केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा सोमवार को हवाई पट्टी झुनझूनू राजस्थान से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत रबी 2024 के तहत फसल कटाई उपरांत प्राप्त उपज आंकड़ों के आधार पर जिले के 20380 किसानों को 33 करोड़ 23 लाख 21 हजार रूपए का भुगतान ऑनलाईन डीबीटी प्रणाली के माध्यम से किया गया। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत राजनांदगांव तहसील के 2223 किसानों को 4 करोड़ 67 लाख रूपए, घुमका तहसील के 5297 किसानों को 10 करोड़ 85 लाख रूपए, डोंगरगढ़ तहसील के 6957 किसानों को 9 करोड़ 73 लाख रूपए, लालबाहदुर नगर के 2749 किसानों को 3 करोड़ 76 लाख रूपए, डेंागरगांव तहसील के 1075 किसानों को 7 करोड़ 39 लाख रूपए, छुरिया तहसील के 2060 किसानों को 3 करोड़ 46 लाख रूपए एवं कुमरदा तहसील के 19 किसानों को 36 हजार 759 रूपए का भुगतान किया गया है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनंातर्गत रबी 2024 में जिले के 31634 किसानों ने 39431 हेक्टेयर रकबे का फसल बीमा कराया था। इस वर्ष खरीफ 2025 हेतु प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनांतर्गत फसलों का बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2025 घोषित किया गया था। उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत फसल बीमा कराने की तिथि में वृद्धि की गई है। जिसके तहत अऋणी कृषक 14 अगस्त 2025 तक एवं ऋणी कृषक 30 अगस्त 2025 तक फसल बीमा करा सकते है।कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने फसल क्षति से वित्तीय सहायता के लिए जिले के कृषकों से निर्धारित तिथि तक प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत अपने फसलों का शत-प्रतिशत बीमा कराने की अपील की है। उप संचालक कृषि श्री टीकम सिंह ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत जिले के किसान मुख्य फसल धान सिंचित, धान असिंचित एवं अन्य फसल मक्का, मूंगफल्ली, मूंग, उड़द, सोयाबीन, अरहर, कोदो, कुटकी, रागी का बीमा करा सकते है। किसानों के फसल को प्रतिकूल मौसम, सूखा, बाढ़, जलप्लावन, ओलावृष्टि अन्य प्राकृतिक आपदाओं से किसानों को होने वाले नुकसान से राहत दिलाने के लिए बीमा में शामिल किए जाने वाले किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनान्तर्गत ऋणी एवं अऋणी किसान जो भू-धारक व बटाईदार हो सम्मिलित हो सकते हैं। जो किसान अधिसूचित ग्राम व राजस्व निरीक्षक मंडल में अधिसूचित फसल के लिए वित्तीय संस्थानों से मौसमी कृषि ऋण स्वीकृत, नवीनीकृत की गई हो। योजना ऋणी कृषकों के लिए विकल्प चयन आधार पर क्रियान्वित होगी, ऋणी कृषक जो योजना में शामिल नहीं होना चाहते है, उन्हें स्वहस्ताक्षरित घोषणा पत्र बीमा आवेदन के अंतिम तिथि के 7 दिवस पूर्व तक संबंधित वित्तीय संस्था में जमा करना होगा। विकल्प चयन नहीं करने पर अनिवार्य रूप से बीमाकृत किया जाएगा। इनके अलावा ऐच्छिक आधार पर अधिसूचित फसल उगाने वाले सभी गैर ऋणी किसान जो योजना में सम्मिलित होने के इच्छुक हो, वे बुआई प्रमाण पत्र क्षेत्रीय पटवारी, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी द्वारा सत्यापित कराकर एवं अन्य दस्तावेज प्रस्तुत कर योजना का लाभ ले सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनान्तर्गत मौसम खरीफ वर्ष 2025 तक जिले के लिए भारतीय कृषि बीमा कंपनी का चयन निविदा के आधार पर हुआ हैं। किसानों द्वारा प्रदाय किए जाने वाली प्रीमियम दर, खरीफ वर्ष 2025 में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनान्तर्गत कुल बीमित राशि का 2 प्रतिशत मुख्य फसल धान सिंचित 1200 रूपए, धान असिंचित 900 रूपए एवं अन्य फसल मक्का 960 रूपए, मूंगफल्ली 840 रूपए, मूंग 580 रूपए, उड़द 600 रूपए, सोयाबीन 1000 रूपए, अरहर 800 रूपए, कोदो 440 रूपए, कुटकी 440 रूपए एवं रागी 500 रूपए किसानों द्वारा प्रीमियम राशि देय है। एक ही अधिसूचित क्षेत्र एवं अधिसूचित फसल के लिए अलग-अलग वित्तीय संस्थाओं से कृषि ऋण स्वीकृत होने की स्थिति में किसानों को एक ही स्थान से बीमा कराया जाना है। इसकी सूचना किसानों को संबंधित बैंक को देनी होगी। ऋणी एवं अऋणी किसानों द्वारा समान रकबा, खसरा का दोहरा बीमा कराने की स्थिति में जो रकबा पहले प्रविष्टि की गई हो को स्वीकार किया जाएगा तथा अन्य सभी बीमा को कंपनी द्वारा निरस्त कर प्रीमियम की राशि योजना में विहित प्रावधानानुसार अंतरित (राजसात) की जाएगी। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के संबंध में देशव्यापी हेल्पलाईन नंबर 14447 एवं 18004190344 से भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है। ऋणी कृषक 30 अगस्त 2025 एवं अऋणी कृषक 14 अगस्त 2025 तक अपने फसलों का बीमा कराकर पावती अवश्य प्राप्त करें। बीमा हेतु आधार कार्ड अनिवार्य है एवं ऋण पुस्तिका, बैंक पासबुक, बुवाई प्रमाण पत्र की आवश्यकता पड़ती है। इसके लिए अपने समिति, संबंधित बैंक, बीमा प्रदायक कंपनी भारतीय कृषि बीमा कंपनी, लोक सेवा केन्द्र तथा एआईडीई मोबाईल एप के माध्यम से भी अपने फसलों का बीमा करा सकते हैं। - - विधानसभा अध्यक्ष ने टेक्नो क्लास बिजनेस सॉल्यूशन के माध्यम से प्रशिक्षित एवं चयनित 160 युवा अभ्यर्थियों को प्रदान किया नियुक्ति प्रमाण पत्र- विधानसभा अध्यक्ष ने कार्य कर रहे युवाओं के बीच पहुंचकर उनकी कार्यप्रणाली को समझा और किया उत्साहवर्धन- आरोहण बीपीओ सेंटर में 2 हजार युवाओं को मिलेगा रोजगारराजनांदगांव । विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह सोमवार को ग्राम टेड़ेसरा प्रवास के दौरान आरोहण बीपीओ सेंटर पहुंचकर टेक्नो क्लास बिजनेस सॉल्यूशन के माध्यम से प्रशिक्षित एवं चयनित 160 युवा अभ्यर्थियों को नियुक्ति प्रमाण पत्र प्रदान किया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने बताया कि चेन्नई और बैंगलोर गए थे तब उन्होंने बीपीओ सेंटर की अवधारणा को समझा। बच्चों से मुलाकात के दौरान उनका उत्साह देखकर लगता था कि जो साईबर सिटी में हो सकता है उसकी शुरूआत छत्तीसगढ़ राज्य में कर सकते हैं। इसी कल्पना को लेकर राजनांदगांव जिले के ग्राम टेड़ेसरा में आरोहण बीपीओ सेंटर प्रारंभ किया गया। आरोहण बीपीओ सेंटर के कार्यरत युवाओं की संख्या बढ़ाकर 2 हजार कर दी गई है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने कहा कि यहां कार्य करने के बाद देश के बैंगलोर, चेन्नई, मुंबई जैसे मेट्रो सिटी में जाकर बीपीओ में कार्य करने में सक्षम रहेंगे। उन्होंने कहा कि रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आरोहण बीपीओ सेंटर की शुरूआत की गई थी और उसकी सफलता देखकर बहुत खुशी हो रही है। उन्होंने कहा कि बेटियों के चेहरे में खुशी देखकर पिता को सबसे ज्यादा खुशी होती है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने यहां कार्य कर रहे युवाओं के बीच पहुंचकर उनकी कार्यप्रणाली को समझा और उत्साहवर्धन किया।इस अवसर पर अध्यक्ष जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक श्री सचिन बघेल, अध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती किरण वैष्णव, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल श्री योगेश दत्त मिश्रा, अध्यक्ष जनपद पंचायत श्रीमती प्रतिमा चंद्राकर, उपाध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती किरण साहू, समाजसेवी श्री कोमल सिंह राजपूत, श्री संतोष अग्रवाल, श्री सौरभ कोठारी, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती देवकुमारी साहू, सरपंच श्री खिलेश्वर साहू, कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे, पुलिस अधीक्षक श्री मोहित गर्ग, सीईओ जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह, अपर कलेक्टर श्री प्रेमप्रकाश शर्मा, एसडीएम श्री खेमलाल वर्मा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, ग्रामीण एवं आरोपहण बीपीओ सेंटर के युवा उपस्थित थे।
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- पांच चरणों में आयोजित प्रतियोगिता में, विद्यालय से लेकर राज्य स्तर तक प्रतिभागी होंगे शामिल
- 15 अगस्त को हाई व हायर सेकेंडरी, 23 अगस्त को विकासखंड, 30 अगस्त को जिला, 6 सितम्बर को संभाग एवं 13 सितम्बर को राज्य स्तरीय वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन- 1000 रूपए से लेकर 35000 रूपए तक का पुरस्कारराजनांदगांव । प्रदेश में सतत रूप से बढ़ती सड़़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से जनजागरूकता का कार्य किया जा रहा है। इस संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग के मार्गदर्शन में गृह विभाग के सहयोग से राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण द्वारा सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा विषय पर विद्यालयों से लेकर राज्य स्तर तक 15 अगस्त 2025 से 13 सितम्बर 2025 तक वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। प्रतियोगिता में सड़क सुरक्षा के महत्व को समझाने तथा यातायात नियमों के पालन को अमल में लाने के लिए जनसमुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करने, प्रदेश में सड़क सुरक्षा-जीवन रक्षा, हेलमेट व सीट बेल्ट का उपयोग करने, तेज रफ्तार, मोबाइल में बात करते हुए व शराब सेवन कर वाहन नहीं चलाने विषय पर हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूल स्तर से लेकर राज्य स्तर तक वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। प्रतियोगिता के माध्य से जनसमुदाय एवं युवाओं में यातायात नियमों की शिक्षा प्रदान की जाएगी।सड़क सुरक्षा-जीवन रक्षा की महत्ता को प्रतिपादित करने विषय पर आधारित वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन हाई व हायर सेकेंडरी स्कूल के विद्याथियों के माध्यम से 15 अगस्त 2025 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर स्कूल स्तर पर होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम से शुभारंभ किया जाएगा तथा राज्य स्तर पर 13 सितंबर 2025 तक संपन्न किया जाएगा। इस संबंध में राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण द्वारा विकासखंड, जिला एवं संभाग स्तरीय वाद-विवाद प्रतियोगिता को संपन्न करने के लिए कार्ययोजना तैयार की गई है। जिसके अनुसार जिले में कार्य संपादित किया जा रहा है। विकासखंड स्तर पर 23 अगस्त, जिला स्तर पर 30 अगस्त, संभाग स्तर पर 6 सितंबर एवं राज्य स्तर पर 13 सितंबर 2025 को प्रतियोगिता का आयोजन होगा।प्रतियोगिता का उद्देश्यप्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के स्कूली छात्र-छात्राओं के भीतर छुपी प्रतिभा को निखारने, वाकपटुता में दक्ष बनाने एवं उन्हें आगे बढऩे के लिए एक मंच प्रदान करना व प्रेरित करना है। स्कूली छात्र-छात्राओं के माध्यम से प्रदेश में बढ़ती सड़क दुर्घटना में अंकुश लगाने, विशेषकर सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों की मदद के लिए आगे आने में उनकी भूमिका एवं कर्तव्य के निर्वहन कर पीडि़त व्यक्ति को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर जान बचाने के लिए आगे आने को प्रतिपादित व प्रदर्शित करना है। वाद-विवाद प्रतियोगिता के माध्यम से जनसमुदाय, पालकों में जागृति लाने एवं स्कूली छात्र-छात्राओं को ग्राम स्तर से ऊपर उठकर आगे बढऩे हेतु प्रोत्साहित करना है।प्रथम चरण स्कूल स्तरीय वाद-विवाद प्रतियोगितावाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन पांच चरणों में संपन्न होगा। प्रथम चरण में हाई व हायर सेकेंडरी स्कूल स्तरीय वाद-विवाद प्रतियोगिता होगी। हाई व हायर सेकेंडरी स्कूल में शुक्रवार 15 अगस्त 2025 को स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में समुदाय के बीच होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम में स्कूल के छात्र-छात्राएं सड़क सुरक्षा विषय पर केन्द्रित पक्ष और विपक्ष संबंधित तर्क-वितर्क देने वाले वाद-विवाद के संवाद तैयार कर प्रतियोगिता में अपनी अपनी प्रस्तुति देंगे। अंत में इस प्रतियोगिता का निष्कर्ष लोगों को दुर्घटना के कारणों से अवगत कराते हुए इसकी रोकथाम यातायात के नियमों का पालन संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश देने वाले होंगे। यह प्रतियोगिता शुक्रवार 15 अगस्त 2025 को सुबह 9 बजे से दोपहर 12 तक आयोजित होने वाले स्कूल के कार्यक्रमों के साथ ही संपन्न होगी। वाद-विवाद प्रतियोगिता में स्कूल से इस क्षेत्र में रूचि रखने वाले अधिकतम पांच-पांच पक्ष-विपक्ष में बोलने वाले छात्र-छात्राएं भाग लेंगे। विकासखंड अंतर्गत 15 अगस्त के अवसर पर समस्त हाई- हायर सेकेंडरी स्कूल में होने वाले प्रतियोगिता में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले दल में से चयनित 8 से 10 दल विकासखंड स्तरीय प्रतियोगिता में शामिल होने हेतु आमंत्रित किए जाएंगे। हाई- हायर सेकेंडरी स्कूल स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने वाले छात्र-छात्राओं को राज्य स्तर से प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा।द्वितीय चरण विकासखंड स्तरीय वाद-विवाद प्रतियोगिताविकासखंड स्तरीय वाद-विवाद प्रतियोगिता शनिवार 23 अगस्त 2025 को सुबह 11 बजे से अपरान्ह 3 बजे तक आयोजित होगी। विकासखंड स्तर पर आयोजित होने वाले प्रतियोगिता में हाई व हायर सेकेंडरी से चयनित 8 से 10 वाद-विवाद दल भाग लेंगे। यह प्रतियोगिता विकासखंड अंतर्गत आने वाले स्कूल प्रांगण में आयोजित की जाएगी। विकासखंड स्तरीय प्रतियोगिता में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले दल को जिला स्तरीय प्रतियोगिता में शामिल करने हेतु भेजा जाएगा। विकासखंड स्तर पर प्रोत्साहन राशि पुरस्कार स्वरूप प्रथम 2500 रूपए, द्वितीय 2000 रूपए, तृतीय 1500 रूपए तथा सांतवना पुरस्कार स्वरूप तीन प्रतिभागियों को 1000 रूपए की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। विकासखंड स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को राज्य स्तर से प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा।तृतीय चरण जिला स्तरीय वाद-विवाद प्रतियोगिताजिला स्तरीय वाद-विवाद प्रतियोगिता शनिवार 30 अगस्त 2025 को सुबह 11 से अपरान्ह 3 बजे तक आयोजित होगी। जिला स्तरीय प्रतियोगिता हेतु विकासखंड स्तरीय प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान पाने वाले वाद-विवाद दल भाग लेंगे,यह प्रतियोगिता जिला स्तर पर स्कूल प्रांगण में आयोजित होगी। जिला स्तरीय प्रतियोगिता में श्रेष्ठ प्रदर्शन उपरांत प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले दल को संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में शामिल होने हेतु भेजा जाएगा। जिला स्तर पर प्रोत्साहन राशि पुरस्कार स्वरूप प्रथम 7000 रूपए, द्वितीय 5000 रूपए, तृतीय 3000 रूपए, संातवना पुरस्कार पांच प्रतिभागियों को पुरस्कार राशि 2000 रूपए प्रोत्साहन राशि पुरस्कार स्वरूप प्रदान की जाएगी।चतुर्थ चरण संभाग स्तरीय वाद-विवाद प्रतियोगितासंभाग स्तरीय संभाग स्तरीय वाद विवाद प्रतियोगिता शनिवार 6 सितंबर 2025 को सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक आयोजित की जाएगी। संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में जिला स्तरीय संपन्न प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले वाद-विवाद दल भाग लेंगे। यह प्रतियोगिता संभाग मुख्यालय के किसी स्कूल में आयोजित होगी। संभाग स्तरीय प्रतियोगिता हेतु श्रेष्ठ प्रदर्शन उपरांत प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले दल को राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में शामिल होने हेतु भेजा जाएगा। संभाग स्तर पर राशि पुरस्कार प्रथम 11000 रूपए, द्वितीय 8000 रूपए, तृतीय 6000 रूपए, सांत्वना पांच प्रतिभागियों को 3000 रूपए प्रदान किए जाएंगे।पंचम चरण राज्य स्तरीय प्रतियोगिता आयोजन तिथि 13 सितंबरराज्य स्तरीय वाद-विवाद प्रतियोगिता शनिवार 13 सितंबर 2025 को सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक समस्त जिले के संभाग स्तर पर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले वाद-विवाद की टीम भाग लेंगे। राज्य स्तर पर नगद प्रोत्साहन राशि पुरस्कार दिए जाएंगे, जिसमें प्रथम 35000 रूपए, द्वितीय 25000 रूपए, तृतीय 20000 रूपए, सांत्वना पुरस्कार सात प्रतिभागियों को 10000 रूपए दिए जाएंगे। विकासखंड स्तरीय जिला स्तरीय संभाग स्तरीय एवं राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को राज्य स्तर से प्रशस्ति पत्र दिए जाएंगे। वाद विवाद प्रतियोगिता में एक टीम में पांच पांच कुल 10 प्रतिभागी होंगे प्रतियोगिता का विषय वस्तु सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा व सड़क सुरक्षा हम सबकी जिम्मेदारी से होने वाले लाभ एवं इसके नियमों का पालन नहीं करने वाले व्यक्तियों द्वारा किए जाने वाले संवाद-बातों पर केंद्रित होगा,जो कि कुल मिलाकर अंत में समुदाय व जनसामान्य को अच्छा संदेश देने वाला हो। इस प्रतियोगिता में प्रतिभागियों को 10 मिनट का समय दिया जाएगा। हाई- हायर सेकेंडरी स्कूल से चयनित प्रतिभागियों को ही आगे की प्रतियोगिता में भागीदारी हेतु विकासखंड, जिला,संभाग एवं राज्य स्तर पर भेजा जाएगा। प्रतियोगिता हेतु हाई-हायर सेकेंडरी स्कूल स्तर से लेकर विकासखंड स्तर, जिला स्तर, संभाग स्तर एवं राज्य स्तर पर विभिन्न समितियां बनाई गई है एवं निर्णायक मंडल का गठन किया गया है। - - उल्लास और खुशी के साथ आजादी का उत्सव मनाया गयाराजनांदगांव । विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने आजादी का अमृत महोत्सव एवं हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता : स्वतंत्रता का उत्सव, स्वच्छता के संग थीम पर उल्लास और खुशी के साथ आजादी के उत्सव को मनाने के लिए सोमवार को राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम टेड़ेसरा में तिरंगा बाईक रैली को रवाना किया। देशभक्ति की भावना को जन-जन तक पहुंचाने और स्वच्छता के प्रति जनचेतना को सशक्त बनाने के लिए भारत माता की जयकारे के साथ बाइक रैली निकली गई। वंदेमातरम, माँ तुझे सलाम गीतों के साथ देश की स्वतंत्रता के जज्बे को लिए बाइक रैली ने स्वतंत्रता के प्रति संदेश को जन-जन तक पहुंचाया। इस अवसर पर अध्यक्ष जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक श्री सचिन बघेल, अध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती किरण वैष्णव, अध्यक्ष श्रम कल्याण मंडल श्री योगेशदत्त मिश्रा, अध्यक्ष जनपद पंचायत श्रीमती प्रतिमा चंद्राकर, उपाध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती किरण साहू, समाजसेवी श्री कोमल सिंह राजपूत, श्री संतोष अग्रवाल, श्री सौरभ कोठारी, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती देवकुमारी साहू, सरपंच श्री खिलेश्वर साहू, कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे, पुलिस अधीक्षक श्री मोहित गर्ग, सीईओ जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह, अपर कलेक्टर श्री प्रेमप्रकाश शर्मा, एसडीएम श्री खेमलाल वर्मा सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
- -मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ किया देव वृक्ष रुद्राक्ष का पौधरोपण-ऑपरेशन सिंदूर को अविस्मरणीय बनाने दुर्गापाली में 251 सिंदूर पौध का रोपण-दुर्गापाली में वन महोत्सव एवं चरण पादुका वितरण कार्यक्रम-सिंदूर पार्क की होगी स्थापनामहासमुंद / बसना विकासखंड के ग्राम दुर्गापाली में सोमवार को एक पेड़ मां के नाम एवं चरण पादुका वितरण कार्यक्रम का आयोजन बड़े उत्साह के साथ किया गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने यहां देव वृक्ष रुद्राक्ष का पौधरोपण किया एवं 50 तेंदूपत्ता हितग्राहियों को चरण पादुका वितरण किया। उन्होंने अपनी माता जी श्रीमती जसमनी देवी के नाम से वृक्षारोपण किया। इस अवसर पर राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, जगदलपुर विधायक श्री किरण सिंह देव, उत्तर रायपुर विधानसभा के विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, बसना विधायक श्री संपत अग्रवाल, सरायपाली विधायक श्रीमती चातुरी नंद, श्री अजय जामवाल,रायपुर नगर निगम की अध्यक्ष मिनल चौबे, छत्तीसगढ़ बीज निगम के अध्यक्ष श्री चंद्रहास चंद्राकर, महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती सरला कोसरिया, श्री येतराम साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मोंगरा पटेल, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती मिलो पटेल, पूर्व सांसद श्री चुन्नीलाल साहू, पूर्व राज्य मंत्री श्री पूनम चंद्राकर, कलेक्टर श्री विनय लंगेह, पुलिस अधीक्षक श्री आशुतोष सिंह, मंडलाधिकारी मयंक पांडेय, जिला अधिकारी व जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित थे।दुर्गापाली स्थित सिंदूर पार्क में आयोजित पौधरोपण कार्यक्रम ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। शहीदों की स्मृति में सवा दो एकड़ भूमि पर 501 पौधे लगाने की अनूठी संकल्प को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में स्थान मिला है। इस अवसर पर आयोजित समारोह में गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को इस आशय का प्रमाण पत्र प्रदान किया।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस उपलब्धि पर सभी को बधाई देते हुए कहा कि आज का यह कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण, मातृत्व सम्मान और शहीदों की स्मृति तीनों का संगम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में ऑपरेशन सिंदूर जैसे अभियानों ने समाज में नई ऊर्जा और सुरक्षा का संदेश दिया है। मुख्यमंत्री ने 22 अप्रैल 2025 को तीर्थाटन के दौरान शहीद हुए दिनेश मिरानी के बलिदान को नमन किया और कहा कि उनकी स्मृति में किए जा रहे कार्य आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देंगे। इस अवसर पर उनकी शहीद पत्नी नेहा अग्रवाल का सम्मान किया गया।मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा द्वारा सिंदूर पार्क की स्थापना पर उन्हें विशेष बधाई दी। उन्होंने पुरंदर मिश्रा के जीवन संघर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि कम उम्र में पिता के निधन के बाद भी उनकी माता के आशीर्वाद और प्रेरणा से उन्होंने शिक्षा हासिल कर समाज सेवा में अपना योगदान दिया। मुख्यमंत्री ने अपनी जीवन गाथा भी बताई और कहा कि पिता के निधन के बाद मा ही के आशीर्वाद से आज यह मुकाम हासिल हुआ है।उन्होंने कहा माँ में असीम शक्ति है, इसलिए हम सभी जहाँ भी हों, अपनी माँ के नाम पर एक पेड़ अवश्य लगाएँ। उन्हांने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सार्थक कदम है, बल्कि मातृत्व के सम्मान और भावनात्मक जुड़ाव का भी प्रतीक है। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के अंतर्गत 251 सिंदूर के पौधे रोपे जा रहे हैं, यह सिंदूर पार्क ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता का प्रतीक है।मुख्यमंत्री ने बताया कि महासमुंद जिले में वर्ष 2025-26 में अब तक 2 लाख 62 हजार पौधे लगाए गए हैं और कुल 8 लाख पौधारोपण का लक्ष्य पूरा हो चुका है। साथ ही 1 लाख 5 हजार पौधों का निःशुल्क वितरण भी किया गया है। उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता संग्राहकों को लाभ पहुँचाने का कार्य पुनः शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी। कार्यक्रम में ‘चरण पादुका’ योजना के अंतर्गत 50 हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। इस अवसर पर महिलाओं को चरण पादुका पहनाया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना वनोपज संग्रहकर्ताओं के स्वास्थ्य और सुविधा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिससे वे सुरक्षित और सहज तरीके से अपने कार्य कर सकें।कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने देवी माँ मंगला कुंद्रा दाई मंदिर परिसर में 25 लाख रुपये की लागत से सामुदायिक भवन का निर्माण एवं दुर्गापाली हाई स्कूल का नाम पंडित त्रिलोचन प्रसाद मिश्रा के नाम पर रखे जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि कॉलेज निर्माण की मांग को अवश्य पूरा किया जाएगा।उत्तर रायपुर विधानसभा के विधायक श्री पुरंदर मिश्रा के पैतृक ग्राम दुर्गापाली जिन्होंने सिंदूर पार्क की स्थापना हेतु पहल किया। उन्होंने कहा कि ग्राम दुर्गापाली में हो रहा यह कार्यक्रम पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणास्रोत है। आज का यह अवसर मेरे लिए अत्यंत हर्ष और गर्व का विषय है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा सांसद आवासों के लोकार्पण के साथ ही यहाँ सिंदूर पार्क में वृक्षारोपण करना हम सभी के लिए प्रेरणादायक क्षण है। आज सवा दो एकड़ भूमि में शहीदों की स्मृति में 501 पौधे लगाए जाने का संकल्प लिया गया है। इसी क्रम में आज 251 पौधों का रोपण किया गया है, जो भविष्य में इस अंचल की हरियाली और स्वच्छ पर्यावरण का प्रतीक बनेंगे। मेरे लिए यह क्षण और भी भावुक है, क्योंकि आज मैंने अपनी माँ के नाम पर पौधा लगाया है। यह पौधा केवल एक पेड़ नहीं, बल्कि उनके स्नेह, संस्कार और जीवन मूल्यों का प्रतीक है।उन्होंने कहा कि हमारे अंचल में शिक्षा का स्तर अभी भी अपेक्षाकृत कमजोर है। यहाँ के आदिवासी एवं पिछड़े वर्ग के बच्चे प्रतिभाशाली हैं, लेकिन संसाधनों के अभाव में उन्हें आगे बढ़ने में कठिनाई होती है। उन्होंने महाविद्यालय की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। उन्होंने क्षेत्रवासियों को आग्रह करते हुए कहा कि हम सब प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का हाथ मजबूत करें, उनके आत्मनिर्भर भारत के संकल्प में अपनी सक्रिय भागीदारी दें, और पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा और विकास के पथ पर आगे बढ़ें। उन्होंने ग्रामीणों से पौधों की नियमित देखभाल कर उन्हें संरक्षित रखने का आह्वान किया।कार्यक्रम में पहलगाम में शहीद हुए शहीद दिनेश मिरानी की पत्नी श्रीमती नेहा अग्रवाल एवं सुपुत्र शौर्य को मंच पर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता तथा छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। पौधरोपण के बाद सभी ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया।
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- ठोस व तरल अपशिष्ट प्रबंधन, जैविक कचरा निपटान, जल संरक्षण एवं फीकल स्लज मैनेजमेंट हेतु दिए आवश्यक निर्देश
दुर्ग/ कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह की अध्यक्षता में कलेक्टोरेट सभाकक्ष में विगत दिवस जिला स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) प्रबंधन समिति की बैठक आयोजित की गयी। जिला पंचायत के कार्यपालन अधिकारी श्री बजरंग दुबे ने अवगत कराया कि ग्राम स्तर पर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन अंतर्गत समस्त 381 ग्रामों में घर-घर कचरा एकत्रिकरण कर सेग्रीगेशन वर्कशेड में स्वच्छाग्राहियों द्वारा पृथक्कीकरण का कार्य किया जा रहा है। कुल 155 ग्रामों में घरों से एवं 90 ग्रामों में बाजार व दुकानों से स्वच्छता युजर चार्ज लिया जा रहा है। 4 ग्राम बिजनेस मॉडल की स्थिति को प्राप्त कर चुके है। 307 ग्राम की स्वच्छाग्राहियों द्वारा कबाड़ी वाले के साथ एमओयू किया गया है। प्रतिमाह एकत्र युजर चार्ज एवं विक्रय किये गये प्लास्टिक वेस्ट से आय की ग्रामवार जानकारी भी दी गई। मनरेगा अंतर्गत निर्मित 2140 सामुदायिक नाडेप एवं 835 वर्मी कंपोस्ट क्रियाशील अवस्था में है। साथ ही सेग्रीगेशन शेड के समीप एक-एक नाडेप एवं वर्मी कंपोस्ट पिट का निर्माण किया गया है। नाली के अंतिम छोर में सोकपीट निर्माण किये जाने हेतु जनपद पंचायत दुर्ग में 81, धमधा में 162 एवं पाटन में 450 इस प्रकार कुल 693 स्थानों को चिन्हांकित किया गया है। इस हेतु जनपद पंचायत धमधा से 195 एवं जनपद पंचायत पाटन से 127 मांगपत्र प्राप्त हुए है। जनपद पंचायत दुर्ग में 506, जनपद पंचायत धमधा में 935 एवं जनपद पंचायत पाटन में 1415 इस प्रकार कुल 2856 तरल अपशिष्ट प्रबंधन हेतु सार्वजनिक स्थानों पर पूर्व में निर्मित सोकपिट क्रियाशील है। कलेक्टर श्री सिंह ने प्रतिमाह बिजनेस मॉडल ग्राम की संख्या को बढ़ाने तथा कबाड़ी वाले के साथ शेष एमओयू को 10 दिवस के भीतर करने के निर्देश दिये। उन्होंने जैविक कचरे के निपटान हेतु निर्मित समस्त वर्मी व नॉडेप टैंक को क्रियाशील रखे जाने हेतु निर्देश दिये। कलेक्टर श्री सिंह ने जनपद पंचायत दुर्ग से नाली के अंतिम छोर में सोकपिट निर्माण करने के लिए प्रशासकीय स्वीकृति हेतु मांगपत्र दिये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा समस्त चिन्हांकित स्थानों के लिए तकनीकी स्वीकृति एवं मांगपत्र प्रेषित किये जाए। बैठक में अवगत कराया गया कि मनरेगा एवं स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) अभिसरण अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल 344 रिचार्ज पिट कार्य पूर्ण किये जा चुके है। जिसमें से लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा 25 हैण्डपम्पों का चयन कर मई 2025 में जांच किया गया है। जिसमें रिचार्ज पिट निर्माण पश्चात जल स्तर बढ़ने की रिपोर्ट प्रस्तुत की गई है। ट्रिपल पी मॉडल अंतर्गत ग्राम पंचायत कोलिहापुरी को ए.एस. पॉलिमर संस्था से लिंक कर एमओयू किया गया है। जिनके माध्यम से गट्टा मशीन लगाकर प्लास्टिक प्रोसेसिंग किया जायेगा तथा ग्राम पंचायत गाड़ाडीह जनपद पंचायत पाटन में समर्थन संस्था से लिंक कर एमओयू किया जा रहा है। जिसके माध्यम से प्लास्टिक गलाकर नई सामग्री तैयार की जाएगी। इस हेतु तीनों विकासखण्ड के सभी ग्राम में निर्मित सेग्रीगेशन शेड को लिंक किया गया है। ग्रामों से प्लास्टिक एकत्र कर पीडबल्यूएमयू तक लानेे के लिए माल वाहक ई-रिक्शा की आवश्यकता है। जिसके लिए कलेक्टर से डीएमएफ मद से ई-रिक्शा प्रदाय किये जाने हेतु प्रस्ताव रखा गया है। कलेक्टर ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के माध्यम से समस्त हैण्डपम्पों के वाटर लेवल परीक्षण कर प्रतिवेदन प्रस्तुत कराये जाने तथा मानसून के पश्चात एवं ग्रीष्म काल में पुनः वाटर लेवल जांच करने के निर्देश दिये। उन्होंने निजी ऐजेन्सी के साथ एमओयू के पश्चात कार्य प्रारंभ किये जाने पर प्लास्टिक के प्रोसेसिंग की मात्रा एवं आय-व्यय के विवरण संधारित करने के निर्देश दियेे। अन्य ग्राम पंचायतों से प्राप्त हो रहे प्लास्टिक का वजन कर बाजार मुल्य पर एजेंसी द्वारा तत्काल भुगतान सुनिश्चित करने कहा गया तथा पीडबल्यूएमयू में ई-रिक्शा प्रदाय कराये जाने हेतु प्रस्ताव एवं मांग पत्र प्रस्तुत किये जाने के निर्देश दिये गये।
जिला पंचायत सीईओ श्री दुबे ने बताया फिकल स्लज मैनेजमेंट माह जुलाई में जनपद पंचायत दुर्ग में 09, धमधा में 16 एवं पाटन में 11 बार डी-स्लज किया गया है। जनपद पंचायत धमधा को माह जुलाई में इस कार्य से 27 हजार रू. की आय प्राप्त हुई है। जिसमें से 24 हजार 500 रू. व्यय किया गया। जनपद पंचायत पाटन को माह जूलाई में इस कार्य से 33 हजार रू. की आय प्राप्त हुई है, जिसमें से 30 हजार रू. मात्र व्यय किया गया। जनपद पंचायत दुर्ग में डी-स्लज वाहन न होने के कारण नगर निगम दुर्ग से लिंक कराया गया है। जनपद पंचायत दुर्ग में डी-स्लज वाहन की आवश्यकता है इस हेतु कलेक्टर के समक्ष डीएमएफ मद से डी स्लज वाहन प्रदाय करने हेतु प्रस्ताव रखा गया। कलेक्टर श्री सिंह ने जिले में निजी वाहनों द्वारा डी-स्लज करने वाले एजेंसी का पता लगाये जाने के निर्देश दिये गये। उन्होंने कहा यदि निजी वाहन द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में डी-स्लज का कार्य किया जा रहा है तो उनकी पहचान कर एफएसटीपी में डी-स्लज किये जाए। खुले स्थान में डी-स्लज खाली करने पर कार्यवाही किये जाने तथा डी स्लज वाहन प्रदाय कराये जाने हेतु प्रस्ताव एवं मांग पत्र प्रस्तुत किये जाने के निर्देश दिये गये। प्रत्येक ग्राम में न्युनतम एक सामुदायिक शौचालय निर्माण को लक्ष्य लेते हुए कुल 433 सामुदायिक शौचालयों का निर्माण की दी गई। स्वीकृति में से 411 का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। जिनमें से 407 सामुदायिक शौचालय उपयोग की स्थिति में है। सामुदायिक शौचालय का उपयोग सामाजिक, पारिवारिक आदि कार्यक्रमों में किया जा रहा है। प्रतिमाह 04 से 05 ग्राम पंचायत में सार्वजनिक कार्यक्रमों में युजर चार्ज लेने हेतु कार्ययोजना तैयार की जा रही है। कलेक्टर द्वारा ग्राम पंचायत में निर्मित सभी सर्वजनिक शौचालयों को क्रियाशील बनाए रखने एवं युजर जार्च प्रभावी कर बिजनेस मॉडल बनाया जाना सुनिश्चित करने निर्देश दिये गये। नवीन सामुदायिक शौचालय के निर्माण में उचित स्थान का चयन एवं दुकान का प्रावधान किया जाना सुनिश्चित करने कहा गया।






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